Politics News: डोटासरा का अच्छा व्यक्ति बिगड़ गया — भाजपा

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अनर्गल बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “एक अच्छा व्यक्ति बिगड़ गया है।” डोटासरा कभी एक उभरते हुए और प्रतिभाशाली नेता माने जाते थे, लेकिन विपक्ष में रहते हुए उनकी भूमिका कमजोर होती जा रही है। उन्होंने हाल के समय में सदन में और सार्वजनिक मंचों पर जिस तरह की भाषा और व्यवहार अपनाया है, वह लोकतांत्रिक परम्पराओं के खिलाफ है। राठौड़ ने कहा कि “मैं स्वयं विधानसभा में डोटासरा के साथ रहा हूं। पहले हम उन्हें एक परिपक्व और जिम्मेदार नेता मानते थे, लेकिन आज वे बहुत हल्के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और आसन के प्रति भी गलत व्यवहार अपना रहे हैं, जो मर्यादा के विपरीत है। गोविंद सिंह डोटासरा को बार-बार सदन में व्यवधान डालने की आदत है, उन्हें कैलाश मेघवाल जी के समय भी निष्कासित किया गया था। इसके अलावा सदन में नहीं आना और फिर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बात करना, ये सब जनतंत्र को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियाँ हैं। श्री राठौड़ ने कहा कि डोटासरा अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पारीक के खिलाफ जिस प्रकार से सार्वजनिक रूप से बयानबाजी कर रहे हैं, वह अत्यंत निंदनीय है। पारीक जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और संसदीय परम्पराओं को भलीभांति समझते हैं। उन्हें इस प्रकार सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अनुचित है। पार्टी के आंतरिक मुद्दों को सार्वजनिक मंचों पर लाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे पार्टी में टूट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि “जैसे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ही उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को ‘नाकारा’ और ‘निक्कमा’ कहा था, उसके बाद वे दोनों एक मंच पर मन से नहीं आ सके। उसी तरह डोटासरा ने जो शब्द पारीक जी के लिए कहे, वे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने वाले हैं और उनके आपसी संबंधों में भी दरार डालने वाले हैं।” उन्होने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, देश के प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों उपयोग करना बेहद आपत्तिजनक और असंसदीय है। राजनीति में भाषा की मर्यादा बनी रहनी चाहिए। विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन भाषा का चयन मर्यादित और आदर्श होना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि राजनीति में जिस प्रकार से भाषा का स्तर गिरा है, वह चिंताजनक है और इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए। सभी राजनीतिक दलों को इस पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि मर्यादित भाषा और व्यवहार से ही लोकतंत्र की गरिमा बनी रह सकती है।

Jaipur News: जयपुर में उचित मूल्य की दुकानों के लिये आवेदन 8 से 30 सितम्बर तक

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जयपुर जिले में 70 नवसृजित उचित मूल्य की दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें कार्यालय जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम द्वारा 11 और जयपुर द्वितीय द्वारा 59 उचित मूल्य की दुकाने संमलित है।जिला रसद अधिकारी त्रिलोकचंद मीणा ने बताया कि आवेदन पत्र 8 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2025 तक प्रत्येक कार्यदिवस में प्रातः 9:30 बजे से सांय 6 बजे तक संबंधित कार्यालय जिला रसद अधिकारी से प्राप्त किए जा सकेंगे। आवेदन पत्र भरने के पश्चात् इन्हें 15 सितम्बर से 10 अक्टूबर, 2025 तक प्रत्येक कार्यदिवस में कार्यालय समय में संबंधित कार्यालय में जमा करवाया जा सकेगा। श्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन पत्र केवल कार्यालय जिला रसद अधिकारी से निर्धारित प्रपत्र पर छायाचित्र सहित ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य किसी माध्यम जैसे ई-मित्र, टाइपिस्ट अथवा नोटरी बुक स्टोर से प्राप्त प्रपत्र कार्यालय द्वारा स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन पत्र का मूल्य 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जो निर्धारित शुल्क के डिमांड ड्राफ्ट अथवा भारतीय पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से जमा कराने पर ही दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र की उचित मूल्य की दुकान हेतु आवेदक का उसी वार्ड का निवासी होना आवश्यक है, जिसमें संबंधित उपभोक्ताओं को राशन सामग्री वितरित की जानी है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में आवेदक का उसी ग्राम पंचायत के किसी भी ग्राम या वार्ड का निवासी होना अनिवार्य है। एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर प्राथमिकता उस आवेदक को दी जाएगी जो उस वार्ड का निवासी होगा, जिसमें दुकान स्थित है। वहीं आवेदक को निवास प्रमाण हेतु मतदाता सूची की सत्यापित प्रति, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, जनाधार कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस की स्वप्रमाणित प्रति में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। आवेदन हेतु आवेदक की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए और आयु प्रमाण हेतु उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक की शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम स्नातक होनी चाहिए और कंप्यूटर में आरकेसीएल अथवा समकक्ष सरकारी संस्थान का तीन माह का आधारभूत प्रशिक्षण प्राप्त होना अनिवार्य है। स्नातक योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने पर 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों के आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे। जिन आवेदकों के पास कंप्यूटर प्रशिक्षण नहीं है, उन्हें चयनित होने के छह माह के भीतर प्रशिक्षण प्राप्त करने का शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। समितियों अथवा समूह निकायों द्वारा आवेदन किए जाने की स्थिति में अध्यक्ष/सचिव/प्रबंधक के लिए यह योग्यता और दक्षता आवश्यक होगी। इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया, अर्हता और अन्य नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट https://food.rajasthan.gov.in से प्राप्त कर सकते हैं।

Jaipur News: सुभाष चौक थाना इलाके में देर रात गिरा मकान, दो लोगों की मौत

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प्रदेश में हो रही लगातार बारिश से राजधानी जयपुर में सुभाष चौक थाना इलाके देर रात 2 बजे एक मकान गिरा गया। वहीं मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई। सूचना पर एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बचाव कार्य में जूटी रही। जाकारी के अनुसार चार से पांच लोगों को अचेत व घायल अवस्था में बाहर निकाला गया और उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थानिय लोगों के अनुसार कुछ दिन पहले ही मकान बंगाली परिवार को किराये पर दिया था। जानकारी के अनुसार घटना रामकुमार धावाई वाली गली में हुई। लगातार बरसात के कारण पुराने मकान में सीलन बढ़ने से मकान का कुछ हिस्सा जर्जर हो गया था। घटना वाले वाले हिस्से करीब सात—आठ लोग रह रहे थे। पड़ौसियों के अनुसार देर रात करीब दो बजे अचानक चीख पुकार मची और तेज धमाके की आवाज सुनी। घटना की सुचना पर पुलिस, सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। राहत कार्य सवेरे तक चलता रहा। प्रशासन मरने वालों की जानकारी जुटा रहा है। प्रशासन ने पड़ोसियों को सचेत करते हुये आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का विशेष निर्देश- विधायक आमजन की समस्याओं का करें समाधान

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राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य व्यापक स्तर पर जारी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों को अतिवृष्टि से उत्पन्न समस्याओं से आमजन को राहत देने के लिए 5, 6 और 7 सितम्बर (तीन दिन) अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के सघन निरीक्षण के विशेष निर्देश दिए। साथ ही, प्रभारी मंत्री व सचिव को भी अपने क्षेत्रों में दो दिन तक दौरा कर आमजन की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के साथ हर परिस्थिति में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। श्री शर्मा गुरूवार को प्रदेश में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति पर विधानसभा में विधायकगणों के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 1 जून से 1 सितम्बर तक औसत बारिश से 56 प्रतिशत से अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सभी विधायक अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में जाएं और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत-बचाव कार्यों को और अधिक गति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तात्कालिक राहत के साथ-साथ बारिश और बाढ़ से प्रतिवर्ष होने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसके लिए हम दीर्घकालिक योजनाएं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की परेशानियों को प्रभावी रूप से दूर कर रही है। प्रभारी मंत्री और विधायकगण क्षेत्र में अधिकारियों से लें नियमित फीडबैक- मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री और विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में अधिकारियों और प्रशासन से नियमित रूप से फीडबैक लें। उन्होंने विधायकों को अपने क्षेत्र में जिला कलक्टर और उच्च अधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने विधायकगणों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का मनोबल बढ़ाने, निचले इलाकों से लोगों को समय पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन पैकेट, पीने का पानी, दवाइयों एवं कपड़ो के वितरण की सतत निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करवाएं। साथ ही, नियंत्रण कक्ष एवं हेल्पलाइन पर नजर रखें एवं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्वयंसेवकों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करें। मीडिया और आमजन को नियमित रूप से करें जानकारी साझा- श्री शर्मा ने कहा कि विधायक मीडिया एवं आमजन को नियमित रूप से जानकारी दें ताकि अफवाह न फैले। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी राहत कार्यों एवं हेल्पलाइन नंबर की जानकारी साझा करें। उन्होंने राहत शिविरों एवं प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, पशुओं के टीकाकरण एवं पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन, राहत शिविरों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता की निगरानी, सुरक्षित पानी पीने, भोजन की स्वच्छता एवं गंदे पानी से दूर रहने के बारे में जागरूक करने के भी निर्देश दिए।

Farmers News: किसानों को मिलेगा निष्फल बुवाई का 25 प्रतिशत फसल बीमा क्लेम अधिसूचना जारी

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कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कृषि क्षेत्र में अवांछित घटनाक्रम के कारण फसल हानि होने पर बीमा आवरण उपलब्ध करवाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बीमित क्षेत्र में अधिसूचित प्रमुख फसलों में प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों वर्षा की कमी या अधिकता व विपरीत मौसमी दशाओं के कारण औसत बुवाई क्षेत्र से 75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में बुवाई नहीं होने या फसल की प्रारम्भिक अवस्था में अंकुरण बाधित होने के 446 बीमित इकाई की अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन सभी 446 बीमा इकाई क्षेत्र की बीमित फसल के सभी किसानों को बीमित राशि का 25 प्रतिशत फसल बीमा क्लेम का भुगतान करने की अधिसूचना जारी की गई है इसके बाद इन बीमित इकाई क्षेत्र की अधिसूचना की फसलो की बीमा पॉलिसी समाप्त हो गई है । शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने कहा कि मौसम सत्र खरीफ 2025 में 15 अगस्त तक जिलों से जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएलएमसी) से प्राप्त बाधित/निष्फल बुवाई/ रोपण/निष्फल अंकुरण बुवाई के प्रस्ताव के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा जिला पाली के मूंग फसल में तहसील पाली, रोहट, सोजत एवं सुमेरपुर के 56 पटवार मण्डलों, तिल फसल के तहसील पाली, रोहट, सोजत, सुमेरपुर एवं मारवाड़ जंक्शन के 52 पटवार मण्डलों, ज्वार फसल के तहसील पाली, रोहट एवं सोजत के 27 पटवार मण्डलों एवं बाजरा फसल के तहसील रोहट एवं सोजत के 11 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है। उन्होंने बताया कि जिला करौली में तिल फसल के तहसील नादौती के 27 पटवार मण्डलों और बाजरा फसल के तहसील बालघाट व नादौती के 28 पटवार मण्डलों, जिला भरतपुर के बाजरा फसल के तहसील भरतपुर के 21 पटवार मण्डलों जिला कोटा के सोयाबीन फसल के तहसील पीपल्दा के 21 एवं उड़द फसल के तहसील पीपल्दा के 32 पटवार मण्डलों, जिला बारां के सोयाबीन फसल के तहसील छबड़ा, मांगरोल, बारां, अन्ता, किशनगंज एवं शाहबाद के 34 पटवार मण्डलों, उड़द फसल के लिए तहसील बारां, किशनगंज एवं शाहबाद के 21 पटवार मण्डलों, मक्का फसल के तहसील छबड़ा के 1 पटवार मण्डल एवं धान फसल के तहसील शाहबाद के 2 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है। जिला सवाईमाधोपुर में उड़द फसल के तहसील सवाईमाधोपुर, चौथ का बरवाड़ा और खण्डार के 31 पटवार मण्डलों, बाजरा फसल के तहसील सवाईमाधोपुर, खण्डार, मित्रपुरा, बरनाला व मलारना डूंगर के 44 पटवार मण्डलों और तिल फसल के लिए तहसील सवाईमाधोपुर, खण्डार, बरनाला और बामनवास के 38 पटवार मण्डलों यानि राज्य के कुल 446 पटवार मण्डलों के लिए अधिसूचना जारी की गई है।

C M NEWS: सुरक्षित और आधुनिक राजस्थान के लिये सरकार लगाएगी 2 लाख स्ट्रीट लाइट

राज्य सरकार की ओर से प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात दी गई है। रविवार को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नगरीय क्षेत्रों की रात्रिकालीन सुरक्षा, ऊर्जा बचत और बेहतर यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए बजट 2025-26 में प्रस्तावित 1 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटों की संख्या बढ़ाकर अब 2 लाख करने का अहम निर्णय लिया है। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश की हर सड़क, हर मोहल्ला और हर बाजार रोशनी से जगमगाए। यह केवल रोशनी का कार्य नहीं, बल्कि सुरक्षित और आधुनिक राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि त्योहारी सीज़न को देखते हुए इस कार्य की शुरुआत दीपावली से पूर्व की जाए, ताकि प्रदेश की सड़कें और भी उज्जवल दिखाई दें। राज्य की 312 नगरीय निकायों में बढ़ती आबादी और क्षेत्रीय विस्तार को देखते हुए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य है। इसीलिए मुख्यमंत्री के विज़न के अनुरूप पुरानी और कमज़ोर लाइटों को हटाकर नई एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। यह निर्णय न केवल शहरों की सूरत बदलेगा, बल्कि नागरिकों के जीवन में सुरक्षा और सहजता का भाव भी जोड़ेगा। यह पहल ऊर्जा की बचत करेगी, दुर्घटनाओं में कमी लाएगी और लोगों को रात के समय भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभाग अतिशीघ्र प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर इस कार्य को शुरू करेगा । उल्लेखनीय है कि स्वायत्त शासन विभाग द्वारा शहर चलो अभियान के तहत 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य की सभी नगरीय निकायों में नई स्ट्रीट लाइट लगाने और बंद लाइट को चालू करने का कार्य भी किया जाएगा। इसी के साथ ही स्वायत्त शासन विभाग द्वारा नगरीय निकायों में आमजन की स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सड़क से संबंधित शिकायतों और सुझाव के लिए राज्य स्तरीय हेल्पलाइन नंबर 181 भी जारी किया गया है।

C M NEWS: शुद्धता से समझौता नहीं, मिलावटखोरों के खिलाफ करें सख्त कार्यवाही -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। हमारी योजनाएं और नीतियां किसानों का सर्वांगीण विकास करने के साथ-साथ विकसित राजस्थान-2047 की यात्रा में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी बजटीय घोषणाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें जिससे किसानों और पशुपालकों को धरातल पर उनका लाभ मिल सके। श्री शर्मा बुधवार को कृषि, कृषि विपणन, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी और गोपालन विभाग की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को रोजगारोन्मुखी व्यवसाय बनाने के दृष्टिगत दूरगामी निर्णय ले रही है। श्री शर्मा ने कृषि में उन्नत तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन देने के साथ ही किसानों के लिए सुविधाओं और सेवाओं में द्रुतगति से विस्तार के लिए विशेष निर्देश दिए। कस्टम हायरिंग सेंटर्स का हो व्यापक प्रचार-प्रसार- मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु और सीमांत किसानों को उचित दर पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में 1 हजार कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इन सेंटर्स के संचालन के लिए एफपीओ को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, जीएसएस, केवीएसएस और पंचायत द्वारा भी संचालन की जिम्मेदारी पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना से पूर्व अन्य राज्यों के मॉडल का परीक्षण करने और श्रेष्ठ मॉडल को लागू करने के लिए निर्देशित भी किया। साथ ही, इन सेंटर्स के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें। ई-मण्डी प्लेटफॉर्म से किसान की बाजार तक होगी सुगम पहुंच- श्री शर्मा ने कहा कि किसानों के खेत से ही फसल की सीधी खरीद और उसे तत्परता से विक्रय करने के लिए ई-मण्डी प्लेटफॉर्म का नवाचार किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और उनका आर्थिक रूप से सशक्तीकरण होगा। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर ई-मण्डी प्लेटफॉर्म में फसल के भण्डारण के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों के प्रभावी संचालन और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में आवश्यक कदम उठाने के लिए भी निर्देश दिए। ग्राम-2026 के सफल आयोजन के लिए बनाएं कार्ययोजना- मुख्यमंत्री ने ग्लोबल राजस्थान एग्री टेक मीट (ग्राम)-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सफल आयोजन के संबंध में कृषि शासन सचिव को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुसार मिलेट्स को प्रोत्साहन देने के लिए ‘श्री अन्न प्रमोशन एजेन्सी’ की स्थापना कर रही है। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने और बैलों से खेती करवाए जाने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में भी चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मोबाइल वेटेनरी वैन के संचालन की करें निरंतर मॉनिटरिंग- श्री शर्मा ने अधिकारियों को दूध संकलन के दौरान गुणवत्ता का पूर्ण ध्यान रखने एवं मिलावटी दूध बनाने में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने आरसीडीएफ को उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही, पशु चिकित्सा के लिए संचालित मोबाइल वेटेनरी वैन की निरंतर मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए। श्री शर्मा ने पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए दवाओं की नियत दरों पर ही उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। राजकीय संसाधनों का हो विवेकपूर्ण उपयोग- मुख्यमंत्री ने राजकीय संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भूमि की अनुपलब्धता पर नए प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी अनुपयोगी इमारतों का उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर की एनओसी के बाद ही भूमि का आवंटन किया जाए। वहीं मुख्यमंत्री ने राजस्थान किसान आयोग के वर्ष 2025 के अंतरिम प्रतिवेदन का विमोचन किया। इस दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत, राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष सी. आर. चौधरी, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Assembly News: राजस्थान कोचिंग सेन्टर विधेयक, 2025 ध्वनिमत से पारित, अनियमितता करने पर दण्ड घटाया

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राजस्थान कोचिंग सेन्टर (नियंत्रण और विनियमन) विधेयक, 2025 विधानसभा में बुधवार को ध्वनिमत से पारित हो गया। इयये पहले उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह केवल कानून नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा यह विधेयक लाखों अभ्यर्थियों व उनके अभिभावकों से सीधा जुड़ा है। डॉ. बैरवा ने सदन में कोचिंग विधेयक पर चर्चा के बाद कहा कि पहले संशोधन में कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण के लिए न्यूनतम विद्यार्थियों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 की गई है ताकि छोटे व असंगठित कोचिंग सेंटर अपनी सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सकेंगे। दूसरे संशोधन में कोचिंग संस्थाओं द्वारा अनियमितता करने पर शास्ति को 2 लाख रुपए से घटाकर 50 हजार रुपए और द्वितीय बार में 5 लाख रुपए से घटाकर 2 लाख रुपए की गई। इसके बाद भी उल्लंघन जारी रहने पर पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्महत्या को रोकने के लिए और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए विधेयक में प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के भावना के अनुरूप है। इसके जरिए विद्यार्थियों के कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा। बिना राजकीय पंजीकरण के संचालित नहीं होंगे कोचिंग संस्थान- उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य विद्यार्थियों को सम्मान दिलाने के साथ सशक्त नागरिक बनाना भी है। विधेयक के द्वारा शिक्षा क्षेत्र में दूरगामी और महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित किए गए हैं। अब कोई भी कोचिंग संस्थान बिना राजकीय पंजीकरण के संचालित नहीं हो सकेगा। पंजीकरण के लिए उचित मापदण्डों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थान रैंकिंग नहीं बल्कि संस्कार के केन्द्र बनें, जहां विद्यार्थी सामाजिक मूल्यों को सीख सकें। मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की नियुक्ति अनिवार्य- डॉ. बैरवा ने कहा कि राज्य स्तर पर कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए कोचिंग प्राधिकरण की स्थापना की गई है। राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन प्राधिकरण भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों को तनाव रहित अध्ययन के लिए प्रत्येक कोचिंग संस्थान में मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता की नियुक्ति करना और तनाव प्रबंधन के सेशन अनिवार्य होंगे। परिजनों से नियमित संवाद की व्यवस्था की जाएगी। हर जिले में परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध होंगे। विद्यार्थियों को पारदर्शी सुविधा मिलेगी और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही तय होगी जिससे एक स्वस्थ शिक्षा प्रणाली की स्थापना हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नियंत्रण के लिए एक वेब पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर तमाम कोचिंग संस्थानों की जानकारी आमजन के लिए उपलब्ध होगी, इससे पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि विधेयक में परिस्थिति व आवश्यकतानुसार भविष्य में संशोधन किया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास को मिल सकती है सरकार में मीडिया ओएसडी की नियुक्ति

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इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों में भजनलाल सरकार भी पिछे नहीं है। बिहार के चुनाव साधने के लिये प्रदेश सरकार में एक और मीडिया ओएसडी की नियुक्ति हो सकती है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार बिहार खेल जगत में रसूख रखने वाले व्यक्ति को राजी करने के लिये प्रदेश के पूर्व सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अधिकारी को नियुक्ति दी जा सकती है। सूत्रों की माने तो सरकार सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक गोविन्द पारीक को मीडिया ओएसडी बना सकती है। यह नियुक्ति बिहार खेल जगत में रसूख रखने वाले व्यक्ति के समन्वय और सहयोग से की जायेगी। वहीं इस साल के आखिर में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में उक्त वयक्ति को साधने की तैयारि भी बताई जा रही है। कांग्रेस विचार धारा के श्री पारिक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास माने जाते हैं। पूर्व सरकार में सुचना एवं जनसम्पर्क मंत्री रघु शर्मा के साथ इनकी चर्चाएं आम थी। कांग्रेस सरकार में भी इन्होने भारतीय प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिये श्री शर्मा का समन्वय और सहयोग लिया था। लेकिन इन्ही की कमियों के कारण सफल नहीं हो पाये।