Temporary Fireworks license —जयपुर ग्रामीण में तिशबाजी के अस्थाई अनुज्ञा पत्र के आवेदन 2 सितंबर तक
E-Bus Services —प्रदेश में ई-बस सेवाओं का शीघ्र होगा संचालन —मुख्यमंत्री
Developed Rajasthan 2047 —विकसित राजस्थान 2047 के ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

सरकार का पहला साल बिजली और पानी के लिए समर्पित—
श्री शर्मा ने कहा कि हर राज्य के विकास के लिए बिजली और पानी मूलभूत आवश्यकता है इसलिए राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला वर्ष बिजली और पानी के लिए समर्पित किया है। बिजली और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे तो राज्य में कृषि और उद्योगों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपए के एमओयू किए हैं। इसी प्रकार पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ईआरसीपी, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर नियोजन की कार्य योजना को मूर्त रूप देने के लिए संबंधित विभागों को आपस में समन्वय के साथ कार्य करना होगा जिससे योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करते समय सभी पक्षों से सलाह और सुझाव लेकर सुनिश्चित कार्ययोजना तैयार की जाए और समस्याओं का दीर्घकालीन समाधान निकालें। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए नागरिकों का बौद्धिक रूप से विकास होना जरूरी है। इसलिए हम बौद्धिक स्तर पर विकसित होते हुए देश और प्रदेश को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। हम सब मिलकर ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ की भावना के साथ कार्य करेंगे तो अंधियारा दूर होगा और विकास की राह रोशन होगी। कार्यशाला में नगरीय विकास राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी भाग लिया। श्री खर्रा ने इस दौनान कहा कि नगरों के संयोजित विकास के लिए ड्रेनेज सीवरेज, सुगम यातायात, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सभी नगरीय निकायों से ये अपेक्षा है कि सकारात्मक सोच के साथ जनता से सुझाव लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।
Chief Minister —उद्योग और रोजगार बढ़ाने में मुख्यमंत्री की खास पहल
Agricultural Pumps —केन्द्र ने मुख्यमंत्री के प्रयास पर 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन किया जारी
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-ए के अंतर्गत आवंटित क्षमता के लक्ष्य 550 मेगावाट को बढ़ाने का अनुरोध किया था। श्री शर्मा ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से चर्चा की थी। इसी क्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड को 1 हजार मेगावाट क्षमता का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटन करने का आदेश जारी किया है। यह आवंटन पहले से स्वीकृत 550 मेगावाट के अतिरिक्त है।
साथ ही, मुख्यमंत्री ने श्री जोशी को पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-सी (एफएलएस) के अंतर्गत आवंटन में वृद्धि करने का भी अनुरोध किया था। केन्द्रीय मंत्रालय ने इस अनुरोध पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रदेश को 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन जारी किया है। यह आवंटन प्रदेश को पूर्व में जारी किए गए 2 लाख पम्प्स के अतिरिक्त है।
पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत उक्त कम्पोनेन्ट में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य होगा। इससे किसानों को दिन के समय में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी और उनका आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा। Minister of State for Home —जलभराव क्षेत्रों में पानी निकासी का स्थाई समाधान किया जाए —गृह राज्य मंत्री
Rajasthan Assembly —विधानसभा में दौड़ा बिजली बिल का करंट, राखी भाई ने जताई चिंता
श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में स्थापित 33 के वी ग्रिड में आदर्श पावर फैक्टर को बनाए रखने के हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने गत माह में पावर फैक्टर संधारित नहीं किए जाने के कारणो की विस्तृत जांच करने के भी निर्देश दिए।
वहीं उन्होने कहा कि विधायक आवास परिसर में जल्द ही सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे विधायक आवास परिसर की विद्युत वितरण कंपनियों की ग्रिड से आने वाली बिजली पर निर्भरता कम होगी और विधायक आवास परिसर में राजकीय विद्युत खर्चे में राहत मिल सकेगी। Buses will pass through the designated bus stand and not through the bypass —बाईपास से नहीं निर्धारित बस स्टैंड से गुजरेंगी बसें —निगम अध्यक्ष
Rising Rajasthan —राइजिंग राजस्थान से होगा प्रदेश में नये विकास का उदय —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वाइब्रेंट गुजरात और उत्तरप्रदेश इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए राज्य के अधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल के दौरे के बाद आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि समिट में निवेश के लिए भाग लेने वाले प्रतिभागी देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। साथ ही, इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीम का गठन भी किया जाए।
श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए वॉर रूम स्थापित किया जाए, जहां उचित संसाधनों के साथ विशेषज्ञ टीम आयोजन से संबंधित सभी तैयारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा कर सकें। उन्होंने आयोजन का सभी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अब तक प्राप्त हो चुके निवेश प्रस्तावों को मूर्तरूप देने से संबंधित कार्यवाही को गति प्रदान करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट के लिए देश-विदेश में आयोजित होने वाले रोड-शो के आकर्षक और प्रभावी आयोजन से निवेशकों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेशों से आने वाले निवेशकों के लिए इन्वेस्टमेंट इन्विटेशन पैकेज तैयार किए जाएं।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र में भी निवेशकों को आमंत्रित किया जाए जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रमों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में खनन, मेडिकल, पेट्रोलियम, फार्मा, एयरपोर्ट, पर्यटन, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, आईटी, शिक्षा, रेलवे एवं रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को प्रबल बनाया जाये। मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा एवं राज्य में होटल इंडस्ट्रीज के विस्तार की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया। 


