प्रदेश में बरसात से ख़राब हुई सड़कों को ठीक करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 1 सितम्बर से 25 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और कामों को निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाए। इस दौरान सड़क मरम्मत कार्यों के साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम प्राथमिकता से किया जायेगा। सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वालों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य में जमीनी स्तर पर प्रयास होने चाहिए। उन्होंने सभी विद्यालयों में पहली कक्षा से चरित्र निर्माण और संस्कारी नागरिक बनाने की शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने पिछड़े क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर राजकीय ही नहीं निजी क्षेत्र में भी स्तरीय विद्यालय खोले जाने को प्रोत्साहित किए जाने की नीति पर कार्य किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के गांव गरीब के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने घुमंतू परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी प्रयास किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र को सहयोग के लिए प्रेरित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों में चरित्र निर्माण, संस्कार, देशभक्ति की शिक्षा और नैतिक मूल्य के पाठ भी विशेष रूप से सम्मिलित किए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने स्कूलों में खेल मैदान निर्माण, बाउंड्री, सौर ऊर्जा, वृक्षारोपण आदि के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने का आह्वान किया।
राज्यपाल बागडे मंगलवार को राजभवन में शिक्षा विभाग की विशेष समीक्षा की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा में संस्कार शिक्षा को राज्य में प्राथमिकता देते हुए प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश गुणवत्ता शिक्षा में निरंतर विकास करे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में राज्य में किए जाने वाले विशेष प्रयासो के बारे में भी जानकारी दी।
श्री बागडे ने शिक्षकों के प्रबोधन के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को समयानुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रभावी व्यवस्था हो। इसके लिए उन्होंने जिलेवार नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास से विद्यार्थियों को जोड़ने आदि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में भगवान गोविंददेव जी की शोभायात्रा का विधिवत पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप गोविंददेव जी जयपुर के आराध्य देव हैं और शहरवासियों की आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि शोभायात्राओं जैसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता गीता के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व को फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहने का संदेश दिया। उनके उपदेश वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मथुरा से उज्जैन तक श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित प्रमुख स्थानों को विकसित करते हुए कृष्ण गमन पथ बनाया जाएगा।
प्रदेश में चलाए जा रहे शुद्ध आहार—मिलावट पर वार अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम की टीम ने मंगलवार को जयसिंहपुरा खोर इलाके में छापा मारकर नकली देशी घी बनाने की फैक्टी पकड़ी।
अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा के अनुसार मुखबिर से प्राप्त सूचना पर दिल्ली रोड स्थित अफजल विहार कॉलोनी में पुलिस की मदद से एक मकान पर छापा मारा गया। यहां मोहम्मद अनीस नाम के व्यक्ति द्वारा मकान में भट्टियां आदि लगाकर वनस्पति तेलों में एसेंस मिलाकर विभिन्न ब्रांड का देशी घी बनाया जा रहा था। मौके पर ढेर सारा पैकिंग मैटेरियल और पैकिंग की आधुनिक मशीनें मिलीं। सरस, महान, कृष्णा, लोटस जैसे कई ब्रांड का घी पैक किया जा रहा था। घी में बदबू आ रही थी। नकली घी का निर्माण कर उसे बाजार में खपाया जा रहा था। पूछताछ करने पर अनीस ने बताया की दिल्ली से पैकिंग मैटेरियल लाता है और वह नकली घी पैक कर जयपुर और आसपास के शहरों में सप्लाई कर देता है।
मौके पर विभिन्न ब्रांडों का 1000 लीटर नकली घी पाया गया, जिसका सैंपल लेकर सीज किया गया। सरस के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। उनके द्वारा जांच की गई। नई पैकिंग पर ब्रांड के बारकोड भी लगाए हुए थे और वर्तमान सीरीज के बैच नंबर भी अंकित थे।
खाद्य ,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा चलाये जा रहे कंज्यूमर केयर अभियान में 9वें दिन 85 फर्मो पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की गई। जिनमे 05 फर्मो पर कम माप तौल करना तथा 50 फर्मो पर सत्यापन प्रमाण पत्र एवं सत्यापित बाट माप नही पाये गये। टीमों ने फर्मो के विरूद्ध मौके पर ही नोटिस जारी कर 2 लाख 29 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है।
कंज्यूमर केयर अभियान 31 अगस्त तक नियमित रूप से चलाया जायेगा। इस अभियान का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सही माप तौल करने के लिये प्रेरित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके मूल अधिकारों के बारे में सूचित किये जाने तथा उपभोक्ता शिक्षा का प्रसार करना है। किसी भी प्रकार की सेवा एवं वस्तुएं जो राशि देकर प्राप्त की गई है, उन सेवाओं और वस्तुओं की मानक, मात्रा एवं सही माप तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन एयरलाइन, ऑटोमोबाइल, बैकिंग, ड्रग्स एवं मेडिसिन, विद्युत, फूड, पेट्रोलियम, इंश्योरेन्स, टेलिकॉम जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 में प्रातः 9 से रात्रि 9 बजे तक एवं वाट्सएप नं. 7230086030 पर किसी भी समय शिकायत की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 20 अगस्त 2024 को कहा कि:—
“अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(आर) के पाठ में दिखाई देने वाले शब्द अपमानित करने के इरादे से उस व्यक्ति की जाति पहचान से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं, जिसे जानबूझकर अपमान या धमकी का शिकार होना पड़ता है। SC/ST समुदाय के सदस्य का हर जानबूझकर अपमान या धमकी जाति-आधारित अपमान की भावना का परिणाम नहीं होगी। यह केवल उन मामलों में होता है, जहां जानबूझकर अपमान या धमकी अस्पृश्यता की प्रचलित प्रथा के कारण या छुआछूत को मजबूत करने के लिए होती है। ऐतिहासिक रूप से जड़ जमाए हुए विचार जैसे उच्च जातियों की निम्न जातियों/अछूतों पर श्रेष्ठता, ‘पवित्रता’ और ‘अपवित्रता’ की धारणाएं, इत्यादि, जिन्हें अधिनियम, 1989 द्वारा परिकल्पित प्रकार का अपमान या धमकी कहा जा सकता है।”
सौजन्य :— लाइव लॉ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संत महात्मा हमारे जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। हमारी आध्यात्मिक उन्नति में उनका अहम योगदान होता है। वे समाज को संस्कारित बनाने का कार्य करते हैं और संस्कारवान भावी पीढ़ियां देश-प्रदेश का नाम रोशन करती हैं।
श्री शर्मा रविवार को एक दिवसीय जोधपुर यात्रा के दौरान गांधी मैदान में आयोजित ‘जीने की कला’ विशिष्ट प्रवचन माला कार्यक्रम में शामिल हुए और संत ललितप्रभ, संत चन्द्रप्रभ एवं डॉ. मुनि शांतिप्रिय महाराज से प्रदेश की खुशहाली का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हजारों साल पुरानी है। संत महात्मा हमारी इस संस्कृति के वाहक हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी आध्यात्मिक रूप से समृद्धता ही हमें दुनिया में एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और इसीलिए भारत को ‘विश्वगुरू’ कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने बाद में चांदपोल स्थित रामस्नेही संप्रदाय जूना रामद्वारा पहुंचकर संत श्री अमृतराम जी महाराज का भी आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हमारी धरती को दिन-प्रतिदिन कमजोर बना रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि मिलकर पर्यावरण को बचाने के लिए सार्थक प्रयास करें। श्री शर्मा ने कहा कि हम सब मिलकर पर्यावरण और अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा का संकल्प लें और हरा-भरा व स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करें। प्रकृति को बचाने के लिए बदलाव की शुरूआत हमें स्वयं से ही करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को जयपुर के एसएमएस स्टेडियम से हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला और आइएमसीटी फाउण्डेशन द्वारा पर्यावरण सरंक्षण के लिए आयोजित साइकिल रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। और हमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। इनसे हम शारीरिक रूप से तो स्वस्थ रहते ही हैं साथ ही, हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्च स्तरीय कार्यशाला में प्रदेश में मेडिकल वेल्यू ट्यूरिज्म बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। श्रीमती सिंह ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात कर रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान को मेडिकल ट्यूरिज्म के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। इस दिशा में जल्द ही ‘हील इन राजस्थान‘ पॉलिसी लाई जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। विश्व स्तरीय संस्थानों का निर्माण यहां हो रहा है। होलिस्टिक एप्रोच के साथ ऐलोपैथी एवं आयुष चिकित्सा और वैलनेस गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सवाई मानसिंह अस्पताल में आयुष्मान टॉवर का निर्माण, दो मेडिसिटी एवं मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना, हर जिले में मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज, टेलीमेडिसिन को बढ़ावा, निजी क्षेत्र में भी कई उच्च श्रेणी के चिकित्सा संस्थानों का प्रदेश में आना ऐसे कदम हैं, जिनसे राजस्थान मेडिकल ट्यूरिज्म की दिशा में नई ऊंचाइयां छुएगा। साथ ही, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में भी पोर्टेबिलिटी का प्रावधान जल्द ही होने से यहां बाहर के राज्यों के रोगी उपचार के लिए आ सकेंगे।
श्रीमती सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर उत्थान होने, वाजिब दरों पर सुगमतापूर्वक उपचार उपलब्ध होने से प्रदेश में मेडिकल ट्यूरिज्म की संभावनाएं तेजी से विकसित हुई हैं। नीतिगत निर्णयों के माध्यम से राज्य सरकार इन संभावनाओं को और अधिक विस्तार देना चाहती है। इससे प्रदेश न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट के रूप में सामने आएगा, बल्कि निवेश एवं रोजगार के भी बडे़ अवसर सृजित होंगे। फार्मा, होटल व्यवसाय सहित अन्य उद्यमों को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। हील इन राजस्थान पॉलिसी इन संभावनाओं को धरातल पर लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे जांबाज सैनिक देश के असली हीरो हैं। वे हमारी मातृभूमि के प्रहरी हैं। इन वीरों के अदम्य साहस और हौसलों के कारण ही 140 करोड़ देशवासी निश्चित होकर रह रहे हैं। हमारे जवान प्रत्येक भारतवासी का स्वाभिमान है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान वह धरा है, जहां मां अपने एक बेटे के शहीद होने पर दूसरे बेटे को भी सेना में भेजने का जज्बा दिखाती है। उन्होंने कहा कि इन सपूतों को जन्म देने वाली मां और उनके परिजन देश की रक्षा के लिए बड़े से बड़ा बलिदान देना अपना गौरव मानते हैं। भारत माता के गौरव को ऊंचा रखने में हमेशा सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने भी त्याग की मिसाल कायम की है। सैनिकों की बहादुरी और वीरांगनाओं के त्याग की कहानियां हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं। श्री शर्मा ने ये बात शनिवार को सैनिकों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। इस दौरान उन्होंने शहीदों की वीरांगनाओं और परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों और वीरांगनाओं के प्रति हमारे दिलों में जो सम्मान और आदर है, उसकी एक सच्ची अभिव्यक्ति है। उनके प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है यहां की माताओं ने अपने बेटों को और वीरांगनाओं ने अपने सुहाग को देश को समर्पित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाएं और सैनिकों के परिवारों को सहयोग प्रदान करें। यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम समाज में उनकी उपस्थिति को महसूस करें और उनके लिए एक ऐसा वातावरण तैयार करें जिसमें वे अपने कर्तव्यों को पूरा करने में सच्चा संतोष और गर्व महसूस कर सकें।
Our brave soldiers
पूर्व सैनिकों तथा आश्रितों की समस्याओं का मौके पर ही हो रहा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन कर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की पेंशन विसंगतियों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर कैंप आयोजित कर प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैटल कैजुअल्टी एवं शौर्य पदक धारकों को भूमि आवंटन की गई है। वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष पैकेज (कारगिल पैकेज) दिया जाता है। इस पैकेज में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, वीरांगना को नकद राशि, हाउसिंग बोर्ड का मकान या इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में भूमि या भूमि के बदले नकद राशि का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा, बच्चों को छात्रवृत्ति और आउट ऑफ टर्न कृषि बिजली कनेक्शन का प्रावधान है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर युवाओं को राज्य पुलिस, आरएसी, जेल प्रहरी और वनरक्षक के पद पर नियुक्ति देने का काम करेगी।