CRP Plus News: प्रदेश में “सीआरपी प्लस” नीति लागू

राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् ( राजीविका) द्वारा “CRP Plus नीति” को आधिकारिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह नई नीति राजस्थान के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और समुदाय आधारित संगठनों (CBOs) के सशक्तिकरण व विस्तार के कार्य में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य मिशन निदेशक श्रीमती नेहा गिरी ने बताया कि “सीआरपी प्लस नीति” का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सबल और प्रभावी सामाजिक पुनर्निर्माण प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना है। सीआरपी प्लस नीति के तहत ‘विलेज सपोर्ट टीम’ को प्रतिस्थापित कर सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRP Plus) की नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे स्वयं सहायता समूह, ग्राम संघटन और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) आदि सामुदायिक संगठनों का सशक्तिकरण सुचारू रूप से किया जा सकेगा। राज्य मिशन निदेशक के निर्देशानुसार इस नीति के अन्तर्गत चयनित सामुदायिक संसाधन दल (CRPs) को बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे स्थानीय स्तर पर सामाजिक विकास की गतिविधियों का समुचित नेतृत्व कर सकें । इसके परिणामस्वरूप स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन और क्लस्टर लेवल फेडरेशन जैसे समुदाय आधारित संगठनों की सशक्तीकरण की गुणवत्ता तथा पहुँच में उल्लेखनीय सुधार होगा। “CRP Plus नीति” से ग्रामीण व्यापक स्तर पर आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा समुदाय आधारित विकास कार्यक्रमों की सफलता में नयी ऊँचाइयाँ प्राप्त होंगी। इस महत्वपूर्ण सफलता पर राज्य सरकार व राजीविका अपनी प्रतिबद्धता पुनः मजबूत करते हुए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। राजीविका का यह नवाचारी प्रयास राज्य सरकार के “सशक्त महिला – समृद्ध राजस्थान” के दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Politics News: सत्ता नही सम्मान चाहिए: उपेक्षा से जबरदस्त आहत वसुंधरा राजे कब तक बैठेगी चुप ?

— महेश झालानी

राजस्थान की राजनीति में अगर कोई नाम है जो वर्षों से सत्ता के शिखर पर रहा है, तो वह है—वसुंधरा राजे। दो बार की मुख्यमंत्री, अपार जनाधार और एक खास राजपूताना आभा । राजे का नाम आज भी राजनीति में सिहरन पैदा करता है। लेकिन सवाल यह है कि जब उनकी अनदेखी हो चुकी है, मुख्यमंत्री की कुर्सी भजनलाल शर्मा को सौंप दी गई है, तो क्या वसुंधरा राजे चुप बैठेंगी या वे कोई बड़ा धमाका करेंगी, महत्वपूर्ण सवाल यही है । दरअसल, 2023 विधानसभा चुनाव के बाद वसुंधरा खेमा उम्मीद में था कि पार्टी आलाकमान उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री पद सौंपेगा। उनकी संगठन में ताकत, जमीनी पकड़ और महिला वोट बैंक पर प्रभाव किसी से छिपा नहीं। लेकिन हाईकमान ने उन्हें एक किनारे कर भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया। इस फैसले ने न केवल राजे समर्थकों को ठगा महसूस कराया, बल्कि खुद वसुंधरा के आत्मसम्मान को भी चुनौती दी । तब से अब तक राजे खामोश नहीं रहीं। कभी अचानक बीजेपी मुख्यालय पहुंच जाना, कभी मंदिरों में दिखना, कभी सोशल मीडिया पर भावुक संदेश देना । ये सब इशारे साफ हैं कि वसुंधरा कोई ‘राजनीतिक संन्यास’ लेने नहीं जा रहीं है बल्कि माहौल को बारीकी से तौल रही हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या वसुंधरा राजे सरकार गिरा सकती हैं? इसका जवाब होगा नही । क्योकि वे बखूबी जानती है कि पार्टी में अनुशासन तोड़ना आत्मघाती कदम साबित होगा । एक बार उन्होंने आलाकमान को आंख दिखाई थी । नतीजा सामने है । वे हाशिये पर चली गई और एक नए विधायक की पर्ची उनसे खुलवाकर भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बना दिया गया । जहां तक राजे समर्थकों का आंकड़ा विधानसभा में 25–30 विधायकों तक बताया जाता है। ये वे विधायक हैं जो उन्हीं के दम पर चुनाव जीते और खुले मंचों से यह कहते भी रहे कि “हमारी नेता वसुंधरा राजे हैं।” यदि राजे चाहें तो ये विधायक भजनलाल सरकार को मुश्किल में डाल सकते हैं। मगर क्या सिर्फ असंतोष से सरकार गिराई जा सकती है? भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है—अनुशासन। हाईकमान ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि किसी भी प्रकार की ‘फूट’ या ‘गुटबाजी’ को सख्ती से निपटाया जाएगा। वसुंधरा भी यह बात समझती हैं। वे कोई भी कदम सोच-समझ कर उठाती हैं। उनके लिए सरकार गिराना उतना आसान नहीं, क्योंकि इससे वे खुद पार्टी नेतृत्व के कोपभाजन में आ सकती हैं। और वे इतनी परिपक्व नेता हैं कि पार्टी के बाहर जाकर कोई विद्रोह नहीं करेंगी। हालांकि, यह भी सच है कि अगर बीजेपी नेतृत्व उन्हें बार-बार हाशिए पर रखता रहा, उन्हें सम्मानजनक भूमिका नहीं दी गई—तो वे परोक्ष रूप से सरकार के खिलाफ वातावरण बनवा सकती हैं। कुछ विधायकों के नाराज़गी के सुर, अफसरशाही के अति सक्रिय हस्तक्षेप, और सरकार की धीमी गति, ये सब मिलकर भीतर ही भीतर अस्थिरता का बीज बो सकते हैं। एक ओर है पार्टी नेतृत्व की अवहेलना, दूसरी ओर है जनाधार और उनकी आत्मछवि। वे न तो आसानी से झुकेंगी, न ही खुलकर टकराव मोल लेंगी। यही राजनीतिक चतुराई उन्हें आज भी प्रासंगिक बनाती है। सरकार गिराने की बात वे सोच तो सकती है, लेकिन अमल में नही ला सकती है । हालांकि गहलोत से उनके सम्बन्ध बहुत ही मधुर है । जब गहलोत सरकार संकट में थी, तब राजे ने पर्दे के पीछे ऐसा खेल खेला जिससे सब अचंभित रह गए । प्रत्यक्ष रूप से वे सरकार गिराने की हिम्मत तो नही जुटा सकती है । लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वे सरकार की नींव में दरार जरूर ला सकती है । यदि उन्हें सम्मानजनक भूमिका नहीं दी गई। वे चाहें तो दिल्ली तक संदेश भेज सकती हैं कि “या तो मुझे केंद्र में यथोचित जिम्मेदारी दी जाए या मैं चुप नहीं बैठूंगी।” यदि उन्हें अपनी छवि बचाए रखनी है, तो उन्हें अब खुलकर अपनी भावनाएं सामने लानी होंगी। या तो केंद्र में उपराष्ट्रपति जैसे पदों की ओर बढ़ें, या फिर राजस्थान में जनसंपर्क तेज कर संगठन को अपनी ताकत का एहसास कराएं। राज्यपाल का पद वे पहले ही अस्वीकार कर चुकी है और उप राष्ट्रपति उन्हें बनाया जाएगा, संशय है । वे सत्ता के लिए लालायित नहीं, पर अपनी अनदेखी को पचा भी नहीं पा रहीं। यही द्वंद ही उन्हें आने वाले समय में राजनीति की नई धुरी बना सकता है। राजे की चुप्पी शांति नहीं है। वह तूफान से पहले की तैयारी है। सरकार गिराना उनके लिए अंतिम विकल्प हो सकता है । लेकिन यह तय है कि अगर पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज किया तो वे “राजनीतिक विद्रोह” का एक चौंकाने वाला चेहरा बन सकती हैं। राजस्थान की सियासत में अभी भी “राजे युग” समाप्त नहीं हुआ—वह अगली करवट की प्रतीक्षा कर रहा है।

Rajasthan News: राजस्थान में ‘मिल एंड फिल’ नीति हुई लागू

राजस्थान में 305 शहरों में अब ऊंची सड़क और नीचे मकान की समस्या नहीं होगी। नगरीय विकास विभाग के बाद अब स्वायत्त शासन विभाग ने भी परत हटाए बिना डामर या कंक्रीट की नई परत बिछाने पर रोक लगा दी है। इससे मकान और सड़क का लेवल बराबर रहेगा। सड़क पर जलभराव की समस्या समस्या को देखते हुए सरकार ने सड़कों के नवीनीकरण के लिए तत्काल प्रभावी से ‘मिल एंड फिल’ नीति लागू कर दी है। इसके तहत अब सड़क उखाड़ने पर उसके मैटेरियल को सड़क निर्माण में फिर से उपयोग में लिया जाएगा। नीति के अनुसार ठेकेदार द्वारा पुरानी परत को मशीन से हटाकर उसी डामर को दोबारा उपयोग में लिया जाएगा। इससे सड़क की ऊंचाई भी नहीं बढ़ेगी, वहीं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और वित्तीय बचत भी होगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी ऐसे कई सर्कुलर जारी कर रखे है, जिसमें इस तकनीक को बढ़ावा दिया गया है।  

Congress News: कांग्रेस जिलाध्यक्ष और विधायक र​फीक में हुई तनातनी

प्रदेश में भाजपा सरकार के विरोध में मुद्दों को लेकर बुलाई जयपुर शहर जिला कांग्रेस की मीटिंग से पहले जिलाध्यक्ष आर आर तिवाड़ी और विधायक रफीक खान में तनातनी हो गई। इस बीच श्री तिवाड़ी पर विधायक रफीक ने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष अकेले ही कार्यक्रम तय कर लेते हैं और इसकी सूचना तक नहीं देते हैं। मामले में श्री तिवाड़ी ने कहा कि जिलाध्यक्ष हूं, किसी के दबाव में काम नहीं करता। इस दौरान मौजूद जयपुर शहर कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, पूर्व विधायक गंगादेवी और पुष्पेंद्र भारद्वाज ने मामला शांत कराया। मामला शांत होने के बाद शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था सहित कई मांगों के लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संचार माध्यमों से बातचीत के दौरान प्रभारी बोहरा ने बताया कि मामला वैचारिक मतभेद का था जो किसी भी पार्टी में हो सकता हैं। हम सभी मुद्दों पर एक है। उन्होने बताया कि हमने राजधानी जयपुर और पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, निकाय और पंचायत चुनावों में देरी सहित कई मुद्दों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री की केन्द्रीय मंत्रियों से संवाद, प्रदेश में पीएम-जनमन योजना के तहत बनेगें 7 लाख मकान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्रियों से भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल एवं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर.पाटिल से मुलाकात के दौरान राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। श्री शर्मा ने कृषि भवन में श्री चौहान के साथ संवाद के दौरान प्रदेश में ग्रामीण विकास, कृषि क्षेत्र, लखपति दीदी योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना सहित विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। इस दौरान श्री शर्मा ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से राजस्थान को इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा योजना के तहत 4384 करोड़ रुपये जारी करने पर केन्द्रीय मंत्री का आभार जताया। कृषि भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री चौहान से राजस्थान में केन्द्रीय सहयोग से ग्राम पंचायत स्तर पर ‘कृषि पर्यवेक्षकों’ की व्यवस्था करने, राज्य की बेहतर मूंगफली किस्मों के प्रोत्साहन हेतु अधिसूचित करने और राज्य में उत्पादित होने वाले अरंडी के तेल के संवर्धन के लिए आग्रह किया। उन्होंने श्री चौहान को ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’, डिग्गी निर्माण और खेतों में तारबंदी से संबंधित योजनाओं के साथ ही जयपुर के बस्सी में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में इस महत्वपूर्ण योजना के तहत राजस्थान में बहुत शानदार कार्य हुआ है। केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि प्रस्तावित आवासों के सर्वे के सत्यापन का कार्य पूरा होते ही अतिरिक्त मकानों के निर्माण की स्वीकृति दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के साथ ही राजस्थान में पीएम-जनमन योजना के तहत भी आवासों का निर्माण करवाया जाएगा और कुल 7.46 लाख मकान बनाए जाएंगे। इस दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, केन्द्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, केन्द्रीय ग्रामीण विकास सचिव शैलेष सिंह, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट सहित केन्द्र व राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

RHB NEWS: आवासन मंडल की बोर्ड मीटिंग में हुआ निर्णय नई आवासीय योजनाओं का होगा निर्माण

नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं मंडल अध्यक्ष देबाशीष पृष्टी की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्थान आवासन मंडल की 251वीं बोर्ड सभा मंडल मुख्यालय में आयोजित हुई। सभा में मंडल अध्यक्ष द्वारा बुधवार नीलामी व प्रीमियम संपत्तियों की नीलामी को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को आमजन का भरोसा बताया गया। अध्यक्ष ने मिशन मोड में भूमि चिन्हांकन कर नई आवासीय योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए। श्री पृष्टी ने नवीन मॉडल भवन विनियम-2025 को मंजूरी दी गई और सिटी पार्क जयपुर के विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने निर्णयों की त्वरित क्रियान्विति व लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान सचिव डॉ. अनिल कुमार पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव, वित्तीय सलाहकार रोहिताश सिंह सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

ACB NEWS: सरकार जैसलमेर की 15 गौशालाओं की एसीबी से करायेगी जांच —गोपालन मंत्री

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जिला स्तरीय एवं गोपालन विभाग की जांच में अपात्र पाई गई जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा जांच की जाएगी। गोपालन एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित सभा में यह निर्देश दिए। सभा में पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, एसीबी के डीआईजी अनिल कयाल, गोपालन विभाग के डायरेक्टर प्रहलाद राय नागा, संयुक्त निदेशक (वैल्यू एडिशन) डॉ. मनोज कुमार शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभा में बताया गया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रथम चरण में 12 गौशालाओं में अनियमितता की जांच जिला स्तरीय कमेटी व गोपालन विभाग की टीम द्वारा की गई। दो अलग-अलग जांचों में इन 12 गौशालाओं में अनियमितता की पुष्टि के बाद मामला एसीबी को सौंपा गया। एसीबी की जांच में उक्त गौशालाओं में गलत तरीके से अनुदान प्राप्त करने की पुष्टि होने के बाद उनकी अनुदान राशि पर रोक लगा दी गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की विभागीय स्तर पर जांच के बाद गड़बड़ी सामने आने पर उनकी जांच भी अब एसीबी से करवाने का श्री कुमावत ने निर्देश दिया है। मंत्री ने बताया कि गौवंश की संख्या गलत दर्शाकर भुगतान उठाने के मामले सामने आने के बाद कुल 27 गौशालाओं को अनुदान के लिए अपात्र घोषित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी अन्य गौशाला में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। जैसलमेर जिले की 27 गौशालाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद गोपालन विभाग ने करीब 12 करोड़ रुपए की बचत की है।

C S NEWS: कूरियर से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रखी जाए —मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं उन्हें नशे की लत से दूर रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और गंभीर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सम्बंधित विभाग प्रभावी रणनीति के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें और युवाओं में जागरूकता के लिए मशहूर हस्तियों के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाए। श्री पंत सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निजी और राजकीय महाविद्यालयों में नियमित रूप से नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा करवाई जाए व वहां ड्रग कंट्रोल सोसाइटी की स्थापना के लिए प्रयास किए जाएं। वहीं महाविद्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों के सेवन और विक्रय पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के निर्माण में लिप्त गुप्त प्रयोगशालाओं का पता लगाकर पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जाए। उन्होंने जिलों में फॉरेंसिक लैब तंत्र को मजबूत करने के निर्देश भी दिए, जिससे मादक पदार्थों की रिपोर्ट समय पर न्यायालयों में प्रस्तुत की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि एच-1 श्रेणी की फार्मा ड्रग्स की बिक्री पर विशेष निगरानी रख अनियमितता करने वाले फार्मा दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। श्री पंत ने मानस हेल्पलाइन-1933 के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि इस माध्यम से प्राप्त सूचनाओं की गंभीरता से जांच कर, सही सूचना देने वालों को पुरस्कृत कर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि कूरियर सेवा के माध्यम से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर भी निगरानी रखी जाए। आमजन को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए उन्होंने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर सावंत, सचिव वित्त (राजस्व) विभाग कुमार पाल गौतम, निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग आशीष मोदी, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम. एन, विजय कुमार सिंह, उपमहानिदेशक(पश्चिमी क्षेत्र) एनसीबी मनीष कुमार, एनसीबी राजस्थान के जोनल निदेशक घनश्याम सोनी, चिकित्सा, पुलिस, उच्चशिक्षा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

Jaipur News: राजधानी जयपुर में शान से निकली तीज माता की सवारी

महिलाओं के रंग बिरंगे तीज त्यौहार के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर में 27 और 28 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव-2025 के अवसर पर पहले दिन रविवार को पारम्परिक तीज माता की सवारी निकाली गई। इस पारम्परिक तीज महोत्सव में तीज माता की भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, आम नागरिक, देशी-विदेशी पर्यटक शामिल हुए। तीज माता की भव्य और शाही शोभायात्रा जनानी ड्यौड़ी, सिटी पैलेस, त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर छोटी चौपड़, चौगान स्टेडियम होते हुए तालटोरा पौंड्रिक पार्क तक पहुंची। छोटी चौपड़ पर तीज माता की शानदार शोभायात्रा में राजस्थानी झांकियाँ, घोड़े-बग्घियाँ, सजे धजे हाथी, ऊंट, बैल, बैण्ड, शहनाई-नगाड़े से सुसज्जित शाही लवाजमा के साथ नारी शक्ति और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। इस भव्य शोभा यात्रा को लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को साकार किया।

C M NEWS: 76वां राज्यस्तरीय वन महोत्सव— पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल तत्व —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे हम जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें और हरियालो राजस्थान मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं। श्री शर्मा रविवार को जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हरियाली तीज पर वन महोत्सव मनाने का शुभ अवसर मिला है। हरियाली तीज ही नहीं, बल्कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना से जुड़ा है। बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से हमारे प्रदेश और देश में खूब बारिश हो रही है, जिससे चारों तरफ हरियाली है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। प्रदेश में आधे से ज्यादा बांध भर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि बीसलपुर बांध जुलाई माह में ही भर गया। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर सहित सभी वर्ग खुशहाल हो रहे हैं और हमारा राजस्थान समृद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। प्रभु श्रीराम का सीता माता एवं लक्ष्मण जी के साथ चौदह वर्ष तक वन में रहना प्रेरणादायी है। पांडवों ने वनवास के दौरान वन में आश्रय लिया और अपनी सभी जरूरतों को वनोपजों से पूरा किया। मनुष्य किसी भी परिस्थिति में हो, वृक्षों के संग रहकर कुशल जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कंदपुराण में भी पेड़ों की महत्ता को दर्शाते हुए एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर माना गया है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन से किया बीजारोपण —

समारोह में मुख्यमंत्री ने सिंदूर का पौधा लगाया और ड्रोन के माध्यम से बीजारोपण भी किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रोहिड़ा पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार और इनोवेशन अवॉर्ड का वितरण किया। श्री शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हृदय विदारक घटना हुई है। ऐसी दुखांतिका की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं पर भी जर्जर भवन दिखाई दे तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें, ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। कार्यक्रम में पीपलोदी दुर्घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया।