Khatushyamji News: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में जल्द शुरू होगी रेल सुविधा

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प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी के यात्रियों के लिये आवागमन के लिये सरकार ने रेल सुविधा प्रदान करने जा रही है। केंद्र सरकार ने 17.49 किलोमीटर लंबी रींगस-खाटूश्यामजी रेल परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर सरकार 254.06 करोड़ रुपए खर्च करेगी। खाटूश्याम धाम रेल मार्ग को रींगस जोड़ा जायेगा। रींगस से इसकी दूरी 17.49 किलोमीटर बताई गई है।अभी श्रद्धालुओं को खाटूश्याम धाम चहुंचने के लिये निजी वाहनों, टैक्सी और बसों का उपयोग करना पड़ता है। लेकिन आने वाले समय में रेल के माध्यम से खाटू पहुंचा जायेगा। जिससे श्रद्धालुओं का सफर आसान और सस्ता होगा।

Jodhpur News: दिवाली की रात, फल मंडी में लगी आग

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दिवाली की रात भदवासिया जोधपुर फल मंडी में भीषण आग लगने का मामला संज्ञान में आया है। संचार माध्यमों के अनुसार भदवासिया फल मंडी में बरामदे में रखे फ्रूट कैरेट में अचानक आग लग गई। अंदाजा है कि आग पटाखे की चिंगारी से लगी होगी। आग की गती इतनी तेज थी कि कुछ ही समय में पुरी मंडी में चारों ओर फैल गई। आग इतनी जबरदस्त थी की कई किलोमीटर तक धूंऐ का गुबार नजर आ रहा था। आग की सूचना पर दमकलें मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है आग से बहुत नुकसान हुआ है। दमकलों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। वहीं व्यापारियों में हड़कंप मच गचा हुआ था। सभी फल व्यापारी मंडी की ओर दौड़ते नजर आये।

Byana News: रास्ते को लेकर हुआ बवाल, सड़क पर जाम

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भरतपुर जिले में बयाना के थाना गढ़ी बाजना क्षेत्र में दिवाली के दिन लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा और जाम खुलवाने का प्रयास किया। इस दौरान भीड़ ने अचानक पथराव कर दिया। पथराव में सीओ कृष्णराज सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस के अनुसार गुरधा डांग गांव में सिया, भरत और महाराज सिंह, बृजेन्द्र पक्ष के बीच सालों से जमीन का विवाद चल रहा था। दोनो पक्षों में विवाद बढऩे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिये पाबंद किया था। राजस्व अधिकारियों के अनुसार एक पक्ष की खातेदारी भूमि ऊबड़-खाबड़ थी, इस ऊबड़-खाबड़ भूमी में होकर दुसरा पक्षा का अना जाना था। लेकिन हाल ही में प्रथमपक्ष ने अपनी जमीन समतल कर मेंडबंदी कर दी। इस कारण दुसरे पक्ष का यहां होकर आना जाना बंद हो गया। इस विवाद को लेकर एक पक्ष सोमवार सुबह कुछ लोगों के साथ सीओ कार्यालय ज्ञापन देने के लिये बयाना पहुंचे। मामले की गंभीरता और दिवाली को देखकर सीओ कृष्णराज ने दीपावली के बाद मौके पर जाकर समाधान का आश्वासन दिया। वहीं लोगों ने सीओ की बात को नजर अंदाज करते हुए लौटते समय करीब सौ सवा सौ लोगों ने बयाना के भीमनगर के पास सडक़ पर जाम लगा दिया। हालात सामान्य करने के लिये पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। मौके पर मौजूद एडिशन एसपी हरीराम कुमावत ने पुलिस व प्रशासन दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों को बुलाकर मामला शांत करवाया। एएसपी कुमावत ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए, मामला राजस्व विभाग के स्तर पर सुलझाया जाएगा। प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और पुलिस बल मौके पर तैनात है।

JJM NEWS: जलदाय विभाग की हाइब्रिड एन्युटी परियोजना होगी ठेके पर शुरू

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग प्रदेश में पहली बार हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (हेम) आधारित जलापूर्ति परियोजनाएँ शुरू करने जा रहा है। हेम एक प्रकार की सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) है। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश की पांच पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए यह मॉडल लागू किया जाएगा। इन परियोजनाओं से लगभग 5 हजार ग्रामों में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 4 लाख 20 हजार घरेलू नल कनेक्शन किए जाएंगे, जिससे इन परियोजना वाले क्षेत्रों के लगभग 20 लाख लोग लाभान्वित होंगे। इन परियोजनाओं पर लगभग 18 हजार 879 करोड़ रूपये व्यय होंगे। जेजेएम के मिशन निदेशक डॉ. रवीन्द्र गोस्वामी ने शुक्रवार को जल भवन में आयोजित ब्रीफिंग सत्र में मुख्य अभियंता सहित निविदाकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रथम चरण में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत पीपीपी के तहत पाँच मेगा जलापूर्ति परियोजनाओं में हेम लागू किया जाएगा। मुख्य अभियंता (विशेष परियोजनाएँ) राज सिंह चौधरी ने बताया कि हेम के तहत विभाग कुल पूंजी लागत का 40 प्रतिशत निवेश करेगा और शेष 60 प्रतिशत परियोजना लागत ठेकेदार द्वारा निवेश की जाएगी। ठेकेदार को अपनी निवेश राशि 10 वर्षों की अवधि में 20 किश्तों के माध्यम से एन्युटी भुगतान के रूप में वापस की जाएगी। इस मॉडल से राज्य सरकार की जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक वित्तीय आवश्यकता कम हो जाएगी। जलापूर्ति परियोजनाओं का संचालन और रखरखाव 10 वर्षों तक परियोजना क्रियान्वयन वाले ठेकेदार द्वारा ही किया जाएगा। इससे निर्माण कार्य में बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी। श्री चौधरी ने उपस्थित निविदाकारों को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के प्री-क्वालिफिकेशन मानदंडों के बारे में भी जानकारी दी। इस ब्रीफिंग सत्र में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से निविदा दस्तावेज के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव और टिप्पणियाँ प्रस्तुत की। जेजेएम के प्रबंध निदेशक और विभागीय मुख्य अभियंताओं ने उनकी जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया। उन्होंने बताया कि विभाग इन बिंदुओं पर आंतरिक रूप से विचार करेगा और ऐसे प्रावधानों को प्राथमिकता देगा जो निविदाकारों की अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करें ताकि हेम परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा सके। इन जलापूर्ति परियोजनाओं में लागू होगा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल:— 1. जिला करौली और सवाई माधोपुर के 1426 ग्रामों के लिए चंबल नदी से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 3066.90 करोड़ रूपये। 2. जिला अलवर और भरतपुर के 1237 ग्रामों के लिए चंबल नदी से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 4813.67 करोड़ रूपये। 3. धौलपुर और भरतपुर जिलों की 470 ग्रामों के लिए कालीतीर जलापूर्ति परियोजना (चंबल नदी से)- अनुमानित लागत 606.79 करोड़ रूपये । 4. चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलों की 1473 ग्रामों के लिए जाखम डैम से जलापूर्ति परियोजना- अनुमानित लागत 3266.18 करोड़ रूपये। 5. सीकर और झुंझुनूं जिलों की शेष ग्रामों के लिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) से जलापूर्ति परियोजना – अनुमानित लागत 7125.97 करोड़ रूपये।

Rajasthan News: चौमू के चीथवाड़ी में नकली मावा और दूध इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई

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प्रदेश में आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए शुद्ध आहार, मिलावट पर वार अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय के विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को चौमू के पास चीथवाडी में कई मावा निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण कर कार्रवाई की गई।आयुक्त खाद्य सुरक्षा और औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि क्षेत्र में लगातार चल रही संदिग्ध मिलावटी मावे की शिकायतों के मद्देनजर पुलिस विभाग और आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा की अलग-अलग टीमों का संयुक्त जांच दल का गठित किया गया। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह, संयुक्त आयुक्त डॉ विजय शर्मा और मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ रवि शेखावत के निर्देशन व पुलिस प्रशासन के सहयोग से चीथवाडी गांव में मध्यरात्रि लगभग 2 बजे पहुंचकर 15 मावा निर्माण ईकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 20 मावा और दूध के नमूने लिये गये। 2 निर्माण ईकाइयों पर मावा में मिलावट करने वाली स्कीम मिल्क पाउडर, वनस्पति और इनसे बने लगभग 500 किलोग्राम मिलावटी दूध व मावे को मौके पर नष्ट करवाया गया। आयुक्त ने बताया कि फर्म मावा निर्माता मदनलाल शर्मा द्वारा स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल, दूध जैसे पदार्थो से मिलावटी मावा तैयार होना पाया जाने पर लगभग 50 किलो मावा 90 लीटर क्रीम निकला हुआ/कम फेट का दूध, 35 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर को मौके पर नष्ट कराया गया। इसी तरह फर्म फर्म लाला हरि एल.एच.मावा पनीर, द्वारा स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, दूध आदि से मिलावटी मावा तैयार होना पाया जाने पर लगभग 100 किलो मावा 125 लीटर घोल (क्रीम निकला हुआ/कम फेट का दूध व मिल्क पाउडर) 75 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर व 2 किलो वनस्पति को मौके पर नष्ट कराया गया। डॉ.शुभमंगला ने बताया कि फर्म कमल सेठू, फर्म मुकेश मावा पनीर भण्डार, फर्म बाबुलाल मावा पनीर उद्योग, फर्म आर.एल.मिल्क प्रॉडक्ट के निरीक्षण में साफ-सफाई व अन्य कई कमियां पाई गई, जिसके आधार पर उक्त फर्मों को सुधार हेतु खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 32 के तहत नोटिस जारी किये गए। फर्म मुकेश मावा पनीर भण्डार और मदनलाल शर्मा मावा निर्माता के पास खाद्य अनुज्ञा पत्र नहीं होने पर धारा 63 के तहत प्रकरण माननीय न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया जायेगा। उक्त कार्यवाही देर रात से अल सुबह तक जारी रही। आयुक्त ने बताया गया कि निरीक्षण के दौरान 20 मावा और दूध के नमूने लिये गये। 2 निर्माण ईकाइयों पर मिलावटी मावा निर्माण में काम आने वाले दूध, स्कीम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति व इनसे बने लगभग 500 किलोग्राम मिलावटी दूध और मावे को मौके पर नष्ट करवाया गया। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में भी मिलावटी सामान की रोकथाम हेतु कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त लिये गये नमूनों को जांच हेतु खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भेजे गये है और प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित न्यायालयों में प्रकरण दर्ज करवाये जाएंगे। जिन फर्मों के पूर्व में भी नमूने जांच में फेल पाये गये है एवं न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है, पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 64 के अन्तर्गत भी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

Mines News: माइंस क्षेत्र में तुलाई और जीपीएस सिस्टम सहित सभी व्यवस्थाएं होगी ऑनलाईन —प्रमुख सचिव माइंस

खान विभाग राज्य में माइंस सेक्टर में पारदर्शी, पेपरलेस, विवादरहित और प्रभावी मोनेटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए साल के अंत तक तुलाई कांटे, व्हीकल ट्रेकिंग और जीपीएस सिस्टम की ऑनलाईन व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी में है। प्रमुख सचिव खान एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में खान विभाग पारदर्शी और पेपरलेस व्यवस्था लागू करने के लिए चरणवद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ऑनलाईन व्यवस्था खनिज लीजधारकों के लिए सुविधाजनक होने के साथ ही लीजधारकों, रॉयल्टी ठेका धारकों और विभाग के बीच बेहतर मोनेटरिंग व्यवस्था विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। श्री रविकान्त शुक्रवार को निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तैयार ऑनलाईन मॉडूल्स के उपयोग और अन्य मॉडूल्स तैयार करने की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खनिजों की तुलाई, रायल्टी ठेकाधारकों द्वारा अधिक रॉयल्टी वसूली और खनन परिवहन के दौरान अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए विभाग द्वारा ऑनलाईन सिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इससे खानधारकों के कार्य में अवरोध के साथ ही राज्य सरकार का राजस्व भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इसके लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस विकसित की जा रही है ताकि सरलीकृत पारदर्शी पेपरलेस ऑनलाईन व्यवस्था विकसित हो सके। यह व्यवस्था खानधारकों और राज्य सरकार दोनों के लिए ही लाभकारी होगी वहीं सरकारी राजस्व के छीजत पर कारगर रोक लग सकेगी। श्री रविकान्त ने बताया कि विभागीय आईटी टीम द्वारा 22 मॉडूल्स पर काम किया जा रहा है जिसमें से ऑनलाईन माइनिंगप्लान स्वीकृत करने, नोड्यूज जारी करने सहित कुछ मॉडूल्स प्रयोग में आना आरंभ हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो मॉडूल्स या मोबाइल एप प्रयोग में आना आरंभ हो गए हैं उन कार्यों को ऑनलाईन ही संपादित किया जाए। इसके साथ ही निदेशालय को भी निर्देशित किया कि प्रयोग में आ रहे मॉडूल्स के फील्ड में अधिकारियों द्वारा उपयोग और कार्य की मॉनेटं​रिंग व्यवस्था सुुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार माइनिंग सेक्टर में पेपरलेस व्यवस्था की और बढ़ रही है ताकि माइन्स से संबंधित कार्य के लिए किसी को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

C M NEWS: राजस्थान की विकास यात्रा से प्रवासी राजस्थानियों को कराएं अवगत -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन राजस्थान की ऐतिहासिक और वैभवशाली धरोहर की थीम पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि देश और विदेश से आने वाले प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की विकास यात्रा से भी अवगत कराया जाए। उन्होंने आयोजन की सभी तैयारियां आपसी समन्वय से समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने 10 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित प्रवासी राजस्थानी दिवस के आयोजन की तैयारियों के लिये समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जयपुर में होने वाले इस आयोजन में राजस्थान की समृद्ध विरासत और संस्कृति की झलक भी दिखाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रवासी राजस्थानियों को राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के एमओयू की सफल ग्राउंड ब्रेकिंग की उपलब्धियों से अवगत कराएं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी प्रचार-प्रसार करें। श्री शर्मा ने राजस्थान फाउंडेशन के सभी चैप्टर्स से आने वाले आगन्तुकों की कार्यक्रम में सहभागिता के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली तथा जरूरी दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने सेक्टोरल सेशन के सफल आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश की ऐतिहासिक इमारतों, धरोहरों, पर्यटन केन्द्रों और महत्वपूर्ण स्थलों की भी जानकारी दी जाए।

C M NEWS: सरकार ने अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के 14 दोषी कार्मिकों प्रदान की अभियोजन स्वीकृति

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प्रदेश में जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के दोषी कार्मिकों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 14 प्रकरणों में कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही और 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति का अनुमोदन किया है। 4 प्रकरणों में सेवानिवृत अधिकारियों की रोकी पेंशन— अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करते हुए 2 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के 8 प्रकरणों में वार्षिक वेतन वृद्धियां रोकने का निर्णय किया गया है और सेवानिवृत्त अधिकारियों के चार प्रकरणों में पेंशन राशि रोकने का दंड दिया गया है। एक अन्य प्रकरण में नियम 34-सीसीए के अंतर्गत प्रस्तुत अपील को खारिज करते हुए पूर्व में प्रदत्त दंड को यथावत रखा गया है। वहीं, सीसीए नियम-23 के अन्तर्गत प्रस्तुत अपील में राहत देते हुए परिनिंदा तक सीमित किया गया है।

Rajasthan News: विलायती बबूल के राज्यव्यापी उन्मूलन की तैयारी में राज्य सरकार

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प्रदेश में विलायती बबूल उन्मूलन के लिए सरकार व्यापक कार्ययोजना बना रही है। मामले में आज पंचायती राज के सभागार में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभिन्न विभागों के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े मंत्री दिलावर ने कहा कि प्रदेश से विलायती बबूल के प्रभावी और स्थायी उन्मूलन के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। वन और राजस्व विभागों द्वारा एक स्पष्ट और पारदर्शी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश के प्रत्येक गांव में अभियान के रूप में विलायती बबूल के उन्मूलन का कार्य निर्बाध रूप से प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दोनो विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक आदेश शीघ्र जारी किया जाए ताकि इस पौधे की कटाई के लिए बार-बार अनुमति लेने की आवश्यकता समाप्त हो और किसी प्रकार की वैधानिक बाधा न उत्पन्न हो। श्री दिलावर ने बताया कि विलायती बबूल एक आक्रामक विदेशी प्रजाति है, जो प्रदेश की ग्रामीण भूमि, चारागाहों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसकी गहरी जड़ें (लगभग 30 फीट तक) और अत्यधिक जल सोखने की क्षमता (15 मीटर तक) भूजल स्तर में गिरावट और मृदा की उर्वरता में कमी का कारण बन रही हैं। इसके कारण देशी पौधों की प्रजातियाँ भी नष्ट हो रही हैं। उन्होने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से एक व्यवस्थित और सक्रिय अभियान के रूप में विलायती बबूल का उन्मूलन करने की दिशा में कार्य करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कटाई के दौरान अन्य उपयोगी वृक्षों को कोई क्षति न पहुंचे। विलायती बबूल के कोयले के परिवहन में आने वाली प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परिवहन की अनुमति प्रणाली को सरल बनाया जाए। श्री दिलावर ने सुझाव दिया कि इस पौधे के पुनः उगने की प्रवृत्ति को देखते हुए राज्य सरकार को इसके उन्मूलन के लिए तीन से चार वर्ष की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करनी होगी।

JDA NEWS: जेडीए ने अवैध कॉलोनी को किया ध्वस्त

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जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जोन-13 में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैषाली नगर के शेष रहे अवैध निर्माण के विरूद्ध पूर्णतः ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। उप महानिरीक्षक राहुल कोटोकी ने बताया कि जोन-13 के क्षेत्राधिकार में अवस्थित आगरा रोड़ ग्राम सिंदोली, सावरियां रोड़, जिला जयपुर में निजी खातेदारी कृषि भूमि पर जेडीए की बिना स्वीकृति-अनुमोदन के और बिना भू रूपान्तरण करवायें भूमि को समतल कर बसाई जा रही नवीन अवैध कॉलोनी वैशाली नगर के विरूद्ध कल दिनांक 14.10.2025 ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की गई थी, उक्त अवैध कॉलोनी की शेष रही मिट्टी-ग्रेवल सड़के व अन्य अवैध निर्माण को आज प्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा जोन-13 के राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा 03 जेसीबी मषीनों व मजदूरों की सहायता से प्रारिम्भक स्तर पर ही ध्वस्त कर नवीन अवैध कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल किया गया। उक्त कार्यवाही मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन आदर्ष चौधरी के पर्यवेक्षण में उपनियंत्रक प्रवर्तन-द्वितीय, प्रवर्तन अधिकारी जोन-13 और प्राधिकरण में उपलब्ध जाप्ते, लेबर गार्ड और जोन में पदस्थापित राजस्व व तकनीकी स्टॉफ की निशादेही पर प्रवर्तन दस्ते द्वारा सम्पादित की गई।