farmers News: फसल खराबे पर किसानों को मिलेंगे एक हजार करोड़ रुपए

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस वर्ष अतिवृष्टि से खरीफ फसल में हुए नुकसान को लेकर संवेदनशील निर्णय किया है। उन्होंने प्रभावित 31 जिलों के 50 लाख से अधिक किसानों के लिए अनुदान वितरण की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार प्रभावित किसानों को एसडीआरएफ से कृषि अनुदान वितरित करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत 31 जिलों में खराबे से प्रभावित गांवों को अभावग्रस्त घोषित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। इससे उक्त जिलों के 50 लाख से अधिक किसानों को एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि राहत के रूप में मिलेगी। श्री शर्मा ने सभी जिला कलेक्टर्स को सभी आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर यथाशीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार खराबे का आंकलन कर त्वरित रूप से किसानों को अनुदान वितरण स्वीकृत कर रही है जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय किसानों को राहत देने में तीन वर्ष तक का समय लग जाता था।

C M NEWS: दिल्ली विस्फोट को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश पुलिस को किया अलर्ट

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए विस्फोट के मद्देनजर प्रदेश भर में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिल्ली विस्फोट में पीड़ितों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, शॉपिंग मॉल, पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भी सख्त निगरानी करते हुए माकूल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकतम पुलिस बल को सड़कों पर तैनात करें और अपने बीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड) दलों को भी सतर्क रखें। सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त सतत निगरानी रखते हुए माकूल कानून व्यवस्था के संबंध में आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कमांड सेंटर के सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी की जाए। किसी भी तरह की भ्रामक या गलत सूचना प्राप्त होने पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम उसका तुरंत खंडन करें।

Rajasthan News: सड़क सुरक्षा अभियान, 33 वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 4 से 18 नवम्बर तक प्रदेशव्यापी 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान राज्य में वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं। पुलिस विभाग की प्रदेश में व्यापक कार्रवाई – अभियान के तहत पुलिस विभाग यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निरंतर सख्त कार्रवाई कर रहा है। 4 से 7 नवंबर तक शराब पीकर वाहन चलाने पर 2949, तेज गति से वाहन चलाने पर 16 हजार 160, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 10 हजार 888, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 1199, बिना रिफ्लेक्टर वाहन चलाने पर 2863 तथा बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने पर 6269 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान 1 लाख 33 हजार 988 नागरिकों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया गया है। प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों पर एनएच-48 मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू करने के लिए पुलिस जाप्तों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। वहीं लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के लिए पुलिस टीमें तैनात हैं और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के तहत 7 नवंबर को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर चलने वाले 1818 व्यावसायिक वाहन (ट्रक व बस) चालकों की नेत्र जांच कर 291 जरूरतमंद चालकों को चश्मे वितरित किए। विभाग द्वारा 7 नवंबर तक 2279 चालकों की नेत्र जांच कर 402 चश्मे वितरित किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग ने 163 के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए, 333 वाहन सीज— परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने पर अभियान के तहत अब तक 6552 वाहनों के चालान किए हैं। इसमें मालवाहक वाहनों पर ओवरलोडिंग के 453, इन वाहनों में यात्री पाए जाने पर 163 और नियमों का उल्लंघन करने पर 4356 मालवाहक वाहनों के चालान किए गए। यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री पाए जाने पर 85, छत पर सामान रख संचालन करने पर 19 बसों और अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर 741 यात्री वाहनों का चालान किया। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा 163 व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए गए, 33 वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए और 333 वाहनों को सीज किया गया है। इस दौरान अन्य प्रकरणों में भी विभाग द्वारा चालान किए गए हैं।

Mines News: खान परिचालन से प्रदेश में बढेंगे रोजगार और राजस्व के अवसर —प्रमुख सचिव खान

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खान एवं भूविज्ञान विभाग ने बिलाड़ा में लाईमस्टोन के मेजर मिनरल के 8 प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया 7 नवंबर से आरंभ कर दी है। आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर 8 प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की नीलामी करने वाला राजस्थान देश का प्रमुख और पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि गुजरात ने पिछले दिनों एक प्रीएम्बेडेड ब्लॉक की नीलामी शुरु की है। खान, भूविज्ञान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए आरएसएमईटी को नोड़ल संस्था बनाते हुए विभाग द्वारा माइनिंग प्लान से लेकर पर्यावरण क्लियरेंस तक की आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरु की है। उन्होंने बताया कि इससे नीलाम खानों में शीघ्र परिचालन हो सकेगा और माइनिंग सेक्टर में निवेश, युवाओं के लिए रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि नीलाम खानों को परिचालन में लाने के लिए राजस्थान सहित देश के अधिकांश राज्यों में वर्तमान में ढ़ाई से तीन साल लग जाते हैं। इससे निवेश, रोजगार और राजस्व प्रभावित होने के साथ ही एलओई धारक को आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में देरी हो जाती है और खनन कार्य आरंभ नहीं हो पाता है। केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ही इसके लिए गंभीर प्रयास करते रहे है। उन्होंने बताया कि जोधपुर जिले की बिलाड़ा तहसील में लाईमस्टोन के 8 प्री-एम्बेडेड ब्लॉक तैयार कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद भारत सरकार के ई-पोर्टल एमएसटीसी प्लेटफार्म पर ई-नीलामी की निविदा सूचना 7 नवंबर को जारी कर दी गई है। 24 नवबंर तक बिड डाक्यूमेंट एमएसटीसी पोर्टल पर उपलब्ध होंगे और बिड लगाने की अंतिम दिनांक 12 दिसंबर होगी। श्री रविकान्त ने बताया कि केन्द्रीय खान मंत्रालय ने एमएमडीआर एक्ट में संशोधन कर सभी राज्यों से प्राथमिकता के आधार पर पांच-पांच ब्लॉक तैयार कर इनकी आवश्यक सभी अनुमतियां पहले से ही प्राप्त कर नीलाम करने को कहा है ताकि नीलाम खाने जल्द परिचालन में आ सके। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार इसके लिए प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने का काम उससे पूरा कराकर इसके बाद मिनरल ब्लॉकों का ऑक्शन किया जाएं। राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट आरएसएमईटी को पीएमयू घोषित कर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्री-एम्बेडेड का अर्थ :— मिनरल ब्लॉकों की नीलामी से पहले ही आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ब्लॉक की नीलामी करने की प्रक्रिया को प्री-एम्बेडेड कहा जाता है। इससे खनन ब्लॉक की नीलामी के बाद परिचालन में लगने वाले समय की बचत होने के साथ ही नीलामी में अधिक राजस्व, खनन कार्य शीघ्र आरंभ होने और निवेश, रोजगार और राजस्व में बढ़ोतरी संभव हो सकेगी। माइनिंग सेक्टर में ईज ऑफ डूइंग की दिशा में यह बढ़ता कदम है। केन्द्र सरकार भी राज्यों को कम से कम पांच प्री-एम्बेडेड ब्लॉक तैयार कर ई-नीलामी करने पर जोर दे रही है। राजस्थान पहला प्रदेश है जो 8 प्री-एम्बेडेड मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी कर रहा है। श्री रविकान्त ने बताया कि प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों की जियोलोजिकल रिपोर्ट, ब्लॉकों का सीमांकन, डीजीपीएस सर्वें, आईबीएम से माइनिंग प्लान स्वीकृति, वन विभाग से अनापत्ति, सेक और सीया से पर्यावरण क्लियरेंस सहित आवश्यक स्वीकृतियां आरएसएमईटी द्वारा प्राप्त कर ली गई है। इससे प्री-एम्बेडेड नीलाम खानों में एलओआई जारी होने के बाद शीघ्र खनन कार्य आरंभ हो सकेगा। इससे खनिजों की आपूर्ति व्यवस्था में तेजी आएगी और प्रदेश में निवेश और रोजगार वृद्धि से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट और भारत सरकार के एमएसटीसी पोर्टल पर देखी जा सकती है।

C M NEWS: वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हम सभी राष्ट्रीय चेतना के महान गीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के साक्षी बन रहे हैं और अमर काव्य की वंदना कर रहे हैं। वन्दे मातरम् ने हमारे स्वतंत्रता संग्राम को स्वर दिया जिसने करोड़ों भारतीयों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं है बल्कि हमारी सामूहिक चेतना, हमारी आत्मा की पुकार और मातृभूमि के प्रति हमारी अनंत श्रद्धा का प्रतीक है। श्री शर्मा शुक्रवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी ने अपने उपन्यास आनंदमठ में इस अमर रचना को लिखा, तब शायद उन्हें भी यह अनुमान नहीं था कि ये पंक्तियां भारत माता की आजादी के लिए लड़ने वाले लाखों वीरों का युद्धनाद बन जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारे स्वतंत्रता संग्राम का प्राणतत्व बना, क्रांतिकारियों का मंत्र और एकता का सूत्र बना। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कोलकाता में इसे गाया तो पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। आजादी की लड़ाई से अब तक, वन्दे मातरम् हर आंदोलन, जुलूस और भारतीय की जुबान पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राष्ट्रगीत के 150 वर्षों का ऐतिहासिक उत्सव मना रहे हैं। युवा भारत के भविष्य हैं, राष्ट्र की आशा हैं और इस महान विरासत के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की अंतरिम सरकार की घोषणा के समय भी वन्दे मातरम् गाया था। क्रांतिकारी जब फांसी के तख्ते पर चढ़ते थे तो उनके होठों पर भी वन्दे मातरम् होता था। अंग्रेज इस गीत से इतने भयभीत थे कि इसे सार्वजनिक रूप से गाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। श्री शर्मा ने कहा कि वन्दे मातरम् में भारतीयों को एक सूत्र में बांधने की शक्ति है। इस गीत में गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए राष्ट्रभक्तों को आत्मशक्ति देने की ऊर्जा है। यह केवल राजनीतिक नारा नहीं है बल्कि एक आध्यात्मिक शक्ति है जो हमारी सामूहिक चेतना को जागृत करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह गीत हमें हमारी साझी पहचान से तथा जड़ों से जोड़ता है। वन्दे मातरम् केवल अतीत की धरोहर नहीं है बल्कि आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि जब हम राष्ट्र निर्माण की बात करते हैं तथा विकसित भारत का सपना देखते हैं तो वन्दे मातरम् की भावना ही हमारी प्रेरणा है। श्री शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर को वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष के राष्ट्रव्यापी समारोह की स्वीकृति देकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह समारोह केवल उत्सव नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है जिसका उद्देश्य हमारे नागरिकों को, विशेषकर हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों को इस गीत की मूल क्रांतिकारी भावना से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। वीरों एवं शहीदों की भूमि राजस्थान के हर घर एवं गली में वन्दे मातरम् की गूंज व्याप्त है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप, रानी पद्मिनी, वीर दुर्गादास राठौड़ से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत शहीदों तक इस धरा ने त्याग और बलिदान की अमर कहानियां लिखी हैं। वन्दे मातरम् के हर शब्द का अर्थ समझकर इसकी कहानी को जानें— मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को इतिहास के बारे में जानना चाहिए। जब तक स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नहीं जानेंगे तब तक आजादी के मूल्य को नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् का इतिहास जानिए, इसके हर शब्द का अर्थ समझिए और राष्ट्रप्रेम को जीवित रखिए। आज सोशल मीडिया पर विदेशी संस्कृति हावी हो रही है लेकिन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् गाइए, इसे अपने दिल में बसाइए। वहीं, देशभक्ति को कर्म में बदलिए, केवल नारे लगाना काफी नहीं है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवा भविष्य के भारत के निर्माता हैं। यह कार्यक्रम एक अवसर है जब आप अपने भीतर राष्ट्रप्रेम की अलख जगा सकते हैं। राजस्थान के हर स्कूल, हर कॉलेज में वन्दे मातरम् की भावना को समझा जाए। हमारे बच्चे केवल इसे गाएं नहीं बल्कि इसके हर शब्द का अर्थ समझें और इसके पीछे की कहानी भी जानें। राजस्थान सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था उठो, जागो और दुनिया में छा जाओ। आज दुनिया में छा जाने का ही समय है। उन्होंने कहा कि युवा आगे आएं और अपनी ताकत पहचानकर विश्वपटल पर भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि भारत भूमि के लिए तथा राष्ट्रहित के लिए काम करें। मुख्यमंत्री ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर एसएमएस स्टेडियम में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जिसमें 1857 की क्रांति व भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों के योगदान से संबंधित जानकारी और विकसित भारत से संबंधित पेंटिंग्स दिखाई गई।

Mines News: अभियंता अवैध खनन क्षेत्र चिन्हित कर करें औचक कार्रवाई —प्रमुख सचिव माइंस

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प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने राज्य में अभियान चलाकर अप्रधान खनिज ब्लॉक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में प्रधान और अप्रधान खनिज ब्लाकों व प्लाटों की मिशन मोड पर ई-नीलामी का कैलेण्डर बनाकर क्रियान्विति की जाए। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में 251 अप्रधान खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की जा चुकी है। शेष अवधि में अप्रधान खनिज प्लॉटों के नीलामी का मासिक कैलेण्डर तैयार किया जा रहा है और लगभग प्रत्येक कार्य दिवस को नीलामी की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और वैध खनन को बढ़ावा देने के लिए मिनरल क्षेत्रों में प्लॉट तैयार कर नीलामी किया जाने की आवश्यकता है। प्रमुख सचिव शुक्रवार को खनिज भवन में डीएमजी महावीर प्रसाद मीणा और वरिष्ट अधिकारियों के साथ हाईब्रिड मोड पर रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑक्शन कैलेण्डर बनाते समय मेजर मिनरल प्लॉटों में मिनरल विविधिकरण पर जोर दिया जाए ताकि विविधिकृत मिनरलों के ऑक्शन से बहुआयामी निवेश, रोजगार और रेवेन्यू प्राप्त हो सके। श्री रविकान्त ने कहा कि दो दिनों में फील्ड अधिकारियों को डेलिनियेशन के काम में जुटना होगा और गंभीरता से क्षेत्र का अध्ययन कर प्लॉट तैयार कर मुख्यालय को भिजवाने होंगे। अवैध खनन गतिविधियों पर कार्रवाई में तेजी लाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए उन्होंने अधीक्षण खनि अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में अवैध खनन क्षेत्रों को चिन्हित करने, क्षेत्र में खनिज खनन उत्पादन, निर्गमन और रेवेन्यू का विश्लेषण करेंगे तो लीकेज का स्वतः पता चलेगा और फिर औचक कार्रवाई करेंगे तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। वहीं निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि प्लॉट और ब्लॉक तैयार कर ऑक्शन प्रक्रिया में प्राथमिकता से लाया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में बजरी सहित जब्त खनिजों की नीलामी के लिए जल्द निविदा जारी करने के निर्देश दिए ताकि दिसंबर माह में जब्त खनिजों की नीलामी सुनिश्चित हो सके।

Roof Top Solar: रूफ टॉप सोलर लगाने पर सरकार से मिलेगी 17 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी

राजस्थान डिस्कॉम्स ने 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत संचालन दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में पंजीकृत घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से प्रतिमाह 150 यूनिट निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके पास रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए घर की छत उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि 13 अक्टूबर को पोर्टल के शुभारम्भ के बाद रूफ टॉप सोलर लगाने के लिए अब तक 1 लाख 66 हजार 355 से अधिक विद्युत उपभोक्ता अपनी सहमति दर्ज करा चुके हैं। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उपभोक्ता रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगवाकर संयंत्र की क्षमता के अनुसार पीएम सूर्यघर योजना में देय केन्द्रीय अनुदान (अधिकतम 78 हजार रूपए) प्राप्त करेंगे। न्यूनतम 1.1 किलोवाट के संयंत्र पर उन्हें राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त 17 हजार रूपए की सब्सिडी भी दी जाएगी, जो डिस्कॉम द्वारा सत्यापन के पश्चात प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाएगी। पोर्टल के माध्यम से पंजीयन— योजना में वही घरेलू उपभोक्ता अतिरिक्त राज्य सब्सिडी के लिए पात्र होंगे, जो पहले से मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में पंजीकृत हैं और जिनके पास रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए स्वयं की छत उपलब्ध है। ऐसे उपभोक्ताओं को राजस्थान डिस्कॉम की वेबसाइट https://energy.rajasthan.gov.in, https://150unitmuftbijli.bijlimitra.com और मोबाइल एप BijliMitra पर सहमति के लिए पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए उन्हें पीएम सूर्यघर योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर एम्पेनल्ड वेंडर का चयन करना होगा। रूफ टॉप सोलर सिस्टम अपनी स्वामित्व वाली छत पर ही स्थापित कराना होगा। रूफ टॉप संयंत्र की आपूर्ति और स्थापना का कार्य पीएम सूर्यघर योजना में एम्पैनल्ड वेंडर द्वारा किया जाएगा। डिस्कॉम के संबंधित सहायक अभियंता द्वारा निरीक्षण कर रूफ टॉप संयंत्र स्थापित किए जाने का सत्यापन किया जाएगा।

C M NEWS: ‘भारत पर्व’ हमारी सांस्कृतिक विरासत और एकता का पर्व -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल ने कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से असम तक एक भारत का निर्माण किया। उन्होंने देश का केवल भौगोलिक एकीकरण ही नहीं किया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की नींव भी रखी। उनका त्याग, देशभक्ति और दृढ़संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। श्री शर्मा ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को आत्मसात कर मनाया जा रहा भारत पर्व केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, विविधता और एकता का पर्व है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिला स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, केवड़िया में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘भारत पर्व’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में प्रारंभ हुआ यह आयोजन आज देश के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों में से एक है। देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, कला, व्यंजन और हस्तशिल्प एक मंच पर प्रदर्शित होना सरदार पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न को साकार करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘देखो अपना देश’ अभियान हमें अपनी जड़ों से जुड़ने, अपनी संस्कृति को समझने और देश की विविधता का सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है। श्री शर्मा ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज हम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। इस गीत ने भारतवासियों की चेतना को जगाकर गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की प्रेरणा दी और हमें स्वराज्य के पथ पर अग्रसर होने की शक्ति प्रदान की। सरदार पटेल के व्यक्तित्व को शब्दों में समेटना कठिन- मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व इतना विशाल है कि उसे शब्दों में समेटना कठिन है। एक साधारण परिवार में जन्मे इस महापुरुष ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में आजादी की खुशी के साथ ही देश को विभाजन की त्रासदी भी सहनी पड़ी। ये वो समय था जब भारत देशी रियासतों में बिखरा हुआ था। ऐसे कठिन समय में सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक दूरदर्शिता, कूटनीतिक कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति से रियासतों को भारत में मिलाने का काम किया।

Rajasthan High Court: प्रदेश के सड़क हादसों पर कार्ट शख्त, कहा हाइवे पेट्रोलिंग शुरू करें डीजीपी

प्रदेश में सड़क हादसों को लेकर गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने शख्त निर्देश दिये हैं। कोर्ट ने कहा सड़क हादसों में मौतों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से त्वरित कदम उठाये। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब जोधपुर जाते हैं तो महसूस करते हैं कि हाइवे पर सड़क सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा। कोर्ट ने सरकार से कहा, शपथ पत्र के साथ सड़क सुरक्षा के लिए एक्शन प्लान बताएं। वहीं निर्देश दिया कि हाइवे पर सीधे खुलने वाली दुकानों को बंद कराया जाए और सर्विस लेन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, जिससे वहां दोपहिया वाहन चल सकें। अवैध रोड कट बंद कराए जाएं और डीजीपी टीम बनाकर हाइवे पर पेट्रोलिंग करायें। अगली सुनवाई 14 नवंबर तक पालन रिपोर्ट पेश करें। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार सड़क हादसों को रोकने का प्रयास कर रही है, मुख्यमंत्री ने भी दिशा निर्देश दिए हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रयास किया, यह अच्छा है। लेकिन हाइवे पर दोनों ओर दुकानें खुल रही हैं और वाहन खड़े रहते हैं। कोर्ट ने कहा कि सीधे हाइवे पर खुलने वाली दुकान का गेट बंद कराया जाए। हाइवे पर सर्विस लाइन से अतिक्रमण हटाए जाएं और जहां सर्विस या स्लिप लेन नहीं है, वहां बनाए जाएं। आवश्यक हो तो अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल की मदद ली जाए। वहीं महाधिवक्ता ने अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के लिए समय मांगा है।

C M NEWS: सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त, फुटपाथ व सड़क होंगे अतिक्रमण मुक्त

राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार नगरीय विकास विभाग ने सभी नगरीय निकायों को प्रगतिरत व आवश्यकतानुसार नवीन कार्यों को विशेष अभियान चलाकर आगामी 30 दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में सड़क नवीनीकरण, फुटपाथ व डिवाइडर मरम्मत, रखरखाव, स्वच्छता और यातायात संकेतक कार्य त्वरित गति से पूर्ण किए जाएं। फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास जैसे प्रारम्भ स्थलों पर लगाए जाएंगे रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड — मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अनाधिकृत रोड़ कट तत्काल बन्द किए जाएंगे और सडकों के जंक्शन के आस-पास अनावश्यक झाड़ियों को हटाया जाएगा। इसी तरह सड़कों के जंक्शन पर आवश्यकतानुसार स्लिप लेन निर्माण, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, अण्डरपास जैसे प्रारम्भ स्थलों और घुमाव पर वाहन खड़े नहीं करने सहित सभी गतिविधियों के लिए रेट्रोरिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे। जेब्रा क्रॉसिंग, थर्मोप्लास्ट पेन्ट और सडक डिवाइडर के रंग-रोगन के कार्य नियमित रूप से किये जाएंगे। वहीं नगरीय क्षेत्र की सड़कों के नवीनीकरण के समस्त कार्य आगामी 31 मार्च तक आवश्यक रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त नगरीय निकाय द्वारा निर्माण स्थल पर जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदको की सूचना, कार्य की लागत राशि व समयावधि की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी ताकि आमजन द्वारा किसी भी असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारी से सम्पर्क किया जा सके। क्षतिग्रस्त फेरोकवर और मैनहोल कवर का होगा मेंटीनेंस— आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाकर डिवाइडर व फुटपाथ रिपेयर के कार्य किए जाएंगे। इस दौरान निकाय क्षेत्रों में खुले नाले-नालियों को सुरक्षित रूप से ढकने, क्षतिग्रस्त फेरोकवर और सीवर लाइन के मैनहोल कवर के मेंटीनेंस का काम भी व्यापक स्तर पर किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं रहे। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर डिवाइडर पर मजबूत रेलिंग की पुख्ता व्यवस्था भी की जाएगी। नगरीय निकाय द्वारा विशेष तौर पर नियमित रूप से अलग-अलग क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर फुटपाथों व सड़कों से अतिक्रमण हटवाए जाएंगे और व्यावसायिक वाहनों हेतु पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सडकों के किनारे व डिवाइडर पर लगी झाडी, पेड पौधों की नियमित कटाई, छंटाई, रखरखाव और सार्वजनिक स्थानों, फुटपाथ व सड़कों पर बिजली के खुले तारों को तत्काल व्यवस्थित किया जाएगा। सीबीयूडी ऐप पर खुदाई कार्यों की अनिवार्यता, उल्लघंन पर होगी कार्रवाई— नगरीय विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को सडकों पर खुदाई कार्यों से पूर्व प्रस्तावित कार्य का ब्यौरा सीबीयूडी ऐप पर आवश्यक रूप से अंकित करने और ऐप पर अंकन किए बिना संपादित कार्य पर पैनल्टी लगाने के प्रावधान के सख्त निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीयूडी ऐप पर बिना इन्द्राज किए खुदाई कार्य करने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, कार्याें में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए संबधित इंजीनियर इन्चार्ज और संवेदक के उत्तरदायित्व का भी निर्धारण होगा।