Election Commission News: प्रदेश में जल्द शुरू होगी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची प्रक्रिया

प्रदेश में जल्द हि मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिसमें सभी मतदाताओं को अपना परिगणना फॉर्म भरकर अपने BLO को जमा करवाना होगा। फॉर्म जमा नहीं करवाने पर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं आएगा। इस विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत व्यक्तियों के नाम हटाना, स्थायी रूप से निवास बदलने वालों के नाम हटाना, किसी मतदाता का दो स्थानों पर पंजीकरण हो उसे निरस्त करना, फर्जी मतदाताओं का नाम हटाना और शुद्ध, स्वच्छ व पारदर्शी मतदाता सूचियों का निर्माण करना बताया गया है। पुनः पंजीकरण प्रक्रिया के अनुसार अपना फॉर्म भरने से पूर्व आप अपने 2 नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फ़ोटो जरूर खिंचवा लें, जिसका बैकग्राउंड सफेद होना चाहिए। आपको अपने BLO द्वारा परिगणना फॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा, जिसे निश्चित समय में भरकर BLO को जमा करवाना होगा। वहीं फॉर्म के साथ आपको 11 दस्तावेजों की सूची में से कोई भी 2 दस्तावेज अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।

दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है:

1. केंद्र सरकार/ राज्य सरकार / PSU के नियमित कर्मचारियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन कार्ड 2. भारत में 01/07/1987 से पूर्व सरकार/बैंक/LIC/डाकघर/PSU या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र/ दस्तावेज/ पहचान पत्र 3. जन्म प्रमाण पत्र 4. पासपोर्ट 5. मूल निवास प्रमाण पत्र 6. 10 वीं बोर्ड की अंक तालिका मय प्रमाण पत्र 7. वन अधिकार प्रमाण पत्र 8. अन्य पिछड़ा वर्ग/ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति या अन्य जाति प्रमाण पत्र 9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो) 10. राज्य/ स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर 11. सरकार द्वारा जारी कोई भूमि/ गृह आवंटन प्रमाण पत्र दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के पंजीकरण के लिये 3 श्रेणियां बनाई है। आप उसके अनुसार भी अपने दस्तावेज तैयार कर सकते हैं। यदि आपका जन्म 01 जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है, तो आपको स्वयं का कोई भी एक दस्तावेज जमा करवाना होगा, लेकिन कोई एक दस्तावेज होना अनिवार्य है। यदि आपका जन्म 01 जुलाई 1987 से 02 दिसम्बर 2004 के मध्य हुआ है तो आपको एक दस्तावेज स्वयं का और एक दस्तावेज माता-पिता का होना अनिवार्य है। यानी कम से कम 2 दस्तावेज होने चाहिए। वहीं यदि आपका जन्म 02 दिसम्बर 2004 के बाद हुआ है तो आपके पास 3 दस्तावेज होने चाहिए। एक स्वयं का, एक माता का व एक पिता का यानि कि कम से कम तीन दस्तावेजों का होना जरूरी है।

C M NEWS: हमारी संस्कृति में सेवा का भाव सर्वोपरि -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बाबा रामदेव जी ने सामाजिक समरसता की स्थापना करने और समाज में गरीब एवं वंचित लोगों की पीड़ा दूर करने का काम किया। इस धरा पर नेत्र कुंभ का आयोजन बाबा रामदेव जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा और मानव कल्याण के उनके आदर्शों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। श्री शर्मा गुरूवार को जैसलमेर के रामदेवरा में आयोजित नेत्र कुंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा सेवा जीवन में फिर से उजाले भरने जैसा पुण्य कार्य है। यह जनकल्याण और मानव सेवा की मिसाल है, जो सभी वर्गों के लिए समर्पित है।

बाबा रामदेव मेले में श्रद्धालुओं की आंखों की निःशुल्क जांच –

श्री शर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहारों में सेवा का भाव सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि लोकदेवता बाबा रामदेव जी के मेले के शुभ अवसर पर आंखों के इलाज के लिए महाशिविर का आयोजन किया जा रहा है। 1 अगस्त से 2 सितम्बर तक चलने वाले इस शिविर में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आंखों की निःशुल्क जांच की जाएगी। साथ ही, 11 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आंखों का निःशुल्क ऑपरेशन उनके निवास के नजदीक चिकित्सालय में कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।

लोगों के जीवन में उजियारा ला रही राज्य सरकार –

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय हमारी नीतियों का प्रमुख ध्येय है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने पिछले डेढ़ साल में अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए हैं। नेत्र स्वास्थ्य को लेकर हमारी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है ताकि प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियां की रोशनी फैलती रहे। प्रदेश में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी तथा नेत्र चिकित्सकों और सहायकों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण और अत्याधुनिक उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के माध्यम से कॉर्निया प्रत्यारोपण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे हजारों लोगों के जीवन को उजियारा मिल रहा है।

मा योजना में प्रतिदिन 10 हजार लोगों को मिल रहा कैशलेस उपचार –

श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा) के माध्यम से गरीब और वंचित परिवारों को 25 लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज उपलब्ध करवा रही है। यह सिर्फ एक स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं बल्कि लाखों जिंदगियों को बचाने का एक मानवीय संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों को 10 करोड़ रुपए की राशि का कैशलेस उपचार मिल रहा है। साथ ही, मा वाउचर योजना लागू कर प्रतिमाह 25 हजार गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा भी दी जा रही है। अब तक लगभग 2 लाख 87 हजार महिलाओं को इस योजना के तहत वाउचर दिए गए हैं।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लगभग 50 हजार भर्तियां –

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पेपरलीक जैसी घटनाओं से युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने का काम किया। हमारी सरकार ने डेढ़ साल में ही पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल से अधिक कार्य किए है। उन्होंने कहा कि हमनें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में अब तक लगभग 24 हजार पदों पर भर्तियां की हैं और 26 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रिया में हैं।

राज्य सरकार आस्था धामों का कर रही विकास –

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की धरती शूरवीरों के साथ लोक देवी-देवताओं और संतों की भूमि है। राज्य सरकार आस्था धामों पर मूलभूत सुविधाओं का विकास करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत 18 हजार 328 यात्रियों को अयोध्या में रामलला के दर्शन, 55 ट्रेनों से 48 हजार 928 से अधिक यात्रियों को विभिन्न तीर्थ स्थलों पर तथा लगभग 6 हजार श्रद्धालुओं को हवाई यात्रा से नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन करवाए गए हैं।

प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ले रही ऐतिहासिक फैसले –

श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के साथ हमारी सरकार विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को लेकर काम कर रही है। प्रदेश में सतही जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए हमने राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इंदिरा गांधी नहर, गंग नहर के लिए भी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए हैं जिससे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ से लेकर जैसलमेर तक पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, प्रधानमंत्री के कैच द रेन अभियान से प्रेरणा लेकर कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि हमने हाल ही में जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को अपने हाथों से चश्मा पहनाया और उनसे संवाद भी किया। साथ ही श्री शर्मा ने अपनी आंखों की जांच भी करवाई। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि 33 दिन के इस शिविर में लाखों लोगों को नेत्र जांच का अवसर मिलेगा। उन्हें निःशुल्क दवाएं और चश्मे वितरित किए जाएंगे। लोगों को दृष्टि का उपहार देना बहुत बड़े पुण्य का काम है। ऐसे शिविर जन सेवा का बड़ा माध्यम हैं, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए स्वास्थ्य की सौगात हैं। समारोह में मुख्यमंत्री ने नेत्र कुंभ 2025 पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेशचन्द्र, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, विधायक महंत प्रतापपुरी, महेश भगवती बलदवा फाउंडेशन की श्रीमती भगवती दीदी बलदवा, नरसी गु्रप के एमडी नरसी कुलरिया, सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दयाल सिंह, गादीपति राव भोमसिंह और नेत्र कुंभ के महासचिव खेताराम लीलड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी गुरूवार को एक दिवसीय जैसलमेर यात्रा के दौरान रामदेवरा में बाबा रामदेव पैनोरमा से बाबा रामदेव मंदिर तक पैदल यात्रा की। श्री शर्मा ने इस पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से आत्मीयता से मुलाकात की। श्रद्धालु भी अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर बेहद उत्साहित नजर आए। पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं (जातरूओं) ने विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री का फूल बरसाकर तथा माला पहनाकर स्वागत-अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव की ध्वजा (नेजा) थामे पैदल यात्रा की। इस भक्तिमय माहौल में लोक कलाकार रिक्खियां गाते हुए मुख्यमंत्री के साथ-साथ चले।

Farmer News: प्रदेश में ऑनलाइन मोबाइल गिरदावरी आज से

प्रदेश में आज से ऑनलाइन गिरदावरी आरंभ होगी। इस के लिए तैयार मोबाइल गिरदावरी ऐप का लाइव टेस्टिंग गुरुवार किया गया। वहीं राजस्व मंडल निबंधक महावीर प्रसाद ने अतिरिक्त निबंधक और तहसीलदार अजमेर की मौजूदगी में किसानों के बीच जाकर ऑनलाइन गिरदावरी का फील्‍ड निरीक्षण भी किया। श्री प्रसाद की उपस्थिति में गुरुवार मध्‍याह्न अजमेर तहसील के बोराज गिरदावर सर्कल के कायमपुरा ग्राम स्थित कृषक अर्जुन सिंह के खेत पर लाइव टेस्टिंग की। जिसमें खसरा क्रमांक 2828 की ऑनलाइन गिरदावरी का पटवारी स्‍तर से सफल परीक्षण हुआ।

किसान स्‍वयं कर सकेंगे गिरदावरी—

समूचे राजस्थान प्रदेश में शुक्रवार एक अगस्त से पटवारी और स्वयं कृषक के स्तर से भी ऑनलाइन मोबाइल ऐप के जरिए गिरदावरी की सुविधा आरंभ हो जाएगी। कृषकों द्वारा स्वयं गिरदावरी किए जाने से पूर्ण जानकारी उनकी देखरेख में पारदर्शिता से दर्ज हो जाएगी और उन्हें ऐप से जमाबंदी की प्रति डाउनलोड की भी सुविधा मिल सकेगी। इसके लिये राजस्व मंडल की वेबसाइट, अपना खाता पोर्टल, एसएसओ आईडी पोर्टल जैसी राजकीय वेबसाइट पर भी राज किसान गिरदावरी मोबाइल एप डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है। कृषि विभाग द्वारा भी अधिक से अधिक किसानों द्वारा मोबाइल एप डाउनलोड करने व स्वयं गिरदावरी करने हेतु किसानो को जागरूक किया जा रहा है।

कृषकों से किया संवाद—

निबंधक ने ऑनलाइन गिरदावरी मोबाइल के परीक्षण के दौरान कृषक जन से भी संवाद किया और उन्हें ऐप के बारे में बताया। उन्‍होंने कृषकों से आग्रह किया कि वे ww.webgirdawari.rajasthan.gov.in एवं राज किसान गिरदावरी एप पर ऑनलाइन गिरदावरी सुविधा का लाभ उठाएं। इस सुविधा के तहत किसान स्वयं अपने मोबाइल पर राज किसान गिरदावरी एप डाउनलोड कर पंजीकरण करते हुए अपने खेत- खसरे की स्वयं गिरदावरी कर सकते हैं। ऑनलाइन गिरदावरी के लिए सभी राजस्व अधिकारियों के माध्यम से पटवारी स्तर तक को जन जागरूकता लाने की निर्देश दिए गए हैं। उन्हें एप के लाभ और उसके उपयोग के संबंध में तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं से भी कृषकों को अवगत कराने को कहा गया है। ऑनलाइन गिरदावरी कार्य के लिये सरकारी स्तर से पटवारी व सर्वेयर को दायित्‍व दिया गया है। कृषक के स्वयं के स्तर से भी मोबाइल गिरदावरी की सुविधा दिया जाना सरकार का अभिनव कदम है। खरीफ गिरदावरी के लगभग 70 लाख खसरों की किसान गिरदावरी का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर राजस्व मंडल के अतिरिक्त निबंधक हेमंत स्वरूप माथुर, अजमेर तहसीलदार ओम सिंह लखावत, भू—अभिलेख निरीक्षक सरिता इंदौरिया, बोराज पटवारी शैलेंद्र शर्मा, सहित कई तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। मोबाइल एप गिरदावरी का परीक्षण मंडल निदेशक (सांख्‍यिकी)श्रीमती बीना वर्मा और संयुक्त निदेशक (आईटी) सौरभ बामनिया ने भी अलग-अलग स्थान पर जाकर किया। इसी प्रकार राज्य के सभी 41 जिलों में लगभग 1100 पटवारीगण द्वारा लाइव टेस्टिंग की गई।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने बारिश से उत्पन्न स्थिति का लिया जायजा, कहा जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार शाम को जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों का लगभग ढाई घण्टे सघन निरीक्षण कर बारिश से उत्पन्न स्थितियों का जायजा लिया। उन्होंने बी-टू बाईपास रोड़, सांगानेर, सुमेर नगर, सूरजमल सर्किल, मुहाना मंडी और चौरडिया पेट्रोल पंप पर रुककर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कों, गड्ढ़ों और ड्रेनेज सिस्टम से संबंधित समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। श्री शर्मा ने बी-टू बाईपास रोड़ के पास द्रव्यवती नदी का अवलोकन किया और घने वृक्षों की छंटाई व नालों के फेरो कवर की मरम्मत करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने कच्ची बस्ती के लोगों और बच्चों से बातचीत की व अधिकारियों को निचले क्षेत्रों में जल निकासी, आपात स्थिति में वहां के निवासियों के लिए भोजन व पेयजल की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने सांगानेर स्थित कैम्प कार्यालय में लोगों से मुलाकात की और शहर के जलभराव वाले स्थानों के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुहाना मंडी चौराहे पर पहुंचकर जायजा लिया और अधिकारियों को चौराहे पर सर्कल निर्माण के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने महाराजा सूरजमल सर्किल व केसर नगर चौराहे पर क्षतिग्रस्त सड़कों के शीघ्र मरम्मत कार्यों के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बारिश से उत्पन्न स्थिति में जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो। इसके लिए अधिकारियों को अलर्ट मोड़ पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन, पेयजल और रहने की व्यवस्थाओं के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। श्री शर्मा ने निरीक्षण के दौरान सांगानेर क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चौरडिया पेट्रोल पंप तिराहे पर रूककर सांगानेर थाने से चौरडिया पेट्रोल पंप और मालपुरा गेट तक बनने वाली एलिवेटेड रोड़ की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आमजन से भी फीडबैक लिया। इस दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम ग्रेटर सहित ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Rajasthan News: प्रदेश में ऊंट अधिनियम 2015 के बनेंगे नियम

पशुपालन विभाग, राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम, 2015 के नियम बनाएगा। इस संबंध में पशुपालन, गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई सभा में नियम बनाने को लेकर विभाग को निर्देश दिए गए। सभा में पंचायतीराज और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी भी मौजूद थे। शासन सचिवालय में बुधवार को श्री कुमावत के कक्ष में हुई सभा में नए नियम बनाने को अंतिम रूप दिया गया। इसके तहत ऊंट पालकों को अन्य राज्यों में ऊंट चराने, डेयरी और कृषि कार्य व पशु मेलों में ले जाना आसान होगा। अधिनियम, 2015 के लिए नए नियम के मुताबिक ऊंट के परिवहन को लेकर जिला कलेक्टर के साथ-साथ अब सक्षम अधिकारी के रूप में एसडीएम को भी अधिकृत करने पर सहमति बनी। इस सभा में ऊंट पालन को लाभप्रद बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। पशुपालन मंत्री ने बताया कि अन्य राज्यों में ऊंट ले जाने को लेकर आ रही दिक्कतों को लेकर चर्चा के बाद प्रशासनिक अनुमति देने के लिए एसडीएम को भी अधिकार देने पर सहमति व्यक्त की गई है। इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नई एसओपी भी जारी की जाएगी, ताकि ऊंट पालकों को अन्य राज्यों में ऊंट ले जाने में कानूनी पेचीदगियों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा ऊंट पालन को और अधिक लाभप्रद बनाने के लिए आरसीडीएफ के माध्यम से ऊंटनी के दूध के विपणन को लेकर कार्ययोजना बनाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इस दौरान पूर्व विधायक रतन देवासी से दूरभाष पर चर्चा कर उनके सुझाव भी लिए गए। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा भी बैठक में उपस्थित थे।

C M NEWS: प्रदेश में 6 वर्षों में बने सरकारी भवनों की जांच करेगी राज्य स्तरीय कमेटी —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सभी विभाग क्षतिग्रस्त, जीर्ण-क्षीर्ण भवनों की तुरंत मरम्मत कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि अब ऐसी किसी भी दुर्घटना में हुई जनहानि पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गत 6 वर्षों में बने सरकारी भवनों, स्कूलों, आंगनबाड़ियों की सूची बनाएं और एक विशेष राज्य स्तरीय कमेटी बनाकर निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाए। श्री शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर अधिकारियों को जर्जर भवनों के संबंध में संवाद किया और विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए आपदा प्रबंधन मद से स्वीकृति प्राप्त की जाए और समय पर प्रस्ताव तैयार कर कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए भवनों के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कार्मिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जर्जर भवनों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना सुनिश्चित करें।

जर्जर भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केन्द्र किए गए अन्यत्र स्थानांतरित-

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा इनका अनिवार्य निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में 5 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवनों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बैठक में बताया गया कि जीर्ण-क्षीर्ण एवं क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ियों को अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त स्कूलों और अस्पतालों की हो मरम्मत-

श्री शर्मा ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों, विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों सहित अन्य सार्वजनिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर पूरी जानकारी के साथ जिलेवार रिपोर्ट बनाएं व मरम्मत कार्य करवाए जाएं। संवाद के दौरान शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, चिकित्सा और स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों ने क्षतिग्रस्त व जीर्ण-क्षीर्ण भवनों एवं उनकी मरम्मत संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। संवाद में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

dairy booth News: डेयरी बूथ आवंटन पॉलिसी में होगा संशोधन, पांच सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन

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राज्य में सरस डेयरी बूथ आवंटन को लेकर पॉलिसी में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस संबंध में शासन सचिवालय में बुधवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में आयोजित सभा में डेयरी सेवाओं के विस्तार व बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया। पांच सदस्यीय कमेटी में पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, डीएलबी के निदेशक जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर, नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी, आरसीडीएफ एमडी श्रीमती श्रुति भारद्धाज, दुग्ध संघ और जयपुर के एमडी मनीष फौजदार को शामिल किया गया है। यह कमेटी आए सुझावों के आधार पर प्रस्ताव तैयार करेगी। सभा में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत व अन्य अधिकारियों ने बूथ आवंटन नीति-2021 में संशोधन के सुझाव दिए। इनमें बूथ आवंटन हेतु आवेदन पत्र संबंधित जिला दुग्ध संघ में जमा कराने, नए डेयरी बूथों के स्थान आवंटन आरसीडीएफ/जिला दुग्ध संघ द्वारा गठित समिति द्वारा चिन्हित कर अंतिम सूची जारी करने जैसे सुझाव शामिल थे। इसके अलावा प्रस्तावित डेयरी बूथ के लिए उसी क्षेत्र के पांच किमी. की परिधि के स्थानीय निवासी को प्राथमिकता देने, सेवारत सेना के जवान के पारिवारिक सदस्य को आवेदन के लिए पात्र मानने संबंधी प्रस्ताव को नई नीति में शामिल करने का सुझाव दिया गया।

नए सरस पार्लर खोलने की संभावनाएं तलाशेगा आरसीडीएफ—

इस दौरान प्रदेश में नए सरस पार्लर खोलने के लिए आरसीडीएफ को संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया गया। इसके लिए सरकारी चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, शैक्षणिक संस्थाओं, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर सरस पार्लर खोलने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। डेयरी मंत्री ने बताया कि नए सरस पार्लर खोलने से न केवल आरसीडीएफ की आय में बढोतरी होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उदेश्य से ही बजट घोषणा 2024-25 के तहत प्रदेशभर में 2500 नए सरस बूथ खोले जा रहे हैं। इसके तहत 2 हजार बूथों के लिए कुल 11 हजार 536 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से जांच के बाद 7 हजार 861 आवेदन पत्र आरसीडीएफ द्वारा अनुमोदित कर संबंधित निकायों को प्रेषित किए गए हैं। इसके अलावा विगत वर्षों के पैंडिंग 500 बूथों का निस्तारण स्थानीय निकाय स्तर पर लंबित है। इस प्रकार कुल 8 हजार 361 लंबित आवेदन पत्रों का जल्द से जल्द निस्तारण कर लॉटरी के जरिए कुल 2500 बूथों के आवंटन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसके अलावा प्रदेश में मोबाइल बूथों के संचालन को लेकर स्थानीय निकाय से वेंडिग जोन निर्धारित करने के लिए नगर निकाय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है।

Politics News: वसुंधरा की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, क्या प्रदेश की राजनीति में कोई खिचड़ी पक रही है?

– महेश झालानी

राजस्थान की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। दिल्ली के सियासी गलियारों में इन दिनों कुछ ऐसा पक रहा है, जिसकी महक अब जयपुर तक पहुंचने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल ही में हुई तकरीबन आधे घंटे की मुलाकात को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट भर नहीं थी बल्कि इसके पीछे गंभीर राजनीतिक संदेश और संभावनाओं का संकेत छिपा है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक पूरी तरह से गोपनीय रखी गई। न तो पार्टी के आधिकारिक हैंडल से कोई तस्वीर जारी हुई, न ही किसी प्रवक्ता ने बयान दिया। लेकिन जो राजनीतिक धुंध अब तक पर्दे में थी, वह धीरे-धीरे साफ होने लगी है। बीते कुछ वर्षों से यह जगजाहिर रहा है कि वसुंधरा राजे को बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से वैसा समर्थन नहीं मिला, जैसा एक दिग्गज नेता को मिलना चाहिए था। विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट बंटवारे से लेकर नेतृत्व के मामले में वसुंधरा को अक्सर किनारे रखा गया। पार्टी नेतृत्व ने न तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया और न ही चुनाव प्रचार में निर्णायक भूमिका दी। कई मौकों पर तो उनके समर्थकों ने यहां तक आरोप लगाया कि राजे को जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है। भजनलाल के नाम की पर्ची खुलवाकर वसुंधरा को सार्बजनिक रूप से न केवल अपमानित किया गया बल्कि उनको जबरदस्त तरीके से प्रताड़ित किया गया। ऐसे में अचानक दिल्ली बुलाकर प्रधानमंत्री से एकांत में मुलाकात कराना महज इत्तेफाक नहीं माना जा सकता। बल्कि यह संकेत है कि बीजेपी राजस्थान में किसी बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वसुंधरा एक बार फिर केंद्रीय भूमिका में हो सकती हैं। लेकिन इसका यह मतलब कतई नही है कि भजनलाल को हटाया जा रहा है। धनखड़ की रवानगी के बाद उप राष्ट्रपति के चयन के संदर्भ में भी वसुंधरा और मोदी की मुलाकात को देखा जा रहा है । राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार फिलहाल आंतरिक खींचतान और नौकरशाही हावी होने जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। पार्टी के कई विधायक अंदरखाने असंतुष्ट हैं। कुछ विधायकों के वसुंधरा के लगातार संपर्क में रहने की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं। अब अगर वसुंधरा को फिर से एक्टिव रोल दिया जाता है तो यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या मौजूदा सरकार पर कोई संकट आने वाला है? कई राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को “संकेतात्मक सर्जरी” की शुरुआत मान रहे हैं। हो सकता है कि दिल्ली दरबार अब भजनलाल की कार्यशैली और पकड़ को लेकर चिंतित हो और विकल्पों पर विचार कर रहा हो। वसुंधरा के पास जनाधार है, संगठन पर पकड़ है और नौकरशाही में भी उनकी पकड़ मानी जाती रही है। दिल्ली में इस पूरी कवायद को लेकर यह भी चर्चा है कि पर्दे के पीछे आरएसएस की भूमिका अहम हो सकती है। संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी पहले ही राजस्थान में स्थायित्व और प्रशासनिक दक्षता को लेकर चिंता जता चुके हैं। वसुंधरा राजे भले ही संघ की पसंद न रही हों, लेकिन यदि मामला भाजपा की राज्य सरकार को बचाने और संगठन को नियंत्रित करने का हो, तो संघ लचीला रुख अपना सकता है। राजनीति में संदेश शब्दों से कम, घटनाओं से ज्यादा दिए जाते हैं। वसुंधरा-मोदी मुलाकात भी ऐसा ही एक संदेश—संकेत है कि राजस्थान में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल सकते हैं। जिस चुप्पी में यह बैठक हुई, वह शायद आने वाले तूफान की आहट है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगा कि वसुंधरा फिर से मुख्यमंत्री की दौड़ में हैं, लेकिन इतना तय है कि अब उन्हें नजरअंदाज करना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा की वापसी अब महज अटकल नहीं, एक संभावित स्क्रिप्ट है। इसका क्लाइमेक्स जल्द ही सामने आ सकता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलको में यह चर्चा बड़ी तीव्र गति से फैल रही थी कि मुख्य सचिव सुधांश पन्त को दिल्ली तलब किया गया है। हकीकत इससे इतर है। वे दिल्ली गए ही नही।और न उन्हें किसी ने तलब किया। अपने दफ्तर में बैठकर प्रतिदिन की तरह कार्य निपटा रहे है। यह खबर अवश्य है कि पिछले दिनों सरकार के कामकाज का जायजा लेने के लिए दिल्ली से एक विशेष टीम जयपुर आई थी। टीम ने यह पाया कि सीएम भजनलाल की ईमानदारी पर किसी को संदेह नही है। लेकिन उनके सुस्त और विलम्ब से निर्णय लेने की वजह से विधायको और पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है ।

CM’s visit to Delhi: प्रधानमंत्री का मुख्यमंत्री को हरसंभव मदद का आश्वासन, कयासों पर लगा विराम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली स्थित उनके राजकीय आवास पर शिष्टाचार भेंट की। करीब 40 मिनट चली इस मुलाकात में दोनों के बीच राजस्थान के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश उत्तरोत्तर उन्नति कर रहा है, पूरे विश्व में भारत का कद ऊंचा हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्थान सरकार देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसान, युवा, महिला, गरीब और वंचित वर्ग को न्याय मिल रहा है। राज्य सरकार जनता के सम्मानयुक्त जीवन जीने के लिए अपनी पूर्ण क्षमता से कम कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों को प्राप्त हो रहा है। राजस्थान सरकार ने पेपर लीक माफिया पर नकेल कस दी है, प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बहुत ही अच्छी है। एंटी गैंगस्टर एक्ट के माध्यम से संगठित अपराध ग्रहण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर राजस्थान में चल रही विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री को भविष्य में राजस्थान के विकास के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने इस मुलाकात के बाद कहा कि बहुत ही सौहार्द्रपूर्ण माहौल में यह भेंट हुई और प्रधानमंत्री ने राजस्थान के विकास को लेकर गहरी दिलचस्पी दिखाई । इस मुलाकात में उन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। पिछले कुछ समय से इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही थी कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बदला जा सकता है। लेकिन इस मुलाकात ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा आलाकमान के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुख्यमंत्री को विश्वास प्राप्त है। जिस गर्मजोशी से नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की उससे यह सिद्ध हो गया है कि भजन लाल शर्मा कहीं नहीं जा रहे, वे पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।

Karauli News: स्वच्छ वातावरण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण आवश्यक —मंत्री बेढम

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करौली जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम के द्वारा हिण्डौन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत खरैटा में हरयाळो राजस्थान के तहत जिला स्तरीय वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरयाळो राजस्थान के तहत एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत वृहद स्तर पर पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला प्रभारी मंत्री ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश आमजन को दिया। इस दौरान जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान से प्रेरणा लेकर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार हरियालो राजस्थान वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश को हरा-भरा बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रसर है। पिछले वर्ष 7 करोड़ के लक्ष्य के विरूद्ध हमारी सरकार ने जन सहभागिता के माध्यम से 7.25 करोड पौधे रोपित किये थे। मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़ों की पूजा की जाती है। उन्हें भगवान माना जाता है पेड़ों से हमें ऑक्सीजन, जड़ी-बूटी, फल-फुल, छाया, स्वच्छ वातावरण और अच्छी बारिश मिलती है। इसलिए हमारी संस्कृति में प्राचीन समय से ही अधिक से अधिक पेड़ लगाने की परम्परा रही है। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक पौधारोपण कर उसे संरक्षण प्रदान करने की भी बात की। श्री बेढ़म ने बताया कि वर्षा को मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्कूलों, आंगनबाड़ियों व राजकीय भवनों की क्षतिग्रस्त इमारतों की मरम्मत के लिए प्रत्येक विधानसभा को 3-3 करोड़ रूपये दिये है उन्होंने जिला कलक्टर को कार्ययोजना बनाकर क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत को प्राथमिकता में रखने के निर्देश भी दिये। वहीं इस दौरान ग्रामीणों ने 33 केवी जीएसएस की मांग रखी जिस पर जिला प्रभारी मंत्री ने आगामी बजट में मांग को पुरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित आमजन, ग्रामीणों सहित अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान दो छोटे बच्चों को पर्यावरण के प्रति स्वयं प्रेरित होकर पौधारोपित किया।