rajasthan News: रूडसिको की 62वीं बोर्ड सभा में योजनओं के लिये ₹5,530 करोड़ का ऋण स्वीकृत

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नगरीय विकास एवं आवासन विभाग मंत्री झाबर सिंह खर्रा, की अध्यक्षता में रूडसिको (RUDSICO) की 62वीं बोर्ड सभा बुधवार को स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान पूर्व में स्वीकृत बोर्ड मिनिट्स का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही नवीन एजेण्डा के अंतर्गत अमृत योजना के तहत राज्यांश निकाय अंशदान के लिए हुडको से ₹3,980 करोड़ के ऋण को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं बजट घोषणा 2024-25 और 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये ₹1,550.245 करोड़ के ऋण को आर.यू.डी.एफ. के अंतर्गत हुडको और अन्य वित्तीय संस्थाओं से लिए जाने का अनुमोदन भी किया गया। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ तय समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए।

Rajasthan News: सरकारी विश्राम भवनों में अब निजी अतिथि भी ठहर सकेंगे

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सरकार ने आमजन को राहत देने के लिये एक और कदम बढ़ाया है। अब सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन समस्त विश्राम भवनों (सर्किट हाउस) में अब निजी अतिथि भी ठहर सकेंगे। विभाग के सुंयक्त शासन ​सचिव दाताराम ने बताया कि निजी अतिथि विश्राम भवनों की प्राईवेट दरों पर ठहरने के पात्र होंगे। विश्राम भवनों में आवास सुविधा, पूर्व आरक्षण विभागीय नियमों के अधीन प्रदान की जाएगी। अन्य विस्तृत जानकारी CHMS (Circuit House Management System) Portal पर अथवा विभागीय वेबसाइट WWW.GAD.RAJASTHAN.GOV.IN के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।

मुस्लिम तेली घाणी महापंचायत के सामूहिक विवाह सम्मेलन में 17 जोड़े बने हमसफर

राजधानी के रामगढ़ मोड़ स्थित करबला मैदान में आज ‘मुस्लिम तेली घाणी महापंचायत संस्था’ के तत्वाधान में एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सामाजिक सरोकार और फिजूलखर्ची को रोकने के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए 17 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही हर्षोल्लास के साथ हुई। निकाह की रस्में पूरी गरिमा और सादगी के साथ अदा की गईं। करबला मैदान में बने विशाल पाण्डाल में हजारों की संख्या में समाज के लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। निकाह के बाद उलेमाओं ने नवविवाहित जोड़ों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया और समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने की अपील की। मुस्लिम तेली घाणी महापंचायत संस्था की ओर से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सभी 17 जोड़ों को गृहस्थी का आवश्यक सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि जोड़ों को वे सभी वस्तुएं दी गई हैं, जो एक नए घर को बसाने के लिए जरूरी होती हैं। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ को कम करना है। समता आन्दोलन समिति के ओबीसी (OBC) प्रकोष्ठ के प्रान्तीय महासचिव कमरूदृीन ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राजस्थान राज्य से परिवार अपने बच्चों के विवाह के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह आज के समय की मांग है, जिससे न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि समाज में एकजुटता और भाईचारा भी बढ़ता है। जनाब कमरूदृीन ने बताया कि सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर स्वयंसेवक के रूप में भूमिका निभाई। कार्यक्रम में कई गणमान्य नागरिक, समाज सुधारक और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिन्होंने संस्था के इस प्रयास की सराहना की। उपस्थित वक्ताओं ने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से समाज के गरीब तबके को संबल मिलता है और शादियों में होने वाले भारी खर्च पर लगाम लगती है। मुस्लिम तेली घाणी महापंचायत संस्था के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने इस अवसर पर समाज को शिक्षित और संगठित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सामूहिक विवाह सम्मेलनों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा ताकि समाज का हर व्यक्ति सम्मान के साथ अपने बच्चों का विवाह संपन्न करा सके। शाम को विदाई के वक्त माहौल भावुक हो गया। सभी 17 जोड़ों को समाज के बुजुर्गों और उपस्थित जनसमूह ने दुआओं के साथ विदा किया। यह आयोजन जयपुर में मुस्लिम समाज के लिए एकता और सामाजिक सुधार की एक मिसाल बनकर उभरा है।

Rajasthan News: प्रदेश में अब ऑनलाइन बनेंगे मेडिकल लीगल केस (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट

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राजस्थान पुलिस अब अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के आदेशों के क्रम में अब प्रदेश में मेडिकल लीगल केस (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PMR) तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होने जा रही है। आगामी 1 फरवरी, 2026 से राज्य के सभी पुलिस थानों और चिकित्सालयों में हस्तलिखित रिपोर्टों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया ही होगी मान्य— महानिरीक्षक पुलिस अपराध शाखा परम ज्योति ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय ने 17 नवंबर, 2025 को दिए अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी प्रकार की MLC और PMR प्रक्रिया केवल MedLEaPR Software और सीसीटीएनएस के माध्यम से ही संपादित की जाएगी। इस संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस अपराध और महानिरीक्षक पुलिस स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी— नए नियमों के अनुसार, यदि 01 फरवरी के बाद किसी भी प्रकरण में MLC या PMR रिपोर्ट हाथ से बनाई जाती है या सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जाता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है। इसके लिए संबंधित थानाधिकारी, अनुसंधान अधिकारी और संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक, जयपुर एवं जोधपुर के पुलिस उपायुक्त एवं पुलिस आयुक्त व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे। सीसीटीएनएस से सीधे डाउनलोड होंगी रिपोर्ट— पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत अब MLC और PMR के सभी अनुरोध सीसीटीएनएस के माध्यम से ही जनरेट किए जाएंगे। डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई अंतिम रिपोर्ट भी सीसीटीएनएस के जरिए ही डाउनलोड की जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप और दस्तावेजों में हेरफेर की संभावना भी खत्म हो जाएगी। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के महानिरीक्षक अजय पाल लाम्बा ने समस्त जिला पुलिस अधीक्षकों और आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्राधिकार में इन आदेशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें।

Rajasthan News: प्रदेश में 93 बजरी लीज नीलामी हुई रद्द

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हाईकोर्ट के एक आदेश के अनुसार सरकार ने प्रदेश में 93 बजरी लीज की नीलामी रद्द कर दी है। इसमें भीलवाड़ा, टोंक, सवाई माधोपुर सहित अजमेर जिलों की 93 बजरी लीज की नीलामी शामिल है। वहीं न्यायालय ने सरकार को संबंधित लीजधारकों की जमा राशि लौटाने के निर्देश भी प्रदान किये हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने डॉ. बृजमोहन सपूत कला संस्कृति सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर मंगलवार को यह आदेश दिया है। कोर्ट ने नदियों के पर्यावरण-पारिस्थितिकी के संरक्षण पर गंभीरता दिखाते हुए कहा कि बजरी लीज पांच हिस्सों में बांटा जाए और पांच साल में बजरी खनन से संबंधित रहे लीज क्षेत्रों की पुनर्भरण रिपोर्ट 4 माह में तैयार करने को कहा है।

C M NEWS: किसानों को लाभ देने के लिये राज्य में 23 जनवरी से होगा ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन

प्रदेश में किसानों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिये सरकार ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) -2026’ का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन राज्य में 23 जनवरी से शुरू होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित कर की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ये शिविर दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी को प्रथम चरण की शुरूआत होगी, जिसमें 24, 25 व 31 जनवरी को शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक इनका आयोजन होगा। इस प्रकार 10 दिनों तक प्रदेशभर में 2 हजार 839 शिविर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक प्रदेशभर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से पहले 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को ग्राम उत्थान शिविरों में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। तार बंदी से लेकर सौर पम्प संयंत्र की मिलेगी स्वीकृति- इन शिविरों में तार बंदी, पाईप लाईन, फार्म पौण्ड, बैलों से खेती योजना के अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृतियां, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, बीज मिनिकिट वितरण का सत्यापन करने के साथ ही फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पम्प संयंत्र इत्यादि की स्वीकृतियां और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड और नए कस्टम हायरिंग सेंटर संबंधी कार्य, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करना, फर्टिलिटी किटों का वितरण, प्राइमरी डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी एवं डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी के पंजीयन के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत निर्मित आवासों में लाभार्थियों का गृहप्रवेश करवाया जाएगा। वहीं, वीबी जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का सर्वे कार्य पूरा किया जाएगा। इन योजनाओं का मिलेगा लाभ- शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सहित 12 विभाग भाग लेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को शिविरों का नोडल विभाग बनाया गया है, जो सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए इन शिविरों के माध्यम से कृषकों और पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा।

Rajasthan News: ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से 35 लाख की आबादी को मिलेगा शुद्ध पेयजल

राजस्थान लंबे समय से पानी की कमी से जूझता रहा है जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं पशुपालन पर भी असर पड़ता है। ऐसे में जल जीवन मिशन के तहत निर्माण हो रही ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से दौसा और सवाई माधोपुर जिले के 1 हजार 256 गांव व 6 कस्बों को 3 लाख 6 हजार 198 जल संबंध किये जाएंगे। इस परियोजना से दोनों जिलों के 35 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा बल्कि पर्याप्त जल उपलब्धता से किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। प्रथम पैकेज के अन्तर्गत 225 MLD फिल्टर प्लान्ट और 2 स्वच्छ जलाशय (ईसरदा 24.5ML, बगडी-21.5ML) व 2 पम्प हाउस एवं कुल 341 किमी ट्रांसमिशन पाईपलाईन (इनटेक वैल से महुआ तक) बिछाने का कार्य कार्य किया जा रहा है। फर्म द्वारा 286 किमी पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया जा चुका है। वर्तमान में मुख्य ट्रांसमिशन पाईप लाईन, क्वाटर्स, गेस्ट हाउस, स्वच्छ जलाशय व फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। द्वितीय पैकेज के अन्तर्गत ईसरदा बांध पर इन्टेक वैल एवं पम्प हाउस (भवन निर्माण) कार्य किया जा रहा है। जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 17.82 करोड़ है। तृतीय पैकेज (अ) के अन्तर्गत लालसोट कलस्टर के तहत 302 ग्रामों की 5 लाख 57 हजार 652 जनसंख्या (2054) को 33 हजार 460 जल संबंधों के माध्यम से एवं लालसोट शहर की 69 हजार 35 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाएगा। वर्तमान में पाईप लाईन सप्लाई व स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य प्रगति पर है। तृतीय पैकेज (ब) के अन्तर्गत दौसा कलस्टर के तहत 248 गांवों की 5 लाख 92 हजार 868 जनसंख्या (2054) को 39 हजार 250 जल संबंधों के माध्यम से एवं दौसा शहर की 1 लाख 79 हजार 790 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाएगा। चतुर्थ पैकेज बसवा कलस्टर पैकेज के अन्तर्गत 368 ग्रामों की 9 लाख 81 हजार 746 जनसंख्या (2054) को 58 हजार 562 जल संबंधों के माध्यम से एवं बांदीकुई शहर की 1 लाख 56 हजार 800 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। पैकेज चतुर्थ (बसवा व सिकराय) का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। वर्तमान में पाईप लाईन सप्लाई व स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य प्रगति पर है। कलस्टर के तहत 2077 किमी पाईप लाईन बिछाई जानी है, अब तक 1666 किमी पाईपलाईन बिछायी जा चुकी है। पंचम पैकेज महुआ के तहत वर्तमान में पाईप लाईन सहित स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। इस पैकेज के अन्तर्गत 315 किमी पाईप लाईन बिछाई जानी है। जिसमें अभी तक 208 किमी पाईपलाईन बिछाई जा चुकी है। षष्टम पैकेज कलस्टर बौंली, चौथ का बरवाडा व मलारना डूंगर पैकेज का कार्य परियोजना खण्ड सवाईमाधोपुर द्वारा सम्पादित किया जा रहा है। पैकेज के अन्तर्गत बौली तहसील के 99 ग्रामों को, मलारना डूंगर तहसील के 61 ग्रामों को एवं चौथ का बरवाड़ा तहसील के 17 ग्रामों को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा।

Rajasthan News: मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन के लक्ष्य 31 मार्च तक को पूरा करें —पशुपालन विभाग

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पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन के लक्ष्य 31 मार्च तक को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को शासन सचिवालय में विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन मोड पर करें, सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो । इससे विभाग की पारदर्शिता और निष्पक्षता झलकती है। शासन सचिव ने कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुओं के कल्याण के प्रति निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन से पशुपालको और पशुओं को खासकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित पशुपालकों को बहुत ही लाभ हुआ है। इसलिए इसके गुणवत्तापूर्ण उपयोग के प्रति हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जीपीएस के माध्यम से मॉनिटरिेंग करने के निर्देश दिए और लाभार्थियों के फीडबैक लेकर उनके सुझावों के अनुसार सेवा में सुधार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शासन सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा सेक्स सॉर्टेड समीन योजना दोनों बजट घोषणा के कार्य हैं और मुख्यमंत्री विषेष रूप से इन पर नजर रखे हुए हैं, इनकी प्रगति मोस्ट प्रोयोरिटी रखें। उन्होंने कुछ जिलों की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए योजना के प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया जिससे सेक्स सॉर्टेड सीमन का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कार्य में गति लाने के लिए संस्थावार और तकनीकी कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने पर जोर देते हुए कमजोर प्रगति वाली संस्थाओं और कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए। बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री दिनेश कुमार जांगिड़ ने अधिकारियों को कार्यव्यवस्था के बारे में विस्तार से समझाया और कहा कि काम नहीं करने वाला हमारा दोस्त नहीं हो सकता। जिस काम को करने की उसे तनख्वाह मिलती है वह उसे करना ही चाहिए नहीं तो परिणाम के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

Rajasthan News: देवस्थान विभाग में पुजारियों की होगी भर्ती -देवस्थान मंत्री

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देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने रेल व हवाई यात्रा को मार्च-2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार की महात्वाकांक्षी योजना- वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2025 की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सिंधु दर्शन योजना में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सहायता राशि में बढोतरी करने संबंधी प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। श्री कुमावत सोमवार को शासन सचिवालय में देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभाग में पुजारी व अन्य विभिन्न कैडर के नए पद सृजित कर नई भर्ती का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मोक्ष कलश यात्रा में यात्रियों की संख्या में बढोतरी करने को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान मंत्री ने न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने, देवस्थान विभाग की अलग से निर्माण विंग बनाने, देवस्थान विभाग की कृषि योग्य भूमि को लीज पर देने और चिहिन्त मंदिरों में निर्माण कार्यों की डीपीआर बनाकर उसकी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति लेकर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

C M NEWS: राम जलसेतु लिंक परियोजना को मिली गति—जल आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर राजस्थान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत् प्रयासों से प्रदेश की महत्वाकांक्षी राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) मिशन मोड पर आगे बढ़ रही है। जल सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाली परियोजना के तहत चम्बल नदी पर 2.3 किलोमीटर लम्बाई में एक्वाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। यह जून, 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके प्रथम चरण के पैकेज-2 के अंतर्गत 2 हजार 330 करोड़ रूपए की लागत से एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। यह चम्बल एक्वाडक्ट एक छोर में कोटा जिले की दीगोद तहसील के पीपलदा समेल गांव और दूसरे छोर में बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गोहाटा गांव से जुड़ेगा। इसके माध्यम से कालीसिंध पर निर्मित नवनेरा बैराज से पानी पम्प हाउस से लिफ्ट कर मेज नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद मैज बैराज से पम्प हाउस व फीडर के जरिए गलवा बांध तक और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध में पहुंचाया जाएगा। इस एक्वाडक्ट के बनने से आमजन को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग भी उपलब्ध होगा। वहीं निर्माण स्थल पर कैंप और बैचिंग प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एक्वाडक्ट हेतु प्रस्तावित 15 टेस्ट पाइल में से 8 टेस्ट पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 5060 वर्किंग पाइल प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 860 पाइल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। प्रतिदिन 15-20 पाइल का कार्य 12 रिग मशीनों की सहायता से किया जा रहा है। औसतन 500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है। साइट पर लगातार शिफ्टों में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ईआरसीपी को वृहद स्वरूप देते हुए राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) (लगभग 90 हजार करोड़ रूपए) तैयार की गई है। परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3 करोड़ 25 लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, सिंचाई एवं उद्योगों के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में यह परियोजना प्रदेश के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से अग्रसर होगा।