Rajasthan News: चिकित्सा प्रधानाचार्यों और अधीक्षकों की परफोरमेंस का होगा नियमित आकलन —खामी मिलने पर होगी कार्रवाई —चिकित्सा मंत्री

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प्रदेश के सभी मेडिकल काॅलेजों से संबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन पर अब कड़ी नजर रहेगी। सभी मेडिकल काॅलेजों के प्रधानाचार्य और संबद्ध अस्पतालों के अधीक्षकों के कामकाज का नियमित रूप से आकलन किया जाएगा। मानकों में खरा नहीं उतरने और स्वास्स्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की खामी सामने आने पर सीधे तौर उन्हें उत्तरदायी माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने गुरूवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य आमजन के जीवन से जुड़ा सबसे संवेदनशील विषय है, इसमें किसी भी स्तर पर कोताही की कोई गुंजाइश नहीं है। सभी चिकित्सा अधिकारी अपना कार्य पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्होने यह भी कहा कि किसी भी अस्पताल में चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण कोई भी स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है, तो तत्काल प्रभाव से इस संबंध में अवगत कराएं, लेकिन ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए कि मानव संसाधन के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहें। उन्होंने इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी तुरंत किए जाने के निर्देश दिए। श्री खींवसर ने अस्पतालों में पार्किंग, सुरक्षा और साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने रोगियों और परिजनों के लिए खान-पान व ठहरने की समुचित व्यवस्था और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए समय-समय पर निरीक्षण किए जाने के निर्देश प्रदान किये और कहा कि प्रबंधन के मानकों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो।

Rajasthan News: वाणिज्यिक कर विभाग की स्टेट जीएसटी प्रवर्तन शाखा ने 14 वाहनों पर कार्यवाही

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मुख्य आयुक्त राज्य कर कुमार पाल गौतम ने बताया कि लगभग 15 दिनों तक गोपनीय तरीके से राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर यात्री के रूप में ठहरकर कर चोरी में संलग्न वाहनों के बारे में मानवीय आसूचना एकत्र की। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। श्री गौतम ने बताया कि जीएसटी पोर्टल और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर यह कार्रवाई की गई जिसके परिणामस्वरूप मार्बल एवं ग्रेनाइट, लैड स्क्रेप, परचून, ब्रास मेटल और सुपारी से लदे हुए कुल 14 वाहनों को विधिवत निरूद्ध किया गया। इन वाहनों में जिन फर्मों के बिल लगाए गए थे, वे सभी विभागीय जांच में अस्तित्वहीन और बोगस पाई गईं। उन्होंने कहा कि परचून के नाम पर ब्रास मेटल स्क्रेप बिना विधिक दस्तावेजों के दिल्ली से गुजरात भेजा जा रहा था। इसी प्रकार कर्नाटक से सुपारी के दस्तावेजों के आधार पर नागपुर भेजे जाने की योजना थी लेकिन सुपारी से लदा वाहन नागपुर की बजाय दिल्ली की ओर जा रहा था जिसे सवाईमाधोपुर के निकट विभाग की टीम ने निरूद्ध किया। विभाग द्वारा इन सभी प्रकरणों में गहनता से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन संगठित गिरोहों द्वारा बिना उचित विधिक दस्तावेजों और बिना कर चुकाए मूल्यवान माल का परिवहन कर राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विभाग जब्त किए गए वाहनों में लदे माल का भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन कर नियमानुसार कर और शास्ति वसूली करेगा। मुख्य आयुक्त ने बताया कि आगे भी इंटेलीजेंस आधारित परिवहन जांच कार्यवाही जारी रहेगी।

C M NEWS: राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज खेल जगत से लेकर शिक्षा, विज्ञान, संगीत, कला और तकनीक सहित हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा साबित की है। इन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हम अपने आस-पास रह रहे दिव्यांगजनों की प्रतिभा को पहचानते हुए इनका पूरा सहयोग करें जिससे इनकी विशेष योग्यता का लाभ समाज को मिल सके और एक समावेशी समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए सबसे सुगम्य और संवेदनशील राज्य बने। श्री शर्मा बुधवार को हरीश चन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान सम्मानित होने वाले विशेष योग्यजनों और संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि इससे विशेष योग्यजनों को सशक्त बनाने के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाने की घोषणा की थी जिससे दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, समान अवसर तथा समाज में समावेशी सोच का प्रसार हो। विशेष योग्यजन की सफलता की कहानियां हम सभी के लिए प्रेरणा— मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष योग्यजन अपने भीतर विशेष योग्यता रखते हैं। ये अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दृढ़संकल्प और मेहनत से हर सीमा को पार करने का साहस रखते हैं। इनमें वह हुनर और जज्बा होता है जो किसी सामान्य व्यक्ति में मुश्किल से मिलता है। उन्होंने कहा कि पैरालम्पिक में हमारे खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश को जो सम्मान दिलाया है, वह उनकी ऊर्जा और क्षमता का प्रमाण है। इनकी सफलता की कहानियां हम सभी को प्रेरित करती हैं। दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि— मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की अमूल्य निधि है। इनके कल्याण के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेष योग्यजन के लिए मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, स्मार्टफोन, व्हील चेयर, ट्राई साइकिल, पेंशन इत्यादि से जुड़ी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। हमने विद्यार्थियों एवं स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगजनों को गत वर्ष 2 हजार स्कूटी वितरित की हैं तथा इस वर्ष दिव्यांगजनों को ढाई हजार स्कूटी वितरित की जा रही है। साथ ही, दिव्यांगजनों के लिए प्रदेशभर में विभिन्न क्लस्टर बनाए गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने विशेष योग्यजनों को स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र एवं स्मार्ट केन भी वितरित किए। इससे पूर्व उन्होंने दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को स्कूटी वितरण एवं अंग उपकरण भी वितरित किए।

C M NEWS: मंत्रीमंडल का निर्णय —वन क्षेत्र में पशु चराने पर अब नहीं होगा कारावास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमण्डल की सभा में ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश- 2025 लाने, प्रवासी राजस्थानियों के योगदान और जुड़ाव को बढ़ाने के लिए प्रवासी राजस्थानी नीति-2025, छोटे व्यापारियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी और पर्यटन में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान पर्यटन नीति के अनुमोदन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। मंत्रिमण्डल में हुए निर्णय के अनुसार प्रदेश में अब 11 अधिनियमों के उल्लंघन या तकनीकी गलती करने पर कारावास नहीं होगा। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधान हटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान वन अधिनियम-1953 में धारा 26 (1) (ए) में वन भूमि में मवेशी चराने पर कारावास का प्रावधान था। अब तक इस पर 6 माह तक कारावास या 500 रुपए तक जुर्माने अथवा दोनों दण्ड का प्रावधान था। संशोधन के बाद अब इस उल्लंघन पर जुर्माना ही लगाया जाएगा। वन को हुए नुकसान के लिए वन अधिकारी द्वारा नियमानुसार निर्धारित क्षतिपूर्ति भी देनी होगी। इस संशोधन से उन आदिवासियों और ग्रामीणों को लाभ होगा जो अनजाने में मवेशी चराते हुए वन भूमि में प्रवेश कर जाते हैं। श्री पटेल ने बताया कि राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम-1961 में सहायता प्राप्त करने वाले उद्योग के प्रभारी पर मामूली प्रक्रियात्मक अपराधों, जैसे कि बहीखाते, खाते या अन्य दस्तावेज निरीक्षण के लिए प्रस्तुत न करने पर कारावास का प्रावधान था। इन आपराधिक प्रावधानों को अब अधिनियम से हटा कर अर्थदण्ड तक सीमित किया जा रहा है। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि जयपुर वाटर सप्लाय एण्ड सीवरेज बोर्ड अधिनियम-2018 में जल की बर्बादी, दुरुपयोग, गैर-घरेलू कार्यों के लिए उपयोग, बोर्ड की सीवरेज लाइन में रुकावट डालने, बिना लिखित अनुमित सीवरलाइन से कनेक्शन जोड़ने आदि पर कारावास का प्रावधान था, जिसे हटाते हुए अर्थदण्ड के प्रावधान तक सीमित किया जा रहा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि अब आरक्षित सूची से प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के नामों की अनुशंसा 6 माह के स्थान पर एक वर्ष के भीतर की जा सकेगी। इसके लिए विविध सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन से एक ही भर्ती में अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। अनुकम्पात्मक नियुक्ति आवेदन की समय सीमा में वृद्धि— श्री पटेल ने बताया कि मृतक सरकारी कर्मचारी के आश्रित को वर्तमान नियमों में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु सरकारी कार्मिक की मृत्यु के दिनांक से 90 दिन की समय सीमा में आवेदन करना होता है। अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन करने की समय सीमा को 90 दिवस से बढ़ा कर 180 दिवस करने का निर्णय मंत्रिमंडल द्वारा किया गया। इसके लिए राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति के नियम, 1996 में संशोधन किया जाएगा। इस संशोधन से मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु विभिन्न दस्तावेज, शपथ पत्र तैयार करने में पर्याप्त समय मिल सकेगा। मोटर वाहन उप निरीक्षक पद के लिए न्यूनतम योग्यता में संशोधन— श्री पटेल ने बताया कि राजस्थान परिवहन अधीनस्थ सेवा नियम, 1963 में मोटर वाहन उप निरीक्षक पद की सीधी भर्ती हेतु न्यूनतम योग्यता में संशोधन किया जा रहा है। अब तक मोटर वाहन उप निरीक्षक पद की सीधी भर्ती के लिए सैकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण के साथ ऑटोमोबाइल अथवा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 3 वर्षीय डिप्लोमा धारक या समकक्ष योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी ही पात्र थे। संशोधन के बाद अब उच्चतर योग्यता वाले अभ्यर्थी भी इस पद हेतु आवेदन करने के पात्र होंगे। साथ ही, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के एक वर्षीय अनुभव की अनिवार्यता एवं परिवहन यान श्रेणी के लाईसेन्स धारक होने की अनिवार्यता समाप्त की गई है, जिससे अधिकाधिक अभ्यर्थियों को अध्ययन पूरा करने के तत्काल बाद ही आवेदन करने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।

C S NEWS: मुख्य सचिव ने की रिडकोर परियोजनाओं की समीक्षा

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मुख्य सचिव और नव नियुक्त राजस्थान इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन(रिडकोर) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बुधवार को शासन सचिवालय में निदेशक मंडल की सभा का आयोजन हुआ। श्री श्रीनिवास ने रिडकोर द्वारा की जा रही सड़कों की अनुरक्षण और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। सभा में रिडकोर के अंतर्गत आने वाली कुल 1450 किलोमीटर की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन सभी सड़कों के किनारों से वर्षा काल के दौरान हुई क्षति की मरम्मत जैसे गड्ढों की मरम्मत, रेन कट्स और किनारों से झाड़ियाँ हटाने के साथ नियमित अनुरक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई। ब्लैक स्पॉट सुरक्षा उपायों के अंतर्गत किए गए कार्यों के बारे में चर्चा करते हुए रिडकोर के अधिकारियों ने बताया गया कि रंबल स्ट्रिप एवं जेब्रा मार्किंग, स्पीड ब्रेकर का निर्माण, ब्लिंकर एवं अन्य सड़क फर्नीचर की व्यवस्था, सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, झाड़ियों और अतिक्रमणों को हटाना तथा अनधिकृत मीडियन कट्स को बंद करना, धीमी गति से चलने वाले वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स लगाने के बारे में बताया। रिडकोर परियोजनाओं की सड़कों पर 54 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे, जिन सभी पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूरे कर दिए गए हैं। वर्तमान में कोई लंबित मामला नहीं है।

Rajasthan News: प्रदेश में शुरू हुई 230 माइनर मिनरल ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया

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राज्य में दिसंबर माह में 230 माइनर मिनरल प्लॉटों की ई-नीलामी की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई हैं वहीं चालू वित्तीय वर्ष के आगामी तीन माहों में करीब 400 माइनर मिनरल प्लॉटों की ई-नीलामी का एक्शन प्लान बनाया गया है। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने यह जानकारी मंगलवार को सचिवालय में मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों और प्लॉटों की ई-नीलामी की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने कहा कि खान विभाग एक और खनिज खोज कार्य को गति दे रहा हैं वहीं फील्ड मशीनरी को और अधिक सक्रिय करते हुए प्लॉट डेलिनियेशन से लेकर ऑक्शन पूर्व तैयारियां मिशन मोड़ में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग द्वारा आगामी तीन माह का एक्शन प्लान बना लिया है और उसी के अनुसार एनआईबी जारी करने से लेकर ऑक्शन प्रक्रिया पूरी करने तक की पूर्व तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा भारत सरकार के एमएसटीसी प्लेटफार्म पर पारदर्शी तरीके से मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की जाती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मिनरल ब्लॉकों की समयबद्ध नीलामी पर जोर देते रहे हैं जिससे अवैध खनन गतिविधियों पर रोक, वैध खनन को बढ़ावा, माइनिंग सेक्टर में निवेश और रोजगार के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।

Rajasthan News: प्रदेश में रोगियों और परिजनों के सुझावों से स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार

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प्रदेश के सभी बडे़ अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में व्यापक सुधार की दृष्टि से प्रभावी फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा। अस्पतालों में आने वाले रोगी और उनके परिजन वहां मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपना फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पताल प्रशासन आवश्यक सुधार कर व्यवस्थाओं को पेशेंट फ्रेण्डली बनाएगा। उच्च स्तर से इस सिस्टम की नियमित माॅनिटरिंग भी की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को जेके लोन अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सुगम बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि अस्पतालों में व्यवस्थाएं पेशेंट फ्रेंडली हो, ताकि रोगियों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसी सोच के साथ प्रथम चरण में मेडिकल काॅलेजों से संबद्ध अस्पतालों में फीडबैक सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रोगियों एवं परिजनों को अस्पतालों में आने वाली कठिनाइयों की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, उनके सुझावों के आधार पर जरूरी सुधार किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि आईसीयू और सुपर स्पेशलिटी में आने वाले गंभीर रोगियों की सर्वाइवल रेट को उच्चतम स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जाएं। श्रीमती राठौड़ ने पीआईसीयू, एनआईसीयू, सामान्य वार्ड, कैथ लेब, सीटीवीएस इकाई, दवा काउंटर, मा योजना के पंजीकरण केंद्र सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार राजकीय चिकित्सा संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवा रही है, इसलिए यह ध्यान रखा जाए कि रोगियों को सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हों, किसी भी रोगी को बाहर से कोई दवा या अन्य सामान नहीं लाना पडे़।

Rajasthan News: प्रदेश में किसान-पशुपालकों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। प्रदेश में कार्यशील दुग्ध संघों की वित्तीय स्थिति में व्यापक सुधार होने के साथ ही दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता का निरंतर विकास और विस्तार हो रहा है। वहीं, सहकारिता तंत्र के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीणों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ रहा है, जो विकसित राजस्थान-2047 की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। प्रदेश में महिला, युवा, मजदूर और किसानों के सशक्तिकरण के संकल्प को राज्य सरकार अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसी प्रतिबद्धता के फलस्वरूप प्रदेश में दुग्ध उत्पादन तथा कैटल फीड से संबंधित गतिविधियों का वार्षिक टर्नओवर 8,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष पहुंच गया है। इस वर्षिक टर्नओवर में बढ़ोतरी से दुग्ध संघों की वित्तीय स्थिति व्यापक सुधार आया है। इनके वार्षिक लाभ में लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, पूर्व में प्रदेश की 15 मिल्क यूनिट्स हानि की श्रेणी में संचालित हो रही थी। लेकिन, आज सभी 24 मिल्क यूनिट्स लाभ की स्थिति में हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में व्यापक अभियान चलाकर लगभग एक लाख नए किसानों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ा गया है, जिससे किसानों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है। नवीन सदस्यों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए आरसीडीएफ में दूध के क्रय मूल्य में भी आवश्यकतानुसार वृद्धि भी की है। आरसीडीएफ द्वारा नवाचार और गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। आरसीडीएफ को डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के सर्वाेच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘गोपाल रत्न पुरस्कार‘ की तीनों श्रेणियों में चयनित किया गया है।

Rajasthan News: योजनाओं का जमीनी स्तर पर अधिक से अधिक प्रचार प्रसार हो —शासन सचिव

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पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने सोमवार को पशुधन स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा में विभागीय योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्य योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। शासन सचिव ने विभागीय अधिकारियों से जमीनी स्तर पर चल रही योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेते हुए पशुपालकों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने और आधुनिक पशुपालन सेवाएं सुलभ कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इस दौरान विभाग की ऑनलाइन सेवा पोर्टल, हेल्पलाइन और सूचना संप्रेषण व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। शासन सचिव ने कहा कि तकनीक आधारित सेवाओं से पारदर्शिता बढ़ती है और पशुपालकों को त्वरित सहायता मिलती है, इसलिए इन सेवाओं के साथ साथ योजनाओं के व्यापक प्रचार—प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए और पूरी तैयार के साथ इस काम को पूरा किया जाए। शासन सचिव ने कहा विभाग के पूर्ण डिजिटलाइजेशन की दिशा में अधिकारी काम करें। इससे काम को गति तो मिलेगी ही, काम में पारदर्शिता भी आएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी कार्मिकों को व्यक्तिगत कार्य आवंटित किया जाए और उनकी कार्ययोजना तथा प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को विभाग का डिजिटलाइजेशन करने की दिशा में गंभीर प्रयास करने के निर्देश दिए। डॉ. शर्मा ने चल रहे टीकाकरण अभियानों विशेषकर संक्रामक रोगों की रोकथाम संबंधी गतिविधियों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि जिलों में समुचित मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं और वैक्सीन की उपलब्धता हर स्तर पर और हर हाल में सुनिश्चित रहे। समीक्षा के दौरान सचिव ने प्रदेश में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की सुगमता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई, मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स के प्रभावी संचालन और पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो सकें। सचिव ने अनुशासनहीनता या काम के प्रति उदासीनता दिखा रहे कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए।

Crime News: देश में हुई तीन शर्मशार घटना

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देश में तीन अपराध ऐसे घटित हुए हैं। जिसमें मानवता शर्मशार हुई और अपराधियों ने अपना आपा खो दिया। पहली घटना इटावा में हुई। यहां टिकट को लेकर हुई बहस में एक महिला को चलती ट्रेन से टीटीई ने धक्का दे दिया जिससे महिला की मौत हो गई। महिला एक नेवी अफसर की पत्नी बताई जा रही है। वहीं जीआरपी थाने में आरोपी टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कि है।बताया जा रहा है कि आरोपी ने बहस बढ़ने के दौरान तिलमिलाते हुये महिला को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया। वहीं दिल्ली में CISF के हेड कांस्टेबल ने बहस के दौरान एक 17 साल के लड़के को गोली मार कर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार लड़का कम्युनिटी सेंटर DDA मार्केट स्थित पार्क के पास एक शादी समारोह में गया था। यहां CISF के हेड कांस्टेबल से लड़के की किसी बत को लेकर बहस हो गई। जिस पर हेड कांस्टेबल ने लड़के को गोली मार दी। तीसरी घटना राजस्थान के उदयपुर में हुई यहां एक व्यक्ति ने लिव-इन पार्टनर में रह रही महिला की नाबालिग बेटी से दुष्कर्म कर दिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए महिलाओं के कपड़े पहनकर घूम रहा था। एसपी योगेश गोयल के अनुसार सविना थाना में एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि पति से विवाद के बाद वह चंद्र शेखर पारिख निवासी खारिया मीठापुरा बिलाड़ा जोधपुर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। अभियुक्त पिछले एक माह से महिला की नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म व डरा-धमका कर उसके साथ अप्राकृतिक शारीरिक संभोग जैसा घिनौना कृत्य कर रहा था। पुलिस ने महिला की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता 2023 और पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। श्री गोयल ने बताया कि आरोपी चंद्र शेखर गिरफ्तारी से बचने के लिए विचित्र रूप धारण कर घूम रहा था। पुलिस टीम ने आसूचना और तकनीकी सहयोग का इस्तेमाल करते हुए वांछित आरोपी तलाश शुरू की और हुलिया बदलकर महिलाओं की वेशभूषा में घूम रहा आरोपी चंद्र शेखर को पुलिस ने पूछताछ कर गिरफ्तार कर लिया।