Rajasthan News: पुलिस मुख्यालय में विशेष बैठक— पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा पर हुई चर्चा

राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा के पुख्ता प्रबंधों को सुनिश्चित करने और पर्यटकों की यात्रा को सरल व सुगम बनाने की दृष्टि से गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में गुरूवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस व पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए पुलिस, प्रशासन व पर्यटन विभाग में समन्वय स्थापित करते हुए पर्यटकों की सुविधाओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। श्री शर्मा ने बैठक में राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पर्यटन स्थलों पर स्थापित पर्यटक सहायता बल (टीएएफ) को और सुदृढ़ करने, पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाने और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अपेक्षित पुलिस बल लगाने और इन्हें उचित प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने हाल ही में पर्यटन विकास के लिए बजट में दी गई स्वीकृति पर कार्ययोजना तैयार करने व पर्यटन स्थलों पर विशेष त्यौहारों, मेलों के साथ—साथ सामयिक आयोजनों में भी पर्यटन विभाग की उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य भर के विभिन्न धार्मिक पर्यटन स्थलों यथा खाटू श्यामजी, मेहंदीपुर बालाजी, सालासर बालाजी, रामदेवरा, गोगामेड़ी, पुष्करजी, श्रीनाथद्वारा, सांवरियाजी आदि में कुशल प्रबंधन के लिए देवस्थान, पुलिस व प्रशासन मिलकर कार्य करें और पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए उचित व्यवस्थाएं करें।
बैठक में डीजी (ट्रेफिक) अनिल पालीवाल ने पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं के साथ—साथ विभिन्न दूतावासों से संपर्क कर पर्यटन आमंत्रण की बात कही। आईजी अजयपाल लांबा ने डीजी—आईजी कांफ्रेंस में माननीय प्रधानमंत्री महोदय द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्य के पर्यटन स्थलों पर अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों को नियोजित करने, एक ही स्थान पर समस्त सरकारी कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पर्यटन स्थलों पर अधिकाधिक सीसीटीवी कवरेज करने, पांच डेस्टिनेशन जहां सबसे ज्यादा ट्यूरिस्ट आते हैं वहां पर्यटन थाना बनाने, ट्यूरिज्म के नेशनल पोर्टल पर राज्यों के पोर्टल को लिंक करने आदि के सुझावों की जानकारी दी।
बैठक के आरंभ में पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड ने पर्यटन स्थलों की वर्तमान स्थिति और यहां पर विभाग द्वारा पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए विभाग द्वारा तैयार की गई प्रचार सामग्री, बूथ डिजाइन, प्रशिक्षण इत्यादि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत बैठक की अनुपालना में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में टीएएफ और पुलिस समन्वय के लिए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट को अपनी रूटिन पेट्रोलिंग दौरान टूरिस्ट साइट को भी कवर करने के लिए कहा गया है।
पर्यटकों को मिले सभी बेहतर सुविधाएं—
डीजीपी श्री शर्मा ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप आमेर की केस स्टडी में आई अपेक्षाओं को समस्त पर्यटक स्थलों पर लागू करने की बात कही। उन्होंने सभी पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण और आवागमन हेतु व्यवस्थित सड़क सुविधा के साथ-साथ पर्यटकों के लिए अपेक्षित सूचनाओं की उपलब्धता के संबंध में उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के साथ-साथ रेल्वे स्टेशन, हवाई अड्डा और अन्य स्थानों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक सहायता बूथ स्थापित हो जहां पर पर्यटक किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संपर्क कर सकें। उन्होंने इस बूथ पर रोडमेप व समस्त सूचनाओं युक्त क्यूआर कोड व हेल्पलाईन नंबर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अलग-अलग देशों से आने वाले पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी देने वाले विभिन्न भाषा वाले साईन बोर्ड लगाने के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का कोर्स करने वाले युवक-युवतियों को बतौर लेग्वेज एक्सपर्ट्स नियुक्त करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने पर्यटकों की आकस्मिक चिकित्सा के लिए व्यवस्था भी उपलब्ध कराने व महिला पुलिसकार्मिकों व गाईड उपलब्ध कराने की बात कही।

Jaipur News: मानसरोवर में पानी पीने के बहाने घर घुस गले से झपटी सोने की चेन

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राजस्थान की राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले पॉश इलाके शिप्रापथ (मानसरोवर) में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक शातिर बदमाश ने प्यास का बहाना बनाकर एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को अपनी ठगी और लूट का शिकार बनाया। बदमाश ने बुजुर्ग महिला की ममता और सेवा भाव का फायदा उठाते हुए उनके गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गया। मदद के बहाने विश्वासघात- पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानसरोवर निवासी हरेश कुमार अग्निहोत्री ने शिप्रापथ थाने में इस संबंध में मामला दर्ज करवाया है। घटना 10 फरवरी की शाम करीब 4 बजे की है। उस समय हरेश की 90 वर्षीय वयोवृद्ध मां गंगा देवी घर पर अकेली थीं। तभी एक अज्ञात व्यक्ति कार में सवार होकर उनके गेट पर रुका। उसने बेहद शालीनता और विनम्रता का ढोंग करते हुए बुजुर्ग महिला से पीने के लिए पानी मांगा। पलक झपकते ही वारदात और फरार- 90 साल की गंगा देवी ने मानवता के नाते अनजान व्यक्ति की मदद करने का फैसला किया। जैसे ही वह घर के अंदर से पानी लेकर बाहर गेट तक आईं, बदमाश ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। पानी का गिलास पकड़ने के बजाय बदमाश ने झपट्टा मारकर बुजुर्ग महिला के गले पर हमला किया और सोने की चेन तोड़ ली। अचानक हुए इस हमले से बुजुर्ग महिला हक्की-बक्की रह गईं। जब तक उन्होंने शोर मचाया और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ते, तब तक शातिर बदमाश अपनी कार में सवार होकर तेज रफ्तार के साथ रफूचक्कर हो गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई और सीसीटीवी (CCTV) जांच- घटना की सूचना मिलते ही शिप्रापथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को गहनता से खंगाला जा रहा है।

BAJAT 2026-27: ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करने वाला है बजट -मुख्यमंत्री

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट को ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए इसे 8 करोड़ प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। विकसित भारत के विजन को गति- मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बजट का मुख्य ध्येय तेज आर्थिक विकास, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को चरितार्थ करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह बजट केवल वित्तीय आवंटन का ब्योरा नहीं, बल्कि प्रदेश की उन्नति के प्रति सरकार के कर्तव्यों का जीवंत दस्तावेज है। अंत्योदय और समावेशी विकास पर जोर- विशेष रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रस्तुत इस बजट को मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, किसान कल्याण और वंचितों की सेवा को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति यानी ‘अंत्योदय’ के कल्याण को प्राथमिकता दी है। शिक्षा, चिकित्सा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बजट में किए गए भारी प्रावधान राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। बजट के आकार में भारी बढ़ोतरी- मुख्यमंत्री ने बजट के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट का कुल आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा पूर्ववर्ती सरकार के वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और विकास के प्रति सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाती है। बुनियादी ढांचे का कायाकल्प- बजट में आधारभूत संरचना (Infrastructure) के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सड़कों के जाल, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और निवेश अनुकूल नीतियों से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने इस बजट को राज्य की खुशहाली का रोडमैप बताते हुए कहा कि उनकी सरकार राजस्थान को देश के सबसे अग्रणी और समृद्ध राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बजट आगामी वर्षों में प्रदेश की प्रगति की नई इबारत लिखेगा।

BAJAT 2026-27: बोर बजट और बोर प्रस्तुतिकरण :-फाइलों में दफन विज़न और ‘प्रेस नोट’ बन गया राजस्थान का बजट

-महेश झालानी वरिष्ठ पत्रकार राजस्थान की विधानसभा में आज जो वित्तीय लेखा-जोखा पेश हुआ, वह केवल आंकड़ों का मायाजाल था, जिसमें न तो राज्य की चुनौतियों से लड़ने की ‘धार’ थी और न ही भविष्य को संवारने का कोई ‘विज़न’। वित्त मंत्री दिया कुमारी का बजट भाषण सुनकर ऐसा महसूस हुआ मानो वे राज्य की तकदीर नहीं, बल्कि सचिवालय के गलियारों में अफसरों द्वारा तैयार किया गया एक ‘नीरस प्रेस नोट’ पढ़ रही हों। बजट का यह स्वरूप बताता है कि जब सत्ता का अनुभवहीन नेतृत्व पूरी तरह ‘अफ़सरशाही’ के रहम-ओ-करम पर निर्भर हो जाता है, तो नतीजे कितने सतही हो सकते हैं। ​अफ़सरशाही का वर्चस्व, नेतृत्व का सरेंडर ​। बजट के पन्नों को पलटें तो स्पष्ट दिखता है कि वित्त सचिव वैभव गैलेरिया और उनकी टीम ने इसे एक ‘बैलेंस शीट’ की तरह तैयार किया है, जिसमें मानवीय संवेदनाओं और जनता की चीखों के लिए कोई जगह नहीं है। वित्त मंत्री के प्रस्तुतिकरण में वह आत्मविश्वास और राजनीतिक पकड़ पूरी तरह नदारद रही, जो कभी वसुंधरा राजे के भाषणों की पहचान हुआ करती थी। मार्गदर्शन के अभाव में बजट का यह जहाज बिना किसी पतवार के कागजी समंदर में हिचकोले खाता नजर आया। यदि अनुभव के लिए शांति धारीवाल जैसे नेताओं के विकासवादी मॉडल को ही खंगाल लिया जाता, तो शायद राजस्थान को ‘ठहराव’ के बजाय ‘रफ़्तार’ मिलती। ​अंधेरे में मध्यम वर्ग और उपेक्षित पत्रकारिता- ​बजट में गृह निर्माण सहकारी समितियों में व्याप्त गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर जो चुप्पी साधी गई है, वह संदेह पैदा करती है। क्या सरकार इन भू-माफियाओं के रसूख के आगे बेबस है? एक तरफ आम आदमी अपने खून-पसीने की कमाई इन समितियों में फंसाए बैठा है, और दूसरी तरफ बजट में उन्हें इस ‘सिस्टम’ से निजात दिलाने का कोई जिक्र तक नहीं है। यही हाल पत्रकारों का रहा, जिन्हें लोकतंत्र का प्रहरी बताने वाली सरकार ने पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया। ​बजट में उन मुद्दों पर कोई ‘रोडमैप’ नहीं दिखा जो आम जनजीवन को प्रभावित करते हैं । बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए बजट में कोई कठोर वित्तीय प्रावधान या आधुनिक पुलिसिंग का ढांचा नहीं दिखा। सरकारी अस्पतालों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नाम पर केवल पुरानी योजनाओं की जुगाली की गई। मरीजों की बढ़ती भीड़ और सुविधाओं के अभाव पर बजट पूरी तरह मौन रहा। शहरों में ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई दूरदर्शी नीति न होना यह बताता है कि सरकार जमीनी हकीकत से कितनी दूर है। कुल मिलाकर, यह बजट न तो बेरोजगारों के काम आया, न महिलाओं को सुरक्षा का अहसास दिला पाया और न ही दिव्यांगों को संबल दे सका। यह केवल अनावश्यक खर्चों को ढोने वाला एक पारंपरिक दस्तावेज बनकर रह गया। जब किसी प्रदेश के बजट में ‘विजन’ की जगह ‘वैक्यूम’ (शून्यता) पैदा हो जाए, तो समझ लेना चाहिए कि शासन की कमान अनुभवी हाथों के बजाय फाइलों में उलझे अफसरों के पास चली गई है। राजस्थान को इस वक्त एक ‘स्टेट्समैन’ की जरूरत थी, लेकिन उसे मिला केवल एक ‘प्रेस नोट’।

Jaipur News:13 फरवरी को होगा जिला स्तरीय आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन का आयोजन 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार पंच गौरव योजना के अंतर्गत एक जिला–एक उपज आंवला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जयपुर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न गति​विधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 13 फरवरी को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में जिला स्तरीय आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशों की अनुपालना में आयोजित होने वाले सम्मेलन में जयपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 700 से अधिक आंवला उत्पादक किसान, क्रेता, व्यापारी, एफपीओ एवं उद्यमी भाग लेंगे। कार्यक्रम की विशेषता के रूप में जयपुर जिले की सभी पंच गौरव उपजों की पृथक-पृथक स्टॉल लगाई जाएंगी, जिनके माध्यम से किसानों द्वारा उत्पादित स्थानीय विशिष्ट कृषि उपज, उनके मूल्यवर्धित उत्पादों तथा पारंपरिक विशेषताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने के साथ-साथ विपणन के नए अवसर सृजित होंगे।
उद्यानिकी विभाग के उपनिदेशक हरलाल सिंह बिजारनियां ने बताया कि जिला स्तरीय आंवला क्रेता–विक्रेता सम्मेलन में आंवला से निर्मित विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे मुरब्बा, कैंडी, जूस, चूर्ण एवं औषधीय उत्पादों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उद्यानिकी विभाग द्वारा आधुनिक कृषि उपकरणों, प्रसंस्करण तकनीकों, पैकेजिंग एवं भंडारण से संबंधित नवाचारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सभी प्रदर्शनियां SIAM ऑडिटोरियम परिसर के बाहर आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को आंवला उत्पादन, गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग एवं विपणन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। यह आयोजन जिले में पंच गौरव उपजों के संरक्षण, संवर्धन एवं बाजार विस्तार के साथ-साथ किसानों की आय वृद्धि और कृषि आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

Rajasthan News: प्रदेश में सुदृढ़ होंगी अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रियाएं, लाइव पोर्टल से जुड़ेंगे सभी अस्पताल

प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रक्रिया को पूरी तरह आॅनलाइन संचालित किया जाएगा। इसके लिए नव विकसित लाइव पोर्टल जल्द शुरू किया जाएगा।  अंगदान एवं प्रत्यारोपण करने वाले सभी अस्पतालों को इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि अंगदान एवं प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और सभी जानकारियां इस पर उपलब्ध हों। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण जीवन रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रदेश में इससे जुड़ी सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मानक प्रक्रियाओं को पूरी तरह आॅनलाइन करने के साथ ही विजिलेंस सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जाएगा। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण के कार्यों के लिए निदेशालय स्तर पर गठित प्रकोष्ठ को और सुदृढ़ किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी अस्पतालों में अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रियाएं एसओपी के अनुरूप हों और उन अस्पतालों में इन कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो। साथ ही,सभी महत्वपूर्ण जानकारियां पोर्टल पर अपडेट हों।

सीएचसी स्तर तक स्वास्थ्यकर्मियों को किया जाए प्रशिक्षित—

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए मेडिकल कॉलेज से लेकर ट्रोमा सेंटर एवं सीएचसी स्तर तक स्वास्थ्यकर्मियों एवं एम्बुलेंसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। साथ ही, आमजन एवं स्वास्थ्यकर्मियों में इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार—प्रसार किया जाए।

जनसमस्या निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें—

प्रमुख शासन सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जनसुनवाई, सम्पर्क पोर्टल, 181 हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री कार्यालय या अन्य माध्यमों से प्राप्त परिवेदनाओं का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही, शिकायतकर्ता से बात कर समस्या समाधान का फीडबैक भी प्राप्त करें। उन्होंने ग्रिवांस रिडरेसल सिस्टम को मजबूत बनाने और इसके लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाने पर भी बल दिया।

बेहतर सर्विस डिलीवरी पर करें फोकस—

श्रीमती राठौड़ ने कहा कि अधिकारी स्वयं के स्टाफ की समस्याओं का भी समय पर निस्तारण कर उन्हें राहत प्रदान करें। कार्यालय परिसर में साफ—सफाई, रंग—रोगन एवं नियमित मेंटीनेंस के कार्यों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कार्मिक बेहतर सर्विस डिलीवरी पर फोकस करते हुए आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों का पूरा लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

बैठक में राष्ट्र्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला, राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश गोयल, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Rajasthan News: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार से

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी से राज्यभर में प्रारंभ होंगी। इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में कुल 19 लाख 90 हजार 57 विद्यार्थी पंजीकृत किए गए हैं। परीक्षाओं का आयोजन प्रदेशभर में 6 हजार 194 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस वर्ष सेकेंडरी परीक्षा में 10 लाख 68 हजार 109, सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में 9 लाख 10 हजार 9, प्रवेशिका में 7 हजार 817 तथा वरिष्ठ उपाध्याय वर्ग में 4 हजार 122 विद्यार्थी पंजीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। नकल रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानीउड़नदस्तों की तैनाती एवं विशेष दलों की नियुक्ति की गई है। इस साल जिलों में अभय कमांड सेन्टर से भी परीक्षाओं की मॉनिटरिंग की जाएगी।

     बोर्ड सचिव ने परीक्षार्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने तथा बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करने की अपील की है। परीक्षाओं के सफल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी आयोजन के लिए शिक्षक, केंद्राध्यक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

Veterinary Officer Recruitment-2025, परीक्षा 19 अप्रैल को, भर्ती में न्यूनतम अंकों का प्रावधान नहीं

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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारी के 1100 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षा में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में उपजे भ्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उक्त परीक्षा का आयोजन 19 अप्रैल 2026 को किया जाना प्रस्तावित है।
न्यूनतम उत्तीर्णांक का प्रावधान नहीं—
आयोग सचिव ने बताया कि राजस्थान पशुपालन सेवा नियम, 1963 के दिनांक 23 मई 2022 को संशोधित नियम ’19’, के क्रम में साक्षात्कार द्वारा सीधी भर्ती के स्थान पर भर्ती को प्रतियोगी परीक्षा से किया गया है। इस संशोधित सेवा नियम में न्यूनतम प्राप्तांक के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है।
परीक्षा स्कीम—
कुल प्रश्न: 150 (बहुविकल्पीय)
कुल अंक: 150
समय: 2 घंटे 30 मिनट
नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काटा जाएगा।
परीक्षा दो भागों में होगी:—
भाग-ए: राजस्थान का सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न, 40 अंक)
भाग-बी: संबंधित विषय (110 प्रश्न, 110 अंक)
फर्जी सूचनाओं से रहें सावधान—
इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही एक कथित अपील निर्णय क्रमांक एफ.23(163) दिनांक 15 नवंबर 2025 पूरी तरह फर्जी है। इस भ्रामक सूचना को फैलाने वालों के खिलाफ अलग से कानूनी कार्यवाही की जा रही है। अभ्यर्थी केवल आयोग द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी  सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

Rajasthan News: प्रदेश के हर जिले में होगा आर्द्रभूमि संरक्षण एवं प्रबंधन– रामसर स्थल सिलिसेढ़ बनेगा मॉडल

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राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की तकनीकी समिति की बैठक मंगलवार को सचिवालय में शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग विजय एन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध रूप से कम से कम एक आर्द्रभूमि विकसित की जाए। उन्होंने इसके लिए जिला-वार आर्द्रभूमियों की सूची तैयार कर उनका डिजिटलीकरण, नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि अलवर जिला स्थित सिलिसेढ़ झील को आदर्श आर्द्रभूमि (मॉडल वैटलैण्ड) के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इस कार्य को मूर्त रूप देने के लिए स्थानीय प्रशासन, वन एवं पर्यावरण विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  एवं पशुपालन विभाग आपसी सहभागिता से कार्य करने के लिए कहा। शासन सचिव ने कहा कि सिलिसेढ़ झील के विकास से प्रदेश की अन्य आर्द्रभूमियों के संरक्षण और प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से पर्यटन दबाव, जलग्रहण क्षेत्र का क्षरण, गाद जमाव, पारिस्थितिकी संतुलन को नुकसान पहुंचाने वाली प्रजातियों के प्रबंधन तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी चुनौतियों पर चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किये। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उन्होंने प्रत्येक जिले में आर्द्रभूमि विकसित करने के एक्शन प्लान तथा आर्द्रभूमि के संरक्षण एवं प्रबंधन हेतु बजट के संबंध में भी अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन जिलों में अब तक आर्द्रभूमियाँ अधिसूचित नहीं हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र भेजे जाएं। साथ ही जिलों में आर्द्रभूमियों की डिजिटल इन्वेंट्री समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। बैठक में राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की नॉलेज पार्टनर संस्था डब्लूडब्लूएफ इंडिया द्वारा रामसर साइट सिलिसेढ़ झील (अलवर) के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण में झील की भौगोलिक स्थिति, जलग्रहण क्षेत्र, जल प्रवाह व्यवस्था, जल गुणवत्ता, जलवायु आंकड़े, आर्द्रभूमि स्वास्थ्य, जैव विविधता तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि सिलिसेढ़ झील सरिस्का टाइगर रिज़र्व के बफर क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण रामसर साइट है। यह क्षेत्र की जल सुरक्षा, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। झील में 149 पक्षी प्रजातियाँ, विभिन्न मछली प्रजातियाँ, स्तनधारी एवं सरीसृप पाए जाते हैं। इस प्रारूप कार्ययोजना के अनुसार सिलीसेढ़ झील के संवर्धन एवं विकास हेतु सभी संबंधित विभागों एवं हित धारकों के समन्वय से नियमानुसार कार्य किए जाएंगे। बैठक में विशिष्ट शासन सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बीजो जॉय, वन संरक्षक वन्य जीव वन विभाग सुश्री मोनाली सेन, सदस्य सचिव राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल कपिल चंद्रावल, सहित पशुपालन विभाग, भू जल विभाग, स्टेट रिमोट सेंसिंग सेंटर के प्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही जिला प्रशासन- अलवर ने वीसी द्वारा भाग लिया ।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने गोविंददेव जी परिसर से विशाल कलश यात्रा का किया शुभारंभ 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के आराध्य श्री गोविंददेव जी मंदिर परिसर स्थित जय निवास उद्यान से विधिवत पूजा-अर्चना कर विशाल कलश यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत-महात्मा राष्ट्र को सही दिशा देकर सनातन संस्कृति को मजबूत कर रहे हैं तथा इनके विचार मानवता, सेवा एवं सद्भावना का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि संतों की शिक्षाओं और आदर्शों को आत्मसात करें तथा भारत की गौरवाशाली परम्परा को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

श्री शर्मा ने कहा कि बाबा बालनाथ ने भारतीय धर्म एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने में अद्वितीय योगदान दिया। इसी परंपरा का बाबा बस्तीनाथ जी महाराज भी अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की अवधारणा पर आधारित हैजो सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देती है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री बस्तीनाथ महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान श्री शर्मा ने महाराज जी के आशीर्वचन भी सुनें। कलश यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इससे पहले श्री शर्मा ने गोविंददेव जी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने भगवान गोविंददेव जी के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर विधायक श्री देवी सिंह शेखावत सहित गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।