Rajasthan News: प्रदेश में मेडिकल काॅलेजों और अस्पतालों के प्रधानाचार्य व अधीक्षक नहीं कर सकेंगे प्राइवेट प्रेक्टिस

0
राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और इनसे संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की मंजूरी के बाद चिकित्सा शिक्षा विभााग ने मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य और नियंत्रक, अतिरिक्त प्रधानाचार्य व संबद्ध अस्पतालों में अधीक्षकों की नियुक्ति हेतु नियमों में बदलाव करते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गये हैं। चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि मेडिकल काॅलेज और इससे संबद्ध अस्पतालों में मरीज भार अत्यधिक होने के साथ ही यहां प्रशासनिक कार्यों की अधिकता रहती है और विशेष परिस्थितियों में कार्य सम्पादन किया जाता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में पूर्णकालिक रूप से दक्ष व कुशल प्रशासक होना आवश्यक है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद प्रधानाचार्यों, अतिरिक्त प्रधानाचार्यों और अधीक्षकों के चयन व नियुक्ति के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, इस जनहितैषी निर्णय से स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। वहीं चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि परिपत्र के अनुसार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य और नियंत्रक व संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। वे अपने आचार्य या वरिष्ठ आचार्य जैसे पदीय कर्तव्यों के लिए एक चौथाई से ज्यादा समय नहीं देंगे। चयनित प्रधानाचार्य और अधीक्षक को विभागाध्यक्ष या यूनिट हैड बनने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए उन्हें आवेदन पत्र के साथ इस संबंध में घोषणा पत्र भी देना होगा। उन्हें यह भी शपथ पत्र देना होगा कि वे पीएमसी के पद पर पूर्णकालिक रूप से कार्य करेंगे।

Rajasthan News: प्रर्यावरण प्रदूषण से राहत के लिए हरित उर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग —प्रमुख शासन सचिव खान

प्रमुख शासन सचिव खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त गुरुवार को खनिज भवन में राज्य की सीजीडी संस्थाओं की प्रगति और सीजीडी सुविधा विस्तार के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 82 हजार परिवारों को पाइपलाईन से घरेलू गैस सुविधा से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही वाहनों को हरित उर्जा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 491 सीएनजी स्टेशनों से सीएनजी उपलब्ध कराई जाने लगी है। सीजीडी संस्थाओं को अपने जीए क्षेत्र में संरचनात्मक ढांचा विकसित करने के कार्य में तेजी लानी होगी वहीं घरेलू के साथ ही औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी सेवाओं से जोड़ने के ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होने कहा कि राज्य में हरित और स्वच्छ उर्जा को बढ़ावा देने के लिए बहुमंजिला बिल्डिंगों के निर्माण के समय ही पाइपलाईन से घरेलू गैस सुविधा डीपीएनजी उपलब्ध कराने की ढांचागत सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्माताओं से सीजीडी संस्थाएं समन्वय बनाएगी। 17 भौगोलिक क्षेत्रों में कार्य कर रही 13 सीजीडी संस्थाओं को भवन निर्माताओं से भी समन्वय बनाने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। प्रर्यावरण प्रदूषण से राहत के लिए हरित उर्जा को बढ़ावा देना समय की मांग है और इसके लिए सीजीडी संस्थाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी तरीके से पाइपलाईन से घरेलू गैस के सुरक्षित, प्रदूषणमुक्त, 24*7 उपलब्धता, स्वच्छ ईंधन आदि लाभों की प्रभावी तरीके से जानकारी पहुंचानी होगी। इसके लिए सीजीडी संस्थाओं को अवेयरनेस कार्यक्रम भी चलाने होंगे। श्री रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में स्वच्छ उर्जा को बढ़ावा देने और सीजीडी संस्थाओं के कार्य को गति देने के लिए ही सीजीडी नीति जारी की है। इससे सीजीडी संस्थाओं की स्थानीय स्तर की समस्याओं का वहीं पर निस्तारण होने के साथ ही राज्य स्तरीय समस्याओं के निधान की राह भी प्रशस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही सीजीडी पोर्टल भी जारी किया जा रहा है जिससे व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व पेपरलेस हो सकेगी। इस दौरान राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 13 सीजीडी संस्थाओं द्वारा 17 जियोग्राफिकल एरिया में सीएनजी-पीएनजी आदि हरित उर्जा उपलब्ध कराने के लिए संरचनात्मक ढांचा विकसित करने के साथ ही तैयार क्षेत्र में डीपीएनजी कनेक्शन जारी कर सीएनजी उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। इस साल प्रदेश में 1 लाख 25 हजार नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 30 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं और शेष कनेक्शन जारी करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

C M NEWS: आमजन और किसानों को निर्बाध जलापूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आमजन व किसानों तक जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पेयजल एवं सिंचाई संबंधी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों को कार्ययोजना के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से पूर्ण करें। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जल संसाधन विभाग, सिंचित क्षेत्रीय विकास विभाग और इंदिरा गांधी नहर विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विगत दो बजट में आमजन व किसानों के लिए पेयजल और सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में महत्वपूर्ण सौगातें दी। उन्होंने इस संबंध में बजट घोषणाओं की प्रगति की जानकारी ली व अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश प्रदान किए। रामजल सेतु लिंक परियोजना के कार्यों में लाएं प्रगति — मुख्यमंत्री ने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से प्रदेश की बड़ी आबादी को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। इस परियोजना में चरणबद्ध रूप से होने वाले कार्यों को कार्ययोजना के अनुरूप पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य पेयजल विकास कार्यों की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि सीकर, चूरू, झुंझुनूं को यमुना जल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने इस संबंध में कार्ययोजना में प्रगति लाने के विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों को समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गंगनहर निर्माण के दिसंबर माह में 100 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस उपलक्ष्य में इस नहर के अधिक विकास के लिए कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे इसका लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सके। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं से जुड़ी वन एवं पर्यावरण से संबंधित स्वीकृति और अन्य जरूरी क्लीयरेंस के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं से जुड़ी एनआईटी, टेंडर, वर्क ऑर्डर तथा डीपीआर बनाने संबंधी कार्यों को तीव्र गति से पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान किए।

C M NEWS: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर

0
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए प्रोफेशनल कोर्सेज और विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन गत 14 सितम्बर तक आमंत्रित किए गए थे। संयुक्त निदेशक बी.पी. चंदेल ने बताया कि जयपुर जिले में प्राप्त आवेदनों की जांच उपरांत कुछ आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन दस्तावेजों की कमी या अपूर्णता के कारण आक्षेपित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि वे अपने आक्षेपित आवेदन पत्रों में आवश्यक सुधार अथवा दस्तावेजों की पूर्ति कर 14 नवम्बर 2025 से पूर्व आवेदन अग्रेषित करें। निर्धारित तिथि के पश्चात प्रस्तुत किए गए निस्तारण पर विचार नहीं किया जाएगा। वहीं, उपनिदेशक जितेन्द्र कुमार सेठी ने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना वर्ष 2025-26 के तहत आपत्तियों के निस्तारण की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025 को बढ़ाकर अब 14 नवम्बर 2025 कर दिया गया है। अतः समस्त अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे अपने आवेदन पत्रों पर दर्ज आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित तिथि तक पूर्ण कर विभाग को अग्रेषित करें, जिससे आगामी चयन प्रक्रिया में उनकी पात्रता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 नवम्बर 2025 के पश्चात प्राप्त निस्तारण या सुधार स्वीकार नहीं किए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अभ्यर्थियों की स्वयं की होगी।

C M NEWS: प्रवासी राजस्थानी समुदाय से हमारा जुड़ाव और अधिक मजबूत होगा —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आगामी 10 दिसम्बर को जयपुर के जेईसीसी में प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रवासी राजस्थानी समुदाय से हमारा जुड़ाव और अधिक मजबूत होगा। यह आयोजन प्रवासी समुदाय और राज्य सरकार के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रवासी राजस्थानियों की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश में निवेश, नवाचार और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। श्री शर्मा बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आगामी प्रवासी राजस्थानी दिवस की तैयारियों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण राजस्थान देश में निवेश के नए केन्द्र के रूप में उभर रहा है। राइजिंग राजस्थान समिट के तहत हुए एमओयू में अब तक 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउण्ड ब्रेकिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रदेश में अभूतपूर्व औद्योगिक वातावरण तैयार करते हुए उद्यमियों के लिए हरसंभव मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की अपनी विशिष्ट भौगोलिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान है। पर्यटन, वन्यजीव, हवेलियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में राज्य ने विश्वभर में अपना अलग स्थान बनाया है। साथ ही, राज्य में ऊर्जा, पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम हो रहे हैं। ऐसे में इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा बदलते हुए राजस्थान की झलक दिखाई जाए। साथ ही, कार्यक्रम में प्रवासियों के लिए राजस्थान की लोक-कला पर आधारित विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाए। सफल आयोजन के लिए अधिकारी समन्वय से करें काम— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने गत दो साल में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं, कार्यक्रम तथा नवाचार किए हैं। ऐसे में इस आयोजन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे निवेशक राज्य में निवेश के लिए आकर्षित हो सकें। उन्होंने कहा कि आयोजन के सफल संचालन के लिए उद्योग विभाग द्वारा नियमित बैठकें कर कार्यप्रगति की मॉनिटरिंग की जाए तथा सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय बनाते हुए कार्य करें। उन्होंने कहा कि जयपुर में स्वच्छता, सौन्दर्यीकरण एवं सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। विभिन्न सेक्टोरल सेशन होंगे आयोजित, प्रवासी राजस्थानियों का होगा सम्मान- मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरआर दिवस के लिए विभिन्न सेक्टर्स के सेशन्स में विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही, प्रवासी राजस्थानियों को भी इस दौरान उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने प्रवासी राजस्थानी दिवस पर आयोजित होने वाले विभिन्न सेक्टोरल सेशन, प्रवासी राजस्थानी सम्मान अवार्ड, प्रचार-प्रसार, सहित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही, उन्होंने प्रवासियों के आगमन, स्वागत, ठहरने सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

Rajasthan News: प्रदेश में निमोनिया से बचाव और उपचार के लिए सांस अभियान 12 नवम्बर से 28 फरवरी तक

प्रदेश में 5 वर्ष तक के सभी बच्चों की निमोनिया स्क्रीनिंग और इससे होने वाली जटिलताओं, तथ्यों आदि के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए 12 नवम्बर से 28 फरवरी तक ‘सांस’ अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान निर्धारित थीम ‘निमोनिया नहीं तो बचपन सही’ पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित ब्लॉक व सेक्टर स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों की अमुखीकरण समीक्षा में अभियान के संबंध में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में बच्चों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है। इस अभियान में 5 वर्ष तक की आयु वाले सभी बच्चों की निमोनिया की स्क्रीनिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जिला प्रजनन और शिशु स्वास्थ्य अधिकारी अपने जिले में स्किल लैब की विजिट करते हुए वहां सभी संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही इसकी क्रियाशील सुनिश्चित करें। मिशन निदेशक ने कहा कि निमोनिया स्किल लैब के माध्यम से संबंधित चिकित्सा अधिकारियों व नर्सिंग अधिकारियों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। प्रदेश के समस्त चिकित्सा संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य मंदिर व आंगनबाडी केन्द्रों और मुख्य स्थानों पर बच्चों में निमोनिया से बचाव व निमोनिया होने पर क्या करें संबंधी तथ्यों पर आधारित प्रचार सामग्री प्रदर्शित करें। निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर ने सभी जिलों में प्रत्येक आशा को समुचित मात्रा में अमॉक्सिसीलिन सिरप एवं प्रत्येक एएनएम एवं सीएचओ को इंजेक्शन जेन्टागाईशिन और अमॉक्सिसीलिन सिरप की समुचित मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आशाओं व एएनएम को प्रत्येक ब्लॉक व सेक्टर बैठकों द्वारा बच्चों में निमोनिया के लक्षण की पहचान हेतु आमुखीकरण करें।

Rajasthan News: सड़क सुरक्षा अभियान -तेज गति से वाहन चलाने पर 31 हजार चालकों पर की कार्रवाई

0
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशानुरूप राज्य सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेशभर में 4 से 18 नवम्बर तक 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान राज्य में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, वाहन चालकों को जागरूक करने तथा यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर राज्य में लगातार सख्त कार्रवाई हो रही है। सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत पुलिस विभाग ने 4 से 10 नवंबर तक शराब पीकर वाहन चलाने पर 4979, तेज गति से वाहन चलाने पर 31 हजार 613, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 22 हजार 773 , खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 2129, बिना रिफ्लेक्टर वाहन चलाने पर 6549 और बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने पर 12453 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान 2 लाख 88 हजार 906 नागरिकों को यातायात नियमों एवं सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया गया है। प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों पर एनएच-48 मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू करने के लिए पुलिस जाप्तों से प्रचार-प्रसार किया गया। वहीं, लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीमें तैनात रहीं और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

Rajasthan News: प्रदेश में शीघ्र शुरू होगी विलायती बबूल हटाने की प्रक्रिया -पंचायती राज मंत्री

0
प्रदेश में विलायती बबूल (प्रोसोपिस जुलिफोरा) के संपूर्ण उन्मूलन के लिए मंगलवार को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में ʻचरागाह प्रबंधन और विलायती बबूल उन्मूलनʼ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चरागाह संरक्षण और पुनर्स्थापना, विलायती बबूल का समूल उन्मूलन, जैव विविधता संरक्षण रहा। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि गौ माता का संरक्षण और संवर्धन करना आवश्यक है। जगत जननी गौ माता के बिना मानवता का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। गौ माता पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण घटक है। खाद के रूप में हानिकारक रसायनों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है लेकिन गौ माता का गोबर एक प्राकृतिक और अचूक उपाय है जो मिट्टी को पुन: जीवन और पोषण प्रदान करता है। गौ माता के विचरण करने के लिए चरागाह का कुशल प्रबंधन करना आवश्यक है। पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि चरागाह भूमि में विलायती बबूल से पारंपरिक स्थानीय वनस्पतियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यह पौधा हमारे चरागाह, कृषि भूमि, नदियों/नालों के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है, जिसे जड़ से खत्म करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।  

Mines News: राजस्थान देश का प्रमुख खनिज संपदा वाला प्रदेश —प्रमुख सचिव खान

0
स्टेट जियोलोजिकल प्रोग्रामिंग बोर्ड की 60 वीं सभा जयपुर में सम्पन्न हुई। इस दौरान आगामी वर्ष के मिनरल अन्वेषण कार्यों को अनुमोदित किया गया। प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने कहा है कि क्रिटिकल, स्ट्रेटेजिक व रेयर अर्थ एलिमेंट खनिजों के दृष्टि से भी राजस्थान देश का प्रमुख खनिज संपदा वाला प्रदेश है। ऐसे में जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, एटोमिक एनर्जी डिपार्टमेंट, मिनरल एक्सप्लोरेशन, आरएसएमईटी और खान व भूविज्ञान विभाग सहित राज्य में काम कर रही केन्द्र व राज्य की खनिज खोज कार्य में जुटी संस्थाओं को बेहतर समन्वय और सहयोग से कार्य करना होगा ताकि कार्य में गुणवत्ता के साथ ही ओवरलेपिंग जैसी स्थिति नहीं आयें। उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष 2026-27 में राजस्थान के खान विभाग द्वारा लाइमस्टोन, डेकोरेटिव स्टोन, फैरस मेटल, आरईई, औद्योगिक खनिजों सहित खनिजों की खोज की 37 परियोजनाओं पर एक्सप्लोरेशन का कार्य किया जाएगा। वहीं जीएसआई प्रदेश में खनिज अन्वेषण की 80 परियोजना पर कार्य करेगा जिसमें 40 से 42 परियोजनाएं क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल की परियोजनाएं शामिल की गई है। राजस्थान में क्रिटिकल मिनरल की दृष्टि से सिवाणा रिंग क्षेत्र संभावनाओं से भरा इलाका है और इसके साथ ही सीकर के रोहिला सहित आसपास के क्षेत्र में यूरेनियम के भण्डार उपलब्ध है। बांसवाड़ा के आसपास के क्षेत्र में एसोसिएटेड आयरन मिनरल सहित गोल्ड के भण्डार उपलब्ध है। बीकानेर-नागौर बेल्ट में पोटाश के भण्डार है। सभा में जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप महानिदेशक एलएमएस मोरा ने कहा कि खनिज संपदा की दृष्टि से राजस्थान देश का महत्वपूर्ण राज्य बन गया है और जिस तरह से राजस्थान में खनिज खोज और खनन ब्लॉकों की नीलामी में कार्य हो रहा है वह प्रसंसनीय है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार का क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल पर जोर है और उसी को देखते हुए साल 2026-27 में जीएसआई द्वारा 80 एक्सप्लोरेशन परियोजनाओं में से 40 से 42 परियोजनाएं क्रिटिकल मिनरल के एक्सप्लोरेशन की ली जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार, खान व भूविज्ञान विभाग और एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में जुटी केन्द्र की संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने बताया कि एनजीडीआर प्लेटफार्म पर खनिजों को डेटा उपलब्ध है।

Employment News: प्रदेश में ‘रोजगार उत्सव’ होगा दिसंबर में

0
राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी सौगात लेकर आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य में दिसंबर महीने में ‘रोजगार उत्सव’ आयोजित कर 20 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह आयोजन नियुक्तियों का उत्सव होने के साथ ही प्रदेश में रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय भी खोलेगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित भर्तियों को शीघ्र निस्तारित कर पात्र अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नौकरी देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, युवा शक्ति ही राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का प्रयास है कि हर योग्य युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, ताकि उसकी ऊर्जा प्रदेश निर्माण में लग सके। दिसंबर माह में राज्यभर में आयोजित होने वाले रोजगार मेलो में विभिन्न विभागों की चयन प्रक्रियाएं पूरी कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री की पहल पर रोजगार उत्सव के दौरान जेल विभाग में 900 जेल प्रहरी, पशुपालन विभाग में 2,500 पशुधन सहायक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 14,000 पद, ग्रामीण विकास विभाग में करीब 2,600 पद और खान विभाग में 100 से अधिक नियुक्तियां दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं विज्ञापन जारी करने से लेकर परीक्षा आयोजन, परिणाम घोषणा और दस्तावेज़ सत्यापन तक का कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त कार्मिक और संसाधन लगाए जाएं ताकि किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार दिलाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिसंबर में आयोजित होने वाला ‘रोजगार उत्सव’ हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाएगा। यह आयोजन प्रदेश की नई रोजगार नीति का प्रतीक बनेगा, जहां सरकार, उद्योग और समाज मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेंगे। ‘रोजगार उत्सव’ के माध्यम से राजस्थान सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में अब रोजगार सृजन एक निरंतर प्रक्रिया बन गई है। यह पहल न केवल बेरोजगारी को कम करेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को भी सशक्त बनाएगी।