C M NEWS: ट्रोमा सेंटर में अग्नि दुखांतिका में मृतकों के परिजनों को मिलेगी 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में रविवार देर रात हुई अग्नि दुखांतिका में प्रत्येक मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुखद घटना ने हम सभी को व्यथित किया है। शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

SMS NEWS: सर​कार ने एसएमएस अधीक्षक और ट्रोमा सेंटर प्रभारी को पद से हटाया, फायर सेफ्टी एजेंसी के खिलाफ एफआईआर के निर्देश

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सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में आग की घटना के मामले में राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड को पद से हटा दिया है और एसएमएस में पदस्थापित अधिशाषी अभियंता मुकेश सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, फायर सेफ्टी के ​लिए नियोजित एजेंसी एसके इलेक्ट्रिक कम्पनी की निविदा निरस्त करते हुए उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि ट्रोमा सेंटर में आग की घटना के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रात को 3 बजे ही अस्पताल पहुंचकर घटना का जायजा लिया था और प्रकरण में सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को पद से हटाने सहित निलंबन की यह कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने सवाई मानसिंह अस्पताल में अधीक्षक का कार्यभार डॉ. मृणाल जोशी को एवं ट्रोमा सेंटर के अधीक्षक का कार्यभार डॉ. बीएल यादव को दिया है। वहीं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंचकर वहां लगी आग की घटना का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुःखुद है। उन्होंने हादसे के 6 मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की और परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति देने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। चिकित्सा मंत्री ने घटना स्थल पर जाकर वस्तु स्थिति का जायजा लिया और मामले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सभी बिंदुओं पर गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को क्षतिग्रस्त आईसीयू को जल्द से जल्द दुरूस्त करवाने और तब तक मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री खींवसर ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सवाई मानसिंह अस्पताल एवं इससे संबद्ध अस्पतालों में फायर सेफ्टी एवं अन्य सुरक्षा प्रबंध बेहतर करने के लिए जून माह में ही सीआईएसएफ को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। यह रिपोर्ट भी शीघ्र प्राप्त हो जाएगी। इसके अनुसार पहले चरण में सवाई मानसिंह अस्पताल एवं इससे संबद्ध अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके बाद प्रदेशभर के अस्पतालों में सीआईएसएफ की रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएंगी।

जयपुर के एसएमएस अस्पताल ट्रोमा सेंटर आइसीयू में अब तक 8 मरीजों की मौत हो चुकी है

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जयपुर के एसएमएस अस्पताल ट्रोमा सेंटर आइसीयू में अब तक 8 मरीजों की मौत हो चुकी है। फायर सिस्टम थे। लेकिन सुनने कोई नहीं। देख कर सब भाग गये। आइसीयू में जाने का रास्ता एक ही था। भर्ती मरीजों के परिजनों ने बताई आपबीती।

C M NEWS: शिक्षक ज्ञान के वाहक हैं -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक ज्ञान के वाहक हैं, जो राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उनकी शिक्षा ही समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के शिक्षक भारत को ज्ञान में विश्वगुरु, संस्कृति में समृद्ध, मूल्यों में अग्रणी और चरित्र में श्रेष्ठ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। श्री शर्मा रविवार को जयपुर के जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के 9वें अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1988 में स्थापित हुआ अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ऐसा मंच है जहां ‘राष्ट्र के हित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक, शिक्षक के हित में समाज‘ का त्रिसूत्रीय वाक्य साकार होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महासंघ ने समाज में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाने का काम किया है। राष्ट्रीयता और भारतीय दर्शन की भावना से ओतप्रोत होकर इस संगठन से जुड़े शिक्षक प्री-प्राइमरी से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि महासंघ राष्ट्रभक्ति और चारित्रिक मूल्यों का संचार करते हुए संस्कारवान युवाओं का निर्माण कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लघु, सीमांत, बटाईदार किसानों और खेतिहर श्रमिकों के बच्चों के लिए सत्र 2024-25 से राजकीय महाविद्यालयों में राजकीय निधि कोष में लिये जाने वाला शुल्क पूर्णतः माफ किया है। यह निर्णय समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, हमने वंचित वर्ग के बच्चों के लिए शुल्क माफी, छात्रवृत्तियां और विशेष प्रावधान भी किए हैं।

C M NEWS: महाराजा अजमीढ़ चंद्रवंशी उच्च कोटि के कलाकार थे -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महाराजा अजमीढ़ चंद्रवंशी परंपरा के महान शासक होने के साथ ही उच्च कोटि के कलाकार भी थे। उन्होंने आभूषण और कलाकृतियां बनाने की कला को अपनी प्रजा और वंशजों के लिए एक गौरवशाली व्यवसाय में बदलने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज महाराजा अजमीढ़ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश की कला, संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दे रहा है। श्री शर्मा रविवार को जयपुर के अग्रवाल कॉलेज में श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार सभा द्वारा आयोजित महाराजा अजमीढ़ जयंती महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोने को तराशकर उसमें प्राण फूंकने की जो कला स्वर्णकार समाज के पास है, वह दुनिया के अन्‍य किसी समाज में देखने को नहीं मिलती। उनके द्वारा बनाए जाने वाले आभूषण भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर विशेष रूप से रत्न एवं आभूषणों के एक वैश्विक केंद्र के रूप में विख्यात है। यहां के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए रत्‍न और सुंदर आभूषण अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में जयपुर को विशेष पहचान दिलाते हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ ही, लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हस्तशिल्प के हुनर को सम्मान देने के साथ ही, प्रदेश में उद्योग और व्‍यापार को बढ़ावा देने के लिए अनेक स्‍तर पर प्रयास कर रही है। प्रदेश के आर्थिक विकास को सर्वाेपरि रखते हुए पिछले 22 महीनों में हमने आर्थिक सुधार लाने, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं।

C M NEWS: प्रदेश की एसी बसों में यात्रियों को सीट पर उपलब्ध होगा खाना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को अमर जवान ज्योति पर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की आधुनिक और सुविधायुक्त 128 ब्लू लाइन बसों का शुभारम्भ करते हुए उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, उन्होंने ‘आपणी बस-राजस्थान रोडवेज’ ग्रामीण परिवहन सेवा का शुभारम्भ और वोल्वो, स्केनिया और एसी बसों में केटरिंग सुविधा की भी शुरूआत की। राज्य सरकार ने नवाचार करते हुए रेल और हवाई यात्रा की तरह निगम की वोल्वो, स्केनिया तथा एसी बसों में केटरिंग सुविधा भी शुरू की है। इससे इन बसों में यात्रियों को यात्रा के दौरान उनकी सीट पर ही खाने-पीने की सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। यात्रियों को सुबह, दोपहर और शाम के मेनू के अनुसार खान-पान मिल सकेगा।

SMS Hospital Fire: एसएमएस अस्पताल में लगी आग से 8 लोगों की हुई दर्दनाक मौत

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राजस्थान सबसे बड़े सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में रविवार देर रात आग लगने से पूरा प्रदेश दहल गया। घटना रात करीब 11:20 बजे की बताई जा रही है।एसएमएस की दूसरी मंजिल पर आईसीयू वार्ड में अचानक आग भड़क गई। आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हादसे में छह मरीजों की दर्दनाक मौत होना बताया गश है। वहीं पांच मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों में चार पुरुष और दो महिलाएं सूचना हैं। अस्पताल प्रशासन ने आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया है। घटना के समय आईसीयू और सेमी-आईसीयू में 18 मरीज भर्ती होना बताया है। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। प्रथम पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल का फायर अलार्म सिस्टम ने ठीक से काम नहीं किया और समय पर ऑक्सीजन लाइन भी बंद नहीं हो पाई। वहीं कर्मचारियों के पास पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण भी नहीं थे। इन सब कारणों के चलते आग तेजी से फैल गई और 8 लोगों की मौत हो गई। गम्भीर हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा देर रात अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज के लिए तत्काल संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, यह बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा सचिव अंबरीश कुमार, पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ, कलेक्टर जितेंद्र सोनी और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। एसएमएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि आग भीषण थी और जलने व दम घुटने से छह लोगों की मौत हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने परिजन की मदद से कई मरीजों को बड़ी मश€कत से सुरक्षित बाहर निकाला। अस्पताल के बाहर सड़क पर ही मरीजों के बेड लगाए गए। मरीजों की आंखों में बीमारी से ज्यादा आग का खौफ नजर आया।

C M NEWS: प्रवासी राजस्थानी मीट से सांस्कृतिक व सामाजिक जुड़ाव को मिलेगा बढ़ावा —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास को मजबूत बनाने और गति प्रदान करने के लिए प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन करने जा रही है। आयोजित होने वाली प्रवासी राजस्थानी मीट से देश और विदेश में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों का प्रदेश के विकास में योगदान और सांस्कृतिक व सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा। श्री शर्मा गुजरात के सूरत में आगामी 8 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘प्रवासी राजस्थानी मीट’ के आयोजन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को प्रवासी राजस्थानी मीट के आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवासी राजस्थानी उद्यमियों और निवेशकों के साथ सेक्टर मीटिंग के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रवासी राजस्थानी मीट से प्रदेश में होटल, खनन, फार्मा जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों से संबंधित पूर्व तैयारियां समय से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों की प्रवासी राजस्थानियों को जानकारी दी जाए।

Rajasthan Discoms News: प्रदेश में विद्युत शुल्क में 50 पैसे तक की कमी

राजस्थान डिस्कॉम्स (जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगमों) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 2 अप्रैल, 2025 को राजस्थान विद्युत नियामक आयोग के समक्ष अपनी टैरिफ याचिकाएं प्रस्तुत की थी, जिस पर नियामक आयोग ने आज निर्णय किया है। लागत और खर्च के बढ़ते दबाव के बावजूद डिस्कॉम्स ने प्रदेश के सभी श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ का सरलीकरण करने की कोशिश की है। मल्टीपल चार्जेज कम करके विभिन्न श्रेणियों को एकीकृत करने का प्रयास किया है। इस कदम का उद्देश्य मौजूदा जटिल टैरिफ संरचना को सरल बनाना है। डिस्कॉम ने टैरिफ में संशोधन का प्रस्ताव करते समय उपभोक्ता के हित को तरजीह दी है। पहली बार डिस्कॉम्स ने लगभग सभी श्रेणियों में विद्युत शुल्क (एनर्जी चार्ज) कम करने का प्रस्ताव दिया। सिर्फ एक श्रेणी (0 से 50 यूनिट तक प्रति माह विद्युत उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं) के लिए विद्युत शुल्क 4 रूपए 75 पैसे प्रति यूनिट यथावत रखा गया है। डिस्कॉम्स ने जब यह टैरिफ याचिका दायर की थी तब उपभोक्ताओं पर 70 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज देय था। पहली बार डिस्कॉम्स ने फ्यूल सरचार्ज के साथ जोड़कर 0 से 100 यूनिट तक प्रतिमाह उपभोग वाले घरेलू उपभोक्ताओं से 70 पैसे प्रति यूनिट प्रत्तिमाह रेगुलेटरी सरचार्ज प्रस्तावित किया था। इसी तरह अन्य उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज के साथ 1 रूपए प्रति यूनिट रेगुलेटरी सरचार्ज प्रस्तावित किया था। प्रदेश में घरेलू श्रेणी के लगभग 1 करोड़ 35 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1 करोड़ 4 लाख रजिस्टर्ड घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में राजस्थान सरकार सब्सिडी प्रदान कर रही है। इन 1 करोड़ 4 लाख उपभोक्ताओं में से प्रति माह 100 यूनिट तक उपभोग करने वाले 62 लाख उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत के लिए कुछ भी भुगतान नहीं करना होता है, क्योंकि सब्सिडी की वजह से उनका बिजली बिल शून्य आता है। इन उपभोक्ताओं पर रेगुलेटरी सरचार्ज का भार भी नहीं आएगा। राज्य सरकार इसे वहन करेगी। वहीं घरेलू श्रेणी के 51 से 150 यूनिट स्लैब में लगभग 35 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं के लिए विद्युत शुल्क 6 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर 6.00 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है। इस प्रकार इन्हें भी 50 पैसे प्रति यूनिट की राहत दी गई है। घरेलू श्रेणी के 150 से 300 यूनिट स्लैब वाले उपभोक्ताओं के एनर्जी चार्ज में भी 35 पैसे प्रति यूनिट की राहत प्रदान की गई है। याचिका में लघु, मध्यम और वृहद औद्योगिक श्रेणी के लिए विद्युत शुल्क की दरों को एकरूपता प्रदान करने का प्रयास किया गया है। औद्योगिक श्रेणी में विद्युत शुल्क की एक ही दर रखी गई है। वृहद् औद्योगिक श्रेणी में पहले 7 रूपए 30 पैसे प्रति यूनिट विद्युत शुल्क था जिसे 6 रूपए 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया गया है। मध्यम श्रेणी में विद्युत शुल्क दर 7 रूपए प्रति यूनिट थीं। जिसे अब कम करते हए 6 रूपए 50 पैसे प्रति यूनिट कर दिया है। इसी प्रकार स्मॉल औद्योगिक श्रेणी में दो रेट्स थी, 6 रूपए और 6 रूपए 45 पैसे प्रति यूनिट। इसको एकीकृत करते हुए 6 रूपए प्रति यूनिट कर दिया है। इससे औद्योगिक श्रेणी में समान टैरिफ दर को प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि उपभोक्ताओं के लिए विद्युत शुल्क 5 रूपए 55 पैसे प्रति यूनिट है। उसे भी घटाते हुए 5 रूपए 25 पैसे प्रति यूनिट किया है। कृषि उपभोक्ताओं पर रेगुलेटरी सरचार्ज को भी राज्य सरकार वहन करेगी। राज्य में 20 लाख से अधिक कृषि उपभोक्ता हैं।

Seasonal Diseases News: मौसमी बीमारियों से बचाव और रोकथाम के लिए विभाग प्रदेश में करेगा घर-घर सर्वे

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मौसमी बीमारियों से बचाव और रोकथाम के लिए प्रदेशभर में आशा, एएनएम व सीएचओ द्वारा शनिवार से घर-घर सर्वे किया जाएगा। सर्वे के दौरान आमजन को बीमार होने पर तत्काल चिकित्सा संस्थान पहुंचकर परामर्श लेने, चिकित्सकीय सलाह से ही दवा का सेवन करने, बच्चों की पहुंच से दवा को दूर रखने व दवा के दुष्प्रभाव सामने आने पर आवश्यक उपाय बरतने के संबंध में जागरूक किया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा कर रही थी। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना का प्रभावी तरीके से संचालन किया जा रहा है। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना में उपलब्ध करवाई जाने वाली दवाएं रोगियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार लिखी जाएं और आमजन दवाओं का उपयोग चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही करें। विगत दिनों कुछ स्थानों पर बिना परामर्श खांसी की दवा के सेवन के कारण बच्चों में दुष्प्रभाव के मामले सामने आए हैं। यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी है कि चिकित्सकों, फार्मासिस्ट व आमजन को दवाएं लिखने और उनके उपयोग के बारे में आवश्यक जानकारी हो। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होने ने कहा कि बारिश का दौर थमने के साथ ही मौसमी बीमारियों का प्रसार होने की आशंका बनी रहती है। इस मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार आदि के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों में जांच, दवा एवं उपचार की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि दवाएं लिखते समय चिकित्सक यह ध्यान रखें कि बच्चों और व्यस्कों को कौनसी दवाएं लिखी जानी चाहिए, इसके प्रोटोकॉल का पूरा पालन हो। कोई भी दवा देते समय परिजनों को उसकी खुराक के संबंध मे पूरी जानकारी दें। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि फार्मासिस्ट चिकित्सक की पर्ची के बिना दवाओं का वितरण न करें और दी जाने वाली दवाओं के उपयोग के संबंध में रोगी व परिजन को आवश्यक जानकारी दें। एएनएम, आशा और सीएचओ सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिकित्सक से परामर्श के लिए प्रेरित करें। दवाओं के उपयोग से कोई भी दुष्प्रभाव की जानकारी मिलने पर तुरंत सेक्टर प्रभारी को सूचित करें। साथ ही, अभिभावकों को दवाओं के सावधानीपूर्वक उपयोग के बारे में जागरूक करें। आमजन को इस संबंध में भी जागरूक करें कि वे दवा का सेवन पंजीकृत चिकित्सक की सलाह तथा निर्धारित खुराक के अनुसार ही करें। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने कहा कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को डेक्सट्रोमोरफन युक्त दवा नहीं दी जाए। आमजन को समझाया जाए कि वे घर में रखी दवाओं का बिना चिकित्सकीय परामर्श के सेवन नहीं करें। दवा के सेवन के बाद किसी भी तरह का दुष्प्रभाव यथा सांस लेने में कठिनाई, सुस्ती, बेहोशी, उल्टी, दौरे जैसे लक्षण नजर आएं तो नजदीकी अस्पताल या हेल्पलाइन नंबर 104/108 या राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0141-2225624 पर सम्पर्क किया जा सकता है। निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि चिकित्सक यह सुनिश्चित करें कि ओपीडी और आईपीडी में रोगी को दवा स्पष्ट रूप से लिखें और दवा की कितनी खुराक कब लेनी है, यह जानकारी पर्ची पर अंकित करने के साथ ही रोगी को भी इस संबंध में समझाएं। रो​गी एवं उनके परिजनों को दवा की मात्रा एवं दुष्प्रभावों को बारे में पूरी जानकारी दी जाए।