C M NEWS: राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए खाद, बीज उपलब्ध करवा रही है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि खरीफ 2025 के लिए प्रदेश के सभी जिलों में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता रखी जाए ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के सुविधापूर्वक और समय पर उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता की नियमित जानकारी दी जाए। श्री शर्मा ने शुक्रवार को खरीफ 2025 में उर्वरक के आवंटन, आपूर्ति और वर्तमान उपलब्धता की स्थिति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में इस बार अच्छी बारिश हुई है जो कि अच्छी पैदावार के संकेत हैं। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए उन्हें उच्च गुणवत्तायुक्त खाद, बीज व उर्वरक उपलब्ध करवा रही है। किसानों एवं ग्रामीणों को करें जागरूक, ग्राम सभा का हो आयोजन- मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए और वर्मी कम्पोस्ट, ऑर्गेनिक खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जाए और सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सभा के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान संचालित किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक क्रय एवं वितरण किया जाए। वहीं प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में राज्य से उर्वरक अन्य राज्यों में परिगमन को रोकने के लिये पर्याप्त संख्या में चैक पोस्ट स्थापित किए जाए। साथ ही, उन्होंने अनुदानित यूरिया के गैर कृषि कार्यों और अन्य औद्योगिक गतिविधियों में उपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान बताया गया कि कृषि विभाग ने वर्ष 2025-26 में अवैध उर्वरक, अवैध भण्डारण और अमानक नमूनों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए 109 औचक निरीक्षण, 71 सीजर व 56 एफआईआर दर्ज की गई है और सीजर के दौरान 397 नमूने लिए गए हैं। इसी तरह, गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक उर्वरक विक्रय करने वाले विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया व नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विक्रय पर रोक, लाइसेंस निलम्बन और लाइसेंस निरस्तीकरण की उल्लेखनीय कार्यवाही भी की गई है। समीक्षा में कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सहित कृषि, सहकारिता और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

C M NEWS: प्रदेश में आईसीटी, स्मार्ट क्लासेज और सांइस लैब की होगी स्थापना

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने 697.88 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि शीघ्र जारी करने की सहमति प्रदान की है। श्री शर्मा ने हाल ही में नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से मुलाकात कर केन्द्र से प्रदेश को मिलने वाली सहायता व अनुदान के संबंध में विस्तृत चर्चा की थी। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर राजस्थान में आईसीटी, स्मार्ट क्लासेज और सांइस लैब की स्थापना के लिए 697.88 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि शीघ्र जारी करने की सहमति दी है। इस राशि सेे प्रदेश के राजकीय विद्यालयों की आईटी अवसंरचना सशक्त होगी और विद्यार्थी वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर नवीन प्रयोगों व अनुसंधान में सहभागिता कर सकेंगे। अध्ययनरत् छात्र-छात्राओं के लिए कुल 3 हजार 834 स्मार्ट क्लास एवं 2 हजार 657 आईसीटी लैब की पहुंच सुनिश्चित होगी। साथ ही, 816 जीव विज्ञान, 722 भौतिक विज्ञान और 718 रसायन विज्ञान (कुल 2256) प्रयोगशालाओं की स्थापना भी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 3 हजार 200 करोड़ रुपये राज्य को देने के लिए भी सहमति प्रदान की है। इस राशि की प्रथम किस्त राज्य को शीघ्र जारी की जाएगी। इस प्रकार प्रदेश को केन्द्रीय सरकार से लगभग 3 हजार 900 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी।

RGHS NEWS: आरजीएचएस में अनियमितता पर 5 चिकित्सकों सहित 9 कार्मिक निलंबित हुई एफआईआर

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम के सुचारू संचालन के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। योजना में विभिन्न अनियमितताएं करने पर 2 आयुर्वेद और 3 एलोपैथी चिकित्सकों व 4 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। साथ ही, एक निजी अस्पताल, एक मेडिकल स्टोर, तीन चिकित्सकों और एक कार्डधारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि विगत काफी समय से राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम में विभिन्न हितधारकों द्वारा विभिन्न स्तरों पर अनियमितता करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों की गहनता के साथ जांच की गई। जांच के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए 9 कार्मिकों को निलंबित किया गया है, इनमें दो आयुर्वेद चिकित्सक सहित 5 डॉक्टर शामिल हैं। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजी लाल अटल ने बताया कि कार्रवाई के क्रम में आरजीएचएस में अनियमितता पर राजकीय आयुर्वेद डीबी सामान्य चिकित्सालय चूरू की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कविता धनखड़ और डॉ. पवन जांगिड़, सीएचसी बीबरानी, खैरथल—तिजारा की चिकित्सक डॉ. मनीषा, जिला चिकित्सालय अलवर के डॉ. नरसीलाल पचौरी, टीबीसी अलवर के डॉ. कपिल भारद्वाज, राजकीय आयुर्वेद औषधालय, नाहरी का नाका के कम्पाउण्डर मदन मोहन पाण्डे, आयुर्वेद औषधालय बालेटा अलवर के कम्पाउण्डर चंद्रशेखर जाटव, कार्यालय उप निदेशक आयुर्वेद विभाग जयपुर के परिचारक मोहसिन खान व जल संसाधन विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी महेश कुमार महावर को निलंबित किया गया है। एक ही कार्ड पर ओपीडी में 26 लाख का उपचार— इसी प्रकार राजस्थान पेंशनर्स एसोसिएशन मेडिकल स्टोर, कम्पनी बाग रोड अलवर, ​​​मित्तल हॉस्पिटल, चिकित्सकों व कार्ड धारी कार्मिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। प्रकरण में कार्मिक, चिकित्सकों और फार्मा स्टोर की मिलीभगत कर कूटरचित ओपीडी पर्चा तैयार किया जाता था। दवा के स्थान पर फार्मा स्टोर से अन्य सामग्री ली जाती थी। इस कार्मिक के कार्ड से एक वर्ष में ही ओपीडी के जरिए करीब 26 लाख 70 हजार का उपचार व दवाई आदि का लाभ लिया गया।

Rajasthan News: मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में ऑनलाइन आवेदन 14 सितंबर तक

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों में कोचिंग के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों से 15 अगस्त से 14 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं। निदेशक एवं सयुंक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने बताया कि आवेदक विभागीय वेबसाइट www.sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के संशोधित नवीनतम विस्तृत दिशा-निर्देश व मानक संचालन प्रक्रिया-2024 और सत्र 2025-26 से यथासंशोधित प्रावधानों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। श्री मोदी ने बताया कि इच्छुक पात्र अभ्यर्थी योजनान्तर्गत कोचिंग के लिए अपने आवेदन SSO Portal (https://sso.rajasthan.gov.in) पर लॉगिन कर CM Anuprati Coaching Icon पर क्लिक कर CM Anuprati Coaching Scheme का चयन करें, ड्रॉपडाउन में से Student के विकल्प पर जाकर ऑनलाइन कर सकते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील है कि राज्य सरकार की उक्त योजनान्तर्गत विभिन्न पाठ्यक्रम और परीक्षाओं हेतु निर्धारित कुल 30000 सीटों के लिए नजदीकी ई-मित्र या मोबाइल के माध्यम से पात्रतानुसार आवदेन करें। गौरतलब है कि विभाग द्वारा इस योजना के तहत विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स जैसे- मेडीकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षाओं और परीक्षाओं जैसे यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा व सीडीएस परीक्षा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस, पुलिस संब इस्पेक्टर इत्यादि परीक्षा, आरएसएसबी द्वारा पटवारी, कनिष्ट सहायक इत्यादि परीक्षा, आरआरबी एवं एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं, बैकिंग और इंश्योरेन्स की भर्ती परीक्षाओं, रीट व कास्टेबल परीक्षा के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उत्कृष्ट ढंग से कराने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

C M NEWS: प्रदेश में स्थापित होगी ‘लैंग्वेज लैब’

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि युवाओं को सही दिशा देकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकता है। युवाओं को सशक्त बनाकर ही विकसित राजस्थान की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा। राज्य सरकार की पहल पर प्रदेश में इंग्लिश एण्ड फॉरेन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी (EFLU) और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा ‘लैंग्वेज लैब’ स्थापित की जाएगी। लैंग्वेज लैब में युवाओं को अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पैनिश, जापानीज जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे इन भाषाओं में पारंगत बन सकें और उनके लिए विदेशों में रोजगार की राह प्रशस्त हो सके। लैंग्वेज लैब में युवाओं को मिलने वाले विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण से उनके कौशल में बढ़ौतरी होगी। यह पहल युवाओं को विदेशों के साथ ही देश में भी पर्यटन, व्यापार, आईटी, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में कारगर साबित होगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में औद्योगिक परिदृश्य को नए आयाम देने के लिए राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष राइजिंग राजस्थान ग्लोबल निवेश समिट का आयोजन किया गया था। इस समिट के दौरान राज्य सरकार और विभिन्न उद्यमियों के बीच लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। समिट के दौरान विभिन्न बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में रूचि दिखाई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में लैंग्वेज लैब स्थापित की जा रही है। विदेशों में युवाओं को नौकरी प्रदान करने की दिशा में यह एक सशक्त कदम साबित होगा।

RGHS NEWS: प्रदेश में अब सीएमएचओ संभालेंगे आरजीएचएस योजना क्रियान्वयन का जिम्मा

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में योजना के संचालन और मॉनिटरिंग को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक बदलाव कर दिशा—निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर आरजीएचएस के संचालन का जिम्मा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा है। विभाग ने योजना के बेहतर संचालन, मॉनिटरिंग व नियंत्रण की दृष्टि से विभागीय निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब आरजीएचएस की सभी पत्रावलियां राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्यारेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत की जाएंगी। राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजी लाल अटल ने बताया कि जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी योजना के जिले में समग्र क्रियान्वयन, संचालन और मॉनिटरिंग के लिए उत्तरदायी होंगे। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में नियुक्त जिला नोडल अधिकारी ही आरजीएचएस योजना के भी जिला नोडल अधिकारी होंगे। वे योजना से सम्बन्धित समस्त दायित्व व भूमिका का निर्वहन करेंगे। ये अधिकारी ही जिले में योजना से सम्बन्धित न्यायिक मामलों में राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करेंगे। परियोजना अधिकारी शाहीन अली ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के जिला परियोजना समन्वयक (DPC) जिले में आरजीएचएस योजना के समुचित क्रियान्वयन, समन्वय, मॉनिटरिंग व नियंत्रण के कार्य में भी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और नोडल अधिकारी के निर्देशानुसार समस्त कार्य व दायित्व का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे।

RHB NEWS: प्रदेश के पांच जिलों में आमजन को मिलेगें आवासन मण्डल के 667 नए आवास

राजस्थान आवासन मण्डल की बहुप्रतीक्षित आवासीय योजनाओं का बुधवार को आवास भवन जयपुर में भव्य शुभारम्भ किया गया। नगरीय विकास, स्वायत्त शासन एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इन योजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि यह केवल निर्माण नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और सुविधायुक्त जीवन की ओर ले जाने वाला कदम है। श्री खर्रा ने बताया कि इन 5 विशिष्ट पंजीकरण योजनाओं के तहत कुल 667 आवास/फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जो उदयपुर, बारां, बूंदी, धौलपुर और बाड़मेर जैसे जिलों में आमजन को एक बेहतर आवासीय विकल्प देंगे।

ये होगी मुख्य योजनाएं –

बूंदी जिले की नैनवा आवासीय योजना, पॉकेट-A एवं पॉकेट-B में विभिन्न आय वर्ग के लिए 72 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 80 हजार से प्रारम्भ। बारां जिले की अटरू आवासीय योजना में विभिन्न आय वर्ग के लिए 189 स्वतंत्र आवास, लागत 7 लाख 60 हजार से प्रारंभ। बाड़मेर जिले की लंगेरा आवासीय योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी आय वर्ग के लिए 200 स्वतंत्र आवास, लागत 8 लाख 61 हजार से प्रारंभ। धौलपुर जिले की बाड़ी रोड योजना में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 64 फ्लैट्स, लागत 12 लाख 45 हजार से प्रारम्भ। उदयपुर जिले की पानेरिया की मादड़ी में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी (जी+3) आय वर्ग के लिए 142 फ्लैट्स, लागत 11 लाख 68 हजार से प्रारम्भ। श्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वर्ग को आवास उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार सिर्फ मकान नहीं दे रही, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन का माध्यम दे रही है। उन्होंने बताया कि सभी योजनाएं समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित की जाएंगी, ताकि लाभार्थियों को आधुनिक जीवन की समस्त सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी शिरकत की उन्होने कहा की राजस्थान आवासन मण्डल आमजन के आवास के सपने को साकार करने के लिए आज भी पहली पसंद है। उन्होंने मण्डल की योजनाओं की मुक्त कंठ से सराहना की । समारोह में आवासन मण्डल के अध्यक्ष देबाशीष पृष्टि, आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा, सचिव डॉ. अनिल पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीना, प्रतीक श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक व मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Rajasthan News: सरकार की मंशा, हर ग्राम पंचायत पर खुले गौशाला -पशुपालन मंत्री

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पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि हर ग्राम पंचायत पर गौशाला खुले। राज्य सरकार की ओर से गौशालाओं को सहयोग करने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। श्री कुमावत मंगलवार को बीकानेर जिला परिषद सभागार में जिले के सभी गौशाला संचालकों के साथ संवाद कर रहे थे। उन्होंने गौशाला संचालकों की समस्याओं को सुना और ज्यादातर का मौके पर ही निस्तारण कर दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीपीपी मोड गो अभयारण्य बनाना चाहती है। कोई संस्था या भामाशाह इसमें आगे आना चाहे तो उनका स्वागत है। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान किया कि वे पशुओं में लंपी रोग को लेकर गायों में वैक्सीनेशन करवाएं ताकि ये रोग पशुओं में फिर से ना आए। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले की सभी गौशालाओं में लंपी को लेकर वैक्सीनेशन कर दिया गया है। श्री कुमावत ने कहा कि सेक्स सोर्टेड सीमन योजना अंतर्गत इस साल राज्य सरकार 10 लाख डोज का वितरण करेगी। पिछले साल 2 लाख डोज का वितरण किया गया था। इस सीमन की खास बात ये कि इससे बछड़ी पैदा होने की संभावना 90 फीसदी होती है। खास बात ये भी कि केन्द्र सरकार बाजार में 1200 रु. में मिलने वाला यह सीमन 275 रू. में राज्य सरकार को और राज्य सरकार इसमें 75 फीसदी सब्सिडी देकर मात्र 70 रू में किसानों को उपलब्ध करवा रही है। उन्हेाने कहा कि सरकार नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत देशी गायों की नस्ल को बढ़ावा दे रही है।ब्राजील की गिर गाय प्रतिदिन 40-50 लीटर दूध का उत्पादन करती है जबकि भारतीय गिर गाय 10-15 लीटर दूध देती है। लिहाजा ब्राजील की गिर नस्ल का 2380 डोज सीमन भारत सरकार से मंगवाया गया था। अब और भी डिमांड भारत सरकार से की गई है जो भविष्य में हमें उपलब्ध होगा। श्री कुमावत ने कहा कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट अंतर्गत राज्य में 536 गाड़ियां और बीकानेर जिले में 26 मोबाइल गाड़ियां शुरू की गई है। जिसमें एक डॉक्टर, कंपाउंडर और मुफ्त दवाई रहती हैं। 1962 नंबर पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति बीमार पशु के इलाज के लिए इसे घर बुला सकता है जो निशुल्क इलाज करेगी। यह सेवा अब गौशालाओं के लिए भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आमजन मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना अंतर्गत पशुओं का बीमा करवाएं ताकि पशु की मृत्यु पर 40 हजार का क्लेम ले सकें। गौशालाओं में मृत पशुओं के निस्तारण को लेकर उन्होंने कहा कि गांव से 4-5 किलोमीटर दूर सिवायचक भूमि इसके लिए आरक्षित की जा सकती है जहां पशुओं को गड्ढा खोदकर डालने की व्यवस्था की जा सकती है। इस दौरान कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि, सीईओ जिला परिषद सोहनलाल, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बिरमा राम, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ लाल चंद शर्मा समेत जिले भर की गौशाला संचालक उपस्थित रहे।

RPSC NEWS: जयपुर विकास प्राधिकरण में होगी 12 कनिष्ठ विधि अधिकारियों की भर्ती

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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने जयपुर विकास प्राधिकरण के लिये कनिष्ठ विधि अधिकारी के 12 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचनाऐं आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग सचिव ने बताया कि उक्त पदों हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 अगस्त से 25 सितंबर की रात्रि 12 बजे तक किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथा समय सूचित कर दिया जाएगा।

Electricity News: बिजली उपभोक्ता को बेहतर सेवा के लिये जयपुर डिस्कॉम की नई पहल

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जयपुर डिस्कॉम ने फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (एफआरटी सेवा) के प्रभावी और बेहतर संचालन के लिए नई पहल की है। निगम ने इस व्यवस्था में सुधार के लिए कई प्रयास किए हैं। जिनसे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल पाएंगी और उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव होगा। सेवा प्रदाता द्वारा नियुक्त कार्मिकों का सत्यापन — डिस्कॉम प्रबंधन के निर्देश पर एफआरटी सेवा प्रदाता द्वारा नियुक्त कार्मिकों का आधार आधारित सत्यापन किया जा रहा है। इस कार्य के लिए सर्किलवार कमेटी गठित की गईं हैं। इन समितियों ने जयपुर शहर और जिला सर्किल को छोड़कर शेष सभी 14 सर्किलों में कार्मिकों के दस्तावेज के वेरीफिकेशन का प्रथम चरण का कार्य पूरा कर भी लिया है। इस प्रक्रिया में सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा नियुक्त करीब 3 हजार कार्मिकों के दस्तावेज की जांच कर ली गई है। जयपुर शहर व जयपुर जिले के चारों सर्किलों के लिए यह प्रक्रिया तीन-चार दिन में पूर्ण हो जाएगी। इसके माध्यम से कार्यरत लाइनमैन कार्मिकों और ड्राइवरों की योग्यता का सत्यापन किया जाना सुनिश्चित होगा। पूर्व में यह शिकायत सामने आती थी कि एफआरटी वाहनों में निर्धारित संख्या में कार्मिक मौजूद नहीं रहते। इस शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को डिस्कॉम के सभी सर्किलों में पहली बार एक साथ एफआरटी वाहनों की आकस्मिक जांच की गई थी, जिसमें सेफ्टी टूल्स, जीपीएस, स्मार्ट फोन नहीं होने के साथ ही कई वाहनों में कार्मिक निर्धारित संख्या में नहीं मिले थे। जिस पर 13 लाख रूपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया था। अब वेरीफिकेशन के बाद इस समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि जयपुर डिस्कॉम के सभी 18 सर्किलों के 232 सब डिविजनों में 340 एफआरटी वाहन संचालित हैं। जिसके माध्यम से सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं की ‘नो करेंट‘ से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाता है। एफआरटी के लिए जयपुर डिस्कॉम ने नया कार्यादेश दिया है। जिसके माध्यम से जल्द ही सेवा प्रदाता फर्म द्वारा कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। अब एचटी लाइन से जुड़ी शिकायतों का भी समाधान — एफआरटी सेवा के लिए पहले जो टेंडर किए जाते थे, उसमें सिर्फ एलटी लाइनों से जुड़ी उपभोक्ताओं की नो करेंट संबंधी समस्याओं को दूर करने का काम सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से होता था। पहली बार इसमें 11 केवी हाई ट्रांसमिशन (एचटी) से जुड़ी शिकायतों को भी सम्मिलित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और एचटी लाइनों से जुड़ी शिकायतों का भी इस माध्यम से निराकरण किया जा सकेगा। वहीं दो घंटे से अधिक समय तक कंप्लेन को अटैंड नहीं किए जाने की स्थिति में एफआरटी सेवा प्रदाता कंपनी पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान है। अब तक कॉल सेंटर व फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम की गतिविधि एक ही सेवा प्रदाता के माध्यम से संचालित होती थीं। इस व्यवस्था के कारण समाधान नहीं होने के बावजूद शिकायत बंद करने (फॉल्स क्लोजर) जैसी शिकायतें सामने आती थीं। जिससे कि पेनल्टी से बचा जा सके। ऐसे में डिस्कॉम प्रबंधन ने कॉल सेंटर और एफआरटी के लिए अलग-अलग टेंडर किए और इस बार दोनों कार्यों का जिम्मा पृथक-पृथक सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से दोनों के अलग-अलग मॉड्यूल विकसित किए गए हैं। इससे फॉल्स क्लोजर तथा शिकायत का निवारण नहीं करने पर पेनल्टी से बचने की समस्या दूर हों सकेंगी। पूर्व में जहां प्रत्येक एफआरटी में एक लाइनमैन, दो हैल्पर और एक ड्राइवर के रूप में चार कार्मिक रहते थे। इस बार एचटी लाइनों के लिए एक अतिरिक्त लाइनमैन की व्यवस्था की गई है। इससे शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायता मिलेगी। तीन साल से पुराने वाहन नहीं होने शर्त होने की वजह से सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा बड़ी संख्या में नए वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जिन पर टोल फ्री हेल्पलाईन नम्बर, आईवीआरएस नम्बर दर्शाने जरूरी किए गए हैं। इस सेवा के निशुल्क होने की जानकारी भी वाहनों पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं जिससे कि उपभोक्ता को यह जानकारी रहे कि यह सेवा निशुल्क है।