C M NEWS: नहरों का विकास कार्य प्रदेश के सिंचाई क्षेत्र के उज्‍ज्‍वल भविष्य की नींव —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की किसान हितैषी नीतियां और योजनाएं प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के बीज हैं। किसानों की समृद्धि हमारा लक्ष्य है और राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना हमारा संकल्प है। श्री शर्मा शुक्रवार को श्रीगंगानगर के साधुवाली में गंग नहर शताब्‍दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पूर्व 5 दिसंबर, 1925 को महाराजा गंगा सिंह जी ने रेगिस्तान को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ गंग नहर का शिलान्यास किया था। उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने गंग नहर के पुनरुद्धार हेतु 1 हजार 717 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि यह अवसर मरुस्थल को अन्न भंडार में बदलने की दूरदर्शी सोच का पर्व है। यह राजस्थान के सुनहरे भविष्य के निर्माण का एक सुनहरा पल है। श्री शर्मा ने कहा कि नहरों से संबंधित विकास कार्य प्रदेश के सिंचाई क्षेत्र के उज्‍ज्‍वल भविष्य की नींव हैं। ये विकास कार्य किसानों की समृद्धि, युवाओं की उम्मीद और राजस्थान की प्रगति के लिए हमारी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों की समस्याओं को नजदीक से देखा और समझा है। किसानों की मुस्कान हमारे लिए नीति-निर्माण की दिशा और उनकी समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। सिंचाई के लिए पानी, बिजली, कृषि बीमा, उत्पाद के लागत-मूल्य, आधुनिक तकनीक सहित हर क्षेत्र में प्रदेश सरकार किसानों के साथ है। गन्ने की एमएसपी में वृ़िद्ध की घोषणा- इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गन्‍ने के वर्तमान समर्थन मूल्‍य को 15 रूपये बढ़ाने की घोषणा की। कार्यक्रम में उन्होंने गेती किस्म के गन्‍ने के लिये समर्थन मूल्‍य 401 रु. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 416 रू. प्रति क्विंटल, मध्यम किस्म के लिये 391 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 406 रू. प्रति क्विंटल और पछेती किस्म के लिये 386 रु. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 401 रु. प्रति क्विंटल करने की घोषणा की।

Politics News: मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तंज, कहा पानी तो आपको हम पिलाएंगे

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को गंग नहर शताब्दी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों को लेकर तंज कसा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी तो आपको हम पिलाएंगे, गहलोत सरकार के एक पूर्व मंत्री को निपटाया जा चुका है और अब दूसरे मंत्री की जेल जाने की तैयारी है। उन्होने कहा कि कांग्रेस के अंदर खींचतान का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री ने डोटासरा द्वारा यमुना से पानी लाने की योजना को लेकर दिये बयान पर कहा कि हमने पहले दिन ही रोडमैप तैयार कर लिया था। ‘पानी तो आपको हम पिलाएंगे। उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री के लिये कहा था कि ईआरसीपी का विवाद निपटाने के श्री गहलोत ने कहा कि मध्य प्रदेश में उनके मित्र कमलनाथ हैं, लेकिन इसके उलट कमलनाथ तो राजस्थान सरकार के खिलाफ कोर्ट में पहुंच गए। मित्र तो एक दूसरे पर जान देते हैं, लेकिन कांग्रेसियों में आपसी मित्रता ऐसी है कि कोर्ट का रास्ता दिखा दें और हमने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को कहा तो उन्होंने डीपीआर और शिलान्यास में सहयोग कराया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। 70 साल कांग्रेस का राज रहा, लेकिन पानी के मुद्दे पर काम नहीं किया। सिर्फ चुनाव में झूठी बातें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का कार्य किया। उन्होने कहा कि नहर तो महाराजा गंगासिंह ने बनवाई थी, लेकिन कांग्रेसियों को उसकी देखभाल करने की भी फुर्सत नहीं मिली।

Rajasthan News: रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का सातवां चरण 5 दिसम्बर से, 6 हजार भूखण्ड होगें आवंटन

राजस्थान सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट का आयोजन दिनांक 9 से 11 दिसंबर 2024 तक किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह मंशा है कि राइजिंग राजस्थान के तहत एमओयू करने वाले उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन सीधे ही किया जाये जिससे उद्यमी अपनी इकाइयॉं अल्प समय में ही लगा सकें। राइजिंग राजस्थान के तहत किये गये एमओयू होल्डर्स को सीधे ही औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक भूखण्ड आवंटन करने के लिये मार्च, 2025 में प्रत्यक्ष आवंटन योजना-2025 जारी की गई। समाज के सभी वर्गों को इस योजना का लाभ मिले इसलिये एससी/एसटी, महिला वर्ग, भूतपूर्व सैनिक, बेंचमार्क दिव्यांगता तथा सशस्त्र बलों/अर्द्धसैनिक बलों के मृतक के आश्रित हेतु भी भूखण्ड आरक्षित किये जाते हैं। योजना को पारदर्शी बनाने हेतु पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। आवेदन, ईएमडी एवं आवंटन पश्चात् की सभी तरह की सेवायें रीको के ऑनलाइन पॉर्टल पर उपलब्ध हैं। इस योजना के अंतर्गत एक भूखण्ड पर एक ही आवेदन होने पर सीधा ही भूखण्ड आवंटन होता है तथा एक से अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाता है। रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना में निवेशकों का रूझान लगातार बढ़ रहा है। अब तक इस योजना के छह चरण पूर्ण हो चुके हैं और सातवां चरण 5 दिसम्बर 2025 से प्रारंभ हो रहा है। योजना के सातवें चरण में 108 औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया है, जिसमें 7 नए औद्योगिक क्षेत्र धुंवाला (भीलवाड़ा), रूंध सौखरी (अलवर), बरोली (धौलपुर), पीपलूंद (भीलवाड़ा), कीडीमाल (भीलवाड़ा), सथाना-जनरल जोन (ब्यावर) तथा केकड़ी एक्सटेंशन (अजमेर) भी सम्मिलित हैं और करीब 6000 भूखण्ड आवंटन हेतु उपलब्ध हैं। राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत गत 19 नवम्बर तक एमओयू करने वाले सभी निवेशक इस योजना के पात्र हैं और अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से 5 से 18 दिसम्बर तक ऑनलाइन ईएमडी जमा करवा कर आवेदन कर सकते हैं। ई-लॉटरी आगामी 23 दिसम्बर को आयोजित होगी। रीको की प्रबंध निदेशक श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक एमओयू शीघ्रता से धरातल पर उतरें और लोगों को रोजगार मिले। प्रत्यक्ष आवंटन योजना इसी उद्देश्य की पूर्ति करती है। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, नियम व दिशा-निर्देश रीको के पोर्टल https://riicoerp.industries.rajasthan.gov.in/Directland और वेबसाइट https://riico.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं।

Rajasthan News: चिकित्सा प्रधानाचार्यों और अधीक्षकों की परफोरमेंस का होगा नियमित आकलन —खामी मिलने पर होगी कार्रवाई —चिकित्सा मंत्री

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प्रदेश के सभी मेडिकल काॅलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर अब कड़ी नजर रहेगी। सभी मेडिकल काॅलेजों के प्रधानाचार्य और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षकों के कामकाज का नियमित रूप से आकलन किया जाएगा। मानकों में खरा नहीं उतरने और स्वास्स्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की खामी सामने आने पर सीधे तौर उन्हें उत्तरदायी माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने गुरूवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य आमजन के जीवन से जुड़ा सबसे संवेदनशील विषय है, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही की कोई गुंजाइश नहीं है। सभी चिकित्सा अधिकारी अपना कार्य पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होने यह भी कहा कि किसी भी अस्पताल में चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण कोई भी स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है, तो तत्काल प्रभाव से इस संबंध में अवगत कराएं, लेकिन ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए कि मानव संसाधन के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहें। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तुरंत किए जाने के निर्देश दिए। श्री खींवसर ने अस्पतालों में पार्किंग, सुरक्षा और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने रोगियों और परिजनों के लिए खान-पान व ठहरने की समुचित व्यवस्था और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए समय-समय पर निरीक्षण किए जाने के निर्देश प्रदान किये और कहा कि प्रबंधन के मानकों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो।

Rajasthan News: वाणिज्यिक कर विभाग की स्टेट जीएसटी प्रवर्तन शाखा ने 14 वाहनों पर कार्यवाही

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मुख्य आयुक्त राज्य कर कुमार पाल गौतम ने बताया कि लगभग 15 दिनों तक गोपनीय तरीके से राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर यात्री के रूप में ठहरकर कर चोरी में संलग्न वाहनों के बारे में मानवीय आसूचना एकत्र की। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। श्री गौतम ने बताया कि जीएसटी पोर्टल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर यह कार्रवाई की गई जिसके परिणामस्वरूप मार्बल एवं ग्रेनाइट, लैड स्क्रेप, परचून, ब्रास मेटल और सुपारी से लदे हुए कुल 14 वाहनों को विधिवत निरूद्ध किया गया। इन वाहनों में जिन फर्मों के बिल लगाए गए थे, वे सभी विभागीय जांच में अस्तित्वहीन और बोगस पाई गईं। उन्होंने कहा कि परचून के नाम पर ब्रास मेटल स्क्रेप बिना विधिक दस्तावेजों के दिल्ली से गुजरात भेजा जा रहा था। इसी प्रकार कर्नाटक से सुपारी के दस्तावेजों के आधार पर नागपुर भेजे जाने की योजना थी लेकिन सुपारी से लदा वाहन नागपुर की बजाय दिल्ली की ओर जा रहा था जिसे सवाईमाधोपुर के निकट विभाग की टीम ने निरूद्ध किया। विभाग द्वारा इन सभी प्रकरणों में गहनता से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन संगठित गिरोहों द्वारा बिना उचित विधिक दस्तावेजों और बिना कर चुकाए मूल्यवान माल का परिवहन कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विभाग जब्त किए गए वाहनों में लदे माल का भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन कर नियमानुसार कर और शास्ति वसूली करेगा। मुख्य आयुक्त ने बताया कि आगे भी इंटेलीजेंस आधारित परिवहन जांच कार्यवाही जारी रहेगी।

C M NEWS: राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज खेल जगत से लेकर शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। इन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम अपने आस-पास रह रहे दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानते हुए इनका पूरा सहयोग करें जिससे इनकी विशेष योग्यता का लाभ समाज को मिल सके और एक समावेशी समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने। श्री शर्मा बुधवार को हरीश चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सम्मानित होने वाले विशेष योग्यजनों और संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विशेष योग्यजनों को सशक्त बनाने के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाने की घोषणा की थी जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर तथा समाज में समावेशी सोच का प्रसार हो। विशेष योग्यजन की सफलता की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा— मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपने भीतर विशेष योग्यता रखते हैं। ये अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प और मेहनत से हर सीमा को पार करने का साहस रखते हैं। इनमें वह हुनर और जज्बा होता है जो किसी सामान्य व्यक्ति में मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को जो सम्मान दिलाया है, वह उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रमाण है। इनकी सफलता की कहानियां हम सभी को प्रेरित करती हैं। दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि— मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि है। इनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष योग्यजन के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, स्मार्टफोन, व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, पेंशन इत्यादि से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमने विद्यार्थियों एवं स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगजनों को गत वर्ष 2 हजार स्कूटी वितरित की हैं तथा इस वर्ष दिव्यांगजनों को ढाई हजार स्कूटी वितरित की जा रही है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए प्रदेशभर में विभिन्न क्लस्टर बनाए गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने विशेष योग्यजनों को स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र एवं स्मार्ट केन भी वितरित किए। इससे पूर्व उन्होंने दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को स्कूटी वितरण एवं अंग उपकरण भी वितरित किए।

C M NEWS: मंत्रीमंडल का निर्णय —वन क्षेत्र में पशु चराने पर अब नहीं होगा कारावास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमण्डल की सभा में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश- 2025 लाने, प्रवासी राजस्थानियों के योगदान और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए प्रवासी राजस्थानी नीति-2025, छोटे व्यापारियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी और पर्यटन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन नीति के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। मंत्रिमण्डल में हुए निर्णय के अनुसार प्रदेश में अब 11 अधिनियमों के उल्लंघन या तकनीकी गलती करने पर कारावास नहीं होगा। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधान हटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान वन अधिनियम-1953 में धारा 26 (1) (ए) में वन भूमि में मवेशी चराने पर कारावास का प्रावधान था। अब तक इस पर 6 माह तक कारावास या 500 रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों दण्ड का प्रावधान था। संशोधन के बाद अब इस उल्लंघन पर जुर्माना ही लगाया जाएगा। वन को हुए नुकसान के लिए वन अधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्धारित क्षतिपूर्ति भी देनी होगी। इस संशोधन से उन आदिवासियों और ग्रामीणों को लाभ होगा जो अनजाने में मवेशी चराते हुए वन भूमि में प्रवेश कर जाते हैं। श्री पटेल ने बताया कि राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961 में सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे कि बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था। इन आपराधिक प्रावधानों को अब अधिनियम से हटा कर अर्थदण्ड तक सीमित किया जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि जयपुर वाटर सप्लाय एण्ड सीवरेज बोर्ड अधिनियम-2018 में जल की बर्बादी, दुरुपयोग, गैर-घरेलू कार्यों के लिए उपयोग, बोर्ड की सीवरेज लाइन में रुकावट डालने, बिना लिखित अनुमित सीवरलाइन से कनेक्शन जोड़ने आदि पर कारावास का प्रावधान था, जिसे हटाते हुए अर्थदण्ड के प्रावधान तक सीमित किया जा रहा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि अब आरक्षित सूची से प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के नामों की अनुशंसा 6 माह के स्थान पर एक वर्ष के भीतर की जा सकेगी। इसके लिए विविध सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन से एक ही भर्ती में अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। अनुकम्पात्मक नियुक्ति आवेदन की समय सीमा में वृद्धि— श्री पटेल ने बताया कि मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित को वर्तमान नियमों में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु सरकारी कार्मिक की मृत्यु के दिनांक से 90 दिन की समय सीमा में आवेदन करना होता है। अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन करने की समय सीमा को 90 दिवस से बढ़ा कर 180 दिवस करने का निर्णय मंत्रिमंडल द्वारा किया गया। इसके लिए राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति के नियम, 1996 में संशोधन किया जाएगा। इस संशोधन से मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु विभिन्न दस्तावेज, शपथ पत्र तैयार करने में पर्याप्त समय मिल सकेगा। मोटर वाहन उप निरीक्षक पद के लिए न्यूनतम योग्यता में संशोधन— श्री पटेल ने बताया कि राजस्थान परिवहन अधीनस्थ सेवा नियम, 1963 में मोटर वाहन उप निरीक्षक पद की सीधी भर्ती हेतु न्यूनतम योग्यता में संशोधन किया जा रहा है। अब तक मोटर वाहन उप निरीक्षक पद की सीधी भर्ती के लिए सैकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण के साथ ऑटोमोबाइल अथवा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 3 वर्षीय डिप्लोमा धारक या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी ही पात्र थे। संशोधन के बाद अब उच्चतर योग्यता वाले अभ्यर्थी भी इस पद हेतु आवेदन करने के पात्र होंगे। साथ ही, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के एक वर्षीय अनुभव की अनिवार्यता एवं परिवहन यान श्रेणी के लाईसेन्स धारक होने की अनिवार्यता समाप्त की गई है, जिससे अधिकाधिक अभ्यर्थियों को अध्ययन पूरा करने के तत्काल बाद ही आवेदन करने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।

C S NEWS: मुख्य सचिव ने की रिडकोर परियोजनाओं की समीक्षा

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मुख्य सचिव और नव नियुक्त राजस्थान इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन(रिडकोर) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में निदेशक मंडल की सभा का आयोजन हुआ। श्री श्रीनिवास ने रिडकोर द्वारा की जा रही सड़कों की अनुरक्षण और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। सभा में रिडकोर के अंतर्गत आने वाली कुल 1450 किलोमीटर की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन सभी सड़कों के किनारों से वर्षा काल के दौरान हुई क्षति की मरम्मत जैसे गड्ढों की मरम्मत, रेन कट्स और किनारों से झाड़ियाँ हटाने के साथ नियमित अनुरक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई। ब्लैक स्पॉट सुरक्षा उपायों के अंतर्गत किए गए कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए रिडकोर के अधिकारियों ने बताया गया कि रंबल स्ट्रिप एवं जेब्रा मार्किंग, स्पीड ब्रेकर का निर्माण, ब्लिंकर एवं अन्य सड़क फर्नीचर की व्यवस्था, सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, झाड़ियों और अतिक्रमणों को हटाना तथा अनधिकृत मीडियन कट्स को बंद करना, धीमी गति से चलने वाले वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स लगाने के बारे में बताया। रिडकोर परियोजनाओं की सड़कों पर 54 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, जिन सभी पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूरे कर दिए गए हैं। वर्तमान में कोई लंबित मामला नहीं है।

Rajasthan News: प्रदेश में शुरू हुई 230 माइनर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया

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राज्य में दिसंबर माह में 230 माइनर मिनरल प्लॉटों की ई-नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हैं वहीं चालू वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माहों में करीब 400 माइनर मिनरल प्लॉटों की ई-नीलामी का एक्शन प्लान बनाया गया है। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने यह जानकारी मंगलवार को सचिवालय में मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों और प्लॉटों की ई-नीलामी की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने कहा कि खान विभाग एक और खनिज खोज कार्य को गति दे रहा हैं वहीं फील्ड मशीनरी को और अधिक सक्रिय करते हुए प्लॉट डेलिनियेशन से लेकर ऑक्शन पूर्व तैयारियां मिशन मोड़ में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग द्वारा आगामी तीन माह का एक्शन प्लान बना लिया है और उसी के अनुसार एनआईबी जारी करने से लेकर ऑक्शन प्रक्रिया पूरी करने तक की पूर्व तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा भारत सरकार के एमएसटीसी प्लेटफार्म पर पारदर्शी तरीके से मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की जाती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मिनरल ब्लॉकों की समयबद्ध नीलामी पर जोर देते रहे हैं जिससे अवैध खनन गतिविधियों पर रोक, वैध खनन को बढ़ावा, माइनिंग सेक्टर में निवेश और रोजगार के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।

Rajasthan News: प्रदेश में रोगियों और परिजनों के सुझावों से स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार

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प्रदेश के सभी बडे़ अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में व्यापक सुधार की दृष्टि से प्रभावी फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा। अस्पतालों में आने वाले रोगी और उनके परिजन वहां मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपना फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पताल प्रशासन आवश्यक सुधार कर व्यवस्थाओं को पेशेंट फ्रेण्डली बनाएगा। उच्च स्तर से इस सिस्टम की नियमित माॅनिटरिंग भी की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को जेके लोन अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सुगम बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि अस्पतालों में व्यवस्थाएं पेशेंट फ्रेंडली हो, ताकि रोगियों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसी सोच के साथ प्रथम चरण में मेडिकल काॅलेजों से संबद्ध अस्पतालों में फीडबैक सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रोगियों एवं परिजनों को अस्पतालों में आने वाली कठिनाइयों की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, उनके सुझावों के आधार पर जरूरी सुधार किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि आईसीयू और सुपर स्पेशलिटी में आने वाले गंभीर रोगियों की सर्वाइवल रेट को उच्चतम स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जाएं। श्रीमती राठौड़ ने पीआईसीयू, एनआईसीयू, सामान्य वार्ड, कैथ लेब, सीटीवीएस इकाई, दवा काउंटर, मा योजना के पंजीकरण केंद्र सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार राजकीय चिकित्सा संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवा रही है, इसलिए यह ध्यान रखा जाए कि रोगियों को सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हों, किसी भी रोगी को बाहर से कोई दवा या अन्य सामान नहीं लाना पडे़।