Medical News: आयुष्मान टॉवर में होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं—मार्च में शुरू होगा कार्डियक टॉवर

प्रदेशवासियों को आगामी समय में विश्व स्तरीय उच्च गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होंगी। इसके लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में निर्माणाधीन आयुष्मान टॉवर के काम को गति दी जाएगी और हाई एण्ड सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसी प्रकार कार्डियक टॉवर का काम जल्द पूरा करते हुए इसे आगामी 30 मार्च से शुरू किया जाएगा। वहीं सवाई मानसिंह अस्पताल में आपातकालीन इकाई का विस्तार करते हुए इसे अत्याधुनिक बनाया जाएगा। इन कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में हर माह समीक्षा होगी। चिकित्सा मंत्री ने मंगवालर को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा में इस संबंध में दिशा—निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान टॉवर, कार्डियक टॉवर और आपातकालीन इकाई के विस्तार कार्यों की गहन समीक्षा की और इन सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को जल्द पूर्ण किया जाए, लेकिन गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं हो। हमारा लक्ष्य इन सुविधाओं को सिर्फ जल्द शुरू करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश के लोगों को इनका पूरा लाभ मिले और इनका निर्माण हाई एण्ड टेक्नोलॉजी और सभी सुविधाओं के साथ हो। श्री खींवसर ने कहा कि आयुष्मान टॉवर की प्लानिंग में रही खामियों को चिन्हित करने के बाद अब राज्य सरकार ने इसे पूर्ण करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन किया है। अधिकारी यह ध्यान रखें कि इसके कार्य में किसी तरह की कमी नहीं रहे। इसको विश्वस्तरीय रूप देने के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञों की राय एवं सेवाएं लें। इस भवन में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर बनाए रखने के लिए हॉस्पिटल प्रबंधन पर विशेष रूप से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में किसी भी स्तर पर कोई बाधा या वित्तीय समस्याएं हो तो तुरंत अवगत कराएं। चिकित्सा मंत्री ने कार्डियक टावर के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसके भवन का कार्य पूरा करने के साथ ही उपकरणों की खरीद एवं इंस्टॉलेशन का काम भी जल्द पूरा करें। यह सुनिश्चित करें कि आगामी 30 मार्च से इसे प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने सवाई मानसिंह अस्पताल में चल रहे आपातकालीन इकाई विस्तार कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान इमरजेंसी इकाई अस्पताल में आने वाले मरीज भार को देखते हुए काफी छोटी है। इसका विस्तार करने के साथ ही इसे अत्याधुनिक एवं रोगियों के लिए सुविधाजनक बनाया जाए ताकि आपातकालीन स्थितियों में ज्यादा से ज्यादा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि आयुष्मान टॉवर को विश्व स्तरीय रूप देने के लिए इसमें उपलब्ध करवाई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर निरंतर विचार—विमर्श चल रहा है। इसका प्रबंधन भी बेहतरीन हो, इसके लिए विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है ताकि इसका संचालन प्रारंभ होने के बाद किसी तरह की समस्याएं नहीं आएं। उन्होंने कार्डियक टॉवर और आपातकालीन इकाई की प्रगति से भी अवगत कराया। इस अवसर पर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, अतिरिक्त निदेशक चिकित्सा शिक्षा मुकेश कुमार, उप निदेशक डॉ. वंदना शर्मा, आर्किटेक्ट अनूप भरतरिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 C M NEWS: पंचायत, उपखण्ड और जिला स्तर पर तैयार हो खेलों का वातावरण -मुख्यमंत्री 

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए गांवों से लेकर कस्बों तक श्रेष्ठ खेल सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने युवा मामले एवं खेल विभाग के अधिकारियों को खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार करने के क्रम में बजटीय घोषणाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स – 2025 के सफल आयोजन के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में युवा मामले एवं खेल विभाग की बजट घोषणाओं और खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2025 की कार्ययोजना के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दिनों में प्रस्तावित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स- 2025 के आयोजन से प्रदेश में खेलों का वातावरण तैयार होगा।  उन्होंने खेल विभाग को प्रदेशभर में खेल सुविधाओं के निरंतर विस्तार और आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का आयोजन किया जा रहा है जिसमें देश-प्रदेश से हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी शिरकत करेंगे। उनके आवास, आवागमन, भोजन सहित आवश्यक सुविधाओं की सर्वोत्तम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करते हुए खेलों का सफल आयोजन किया जाए। श्री शर्मा ने स्थानीय निकायों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यक सेवाओं की समय से पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने इस आयोजन को राजधानी जयपुर के साथ ही अन्य जिलों में भी कराने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देंश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाए और श्रेष्ठ सुझावों को समाहित करते हुए आयोजन की रूपरेखा बनाई जाए। इस संबंध में उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूर्व आयोजकों से भी संवाद करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने खेलों के आयोजन स्थलों के लिए ऐसे खेल मैदानों का चयन करने के लिए निर्देशित किया जहां खिलाड़ियों को श्रेष्ठ सुविधाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित गेम्स के सफल संचालन के लिए मोबाइल ऐप डिजाइन करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की खेलों में अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने प्रदेश में खेल अवसंरचना के उन्नयन पर विशेष जोर देते हुए इसे आधुनिक बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स से पूर्व की समयावधि में प्रदेशभर में पंचायत स्तर तक खेलों का अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। साथ ही, उपखण्ड एवं जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन होना अति आवश्यक हैं। उन्होंने युवा मामले एवं खेल विभाग को खेल प्रशिक्षक सहित अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देंश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में विभिन्न खेलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट की अवधारणा के तहत प्रत्येक जिले में एक खेल को विशेष रूप से बढ़ावा देने का फैसला किया है। इससे प्रदेश में अलग-अलग खेलों में बेहतरीन खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देंश दिए कि वे जिला कलक्टर्स से उनके जिले में खेल विशेष से संबंधित उपलब्ध संसाधन और आवश्यकताओं से संबंधित रिपोर्ट मंगवाएं ताकि उसका आंकलन कर वहां आधारभूत ढांचे सहित सुविधाएं विकसित की जा सके। उन्होंने प्रत्येक जिले में खेल विशेषज्ञों को संयोजक के रूप में नियोजित करने के संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश दिए जो अपने जिले में प्रतिभाओं को तलाशेंगे। समीक्षा के दौरान युवा मामले एवं खेल कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभाग के उच्च अधिकारीगण उपस्थित थे।

C M NEWS: हाउसिंग बोर्ड अपनी योजनाओं का करें व्यापक प्रचार-प्रसार -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सुनियोजित विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है जिससे प्रदेश के सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को गति मिली है। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य पर फोकस करने के निर्देश दिए जिससे जनता को समय से इनका लाभ मिले। श्री शर्मा ने सोमवार को नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए कि सरकार का लक्ष्य है, शहरों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आवास संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए उपभोक्ताओं की जरूरत और वर्तमान प्रचलन को ध्यान में रखते हुए कार्य करें ताकि बोर्ड के राजस्व में वृद्धि हो सके। साथ ही, हाउसिंग बोर्ड निजी डेवलेपरर्स से प्रतिस्पर्धा करते हुए आमजन को गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य में उपलब्ध करवाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाउसिंग बोर्ड अपनी संपत्तियों का प्रभावी प्रचार-प्रसार करे, परियोजनाओं में नवाचार लाए और इनके विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल करे ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ मिल सके। श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर में द्रव्यवती नदी के दोनों ओर से अतिक्रमण को प्राथमिकता के साथ हटाया जाए, इस क्षेत्र का पर्यटन की दृष्टि से उन्नयन किया जाए ताकि आमजन के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें। उन्हांने कहा कि द्रव्यवती नदी पर पौधारोपण के कार्य में भी गति लाई जाए। बैठक में बताया गया कि जयपुर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आमजन की सुगम आवाजाही के लिए रिद्धि-सिद्धि चौराहे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए कार्यादेश जारी किया जा चुका है। साथ ही, अपेक्स सर्किल पर एलिवेटेड रोड़ के निर्माण की डीपीआर के लिए भी कार्यादेश जारी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, लोक परिवहन हेतु विस्तृत मोबिलिटी प्लान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय शहरी विकास योजना शुरु की जाएगी जिससे प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव का प्रबंधन हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नियमित बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न लंबित बजटीय घोषणाओं के एनआईटी, टेण्डर, वर्क ऑर्डर तथा डीपीआर बनाने सहित विभिन्न कार्यों को तय समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्टस को चरणबद्व पूरा करें। साथ ही, हर चरण पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र से अम्बाबाडी और विद्याधर नगर (टोडी मोड़ तक) मेट्रो संचालित की जाएगी। अधिकारी इसके काम में गति लाएं ताकि निर्धारित समय में कार्य पूरा हो। उन्होंने जोधपुर के बड़ली में आवासीय योजना लाने तथा भिवाड़ी विकास प्राधिकरण के गठन के संबंध में तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 की सभी बजट घोषणाओं में जल्द से जल्द भूमि आवंटित कर कार्य शुरू किया जाए। साथ ही, अधिकारी योजनाओं की अनुमानित लागत के आधार पर योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने बजट की विभिन्न घोषणाओं के अंतर्गत बाड़मेर, धौलपुर, फुलेरा सहित अन्य शहरों की विभिन्न सड़कों के निर्माण एवं चौड़ाईकरण कार्यों की समीक्षा की। भीम-राजसमंद ड्रेनेज सिस्टम, सूरजगढ़-झुंझुंनू में सीवरेज लाईन, दौसा शहर मे सीवरेज मास्टर प्लान, तारानगर-चुरु, नगर व सीकरी-डीग में ड्रेनेज के प्रस्तावित कार्यां की समीक्षा भी की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सीवरेज कार्य भी समयबद्ध रूप से करवाए जाएं ताकि आमजन को बेहतर यातायात एवं स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। श्री शर्मा ने अलवर, पाली, भीलवाड़ा, दौसा, हनुमानगढ़, झुंझुनूं में निर्मित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का संचालन शीघ्र प्रारम्भ करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की सहभागिता से इस संबंध में एक सेमिनार भी आयोजित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने बैठक में शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक सेवा को मजबूती देने तथा ई-बसों के सुगम संचालन हेतु मॉडर्न शेल्टर कम चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान बजट 2024-25 और 2025-26 की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा में नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

C M NEWS: श्री गोविंददेव जी मंदिर से निकली शोभायात्रा- मुख्यमंत्री ने शोभायात्रा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन रविवार को श्री गोविंददेव जी मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ शोभायात्रा का शुभारंभ किया। श्री शर्मा ने शोभायात्रा के रथ में विराजमान जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंददेव जी के चित्रस्वरूप की पूजा अर्चना और आरती कर प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री के मंदिर में पहुंचने पर महंत ने उनका स्वागत किया। श्री शर्मा ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने भगवान गोविंददेव जी के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि श्री गोविंददेव जी मंदिर में प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के दूसरे दिन धूम-धाम से नंदोत्सव मनाया जाता है और शहर के प्रमुख मार्गों से शोभायात्रा निकाली जाती है। इस शोभायात्रा में विभिन्न मनमोहक झांकियां शामिल की जाती है।

C M NEWS: सरकार की मंशा प्रत्येक गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश की प्रत्येक गांव-ढाणी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो और राज्य का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहे। इसी मंशा के साथ राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में ही कुल बजट का 8.26 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए रखा था। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सा ढ़ांचा सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सा केन्द्रों को क्रमोन्नत करने तथा नवीन चिकित्सालय प्रारम्भ करने जैसी बजट घोषणाएं की गई हैं। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन में अधिक आवश्यकता के आधार पर स्थानों का चयन करें, जिससे अधिक से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित हों। उन्होंने निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं में शामिल निर्माण संबंधी कार्यों को पूरा करने की समयसीमा तय कर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करें। श्री शर्मा रविवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित राज्य बजट 2024-25 और 2025-26 की लंबित बजटीय घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। इसी दिशा में हमारे प्रयासों से 6 करोड़ 20 लाख से अधिक नागरिकों के आभा आईडी बनाकर राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है। साथ ही, बजट घोषणा की अनुपालना में प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 1 करोड़ 68 लाख से अधिक आभा लिंक्ड ई-हैल्थ रिकॉर्ड भी बनाए जा चुके हैं। आरयूएचएस को रिम्स के रूप में किया जा रहा विकसित- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा को नई ऊंचाइयां देने के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइसेंज (आरयूएचएस) का उन्नयन कर एम्स, दिल्ली की तर्ज पर राजस्थान इंस्ट्यिट ऑफ मेडिकल साइसेंज (रिम्स) की स्थापना की जा रही है। इस पर चरणबद्ध रूप से 750 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके डिजाइनिंग एवं प्लानिंग संबंधी प्रगतिरत कार्यों में और अधिक गति लाते हुए इसे समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। आरजीएचएस के दुरूपयोग पर लगे अंकुश- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कार्मिकों एवं पेंशनर्स के लिए संचालित आरजीएचएस योजना को अधिक सुलभ करते हुए इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग इस योजना में पूरी तरह पारदर्शिता एवं जवाबदेहिता सुनिश्चित करें एवं इसका दुरूपयोग करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि इस कार्य में लिप्त संस्थाओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। योजना के दुरूपयोग की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा फ्रॉड डिडक्शन सॉफ्टवेयर जैसी तकनीकों की मदद ली जाए। बुजुर्गां को घर पर दवा की सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करें प्रारम्भ- मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल जैसे वृहद चिकित्सालयों पर मरीजों का भार कम करने के लिए राजधानी स्थित अस्पतालों के साथ ही प्रदेशभर के अन्य राजकीय चिकित्सालयों का और अधिक सुदृढ़ीकरण करते हुए उनमें चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष आयु से अधिक के वृद्धजनों को आवश्यकतानुसार घर पर ही निःशुल्क दवा उपलब्ध करवाये जाने की बजट घोषणा को सुचारू रूप से लागू करने के लिए किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारम्भ करते हुए चरणबद्ध रूप से प्रदेशभर में लागू किया जाए। चिकित्सा क्षेत्र में निरन्तर की जा रही भर्तियां- मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के क्रम में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ही, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर निरन्तर भर्तियां की जा रही है। हाल ही में, चिकित्सा अधिकारियों के 1699 पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में रिक्त होने वाले पदों का भी पूर्ण विवरण तैयार किया जाए ताकि कार्मिकों के सेवानिवृत होने पर रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल एवं अन्य स्वास्थ्य केन्द्रां के मरम्मत और रख-रखाव संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि इनमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए व सीएचसी और पीएचसी में पर्याप्त दवाओं और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

15 August 2025: 1947 में बढ़ता राजनीतिक तनाव थम गया था और 2025 में राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है, -ये वीडियो इस बात का उदाहरण है।

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1947 में स्वतंत्रता मिलने के बाद देश में बढ़ता राजनीतिक तनाव थम गया था और अब हम 2025 में 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं तब वहीं राजनीतिक तनाव देश में बढ़ता जा रहा है। अब बात आजादी, संविधान, लोकतंत्र, राष्ट्र नीति और राष्ट्र भक्ति की बात दौहराई जा रही है। ये वीडियो इस बात का उदाहरण है।

Rajasthan News: प्रदेश में 17 अगस्त से आयोजित होंगी सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां —उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता और प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व राजेश यादव की उपस्थिति में बुधवार को शासन सचिवालय में राज्य के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधीन विभिन्न अकादमियों के कार्य, प्रगति की अद्यतन स्थिति, एवं अकादमियों की व्यवहारिक समस्याओं के संदर्भ में चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि राज्य में 75 स्थानों/शहरों/कस्बों में आगामी 17 अगस्त से 02 अक्टूबर,2025 तक विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि उक्त आयोजन के लिए विस्तृत रूप रेखा सभी को प्रेषित कर दी जाएगी, जिसके आधार पर भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान, के अन्तर्गत राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर, ललित कला अकादमी, जयपुर, राजस्थान उर्दू अकादमी, जयपुर, राजस्थान सिन्धी अकादमी, जयपुर, निदेशालय राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर, पण्डित जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, जयपुर, राजस्थान ब्रज भाषा अकादमी, जयपुर, राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी, श्रीगंगानगर, जवाहर कला केन्द्र, जयपुर द्वारा किये जा रहे कला कार्यो एवं साहित्यिक गतिविधियों के बेहतर आयोजन के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान की कला एवं संस्कृति और यहां का साहित्य अत्यन्त गौरवशाली है। दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार कलाकारों और साहित्यकारों को उनके कला एवं साहित्य कर्म को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने उक्त साहित्य एवं कला अकादमियों के सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कला एवं साहित्य से जुड़ें लोगों को नियमित रूप से अवसर दिए जाए, मंच दिया जाए। विभिन्न कला एवं साहित्य अकादमियों द्वारा यथा सम्भव साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन किया जाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के आज के दौर में कला और साहित्यिक गतिविधियों बेहतर प्रचार-प्रसार किया जाने के अवसर सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म्स पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कला और साहित्यिक गतिविधियों का सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार किये जाने के अवसर का लाभ लिया जाना चाहिए।

DLB NEWS: राजस्थान के नगर निकायों को स्वच्छता की रेस में तेज़ी लाने के निर्देश

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स्वच्छ भारत मिशन (MOHUA) के संयुक्त सचिव श्रीमति रूपा मिश्रा ने बुधवार को प्रदेश के स्वच्छता प्रयासों को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा में नगर निकायों के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि “स्वच्छता केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए”, और सभी नगर निकायों से अपेक्षा की कि वे मिशन के मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करें। समीक्षा में 240 नगर निकायों के साथ-साथ 79 नए निकायों को मिशन में शामिल करने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणामों की समीक्षा के दौरान डूंगरपुर की रैंकिंग में गिरावट पर विशेष चर्चा हुई। संयुक्त सचिव ने स्पष्ट किया कि डूंगरपुर को हर पैरामीटर का गहन विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने होंगे, अन्यथा SSL (स्वच्छता स्कोर लिस्ट) से बाहर होने का खतरा है। स्वच्छ वार्ड रैंकिंग पर भी विशेष चर्चा हुई। शासन सचिव रवि जैन ने निर्देश दिए कि हर नगर निकाय न केवल अपने सभी वार्डों को स्वच्छ बनाए, बल्कि प्रत्येक माह उत्कृष्ट कार्यों को पुरस्कार एवं प्रोत्साहन से सम्मानित करे। साथ ही, हर निकाय को “नो डंपिंग सिटी” घोषित करने का संकल्प लेना चाहिए। जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज क्षेत्र के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 (दिसंबर से आरंभ) की तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। शासन सचिव ने उदयपुर, जयपुर और डूंगरपुर को आगामी सर्वेक्षण में देश के शीर्ष 5 में स्थान दिलाने का लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए। मिशन निदेशक व आयुक्त (ग्रेटर व हेरिटेज) प्रतीक जुइकर , नगर निगम हेरिटेज आयुक्त डॉ निधि पटेल, ग्रेटर आयुक्त डॉ गौरव सैनी, मुख्य अभियंता प्रदीप गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

C M NEWS: घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध और पर्याप्त बिजली हो सुनिश्चित -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को विद्युत उत्पादन में क्रमिक रूप से निरंतर वृद्धि करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ती हुई आबादी को पर्याप्त और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान तेजी से प्रगति कर रहा है और राज्य सरकार वर्ष 2027 तक दिन के समय में किसानों को बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। श्री शर्मा बुधवार ने ऊर्जा विभाग की वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण, उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ अक्षय ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आगामी रबी सीजन में किसानों के लिए पीक डिमांड अवधि के दौरान विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के विशेष निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उत्पादन इकाइयों का समयानुसार रख-रखाव करें सुनिश्चित- मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्पादन इकाइयों एवं प्रसारण तंत्रों का समयानुसार रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। ट्रांसफार्मर्स की मरम्मत, देखभाल एवं उपयोग संबंधी प्रक्रिया में सुधार करते हुए प्रभावी कदम उठाए जाएं। श्री शर्मा ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कृषि कनेक्शन को शीघ्र जारी करने के लिए भी विशेष रूप से निर्देशित किया। गांव-ढाणी तक बिजली की उपलब्धता हो रही सुनिश्चित- श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत तंत्र का सुदृढ़ीकरण करते हुए 30/11 के जीएसएस का निर्माण कर रही है, ताकि गांव-ढाणी तक बिजली सुगमता से उपलब्ध हो सके। जिन क्षेत्रों में जीएसएस के लिए भूमि अनुपलब्धता का विषय सामने आया हो, वहां जन सहभागिता से भूमि प्राप्त करने पर कार्य किया जाए। उन्होंने आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण कार्यों और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर संयत्र की स्थापना की प्रगति की जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए। राजस्व बढ़ाने, छीजत रोकने के लिए करें विशेष प्रयास- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने और ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रब्यूशन में छीजत को प्रभावी रूप से रोकने के लिए भी निर्देशित किया। श्री शर्मा ने कहा कि खराब मीटर की स्थिति में कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जो कार्मिक राजकीय कार्य में लापरवाह हैं, उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने प्रस्तावित पम्प स्टोरेज योजनाओं, संचालित कोयला, गैस और जल विद्युत परियोजनाओं और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली पर विस्तृत चर्चा करते हुए उचित दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन, प्रसारण व वितरण निगमों सहित ऊर्जा विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Mine News: राजस्व वसूली के लिए कोर्ट स्टे वैकेट करायें —प्रमुख शासन सचिव

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खान एवं भूविज्ञान विभाग द्वारा राजस्व बढ़ोतरी के लिए एग्रेसिव रणनीति बनाते हुए रुटिन राजस्व वसूली के साथ ही बकाया राजस्व वसूली व राजस्व के अन्य संभावित स्रोतों पर खास फोकस किया जाएगा। प्रमुख शासन सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने मंगलवार को खनिज भवन में निदेशक माइंस दीपक तंवर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद कर राजस्व बकाया वसूली, डेलिनियेशन से ऑक्शन और एलओआई जारी होने से लेकर ऑक्शन खानों को परिचालन में लाने तक की ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की पुरानी बकाया, जुर्माना राशि बकाया, कोर्ट स्टे को छोड़कर शेष बकाया, कोर्ट स्टे प्रकरणों में प्रभावी पैरवी करते हुए स्टे वैकेट करके राशि वसूली और अवैध खनन गतिविधियों के दौरान जुर्माने की राशि सहित पुरानी व चालू बकाया वसूली के ठोस प्रयास किये जाएं। उन्होंने इस तरह की बकाया राशि की वसूली के एमई एएमई कार्यालयानुसार मासिक कार्ययोजना बनाकर राजस्व अर्जन की पाक्षिक समीक्षा पर जोर दिया। प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि 6 अगस्त तक विभाग द्वारा 2968 करोड़ 11 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के माइंस सेक्टर को देश का अग्रणी सेक्टर बनाने पर जोर देते हुए समग्र फोकस पर जोर दिया जा रहा है ताकि एक्सप्लोरेशन से लेकर ऑक्शन और परिचालन से राजस्थान निवेश, रोजगार और राजस्व संग्रहण में अग्रणी बन सके। इस अवसर पर वित्तीय सलाहकार गिरिश कछारा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, जेएलआर गजेन्द्र सिंह, अधीक्षण खनि अभयंता एनएस शक्तावत, प्रताप मीणा, ओपी काबरा, जय गुरुबख्सानी, डॉ.धर्मेन्द्र लोहार, एसपी शर्मा, एमई आसिफ मोहम्मद अंसारी, अनुज गोयल, दीपक गहलोत और एसीपी जयेश नीनामा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।