C M NEWS: व्यापार और उद्योग जगत राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत राजस्थान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। राजस्थान के रत्न-आभूषण, वस्त्र, हस्तशिल्प, चमड़े का सामान और अन्य उत्पाद विदेशों में अपनी अनूठी पहचान रखते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में अमेरिका की तरफ से भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ से हमारे प्रदेश का व्यापार और उद्योग भी प्रभावित हुआ है। इस चुनौती को हमेें हमारे पुरुषार्थ से अवसर में बदलना है। श्री शर्मा शुक्रवार को रत्न-आभूषण, वस्त्र, चमड़ा व हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े उद्यमियों और व्यापारियों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति से निपटने के लिए उद्यमी व व्यापारी अपने उत्पादों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैकल्पिक बाजार तलाशने का प्रयास करें। देश के अन्य राज्यों के घरेलू बाजारों में भी नए ग्राहकों को जोड़े। उन्होंने कहा कि उद्यमी राज्य सरकार को अपने अनुभव के आधार पर सुझाव दें कि किन बिंदुओं पर केन्द्र सरकार से सहयोग हेतु अनुरोध किया जा सकता है। नवीन नीतियों से उद्योगों को मिल रहा प्रोत्साहन- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नवीन नीतियों के माध्यम से प्रदेश में उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है। हमने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2024 लागू की है, जिसमें इन उद्योगों को थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान, फ्रेट अनुदान व पावर इन्टेनसिव जैसे परिलाभ दिए जा रहे हैं। राजस्थान निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 के अंतर्गत भी फ्रेट अनुदान, मार्केटिंग सहायता, निर्यात दस्तावेजीकरण सहायता, उत्पाद परीक्षण, प्रौद्योगिकी अधिग्रहण योजना, ई-कॉमर्स सहायता एवं ईसीजीसी पुनर्भुगतान के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वर्तमान परिस्थितियों में पूरी तरह उद्यमियों के साथ है। उनके निर्यात को बढ़ाने में हम हरसंभव सहयोग करेंगे।

C M NEWS: आमजन में आयोजन के व्यापक संदेश के लिए करें नवाचार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है। इस खेल आयोजन से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलेगा और यह आयोजन खेल के क्षेत्र में राजस्थान को नई पहचान भी दिलाएगा। ऐसे में इन गेम्स का भव्य व सफल आयोजन सुनिश्चित किया जाए ताकि यह पूरे देशभर में मिसाल बन सके। श्री शर्मा गुरुवार को खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि इन खेल आयोजन में प्रदेश के संभाग मुख्यालयों पर गेम्स आयोजित करने के प्रयास किए जाए व ज्यादा से ज्यादा लोगों की सहभागिता और प्रदेश के युवाओं का जुड़ाव सुनिश्चित किया जाए। मुख्य आयोजन से पूर्व गतिविधियां हो आयोजित— मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खेल आयोजन के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए नवाचारों को अपनाया जाए। इसके लिए मुख्य आयोजन से पहले पूर्व गतिविधियों के रूप में मैराथन सहित स्कूल-कॉलेज में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाए ताकि प्रदेशभर में खेलों के प्रति जागरूकता का संदेश जाए। साथ ही, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन की सहगतिविधियों को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति से जोड़ा जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और अतिथियों के लिए आवास व्यवस्था, दर्शकों की बैठक व्यवस्था व खेलों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की पूर्ण व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, सौन्दर्यकरण व अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

RGHS NEWS: झालावाड़ में आरजीएचएस घोटाले का आरोपी गिरफ्तार

आरजीएचएस योजना में बड़े घोटाले का पर्दाफाश कर झालावाड़ पुलिस ने ₹25 हजार के इनामी आरोपी सहकारी उपभोक्ता मेडिकल स्टोर के संचालक कमलेश राठौर को गिरफ्तार किया है। राठौर पर राज्य कर्मचारियों के फर्जी मेडिकल बिल और चिकित्सक की प्रेस्क्रिप्शन पर्चियां बनाकर लाखों रुपये का सरकारी धन गबन करने का आरोप है। झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि झालरापाटन के राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में फर्जी ओपीडी पर्चियां और मेडिकल बिल तैयार कर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। जब एक फर्जी ओपीडी पर्ची के आधार पर दवाइयों के बिल भुगतान के लिए सीएमएचओ कार्यालय भेजे गए तो इस घोटाले का खुलासा हुआ। ओपीडी पर्चियों की जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक से पूछताछ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित किया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसमें पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज सिंह खरेड़ा भी शामिल किए गये। तकनीकी जांच के आधार पर टीम ने फरार आरोपी कमलेश राठौर पुत्र रमेश चंद निवासी झालरापाटन को इंदौर से 40 किलोमीटर दूर पीथमपुर से हिरासत में लिया। गहन पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच से पता चला है कि सहकारी मेडिकल स्टोर संचालक कमलेश राठौर और अस्पताल में कार्यरत संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार जैन ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा। वे आरजीएचएस कार्ड धारक मरीजों की फर्जी पर्चियां बनाते थे और उन पर महंगी दवाइयां व जांचें लिखवाते थे। इसके बाद डॉक्टर की सील और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी बिल तैयार किए जाते थे। मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर राहुल कुमार जैन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। फरार होने के बाद कमलेश राठौर की तलाश जारी थी, जिसे अब पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है,ताकि इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

C M NEWS: क्षतिग्रस्त सड़कों का हो ड्रोन सर्वे, 20 अक्टूबर तक करें मरम्मत —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क, बायपास, आरओबी और आरयूबी जैसी जनउपयोगी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग पाए जाने और अकारण देरी पर कॉन्ट्रेक्टर के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करते हुए उनसे वसूली की जाए और अनियमितता पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर उनके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही भी हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों का ड्रोन सर्वे करवाकर 20 अक्टूबर से पहले मरम्मत कार्य पूरा करें। उन्होंने नियमानुसार स्पीड ब्रेकर के निर्माण और सुरक्षा की दृष्टि से स्टेट हाईवे टॉल पर सीसीटीवी की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को बेहतर सड़क निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री की सूची संधारित करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा गुरूवार को सार्वजनिक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित समीक्षा में संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होने विभागीय परियोजनाओं और कार्यों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। कार्यों की लागत का हो सही आंकलन— श्री शर्मा ने कहा कि अधिकारियों और अभियंताओं की लापरवाही के कारण परियोजनाओं की लागत में वृद्धि होना गंभीर विषय है। इससे बजट पर विपरीत प्रभाव होता है। उन्होंने ऐसे प्रकरणों पर चिंता जाहिर करते हुए विभागीय अधिकारियों को परियोजनाओं की उचित लागत का आंकलन करने के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के क्रम में लम्बे समय से पदस्थापित अधिकारियों व अभियंताओं को अन्य जिम्मेदारी देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। राजस्व वृद्धि के लिए उठाएं हर संभव कदम— मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व में बढ़ोतरी के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी सड़क, बायपास आदि के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण पर उन नीतियों पर विचार करें जिसमें विभाग को भविष्य में राजस्व की बढ़ोतरी हो। इस संदर्भ में उन्होंने शहरी निकायों के लिए लागू भूमि अधिग्रहण नीतियों का आंकलन करने के लिए निर्देशित किया।

C M NEWS: कोटा में लगेंगी नई गैर प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयां, मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति

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राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए निरन्तर कदम उठा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भूमि आवंटन के दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कोटा जिले में गैर प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए कनवास तहसील के ग्राम ढोटी में 22.78 हैक्टेयर भूमि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह भूमि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास और विनियोजन निगम लिमिटेड (रीको) को आवंटित की गई है। इस निर्णय से प्रदेश में औद्योगिक और आधारभूत संरचना का विकास होगा व स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि भी होगी। वहीं श्री शर्मा ने जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क के निर्माण के लिए 101.97 हैक्टयर राजकीय भूमि के आवंटन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। यह भूमि केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग की मांग के आधार पर संबंधित जिला कलक्टर के प्रस्ताव पर भारत-पाक सीमा के समानान्तर सड़क निर्माण के संरेखण से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से देश की सामरिक सुरक्षा में रणनीतिक लाभ मिलेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। कृषि प्रसंस्करण ईकाइयों को मिलेगा 298 करोड़ रुपए का अनुदान:— किसानों को आर्थिक संबल देने के साथ ही कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय और कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति – 2019 के तहत लम्बित प्रकरणों को निस्तारित करते हुए 298 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से प्रदेश की लगभग 855 कृषि प्रसंस्करण ईकाइयों को पूंजी निवेश, ब्याज, सौर ऊर्जा संयंत्र और विद्युत प्रभार अनुदान के साथ ही भाड़ा अनुदान दिया जाएगा। इस राशि का सम्पूर्ण भुगतान कृषक कल्याण कोष से राज किसान पोर्टल और आरपीपी के माध्यम से किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह आवेदन 19 दिसम्बर 2020 से 31 मार्च 2024 तक प्रभावी रही राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय और कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति – 2019 के तहत प्राप्त हुए है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के अनुसार दिनांक 31 मार्च 2024 तक प्राप्त इन सभी लम्बित अनुदान आवेदनों के निस्तारण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

Roadways News: बस स्टैंडों पर यात्रियों को मिलेगी विस्तृत सुविधाएं —प्रेमचंद बैरवा

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रोडवेज की विस्तृत कार्यप्रणाली, यात्री सुविधाओं, राजस्व वृद्धि और बजट घोषणाओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोडवेज की ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी व सरल बनाया जाए। मोबाइल एप और वेबसाइट के माध्यम से यात्रियों को सहज सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए तकनीकी उन्नयन किया जाए। उन्होंने बस स्टैंडों का नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण और बस स्टैंड पर स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, आरामदायक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना पट्ट और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। श्री बैरवा ने निगम वित्तीय व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाकर संसाधनों का उचित उपयोग, अनुशासनात्मक व्यवस्था, राजस्व रिसाव पर नियंत्रण और संचालन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस चालकों व परिचालकों को निर्देश दिए जाये कि सभी बसें निर्धारित समय पर ही बस स्टैंड से संचालित हों इससे यात्रियों का रोडवेज पर विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के आमजन को सुलभ व किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के संकल्प को मद्देनजर रखते हुए कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। प्रदेश में बिना परमिट चल रही बसों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई:— परिवहन विभाग की सचिव श्रीमती सुचि त्यागी ने प्रदेश में बिना परमिट चल रही बसों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए जिससे रोडवेज के यात्रीभार में वृद्धि हो सके। रोडवेज एमडी पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि निगम ने वर्ष 2024-25 में 99.3 प्रतिशत और वर्तमान में 100 फीसदी से अधिक का उच्चतम यात्री भार हासिल किया हैं। निगम ने पैसेंजर फ़ॉल्ट प्रणाली से अप्रैल 2025 में 19 लाख रुपए का अब तक की इस अवधि का सबसे अधिक जुर्माना प्राप्त किया हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025-26 की प्रथम तिमाही में 51 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया है। यात्रियों को बसों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए आरएसआरटीसी-लाइव मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की है। साथ ही जयपुर-दिल्ली मार्ग पर डीलक्स बसों की फ्रीक्वेंसी 3 घंटे से घटकर डेढ़ घंटा हुई है। इस दौरान रोडवेज के कार्यकारी निदेशक (प्रशासन) चांद मल वर्मा, कार्यकारी निदेशक (यातायात) डॉ. ज्योति चौहान, कार्यकारी निदेशक (यांत्रिक) रवि सोनी सहित निगम के ​अधिकारी उपस्थित रहे।

Mines News: प्रदेश में अब खान विभाग का डेटा डोमेन पर होगा उपलब्ध होगा —प्रमुख शासन सचिव

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प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने कहा कि राज्य की खनिज संपदा का डेटा डोमेन उपलब्ध होना माइनिंग सेक्टर में ईज ऑफ डूइंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग से इस तरह के मॉड्यूल तैयार करवाये जा रहे हैं जिससे ओवरलेपिंग के स्थिति ना आयें और प्रदेश में माइनिंग सेक्टर में निवेशकों को आकर्षित करने में सहायक हो सके। विभाग द्वारा इस दिशा में डीाओआईटी के साथ मिलकर काम में तेजी लाई गई है और आने वाले दो से तीन माह में यह कार्य धरातल पर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि डोमेन पर उपलब्ध मिनरल डेटा को राजधरा पोर्टल और केन्द्र सरकार के प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल से इंटीग्रेट किया जाएगा। श्री रविकान्त बुधवार को सचिवालय में माइंस डेटा डोमेन के मॉड्यूल्स कार्य की प्रगति की नोडल अधिकारी अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान आलोक जैन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री माइनिंग सेक्टर को निवेषोन्मुखी, रोजगारोन्मुखी और पारदर्शी बनाने पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि माइनिंग डेटा के डोमेन पर उपलब्ध होने और राजधरा व पीएमगतिशक्ति से जुड़ने के बाद ओवर लेपिंग की समस्या के साथ ही माइनिंग सेक्टर से जुड़ने वाले निवेशकों और प्रदेश की खनिज संपदा के जिज्ञासु भी लाभान्वित हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि राजधरा पर खनिज संपदा और खनिज विभाग से संबंधित डेटा उपलब्ध होने से सबसे बड़ा लाभ ओवरलेपिंग की समस्या का समाधान हो सकेगा। वन, राजस्व, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विकास कार्यों से जुड़े विभागों को डोमेन पर यह जानकारी उपलब्ध हो सकेगी कि यह मिनरल क्षेत्र है और इससे विकास कार्य आरंभ करने से पहले ही उसी के अनुसार वर्कप्लान तैयार करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि विभागों में परस्पर समन्वय नहीं होने से महत्वपूर्ण मिनरल क्षेत्रों में भी ओवरलेपिंग हो जाती है। उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्यों से जुड़े विभाग स्वयं राजधरा या पीएमगतिशक्ति पोर्टल पर खान विभाग से उपलब्ध डेटा को देख सकेंगे व ओवरलेपिंग की समस्या नहीं रहेगी। उन्होने कहा कि इससे ईज ऑफ डूंइग के साथ ही निवेशकों के लिए भी लाभदायक होगी। उन्होंने नोडल अधिकारी श्री जैन को डीओआईटी से समन्वय बनाते हुए कार्य में तेजी लाने और साप्ताहिक प्रगति समीक्षा कर सरकार को अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक कार्य की टाइमलाइन तय करने के लिए भी कहा।

Cricket News: प्रदेश के 33 जिलों में बनेगा ‘क्रिकेट स्टेडियम’

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राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी ने प्रदेश के 33 जिला क्रिकेट केंद्रों पर क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण करने की घोषणा की है। इससे राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूती और युवा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेगी। एडहॉक कमेटी के संयोजक डीडी कुमावत ने बताया कि इस योजना में प्रत्येक जिला क्रिकेट केंद्र पर आधुनिक स्टेडियम विकसित होगें। इसके लिये डवलपमेंट कमेटी का गठन भी किया गया है। श्री कुमावत ने बताया कि हम राजस्थान में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते है। जिलों में स्टेडियम बनने से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। परियोजना में स्टेडियमों में उच्च गुणवत्ता वाली पिच, पवेलियन, दर्शक दीर्घा, मीडिया सुविधाएं और प्रशिक्षण केंद्र की सुविधाएं होंगी। इन जिलों में बनेग क्रिकेट स्टेडियम:— प्रदेश के अजमेर, चूरू, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, बीकानेर, जयपुर, उदयपुर, कोटा, झुंझुंनू, जोधपुर, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, जालौर, बूंदी, श्रीगंगानगर, सिरोही, भरतपुर, बारां, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, बाड़मेर, पाली, करौली, नागौर, अलवर, राजसमंद, दौसा, धौलपुर, सीकर और टोंक जिले में क्रिकेट स्टेडियम बनाये जायेगें।

Rajasthan News: प्रदेश में हटेगें विलायती बबूल -पंचायती राज मंत्री

पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विलायती बबूल (प्रोसोपिस जूलीफ्लोरा) को जड़ सहित हटाने के लिए अध्ययन कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें और इसके उन्मूलन के संबंध में ऐसे विकल्पों को तलाश करें जिससे इस दिशा में सेफ जोन में काम किया जा सके। उन्होंने कहा कि विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए क्षेत्र चिन्हित कर चरणबद्ध रूप से काम किया जाए। श्री दिलावर ने मंगलवार को पंचायती राज सभागार में राज्य में विलायती बबूल उन्मूलन के संबंध में वन विभाग, ग्रामीण विकास और अन्य संस्था प्रतिनिधियों के साथ संवाद में ये निर्देश दिए। उन्होने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विलायती बबूल को काटना नहीं, बल्कि उनकी जड़ों को पूरी तरह से खत्म करना है ताकि दोबारा न उगें। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने विलायती बबूल खतरा साबित हो रहा है। प्रदेश में बहुतायत में उग आया विलायती बबूल अब अपने आसपास किसी अन्य वनस्पति को पनपने नहीं दे रहा है, इसलिए इसका प्रभावी उन्मूलन आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि इस पेड़़ के कारण खेती की मिट्टी अनुपजाऊ बन जाती है। विलायती बबूल ने चारागाह क्षेत्र को भी नष्ट कर दिया है। इस पेड़ के कारण किसानों को पशु चराने में बड़ी समस्या से गुजरना है पड़ता है। विलायती बबूल का एक पौधा उग जाता है तो उसके आसपास बहुत सारे पौधे उगते हैं जो अन्य वनस्पति को विकसित नहीं होने देते हैं। उन्होंने विलायती बबूल के उन्मूलन के लिए वर्तमान में उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों और नीतियों पर चर्चा की और कहा कि इन विलायती बबूल को हटाने का सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। कुछ अड़चनें हैं, उन्हें दूर कर इनको भी निकालने की कोशिश करेंगे। इससे संबंधित उत्पादों ईंधन, चारकोल और पशु आहार आदि के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान पंचायती राज के शासन सचिव एवं आयुक्त डाॅ. जोगाराम , वाटरशेड निदेशक मोहम्मद जुनैद, कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु बलराज सिंह सहित कई विभागीय अधिकारीगण और इस क्षेत्र में कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

Rajasthan News: प्रदेश में चार नए सीएनजी स्टेशन लगेंगे -प्रमुख सचिव

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राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस द्वारा इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य का सार्वजनिक क्षेत्र का पहला लिक्विफाइड नेचुरल गैस प्लांट शुरु कर दिया जाएगा। प्रमुख सचिव माइन्स एवं पेट्रोलियम व चेयरमेन राजस्थान स्टेट गैस टी. रविकान्त ने बताया कि कोटा में 2 नए सीएनजी स्टेशन सहित चार सीएनजी स्टेशन इसी वित्तीय वर्ष में शुरु किये जाएंगे। एजीएम में शेयर होल्डर्स को 0.5 प्रतिशत की दर से लाभांश वितरित करने का निर्णय किया गया। श्री रविकान्त ने आरएसजीएल के वार्षिक कारोबार को मल्टीपल करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए हरित उर्जा के क्षेत्र में विशेष हिस्सेदारी निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डीपीएनजी के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को और अधिक संख्या में पीएनजी सुविधाओं से जोड़ने और सेवाओं में विविधिकरण लाया जाएं। आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने बताया कि आरएसजीएल का वार्षिक कारोबार बढ़कर 100 करोड़ को पार कर गया है। इसी तरह से 6 करोड़ से अधिक का लाभ रहा है। उन्होंने बताया कि सीएनजी सेगमेंट में 22 प्रतिशत से अधिक की विकास दर रही है। श्री सिंह ने बताया कि राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र का पहला एलएनजी स्टेशन नीमराना में स्थापित होने से लंबी दूरी के परिवहन वाहनों को सुविधा मिल सकेगी वहीं आरएसजीएल और गैल द्वारा एलएनजी को लेकर अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित करना आरंभ कर दिया गया है। कोटा में नए डीपीएनजी कनेक्शन जारी करने की कार्ययोजना के साथ ही नए व्यावसायिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों को जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।