LPG Cylinder: 39 रुपये महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर

एलपीजी सिलेंडर आज से महंगे हो गये है। महंगे हुये सिलेंडरों की नई रेट आज से लागू हो गई है। आपको बता दें कि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर अब 39 रुपए महंगा हो गया है। अगर अगर जयपुर की बात करें तो अब यह सिलेंडर 1680 रुपए से बढ़कर 1719 रुपए का हो गया है। लेकिन, घरेलू गैस सिलेंडर की रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। तेल कंपनियों ने अगस्त माह में 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 12 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। वहीं एक जुलाई को तेल कंपनियों ने 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 30 रुपए प्रति सिलेंडर की भी कटौती थी। दूसरी और अब लगातार दूसरे महीने में गैस ​कीमतों में इजाफा हुआ है।

Gas cylinder: प्रदेश में आज से मिलेगे 450 में गैस सिलेंडर

नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) से जुड़े परिवारों को सरकार आज से सस्ते रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाएगी। बजट घोषण के अनुसार प्रदेश में बीपीएल और उज्जवला कनेक्शनधारियों और NFSA परिवारों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने की घोषणा की थी। सरकार के इस निर्णय से अब करीब 68 लाख परिवारों को और फायदा होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक परिवार को हर महीने एक सिलेंडर 450 रुपए में दिया जाएगा। LPG  

आपको बतादें कि लाभार्थी परिवारों को सिलेंडर डिलीवरी करने वाले होकर को तो उतने ही पैसे देने पड़ेंगे जितना सामान्य परिवार देते हैं, लेकिन डिफरेंस राशि यानी सब्सिडी का पैसा सरकार लाभार्थी के सीधे खाते में ट्रांसफर करेगी।

Vermi compost: वर्मी कंपोस्ट के लिये कृषकों को मिल रहा 50 हजार का अनुदान

आधुनिक युग में खेती में रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है। जिससे मृदा की उर्वरकता में कमी आ रही है। मृदा की उर्वरकता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण की शुरुआत की गई है। इससे मृदा की जैविक और भौतिक स्थिति में सुधार लाया जा सकेगा। इससे मृदा की उर्वरकता एवं पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। रासायनिक उर्वरकों से खेती की बढ़ती हुई लागत को कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पारंपरिक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिससे फसलों को उचित पोषण मिलने पर उनकी पूर्ण वृ​​द्धि होगी एवं किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। कृषि आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने अनुसार वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने के लिए किसानों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5 हजार वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने के लिए किसान के पास एक स्थान पर न्यूनतम कृषि योग्य 0.4 हैक्टेयर भूमि का होना आवश्यक है। कृषक राज किसान साथी पोर्टल या नजदीकी ई- मित्र केंद्र पर जाकर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कृषक के पास न्यूनतम 6 माह पुरानी जमाबंदी होना आवश्यक है। आपको बतादें कि जैविक खेती कम खर्च में उत्पादन बढ़ाने का साधन है। जैविक खाद द्वारा मिट्टी के साथ मनुष्य की सेहत भी दुरुस्त रहती है। ऑर्गेनिक फार्मिंग से मिट्टी की संरचना बेहतर रहती है और पर्यावरण को भी लाभ होता है। इससे मिट्टी में जीवाणुओं की संख्या और भूजल स्तर भी कायम रहता है।

‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024: ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024

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‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का पहला ‘इन्वेस्टर मीट’ आज भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ के दौरान राजस्थान में निवेश के लिए राज्य सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन और विभिन्न उद्योगपतियों के बीच 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ में उद्योग एवं व्यापार जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुए और इस दौरान अक्षय ऊर्जा, सीमेंट, केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स, नागरिक उड्डयन और आईटीआई के अपग्रेडेशन जैसे कई क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू (MoUs) किया गया। प्रदेश में निवेश के लिए जिन प्रमुख भारतीय कंपनियों और औद्योगिक समूहों ने सरकार के साथ एमओयू (MoUs) किया, उनमें अदानी ग्रुप, वेदांता ग्रुप, जेएसडब्लू ग्रुप, टाटा ग्रुप, वारी ग्रुप, डालमिया ग्रुप और स्टार सीमेंट जैसे ग्रुप शामिल हैं। ‘इन्वेस्टर मीट’ में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘विकसित राजस्थान’ का होना जरूरी है। राजस्थान अपार संभावनाओं से लैस प्रदेश है जहां प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन हैं। इसके अलावा हमारे राज्य में स्किल्ड वर्कफोर्स की भरमार है और यहां निवेश के असीमित अवसर हैं। मैं निवेशक समुदाय, कॉरपोरेट्स और बाकी अन्य संस्थानों को हमारे खूबसूरत राज्य में आने के लिए आमंत्रित करता हूं। आइए और राजस्थान सरकार की निवेशकों के अनुकूल नेक्स्ट जेनरेशन नीतियों का लाभ उठाइए।”
‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024
‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024
आपको बतादें कि ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन इस साल 9, 10 और 11 दिसंबर को राजधानी जयपुर होगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार के तत्वाधान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, बीआईपी और राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका नोडल विभाग बीआईपी है। इस त्रि-दिवसीय मेगा समिट का उद्देश्य देश-विदेश की बड़ी-छोटी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और निवेशकों को राज्य में आ कर काम करने के लिए आकर्षित करना, प्रदेश में विभिन्न तरह के उद्योग-धंधे लगाने में मदद करना और सुविधाएँ मुहैय्या कराना है। इस ग्लोबल समिट के दौरान कृषि, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा और कौशल, ऑटो और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स), इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल और पेट्रो-केमिकल, पर्यटन, स्टार्टअप, खनन और ईएसडीएम/आईटी और आईटीईएस (ESDM/IT and ITeS) सहित विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष सत्र का आयोजन होगा।

mining activities: प्रदेश में जल्द होगी बजरी प्लाटों की निलामी

निदेशक खान एवं भूविज्ञान भगवती प्रसाद कलाल ने राज्य में खंडित और न्यायालयों द्वारा निर्णित खनिज प्लॉटों का डेलिनियेशन कार्य पूरा कर दो दिन में ऑक्शन के प्रस्ताव खान निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में बजरी खनिज की जिला सर्वे रिपोर्ट अनुमोदित हो चुकी हैं, अब उसके अनुसार बजरी के प्लॉट तैयार कर तत्काल भिजवाये जाएं ताकि बजरी प्लॉटों की भी नीलामी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर रोक के लिए मिनरल क्षेत्रों में प्लॉट तैयार कर नीलामी करना प्राथमिकता में है। श्री कलाल शुक्रवार को वीसी के माध्यम से प्रदेश के माइनिंग विंग के फील्ड अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि एम. सेंड नीति के अनुसार दो —दो प्लॉट एम सेंड के लिए भी तैयार कर भिजवाये जाने हैं ताकि उनकी भी नीलामी की जा सके। उन्होंने कहा कि बजरी के विकल्प के रुप में एम सेंड उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएमजी ने अतिरिक्त निदेशक स्तर पर प्रभावी मॉ​ मॉनिटरिंग व्यवस्था की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे कार्य में तेजी और तय समय सीमा में प्रकरणों का निस्तारण हो सकेगा। उन्होंने राजकीय बकाया की वसूली में तेजी लाने और अवैध खनन गतिविधियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए।

Interest free short term loan of Rs 1 lakh: प्रदेश में पांच लाख पशुपालक किसानों को मिलेगा एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण

सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बुधवार को कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की समृद्धि और कल्याण के लिये कृतसंकल्प है और इसी सोच को साकार करने के लिये राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना पोर्टल की शुरूआत की गई है। नेहरू सहकार भवन में आयोजित समारोह में पोर्टल की शुरूआत करते हुये श्री दक ने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गोपालक किसान परिवार को एक लाख रुपये तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण एक वर्ष की अवधि के लिये उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि गोपालक किसान द्वारा ऋण का समय पर चुकारा करने पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं देना होगा।
Interest free short term loan of Rs 1 lakh
Interest free short term loan of Rs 1 lakh
सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोपालक किसान परिवारों को गाय, भैंस हेतु शैड, खेली निर्माण और चारा/बांटा सहित आवश्यक उपकरण खरीदने के लिये पैसों की कमी रहती थी, जिससे वह गोपालन से मिल सकने वाला पूरा लाभ नहीं ले पाता था। इसी को ध्यान में रखते हुये गोपालक किसान को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। श्री दक ने कहा कि ऋण वितरण को पारदर्शी बनाने तथा गोपालक किसान परिवार को ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिये ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संपादित किया जायेगा। गोपालक किसान ई-मित्र केन्द्र या संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से ऋण के लिये आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि गोपालक किसान को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकाधिक गोपालक किसानों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने के लिये दुग्ध संघ एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों के संयुक्त तत्वाधान में शिविरों का आयोजन किया जायेगा ताकि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किये गये पांच लाख किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों से कहा कि योजना का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिये योजना का प्रचार-प्रसार किया जावे।

“National Nutrition Month 2024″ campaign: प्रदेश में 1 सितम्बर से शुरू होगा राष्ट्रीय पोषण माह 2024” अभियान

निदेशक ओपी बुनकर की अध्यक्षता में बुधवार को जयपुर स्थित आईसीडीएस निदेशालय में “राष्ट्रीय पोषण माह-2024” के सम्बन्ध में वीसी के माध्यम से जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ की उपस्थिति में तैयारी बैठक आयोजित की गई। निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) ओ पी बुनकर के अनुसार 1 सितम्बर 2024 से प्रदेश में “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भारत सरकार द्वारा दी गई थीम्स आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएगी। निदेशक ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से आयोजित होने वाले इस अभियान में एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB), बेहतर शासन के लिए तकनीकी उपाय, पर्यावरण संरक्षण थीम्स हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का कैलेंडर तैयार किया गया है। जिसके अनुसार गतिविधियों को आयोजित किया जाना है। श्री बुनकर ने जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा वर्कर, महिला पर्यवेक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अन्य सभी सहयोगी विभागों के समन्वय से “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” की गतिविधियों का कैलेंडर के अनुसार आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को उत्साह पूर्वक मनाया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि यह अभियान एक जन आंदोलन के रूप में उभरकर आए।

R.S.R.D.C Toll Fastag: प्रदेश में आर.एस.आर.डी.सी के टोल पर चालू होगें फास्टैग

बुधवार को आरएसआरडीसी बोर्ड मीटिंग में निर्णय लिया है की प्रदेश में वर्तमान में लागू टोल पॉलिसी के कुछ बिन्दओं को समय की आवश्यकता के अनुरूप संशोधित किया जाये। इस संबंध में वर्तमान में लागू संवेदक का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त कर दी गई जिससे अधिक संख्या में संवेदक निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेगें। टोल की कान्ट्रेक्ट की अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष कर दी गयी है। जिसे अधिकतम 3 माह बढ़ाया जा सकेगा। नियमों की पालना नहीं करने पर रू 1 लाख प्रति त्रुटि की पेनेल्टी का प्रावधान रखा गया है। यह दस्तावेज एनएचआई के नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है। टोल रोड पर टोल टैक्स एकत्र करने हेतु नयी आरएफक्यू कम आरएफपी दस्तावेज तैयार किये गये हैं। इसके तहत् संवेदक की नेट वर्थ निविदा लागत की 20 प्रतिशत होना आवश्यक है। बोर्ड के निर्णय अनुसार प्रदेश के स्टेट हाईवे महत्वपूर्ण स्थानों को कनेक्टीविटी प्रदान करते है और इन पर लाखों लोग गुजरते है। इनकी सुविधा के लिये इन स्टेट हाईवेज पर वे-साईड सुविधाएं जैसे रेस्टोरेन्ट सुविधाऐं आदि विकसित करने का तत्काल परिक्षण किया जाएगा। आरएसआरडीसी भवन में फास्टैग कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेन्टर के माध्यम से प्रदेश के सभी फास्टैग आधारित संचालित टोल प्लाजाओं की लाईव मोनिटरिंग की जा सकती है। इन सभी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कमाण्ड सेंटर में लगी स्क्रीन्स पर टोल्स का लाईव व्यू उपलब्ध होता है। वहीं टोल कर्मियों के नागरिकों के साथ व्यवहार पर भी इसके माध्यम से नजर रखी जा सकती है और आवश्यकता पडने पर टैफिक मेनेजमेंट में भी उपयोग किया जा सकता है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि सभी टोलो पर फास्टैग तत्काल चालू किया जाये।

Vehicle registration number: नये वाहन पर ले सकते है पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर

आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अब अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप किए गए पुराने वाहन का पंजीयन क्रमांक (रजिस्ट्रेशन नंबर) नए वाहन को आवंटित किया जा सकेगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त मनीषा अरोड़ा के अनुसार राजस्थान मोटरयान नियम, 1990 के तहत अब वाहन स्वामी अपने पूर्व के पंजीकृत वाहन पंजीयन क्रमांक को नए खरीदे गए वाहन पर रिटेन कर सकते हैं। इस संबंध में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। कोई भी आवेदक vscrap पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकता है। वाहन स्वामी द्वारा वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर को देकर पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट दिया जाएगा। स्क्रैप केंद्र द्वारा वाहन को स्क्रैप कर सर्टिफिकेट आ‌फ व्हीकल स्क्रेपिंग जारी किया जाएगा। इसके बाद वाहन स्वामी संबंधित पंजीयन अधिकारी को पंजीयन क्रमांक रिटेंशन की निर्धारित फीस के साथ आवेदन कर सकते हैं। पंजीयन अधिकारी द्वारा स्क्रैप हुए वाहन के पंजीयन क्रमांक को नए क्रय किए जाने वाले वाहन पर लेने के लिए पोर्टल पर अनुमत किए जाने की सूचना वाहन स्वामी को एसएमएस या सिटिजन पोर्टल के माध्यम से मिलेगी।
Manisha Arora
Manisha Arora
परिवहन आयुक्त ने बताया कि ऐसे वाहन जिनका क्रय एवं पंजीयन राज्य में स्थापित अधिकृत वाहन डीलर द्वारा किया गया है, वे आवेदक नए क्रय किए गए वाहन के पंजीयन के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ नंबर रिटेंशन की फीस की रसीद वाहन डीलर को देंगे। डीलर वाहन पोर्टल पर रिटेंशन पंजीयन विकल्प का चयन कर नए वाहन के पंजीयन का इनवार्ड करेगा और निर्धारित पंजीयन फीस और टैक्स का भुगतान करेगा। वाहन डीलर को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्क्रैप किए गए वाहन का स्वामी और नए क्रय किए गए वाहन का स्वामी एक ही व्यक्ति है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज वाहन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। शेष प्रक्रिया सामान्य पंजीयन की भांति ही पूरी कर पंजीयन क्रमांक आवंटित करने के कार्यवाही की जाएगी। ऐसे वाहन जिनका नियमानुसार अस्थाई पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उनका पंजीयन संबंधित जिला परिवहन अधिकारी द्वारा किया जाएगा। आवेदक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ नंबर रिटेंशन की फीस की रसीद संबंधित पंजीयन अधिकारी या जिला परिवहन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। वाहन पोर्टल पर रिटेंशन पंजीयन विकल्प का चयन कर नए वाहन के पंजीयन का इनवार्ड कर निर्धारित पंजीयन एवं टैक्स का भुगतान किया जाएगा। इनवार्ड के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्क्रैप किए गए वाहन एवं नए क्रय किए गए वाहन का स्वामी एक ही व्यक्ति है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज वाहन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। जिला परिवहन अधिकारी पंजीयन की शेष प्रक्रिया सामान्य पंजीयन की भांति पूर्ण कर पंजीयन क्रमांक आवंटित करने के कार्यवाही करेंगे। स्क्रैप किए गए वाहन की हिस्ट्री देखने के लिए स्क्रैप किए गए वाहन को वाहन पोर्टल पर डमी पंजीयन क्रमांक आवंटित किया जाएगा।

Youth employment: एनआईसीडीपी से जोधपुर-पाली का बदलेगा आर्थिक परिदृश्य, युवाओं को मिलेगा रोजगार —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत 12 नई परियोजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसमें प्रदेश के जोधपुर-पाली भी शामिल है। इस निर्णय से हमारे जोधपुर-पाली क्षेत्र का औद्योगिक परिदृश्य बदलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक उत्थान भी हो सकेगा। यह निर्णय विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उल्लेखनीय है कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को देश में औद्योगिक नोड्स और शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस नेटवर्क से आर्थिक विकास की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।