Sikkim Governor: मुख्यमंत्री ने सिक्किम के राज्यपाल के साथ बिताए पल

सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर का मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में नागरिक अभिनन्दन किया गया। राज्यपाल नियुक्त होने के बाद पहली बार जयपुर आए माथुर का विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर ओमप्रकाश माथुर ने राज्यपाल के पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद के अपने कार्यानुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक पद होने के साथ ही जनता की सेवा करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम होता है। श्री माथुर ने कहा कि सैनिकों के साथ ही देश के नागरिक भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर राष्ट्र सेवा में योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने उद्बोधन में श्री माथुर के साथ बिताए यादगार पलों की स्मृतियां साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सिक्किम के राज्यपाल के रूप में श्री माथुर अपने संवैधानिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन करते हुए जनसेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

‘Rising Rajasthan’: ‘राइजिंग राजस्थान’ का सितम्बर माह में दिल्ली में होगा निवेशक रोड-शो —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। 9 से 11 दिसंबर को आयोजित हो रही ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट प्रदेश में निवेश के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि समिट के माध्यम से निवेशकों को ना केवल प्रदेश की औद्योगिक विकास क्षमता से रूबरू होने का अवसर मिलेगा अपितु वे विकसित राजस्थान की यात्रा में मजबूत साझेदार बन सकेंगे। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट की तैयारियों के संबंध में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि समिट में निवेश के लिए भाग लेने वाले प्रतिभागी देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। रोड-शो एवं अन्य निवेश संबंधी गतिविधियों के संदर्भ में सामंजस्य स्थापित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त भी किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में औद्योगिक निवेश का बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए हर संभव पहल कर रही है और इसी क्रम में यह समिट प्रदेश के विकास के साथ रोजगार के भरपूर अवसर सृजित करेगी। इस इन्वेस्टमेंट समिट का उद्देश्य देशी-विदेशी कंपनियों, अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं और निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना है।

Agricultural equipment for farmers: किसानों को कृषि यंत्र खरीद पर मिलेगा 50% तक अनुदान

खेती–किसानी में कृषकों द्वारा बुआई, जुताई और बिजाई जैसे कठोर कार्य किये जाते हैं। इन्हीं कार्यो को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के प्रावधानों के अन्तर्गत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर लाभान्वित किया जायेगा, जिससे किसानों पर आर्थिक भार कम पडेगा और कृषि कार्य आसान हो जायेंगे साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
agricultural equipment for farmers
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कृषि आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने बताया कि योजना के अन्तर्गत राज्य में लगभग 66 हजार किसानों को 200 करोड़ रूपये का अनुदान दिये जाने का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए कृषक 13 सितम्बर तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमान्त एवं महिला किसानों को ट्रेक्टर की बीएचपी के आधार पर लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक तथा अन्य श्रेणी के कृषकों को लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा। लघु एवं सीमान्त श्रेणी के किसानों को ऑन-लाईन आवेदन से पूर्व जन आधार में लघु एवं सीमान्त श्रेणी जुड़वाना आवश्यक है, आवेदन के दौरान उक्त प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। कृषि आयुक्त ने बताया कि राज किसान साथी पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से जनाधार कार्ड, जमाबंदी की नकल, कृषि यंत्र का कोटेशन आदि दस्तावेजों की सहायता से ऑन-लाईन आवेदन कर सकते हैं। किसानों को राज्य में प्रचलित ट्रैक्टर संचालित सभी प्रकार के कृषि यंत्र जैसे रोटावेटर, थ्रेसर, कल्टीवेटर, बंडफार्मर, रीपर, सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल, डिस्क हेरो, प्लॉउ आदि यंत्रों पर अनुदान दिया जायेगा। किसान द्वारा कृषि यंत्रों को पंजीकृत फर्म से खरीदने तथा सत्यापन के बाद अनुदान उनके जनाधार से जुड़े बैंक खाते में हस्तान्तरित किया जायेगा। एक किसान को एक प्रकार के कृषि यंत्र पर तीन वर्ष की कालावधि में केवल एक बार अनुदान दिया जायेगा। किसानों को वित्तीय वर्ष में एक ही कृषि यंत्र पर अनुदान दिया जायेगा। प्रशासनिक स्वीकृति जारी करने से पूर्व खरीदे गये पुराने कृषि यंत्रों पर अनुदान नही दिया जायेगा। एक जन आधार द्वारा एक ही आवेदन स्वीकार होगा कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसान के नाम भूमि और ट्रेक्टर चलित यंत्र पर अनुदान के लिए ट्रेक्टर का रजिस्ट्रेशन आवेदक किसान के नाम होना आवश्यक है।

Seniors: राज्य सरकार इस वर्ष 36 हजार वरिष्ठजन को कराएगी तीर्थ यात्रा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आस्था धामों के विकास और वरिष्ठ जनों को तीर्थ यात्रा करवाने जैसे कार्य कर रही है। इस वर्ष के प्रारंभ में लगभग 3 हजार तीर्थ यात्रियों को श्री राम लला के दर्शन हेतु अयोध्या की यात्रा करवाई जा चुकी है। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत इस साल 36 हजार तीर्थ यात्रियों में से 15 हजार तीर्थ यात्रियों को अयोध्या, 15 हजार तीर्थ यात्रियों को अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी, जिनमें रेल द्वारा रामेश्वरम्-मदुरई, जगन्नाथपुरी, तिरूपति, द्वारकापुरी-सोमनाथ, वैष्णो देवी-अमृतसर, प्रयागराज-वाराणसी, मथुरा-वृंदावन -बरसाना, सम्मेद शिखर-पावापुरी-बैद्यनाथ, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर (नासिक), गंगासागर (कोलकाता), कामाख्या (गुवाहटी), हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या, मथुरा-अयोध्या, बिहार शरीफ, वेलकानी चर्च (तमिलनाडु) की यात्रा शामिल है। साथ ही, 6 हजार तीर्थ यात्रियों को काठमांडू (नेपाल) स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की हवाईजहाज से तीर्थ यात्रा भी करवायी जाएगी। उन्होंने कहा कि इन तीर्थ यात्रियों के आवागमन, परिवहन, भोजन, आवास व्यवस्था इत्यादि समस्त व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा की जाएगी, जिस पर लगभग 80 करोड़ रुपये का व्यय होने का अनुमान है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं विकसित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य बजट में प्रमुख धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों का विकास कराने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 600 मन्दिरों में त्यौहारों पर सजावट के लिए 13 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की गई है। जयपुर से मदुरई एवं रामेश्वरम् हेतु 7 दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हुई विशेष ट्रेन में जयपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर एवं कोटा जिले के लगभग 780 वरिष्ठजन यात्रा कर रहे हैं। इस तीर्थ यात्रा में यात्रियों की देखरेख के लिए हर कोच में 2 सरकारी कर्मचारियों की अनुदेशक के रूप में ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही यात्रियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए ट्रेन में एक डॉक्टर, 2 नर्सिंग अधिकारी तथा सुरक्षाकर्मी भी मौजूद हैं।

Chief Minister: राज्य सरकार धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे जीवन में तीर्थ यात्रा का बहुत महत्व है। हमारे तीर्थ स्थल सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है तथा हमारी संस्कृति में भी इनकी असाधारण महिमा बताई गई है। उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों पर जाने से मन को शांति मिलती है तथा नई ऊर्जा एवं सकारात्मकता का संचार होता है। श्री शर्मा ने सोमवार को दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन पर वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत जयपुर से मदुरई व रामेश्वरम् के लिए इस वित्तीय वर्ष की प्रथम तीर्थ यात्रा स्पेशल ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के मन में यह उत्कंठा एवं हार्दिक इच्छा रहती है कि वह अपने जीवन काल में महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों की यात्रा कर आत्मिक सुख प्राप्त करे। मगर कुछ लोग आर्थिक अभाव और अन्य कारणों से तीर्थ यात्रा पर नहीं जा पाते। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह खुशी की बात है कि राज्य सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना का सर्वाधिक लाभ समाज के ऐसे तबके को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश पर आताताइयों का कई बार आक्रमण हुआ, जिन्होंने हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नष्ट किया। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हमारे सांस्कृतिक केन्द्रों को संरक्षित और विकसित किया है। वे हमारी संस्कृति के संरक्षक हैं। उनके कर कमलों से अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का सदियों पुराना भारत का सपना पूरा हुआ है। साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण जैसे अभूतपूर्व कार्यों से हमारी सांस्कृतिक विरासत मजबूत हुई है।

Police headquarter: एडीजी रैंक के पुलिस अधिकारी करेंगे रेंज का दौरा अपराधों पर लगेगी लगाम

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय से प्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब अपने प्रभार वाली पुलिस रेंज का सघन दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा सीएमओ में शनिवार को ली गई गृह विभाग की समीक्षा बैठक में इस बाबत विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक डीजीपी उत्कल रंजन साहू ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी रेंज प्रभारी अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजी) को रेंज का दौरा कर कानून व्यवस्था की स्थिति एवं अपराधों की रोकथाम एवं पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में प्रदेश में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति को चाक-चौबंद बनाने के लिए अतिरिक्त सजगता बरतने को कहा है। इसकी पालना में सभी रेंज प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपनी रेंज के पुलिस जिलों की विजिट के दौरान वहां कमजोर वर्गों, महिला व बच्चों के विरुद्ध अपराध एवं साइबर सुरक्षा से मामलों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही इनके पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा के लिए पाबंद किया गया है। इसके अलावा सभी रेंज प्रभारी एडीजी मादक पदार्थो से संबंधित मामलों पर की स्थिति एवं अन्य गंभीर प्रकृति के अपराधों पर नियंत्रण की समीक्षा कर पेंडिंग प्रकरणों के बारे में अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे। श्री साहू ने बताया की सभी रेंज प्रभारी एडीजी अपने दौरे के दौरान सुरक्षा सखियों से बात कर महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित प्रकरणों के बारे में अलग से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही सभी रेंज में निर्भया स्क्वाड, एंटी रोमियो स्क्वाड और महिला हेल्पलाइन की सक्रियता और वे कैसा काम कर रही है, इसकी मौके पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी।

“National Nutrition Month 2024”: “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का हुआ आयोजन

1 सितम्बर से प्रदेश में “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का आयोजन किया गया है। जिसमें महिलाओं और बच्चों का पोषण को बढ़ावा देने, उनके बेहतर स्वास्थ्य की गतिविधियां संचालित करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पोषण भी पढ़ाई भी को लक्षित किया गया है। आईसीडीएस निदेशक ओपी बुनकर ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से आयोजित होने वाले इस अभियान में एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB), बेहतर शासन के लिए तकनीकी उपाय, पर्यावरण संरक्षण थीम्स हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का कैलेंडर तैयार किया गया है। जिसके अनुसार गतिविधियों को आयोजित किया जाना है। श्री बुनकर ने जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा वर्कर, महिला पर्यवेक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अन्य सभी सहयोगी विभागों के समन्वय से “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” की गतिविधियों का कैलेंडर के अनुसार आयोजन किया जाए।

Disabled pregnant women: दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को सितंबर से मिलेंगे 10000 रूपये

महिला एवं बाल विकास विभाग ने 2024-25 में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को प्रथम सन्तान के लिए वर्तमान में दी जा रही राशि 6500 रूपये के स्थान पर 01 सितंबर से बढ़ाकर 10 हजार रूपये किया गया है। विभाग के अनुसार दिव्यांग महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तथा संतान के जन्म के पश्चात अधिक पौष्टिक आहार मिल सके इस हेतु उक्त राशि में बढ़ोतरी कर उसे 10 हजार रूपये किया गया है। इसके साथ ही माँ और बच्चें का बेहतर स्वास्थ्य हो और टीकाकरण सुनिश्चित हो सके इस हेतु उक्त प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। यह 3500 रूपये की अतिरिक्त राशि 100 प्रतिशत राज्य निधि से डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। योजना में प्रथम किश्त का भुगतान आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच पर पूर्व में 3000 रूपये दिये जाते थे। जिसे बढ़ाकर 4000 रूपये कर दिया गया है। बच्चे के जन्म पर पूर्व में मिलने वाले 1500 रूपये की द्वितीय किश्त को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। बच्चे के जन्म का पंजीकरण एवं प्रथम चरण के सम्पूर्ण टीकाकरण पर चौदह सप्ताह की आयु तक के सभी टीके पूर्ण करवाने पर मिलने वाली तीसरी किश्त 2000 रूपये को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। बढ़ी हुई राशि 3500 रूपये ऐसी महिलाएं को देय है जो आंशिक रूप से (40 प्रतिशत) अथवा पूरी तरह से अक्षम है। उन्हें डीबीटी के माध्यम से उक्त राशि दी जाएगी।

Law and order: सुदृढ़ कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति से सख्त से सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने पुलिस विभाग को पूर्ण मुस्तैदी से प्रदेश में आमजन को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Law and order:
सुदृढ़ कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता —मुख्यमंत्री
श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेंज में दौरा करें एवं जिलेवार कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग करें। उन्होंने पुलिस विभाग को प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को लेकर की गई कार्रवाई और सकारात्मक कार्यों की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर क्राइम पर रोकथाम जरूरी है। इसके लिए आमजन को जागरूक किया जाए एवं अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रखें। साथ ही नारकोटिक्स से संबंधित मामलों एवं अवैध खनन पर भी त्वरित कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को बदलते समय के साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखनी है। इसके लिए आईटी विशेषज्ञों की सहायता ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर कालिका यूनिट के गठन की कार्यवाही को शीघ्र पूरा किया जाए।

Nomadic and semi-nomadic homeless: प्रदेश के आवासहीनों को सरकार देगी पट्टा

nomadic and semi-nomadic homeless
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प्रदेश में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशानुसार आवासहीनों को पट्टे दिये जायेगें। सरकार विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु आवासहीन व्यक्तियों के लिये अभियान चलाया जाकर भूखण्ड/पट्टा आवंटित करेगी। इस अभियान के तहत राज्यभर में उपरोक्त श्रेणी के आवासहीन परिवारों को आगामी 02 अक्टूबर, 2024 को एक साथ पट्टा वितरित किये जाने का निश्चय किया गया है। प्रासंगिक पत्र द्वारा इस अभियान के लिये प्रारम्भिक दिषा-निर्देष सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला परिषद् को प्रेषित किये जा चुके है। nomadic and semi-nomadic homeless पंचायती राज शासन सचिव एवं आयुक्त रवि जैन के अनुसार 02 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा आवासहीनों को पट्टे दिये जायेगें। श्री जैन ने बताया कि कार्यक्रम की सफल क्रियान्विति हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला परिषद संबंधित को जिला स्तर पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर किया गया है।उन्होने बताया कि इस अभियान के तहत आवंटित किये जाने वाले भूखण्डों हेतु रियायती दरों का निर्धारण राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-158(2) के अनुसार किया जायेग। नियमों के तहत 1000 से कम की आबादी वाले गावों में 1991 की जनगणना के अनुसार 2/-प्रति वर्ग मीटर, 1001 से 2000 की आबादी वाले गावों में 5/- प्रति वर्ग मीटर और 2000 से अधिक की आबादी वाले गावों में 10/ प्रति वर्ग मीटर के आवंटन पत्र जारी किये जायेगें।श्री जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा उपरोक्त श्रेणी के चिन्हित किये गए ऐसे व्यक्ति जिनके पास जाति प्रमाण-पत्र नहीं है, ऐसे समस्त व्यक्तियों के जाति प्रमाण-पत्र भी बनवाये जायेगें। ताकि प्रमाण-पत्र के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति भूखण्ड/पट्टा आवंटन से वंचित नहीं रह जाये।उन्होने यह भी बताया कि राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-158(1) के तहत अधिकतम 300 वग र्गज तक का भूखण्ड आवंटित किये जायेगें। जिसमें भूखण्ड का क्षेत्रफल 300 वग र्गज तक की सीमा में हो और ग्राम पंचायत के पास आबादी भूमि की उपलब्धता और पात्र व्यक्ति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जायेगें।