हरियाणा में मेवात सामुदायिक दंगे को लेकर प्रशासन अर्लट, अलवर में लगी धारा 144

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जयपुर, 2 अगस्त। हरियाणा के नूह में शोभायात्रा को लेकर हुये बवाल से प्रशासन ने भरतपुर जिले में नेट बंद किया है और अलवर शहर के एक बड़े हिस्से में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अलवर शहर के कुछ हिस्सों में दंगाइयों ने दुकानों में तोड़ फोड़ की है।
अलवर जिला कलेक्टर पुखराज सेन व जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अलवर के 10 उपखंड क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी है।

हरियाण राज्य से लगती हुई सीमा के इलाके नोगावा और रामगढ़ में पुलिस ने मौके की स्थिति को देखते हुये भारी जाप्ता तैनात किया है। अलवर उपखंड प्रशासन ने रामगढ़, गोविंदगढ़, टपूकड़ा, तिजारा, अलवर, कठूमर लक्ष्मणगढ़, मालाखेड़ा, किशनगढ़ बास कोटकासिम शहरों को गंभीरता से लिया है। सीमा क्षेत्र से सटे गावों की सुरक्षा को लेकर स्थानिय प्रशासन ने वहां आरएसी कंपनी तैनात कर की है। वहीं भरतपुर जिले में भी भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया है। जानकारी के अनुसार मेवात से लगते हुये इलाके में पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा खुद गस्त पर रहे हैं।

15 अगस्त से 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को मिलेंगे निःशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट

जयपुर, 1 अगस्त। प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के भरण-पोषण के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2023 -24 के बजट में अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना के अंतर्गत 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को अन्नपूर्णा निःशुल्क फूड पैकेट का वितरण 15 अगस्त से प्रारम्भ होगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) से जुड़े परिवारों को यह फूड पैकेट निःशुल्क वितरित किए जाएंगे।

प्रत्येक पैकेट में एक किलो दाल, एक किलो चीनी, एक किलो नमक, एक लीटर खाद्य तेल,100 ग्राम मिर्ची पाउडर,100 ग्राम धनिया पाउडर और 50 ग्राम हल्दी पाउडर की सामग्री होगी। कॉनफैड, सहकारिता विभाग द्वारा सामग्री क्रय कर यह फूड पैकेट तैयार किए जाएंगे और उचित मूल्यों की दुकानों (एफपीएस) पर उपलब्ध कराए जाएंगे। एफपीएस शॉप्स (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग) के माध्यम से इनका वितरण किया जाएगा। योजना का पर्यवेक्षण सहकारिता विभाग द्वारा किया जाएगा।

40 लाख महिलाओं को 10 अगस्त से मिलेगा इंटरनेट सेवा युक्त निःशुल्क स्मार्टफोन

जयपुर, 1 अगस्त। मुख्यमंत्री ने चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखिया को इंटरनेट कनेक्टिविटी युक्त स्मार्टफोन उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। इसी क्रम में इंदिरा गांधी स्मार्टफोन योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को स्मार्टफोन एवं डाटा सिम वितरित करने के लिए 10 अगस्त से प्रदेशभर में जिला एवं ब्लॉक स्तर शिविर आयोजित किए जाएंगे।

योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में सरकारी विद्यालयों की कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत छात्रओं, सरकारी उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत छात्रओें, विधवा अथवा एकल नारी पेंशन प्राप्त महिला, मनरेगा में 100 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले एवं इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना में 50 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों की 40 लाख महिला मुखियाओं को लाभान्वित किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा लाभाथ के ई-वलेट में 6,125 रुपये मोबाइल फोन के लिये तथा 675 रुपये सिम कार्ड मय इंटरनेट डाटा प्लान के लिये हस्तांतरित किये जायेंगे। आगामी 2 व6ाोर्ं में इंटरनेट के लिए प्रति वर्ष 900 रुपये भी हस्तांतरित किये जायेंगे।

5 अगस्त से राजीव गांधी शहरी एवं ग्रामीण ओलम्पिक खेलो का होगा शुभारंभ

जयपुर, 1 अगस्त। प्रदेश में 5 अगस्त से शुरु होने जा रहे राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलम्पिक खेलों के प्रति खिलाड़ियों का जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खिलाड़ी इस आयोजन की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं।

हिट राजस्थान, फिट राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए आयोजित किये जा रहे इन खेलों में रिकॉर्ड 58 लाख 50 हजार खिलाड़ियों ने पंजीकरण करवाया है, जिनमें 24 लाख 46 हजार महिलाएं हैं। इसमें से ग्रामीण ओलम्पिक खेलों में 46 लाख 12 हजार एवं शहरी ओलम्पिक खेलों में 12 लाख 38 हजार खिलाड़ी शामिल है। इन खेलों के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त बजट एवं संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। राज्य सरकार की इस पहल को देश-विदेश में भरपूर सराहना मिली है। दूसरे राज्यों ने इस पहल का अनुकरण भी किया है।

निःशुल्क कोचिंग आवेदन अब 15 अगस्त तक

जयपुर, 2 अगस्त। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना हेतु वर्ष 2023-24 के द्वितीय चरण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 दिवस और बढ़ा दी गई है। अब आवेदक 15 अगस्त 2023 तक आवेदन कर सकते है।

श्री जूली ने बताया कि पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी। अभ्यर्थियों द्वारा अंतिम तिथि तक आवेदन नहीं करा पाए जाने के कारण आवेदन की अंतिम तिथि को 15 दिवस और बढ़ाया गया है। अब अभ्यर्थी 15 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2023-24 के प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन कर चुके अभ्यर्थी जो प्रथम चरण की मेरिट में वंचित रह गए हैं, उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पात्र अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल द्वारा SJMS SMS APP पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सरकार का सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग फेल, रुपयों में छपवानी पड़ रही है, बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ती

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जयपुर 27 जुलाई। प्रदेश में सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार प्रसार का जिम्मा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग का होता है। इसके लिये विभाग ने तगड़ा तामझाम भी कर रखा है। लेकिन शायद सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रचार प्रसार के लिये खरा नहीं उतरा, इसलिये विभाग को रुपये देकर अखबारों में बजट घोषणा की प्रेस विज्ञप्ति छपवानी पड़ रही है।

मामला मुख्यमंत्री बजट घोषणा का है। मुख्यमंत्री ने 2021-22 के बजट में अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना की घोषण की थी। इस योजना को वर्ष 2023-24 में संचालन करने के लिये सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने एक विज्ञप्ति जारी की। लेकिन प्रेस विज्ञप्ति को अखबारों में छपवाने के लिये विभाग को रुपये खर्च करने पड़े। रुपये देकर प्रेस विज्ञप्ति छपवाने में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का भरपूर सहयोग किया और DIPR/C/-/2023 क्रमांक से अखबारों में छपने के लिये जारी कर दिया।

गौरतलब है कि सरकार के सभी विभागों में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी नियुक्त है। इन अधिकारियों का कार्य हि संबंधित विभाग के प्रचार प्रसार का होता है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग मुख्यमंत्री सहित सभी विभागों की प्रेस विज्ञप्ति जारी करता जो बिना किसी शुल्क और रुपयों के अखबारों में छापी जाती है। ऐसे में यदि विभागों को रुपयों में प्रेस विज्ञप्ति छपवानी पड़ती है तो ये सरकार और विभागों के लिये शर्म की बात तो है ही साथ में मानननीय मुख्यमंत्री के अधिनस्थ सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के लिये गहरे दाग भी है।

युवा उद्यमियों के लिये एक महत्वपूर्ण जानकारी

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पी एन शर्मा
महाप्रबंधक
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र जयपुर ग्रामीण

जयपुर, 26 जुलाई। एक बार एक्टिविटी चुनने के बाद दूसरा महत्वपूर्ण कार्य है, पूंजी जुटाना। इस समय राज्य में छोटा उपक्रम लगाने के लिए पूंजी जुटाने हेतु चल रही ऋण योजनाओं से काफी सहायता मिल रही है बल्कि यूं कह सकते हैं कि ऐसा दौर पहले कभी आया ही नहीं, जब इतनी अच्छी ऋण योजनाएं राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा नए उद्यमियों हेतु प्रारंभ की गई हों।

वर्तमान में प्रचलित ऋण योजनाओं का संक्षेप में वर्णन निम्नानुसार है-

प्रथम- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम – यह काफी लंबे समय से चल रही लोकप्रिय ऋण योजना है, जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष में ऋण राशि भी निर्माण कार्य हेतु 50 लाख और सेवा कार्य हेतु 20 लाख कर दी गई थी। 15 से 25ः कैपिटल अनुदान वाली यह योजना काफी लोकप्रिय है और इसमें कोई आय अथवा अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं है। अभी भी यह योजना चालू है, जिसका लाभ लिया जा सकता है।

द्वितीय- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना – इस योजना में विनिर्माण व सेवा हेतु अधिकतम 10 करोड तथा व्यापार हेतु अधिकतम एक करोड़ रुपए तक के ऋण का प्रावधान है, जिस पर 5 से 8ः ब्याज अनुदान मिलता है। 25 लाख रुपए से अधिक के ऋण हेतु कुछ लक्ष्यों की सीमितता है लेकिन 25 लाख रुपए तक के ऋण हेतु अभी भी सबसे श्रेष्ठ योजना है।

तृतीय- मुख्यमंत्री युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना – यह योजना लगभग 1 माह पूर्व ही लागू हुई है और 31 मार्च 2024 तक लागू है। 35 वर्ष तक का युवा व्यक्ति प्रोपराइटरशिप में यदि कोई छोटा नया उपक्रम स्थापित करता है तो इसमें ब्याज अनुदान के साथ-साथ मार्जिन अनुदान अनुदान भी दिया जा रहा है। एक करोड़ रुपए से कम ऋण की वर्तमान में यह सबसे अच्छी योजना है।

चतुथ- भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजनारू एससी एसटी के उद्यमियों द्वारा ₹10 करोड रूपए तक के प्रोजेक्ट स्थापना हेतु इससे अच्छी योजना पूरे भारतवर्ष में नहीं है। इस योजना में 25ः मार्जिन मनी अनुदान के साथ-साथ 6 से 9ः ब्याज अनुदान देय है।

पंचम- राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2022रू इस योजना में विनिर्माण क्षेत्र में प्लांट और मशीनरी हेतु दिए गए ₹1 करोड रूपए से 50 करोड तक के टर्म लोन पर ब्याज अनुदान देय हैं। साथ में अन्य लाभ भी मिलते हैं।

साथियों, हमारे सामाजिक सर्किल में परिवारजन, मित्र, रिश्तेदार व समाज के लोगों में कोई न कोई युवा बच्चा बच्ची या अन्य कोई व्यक्ति नया उपक्रम लगाने अथवा पहले से चल रहे उपक्रम के विस्तार हेतु पूंजी की समस्या का सामना कर रहा है। इन योजनाओं का सहारा लेकर हजारों आशार्थी आगे बढ़ रहे हैं। अपने प्रयास करने से हमारे साथियों को भी मदद मिल सकती है। कृपया इस बारे में जरूर सकारात्मक रूप से सोचें।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के ऋण आवेदन हेतु अनुजा निगम का ऑनलाइन पोर्टल प्रारम्भ

’वित्तीय वर्ष 2023-24 के ऋण आवेदन हेतु अनुजा निगम का ऑनलाइन पोर्टल प्रारम्भ’ ’सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने किया शुभारम्भ’ ’अब ऋण स्वीकृति हेतु सरकारी कार्मिकों की गारंटी की नहीं होगी आवश्यकता’

जयपुर, 26 जुलाई।’ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने मंगलवार को यहॉं नेहरू सहकार भवन स्थित सभागार में राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड (अनुजा निगम) के वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ऋण आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने हेतु पोर्टल का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि ऋण के लिए अब सरकारी कार्मिकों की गारंटी की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने इस सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पोर्टल पर जरूरतमंद व्यक्तियों को 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का ऋण स्वीकृत किया जाता है। निगम द्वारा 12 हजार से अधिक व्यक्तियों को लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आज से वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी, विशेष योग्यजन एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्ति ऋण हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। पोर्टल पर अब सारा डाटा जनाधार से फेच किया जाता है।

श्री जूली ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने से पारदर्शिता आएगी। आज सूचना तकनीक के युग में वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग को पेंशन, छात्रवृति आदि सुविधाएं सीधे उनके खाते मेें मिल रही है। राज्य सरकार लगभग 94 लाख पेंशनर्स को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दे रही है और ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से महज 2 मिनट में पेंशन स्वीकृत हो रही है।

आरयूएचएस के तहत संचालित नर्सिंग कॉलेज में 60 नवीन पद सृजित

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जयपुर, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) के अंतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेज में 60 नवीन पद सृजित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।

श्री गहलोत की इस स्वीकृति से शैक्षणिक पदों में प्रिंसिपल कम प्रोफेसर, वाइस प्रिंसिपल कम प्रोफेसर का एक-एक पद, प्रोफेसर के 2, एसोसिएट प्रोफेसर के 5, असिस्टेंट प्रोफेसर के 9 और नर्सिंग ट्यूटर के 28 पद सृजित होंगे। वहीं, सहायक अनुभागाधिकारी, हॉस्टल वार्डन, वरिष्ठ सहायक व कनिष्ठ सहायक के 2-2, निजी सहायक, सहायक लेखाधिकारी ग्रेड-2 व लाइब्रेरियन के 1-1 तथा सहायक कर्मचारी के 3 पदों का सृजन किया जाएगा।

प्री-प्राइमरी क्लासेज‘ के लिए शीघ्र मिलेंगे एनटीटी टीचर्स

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स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव ने वीसी से की प्रगति की समीक्षा- प्रदेशभर के 12 हजार से अधिक शिक्षा अधिकारियों से किया सीधा संवाद, एमजीजीएस में ‘प्री-प्राइमरी क्लासेज‘ के लिए शीघ्र मिलेंगे एनटीटी टीचर्स, 27-28 जुलाई को काउंसलिंग से 4,880 शिक्षकों को होंगे स्कूल आवंटित

जयपुर, 26 जुलाई। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल (एमजीजीएस) में संचालित एक हजार से अधिक बाल वाटिकाओं (प्री-प्राईमरी क्लासेज) में एनटीटी टीचर्स की शीघ्र नियुक्ति की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा रहा है। एनटीटी टीचर्स को तत्परता से जिला आवंटन कर उन्हें बाल वाटिकाओं में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों को पढ़ाने का दायित्व सौंपा जाएगा। शासन सचिव नवीन जैन की अध्यक्षता में मंगलवार को जयपुर में शिक्षा संकुल से प्रदेशभर के 12 हजार से अधिक शिक्षा अधिकारियों की वीसी (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के माध्यम से आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई।

श्री जैन ने बैठक में पीईईओ (पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी) से लेकर ब्लॉक, जिला, सम्भाग और राज्य स्तरीय अधिकारियों से विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की प्रगति के बारे में सीधे संवाद करते हुए ‘एमजीजीएस‘ की ‘ब्रांड वैल्यू‘ में निरंतर बढ़ोतरी करने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 2700 से अधिक एमजीजीएस का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा 700 से ज्यादा नए इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्वीकृति और जारी की जा चुकी है। इन स्कूलों में संविदा भर्ती के तहत 4 हजार 880 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जिला आवंटन की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। आगामी 27-28 जुलाई को काउंसलिंग के जरिए इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित कर दिए जाएंगे, इसके बाद इनको 12 अगस्त तक सम्बंधित एमजीजीएस में ज्वाइन करना होगा। इसके अलावा 10 अगस्त को विभाग के टीचर्स का टेस्ट आयोजित होगा, जिसके आधार पर उनकी एमजीजीएस में नियुक्ति के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे।

शाला सम्बलन एप के अपडेटेड वर्जन से होगा प्रभावी निरीक्षण-

शासन सचिव ने कहा कि गत दिनों जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में स्कूलों के निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आए सुझावों को शामिल करते हुए ‘शाला सम्बलन एप‘ का अपग्रेडेड वर्जन आगामी 15 दिनों में जारी कर दिया जाएगा। सभी अधिकारियों को निरीक्षण के लिए उन्हें आवंटित स्कूलों के साथ ही रेंडम आधार पर अन्य विद्यालयों और मिड डे मील गतिविधियों के निरीक्षण के लिए अंक देते हुए समग्र मूल्यांकन होगा। ंइससे अधिकारियों को स्कूल निरीक्षण के लिए आवंटित टास्क की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी होगी, जो अधिकारी निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार निरीक्षण नहीं करेंगे, उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने स्कूल निरीक्षण के मौके पर ‘एप‘ के जरिए शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति का डाटा फीड करने के साथ ही शाला संचालन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण घटकों का बारीकी से जायजा लेने के निर्देश दिए।

नो बैग डे की गतिविधियों का कैलेंडर

शासन सचिव ने बताया कि सभी स्कूलों में ‘नो बैग डे‘ के तहत शनिवार को संविधान की उद्देश्यिका और मूल कर्तव्यों के पठन, ‘सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित राजस्थान‘ (गुड टच-बैड टच), तम्बाकू से बचाव, सड़क सुरक्षा और बी-स्मार्ट जैसी गतिविधियों को शामिल करते हुए विस्तृत एवं कैलेंडर आगामी दिनों में जारी किया जाएगा। उन्होंने आगामी दिनों में प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में ‘मेरी लाइफ-मैसिव ट्री प्लांटेशन ड्राइव‘ के तहत विद्यार्थियों के सक्रिय योगदान से अधिक से अधिक पौधे लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें ‘इको क्लब‘ की एक्टिीविज को जोड़े। छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए पौधों पर उनके नाम की पट्टिका लगाते हुए उन्हें अपने पौधे की देखरेख की जिम्मेदारी वहन करने के लिए प्रेरित करे। बैठक में बताया गया कि इस अभियान के तहत राज्य की स्कूलों में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए वन विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित नर्सरीज से रियायती दर पर पौधे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री बाल गोपाल योजना एवं मिड डे मील गतिविधियों के सघन निरीक्षण, शाला दर्पण पोर्टल पर प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत नामांकन डाटा के अपडेशन, छात्रवृति योजनाएं और समग्र शिक्षा की गतिविधियों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

स्कॉलरशिप मॉड्यूल अब ऑटो मोड पर-

शिक्षा निदेशक कानाराम ने बैठक में बताया कि स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करते हुए सिस्टम में सुधार के लिए कई इनिशिएटिव लागू किए जा रहे हैं। स्कॉलरशिप मॉड्यूल में बदलावों के बाद यह अब ऑटो मोड पर कार्य कर रहा है। वीसी से विशिष्ट शासन सचिव श्रीमती चित्रा गुप्ता, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला के अलावा राज्य स्तर पर संयुक्त शासन सचिव एवं उप शासन सचिव, अतिरिक्त परियोजना निदेशक, उपायुक्त, अतिरिक्त निदेशक, सम्भाग स्तर से समस्त संयुक्त निदेशक, बीकानेर से शिक्षा निदेशालय के अधिकारी, जिलों से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं प्रारम्भिक, ब्लॉक स्तर से सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समस्त पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी और सभी शहरी संकुल प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी जुड़े।