Teachers News: गुरूजी मनायेगें स्कूलों में दिवाली

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आदेशों की पालना में शिक्षा निदेशक ने एक आदेश में शिक्षकों 18 अक्टूबर से दीपोत्सव अवधि तक रोशनी करनक को कहा है। निदेशक सीताराम जाट ने गुरुवार को आदेश जारी कर कहा है कि स्कूलों में रंगरोगन और सफाई के साथ 18 अक्टूबर से दीपोत्सव अवधि तक सभी विद्यालयों में रोशनी की जाए, ताकि स्कूल आकर्षक व आलोकित नजर आएं। जबकि शिविरा पंचांग के अनुसार स्कूलों में मध्यावधि अवकाश 13 से 24 अक्टूबर तक है। उपरोक्त आदेश के अनुसार अब गुरूजी स्कूलों में ही दीपोत्सव करते नजर आयेगें। ये आदेश शिक्षकों के लिये गले की हड्डी बन गया है। जो शिक्षक स्थानिय है उनके लिये तो काई खास नहीं है। लेकिन जो दूर रहते है हैं वो शिक्षक इस आदेश से परेशान हो रहे है। वहीं ऐसे में अवकाश का उद्देश्य भी खत्म हो जाएगा। जानकारी के अनुसार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ज्यादातर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और लिपिकों की कमी है। ऐसे में लाइटिंग और सजावट का काम कौन करेगा। शिक्षकों का मानना है कि यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। अगर पांच दिन दीपोत्सव के दौरान स्कूल जाना होगा, तो शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार कैसे मनाएंगे?

Crime News: गंगापुर सिटी में पांव काट कर लूटे चांदी के कड़े

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गंगापुर सिटी में एक वृद्ध महिला के दोनो पांव काट कर चांदी के कड़े लूटने का मामला संज्ञान में आया ​है। पुलिस के अनुसार कमला नाम की 60 साल की वृद्ध महिला के दोनो पांव काट कर चांदी के कड़े लूट लिये। पीड़ित महिला सीतौड़ की ढाणी, बामनवास निवासी है। पुलिस ने आरोपी रामोतार और उसकी कथित पत्नी तनु उर्फ सोनिया को गिरफ्तार कर लिया। रामोतार खेडा बाढ़ रामगढ़ का निवासी है और वह आदतन अपराधी भी बताया गया है। जानकारी के अनुसार आरोपी एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया था। वहीं वृद्धा को एसएमएस अस्पताल लाया गया था लेकिन ईलाज के दौरन देर होने से उसके पैर नहीं जोड़े जा सके। एसपी अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि रामोतार ने तनु के साथ पीड़िता कमला को मजदूरी का झांसा दिया और अपने किराए के कमरे पर ले गया। फिर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसकी पत्नी ने वृद्धा का मुंह दबाया और आरोपी ने पाइप काटने की आरी से वृद्धा के दोनों पैर काटकर चांदी के कड़े लूट लिए। उन्होने बताया की दोपहर एक बजे आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले लिया और बेचे गए कड़ों की राशि को भी जब्त कर लिया।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के प्रवासी राजस्थानियों को किया आमंत्रित

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर महाराष्ट्र से आए ‘राजस्थान प्रकोष्ठ’ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान और महाराष्ट्र के मध्य सामाजिक व आर्थिक एक्सचेंज प्रोग्राम सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में प्रचुर मात्रा में सौर ऊर्जा, खनिज सम्पदा का भंडार, बिजली-पानी की पर्याप्त उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियां है। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से इस निवेश-परक वातावरण का लाभ उठाते हुए प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को उद्यम स्थापित करने में हरसंभव मदद करेगी। इस दौरान श्री शर्मा ने आगामी 10 दिसम्बर को प्रस्तावित ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के लिए प्रवासी राजस्थानियों को आमंत्रित किया। इस अवसर पर ‘राजस्थान प्रकोष्ठ’ के अध्यक्ष संजय मंत्री, नंदकिशोर मालपानी सहित विभिन्न प्रवासी राजस्थानी मौजूद रहे।

Mines News: खनन राज्य सरकार के राजस्व संग्रहण का प्रमुख विभाग -प्रमुख सचिव खान

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खान विभाग द्वारा 8 अक्टूबर तक 4404 करोड़ 98 लाख रु.का राजस्व अर्जित किया गया है। खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि आलोच्य अवधि का यह अब तक का सर्वाधिक राजस्व संग्रहण होने के साथ ही गत वित्तीय वर्ष की इसी अवधि से 60 करोड़ रुपए अधिक है। इससे पूर्व के वर्ष की तुलना में यह लगभग एक सौ करोड़ रुपए अधिक है। श्री रविकान्त ने बताया कि खनन क्षेत्र में राजस्व संग्रहण गति पकड़ने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को राजस्व संग्रहण पर और अधिक फोकस के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने निदेशक खान महावीर प्रसाद मीणा व वरिष्ठ अधिकारियों की राजस्व संग्रहण को लेकर समीक्षा की। जुलाई-अगस्त में खनन क्षेत्र में हड़ताल व अन्य कारणों से राजस्व संग्रहण में विपरीत प्रभाव पड़ा पर समन्वित प्रयासों और बेहतर निगरानी के चलते सितंबर में राजस्व संग्रहण के सराहनीय प्रयास किये गये हैं। श्री टी. रविकान्त ने कहा कि खनन राज्य सरकार के राजस्व संग्रहण का प्रमुख विभाग है। पिछले सालों से राजस्व लक्ष्यों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व वसूली में किसी तरह की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नए व पुराने बकाया सहित राजस्व के सभी बिन्दुओं पर नियमानुसार वसूली के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व की छीजत न हो, एमनेस्टी, अवैध खनन गतिविधियों के जुर्माने, आरसीसी-ईआरसीसी सहित सभी संभावित बकाया वसूली की नियमित समीक्षा की जाए। इस वर्ष खान विभाग को 12980 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रहण के लक्ष्य दिए गए हैं। गत वितीय वर्ष 2024-25 में 9228 करोड़ 21 लाख रुपए राजस्व के रुप में राजकोष में जमा करवाये गए। श्री रविकान्त ने वित्तीय सलाहकार गिरीश कछारा को राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा करने और प्रतिदिन राज्य सरकार को प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए। खान निदेशक महावीर प्रसाद मीणा ने विश्वास दिलाया कि राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के समन्वित प्रयास किये जाएंगे। राजस्व के सभी संभावित स्रोतों पर फोकस करते हुए वसूली के प्रयास किये जाएंगे। इस दौरान अधिकारियों से राजस्व वसूली लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सुझाव प्राप्त करने के साथ ही वसूली रणनीति पर भी मंथन किया गया। जैसलमेर में वार्षिक लक्ष्यों की तुलना में 99.11 प्रतिशत की राशि वसूल कर की गई, वहीं भीलवाड़ा में सर्वाधिक 880 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहित किया गया है। समीक्षा में संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत, अतिरिक्त निदेशक महेष माथुर, अधीक्षण खनिज अभियंतागण एन. एस. शक्तावत, ओ. पी. काबरा, एन.के. बैरवा, एस.पी. शर्मा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा ने राजस्व वसूली के संबंध में सुझाव दिए।

Rajasthan News: खो-नागोरियान में पकड़ा मिलावटी मिल्क केक का कारखाना

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त्योहारी सीजन को देखते हुए शुद्ध आहार, मिलावटर पर वार के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत गुरूवार को जयपुर के खो—नागोरियान में मिलावटी केक की फेक्ट्री पकड़कर 650 किलो केक नष्ट करवाया गया और भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया गया। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि दीपावली के त्योहार के दृष्टिगत अलग—अलग टीमें बनाकर मिलावट के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री विशेषकर घी,तेल, मसाले,पनीर,मावा, मिठाइयों की निर्माण इकाइयों एवं विक्रेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अभियान के तहत गुरूवार को ज्वाइंट कमिश्नर खाद्य सुरक्षा डॉ. वीपी शर्मा और सीएमएचओ जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने खो नागोरियान में मिलावटी केक की फैक्ट्री पकड़ी। टीम ने खो नागोरियान में ढींगा वाली ढाणी स्थित मिल्क केक के एक कारखाने पर कार्रवाई करते हुए 650 किलो मिलावटी केक नष्ट करवाया। यह कारखाना बिना फूड लाइसेंस के चलाया जा रहा था। मौके पर सूजी, मिल्क पाउडर, रिफाइंड सोयाबीन तेल, लिक्विड ग्लूकोज और फिटकरी डालकर मिलावटी मिल्क केक बनाया जा रहा था। आगरा रोड, नाई की थड़ी, दिल्ली रोड, जामडोली, रामगढ़ रोड के मिठाई विक्रेताओं को यह केक 250 रूपये किलो बेचा जा रहा था। दुकानदार इसे 400 रुपए किलो तक बेचते हैं। मौके पर 2300 किलो चीनी, 1150 किलो सूजी, 90 किलो मिल्क पाउडर, 600 किलो लिक्विड ग्लूकोज, 21 टिन रिफाइंड सोयाबीन तेलत था 2 किलो फिटकरी जब्त की गई। दीपावली पर लगभग 10 हजार किलो मिलावटी मिल्क केक बनाकर बेचने की तैयारी थी। इस मिल्क केक के नमूने लिए गए हैं तथा पैकेटों में रखा 650 किलो मिलावटी मिल्क केक,पैकिंग के लिए रखा लगभग 400 किलो मिलावटी मिल्क केक, लगभग 100 किलो तैयार घोल, 100 किलो सूजी मिल्क पाउडर का मिश्रण नष्ट करवाया गया तथा यह अवैध कारखाना बंद करवाया गया। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम— 2006 के अंतर्गत आगे कार्रवाई की जाएगी। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील चोटवानी, विनोद थारवानऔर राजेश नागर शामिल रहे।

Rajasthan News: अनाधिकृत व भ्रामक पैकेजिंग पाए जाने पर 14 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर की कार्यवाही

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प्रदेश में दीपावली के त्यौहार के मद्देनजर उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा हेतु उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में वजन और माप उपकरणों के नियमों का उल्लंघन करने के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा दुकानों का निरीक्षण कर नियमों का पालन न करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को अतिरिक्त आयुक्त, खाद्य विभाग एवं पदेन नियंत्रक विधिक मापविज्ञान उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशन में विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और डिब्बा बंद वस्तुएँ नियम 2011 के तहत जयपुर में दीनानाथ जी की गली स्थित 14 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उक्त प्रतिष्ठानों पर कांटे व बाटां के सत्यापन प्रमाण पत्र और सत्यापित बाट माप नही पाये जाने और अनाधिकृत व भ्रामक पैकेजिंग पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर कारवाई की गई। विभागीय अधिकारियो द्वारा सभी प्रतिष्ठानों पर कुल 1 लाख 77 हजार रूपए का जुर्माना लगाकर राजकोष में जमा करवाया गया। निरीक्षण के दौरान जाँच दलों का घेराव कर प्रवर्तन कार्यवाही को बाधित किए जाने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन की सहायता लेकर कार्यवाही निरन्तर की गई। विभागीय अधिकारियों द्वारा स्थानीय व्यापार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सभी व्यापारियों को विधिक मापविज्ञान अधिनियम तथा डिब्बा बंद वस्तुए नियम की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पाबन्द किया गया। उल्लेखनीय है कि गलत माप तौल एवं पैकेजिंग मापदंडों के विरुद्ध यह अभियान 13 से 19 अक्टूबर तक सम्पूर्ण प्रदेश में विशेष रूप से चलाया जायेगा। इस हेतु अधिकारियों की विशेष टीमें संभाग एवं जिला स्तर पर गठित की गई है। विभाग द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के हित में सही माप तौल करने के लिये पाबंद करना है ताकि उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और संतोषजनक खरीदारी अनुभव प्राप्त हो सके। इसके साथ ही अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करना है। राशि देकर प्राप्त की गई सेवाओ और वस्तुओं की शुद्धता, मानक, मात्रा व सही माप तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है। इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 और 14435 व वाट्सएप नं. 7230086030 पर शिकायत की जा सकती है। उपभोक्ता हैल्पलाइन शिकायत दर्ज करने के साथ ही परामर्श सलाह व मार्गदर्शन का काम भी करती है।

Mines News: नीलाम खानों में शीघ्र आरंभ हो खनन कार्य- मुख्य सचिव

मुख्य सचिव सुधांश पंत ने नीलाम मिनरल ब्लॉकों को शीघ्र परिचालन में लाने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक अनुमतियां प्राथमिकता से जारी कराने के निर्देश दिए हैं। समय पर आवश्यक अनुमतियां जारी होने से नीलाम ब्लॉकों में खनन कार्य आरंभ हो सकेगा, इससे खनन क्षेत्र में निवेश के साथ प्रदेश में रोजगार के नए अवसर और राज्य सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्य सचिव मंगलवार को सचिवालय के चिंतन कक्ष में नीलाम किये गए खनिज ब्लॉकों में शीघ्र खनन कार्य आरंभ कराने के लिए प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 112 मेजर मिनरल ब्लॉकों की नीलामी के साथ देश में अव्वल है पर आवश्यक अनुमतियां जारी होने में देरी के कारण इन ब्लॉकों में खनन कार्य आरंभ नहीं हो सका है। केन्द्र सरकार भी इसे लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग चैक लिस्ट जारी कर आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी दे ताकि आवेदन के समय ही आवश्यक औपचारिकता पूरी हो सके। हो सके तो सिस्टम ही इस तरह का विकसित कर लिया जाए कि आवश्यक औपचारिकताओं में कमी होने पर सिस्टम आवेदन को स्वीकार ही ना करें। उन्होंने बार-बार, नई-नई कमियां इंगित करने को गलत बताते हुए कहा कि इससे अनावश्यक देरी होती है। प्री-एम्बेडेड ब्लॉकों के ऑक्शन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार इसे लेकर गंभीर है ऐसे में जल्द से जल्द अनुमतियां प्राप्त कर ऑक्शन की तैयारी की जाए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए कि जिलों में जनसुनवाई का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने एलओआई धारकों द्वारा आवश्यक अनुमतियों के लिए समय पर आवेदन नहीं करने को गंभीरता से लेते हुए कहा कि तय समय सीमा में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएं। विभागीय पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल को और अधिक सक्रिय करते हुए समन्वय व मार्गदर्शन के निर्देश दिए। उन्होंने एलओआई धारकों और संबंधित विभागों के बीच ओरियंटेशन कार्यक्रम करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया की जानकारी होने से आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन होगा और अनुमतियों में देरी नहीं हो सकेगी। उन्होंने चरागाह और प्लांटेशन आदि के संबंध मंे भी निर्देश दिए। उन्होंने बजरी खानों की नीलामी के बावजूद पर्यावरण स्वीकृतियों में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बजरी खनन आरंभ होने से आमलोगों की बड़ी राहत मिल सकेगी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार ने कहा कि आवश्यक अनुमतियां जारी होने में देरी को परस्पर समन्वय व सहयोग से दूर किया जाएगा। विभाग स्तर पर भी मॉनीटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं प्रमुख सचिव राजस्व श्री दिनेश कुमार ने बताया कि चारागाह क्लीयरेंस से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर लिया जाएगा। प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने बताया कि गत दो सालों में प्रदेश में मेजर मिनरल ब्लॉकों सहित बजरी के प्लाटों की बड़ी संख्या में नीलामी के बावजूद अभी यह खानें परिचालन में नहीं आ पाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और केन्द्र सरकार स्तर पर भी नीलाम खानों को शीघ्र परिचालन में लाने पर जोर दिया जा रहा है। दो खाने परिचालन में हैं जबकि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कराकर इस साल के अंत तक 8 मेजर मिनरल ब्लाकों में खनन कार्य आरंभ कराने के लक्ष्य के साथ विभाग आगे बढ़ रहा है। श्री रविकान्त ने बताया कि नीलाम बजरी खानों के परिचालन में नहीं आने से बजरी की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है और इससे आमजन को राहत नहीं मिल पा रही है। इसी तरह से अन्य खानों में भी खनन कार्य आरंभ हो जाएं तो खनन क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, युवाओं व स्थानीय स्तर पर रोजगार और राज्य सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

Rajasthan News: प्रदेश में ‘सिर्फ रोशनी ही नहीं, बल्कि प्रत्येक थाली भी हो सुरक्षित‘ अभियान जारी

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मिलावट पर प्रभावी रोकथाम लगाकर आमजन को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। वहीं आमजन को स्वस्थ खान-पान और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु ‘ईट राइट राजस्थान’ और ‘निरामय राजस्थान’ जैसे नवाचारों पर फोकस किया जा रहा है और खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय द्वारा त्योहारी सीजन को देखते हुए ‘सिर्फ रोशनी ही नहीं, बल्कि प्रत्येक थाली भी हो सुरक्षित‘ थीम पर मिलावट के विरुद्ध व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 76 हजार किलोग्राम से अधिक संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं एवं 58 हजार किलोग्राम से अधिक खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की ओर से दीपावली के त्योहार को देखते हुए खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया गया है। इस दौरान मिठाई, घी, तेल, मावा, डेयरी उत्पाद और खाद्य रंग सहित अन्य खाद्य पदार्थों के साथ ही कच्चे माल के निर्माता और आपूर्तिकर्ताओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। श्रीमती राठौड़ ने बताया कि अभियान में 01 सितंबर से अब तक कुल 2 हजार 835 निरीक्षण किए गए, जिनमें 2 हजार 556 प्रवर्तन जांच शामिल हैं। वहीं 3 हजार 520 निगरानी नमूने दौरे भी किए गए हैं, जो उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इन कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उत्पादकों, थोक विक्रेताओं और मिठाई निर्माताओं की पहचान करना था, जो दूध उत्पाद, खोया, खाद्य तेल या घी जैसे अधिक मांग वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट करते हैं। अभियान के तहत अब तक 76 हजार 283 किलोग्राम संदिग्ध या मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं तथा 58 हजार 780 किलोग्राम मिलावटी खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभियान विभाग की वार्षिक रोकथाम कार्ययोजना का हिस्सा था, जिसका मुख्य लक्ष्य त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि विभाग ने मिठाई निर्माताओं और खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए कार्यशालाएं और परामर्श सत्र भी आयोजित किए हैं, जिनमें स्वच्छता, भंडारण और असली कच्चे माल के उपयोग पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया है और विभाग ने नागरिकों से अपील भी की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अस्वच्छ खाद्य निर्माण या विक्रय गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। एफएसएसएआई फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप या स्थानीय नियंत्रण कक्ष के नंबरों के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Agriculture News: प्रदेश में महिला कृषकों मिल रहा निःशुल्क बीज मिनीकिट

कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए सरकार का उद्देश्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि कृषकों को आर्थिक रूप से खुशहाल बनाना भी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि किसान आत्मनिर्भर बनें, उनकी आमदनी दोगुनी हो और कृषि को तकनीकी, प्रशिक्षण और संसाधनों से जोड़कर कृषकों को समृद्ध बनाया जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए भी कृतसंकल्पित है। इस दोहरे लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रदेश की महिला कृषकों को निःशुल्क बीज मिनीकिट का वितरण किया जा रहा है। कृषि कार्य में महिलाएं बुआई से लेकर कटाई तक अहम भूमिका निभाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा महिलाओं को मूंग, मोठ, ज्वार, मक्का, बाजरा, मूंगफली और सोयाबीन की फसलों के निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए जा रहे हैं। इससे महिला कृषक उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ ही राज्य और देश की अर्थव्यवस्था में अपना अहम योगदान दे रही हैं। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत कृषकों, स्वयं सहायता समूहों, निशक्तजनों और गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाली महिला कृषकों को प्राथमिकता दी गई है। बीज वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य जन आधार कार्ड के माध्यम से किया जा रहा है। संबंधित कृषि पर्यवेक्षक लाभार्थियों को न केवल बीज प्रदान कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के अनुसार फसल की किस्म के चयन, बुवाई की विधि, फसल प्रबंधन और बीजों के उचित उपयोग की जानकारी भी दे रहे हैं, जिससे किसान अधिक उपज प्राप्त कर सकें।

Assembly by-election: अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 का मतदान 11 नवम्बर को — मुख्य निर्वाचन अधिकारी

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अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 के लिए मतदान 11 नवम्बर को होगा, 21 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 14 नवम्बर 2025 को मतगणना की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने मंगलवार को इस बारे में राज्य के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ सचिवालय में बैठक कर उन्हें अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 के कार्यक्रम और आदर्श चुनाव आचार संहिता की जानकारी दी। निर्वाचन विभाग ने सभी दलों से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान और आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करवाने में सहयोग करने का आग्रह किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अंता उपचुनाव-2025 की घोषणा के साथ ही संबंधित राजस्व जिले में आचार संहिता लागू हो गयी है। उन्होंने बताया कि उपचुनाव की अधिसूचना 13 अक्टूबर 2025 को जारी होगी। इसके साथ ही नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। 21 अक्टूबर 2025 नामांकन पत्र जमा कराने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 23 अक्टूबर को की जाएगी तथा 27 अक्टूबर 2025 तक नामांकन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। श्री महाजन ने कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमानुसार चुनाव में भाग लेने वाले सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को अपनी वेबसाइट, टीवी चैनल्स, राष्ट्रीय व स्थानीय समाचार पत्रों में प्रत्याशी की आपराधिक पृष्ठभूमि का विवरण कम से कम तीन बार प्रकाशित, प्रसारित करवाना होगा। उन्होंने कहा कि पोलिंग एजेंट को यह निर्देश दिया जाए कि वे मतदान के दिन सुबह मतदान शुरू होने से 90 मिनट पूर्व ईवीएम मशीन पर मॉक पोल के लिए आवश्यक रूप से मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि अंता विधानसभा क्षेत्र में 1 अक्टूबर 2025 तक कुल 2,27,563 मतदाता पंजीकृत हैं, जिसमें 1 लाख 16 हजार 405 पुरुष एवं 1 लाख 11 हजार 154 महिला और 4 अन्य मतदाता नामांकित है जो विधानसभा क्षेत्र में स्थापित 268 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। श्री महाजन ने बताया कि सभी संबंधित जिलों में मीडिया प्रकोष्ठ और मीडिया में जारी होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों के अधिप्रमाणन के लिए जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकाधिक मतदान के लिए मतदाताओं को जागरूक करने, नए मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और ईवीएम की जानकारी देने और उपचुनाव के दौरान लोगों की अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया कार्मिकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबंधित क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों के निस्तारण हेतु सी-विजिल एप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए होम वोटिंग की सुविधा एवं आयोग द्वारा प्रारंभ किए गए नवाचारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मतदाता जागरूकता तथा आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में मीडिया की प्रभावी भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने मीडियाकर्मियों से इन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होकर निष्पक्ष, भयमुक्त और धनबल के प्रभाव से रहित चुनाव संपन्न कराने में सहयोग का आह्वान किया।