Rajasthan News: प्रदेश में अब 3 बच्चों वाले भी बन सकेंगे सरपंच-प्रधान

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सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है वहीं दो से ज्यादा संतान वालों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटाने की पत्रावली विधि विभाग में प्रक्रियाधीन है। सरकार ने कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा के एक सवाल पर विधानसभा में स्पष्ट किया है कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर कोई शर्त नहीं है। विधि विभाग को संतान मामले को लेकर भेजे गए प्रस्ताव में यह लिखा गया है कि दो संतान होने की बाध्यता हो हटाना प्रस्तावित है और कहा गया कि सरकार का नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की योग्यता के संबंध में वर्तमान में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में प्रावधान हैं, जिनमें शैक्षणिक योग्यता के संबंध में कोई नियम नहीं है। शैक्षणिक योग्यता के लिए नियमों में संशोधन किए जाने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं 2 से ज्यादा संतान वालों को चुनाव लड़ने की छूट देने वाले प्रावधान के सवाल के जवाब में लिखा कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 के प्रावधानों में संशोधन के लिए विधि विभाग को फाइल भेजी गई है, जो प्रक्रियाधीन है।

C M NEWS: नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों के विरूद्ध हो सख्त एक्शन, चलाएं विशेष अभियान -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार में लिप्त गिरोहों के विरूद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। वही, उन्होंने गैंगस्टर्स और हार्डकोर अपराधियों के विरूद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए प्रभावी अंकुश लगाने के विशेष दिशा-निर्देश दिए। श्री शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि नशे की समस्या के उन्मूलन के लिए इससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला के रूट का चिन्हिकरण करते हुए विशेष निगरानी रखी जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी निगरानी और सतर्कता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े संगठित गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना के तहत कार्रवाई की जाए तथा छोटे-बड़े सभी नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। इसके लिए पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियां समन्वित प्रयास करें। साथ ही, उन्होंने नशे के प्रकरणों में गिरफ्तार व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी कानूनी पैरवी के संबंध में निर्देशित किया। नशे के दुष्परिणामों के प्रति करें जागरूक- मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा अपराध की जड़ है और समाज व परिवारों पर इसके दूरगामी दुष्प्रभाव होते हैं। इसलिए नशे के दुष्परिणामों के संबंध में विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के साथ जुड़कर पॉक्सो एक्ट एवं अन्य कानूनों के संबंध में आमजन को जागरूक करें।साइबर अपराध के खिलाफ चलाएं मुहिम- मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध के विरूद्ध प्राथमिकता के साथ कार्रवाई होनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध की घटनाएं घटित हो रही है, वहां इनसे जुड़े गिरोहों के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। ये अभियान तब तक चले, जब तक संबंधित क्षेत्र में ऐसे अपराध जड़ से समाप्त नहीं हो जाए। प्रत्येक 10 दिन के अंतराल पर हो प्रगति की मॉनिटरिंग- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले दो वर्षों में अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई की प्रगति की प्रत्येक 10 दिन के अंतराल पर मॉनिटरिंग की जाए। इन मामलों में कोताही बरतने पर जिम्मेदारी तय की जाए। पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों को अपनाएं- श्री शर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में अपराध भी हाईटेक होने लगे हैं। ऐसे में पुलिस भी अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए मॉडर्न पुलिसिंग को अपनाएं। इस दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न जिलों से पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक वीसी के माध्यम से जुड़े।

Rajasthan News: राजस्थान आवासन मंडल की 254वीं बैठक में जनहित के बड़े दावों के बीच धरातल पर पुरानी सुस्ती और बढ़ते खर्च का साया

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राजस्थान आवासन मंडल (RHB) की मंगलवार को आयोजित 254वीं बोर्ड बैठक एक बार फिर घोषणाओं और प्रस्तावों की भेंट चढ़ गई। नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव देबाशीष पृष्टी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में करोड़ों के नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी तो दी गई, लेकिन आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ये योजनाएं फाइलों से बाहर निकल पाएंगी? घोषणाओं का अंबार, क्रियान्वयन पर सवाल- बैठक में सिटी पार्क में ‘अटल काव्य स्मारक’ और ‘अटल लोकतंत्र उपवन’ के लिए डीपीआर और वास्तुविद की नियुक्ति को मंजूरी दी गई। मंडल जहां एक ओर नई स्मारकों पर भारी-भरकम बजट खर्च करने की तैयारी में है, वहीं शहर की पुरानी आवासीय योजनाओं में मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी बना हुआ है। आलोचकों का तर्क है कि मंडल का ध्यान अब आवासीय संपत्तियां उपलब्ध कराने के बजाय केवल पार्कों और स्मारकों के सौंदर्यीकरण पर केंद्रित हो गया है, जो इसके मूल उद्देश्य से भटकाव है। अधूरे प्रोजेक्ट्स और बढ़ती आवेदन तिथियां- बैठक में हनुमानगढ़ और भिवाड़ी की आवासीय योजनाओं के लिए आवेदन की अवधि 28 फरवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रशासन इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया बता रहा है, लेकिन हकीकत में यह इन योजनाओं के प्रति जनता की उदासीनता और कम होते रुझान को दर्शाता है। अगर ये योजनाएं वास्तव में आकर्षक होतीं, तो मंडल को बार-बार आवेदन की तारीखें बढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। पोर्टल और शिविरों का ‘डिजिटल’ झुनझुना नगरीय विकास मंत्री के मार्गदर्शन में लेआउट प्लान संशोधन और भू-उपयोग परिवर्तन के लिए विशेष पोर्टल और जिलावार शिविरों की घोषणा की गई है। हालांकि, पूर्व में भी मंडल के कई ऑनलाइन पोर्टल तकनीकी खामियों और सुस्त अपडेट के कारण विफल साबित हुए हैं। ऐसे में नए पोर्टल के माध्यम से पारदर्शिता का दावा केवल कागजी खानापूर्ति नजर आता है। आर्थिक बोझ और सुरक्षा की अनदेखी- बैठक में ड्रोन सर्वे और आरएफएसडीएल के माध्यम से लंबित संपत्तियों के निस्तारण की बात कही गई, जो सीधे तौर पर मंडल की प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है। सवाल उठता है कि मंडल की संपत्तियां इतनी बड़ी संख्या में लंबित और विवादित क्यों हुईं? साथ ही, आयुक्त द्वारा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सीमांकन और फेंसिंग के निर्देश देना यह साबित करता है कि करोड़ों की बेशकीमती सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का खतरा मंडरा रहा है और अब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। कुल मिलाकर, 254वीं बोर्ड बैठक नई परियोजनाओं के नाम पर बजट खपाने का जरिया अधिक और आम जनता की आवासीय समस्याओं का समाधान कम नजर आती है। जब तक लंबित योजनाओं का कार्य पूर्ण नहीं होता, नए स्मारकों और उद्यानों पर जनता का पैसा खर्च करना मंडल की प्राथमिकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

C M NEWS: वीबी जी राम जी से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाएं होंगी मजबूत- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के प्रतीक हैं। वे विकास की धुरी हैं, जिनके समर्पण भाव से किए गए कार्यों से ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली आती है। उन्होंने कहा कि सरकारें नीतियां और योजनाएं बनाती हैं लेकिन उन्हें ग्राम स्तर तक क्रियान्वित करने का सशक्त माध्यम सरपंच ही होते हैं। श्री शर्मा सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र को ग्रामीण परिवेश में सरपंच धरातल पर उतारते हैं। सरपंच के दायित्व में जन अपेक्षाओं की पूर्ति और समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण कार्य होता है, जिसे वे पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण भाव से करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी कानून ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से मनरेगा की अनियमितताओं को दूर किया गया है। इसके अंतर्गत स्थाई परिसंपत्तियों का निर्माण हो सकेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूती मिलेगी। कानून में रोजगार की गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय बजट में वीबी जी राम जी योजना में 95 हजार 692 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता के कल्याण और सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास का रोडमैप बनाया है। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रामजल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता, आईजीएनपी, गंगनहर, माही सहित परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में आज 22 जिलों में दिन में बिजली दी जा रही है, जो 2027 तक पूरे जिलों में कर दी जाएगी। इसके साथ ही सोलर, बैट्री एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं में प्रदेश में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।

C M NEWS: हर शहर बने नागरिक-केन्द्रित विकास का मॉडल -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं में भविष्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि राजस्थान का हर शहर सस्टेनेबल और नागरिक-केन्द्रित विकास का नया मॉडल बन सके। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता के साथ ही निर्धारित समय-सीमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए ताकि आमजन को इन सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। श्री शर्मा ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल और आवास संबंधी प्रगतिरत परियोजनाओं में तेजी लाते हुए शीघ्र पूरा किया जाए। वहीं, शहरी क्षेत्रों में बस स्टैण्ड्स के निर्माण के लिए मॉडल बनाया जाए, जिसके अंतर्गत स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न श्रेणियों का निर्धारण किया जाए। मुख्यमंत्री ने लंबित न्यायिक मामलों के निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इनके त्वरित निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी की जाए और इसमें विभाग की ओर से देरी होने पर जिम्मेदारी तय की जाए। मुख्यमंत्री ने जयपुर शहर के मेट्रो फेज-2, विभिन्न फ्लाइओवर्स, आरयूबी एवं एलिवेटेड रोड के प्रगतिरत कार्यों के साथ ही विभिन्न शहरों के सड़क निर्माण कार्यों, सीवरेज लाईन, सीवरेज मास्टर प्लान एवं ड्रेनेज के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सीकर शहर में सुगम आवागमन एवं जल निकासी की व्यवस्था के लिए प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।

Jaipur News: शौर्य और शहादत को सलाम : स्मृति, सम्मान और संकल्प का भावपूर्ण आयोजन

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कलमकार मंच के तत्वावधान में आज राजस्थान चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के सभागार में सुप्रसिद्ध चित्रकार चंद्रप्रकाश गुप्ता की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “शौर्य और शहादत को सलाम” का गरिमामय लोकार्पण किया गया। यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि देश के अमर शहीदों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सामूहिक स्मृति का भावपूर्ण उत्सव बन गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शहीदों के चित्र बनाकर उन्हें उनके परिजनों को भेंट करना चंद्रप्रकाश गुप्ता का अत्यंत स्तुत्य, संवेदनशील और अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने कहा कि आज के समय में, जब हम आज़ाद, भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को धीरे-धीरे भुलाते जा रहे हैं, ऐसे निष्ठुर और उपभोक्तावादी माहौल में चंद्रप्रकाश गुप्ता का यह रचनात्मक कर्म अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। श्री सिंह ने कहा कि बिना किसी लोभ-लालच के, निस्वार्थ भाव से एक अकेला कलाकार पिछले कई दशकों से इस “महायज्ञ” में निरंतर आहुति दे रहा है—यह अपने आप में हमारे सामाजिक और नैतिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि है। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों के प्रति यह संवेदना हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विपिन कुमार पांडे ने कहा कि आज शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहायता से अधिक सम्मान और संवेदनशील स्मरण की आवश्यकता है और चंद्रप्रकाश गुप्ता पिछले 27 वर्षों से इसी भाव के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस यात्रा के साक्षी रहे हैं और उन्हें भी कई अवसरों पर चंद्रप्रकाश गुप्ता द्वारा बनाए गए शहीदों के चित्र उनके परिजनों को भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने चित्रकार के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चंद्रप्रकाश गुप्ता अत्यंत विनम्र स्वभाव के व्यक्ति हैं और जो भी कार्य करते हैं, पूरे मन और लगन से करते हैं। उनके द्वारा बनाए गए महात्मा गांधी के स्केच देश-विदेश में अत्यंत लोकप्रिय हैं। पांडेय ने यह भी स्वीकार किया कि कला के प्रति उनके भीतर जो भी जागरूकता और रुचि विकसित हुई है, उसका श्रेय वे चंद्रप्रकाश गुप्ता को ही देते हैं। वरिष्ठ पत्रकार जगदीश शर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस पुस्तक में प्रस्तुत व्यक्ति-चित्र और उनके साथ दिया गया विवरण केवल एक कलाकार की कलात्मक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह उनके हृदय में उठे श्रद्धा भाव, सैनिकों के साहस के प्रति विनम्र नमन और जीवन-स्मरण के स्थायी चिह्न हैं। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह पुस्तक उन परिवारों के प्रति भी एक मौन प्रणाम है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को राष्ट्र के चरणों में समर्पित किया। उन्होंने कहा—“शहादत केवल सीमा पर नहीं होती; वह हर उस घर में रोज़ घटित होती है, जहाँ एक ख़ाली कुर्सी रह जाती है—जो एक अधूरे सपने और गर्व से भरे आँसू की साक्षी बन जाती है।” उनके अनुसार, यह पुस्तक स्मृति, सम्मान और संकल्प का ऐसा संगम है, जो हमें यह याद दिलाता है कि हमने स्वतंत्रता में साँस लेना किन बलिदानों की कीमत पर पाया है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद भारद्वाज ने कहा कि चंद्रप्रकाश गुप्ता की कला-यात्रा सन् 1999 के कारगिल युद्ध के बाद एक ऐसे भावनात्मक संकल्प में प्रवेश करती है, जिसकी मिसाल न केवल देश में बल्कि शायद पूरे विश्व में भी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि यह कल्पना करना भी विस्मयकारी है कि कोई कलाकार शहीदों को श्रद्धांजलि देने को अपने पूरे जीवन का उद्देश्य बना ले। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में चंद्रप्रकाश गुप्ता के अनेक भावभीने संस्मरण संकलित हैं—वे क्षण, जब उन्होंने शहीद परिवारों को चित्र भेंट करते समय भीतर तक संवेदना को महसूस किया। पुस्तक में मन को भिगो देने वाले अनेक प्रसंगों के साथ-साथ उन लोगों का भी उल्लेख है, जिन्होंने उनके इस राष्ट्रीय अभियान को सहयोग देकर इसे सार्थक बनाया। कार्यक्रम में क़लमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने सभी अतिथियों का पुस्तक-सेट भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर चित्रकार चंद्रप्रकाश गुप्ता द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित शहीदों के परिजनों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया, जिससे वातावरण और भी भावुक व गरिमामय हो उठा। कार्यक्रम का सुस्पष्ट और संवेदनशील संचालन नवल पाण्डेय द्वारा किया गया। कुल मिलाकर, यह आयोजन केवल एक साहित्यिक-कला कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के अमर शहीदों के प्रति सामूहिक कृतज्ञता, स्मरण और सम्मान का जीवंत दस्तावेज़ बन गया—जिसमें कला, संवेदना और राष्ट्रभाव एक साथ उपस्थित थे।

Rajasthan News: उद्योग और वाणिज्य विभाग में अब आवेदन होगें केवल ऑनलाइन

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उद्योग और वाणिज्य विभाग की एक जिला एक उत्पाद नीति-2024, राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 और राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब एसएसओ आईडी या ईमित्र के माध्यम से आवेदन किए जा सकेंगे। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया कि एक फरवरी से प्रारंभ हुई इस ऑनलाइन प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए जिला महाप्रबंध कों निर्देश दिए गए हैं कि इन नीतियों के तहत अब ऑफलाइन आवेदन नहीं लिए जाएंगे। वही इन नीतियों के तहत अब तक जारी किए स्वीकृति आदेशों को भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

C M NEWS: केन्द्रीय बजट युवा, महिला, गरीब और किसानों के उत्थान को समर्पित —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय बजट 2026-27 के लिए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट युवा, महिला, किसान, वंचित, गरीब और आम आदमी का बजट है। यह आर्थिक विकास, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ सबका विकास के तीन कर्तव्यों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने राजस्थान को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ने का काम किया है। श्री शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट बताता है कि पूरा देश 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म एक्सप्रेस पर शानदार परफॉर्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को समर्पित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले प्रावधान किए गए हैं। वही महिलाओं के लिए शी मार्ट, हर जिले में एक बालिका छात्रावास जैसे प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट में कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट के साथ ही छोटे-बड़े उद्योगों, उत्पादकों, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जाने के लिए नई दिशा दिखाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में सेमीकंडक्टर नीति और डेटा सेंटर नीति जारी की गई है। बजट में 40 हजार करोड़ रुपये से इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के शुरू होने का फायदा राजस्थान को भी मिलेगा। इसी प्रकार डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज क्षेत्र को इंसेंटिव दिए गए हैं, उनसे भी राजस्थान लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि मेगा टैक्सटाइल पार्क, 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स और सोलर एवं माइनिंग क्षेत्र में की गई घोषणाओं से राज्य को विशेष रूप से फायदा मिलेगा। श्री शर्मा ने कहा कि वी बी-जी राम जी योजना में नरेगा की तुलना में 86 हजार करोड़ से बढ़ाकर 95 हजार 692 करोड़ राशि का आवंटन किया गया है। राजस्थान को इससे अतिरिक्त राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है। बजट में दी गई लोन लिंक्ड केपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी स्कीम का पशुपालकों को भरपूर लाभ मिलेगा।

C M NEWS: इंडिया स्टोनमार्ट से प्रदेश के पत्थर उद्योग को मिलेगा वैश्विक मंच —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का पत्थर उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना बनाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी इंडिया स्टोनमार्ट का आयोजन प्रदेश की स्टोन इंडस्ट्री को गति देने में अहम कड़ी साबित होगा। श्री शर्मा ने शनिवार को इंडिया स्टोनमार्ट-2026 (13वां संस्करण) की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विक्रेताओं को राजस्थान के पत्थर उद्योग की समृद्धता की पूरी जानकारी दी जाए। वहीं, उन्होंने स्टोनमार्ट में घरेलू और प्रवासी प्रतिभागिता को बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्टेट व कंट्री पेवेलियन की तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टोनमार्ट में आयोजित होेने वाले जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के जरिए प्रदेश के स्टोन व्यवसाय को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि बायर-सेलर मीट का आयोजन कार्य योजना के अनुसार किया जाए, जिससे प्रदेश के पत्थर उद्योग को निर्यात के नए अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने शिल्पग्राम आयोजन से संबंधित जानकारी भी ली। उल्लेखनीय है कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में आयोजित होेने वाले इंडिया स्टोनमार्ट-2026 में देश-विदेश के मार्बल, ग्रेनाइट, सेंड स्टोन, कोटा स्टोन, क्वार्ट्स स्टोन, स्लेट सहित विभिन्न स्टोन्स का प्रदर्शन होगा। साथ ही, स्टोन मशीनरी, उपकरण और भारी अर्थमूविंग मशीनों का प्रदर्शन किया जाएगा।

Jaipur News: राजकीय अस्पताल में मरीज और डॉक्टर के बीच चले लात-घूंसे

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जयपुर के राजकीय जयपुरिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला मरीज और डॉक्टर के बीच लात-घूंसे चलने का मामला संज्ञान में आया है। वहीं दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का मामला थाने में दर्ज करवाया है। दूसरी और इस घटना पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार रेजिडेंट डॉक्टर संजना कुमारी ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि उसके साथ पूनम साहू नाम की मरीज ने हाथापाई की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। वहीं चेहरे को नोचने का भी आरोप लगाया है। डॉक्टर ने बताया कि महिला और उसके परिजनों ने मना करने के बावजूद लेबर रूम में घुसने की कोशिश की। दूसरी ओर भागीरथ नगर गोपालपुरा निवासी पूनम साहू का रिपोर्ट में रेजिडेंट डॉक्टर संजना कुमारी पर आरोप लगाया है कि उसके पेट में तेज दर्द हो रहा था और वह जयपुरिया अस्पताल आई थी। इस दौरान उस को इमरजेंसी में दो इंजेक्शन लगाए और दस मिनट इंतजार करने को कहा। राहत नहीं मिली तो वह दोबारा डॉक्टर के गईं तो वे लोग आपस में गपशप और फोन पर बात करने में व्यस्थ थे। पूनम ने कहा कि मैंने उन्हे देखने के लिये कहा क्योंकि तेज दर्द हो रहा था। इस दौरान एक चिकित्सक ने कहा कि यहां तो ऐसा ही होगा, किसी दूसरे अस्पताल में दिखा लो। विरोध करने पर महिला गार्ड और तीन चार चिकित्सकों ने लेबर रूम में ले जाकर उसके साथ मारपीट की और मोबाइल छीन लिया। मामले में पुलिस और सरकार पर दवाब बनाने के लिये रेजिडेंट डॉक्टरों ने लाइलाज हथकंडे की चेतावनी है। डॉक्टरों ने कहा कि महिला को गिरफ्तार किया जाए, गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो और सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कार्रवाई नहीं हुई तो डॉक्टर आंदोलन करेगें। वहीं जयपुरिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जीवराज सिंह ने मामले में कहा है कि माहौल खराब किया गया है। महिला का पूरा चेकअप किया गया था और वह गर्भवती भी नहीं थी। दूसरी ओर बजाज नगर के थाना प्रभारी पूनम चौधरी ने मामले में कहा है कि डॉक्टरों के कहने पर राजकार्य में बाधा की धारा लगी हुई है। उधर महिला के साथ भी मारपीट की गई है। महिला अस्पताल में भर्ती है। महिला की तरफ से भी मामला दर्ज किया जा चुका है।