Temporary Fireworks license —जयपुर ग्रामीण में तिशबाजी के अस्थाई अनुज्ञा पत्र के आवेदन 2 सितंबर तक

जयपुर ग्रामीण में दीपावली के अवसर पर विस्फोटक (आतिशबाजी) के अस्थाई अनुज्ञापत्र के लिए 2 सितंबर तक आवदेन किया जा सकेगा। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के थाना शाहपुरा, मनोहरपुर, अमरसर, जमवारामगढ़, आंधी, चंदवाजी रायसर, नरेना, मांजी रेनवाल, माधोराजपुरा, सांभर फुलेरा, जोबनर रेनवाल, गोविन्दगढ़, सामोद, कालाडेरा के लिए दिनांक 5 अक्टूबर 2024 से 3 नवंबर 2024 तक जारी किये जाएंगे। इच्छुक आवेदक विस्फोटक नियम 2008 के अन्तर्गत निर्धारित प्रपत्र में आवेदन दिनांक 2 सितम्बर 2024 तक अपने थाना क्षेत्र के संबंधित उपखण्ड कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ प्रस्तावित स्थल का मानचित्र की 5 प्रतियां जिसमें आसपास के व्यावसायिक स्थलों का स्पष्ट रूप से अंकन हो तथा साथ में शपथ पत्र, किरायानामा/स्वामित्व के कागजात की प्रमाणित प्रति एवं स्वयं के पासपोर्ट साईज की 2 फोटो संलग्न किया जाना आवश्यक है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

E-Bus Services —प्रदेश में ई-बस सेवाओं का शीघ्र होगा संचालन —मुख्यमंत्री

केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अन्तर्गत विद्युत आधारभूत संरचना विकास (बिहाइंड द मीटर) के लिए प्रदेश के 8 शहरों हेतु 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता के रूप में 35.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए 7 शहरों हेतु 34.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति देकर प्रथम किश्त के रूप में 8.62 करोड रुपये की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम ई-बस सेवा के तहत प्रदेश में ई-बसों का संचालन शीघ्र शुरू हो सकेगा। ई-बस सेवा के माध्यम से प्रदेश में शहरी परिवहन दक्षता में वृद्धि होने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि विद्युत आधारभूत संरचना विकास (बिहाइंड द मीटर) के लिए डिस्कॉम से करवाये जाने वाले डिपोजिट वर्क हेतु 100 प्रतिशत राशि तथा शेष कार्य हेतु स्वीकृत राशि की 25 प्रतिशत राशि प्रथम किश्त के रूप में जारी की गयी है।. वहीं सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए केन्द्र सरकार के 60 प्रतिशत हिस्से की प्रथम किश्त के रूप में कुल स्वीकृति की 25 प्रतिशत राशि जारी की गयी है।

Developed Rajasthan 2047 —विकसित राजस्थान 2047 के ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित विकास के लिए कार्य कर रही है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों के निवासियों के लिए गुणवत्तापूर्ण जीवन और समुचित आर्थिक अवसर उपलब्ध करवाने और ईज ऑफ अर्बन लिविंग की अवधारणा को साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। श्री शर्मा शुक्रवार को ‘विकसित राजस्थान 2047-नगरीय निकायों के लिए रोडमैप’ राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भवन निर्माण के लिए उसका नक्शा बनाना जरूरी है उसी तरह भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकास का रोडमैप तैयार करना आवश्यक है। श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान की परिकल्पना साकार करने के लिए हमें शहरों को आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार, परिवहन सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा के दौरान प्रकृति के संरक्षण का भी ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के साथ ही नागरिकों को भी राज्य को विकसित बनाने में अहम भूमिका निभानी होगी। सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से ही हम जयपुर सहित राजस्थान के दूसरे प्रमुख शहरों को विश्व स्तरीय बनाने का संकल्प साकार कर सकेंगे।
developed rajasthan 2047
developed rajasthan 2047

सरकार का पहला साल बिजली और पानी के लिए समर्पित—

श्री शर्मा ने कहा कि हर राज्य के विकास के लिए बिजली और पानी मूलभूत आवश्यकता है इसलिए राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला वर्ष बिजली और पानी के लिए समर्पित किया है। बिजली और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे तो राज्य में कृषि और उद्योगों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपए के एमओयू किए हैं। इसी प्रकार पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ईआरसीपी, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर नियोजन की कार्य योजना को मूर्त रूप देने के लिए संबंधित विभागों को आपस में समन्वय के साथ कार्य करना होगा जिससे योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करते समय सभी पक्षों से सलाह और सुझाव लेकर सुनिश्चित कार्ययोजना तैयार की जाए और समस्याओं का दीर्घकालीन समाधान निकालें। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए नागरिकों का बौद्धिक रूप से विकास होना जरूरी है। इसलिए हम बौद्धिक स्तर पर विकसित होते हुए देश और प्रदेश को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। हम सब मिलकर ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ की भावना के साथ कार्य करेंगे तो अंधियारा दूर होगा और विकास की राह रोशन होगी। कार्यशाला में नगरीय विकास राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी भाग लिया। श्री खर्रा ने इस दौनान कहा कि नगरों के संयोजित विकास के लिए ड्रेनेज सीवरेज, सुगम यातायात, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सभी नगरीय निकायों से ये अपेक्षा है कि सकारात्मक सोच के साथ जनता से सुझाव लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।

Chief Minister —उद्योग और रोजगार बढ़ाने में मुख्यमंत्री की खास पहल

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अप्रधान खनिज के प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ी राहत देते हुए वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क और ट्रांजिट पास शुल्क में कमी कर बड़ी राहत दी है। परिवर्तित प्रावधानों के अनुसार अप्रधान खनिजों की प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों से सालाना रजिस्ट्रेशन फीस की राशि 25 हजार से घटाकर 15 हजार रुपए कर दी गई है। इसी तरह से ट्रांजिट पास शुल्क की राशि में भी कमी कर 10 रु. प्रति ट्रांजिट शुल्क से कम कर 2 रुपए प्रति ट्रांजिट की गई है। राज्य सरकार के माइंस व पेट्रोलियम विभाग द्वारा परिवर्तित दरों की अधिसूचना जारी करने के साथ ही परिवर्तित बजट घोषणा बिन्दु संख्या 22 का क्रियान्वयन भी हो गया है। इससे पहले माइंस विभाग से ही जुड़ी बजट घोषणा सीएनजी पर वेट राशि में कमी करने की घोषणा के साथ ही राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस द्वारा सीएनजी की दरों में कमी के साथ ही बजट घोषणा का क्रियान्वयन हो गया है। नए प्रावधानों से प्रदेश में अप्रधान खनिज से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों को राहत व प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में मार्बल, ग्रेनाइट, चेजा पत्थर, चाइना क्ले, क्वार्टज, फेल्सपार, सोपस्टोन आदि से जुड़े उद्यमियों, उद्योगों के साथ ही इस क्षेत्र से जुड़े हजारों ट्रेडर्स, डीलर्स, प्रोसेसर्स, स्टाकिस्ट आदि को राहत व प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र में युवाओं को जुड़ने, रोजगार, स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार के परिवर्तित आदेशों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

Agricultural Pumps —केन्द्र ने मुख्यमंत्री के प्रयास पर 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन किया जारी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सक्रिय प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के कम्पोनेन्ट-ए और सी के अंतर्गत आवंटन लक्ष्य में वृद्धि की है। इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का वृहद स्तर पर कार्य किया जाएगा और किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी। Agricultural Pumpsमुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-ए के अंतर्गत आवंटित क्षमता के लक्ष्य 550 मेगावाट को बढ़ाने का अनुरोध किया था। श्री शर्मा ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से चर्चा की थी। इसी क्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड को 1 हजार मेगावाट क्षमता का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटन करने का आदेश जारी किया है। यह आवंटन पहले से स्वीकृत 550 मेगावाट के अतिरिक्त है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने श्री जोशी को पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-सी (एफएलएस) के अंतर्गत आवंटन में वृद्धि करने का भी अनुरोध किया था। केन्द्रीय मंत्रालय ने इस अनुरोध पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रदेश को 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन जारी किया है। यह आवंटन प्रदेश को पूर्व में जारी किए गए 2 लाख पम्प्स के अतिरिक्त है। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत उक्त कम्पोनेन्ट में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य होगा। इससे किसानों को दिन के समय में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी और उनका आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा।

Minister of State for Home —जलभराव क्षेत्रों में पानी निकासी का स्थाई समाधान किया जाए —गृह राज्य मंत्री

गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने हिण्डौन क्षेत्र में गत दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण हुए जल भराव का स्थाई समाधान करने के निर्देश दिये हैं। गुरूवार को हिण्डौन पंचायत समिति सभागार में कार्यशाला को संबोधित करते हुये अधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली,शुद्ध पेयजल चिकित्सा सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के निर्देश दिये। आपको बतादें कि मंत्री करौली जिला प्रभारी भी है। उन्होने अधिकारियों को ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने, जलभराव क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियन्ता के साथ समिति गठित करने, नगर परिषद के द्वारा नालों एवं नदी क्षेत्र में जारी किये गये पट्टों की जॉच करने, अतिवृष्टि के कारण शहर में व्यापारियों को हुए नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा दिलवाने और ग्रामीण क्षेत्र में फसल खराबा के संबंध में रिपोर्ट करने के निर्देश दिये। उन्होंने शहर में जलभराव से स्थाई छुटकारा पाने के लिए अधिकारियों को योजना बनाकर कार्य करने के लिए भी कहा। उन्होंने शहर में नियमित साफ -सफाई के संबंध में वार्डवाईज चार सफाई कर्मी नियुक्त करने और बीस-बीस सफाई कर्मियों की टीम बनाकर समस्त वार्डो में कचरे के निस्तारण एवं उठाव के निर्देश दिये।

Rajasthan Assembly —विधानसभा में दौड़ा बिजली बिल का करंट, राखी भाई ने जताई चिंता

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रक्षाबंधन पर राखी भाई नाम से ख्याती प्राप्त विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजस्थान विधानसभा के पिछले दिनों बिजली खर्च का अधिक बिल आने पर चिंता प्रकट की है। उन्होने कहा कि विद्युत खर्चे के इन बिलों की गहराई से जांच की जाए और संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जाए। श्री देवनानी ने भविष्य में विद्युत खर्चे पर मॉनिटरिंग की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। Rajasthan Assembly Speaker Vasudev Devnani श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में स्थापित 33 के वी ग्रिड में आदर्श पावर फैक्टर को बनाए रखने के हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने गत माह में पावर फैक्टर संधारित नहीं किए जाने के कारणो की विस्तृत जांच करने के भी निर्देश दिए। वहीं उन्होने कहा कि विधायक आवास परिसर में जल्द ही सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे विधायक आवास परिसर की विद्युत वितरण कंपनियों की ग्रिड से आने वाली बिजली पर निर्भरता कम होगी और विधायक आवास परिसर में राजकीय विद्युत खर्चे में राहत मिल सकेगी।

Buses will pass through the designated bus stand and not through the bypass —बाईपास से नहीं निर्धारित बस स्टैंड से गुजरेंगी बसें —निगम अध्यक्ष

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की विभिन्न आगारों की बसें बाईपास से ना गुजर कर निर्धारित बस स्टैंड से संचालित होंगी। इस संबंध में प्रदेश के विभिन्न 13 बस स्टैंडों, इन बस स्टैंडों से होकर वाहनों का संचालन करने वाले विभिन्न आगारों और प्रभारी आगारों के लिए निगम द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। निगम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल 181 एवं विभिन्न माध्यमों से आए दिन बाईपास होकर वाहन संचालन की शिकायतें मिल रहीं थीं। इस पर सख्त कार्यवाही करते हुए निगम के सभी सातों जोनल मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं कि उनके जोन के अंतर्गत आने वाले आगारों के वाहनों का संचालन बाईपास से ना कर निर्धारित बस स्टैंड से होकर करवाया जाए ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े और निगम की छवि भी धूमिल ना हो। सभी प्रभारी आगार सुनिश्चित करेंगे कि आदेश में उल्लेखित विभिन्न आगारों के वाहनों का संचालन इन बस स्टैंडों से होकर किया जाए। शेष आगारों के वाहनों का संचालन समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा।

Rising Rajasthan —राइजिंग राजस्थान से होगा प्रदेश में नये विकास का उदय —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान प्रदेश के औद्योगिक विकास की गति को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश करने वाले उद्यमियों को भूमि, बिजली और पानी की उपलब्धता समयबद्ध एवं नीतिगत रूप से सुनिश्चित करवाई जाएंगी, जिससे निवेश धरातल पर मूर्तरूप ले सके। Rising Rajasthan मुख्यमंत्री गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वाइब्रेंट गुजरात और उत्तरप्रदेश इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए राज्य के अधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल के दौरे के बाद आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि समिट में निवेश के लिए भाग लेने वाले प्रतिभागी देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। साथ ही, इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीम का गठन भी किया जाए। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए वॉर रूम स्थापित किया जाए, जहां उचित संसाधनों के साथ विशेषज्ञ टीम आयोजन से संबंधित सभी तैयारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा कर सकें। उन्होंने आयोजन का सभी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अब तक प्राप्त हो चुके निवेश प्रस्तावों को मूर्तरूप देने से संबंधित कार्यवाही को गति प्रदान करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट के लिए देश-विदेश में आयोजित होने वाले रोड-शो के आकर्षक और प्रभावी आयोजन से निवेशकों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेशों से आने वाले निवेशकों के लिए इन्वेस्टमेंट इन्विटेशन पैकेज तैयार किए जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र में भी निवेशकों को आमंत्रित किया जाए जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रमों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में खनन, मेडिकल, पेट्रोलियम, फार्मा, एयरपोर्ट, पर्यटन, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, आईटी, शिक्षा, रेलवे एवं रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को प्रबल बनाया जाये। मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा एवं राज्य में होटल इंडस्ट्रीज के विस्तार की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया।

Energy Minister —रबी सीजन में किसानों को मिलेगी पर्याप्त बिजली —ऊर्जा मंत्री

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष-2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने की दिशा में संकल्पित भाव से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को आगामी रबी सीजन में बिजली की संभावित मांग का आकलन कर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री नागर बुधवार को विद्युत भवन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए भारतीय किसान संघ के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बिजली आपूर्ति से संबंधित विषयों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र के अनावंटित पूल से प्रदेश को मिल रहे 1 हजार मेगावाट बिजली के आवंटन को आगामी रबी सीजन में भी जारी रखने के लिए उच्च स्तर पर आग्रह किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह समर्पित है। संकल्प पत्र में कृषि कार्य के लिए किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे निरन्तर बिजली की आपूर्ति करने के वादे को पूरा करने के दृष्टिगत दूरगामी सोच के साथ निर्णय किए जा रहे हैं। मात्र साढ़े सात माह की अल्पावधि में ही पीएम कुसुम सी योजना में 4 हजार 500 मेगावाट क्षमता के एलओआई जारी किए गए हैं। जिसका लाभ 3 लाख से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को होगा। साथ ही, आरडीएसएस में केन्द्र सरकार ने प्रदेश के लिए करीब 7 हजार 896 करोड़ रूपए की योजना मंजूर की है। इसके माध्यम से फीडर सेग्रीगेशन के काम को गति दी जाएगी। श्री नागर ने रबी सीजन के दृष्टिगत अधिकारियों को संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए नए ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण, प्रसारण तंत्र की मजबूती, मेटेरियल की उपलब्धता, खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने, कृषि कनेक्शन जारी करने, एक्सचेंज से बिजली खरीद, उत्पादन संयंत्रों के नियमित मेंटिनेंस के काम को समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका यथासंभव शीघ्र निराकरण किया जाए।