Encroachments will be removed from outside hospitals —अस्पतालों के बाहर से हटेगें अतिक्रमण, नियमित होगी मॉनिटरिंग

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अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज एवं उससे संबद्ध अस्पतालों के परिसर, हॉस्टल्स इत्यादि में सुरक्षा व्यवस्थाओं, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने, अस्पतालों में रेजीडेन्ट डॉक्टर्स हेतु ड्यूटी रूम्स में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में धूम्रपान, शराब, ड्रग्स आदि के उपयोग पर रोकथाम सुनिश्चित करें। साथ ही, अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग को अस्पतालों के बाहर से अतिक्रमण हटाने और नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए पत्र प्रेषित किए गए हैं। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सकों की सुरक्षा के निर्भया स्कवाड तैनात की गई है। साथ ही, पुलिस गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

medical minister —चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत —चिकित्सा मंत्री

कोलकाता रेजीडेंट प्रकरण को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे रेजीडेंट डॉक्टर्स चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की पहल पर बुधवार शाम आपातकालीन एवं आईसीयू सेवाओं में वापस काम पर लौट आए। रेजीडेंट चिकित्सकों का प्रतिनिधिमण्डल ने बुधवार को शासन सचिवालय में चिकित्सा मंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। चिकित्सा मंत्री ने रेजीडेंट चिकित्सकों से कहा कि वे मानव सेवा से जुड़े चिकित्सकीय पेशे का का सम्मान रखते हुए काम पर लौटें। राज्य सरकार उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए समुचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चिकित्सकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सकारात्मक सोच के साथ निर्णय लिए गए हैं। आगे भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोलकाता रेजीडेंट प्रकरण से सम्पूर्ण चिकित्सक जगत सहित पूरा देश व्य​थित है। सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई वार्ता एवं सकारात्मक आश्वासन के बाद रेजीडेंट चिकित्सकों ने आईसीयू एवं आपातकालीन इकाई में सेवाएं देने पर सहमति दी। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने बताया कि रेजीडेंट चिकित्सकों की समस्याओं के निराकरण के लिए मेडिकल कॉलेज स्तर पर एक कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य या अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस कमेटी में रेजीडेन्ट डॉक्टर्स के प्रतिनिधि भी सम्मिलित होगें। यह कमेटी विभिन्न समस्याओं के निराकरण के सुझाव प्रस्तुत करेगी। सुझावों के आधार पर राज्य सरकार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।

Rajasthan will become self-reliant with Atal Groundwater Scheme: अटल भूजल योजना से राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर —भूजल मंत्री

भूजल मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थिति और भूजल की अत्यधिक कमी से जूझ रहा प्रदेश अटल भूजल योजना से जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास जल की उपलब्धता पर निर्भर करता है। नवीन उद्योगों की स्थापना भी जल की उपलब्धता वाले राज्यों में अधिक होती है। ‌उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की भूजल को लेकर नवीन नीतियों और कार्यों का ही परिणाम है कि अटल भूजल योजना में अब हमारा प्रदेश सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है। मंत्री ने अटल भूजल योजना के अंतर्गत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई जयपुर द्वारा राज्य कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुरा में आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री कन्हैयालाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 25 दिसंबर 2019 को प्रारंभ की गई अटल भूजल योजना वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में संचालित है। पूर्व प्रधानमंत्री का नदियों को आपस में जोड़ने का सपना राजस्थान के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की ड्रिप, स्प्रिंकलर आदि तकनीकों के माध्यम से पानी बचाया जा सकता है, साथ ही वर्षा जल को बचाने के लिए बेहतर प्रयास होने चाहिए, उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएं। भूजल मंत्री ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में पानी की सर्वाधिक कमी है। इस बार प्रदेश में अच्छी बारिश हुई, लेकिन वर्षा जल संचय के पर्याप्त प्रयास न होने से अधिकांश वर्षा जल व्यर्थ बह गया। उन्होंने कहा कि हमें वर्षा जल बचाने के सघन एवं सामूहिक प्रयास करने होंगे। भूजल का कम दोहन और अधिक रिचार्ज पर ध्यान देना होगा।

Electricity Bill —बिजली बिल में बढ़ा हुआ स्थाई चार्ज इसी माह से

प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बिल के जरीए लगेगा करंट। बढ़ा हुआ स्थाई चार्ज इसी माह से प्रभावी कर दिया है। फिक्स चार्ज में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जो आगामी बिल में जुड़कर आएगा। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने पिछले दिनों टैरिफ आदेश में सुओ मोटो स्थाई चार्ज में बढ़ोतरी की थी। आपको बतादें कि ऊर्जा मंत्री ने कुछ दिन पहले मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि, जनहित में बढ़ा हुआ फिक्सस चार्ज नहीं लगे, इसके लिए आयोग में याचिका लगाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। डिस्कॉम की याचिका में स्थाई चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं था। इस आदेश के तहत उपभोक्ता का बिजली बिल हर माह 20 से 55 रुपए बढ़ जाएगा। बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के चलते 50 यूनिट तक खपत पर बीपीएल उपभोक्ताओं से 100 रुपए की जगह बढ़ाकर 150 रुपए वसूल किए जाएंगे। जबकि 50 यूनिट तक खपत पर सामान्य उपभोक्ता से 125 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए वसूल होंगे। 150 यूनिट तक खपत पर फिक्स चार्ज 230 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए कर दिए गए हैं। 300 यूनिट तक खपत पर 275 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए किए गए हैं। इसी प्रकार 500 यूनिट तक खपत पर 345 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए और 500 यूनिट से अधिक की खपत पर 400 रुपए की जगह अब 450 रुपए फिक्स चार्ज वसूल किया जाएगा। ऐसे में इन बढ़ी हुई दरों का बीपीएल परिवारों पर भी आर्थिक भार बढ़ जाएगा।

NDDB will provide technical assistance in the operation of RCDF —आरसीडीएफ के संचालन में तकनीकी सहायता देगी एनडीडीबी

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राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड राजस्थान में विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में सहयोग के लिये आरसीडीएफ को तकनीकी सहायता देगा ताकि समय पर परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। आरसीडीएफ के कमजोर दुग्ध संघों को तकनीकी सहायता के साथ-साथ उनके द्वारा उत्पादित दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन में भी एनडीडीबी द्वारा आवश्यक सहयोग और सहायता दी जावेगी। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के कार्यालय में आरसीडीएफ की प्रशासक और प्रबन्ध संचालक डॉ. सुषमा अरोड़ा से मुलाकात के दौरान एनडीडीबी के चैयरमेन डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि प्रोडक्ट पैकेजिंग और एडवरटाईजिंग के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर भी जिला दुग्ध संघों को आवश्यक सहयोग मिलेगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी डेयरी की पहुॅच नहीं है, वहा दुग्ध संकलन को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरुप युद्व स्तर पर काम शुरु किया जावेगा। मुलाकात के दौरान राजस्थान के डेयरी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ-साथ एनडीडीबी और आरसीडीएफ द्वारा राजस्थान में संचालित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। डॉ. मीनेश शाह ने डॉ. अरोड़ा के नेतृत्व में आरसीडीएफ द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने राजस्थान के बजट में राज्य सरकार द्वारा डेयरी क्षेत्र में आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के लिये 220 करोड़ रुपये की घोषणा को अभूतपूर्व बताया और कहा कि यह प्रोजेक्ट राजस्थान के डेयरी विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।

campaign against adulteration —एसएमएस अस्पताल के बाहर फूड वेंडर्स का निरीक्षण, सड़े हुए फलों का बनाया जा रहा था ज्यूस

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर संचालित शुद्ध आहार—मिलावट पर वार अभियान के तहत सवाई मानसिंह अस्पताल के बाहर फूड वेंडर्स के यहां मंगलवार को निरीक्षण कार्यवाही की गई। खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री इकबाल खान के निर्देशन में चिकित्सा शिक्षा विभाग, एसएमएस अस्पताल प्रशासन, खाद्य सुरक्षा विभाग तथा नगर निगम ग्रेटर की विजिलेंस टीम द्वारा संयुक्त कार्यवाही की गई। अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा ने बताया कि कार्यवाही के दौरान एसएमएस हॉस्पिटल के बाहर लगे फूड वेंडर्स के फूड लाइसेंस आदि चेक किए गए, जिसमें गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जोया फ्रूट एवं जूस सेंटर द्वारा सड़े हुए फलों का रस बनाया जा रहा था। साथ ही फलों के रस में कृत्रिम रंग मिलाया जा रहा था। अन्य वेंडर्स के यहां भी यह अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही, वेंडर्स लाइसेंस के विपरीत जाकर सिगरेट, गुटका, तंबाकू आदि बेच रहे थे। नगर निगम द्वारा सड़क एवं फुटपाथ पर अतिक्रमण कर व्यवसाय करने पर सामान जब्त किया गया और चालान की कार्रवाई की गई। साथ ही, भविष्य में अतिक्रमण नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। उल्लेखनीय है कि एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्टाफ द्वारा यह अंदेशा व्यक्त किया गया था कि फुटपाथ पर कई लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर व्यवसाय किया जा रहा है। अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।

New houses for low income group in the state got approval —प्रदेश में कमजोर आय वर्ग के 12 हजार नवीन आवासों को मिली स्वीकृति

मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्यस्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति और अमृत 2.0 योजना को लेकर 8वीं स्टेट हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 12,554 नवीन आवासों की स्वीकृति दी गई। मुख्य सचिव ने अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 के तहत अब तक हुए कार्य की प्रगति रिपोर्ट को लेकर फीडबैक लिया। साथ ही आगे के प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग पर फोकस करने के भी निर्देश जारी किए। मुख्य सचिव ने सभी वाटर बाॅडीज को कार्ययोजना के तहत फिर से पुनर्जीवित करने को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन योजना को बेहतरीन ढंग से धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है और इससे जुड़े सभी प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए। राज्य की 74 शहरों की नगरीय निकायों से प्राप्त प्रस्तावों को कार्यशाला में स्वीकृत किया गया। जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को स्वयं का पक्का आवास निर्माण हेतु 1.75 लाख रुपए की अनुदान राशि मिलेगी। जिसमें से केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान राशि मिलेगी। साथ ही राज्य सरकार की ओर से 25 हजार रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। इस तरह कुल 219.69 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से अनुमोदित किए गए इन 12 हजार 554 आवासों को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। जहां भारत सरकार की CSMC बैठक में इन आवासों को अंतिम स्वीकृति मिलेगी। राज्य में इन-सीटू स्लम रि-डेवलपमेंट हेतु विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, विकास न्यासों के माध्यम से परियोजना की डीपीआर तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही प्रगतिरत परियोजनाओं में EWS के लाभार्थीयों का अधिकाधिक ऋण उपलब्ध करवाये जाने हेतु मुख्य प्रबधंक, SLBC को निर्देश प्रदान किये गये।

Election Commission of India —प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम—2025 आगाज

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों में नए नाम जोड़ने, संशोधन करने तथा विसंगतियां दूर करने के लिए बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने का कार्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कार्यक्रम— 2025 के तहत मंगलवार से शुरू हुआ। यह अभियान 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की उपस्थिति में मंगलवार को आयोग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई। इसमे आयोग ने एसएसआर-2025 कार्यक्रम की तैयारियों के बारे विस्तार से जानकारी दी। आभियान के दौरान मतदाता सूचियों और पहचान पत्रों (एपिक कार्ड) में त्रुटियों के संशोधन के साथ ही नए नाम जोड़े जाएंगे। इसमें नाम, पते और फोटो के आधार पर मतदाता सूचियों में दोहरी प्रविष्टियों को हटाया जाएगा। श्री महाजन ने अपील की है कि 1 जनवरी, 2025 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी युवा इस अवधि के दौरान वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से अपने नाम मतदाता के रूप में दर्ज करने के लिए आवेदन करें। वे घर-घर सर्वे के दौरान बीएलओ से भी सम्पर्क कर सकते हैं। आम मतदाता भी अपने पहचान-पत्र और सूची में विसंगति को दूर करवाने के लिए बीएलओ के माध्यम से आवेदन करें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आगामी निर्वाचनों को और अधिक सहभागी बनाने के उद्देश्य से युवाओं, महिलाओं, विशेष योग्यजन एवं थर्ड जेंडर की सुविधा के लिए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए अभियान की अवधि में विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। ऐसे युवा, जो वर्ष 2025 के दौरान 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर मतदाता की पात्रता हासिल करेंगे, वे मतदाता सूचियों में अपने नाम जुड़वाने के लिए अग्रिम आवेदन कर सकते है। इन नामों को पात्रता आयु प्राप्त करने की तिथि के अनुरूप संबंधित तिमाही के पहले दिन यानि एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर को मतदाता सूचियों में शामिल कर लिया जाएगा। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 18 अक्टूबर तक घर-घर सर्वे का कार्य होगा। इसके आधार पर मतदाता सूचियों के शुद्धीकरण के बाद 29 अक्टूबर को मतदाता सूचियों के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। इन प्रारूप सूचियों पर दावे और आपत्तियां 28 नवम्बर तक प्राप्त की जाएंगी। इनके आधार पर विसंगतियों को दूर करते हुए मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी, 2025 को होगा।

Kirori Lal Meena,s statement on creamy layer —क्रीमीलेयर पर किरोड़ीलाल मीणा बड़ा का बयान

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किरोड़ीलाल मीना ने क्रीमीलेयर के मामले में कहा कि देश में जिस तरह से व्यवहार चल रहा है। इसमें मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ हूं। उन्होने कहा मेरे गांव में एक व्यक्ति 30 साल से पहाड़ खोदकर, मजदूरी करके पेट पाल रहा है। उसका बेटा भी वही काम कर रहा है। वह मेरा पड़ोसी है, जबकि मैं डॉक्टर बन गया। कैबिनेट मंत्री बन गया, मेरा भाई अफसर बन गया। मेरा पड़ोसी अब तक कुछ नहीं बन पाया। इसलिए अब उसे भी मौका मिलना चाहिए।

Rajasthan Nagar Nikay Chunav:— प्रदेश के 11 जिलों में नगरीय निकायों के होगें चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने किया कार्यक्रम घोषित

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प्रदेश के 11 जिलों में राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान के नगरीय निकायों के विभिन्न रिक्त पदों पर उपचुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव संचिता बिश्नोई ने उपचुनाव की घोषण करते हुए दिशा निर्देश जारी किये हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कि घोषणा के अनुसार प्रदेश के 11 जिलों बारां, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, जालेर, गंगापुर सिटी, कोटा, श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ के कुल 12 नगर निकायों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के रिक्त पदों के लिए उपचुनाव होंगे। सदस्य के लिए मतदान 5 सितंबर, अध्यक्ष के लिए मतदान 17 सितंबर और उपाध्यक्ष के लिए मतदान 18 सितंबर को कराए जाएंगे। वहीं सदस्य पद के उपचुनाव के लिए मंगलवार को लोक सूचना जारी कर दी गई है। नामांकन पत्रों को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त, शनिवार प्रातः 10:30 बजे से अपराह्न 3 बजे तक है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 27 अगस्त को सुबह 10:30 बजे की जाएगी। वहीं 29 अगस्त, गुरुवार अपराह्न 3 बजे तक अभ्यर्थी अपना नाम वापस ले सकेंगे। चुनाव चिह्नों का आवंटन 30 अगस्त शुक्रवार को किया जाएगा। 5 सितंबर गुरुवार को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। और 6 सितंबर शुक्रवार को सुबह 9 से मतगणना होगी। कुछ इसी तरह अध्यक्षीय पदों के लिए नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि मंगलवार, 10 सितंबर सुबह 10:30 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक और बुधवार, 11 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी। गुरुवार 12 सितंबर अपराह्न 3:00 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी के बाद 12 सितंबर, गुरुवार को ही चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 17 सितंबर मंगलवार को सुबह 10:00 बजे से अपराह्न 2:00 तक होगा और मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।