C M NEWS: अंत्योदय की संकल्पना को साकार करेगा शहर चलो अभियान -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय अंत्योदय की संकल्पना को सिद्धि की ओर ले जाते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति को अधिक से अधिक राहत पहुंचाना है। 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक संचालित होने वाला शहर चलो अभियान इस उद्देश्य की प्राप्ति में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना के अंतर्गत कार्य करने के लिए निर्देशित किया, ताकि शहरी निकायों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं सुदृढ़ हों और सेवाओं को नई गति मिले। श्री शर्मा मंगलवार को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान से पूर्व 4 से 13 सितम्बर तक प्री-कैम्प आयोजित किए जाएं। इस दौरान अधिकारी शहरी निकायों के वार्डों में पहुंचें और पार्षदों से चर्चा कर समस्याओं का चिन्हीकरण करें। इससे आमजन को मुख्य कैम्प के दौरान सुगम और त्वरित राहत मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सार्वजनिक स्थानों का रखरखाव और सौंदर्यकरण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य इस अभियान में किए जाएंगे। उन्होंने पीएम स्वनिधि ऋण वितरण, पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के आवेदन प्राप्त करने के साथ ही सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी और विद्यालयों के मरम्मत के कार्य विशेष रूप से संपादित करने के लिए भी निर्देशित किया। ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए करें विशेष कार्य- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिल सके। उन्होंने भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास पर विशेष जोर देते हुए स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज जैसी आधारभूत सुविधाओं पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Collector News: राजकीय अवकाश के दिन संचालित निजी विद्यालयों को दिये नोटिस

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बाबा रामदेव जयंती -तेजा दशमी के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा घोषित राजकीय अवकाश के दिन कुछ गैर-सरकारी विद्यालयों द्वारा अवकाश घोषित नहीं कर विद्यार्थियों को अध्ययन हेतु बुलाए जाने की शिकायतें कलेक्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों को प्राप्त हुईं। जिला कलक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के निर्देश पर इन शिकायतों पर तत्परता से संज्ञान लिया गया और संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। जांच में टिओलर हाई स्कूल सिरसी रोड जयपुर, टिओलर अनबाउण्डेड सिरसी रोड जयपुर, जय श्री पेरिवाल स्कूल वैशाली नगर जयपुर, जय श्री पेरिवाल स्कूल महापुरा जयपुर और सवाई मानसिंह विद्यालय रामबाग सर्किल जयपुर के संचालित होने की पुष्टि हुई। इस पर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार इन विद्यालयों के सचिवों को तत्काल नोटिस जारी कर विद्यालय बंद करने व स्पष्टीकरण सहित पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पाबंद किया गया। जिला कलक्टर के निर्देश पर संबंधित विद्यालयों को यह भी स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है कि भविष्य में राजकीय अवकाश के दिनों में विद्यालय पूर्णतः बंद रखे जाएं और विभागीय आदेशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही संबंधित मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को भी कठोरता से पालना करवाने और भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने हेतु निर्देशित किया गया है। अवहेलना की स्थिति में तत्काल कार्यवाही हेतु स्पष्ट प्रस्ताव भिजवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

C M NEWS: 18 सितम्बर से गांव चलो अभियान, लंबित राजस्व प्रकरणों का होगा निस्तारण -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गुड गवर्नेन्स के मानकों पर खरा उतरते हुए आमजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारी उनकी नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही, संबंधित विभागों से समन्वय कर भूमि आवंटन, डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए, जिससे विकास कार्यों का लाभ लोगों को समय पर मिल सके। श्री शर्मा मंगलवार को राजस्व और उपनिवेशन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से काश्तकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में नवाचार कर रहा है। इसी क्रम में किसानों को स्वयं फसल गिरदावरी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एग्रीस्टेक मोबाईल ऐप विकसित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए इस ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। गांव चलो अभियान से ग्रामीणों तक सुलभ होंगी सरकारी सेवाएं:— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 18 सितम्बर से प्रदेशभर में सप्ताह में तीन दिन ‘गांव चलो अभियान’ संचालित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत ग्रामीणों के सीमाज्ञान, सहमति विभाजन, नामांतरण आदि लंबित प्रकरणों को निस्तारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति अभियान के लाभों से वंचित ना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी गत दो वर्ष के बजट में घोषित भवन निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तय समय में पूरा करें। साथ ही नियमित निगरानी कर इनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने भवनों का भी आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण एवं मरम्मत की जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके। समीक्षा में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि फार्मर रजिस्ट्री योजना के माध्यम से किसानों के आधार नम्बर को राजस्व रिकॉर्ड के साथ मेपिंग का कार्य समस्त जिलों में प्रारम्भ कर दिया गया है। अब तक 87 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 48 हजार 463 गांवों की जिओ रेफरेंस शीट फाइल भू-नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर 4.49 करोड़ यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नम्बर (ULPIN) जारी किए जा चुके हैं। इस दौरान राजस्व न्यायालयों के लिए रेवेन्यू कोर्ट मॉर्डनाइजेशन सिस्टम, राजस्व इकाइयों का पुर्नगठन, पूर्णकालिक सरकारी अधिवक्ताओं को रिटेनर शुल्क, उपनिवेशन क्षेत्र में भूमि आवंटन की दर में परिवर्तन, ग्राम दान एवं भूदान अधिनियम सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

C M NEWS: अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता से करें कार्य -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और पारदर्शी व जवाबदेही सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी अधिकारी-कर्मचारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जान-माल के नुकसान पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर्स अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर कार्य करें। श्री शर्मा सोमवार को विभिन्न मुद्दों को लेकर समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ ही आमजन के लिए चिकित्सा सेवाएं, खाद्य सामग्री की उपलब्धता सहित आवश्यक सेवाओं पर संबंधित जिला कलक्टर से गहन चर्चा करते हुए दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने घग्गर नदी में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए इस संबंध में हनुमानगढ़ जिला कलक्टर को पंजाब एवं हरियाणा राज्यों से समन्वय बनाते हुए अलर्ट मोड पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के 21 जिलों में असामान्य तथा 16 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों का रेस्टोरेशन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। 2 सितम्बर से तीन दिवसीय राहत अभियान- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी व्यक्ति सहायता से वंचित नहीं रहे। इस संबंध में उन्होंने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में 2 सितम्बर से 3 दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिसमें प्रभावितों को नियमानुसार सहायता राशि और अन्य राहत सुनिश्चित हो। श्री शर्मा ने जिला कलक्टर्स को फसल खराबे पर गिरदावरी रिपोर्ट शीघ्र भिजवाने के लिए निर्देशित भी किया। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड राज्यों में अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राजस्थान के नागरिकों को राहत और बचाव के संबंध में भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए। 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान- मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी निकायों में सफाई व्यवस्था सुधार, नई स्ट्रीट लाइट्स को लगाने, आवारा पशुओं को पकड़ने, शहरी निकायों के लंबित प्रकरणों के निस्तारण, सड़क मरम्मत जैसे जनोपयोगी कार्य सम्पादित करने के लिए राज्य सरकार प्रदेशभर में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक शहर चलो अभियान संचालित करने जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित हो। अभियान में लगने वाले मुख्य कैंप से पहले तैयारी कैंप लगाकर आमजन से आवेदन प्राप्त किए जाएं। पंचायत समिति की 2 ग्राम पंचायतों पर संचालित होगा गांव चलो अभियान- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 18 सितंबर से हर पंचायत समिति की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चलो अभियान चलाएगी। यह अभियान सप्ताह में तीन दिन चलेगा। सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन, स्वास्थ्य शिविर, विद्यालय इत्यादि के मरम्मत कार्य, बीज मिनी कीट वितरण जैसे कार्य होंगे। प्रदेशभर में 2 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक सहकार सदस्यता अभियान भी संचालित किया जाएगा। श्री शर्मा ने इन सभी अभियानों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। भ्रष्ट, लापरवाह और अनुशासनहीन कार्मिकों पर हो सख्त कार्रवाई- मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कार्मिक आमजन के कार्यों का निस्तारण निष्ठा और समर्पण भाव से करें। राज्य सरकार कार्य में लापरवाही बरतने वाले व भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और समर्पित कार्मिकों को सम्मानित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए कि वे भ्रष्ट, लापरवाह और अनुशासनहीन कार्मिकों की सूची तैयार कर राज्य सरकार को भिजवाएं, ताकि ऐसे कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई हो सके। अपराध पर पुलिस तुरंत ले सख्त एक्शन- मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के क्रम में छोटी-बड़ी हर घटना पर तत्परता के साथ कड़ी कार्यवाही करें। त्यौहारी सीजन को देखते हुए मंदिरों आदि धार्मिक स्थलों तथा पर्यटन स्थलों पर अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन के साथ मिलकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास कायम रहे। उन्होंने जिला कलक्टर्स को विद्यालय, आंगनबाड़ी और अस्पताल जैसे भवनों की मरम्मत या नवीन निर्माण के प्रस्ताव अतिशीघ्र भिजवाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम स्वनिधि योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, लखपति दीदी योजना, पीएम कुसुम योजना से अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोडे़ं। श्री शर्मा ने पंच गौरव कार्यक्रम की अद्यतन प्रगति, जिलों में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत प्राप्त हुए एमओयू की स्थिति तथा ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा, बजट घोषणाओं की समयबद्ध क्रियान्विति और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आने वाले त्यौहारों को देखते हुए जिलों में सफाई व्यवस्था, नई स्ट्रीट लाइट्स लगाने और सड़क मरम्मत से संबंधित कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव और पुलिस के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रदेशभर से संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स, रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक वीसी के माध्यम से जुड़े।

Hostel News: प्रदेश के छात्रावासों में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर तक बढ़ाई

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने प्रदेश के राजकीय और अनुदानित छात्रावासों (विद्यालय-महाविद्यालय स्तरीय) व आवासीय विद्यालयों में वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ा दी है। निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने बताया छात्र छात्राओं की मांग और आवश्यकता को देखते हुए विभाग ने आवेदन तिथि को 15 सितंबर तक बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में स्वीकृत नवीन छात्रावासों में भी छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिल सकेगा। श्री मोदी ने विभागीय जिला स्तरीय अधिकारियों को तिथि बढ़ोतरी की सूचना का प्रचार प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जितने अधिक से अधिक पात्र छात्र- छात्राओं का प्रवेश होगा उतनी ही योजना कारगर साबित होगी। गौरतलब है कि इससे पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित प्रदेश के सभी राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों (विद्यालय-महाविद्यालय स्तरीय) एवं आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 31 अगस्त, 2025 तिथि निर्धारित की गई थी।

C M NEWS: इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी से राजस्थान की प्रतिभाओं को मिलेगी नई पहचान -मुख्यमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात‘ कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने निवास पर ‘मन की बात‘ कार्यक्रम को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशवासियों से वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन देते हुए आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारी सीजन में आमजन उपहार, पहनावे, सजावट और रोशनी में स्वदेशी को गर्व से अपनाएं।उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का ध्यान भारत की तरफ है। भारत में छिपी संभावनाओं पर दुनिया-भर की नजर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की विश्व के सभी हिस्सों में प्रभाव बढ़ा है और रामायण और महाभारत के प्रति प्रेम और श्रद्धामें वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन आमजन में नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। साथ ही, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिएकई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। इस खेल आयोजन से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा तथा यह आयोजन खेल के क्षेत्र में राजस्थान को नई पहचान भी दिलाएगा।

C M NEWS: आमजन जनकल्याणकारी योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाएं —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन देते हुए आने वाले त्यौहार के सीजन में स्वदेशी उत्पादों को खरीदें। इससे स्थानीय कारीगरों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा और हमारे लघु एवं कुटीर उद्योग सशक्त होंगे। श्री शर्मा रविवार को दूदू में विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज मन की बात कार्यक्रम के दौरान कहा कि समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति के उत्थान से ही देश का विकास संभव है। उनके कल्याण से ही देश और प्रदेश की प्रगति सुनिश्चित होगी। संकल्प पत्र में किए हर वादे को करेंगे पूरा- मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान का रोडमैप भी बनाया गया है। हम निरंतर इस दिशा में काम कर रहे हैं। राज्य सरकार संकल्प पत्र में किए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री शर्मा ने आह्वान किया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के हर जरूरतमंद तक पहुंचाने में आमजन सक्रिय भूमिका निभाएं। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते जैसे किए अभूतपूर्व निर्णय – उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल आपूर्ति और उपलब्धता के क्षेत्र में प्राथमिकता से कार्य कर रही है। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर, गंगनहर, माही बांध जैसी परियोजनाओं के माध्यम से जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, 2027 तक प्रदेश के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 20 महीने में जो विकास कार्य करवाए हैं, उतने पूर्ववर्ती सरकार पांच साल में भी नहीं करवा पाई। गेंहू के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अब 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस- उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है। पिछले वर्ष किसानों को गेहूं के एमएसपी पर 125 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया था। अब 150 रूपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पिछले 20 महीनों में दूदू क्षेत्र को विकास की कई सौग़ातें दी है। आज इस अवसर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आधारभूत संरचना से जुड़े लगभग 50 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ है, जिससे इस क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। इन कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास- मुख्यमंत्री ने दूदू विधानसभा क्षेत्र के लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, सड़क निर्माण, मरम्मत व भवन निर्माण कार्यों एवं लगभग 10.5 करोड़ रुपये की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य कल्याण केंद्र, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट भवन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 10 करोड़ रुपये की लागत के एकीकृत आयुष चिकित्सालय, दूदू और 9 करोड़ की लागत के राजकीय पॉलिटेनिक महाविद्यालय, फागी के भवन का शिलान्यास किया । कार्यक्रम में परिवहन विभाग व मारूति सुजुकी इण्डिया लिमिटेड ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ए.डी.टी.टी.) के ऑटोमेशन कार्य निष्पादन के एमओए करार पर हस्ताक्षर किए गए।

Cabinet News: मंत्रिमंडल में सरकार का निर्णय उपभोक्ताओं को मिलेगी 150 यूनिट निःशुल्क बिजली

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद् की सभा में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के लाभार्थियों को सौर ऊर्जा से जोड़कर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली देने, प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में सुव्यवस्थित सीवरेज सिस्टम बनाने के लिए सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन, राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 लाने, राजसेस महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र भर्तियां करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती एवं सुलभ सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जादाता बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की है। प्रदेश में जल्द ही पीएम सूर्यघर 150 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना लागू की जाएगी। घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को ऊर्जादाता बनाने की दिशा में देश के किसी भी राज्य में अपनी तरह की यह महत्वाकांक्षी योजना है। श्री गोदारा ने बताया कि इस निर्णय का लाभ 1 करोड़ 4 लाख घरेलू श्रेणी के रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को होगा और वे सौर ऊर्जा से जुड़कर प्रतिमाह 100 यूनिट के स्थान पर अब 150 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभ उठा पाएंगे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 के बजट में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के रजिस्टर्ड लाभार्थियों को और अधिक लाभ देने की मंशा के साथ पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लीवरेज करते हुए रूफ टॉप सोलर पैनल लगाकर 150 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। साथ ही, ऐसे परिवारों, जिनके घर में सोलर प्लांट लगाने के लिए पर्याप्त छत नहीं है, उनके लिए सामुदायिक सोलर संयंत्र लगाने की घोषणा भी बजट में की गई थी। 150 यूनिट से कम औसत मासिक उपभोग- उन्होंने बताया कि 150 यूनिट से कम औसत मासिक उपभोग वाली श्रेणी के अन्तर्गत प्रथम कैटेगरी में मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना के ऐसे 11 लाख लाभार्थी परिवार, जिनके पास अपने घर की छत पर निःशुल्क रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए छत उपलब्ध है, उनके लिए वितरण कंपनियों द्वारा अपने चयनित वेंडर्स के माध्यम से निःशुल्क 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र लगाए जाएंगे। द्वितीय कैटेगरी में ऐसे रजिस्टर्ड शेष उपभोक्ता जिनके रूफ टॉप संयंत्र लगाने के लिए छत उपलब्ध नहीं है, के लिए डिस्कॉम्स सामुदायिक सोलर संयंत्र लगाएंगे। साथ ही, इन संयंत्रों पर वर्चुअल नेट मीटरिंग के माध्यम से ऐसे उपभोक्ताओं को इन सामुदायिक सोलर संयंत्रों से मिलने वाली बिजली के रूप में 150 यूनिट निःशुल्क बिजली प्रतिमाह उपलब्ध होगी। सामुदायिक सोलर संयंत्रों की स्थापना में होने वाला सम्पूर्ण व्यय डिस्कॉम्स वहन करेंगे। इससे उन लोगों को भी निःशुल्क बिजली योजना का लाभ मिलेगा जिनके पास स्वयं की छत उपलब्ध नहीं है। प्रथम 10 लाख उपभोक्ताओं को डिस्कॉम्स देंगे 1100-1100 रूपये- उन्होंने बताया कि शून्य कार्बन उत्सर्जन की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को हासिल करने में राजस्थान सरकार की यह योजना प्रेरक पहल और मील का पत्थर साबित होगी। इस सामाजिक व राष्ट्रीय सरोकार में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रथम 5-5 लाख विद्युत उपभोक्ताओं (150 यूनिट से अधिक और इससे कम औसत मासिक उपभोग, दोनों ही श्रेणियों में प्रथम 5-5 लाख उपभोक्ताओं) के बैंक खातों में डिस्कॉम्स डीबीटी के माध्यम से 1100 रूपये की राशि हस्तांतरित करेंगे। नगरीय निकायों में 1 लाख के स्थान पर 2 लाख स्ट्रीट लाइटें- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आबादी बढ़ने के साथ-साथ आवासीय क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए सड़कों पर एक लाख एलईडी स्ट्रीट लाईटें लगाने की घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी। नगरीय निकायों की संख्या 282 से बढ़कर 312 होे जाने एवं कई नगरीय निकायों में पुरानी हो चुकी लाइटों के स्थान पर नवीन लाइटें लगाने की जरूरत के मद्देनजर अब एक लाख लाइटों के स्थान पर 2 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। संशोधित बजट घोषणा के अन्तर्गत इस पर अनुमानित 160 करोड़ रूपये का व्यय होगा। राजसेस महाविद्यालयों में भर्तियों से विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा- उप मुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने बताया कि प्रदेश में राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेस) का गठन गत सरकार के समय वर्ष 2020 में किया गया था और इसके अंतर्गत 374 महाविद्यालय संचालित हैं। राजसेस के अन्तर्गत संचालित इन महाविद्यालयों में कुल 10,594 पद हैं, जिनमें 5,299 शैक्षणिक तथा 5,295 अशैक्षणिक पद हैं। ये सभी पद वर्तमान में रिक्त हैं तथा शिक्षण कार्य विद्या संबल द्वारा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजसेस महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 4,724 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक संविदा पदों पर भर्ती की जाएगी। 3,540 शैक्षणिक पदों पर यूजीसी मापदंडों के अनुरूप योग्य अभ्यर्थियों का नेट/स्लेट/सेट/पीएचडी के माध्यम से भर्ती करने पर विचार किया जा रहा है। इन सभी पदों पर भर्ती के माध्यम से हायर किए जाने वाले कार्मिकों का सेवाकाल 5 वर्ष रहेगा। इन पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा पैटर्न तय करने एवं भर्ती एजेंसी के निर्धारण तथा राजसेस हायरिंग ऑफ मैनपावर रूल्स 2023 में संशोधन की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है। सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन- डॉ. बैरवा ने बताया कि प्रदूषित जल से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और स्वास्थ्य सम्बन्धी दुष्प्रभावों से बचाव के लिए प्रदेश में सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन को कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। यह संशोधित नीति स्वच्छ भारत मिशन की अवधारणा के अनुरूप सुव्यवस्थित सीवरेज सिस्टम बनाकर सभी घरों को उससे जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंनेे बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि वर्षा के अलावा कोई पानी नाली अथवा सड़कों पर नहीं बहे। पुराने सीवरेज नेटवर्क के कारण इसे पूरा करने में आ रही समस्याओं को देखते हुए इस नीति में संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अपशिष्ट जल प्रबंधन क्षेत्र में तकनीकी बदलाव एवं नवाचारों और विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों को समाहित करते हुए को राज्य सीवरेज एवं अपशिष्ट जल नीति-2016 का संशोधित प्रारूप तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि संशोधित नीति के माध्यम से राज्य के सभी नगरीय निकायों में सीवरेज व्यवस्था स्थापित कर उसका प्रभावी उपयोग एवं सर्कुलर इकॉनोमी के सिद्धांत पर कार्य करते हुए सीवेज शोधन उपरान्त प्राप्त जल, खाद, गैस आदि का पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संशोधित नीति में नमामि गंगे परियोजनाओं के अनुरूप हैम मॉडल को अपनाया गया है। इसमें कुल परियोजना लागत की 40 प्रतिशत राशि कार्य समाप्ति एवं शेष 60 प्रतिशत राशि संचालन-संधारण समयावधि में समान किश्तों में प्राइवेट पार्टनर को दी जाएगी। राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025- विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रलोभन अथवा कपटपूर्वक धर्मान्तरण के प्रयासों को रोकने के लिए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 विधानसभा में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में अवैध रूप से धर्मान्तरण को रोकने के सम्बन्ध में कोई विशिष्ट कानून नहीं है, इसलिए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 को पिछले सत्र में विधानसभा में लाया गया था। अब इस विधेयक को वापस लेकर इसमंे और कठोर प्रावधान करते हुए राजस्थान विधिविरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025 का नया प्रारूप विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। मंत्रिमण्डल की बैठक में इस विधेयक के नये प्रारूप का अनुमोदन किया गया। उन्होंने बताया कि इस विधेयक के कानून बनने के उपरान्त कोई व्यक्ति या संस्था, किसी व्यक्ति पर मिथ्या निरूपण, कपटपूर्वक, बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव आदि का प्रयोग कर धर्म परिवर्तन नहीं करवा सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति अथवा संस्था ऐसा कृत्य करते हैं, तो उन्हें कठोर दण्ड दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति केवल विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से विवाह करता है, तो ऐसा विवाह शून्य होगा। इस विधि में अपराध गैर-जमानती व संज्ञेय होंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में मूल पैतृक धर्म में वापसी को धर्म परिवर्तन की परिभाषा में सम्मिलित नहीं किया गया है। अवैध धर्मान्तरण पर न्यूनतम 7 वर्ष एवं अधिकतम 14 वर्ष के कारावास एवं न्यूनतम 5 लाख रूपये का जुर्माना, नाबालिग, दिव्यांग, महिला, एससी, एसटी वर्ग के पीड़ित के विरूद्ध ऐसा अपराध करने पर न्यूनतम 10 वर्ष एवं अधिकतम 20 वर्ष के कारावास एवं न्यूनतम 10 लाख रूपये का जुर्माना, सामूहिक धर्म परिवर्तन पर न्यूनतम 20 वर्ष एवं अधिकतम आजीवन कारावास एवं न्यूनतम 25 लाख रूपये के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। धर्म परिवर्तन के लिए विदेशी संस्थान एवं अवैध संस्थान से धन प्राप्त करने पर न्यूनतम 10 वर्ष एवं अधिकतम 20 वर्ष के कारावास एवं न्यूनतम 20 लाख रूपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया है। भय, बल, विवाह का वादा, विवाह, नाबालिग, महिला अवैध व्यापार जैसे अपराधों के लिए न्यूनतम 20 वर्ष एवं अधिकतम आजीवन कारावास एवं न्यूनतम 30 लाख रूपये का जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि विधेयक में अपराध की पुनरावृति पर आजीवन कारावास तक सजा एवं न्यूनतम 50 लाख रूपये का जुर्माना, अवैध धर्मान्तरण में लिप्त संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द करने, राज्य सरकार द्वारा ग्राण्ट बंद किए जाने, जिस स्थान पर अवैध धर्म परिवर्तन हुआ है उस सम्पत्ति की जांच के पश्चात जब्ती अथवा गिराए जाने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस प्रस्तावित कानून में सबूत का भार उस व्यक्ति पर होगा जिसने धर्म परिवर्तन करवाया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सेवा नियमों को मंजूरी- श्री पटेल ने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के मंत्रालयिक एवं अधीनस्थ सेवा संवर्ग के पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2014 में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन किया गया था, लेकिन सेवा नियम अब तक नहीं बनाए गए थे। मंत्रिमंडल की बैठक में बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों हेतु नए सेवा नियम राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड (गैज़ेटेड स्टाफ) सर्विस रूल्स, 2025 एवं राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड (मिनिस्टीरियल एंड सबऑर्डिनेट सर्विसेज) रूल्स, 2025 बनाए जाने के साथ ही राजस्थान सबऑर्डिनेट एंड मिनिस्टीरियल सर्विसेज (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) रूल्स, 2022 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इन नियमों के लागू होने के बाद बोर्ड में नियमित कार्मिकों की भर्ती का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे बोर्ड का कार्य सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा। विभिन्न संवर्गों में पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि- उन्होंने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग में अन्वेषणकर्ता (सांख्यिकी सहायक) पद का पदनाम एवं पे-लेवल आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अनुसार सहायक सांख्यिकी अधिकारी के अनुरूप करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद का संशोधित पे-लेवल पूर्व में एल-2 निर्धारित करने के कारण इस पद से पदोन्नति के पद जैसे दफ्तरी, रिकॉर्ड लिफ्टर तथा लेबोरेट्री ब्वॉय का पे-लेवल संशोधित कर एल-3 किए जाने तथा कारागार विभाग में वरिष्ठ प्रहरी के पद को विलोपित किए जाने की मंजूरी भी मंत्रिमंडल में दी गई। इसके लिए राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम-2017 की अनुसूची-।। में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य कृषि विपणन सेवा नियम, 1986 की वर्तमान अनुसूची में अतिरिक्त निदेशक का पद सम्मिलित नहीं होने के कारण अनुसूची में संशोधन कर इस पद को सम्मिलित किया जाएगा। साथ ही, इस सेवा में उप निदेशक एवं सहायक निदेशक के पद सौ प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाने के कारण उनकी अनुसूची में अंकित सीधी भर्ती की न्यूनतम अर्हताएं एवं अधिकतम आयु सीमा की प्रविष्टियों को हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भू-जल विभाग में पदोन्नति के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने और विभागीय आवश्यकता को देखते हुए अधीक्षण भू-भौतिकविद् एवं अधीक्षण रसायनज्ञ के एक-एक नए पद सृजित किए गए हैं। इसके लिए राजस्थान भू-जल सेवा नियम, 1969 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

Politics: रामकथा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की पीड़ा झलकी, सियासत में कयासों का दौर जारी

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धौलपुर के परशुराम धर्मशाला में चल रही रामकथा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अपने संबोधन में कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में वनवास का समय आता है, जिसके बाद वापसी होती है। राजे के इस कथन ने सियासत में हलचल मचा दी है। वहीं विपक्ष ने इसे पूर्व सीएम की पीड़ा बताया है। उन्होने आगे कहा कि ‘जिसे अपना समझो, वह हो जाता है पराया’ इस तरह के संबोधन ने प्रदेश में आम और खास के लिये कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। राजे यह भी कहा कि धौलपुर में उनका स्थान एक बहू का है और धौलपुर के लोग मेरा परिवार हैं। परिवार में सभी की अलग-अलग जिम्मेदारी होती है। उन्होने कहा कि डर तभी लगता है, जब इंसान जानबूझकर गलत करता है, यदि जीवन में धर्म और वेद विज्ञान को अपनाया जाए तो भय समाप्त हो जाता है। वहीं श्रीमती वसुंधरा के बयान पर कांग्रेस के प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि बीजेपी ने वसुंधरा को जबरन वनवास दिया है। इसलिए वे इस तरह की बातें कह रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें किनारे कर दिया है, यही उनकी पीड़ा झलकाती है।

Politics News: गहलोत निकला असली “पेपर चोर” —एसओजी को करनी होगी “पूछताछ”

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-महेश झालानी

राजस्थान की राजनीति का सबसे बड़ा भर्ती घोटाला अब परत-दर-परत खुल चुका है। यह केवल कुछ दलालों और अफसरों का खेल नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें सीधे सत्ता के शिखर तक जुड़ी हुई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस पूरे फर्जीवाड़े के असली सरगना साबित हुए। उन्होंने राजनीतिक सौदेबाजी और निजी स्वार्थ के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग को अपनी राजनीतिक मंडी बना डाला। गहलोत ने बाबूलाल कटारा, जसवंत राठी, कवि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी संगीता आर्य को आयोग का सदस्य बनाया। इतना ही नहीं, अपने पूर्व मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे संजय श्रोत्रिय को आरपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त कर भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का दरवाजा पूरी तरह खोल दिया। इन नियुक्तियों ने आयोग को मेरिट और निष्पक्षता का मंदिर न बनाकर माफियाओं और राजनीतिक सौदागरों का अड्डा बना दिया ताकि वे मनमाने तरीके से बेरोजगारों को बेरहमी से लूट सके । लेकिन सच हमेशा छिपा नहीं रह सकता। गहलोत ने जिस एडीजी अशोक राठौड़ को एसओजी का मुखिया बनाया, उन्होंने पेपर माफिया पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें बचाने का काम किया। राठौड़ की यह निष्क्रियता और मिलीभगत घोटाले को और गहरा करती रही। यदि वे पूरी ईमानदारी और समर्पण भाव से अपनी ड्यूटी निभाते तो बेरोजगारों का इतना कीमती वक्त बर्बाद नही होता । इसके ठीक उलट वीके सिंह ने कर्मठता और ईमानदारी का परिचय देते हुए परत-दर-परत पूरी साजिश को बेनकाब किया। सिंह ने आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा, रामूराम रायका, उनके पुत्र-पुत्री और 58 फर्जी तरीके से एसआई परीक्षा पास करने वालों को पकड़कर यह साबित कर दिया कि यह महज़ कुछ दलालों का खेल नहीं बल्कि सत्ता-प्रायोजित संगठित लूट थी। जांच इसी तरह चलती रही तो गहलोत से जुड़े कई ओएसडी, चमचो और दलालो के भी कारनामें उजागर होंगे । यहीं पर उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप निर्णायक साबित हुआ। अदालत ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को निरस्त कर तत्कालीन गहलोत सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया। यह फैसला न केवल युवाओं के पक्ष में आया बल्कि इसने साफ कर दिया कि न्यायपालिका अभी भी भ्रष्ट राजनीतिक तंत्र से ऊपर खड़ी है। विडंबना देखिए। गहलोत, जो भाजपा पर “वोट चोरी” का आरोप लगाते रहे, वही सत्ता में रहकर “पेपर चोरी” के मुख्य सरगना निकले। उन्होंने बेरोजगार युवाओं का भविष्य नीलाम कर दिया और कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रव्यापी साख धूल में मिला दी। क्या कुर्सी के लिए कोई व्यक्ति इतना नीचे भी गिर सकता है क्या ? नैतिकता (जो पहले ही बेच चुके थे) को ताक में रखकर भ्रस्टाचार और बेईमानी का नंगा नाच करते हुए राजस्थान लोक सेवा आयोग की गौरवशाली परम्परा को बुरी तरह से चकनाचूर कर दिया । आज सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पार्टी में इतनी नैतिकता बची है कि वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सके? जब तक पेपर चोरों के असली गुनहगार को बाहर नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस ईमानदारी और नैतिकता का दावा करने का हक खो देती है। एक तरफ राहुल गांधी और उनकी पार्टी ईमानदारी की पैरवी करती है। दूसरी ओर गहलोत सरीखे राजनेता चोर-उचक्कों के सबसे बड़े शरणदाता बनकर उभरे है। गहलोत की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और संरक्षण ने राजस्थान के लाखों युवाओं के सपने छीन लिए। अब, उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले ने साफ कर दिया है कि सच्चाई चाहे कितनी भी दबाई जाए, अंततः जीत न्याय और युवाओं के अधिकार की ही होगी। न्यायालय के इस फैसले के बाद लोगो का न्याय प्रणाली में भरोसा पुख्ता हुआ है। चन्द राजनेता अपने चहेतों को इसलिए जज बनाते है ताकि वे मनमाफिक फैसला करवा सके। लेकिन अब यह धारणा ध्वस्त होकर रह गई है । चर्चा है कि आईपीएस के वरिष्ठ अधिकारियों की आने वाली तबादला सूची में वीके सिंह का भी नाम है। यदि सिंह को एसओजी से हटाकर अन्यत्र लगा दिया गया तो जनता में गलत मेसेज जाएगा। जनता कयास लगाने में देरी नही करेगी कि पेपर लीक माफिया और भ्रस्ट राजनेताओ के दबाव की वजह से वीके सिंह को एसओजी से हटाया गया है। जब तक ऑपरेशन पूरा नही हो जाता, तब तक सिंह का एसओजी में नियुक्त रहना श्रेयष्कर होगा । अब मुख्यमंत्री भजनलाल को चाहिए कि हर दोषी को कठोरतम सजा दी जाए। चाहे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हों या पावरफुल गठजोड़, किसी के लिए कोई रियायत नहीं। लाखों युवाओं का भविष्य, राज्य की साख और न्याय के नाम पर अब बेधड़क, निर्णायक व त्वरित कार्रवाई जरूरी है। राजस्थान की परीक्षा व्यवस्था को शुद्ध करने के लिए मुख्यमंत्री को त्वरित, स्थायी और कठोर सजा का उदाहरण पेश करना होगा, ताकि भविष्य में कोई सत्ता-माफिया युवाओं के सपनों से खेलने की जुर्रत न कर सके। निश्चित रूप से भजनलाल ऐसा करेंगे, प्रदेश की जनता को अब उन पर दृढ़ भरोसा होगया है ।