Medical News: औषधि गुणवत्ता को लेकर चिकित्सा विभाग सख्त, सघन निरीक्षण जारी

0
औषधि गुणवत्ता को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार सख्त कदम उठा रहा है। प्रदेश में दवा निर्माताओं और विक्रेताओं के यहां निरीक्षण कर नमूने लिए जा रहे हैं व कमियां पाई जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में प्रदेश में 24 फर्मों का निरीक्षण कर करते हुए लेवोसेट्रीजीन डाईहाईड्रोक्लोराईड (विनसेट-एल) टेबलेट के स्टॉक पर रोक लगाई गई है और करीब 20 लाख रूपए की दवाएं जब्त की गई हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि विगत दिनों देशभर में विभिन्न दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सामने आई स्थिति के बाद प्रदेश में औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा दवा निर्माताओं एवं विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया जा रहा है। दवाओं के नमूने लेकर क्वालिटी जांच की जा रही है एवं किसी भी तरह की शिकायत सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला ने बताया कि विगत दिनों मुखबिर से गोपनीय सूचना मिली थी, जिसके के आधार पर औषधि नियंत्रण अधिकारी, धौलपुर द्वारा वाईएल फार्मा,बद्दी, हिमाचल प्रदेश द्वारा निर्मित लेवोसिट्रीजिन डाईहाईड्रोक्लोराईड(विनसेट-एल) टेबलेट के बैच संख्या वाईएलटी-25023 का नमूना लिया गया। राजकीय विश्लेषक औषधि परी़क्षण प्रयोगशाला, जयपुर की जांच में यह दवा नकली श्रेणी की पाई गई। इसमें सक्रिय घटक शून्य पाया गया। इस पर औषधि नियंत्रक डॉ. अजय फाटक को प्रभावी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे। औषधि नियंत्रक ने राज्य में अलर्ट नोटिस जारी करते हुये विभिन्न जिलों के सहायक औषधि नियंत्रकों के माध्यम से सम्पूर्ण राज्य में विभिन्न 24 फर्मों के निरीक्षण किये गए और उक्त औषधि के बैच पर रोक लगाते हुये शेष बचे स्टाॅक को जब्त किया गया। डॉ. शुभमंगला ने बताया कि वाईएल फार्मा द्वारा निर्मित अन्य औषधियों के अभी तक 44 नमूने व अन्य संदिग्ध निर्माताओं की औषधियों के 9 नमूने लिए गए हैं। साथ ही, करीब 20 लाख रूपए के शेष स्टाॅक के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। अलर्ट नोटिस जारी होने के उपरान्त कुछ औषधि विक्रेताओं द्वारा नकली औषधि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया गया, परन्तु आयुक्तालय के अधिकारियों की सजगता से ऐसे औषधि विक्रताओं को चिन्हित कर औषधि बरामद कर ली गयी। हिमाचल प्रदेश के औषधि नियंत्रक से समन्वय स्थापित कर उक्त औषधि के निर्माता के निर्माण परिसर को भी सील कर आवश्यक कार्यवाही की गयी है। हिमाचल प्रदेश के औषधि नियंत्रक ने बताया है कि निर्माता कम्पनी की औषधि निर्माण गतिविधियों पर 29 मार्च, 2025 से ही अग्रिम आदेशों तक रोक लगाई जा चुकी थी। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान एवं उत्तराखण्ड के औषधि नियंत्रकों के द्वारा नकली औषधियों के निर्माण एवं विक्रय की रोकथाम के लिये आपस में सामन्जस्य स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही किये जाने के लिये पूर्व में भी एक बैठक आयोजित की गयी थी। नकली औषधि के निर्माण में लिप्त दोषियों के विरूद्व सख्त कार्रवाई के उद्देश्य से राज्य के औषधि नियंत्रण अधिकारियों की दो टीम बनाकर हिमाचल प्रदेश भी भेजी गई है। अनुसंधान को फास्ट ट्रेक स्कीम के तहत लेकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने की कार्यवाही के लिये शीघ्र ही न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। श्री फाटक ने आमजन से अपील की है कि औषधि डॉक्टर की पर्ची से लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही लें और दवा का बिल अवश्य लें। दवा पैकेट पर निर्माता कम्पनी का नाम, बैच नम्बर, निर्माण और अवधिपार तिथि अवश्य देखें। बहुत सस्ती दवा, दवा की पैकिंग पर कोई गलत वर्तनी, टूटी सील या रंग फीका होना नकली दवा का संकेत हो सकता है, जिसके बारे में तुरन्त जिलों के औषधि नियंत्रण कार्यालयों के अधिकारियों को सूचना दें, जिससे ऐसे औषधि विक्रेताओ और निर्माताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सके तथा अमानक व भ्रामक दवाओं की विशेष निगरानी कर रोकथाम में सहयोग मिल सके।

C M NEWS: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान बन रहा सिरमौर

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने सुशासन, जनकल्याण और परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति के नए मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप प्रदेश वर्ष 2024-25 के दौरान 11 राष्ट्रीय कार्यक्रमों व योजनाओं में पहला स्थान प्राप्त करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल रहा। स्वास्थ्य से लेकर जनकल्याण तक देशभर में राजस्थान बन रहा सिरमौर— श्री शर्मा के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के आयोजन में राजस्थान पूरे देश में शीर्ष स्थान पर रहा। केन्द्र सरकार के आयुष मंत्रालय के ‘योगा संगम पोर्टल’ के अनुसार राज्य ने 62 हजार 915 स्थलों पर 85 लाख 31 हजार 185 प्रतिभागियों के साथ पूरे भारत में प्रथम स्थान पर रहा। वहीं, अंगदान को बढ़ावा देने तथा अंग व प्रत्यारोपण में उभरते हुए राज्य के रूप में राजस्थान को वर्ष 2025 के लिए प्रथम स्थान के साथ राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। सितम्बर 2025 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जारी रैंकिंग में पहले स्थान के साथ ही पोषण पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश शीर्ष पर रहा है। इसी तरह, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2025) के तहत 2.18 करोड़ पॉलिसियां जारी कर राजस्थान देश में प्रथम है। कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की संवाहक बन रही फार्मर रजिस्ट्री योजना में पीएम किसान लाभार्थियों की आईडी बनाने में प्रतिशत के आधार पर राजस्थान ने वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम रैंक प्राप्त की। स्वच्छ भारत मिशन (ग्राम्य) के ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान-2025’ के अंतर्गत स्वच्छता लक्षित इकाइयों को रूपांतरित करने में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान ने प्रथम स्थान पर है। साथ ही, अक्षय एवं सौर ऊर्जा क्षमता स्थापना में राजस्थान पीएम कुसुम योजना कंपोनेंट-ए में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर रहा है। वर्ष 2024 के लिए पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित फिट इंडिया फ्रीडम रन एवं विकसित भारत संकल्प यात्रा में राजस्थान देशभर में प्रथम स्थान पर रहा। फिट इंडिया फ्रीडम रन में देश में आयोजित 10 हजार 443 कार्यक्रमों में से 6 हजार 202 कार्यक्रम आयोजित कर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर रहा। वहीं, विकसित भारत संकल्प यात्रा में राज्य ने 11 हजार 209 कैंपों के आयोजन एवं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत 5.94 लाख गैस कनेक्शन जारी करके देश में प्रथम स्थान हासिल किया। पीएम विश्वकर्मा योजना में द्वितीय स्थान, कृषि में डिजिटल परिवर्तन हेतु रजत पुरस्कार— राजस्थान हर घर तिरंगा कार्यक्रम 2025 में पंजीकृत वालंटियर एवं मीडिया अपलोड श्रेणी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक पर ड्रॉप मोर क्रॉप के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 1.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन सिस्टम की स्थापना, पोषण माह 2025 के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों एवं पीएम विश्वकर्मा योजना में ऋण स्वीकृति एवं वितरण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान द्वितीय स्थान पर है। वहीं, कृषि विभाग में सरकारी प्रक्रियाओं में डिजिटल परिवर्तन हेतु राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स रजत पुरस्कार (द्वितीय स्थान) भी हासिल किया है। एक जिला-एक उत्पाद कार्यक्रम में ब्रॉन्ज अवॉर्ड— प्रदेश ने पीएम-कुसुम योजना के कंपोनेंट-बी एवं कंपोनेंट-सी एफएलएस के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान पर है। वहीं, वर्ष 2024 के लिए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत टीबी मुक्त पंचायतें घोषित करने एवं अभियान के दौरान 100 दिवसीय कैम्पेन में एसीएसएम गतिविधियों के लिए देश में तृतीय स्थान पर रहा। इसके अलावा तंबाकू फ्री यूथ कैम्पेन 2.0 के अंतर्गत बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट एवं नेशनल प्रोग्राम फोर पेलिएटिव केयर में उत्कृष्ट योगदान के लिए तृतीय स्थान पर है। साथ ही आयुष्मान भारत (पीएम-जेएवाई) क्लेम सेटलमेंट एवं हॉस्पिटल एम्पैनलमेंट में वर्ष 2024-25 में भी देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। वहीं उद्योग और वाणिज्य विभाग के एक जिला-एक उत्पाद कार्यक्रम के क्रियान्वयन की राज्यों की श्रेणी में राजस्थान को ब्रॉन्ज अवॉर्ड (तृतीय स्थान) मिला है। इसी तरह, पंचायती राज विभाग के जल संचय जनभागीदारी 1.0 अभियान में कुल कार्यों के क्रियान्वयन के आधार पर वर्ष 2025 के लिए तृतीय स्थान पर है। लॉजिस्टिक इकोसिस्टम में अग्रणी बन रहा प्रदेश— केन्द्र सरकार द्वारा लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को मजबूत करने एवं लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार के लिए जारी किए जाने वाली लीड्स रिपोर्ट में राजस्थान को बेस्ट परफॉर्मर 2024 के अवार्ड से नवाजा गया। वहीं, जनजाति कल्याण, सशक्तिकरण एवं समावेशी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट के रूप में सम्मानित किया गया।

Crime News: आमजन गंभीर साइबर खतरे के प्रति रहे आगाह —पुलिस महानिदेशक

0
साइबर अपराधों को रोकने के लिए पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को एक गंभीर साइबर खतरे के प्रति आगाह किया है। विवाह-शादी के इस सीज़न में साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से ई-निमंत्रण और गिफ्ट लिंक के बहाने एक खतरनाक जाल बिछा रहे हैं। इस चेतावनी का उद्देश्य साइबर अपराधों पर अंकुश लगाना है। उप महानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम विकास शर्मा ने बताया कि अपराधी एक फर्जी एपीके फाइल जिसका नाम अक्सर आमंत्रण.apk होता है, साझा कर रहे हैं। उपयोगकर्ता जैसे ही शादी के आमंत्रण या लोकेशन लिंक समझकर इस पर क्लिक करते हैं, यह एप्लिकेशन मोबाइल में इंस्टॉल हो जाता है। यह कोई साधारण ऐप नहीं बल्कि एक बैकडोर मैलवेयर है, जो डिवाइस को हैक कर लेता है। एक बार इंस्टॉल होने के बाद यह मैलवेयर चुपके से एसएमएस, संपर्क सूची, कैमरा और फाइल एक्सेस जैसी संवेदनशील अनुमतियां प्राप्त कर लेता है। इसके बाद यह गुप्त रूप से उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और पासवर्ड को एकत्रित करना शुरू कर देता है। साइबर अपराधी इसी चोरी किए गए डेटा का उपयोग करके बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं, जिससे आमजन की गाढ़ी कमाई खतरे में पड़ रही है। पुलिस ने दी ये 5 महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह— साइबर क्राइम शाखा ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संभावित नुकसान से बचने के लिए इन सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन करें— ● किसी भी ई-निमंत्रण या गिफ्ट लिंक पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करें। ◆ मोबाइल सेटिंग्स में Install from unknown sources विकल्प को तुरंत Disabled करें। ◆ हमेशा केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर जैसे अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें। ◆ अपने मोबाइल में एक विश्वसनीय एंटीवायरस या मोबाइल सिक्योरिटी एप्लिकेशन का उपयोग करें। शिकायत दर्ज करने के लिए संपर्क करें— यदि आप इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सहायता के लिए साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930 पर कॉल करें या https://cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए पुलिस मुख्यालय के हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 या 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

C M NEWS: सरदार पटेल ने लोगों के दिल में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ की भावना जगाई —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल ने आजादी के बाद रियासतों का विलय कर एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया था। सरदार पटेल ने लोगों के दिल में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ की भावना जगाई। उनका लक्ष्य एक ऐसे भारत का निर्माण करना था, जो विविधता में एकता का प्रतीक हो और यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हर परिस्थिति में राष्ट्र हित और राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि रखें, जिससे एक सशक्त तथा आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो। श्री शर्मा शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर ‘सरदार@150’ के तहत आयोजित ‘एकता मार्च’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में 560 से अधिक रियासतों में से कुछ रियासतें अपने स्वतंत्र अस्तित्व में रहना चाहती थीं। सरदार पटेल ने रियासतों के राजाओं को कहा कि एक संगठित और संयुक्त भारत में ही प्रजा का भविष्य सुरक्षित है। कुछ राजाओं ने स्वेच्छा से विलय किया, तो कुछ को राजनीतिक दबाव की जरूरत पड़ी। श्री शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व से जूनागढ़ एवं हैदराबाद जैसी रियासतें भी भारत का अभिन्न अंग बन गई। उनकी दृढ इच्छाशक्ति से ही आधुनिक भारत की परिकल्पना संभव हो पाई। मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ किया 3 किलोमीटर पैदल मार्च— एकता मार्च के तहत मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज हाथ में थामे गांधी सर्किल से अमर जवान ज्योति तक 3 किलोमीटर का सफर तय कर लगभग 40 मिनट तक जनप्रतिनिधियों एवं आमजन के साथ पैदल मार्च किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनता ने मुख्यमंत्री के साथ पूरे जोश और उत्साह से पैदल मार्च में हिस्सा लिया। पूरे मार्ग में देशभक्ति और एकता के नारों के साथ वातावरण गुंजायमान हो उठा। आमजन ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का जेडीए और रामबाग सर्किल पर स्वागत-अभिनंदन भी किया। मुख्यमंत्री ने अमर जवान ज्योति पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। हमारी सरकार युवाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध— मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने पिछले दो वर्षों में 91 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही, युवा उद्यमियों को 140 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि वे पूरी मेहनत के साथ तैयारी करें, सरकार आपके साथ खड़ी है। एकता मार्च में शामिल होकर सरदार पटेल के विचारों को किया जीवंत— श्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता पखवाड़े के तहत आयोजित एकता मार्च ‘विकसित राजस्थान-विकसित भारत‘ के सपने को पूरा करने का एक संकल्प है। इस एकता मार्च में शामिल होकर हमने सरदार पटेल के विचारों को जीवंत किया है। उन्होंने कहा कि जैसे सरदार पटेल ने 560 रियासतों को एक सूत्र में पिरोया, वैसे ही हम सभी को मिलकर विविधता में एकता को मजबूत करना है। श्री शर्मा ने कहा कि आज का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। जब युवा शक्ति जागृत होती है, तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के सपनों का भारत को साकार करने में सक्रिय भागीदार बने।

C M NEWS: प्रदेश के विकास में प्रवासी राजस्थानियों के योगदान को मिलेगा बढ़ावा -मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी राजस्थानियों के सम्मान में आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थान दिवस का आयोजन करने जा रही है। यह वैश्विक प्रवासी राजस्थानी समुदाय का राजस्थान से जुड़ाव को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। साथ ही, इससे प्रदेश के विकास में प्रवासी राजस्थान के योगदान को बढ़ावा मिलेगा। श्री शर्मा शुक्रवार को प्रवासी राजस्थानी दिवस के संबंध में आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में आयोजित होने वाले सेक्टोरल सत्र में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं और उस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को जोड़ने के निर्देश दिए। प्रदेश में पर्यटन के नए आयाम हो विकसित— मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान विश्व में अपने ऐतिहासिक किलों, महलों और हवेलियों के लिए जाना जाता है। प्रदेश में पर्यटन का हैरिटेज पर्यटन से आगे अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाए। इसके लिए प्रदेश में वॉटर एक्टिविटीज सहित अन्य एडवेंचर आधारित टूरिज्म के नए आयामों को विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थान दिवस पर पर्यटन के सेक्टोरल सत्र में टूरिज्म एवं ट्रैवल उद्योग के विशेषज्ञों के साथ ही एडवेंचर आधारित क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि शिक्षा पर आधारित सेक्टोरल सत्र में विशेषज्ञों के साथ ही इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी राजस्थानियों को भी आमंत्रित किया जाए। साथ ही, स्वास्थ्य सेक्टोरल सत्र के लिए स्वास्थ्य शिक्षा, फार्मा एवं तकनीकी से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन के सेक्टोरल सत्र में जल अवसंरचनाओं की नवीनतम तकनीकों के साथ ही परंपरागत पद्धतियों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक आदि क्षेत्रों में योगदान एवं उपलब्धि अर्जित करने वाले प्रवासी राजस्थानियों को सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों में दिए जाने वाले स्मृतिचिन्ह आदि को राजस्थान की लोक कला से जोड़ा जाए। प्रवासी राजस्थान दिवस के बारे में— उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को ‘प्रवासी राजस्थानी दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसी क्रम में, आगामी 10 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा एवं जल विषय पर सेक्टोरल सत्र आयोजित किए जाएंगे तथा प्रवासी राजस्थानी सम्मान पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, कार्यक्रम में विशेष एनआरआर ओपन हाउस में प्रदेश में उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में प्रवासी राजस्थानियों से संवाद भी होगा। इसकी पूर्व गतिविधियों के रूप में हैदराबाद, सूरत एवं कोलकाता में प्री मीट का आयोजन किया जा चुका है। वहीं, नवंबर माह में पर्यटन प्री मीट का आयोजन किया जाएगा।

C M NEWS: गौ पूजन- हमारी सनातन संस्कृति में गौ माता का पूजनीय स्थान -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गौ माता का हमारी सनातन संस्कृति में पूजनीय स्थान है। गोपाष्टमी का पर्व हमें गौ माता की सेवा करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारा गौरव है और जीवन का आधार है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि गौ सेवा के लिए समर्पित होकर कार्य करें, वहीं गोशालाओं से जु़ड़कर गौ संरक्षण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। श्री शर्मा गुरुवार को गोपाष्टमी के अवसर पर मांग्यावास स्थित सद्गुरू टेऊँराम गोशाला और रेनवाल स्थित जोतड़ा गोशाला में आयोजित गोपाष्टमी महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गौ माता हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। गौ उत्पादों का पोषण और पंचगव्य का औषधीय महत्व सर्वविदित है। ऐसे में गौ पूजन धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और जीवन के प्रति आभार व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गौ माता के संवर्धन और उन्नयन के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सरकार द्वारा प्रत्येक पंजीकृत गौ शाला को प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गौ संवर्धन के लिए बैलों से खेती करने वाले किसानों को भी 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष अनुदान राशि दी जा रही है। संत-महंतों का गौ सेवा में बड़ा योगदान श्री शर्मा ने कहा कि गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन में संत-मुनि-महंतों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने गौ माता की रक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि गौ सेवा को अपने जीवन का आधार बनाए तथा सरकार के साथ मिलकर गौ संरक्षण के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।   मुख्यमंत्री ने गोशालाओं में किया गौ पूजन गोपाष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री सबसे पहले सद्गुरू टेऊँराम गौ शाला पहुंचे। उन्होंने वहां सपत्नीक गौ माता की पूजा-अर्चना की तथा गौ माता के तिलक लगाकर गुड़ खिलाया। उन्होंने इस दौरान स्वामी भगतप्रकाश जी का स्वागत-अभिनन्दन भी किया। इसके पश्चात श्री शर्मा ने जोतड़ा गौ शाला पहुंचकर श्री रामकरणजी दास महाराज का माल्यार्पण किया। उन्होंने यहां सपत्नीक गौ पूजन किया तथा गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा की। इस अवसर पर श्री शर्मा का गौ सेवकों एवं आमजन ने स्वागत व अभिनन्दन भी किया। इसके बाद श्री शर्मा ने परिसर में स्थित शिव मंदिर के भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया।

C M NEWS: पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है राज्य सरकार —मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकास के साथ-साथ विरासत का संरक्षण के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार आस्था धामों और पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होेंने अधिकारियों को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर और धार्मिक पर्यटक स्थलों के विकास और पुनर्विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समय में पूरा करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही, ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण के लिए विशेष प्रकोष्ठ के गठन के लिए निर्देशित भी किया। श्री शर्मा गुरूवार को महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पूंछरी का लौठा और तनोट माता मंदिर के विकास और पुनर्विकास कार्यों के संबंध में आयोजित समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आमजन को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन से परिचित कराने और उनके शौर्य की गाथा जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रही है। इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थलों जैसे, चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर, उदयपुर आदि को सम्मिलित किया गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विशाल चेतक स्मारक का होगा निर्माण- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चावंड में महाराणा प्रताप के समाधि स्थल को सुनियोजित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां प्रवेश द्वार और ब्रिज के कार्याें के संबंध में विशेष निर्देश प्रदान करते हुए पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोड़े चेतक के ऐतिहासिक और विशाल स्मारक की रूपरेखा के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। तनोट माता मंदिर-श्रद्धालुओं के लिए विकसित हों बेहतर सुविधाएं- श्री शर्मा ने अधिकारियों को जैसलमेर स्थित तनोट माता मन्दिर में पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यहां श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर के प्रवेश द्वार और धर्मशाला के साथ ही संपर्क सड़कों के निर्माण के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए। निविदा प्रक्रिया में लाएं गति- मुख्यमंत्री ने पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा के प्रगतिरत विकास कार्यों के संबंध में अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में गति लाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों में विकसित होने वाले इस पावन धाम पर श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जाएं।

National Unity Day Article: अखंड भारत की एकता के शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल

0
राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि अखंड भारत की आत्मा को नमन करने का दिवस है। यह वह अवसर है, जब हम स्वतंत्र भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रनिर्माण के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के अदम्य संकल्प, दूरदर्शिता और संगठन कौशल को स्मरण करते हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद बिखरी हुई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को उसकी भौगोलिक और राष्ट्रीय एकता प्रदान की। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी— संकल्प और श्रद्धा का प्रतीकः गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर स्थित, 182 मीटर ऊँची, दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल स्टील और कंक्रीट से बनी एक स्मारक नहीं अपितु यह उस व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है जिसने भारत को उसकी क्षेत्रीय आत्मा दी। यह उन मूल्यों की याद दिलाता है जो हमें एक राष्ट्र के रूप में जोड़ते हैं। हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्र अपने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देने के लिए रुकता है। उनकी दूरदर्शिता, साहस और कूटनीतिक कौशल ने एक खंडित उपमहाद्वीप को एक अखंड देश में बदल दिया। इस दिन को एकता दिवस या राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो न केवल पटेल के नेतृत्व को बल्कि विविधतापूर्ण होते हुए भी अविभाज्य भारत के चिरस्थायी विचार को भी ट्रिब्यूट है। देश में पनपने वाले क्षेत्रवाद, सांप्रदायिक विभाजन और राजनीतिक ध्रुवीकरण हमारी सामूहिक भावना की परीक्षा लेते रहते हैं, सरदार पटेल का मूलमंत्र ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत‘ का विचार आज भी हमारा मार्गदर्शक बना हुआ है। यह हमें याद दिलाता है कि भारत की महानता समानता में नहीं बल्कि साझा मूल्यों और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से अनगिनत मतभेदों को एक साथ रखने की उसकी क्षमता में निहित है। राष्ट्र को जोड़ने वाली लौह इच्छाशक्ति: वर्ष 1947 में जब भारत को आज़ादी मिली तो जश्न के साथ एक बड़ी चुनौती भी आई। अंग्रेज़ 562 रियासतें छोड़ गए थे, जिनमें से हर एक के अपने शासक और आकांक्षाएं थीं। अखंड भारत का सपना आसानी से अराजकता और विभाजन में बदल सकता था। जब देश में अंग्रेजों की ”फूट डालो-राज करो” की नीति का जहर घोल रहे थे, उस महत्वपूर्ण क्षण में सरदार पटेल राष्ट्रीय एकीकरण के सूत्रधार के रूप में आगे आए। दृढ़ता और कूटनीति के अद्भुत मिश्रण से, उन्होंने अधिकांश शासकों को भारत में विलय के लिए राजी कर लिया और विरोध करने वालों से निर्णायक रूप से सर्मपण करवा दिया। हैदराबाद, जूनागढ़ और अन्य दुर्गम क्षेत्रों से निपटने में उनके संयम, चातुर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का संगम देखने को मिला। सरदार पटेल की सफलता केवल प्रशासनिक ही नहीं थी, यह दूरदर्शी भी थी। सांझी सांस्कृतिक विरासत और संस्थागत एकता के संवाहक: सरदार पटेल की सांझी सांस्कृतिक विरासत को इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। यह देश की संरचना, देश की सिविल सेवाओं में, इसके संघीय ढाँचे में और इसके राष्ट्रीय चरित्र में समाहित है। अपने सार्वजनिक जीवन में उनका अनुशासन, कर्तव्य और राष्ट्रहित पर हमेशा फोकस रहता था जो आज भी हमारे सार्वजनिक जीवन का मार्गदर्शन करता है। एकता दिवस का अर्थ और प्रासंगिकता: एकता दिवस मनाने का अर्थ है राष्ट्रवाद के उस विचार का उत्सव मनाना जो जाति, पंथ, भाषा या क्षेत्र की सभी बाधाओं से परे है। यह प्रत्येक नागरिक से संकीर्ण निष्ठाओं से ऊपर उठकर भारत के व्यापक आदर्श के प्रति प्रतिबद्ध होने का आह्वान करता है। हर साल इस दिन को मनाते हुए हमें याद रखना चाहिए कि एकता विरासत में नहीं मिलती, इसे पोषित करना होता है। यह एक रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारी है कि हम एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करें, विविधता का सम्मान कैसे करें और राष्ट्र को स्वार्थ से ऊपर कैसे रखें। सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमें एक अखंड भारत दिया। इसे सशक्त, समावेशी और जीवंत बनाए रखने का दायित्व हम पर है। एकता दिवस की भावना हमें याद दिलाती है कि केवल एक अखंड भारत ही वास्तव में एक महान भारत, एक भारत, महान भारत बन सकता है। कांस्य में डाली गई एक विरासत: 2018 में अपने उद्घाटन के बाद से, यह प्रतिमा वार्षिक राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का केंद्र बन गई है, जहाँ देश भर से नागरिक, पुलिस व सैन्य बलों के सदस्य, युवा समूह और सांस्कृतिक कलाकार आते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एकता दिवस संबोधन में कहा था, ”स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी अतीत का स्मारक नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा है।” संस्थागत विकास से डाली सशक्त भारत की नींव: सरदार पटेल का एकता का दृष्टिकोण मज़बूत संस्थाओं पर उनके ज़ोर से जुड़ा हुआ था। अखिल भारतीय सेवाओं का गठन प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय एकता सुनिश्चित करने का एक सोचा-समझा प्रयास था। अधिकारियों के पहले बैच को दिए गए उनके शब्द, ”जनता की सेवा और राष्ट्र की अखंडता की भावना बनाए रखें” आज भी शासन में एक मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं। सुशासन के लिए दी स्टील फ्रेम ऑफ इण्डिया की अवधारणा: 21 अप्रैल, 1947 को नई दिल्ली के मेटकाफ हाउस में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रथम बैच को संबोधित करते हुए सरदार पटेल ने कहा था “आप भारत के स्टील फ्रेम हैं, आप पर इस राष्ट्र की एकता और सुशासन का दायित्व है।” उनके इसी संदेश की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस मनाया जाता है, जहाँ शासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। यह परंपरा उनके सुशासन और जवाबदेही के सिद्धांतों की जीवंत विरासत है। विकसित भारत 2047 का संकल्प: जैसे-जैसे भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, एकता का असली पैमाना भौतिक भूभाग नहीं, बल्कि साझा उद्देश्य है। जिस विचार ने कभी 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोया था, अब उसे 145 करोड़ सपनों को एक सूत्र में पिरोना होगा।सरदार पटेल की दूरदर्शिता 1947 में स्थिर नहीं हुई थी – यह भविष्यसूचक थी। एकता का उनका आह्वान आज भी भारत का राष्ट्रीय दिशासूचक है। इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलते हुए भारत की विविधता में एकता, सांस्कृतिक गौरव, स्वदेशी मूल्यों, अखंडता और गौरवमयी इतिहास की ज्योति को प्रज्वलित कर सरदार पटेल के ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को सदा जीवंत रखेंगे।   लेखक – डॉ. गोरधन लाल शर्मा समाजशास्त्री, लेखक एवं राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी

Medical News: ड्यूटी टाइम में निजी संस्थानों में प्रेक्टिस पर चिकित्सा मंत्री गंभीर, अब होगी सख्त कार्रवाई

0
प्रदेश में राजकीय चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत कोई भी चिकित्सक ड्यूटी टाइम में किसी निजी चिकित्सा संस्थान में प्रेक्टिस करता हुआ पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ऐसे चिकित्सक जो नॉन प्रेक्टिस अलाउंस लेने के बाद भी प्रेक्टिस करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने ​कहा कि राजकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोई भी चिकित्सक नियम विरूद्ध प्रेक्टिस करते हुए पाया गया तो सख्त एक्शन लिया जाएगा। राजकीय चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए सघन निरीक्षण अभियान भी चलाया जाएगा। मंत्री ने कुछ चिकित्सकों द्वारा नियम विरूद्ध प्रेक्टिस किए जाने की शिकायत सामने आने पर उच्च अधिकारियों को गहन जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले चिकित्सको के विरूद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विगत दिनों आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करें। कोई भी चिकित्साधिकारी जो नॉन प्रेक्टिस अलाउंस ले रहे हैं, वे प्राइवेट प्रेक्टिस नहीं करें। साथ ही, समस्त चिकित्सा स्टाफ ड्यूटी समय में आवश्यक रूप से चिकित्सा संस्थान में उपस्थित रहें।श्री खींवसर ने कहा है कि चिकित्सा एक नोबेल पेशा है और जीवन रक्षा ही इस पेशे का सर्वोच्च उद्देश्य है। ऐसे में राजकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में ​राजकीय चिकित्सा संस्थानों के गहन निरीक्षण किए जाएंगे। राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ ही, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी प्रदेशभर में चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण करेंगे। यह निरीक्षण विभिन्न पैरामीटर्स के आधार पर होंगे। इन पैरामीटर्स पर खरा नहीं उतरने वाले चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में तकनीकी नवाचारों के साथ ही सभी प्रकार के जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

C M NEWS: जन-जन तक पहुंचाएं एक भारत-श्रेष्ठ भारत और आत्मनिर्भर भारत का संदेश —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन होने जा रहा है। 24 नवम्बर से आयोजित होने वाले इन खेलों में लगभग 24 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें देशभर के खिलाडी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को इन खेलों से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए आयोजन से संबंधित तैयारियों, खेल और खिलाड़ियों के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी दी जाए। श्री शर्मा बुधवार को खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी संभागीय मुख्यालयों पर खेल आयोजन स्थल और आवास स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था व आयोजन के दौरान सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आयोजन स्थलों पर हो साफ-सफाई, सौंदर्यकरण और मेडिकल सुविधा— उन्होंने खेलों के लाइव टेलीकास्ट के संबंध में भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्वायत्त शासन विभाग के अधिकारियों को स्टेडियम और आवास पर साफ सफाई संबंधित कार्य व शहर के सौंदर्यकरण के संबंध में और चिकित्सा विभाग को सभी संभागीय मुख्यालयों पर खेल आयोजन व आवास स्थलों पर आवश्यक मेडिकल टीम की व्यवस्था के लिए भी निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि इन खेलों के आयोजन में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए राजस्थान के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित खिलाड़ियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाए। बैठक में बताया गया कि राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद स्तर पर एवं संभाग स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी एवं संबंधित खेल महासंघ के पदाधिकारी खेल मैदानों व आवास व्यवस्था का निरीक्षण कर चुके हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देश को एकजुट बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के साथ ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने की राष्ट्रव्यापी पहल की गई है। इस अभियान में आयोजित होने वाली गतिविधियों का प्रदेश में ऐतिहासिक आयोजन सुनिश्चित किया जाए तथा जन-जन तक इसे पहुंचाया जाए।