C M NEWS: राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए कृतसंकल्पित —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, प्राचीन धरोहर व जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वीर योद्धा महाराणा प्रताप के जीवन से परिचित कराने और उनके शौर्य की गाथा जन-जन तक पहुंचाने के लिए हम महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रहे हैं। इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े विभिन्न स्थलों जैसे, चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर, उदयपुर आदि को सम्मिलित किया जाएगा। जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट भी 100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट तथा ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के साथ ही स्वाभिमानपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। हम महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के माध्यम से उनके संदेश को विश्वभर में पहुंचाना चाहते हैं। जिससे इन स्थलों पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक उनकी वीरता की महान गाथा से परिचित हो सकेंगे। हल्दीघाटी में बनेगा चेतक का भव्य स्मारक मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोड़े चेतक का ऐतिहासिक एवं विशाल स्मारक बनाया जाए। साथ ही, हल्दीघाटी के युद्ध का जीवंत चित्रण पर्यटकों को दिखाने के लिए थ्रीडी तकनीक, लाइट एण्ड साउण्ड शो जैसी आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि चावंड में महाराणा प्रताप का समाधि स्थल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके समाधि स्थल को भव्य रूप में विकसित किया जाए, साथ ही, दिवेर की ऐतिहासिक विजय के प्रतीक के रूप में विजय स्तंभ भी विकसित किया जाए। जिससे यह ऐतिहासिक विजय पर्यटकों की स्मृति में चिरस्थाई बन सके। उन्होंने दिवेर, गोगुंदा तथा चित्तौड़गढ़ में भी प्रताप के जीवन से जुड़े स्थानों पर विभिन्न स्मृति चिन्ह तथा स्मारक आदि विकसित करने के निर्देश दिए। जनजातीय इतिहास और संस्कृति को किया जाएगा संरक्षित श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के इतिहास में जनजातीय समुदाय का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। हम जनजातीय संस्कृति तथा वैभव को संरक्षित करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर, मातृ कुण्डिया सहित विभिन्न पर्यटक स्थलों को शामिल करते हुए 100 करोड़ रुपये व्यय कर ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बेणेश्वर धाम तथा मानगढ़ धाम का भी विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेणेश्वर धाम में सोम, माही और जाखम नदी के संगम पर विशाल आदिवासी मेला आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होते हैं। सरकार यहां स्थित घाटों को नया स्वरूप देकर सुविधाएं विकसित करेगी। इसके साथ ही, बजट घोषणा के अनुरूप जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिए डूंगरपुर में डूंगर बरंडा तथा बांसवाड़ा में बांसिया चारपोटा के स्मारक भी बनाए जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत सहित पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा वित्त विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

Electricity News: बिजली बोर्ड में 2163 पदों के लिये ऑनलाइन आवेदन 10 सितम्बर से 25 सितम्बर तक

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राज्य के विद्युत निगमों (उत्पादन निगम, जयपुर/अजमेर/जोधपुर विद्युत वितरण निगम) में तकनीशियन-तृतीय (आईटीआई)/ ऑपरेटर-तृतीय (आईटीआई)/ प्लांट अटेंडेन्ट-तृतीय (आईटीआई) के कुल 2163 पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 10 सितम्बर 2025 से 25 सितम्बर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। पूर्व में विज्ञापित 216 रिक्तियों में नवीन सृजित 1947 रिक्तियों को सम्मिलित करते हुये कुल 2163 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया के प्रथम चरण में पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को संशोधन एवं अतिरिक्त जानकारी भरने का अवसर 01 अगस्त, 2025 से 10 अगस्त, 2025 तक दिया गया था। अब इस प्रक्रिया के द्वितीय चरण में अन्य सभी अभ्यर्थियों को आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है जिन्होंने पूर्व में आवेदन नहीं किया था। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्रदान करने और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को रोजगार देने एवं विद्युत निगमों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए तकनीशियन-तृतीय के पदों में 1947 पदों की वृद्धि की गई है। पूर्व में विज्ञापित 216 रिक्तियों में 10 गुणा की वृद्धि कर अब कुल 2163 पदों पर भर्ती की जा रही है। उन्होने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 150, जयपुर विद्युत वितरण निगम के 603, अजमेर विद्युत वितरण निगम के 498 एवं जोधपुर विद्युत वितरण निगम के 912 पदों पर सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 सितम्बर 2025 को सुबह 10 बजे से प्रारम्भ करते हुए लिंक सक्रिय कर दिये जायेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करने की अन्तिम तिथि 25 सितम्बर 2025 को शाम 5 बजे से पूर्व निम्न में से किसी भी वेबसाईट पर दिये गये लिंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं – https://energy.rajasthan.gov.in https://energy.rajasthan.gov.in/rrvun https://energy.rajasthan.gov.in/rrvpn https://energy.rajasthan.gov.in/jvvnl https://energy.rajasthan.gov.in/jdvvnl https://energy.rajasthan.gov.in/avvnl आवेदन सम्बन्धी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को उपरोक्त वेबसाईट से जुड़े रहने की सलाह दी गई है। भर्ती प्रक्रिया के संबंध में अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने हेतु कार्यालय समय में हेल्पलाइन डेस्क 9414056655 की सुविधा भी उपलब्ध है।

Rajasthan News: 1 से 7 अक्टूबर तक प्रदेश भर में मनाएगा ‘समाज कल्याण सप्ताह’

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हर वर्ष की तरह आगामी 1 से 7 अक्टूबर तक प्रदेश भर में समाज कल्याण सप्ताह मनाएगा। विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार समाज कल्याण सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, विशेष योग्यजन, महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों एवं कुरीतियों के विरूद्ध जनचेतना जाग्रत करना है। श्री गहलोत ने बताया कि सप्ताह के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों को दिवसों में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर-अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस, 2 अक्टूबर-अनुसूचित जातियों का कल्याण दिवस, 3 अक्टूबर-अपराधी सुधार दिवस, 4 अक्टूबर-बाल दिवस, 5 अक्टूबर-महिला एवं बालिका कल्याण दिवस, 6 अक्टूबर- जन चेतना दिवस और 7 अक्टूबर- विशेष योग्यजन कल्याण दिवस आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा जिला कलक्टर द्वारा प्रस्तावित एवं निर्देशित कराई गई अन्य गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अपर्णा अरोड़ा ने सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिख स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निकायों के सहयोग से विभिन्न योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाकर प्रति दिवस संपादित की जाने वाली गतिविधि के सम्बन्ध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, उद्योग एवं श्रम विभाग, स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों, दानदाताओं आदि की सहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, बाल कल्याण समिति, नारी निकेतन छात्रावास देवनारायण छात्रावास दिव्यांग गृह एवं संबंधित अन्य संस्थाओं को भी आवश्यक रूप से शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

C M NEWS: अधिकारी संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराएं —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक राहत और बचाव कार्यों के माध्यम से राज्य सरकार आमजन को हरसंभव मदद सुनिश्चित कर रही है। नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुनियादी सेवाओं और सुविधाओं को तेजी से सुचारू किया जा रहा है। उन्होंने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, नहरों, एनिकट व भवनों के मरम्मत के प्रस्तावों को तीन दिन में स्वीकृत करने के विशेष रूप से निर्देश दिए। साथ ही, इन स्वीकृत प्रस्तावों के कार्य 23 सितंबर तक प्रारंभ करने और क्षतिग्रस्त पक्के और कच्चे मकान की रिपोर्ट 2 दिन में प्राप्त कर तत्काल स्वीकृति जारी करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों से क्षतिग्रस्त सड़कों और भवनों के प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित भी करवाए जाएं। श्री शर्मा सोमवार को जिला प्रभारी मंत्रीगण और जिला प्रभारी सचिवगण के साथ अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में 5 से 7 सितम्बर तक दौरा कर वापस आए मंत्रिगणों द्वारा धरातल की स्थिति और राहत और बचाव कार्यों पर दिए गए विस्तृत फीडबैक के आधार पर मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जान-माल के नुकसान पर तत्परता के साथ सहायता उपलब्ध कराएं। चिकित्सा सेवाएं, खाद्य सामग्री की उपलब्धता सहित आवश्यक सेवाओं को निर्बाध और नियमित रखने और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने निचले इलाकों और जल भराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री व सचिव जिला कलेक्टर्स के साथ निरंतर संपर्क स्थापित कर बांधों की नियमित मॉनिटरिंग भी करें तथा समय पर गेट खुलवाकर पानी की निकासी सुनिश्चित करें। फसल खराबे पर त्वरित सहायता के लिए 6 सदस्यीय समिति का होगा गठन- मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान पर राज्य सरकार किसानों के साथ दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबे की स्थिति में बिनी किसी देरी के आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन स्थानों पर ऐप के माध्यम से गिरदावरी करने में समस्या आ रही है, वहां लोकेशन डिसेबल की जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि, राजस्व और सहकारिता विभाग के मंत्रीगण और सचिवों (6 सदस्यीय) की कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया, जो किसानों को फसल खराबे की उचित व समयबद्ध सहायता पर विशेष रूप से कार्य करें। साथ ही, यह कमेटी एडवाइजरी बनाने के साथ ही बीमा कंपनी तथा किसानों के बीच समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे पानी का सभी क्षेत्रों में समान रूप से वितरण हो। ट्यूबवेल के माध्यम से पानी को रिचार्ज करने का सिस्टम भी विकसित हो। उन्होंने आवश्यकतानुसार बांधों की ऊंचाई बढ़ाने और एनीकट के निर्माण पर विशेष जोर दिया। 10 हजार से अधिक कार्य स्वीकृत, 1159 लोगों को सकुशल बचाया- इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर आत्माराम सावंत ने प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों को लेकर प्रस्तुतीकरण देते हुए प्रगतिरत राहत और बचाव कार्यों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मानसून के दौरान 23 जिलों में असामान्य और 17 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। 10 हजार से अधिक रेस्टोरेशन कार्यों के लिए लगभग 211 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। अब तक 1159 लोगों को सकुशल बचाया गया है। उन्होंने बताया कि संभागीय मुख्यालय जिलों को 20 लाख तथा शेष जिलों को 10 लाख मानसून से पूर्व दिए जा चुके हैं। सहकारिता सदस्यता अभियान के लिए 9 से 29 सितम्बर तक करें व्यापक तैयारियां- मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक संचालित होेने वाले सहकारिता सदस्यता अभियान के सुचारू संचालन के लिए सहकारिता विभाग फील्ड में पदस्थापित विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारियों के संबंध में नियमित समीक्षा करें। इस अभियान में नवीन पैक्स का गठन, सदस्यता अभिवृद्धि, पीएम किसान सम्मान निधि योजना से वंचित लाभार्थी को जोड़ना, भूमि विहीन पैक्स हेतु भू-आवंटन कार्यवाही आदि जैसे कार्य किए जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 9 से 29 सितम्बर तक की अवधि में व्यापक तैयारियां की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश में एक भी ग्राम पंचायत सहकारिता से वंचित नहीं रहे। 15 सितम्बर से शहरी सेवा शिविर, 17 सितम्बर से ग्रामीण सेवा शिविर होंगे आयोजित- उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक शहरी सेवा शिविर और 17 सितम्बर से ग्रामीण सेवा शिविर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने शहरी सेवा शिविरों के क्रम में 4 से 13 सितम्बर तक आयोजित हो रहे प्री-कैंप को पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ आयोजित करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने शहरी सेवा शिविर के अंतर्गत देय रियायतों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने आगामी खेलो इण्डिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 की तैयारियों और आयोजन के संबंध में विशेष कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ये खेल सात संभागीय जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे।

C M NEWS: मसालों की समृद्ध परंपरा के लिए विश्व विख्यात है राजस्थान —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान मसालों के उत्पादन और व्यापार का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही मसालों की समृद्ध परंपरा के लिए विश्व विख्यात है। उन्होंने कहा कि राज्य में मसाला कॉनक्लेव का आयोजन हमारे मसाला उद्योग को नई दिशा व गति प्रदान करेगा। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब हर वर्ष मसाला कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। साथ ही, इस संबंध में समिति का गठन भी किया जाएगा, जिससे राज्य के मसाला उत्पादकों एवं व्यापारियों को नई संभावनाओं और नए अवसरों का सृजन करने के लिए एक वैश्विक मंच मिल सके। श्री शर्मा सोमवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में आयोजित राजस्थान मसाला कॉन्क्लेव-2025 में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में मसाला प्रसंस्करण उद्योग की अपार संभावनाएं है। राजस्थान जीरा उत्पादन में देश में पहले, मैथी और सौंफ उत्पादन में दूसरे और धनिया व अजवाइन उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। अगले साल होगा ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट— मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण एवं समृद्धि के लिए कई नीतियां लाई गई हैं। कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में 1 हजार 497 कृषि आधारित औद्योगिक इकाइयों को लगभग 630 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। साथ ही, कृषि आधारित उद्योगों एवं प्रसंस्करण इकाइयों में राज्य में करीब 3 हजार 504 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट से कृषि प्रसंस्करण के क्षेत्र में राज्य में करीब 44 हजार करोड़ रुपये का निवेश होना प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि प्रसंस्करण एवं आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और निवेशकों के प्रोत्साहन हेतु अगले साल की शुरुआत में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन किया जाएगा। जीआई टैग से राज्य के मसालों को मिली विशिष्ट पहचान— श्री शर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार ने कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के मसालों को विशिष्ट वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रमुख मसालों एवं अन्य कृषि उत्पादों को जीआई टैग दिलवाया जा रहा है। जीआई टैग मिलने से उत्पादकों और प्रसंस्करणकर्ताओं को मूल्य संवर्धन का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि एफपीओ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य की एफपीओ पॉलिसी भी तैयार की जा रही है। साथ ही, अब तक राज्य में 913 कृषक उत्पादक संगठनों का पंजीकरण किया जा चुका है। कृषि प्रसंस्करण और विपणन प्रोत्साहन हमारी प्राथमिकता— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रसंस्करणकर्ताओं को एक ही स्थान पर प्रसंस्करण सें संबंधित सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के 39 स्थानों पर फूड पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही, मंडी यार्ड में विकास कार्य और किसानों को मंडी यार्डों तक अपनी उपज लाने की सुविधा के लिए संपर्क सड़कों का निर्माण भी करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 148 लाख पात्र फसल बीमा पॉलिसी धारक किसानों को 3 हजार 912 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम का भुगतान किया गया है तथा खरीफ 2025 में करीब 163 लाख फसल बीमा पॉलिसी सृजित हो चुकी है। कार्यक्रम में हुए विभिन्न शिलान्यास एवं लोकार्पण— मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कृषि उपज मंडी समिति आंगणवा, जोधपुर और कृषि उपज मंडी यार्ड सोहेला, टोंक के इन्क्यूबेंशन सेंटर का वर्चुअल लोकार्पण किया। आंगणवा इन्क्यूबेंशन सेंटर में मसालों, दालों और सब्जियों के प्रसंस्करण के लिए दो प्रोसेसिंग लाइन, कोल्ड स्टोरेज और एक फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना की गई है। साथ ही, सोहेला के इन्क्यूबेशन सेंटर में तेल मिल, सब्जियों एवं फलों की प्रसंस्करण इकाई और टमाटर एवं मिर्च की पल्प, सॉस इकाई एवं फूड टेस्टिंग लैब स्थापित की गई है। श्री शर्मा ने सोनवा, टोंक के फूड पार्क का भी वर्चुअल लोकार्पण किया। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में नए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के पंजीयन प्रमाण पत्र तथा पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएम एफएमई) योजना के लाभान्वित कृषकों और उद्यमियों को अनुदान वितरित किया। उन्होंने मसालों से संबंधित विभिन्न योजनाओं के फोल्डर तथा श्रम सम्मान कार्ड का विमोचन तथा राज-स्पाइस ऐप का लोकार्पण किया। साथ ही, कृषि विपणन की विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों को चैक वितरित किए। श्री शर्मा ने मिशन जीवन सुरक्षा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को तथा मसाला प्रदर्शनी में चयनित तीन सर्वश्रेष्ठ स्टॉल को प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में 143 करोड़ 37 लाख रुपये के सड़क एवं मण्डी विकास निर्माण कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास तथा 83 करोड़ 49 लाख रुपये के मण्डी विकास निर्माण कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया। इस दौरान मसाला प्रसंस्करण एवं निर्यात पर निर्मित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन तथा स्टॉल पर मौजूद महिलाओं से बातचीत भी की।

C M NEWS: राज्य सरकार युवा वर्ग के कल्याण को समर्पित -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। अपनी विभिन्न योजनाओं और फैसलों से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा शक्ति को जीवन में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर संसाधन और समर्थन उपलब्ध हों। अपनी इसी नीति के तहत राज्य सरकार ने विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। 23 अगस्त 2025 को राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में इस योजना का अनुमोदन किया गया। योजना का उद्देश्य युवाओं में स्वरोजगार की भावना को प्रोत्साहन करना और उनमें उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन की नई राह खोलना है। इससे युवा आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदाता भी बनेगा। 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को वित्तीय संस्थानों के माध्यम से कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकेंगे या पहले से स्थापित उद्यम का विस्तार, विविधीकरण अथवा आधुनिकीकरण कर सकेंगे। योजना में अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 8 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे युवा उद्यमियों के स्वरोजगार की राह में आने वाली वित्तीय बाधाएं दूर होंगी और वे नवाचार, गुणवत्ता और अपने व्यवसाय के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। विशेष वर्गों को मिलेगा 1 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान इस योजना को पूरी तरह समावेशी बनाते हुए राज्य सरकार ने इसमें विशेष प्रावधान किए हैं। महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग श्रेणी के उद्यमियों, ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्यम, कार्ड धारक बुनकर और शिल्पकारों को 1 करोड़ से अधिक और 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इससे समाज के सभी वर्गों तक आत्मनिर्भर बनने के समान अवसरों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। युवा उद्यमियों की राह को और अधिक सुगम करते हुए इस योजना में वित्तीय संस्थान द्वारा प्रदान किए गए ऋण पर 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाएगा। राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना महज ऋण और सब्सिडी देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उस दूरदर्शी नीति का हिस्सा है, जो राजस्थान को आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाई तक लेकर जाएगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि युवा ही हमारे प्रदेश और देश का भविष्य हैं। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर युवा वर्ग को केन्द्र में रखकर नवीन नीतियां बना रही है। राजस्थान स्किल पॉलिसी, युवा रोजगार प्रोत्साहन योजना और युवा नीति 2025 युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उनके लिए रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने 5 वर्ष में 4 लाख सरकारी नियुक्तियां तथा निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य तय किया हैं। साथ ही, शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा रोजगारपरक योजनाओं एवं कार्यक्रमों से युवाओं को निरंतर सौगातें दी जा रही हैं। निश्चित रूप से विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना जैसे नवाचार प्रदेश में स्वरोजगार क्रांति की मजबूत नींव बनेंगे।

C M NEWS: श्री परशुराम ज्ञानपीठ विद्या, संस्कार व सेवा की त्रिवेणी के रूप में सम्पूर्ण समाज को दिशा देगा —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को मानसरोवर के शिप्रा पथ पर विप्र फाउंडेशन की ओर से निर्मित श्री परशुराम ज्ञानपीठ (सेंटर फॉर एक्सीलेंस एण्ड रिसर्च) भवन का उद्घाटन किया। इस दौरन उन्होने कहा कि भगवान श्री परशुराम ने हमें सिखाया है कि जब भी सत्य और न्याय की शक्ति एक होती है, तो वह ज्ञान और संस्कारों का नया प्रकाश फैलाती है। यह संस्थान शिक्षा और संस्कार की गंगा बहाने के साथ ही सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान का संवर्धन करेगा और विद्या, संस्कार व सेवा की त्रिवेणी के रूप में सम्पूर्ण समाज को दिशा भी देगा। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, विधायक गोपाल शर्मा, जेठानंद व्यास, ताराचंद सारस्वत, बालमुकुन्दाचार्य, विप्र फाउंडेशन के राधेश्याम शर्मा, सुशील ओझा, संत प्रकाश दास सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।

जहां गौ की पूजा होती है, वहां समृद्धि और संस्कार का वास होता है – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौवंश का अत्यधिक महत्व है। प्राचीन समय से ही हमारी समृद्धि का आधार गौवंश रहा है। हमारे घरों में प्रथम रोटी गाय के लिए बनाने, खेतों में बुवाई से पूर्व बैलों की पूजा करने और विवाह समारोह गोधूली वेला में किए जाने की परम्परा रही है। उन्होंने कहा कि जहां गौ की पूजा होती है, वहां समृद्धि और संस्कार का वास होता है। गौ महाकुंभ जैसे आयोजन हमें गौ वंश के संरक्षण और गोपालकों व किसानों को सशक्त बनाने का संदेश देते हैं। हम सब को हमारे जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ जैसे मांगलिक अवसरों पर गौशाला जाकर गाय की सेवा का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री शनिवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में श्री देवराहा बाबा गौ सेवा परिवार द्वारा आयोजित गौ आधारित वैश्विक शिखर सम्मेलन ‘गौ-महाकुंभ’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने गौवंश, गोपालक और किसानों के कल्याण के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। गौ संरक्षण और संवर्धन योजनाओं के लिए 2 हजार 791 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है। प्रत्येक पंजीकृत गौशाला को प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन और छोटे बछड़ों के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जा रही है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की 100 गौशालाओं को गौ काष्ठ मशीनें विशेष रियायती दर पर उपलब्ध कराई गई हैं और अब तक 341 गौशालाओं में आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि नंदीशाला सहभागिता योजना के तहत पंचायत स्तर पर आधारभूत संपत्तियों के निर्माण के लिए 62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। यह सब हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सपना है कि राजस्थान केवल एक कृषि प्रधान राज्य बनकर न रहे, बल्कि आने वाले समय में यह पूरे भारत का सबसे बड़ा डेयरी हब बने। इसी दिशा में हम दुग्ध उत्पादकों को संबल देने के लिए दूध पर प्रति लीटर 5 रूपये का अनुदान दे रहे हैं और औसतन 864 रुपये प्रति किलो फैट का मूल्य सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत 468 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जा चुके हैं। उन्होने आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर गौ सेवा में सहयोग करे ताकि कोई भी गाय भूखी न रहे और कोई भी गौशाला संसाधनों की कमी से नहीं जूझे।

Rajasthan News: पंजाब नेशनल बैंक के 21 हजार करोड़ कर्ज से होगा राजस्थान का विकास

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान का निर्माण हमारा ध्येय है। इसके लिए हमारी सरकार पहले बजट से ही दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, अक्षय ऊर्जा से लेकर जयपुर मेट्रो के विस्तार सहित आधारभूत विकास की विभिन्न परियोजनाएं इस दिशा में कारगर साबित होगी। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य की दिशा में हमने पूंजीगत निवेश पर विशेष बल दिया है। यह बात उन्होने शनिवार को राज्य सरकार और पंजाब नेशनल बैंक के मध्य एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक हमारे प्रदेश के विकास में साझेदार बन रहा है। कार्यक्रम में शासन सचिव, वित्त (व्यय) विभाग और जोनल हेड, पंजाब नेशनल बैंक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के तहत राज्य सरकार की ऊर्जा, सड़क, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी विकास परियोजनाओं के लिए पंजाब नेशनल बैंक द्वारा अगले 5 वर्षों के लिए ऋण के रूप में 21 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे आधारभूत संरचनाओं की परियोजनाओं के वित्तीय पोषण के साथ ही उन्हें गति मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंजाब नेशनल बैंक अशोक चंद्र सहित वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारी व पीएनबी के प्रतिनिधि गवाह के रूप में उपस्थित रहे।

C M NEWS: श्राद से पहले मुख्यमंत्री ने दी नई बसों की सैगात, हरी झण्डी ​दिखाकर किया शुभारम्भ

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के अमर जवान ज्योति से आरएसआरटीसी की 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसों के फ्लैग ऑफ के साथ ही जयपुर से काठगोदाम (कैंचीधाम उत्तराखण्ड) के लिए सुपर लग्जरी बस का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक यातायात सुविधा के विस्तार के साथ प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर सुविधा की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नवीन बसों के संचालन से यातायात के बढ़ते दबाव के प्रबंधन में सुगमता के साथ ही आमजन को बेहतर यातायात सुविधाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा क्रय की गई इन नवीन बसों का विधिवत रूप से पूजन किया। साथ ही उन्होंने बसों का अवलोकन करते हुए सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से आमजन को सस्ती, सुरक्षित एवं आधुनिकतम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नवीन बसें शामिल कियें जाने की बजट घोषणा की गई थी। इसकी अनुपालना में प्रदेश के 12 विभिन्न बस डिपो को 160 ब्लू लाइन एक्सप्रेस बसें उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें वैशाली नगर, विद्याधर नगर, शाहपुरा, जयपुर, हिण्डौन, दौसा, अजमेर, अजयमेरू, कोटपूतली, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, भीलवाड़ा शामिल हैं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों को जयपुर से काठगोदाम (उत्तराखण्ड) के लिए बस सेवा की सौगात दी गई है। इससे बाबा नीम करौली धाम (कैंचीधाम) जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को आसान धार्मिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए गत वर्ष से अयोध्या, गोवर्धन, सालासर बालाजी, रामदेवरा, श्रीनाथजी, श्रीकरणी माता और कैलादेवी जैसे धार्मिक स्थानों के लिए बस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, विधायक गोपाल शर्मा, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की अध्यक्ष श्रीमती शुभ्रा सिंह, शासन सचिव परिवहन विभाग श्रीमती शुचि त्यागी, प्रबन्ध निदेशक आरएसआरटीसी पुरुषोत्तम शर्मा सहित परिवहन विभाग और आरएसआरटीसी के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।