C M NEWS: ‘राइजिंग राजस्थान’ एक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य विकास का हिस्सा है —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान अपनी भौगोलिक स्थिति, खनिज सम्पदा ऊर्जा क्षमता और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वैश्विक पटल पर बिजनेस फ्रेंडली स्टेट के रूप में नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत राज्य में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए। इनके धरातल पर मूर्त रूप लेने से प्रदेश में बुनियादी ढ़ांचे का विकास होने के साथ ही वृहद् स्तर पर रोजगार का सृजन होगा। श्री शर्मा मंगलवार को राइजिंग राजस्थान के तहत हुए निवेश समझौतों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह समिट केवल एक आयोजन ही नहीं, बल्कि राज्य की सतत् विकास प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास निवेश, नवाचार और समावेशी विकास के क्षेत्र में प्रदेश के विकास को नई गति देना है। भूमि आवंटन सहित अन्य कार्यों में लाए तेजी— मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एमओयू से संबंधित भूमि आवंटन सहित अन्य कार्यों में भी तेजी लाते हुए सभी एमओयू को समयबद्ध रूप से धरातल पर मूर्तरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों द्वारा चाही गई लोकेशन पर जमीन उपलब्ध ना होने की स्थिति में उन्हें आस-पास के क्षेत्र में वैकल्पिक जमीन दिखाई जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान के विकास के लिए हर एक निवेश एमओयू महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि खनन और पर्यटन क्षेत्र राजस्थान के विकास का इंजन है। हमें इन क्षेत्रों में प्रगति की और अधिक संभावनाओं को तलाशना चाहिए। समीक्षा के दौरान राजधानी जयपुर में दिसम्बर माह में प्रस्तावित राइजिंग राजस्थान पार्टनरशिप कॉन्क्लेव-2025 के आयोजन की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे और जिला कलेक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

C M NEWS: आमजन को निर्बाध, नियमित जलापूर्ति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि आमजन को निर्बाध और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाए। श्री शर्मा मंगलवार को अपने निवास पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वर्ष 2025-26 की बजट घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वृहद् जल परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इनसे प्रदेशभर में आमजन को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित होगी। श्री शर्मा ने लंबित परियोजनाओं की निविदाओं में गति लाते हुए कार्यादेश शीघ्र जारी करने के लिए निर्देश दिए। फील्ड में जाकर अधिकारी करें निरीक्षण— मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल परियोजनाओं के कार्यों को विभिन्न चरणों में विभक्त कर उनका सतत् पर्यवेक्षण किया जाए। अधिकारी फील्ड में जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें। अगर कॉन्ट्रेक्टर द्वारा तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं किया जाए तो जुर्माना भी लगाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में दीर्घकालिक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, वहां अन्य विकल्प तलाशते हुए पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। जल जीवन मिशन से पेयजल आपूर्ति होगी सुनिश्चित— उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा इस परियोजना से सबसे ज्यादा लाभ राजस्थान को होगा। उपभोक्ताओं को सुगमता से नल से जल मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के तहत अवैध कनेक्शन धारकों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। वहीं मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी) के क्रियान्वयन के संबंध में भी व्यापक दिशा-निर्देश दिए। रोड कटिंग के बाद संबंधित विभाग समन्वय से करें पुनर्निर्माण— श्री शर्मा ने पाइपलाइन बिछाने के लिए होने वाली रोड़ कटिंग और उसके पुनर्निर्माण के संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण एवं स्वायत्त शासन विभाग के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने सड़क पुनर्निर्माण में गुणवत्ता जांच के लिए तृतीय पक्ष द्वारा आंकलन कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया। अमृत 2.0 के अंतर्गत योजनाओं की गहन समीक्षा— मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में पम्प हाउस एवं जलाशयों का निर्माण, पाइपलाइन कार्य, राइजिंग एवं वितरण पाइपलाइन का निर्माण, जल प्रदाय परियोजनाओं के साथ पेयजल परियोजनाओं के संवर्धन एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अमृत 2.0 के अंतर्गत योजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Jaipur News: निगम में अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए —शासन सचिव

स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने मंगलवार को नगर निगम हेरिटेज के मुख्यालय में निगम कार्यो की समीक्षा की। इस दौरान श्री जैन ने शिकायतों, मांगों के निस्तारण और बकाया और सफाई व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि सफाई व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है। जिस तरह हम स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान गंदगी हटाने और सफाई में विशेष फोकस रखते हैं, ऐसा ही जज्बा सालभर रहे। युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। हेरिटेज निगम में पेंडिंग चल रही पट्टा फाइलों को लेकर श्री जैन ने निर्देश दिए कि अब एक भी पट्टा ऑफलाइन जारी नहीं होना चाहिए। इस विषय में उन्होंने सभी जोन उपायुक्त और लैंड शाखा उपायुक्त की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि जोन स्तर पर पट्टा संबंधी जितनी भी ऑफलाइन फाइलें है, उन्हें तुरंत ऑनलाइन किया जाएं। वही आवेदक से संपर्क कर दस्तावेज ऑनलाइन जमा करवाने की जानकारी दें। शासन सचिव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि सरकारी जमीन के पट्टा संबंधी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क पर आवारा पशुओं को गंभीरता से लें, त्वरित एक्शन की जरूरत – शासन सचिव श्री रवि जैन शासन सचिव ने सड़क पर विचरण कर रहे आवारा पशुओं के नियंत्रण को लेकर ठोस प्लानिंग बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परकोटे में ये समस्या ज्यादा है। बे—सहारा गाय सड़क पर विचरण करती रहती है। अवैध डेयरियों की शिकायतें भी है। निगम की पशु प्रबंधन शाखा इसे गंभीरता से लें और सख्त एक्शन लें। वहीं विद्युत, सफाई व्यवस्था और अस्थाई अतिक्रमण की शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश प्रदान किये। कचरे का ढेर न बनें, इसके लिए लगातार की जाएं निगरानी:— श्री जैन ने सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि सड़क पर स्थित कचरा डिपो की लगातार निगरानी करें। वहां कचरे का ढेर न बने और कचरा पात्र के बाहर कचरा न ड़ाला जाए, यह पात्र ओवरफ्लो न हो। कचरा पात्र के आसपास गन्दगी होने पर लोग उसके पास जाने से कतराते हैं और दूर ही कचरा फैंक जाते हैं जिससे कचरा पात्र रखने का उद्देश्य की समाप्त हो जाता है। कचरा फेंकने वाले को ट्रेस कर उसका चालान किया जाएं। दुकानों के बाहर डस्टबिन नहीं होने पर भी चालान किया जाए। ज्यादा शिकायत आती है तो सीज की कार्रवाई भी करें। उन्होंने हूपर की नियमित मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग करने के भी निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र यादव, सभी जोन उपायुक्त, शाखा प्रभारी, अभियंता और स्वास्थ्य निरीक्षक मौजूद रहे।

Rajasthan News: धार्मिक स्थलों पर सरकार बीओटी के तहत करेगी नई धर्मशालाओं का निर्माण

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए देवस्थान विभाग ओर अधिक सुविधाओं को विकसित करेगा। इसके लिए विभाग पूर्व में संचालित धर्मशालाओं में सुविधाओं के विस्तार के साथ नई धर्मशालाओं के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्ययोजना बना रहा है। इसके तहत पुरानी धर्मशालाओं में सुविधाएं तो विकसित की जाएंगी वहीं प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अत्याधुनिक नई धर्मशालाओं का भी निर्माण किया जाएगा। इसके लिए देवस्थान विभाग अपनी नीति में संशोधन करेगा। इस संबंध में शासन सचिवालय में मंगलवार को देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई विभाग की समीक्षा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के बाद सहमति हुई। समीक्षा में पूर्व संचालित धर्मशालाओं के किराए में बढ़ोतरी करने व बीओटी (बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर) के तहत नई धर्मशालाओं के निर्माण के लिए नई नीति बनाने का निर्णय लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश और अन्य राज्यों के मंदिरों की मरम्मत कार्यों के लिए इसी माह में आवश्यक रूप से डीपीआर बनाने के आदेश भी दिए है। वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्रा की लॉटरी अगले सप्ताह- समीक्षा के दौरान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2025 की लॉटरी इसी माह में निकालने का निर्णय लिया गया। श्री कुमावत ने बताया कि इस बार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 10 अगस्त-2025 तक कुल एक लाख 84 हजार 495 वरिष्ठजनों ने आवेदन किए हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी अब अगले सप्ताह जिला स्तर पर पात्र लोगों का चयन करेगी। चार नई नीतियों पर हुआ मंथन- समीक्षा में देवस्थान विभाग की ओर से दान नीति, धार्मिक नीति, सह संचालन नीति व किराया नीति में संशोधन को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा देवस्थान विभाग के मंदिरों में धार्मिक आयोजनों को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं, ऋषभदेव मंदिर की आरती को ऑनलाइन शुरू करने, गोगामेड़ी मंदिर के पुजारियों को आवास के लिए आवंटित भूमि के निरस्तीकरण, मंदिरों की कृषि योग्य भूमि को ई-ऑक्शन के माध्यम से लीज पर देने, मंदिरों की भूमि का डाटा ऑनलाइन संधारित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में शासन सचिव श्री केके पाठक, देवस्थान विभाग के आयुक्त श्री कन्हैयालाल स्वामी, उप शासन सचिव श्री आलोक सैनी, अतिरिक्त आयुक्त श्री अशोक शर्मा सहित विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

C M NEWS: श्री जगदीश को धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाए -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन के उच्च मापदंडो के अनुरूप प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। जन आकांक्षाओं की पूर्ति और उनकी परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण ही हमारे सुराज का केन्द्र बिंदु है। श्री शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। उन्होंने जनसुनवाई में आए प्रत्येक परिवादी से व्यक्तिशः मिलकर उनकी परिवेदनाओं को सुना और अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जनसुनवाई में बीकानेर से आए विशेष योग्यजन जगदीश प्रसाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें धार्मिक स्थलों की यात्रा करनी है, परन्तु आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्री जगदीश को धार्मिक स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराई जाए। जगदीश ने अपनी समस्या के मौके पर ही निस्तारण से खुश होकर श्री शर्मा का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवेदना का समय से निस्तारण किया जाए। साथ ही, अधिकारी जनता से जुड़े कामों को पूरी जिम्मेदारी से करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण को सूचीबद्ध करने के साथ ही उनका फॉलोअप सुनिश्चित करने और परिवादियों को सूचित करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जो कार्मिक आमजन की परिवेदनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरते, उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। श्री शर्मा ने जनसुनवाई में आए लोगों की कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। अपनी परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण से आमजन संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई में गरीब, किसान, महिला और युवा की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया गया। साथ ही, दिव्यांग और बुजुर्ग सहित हर जरूरतमंद की परिवेदनाओं का निस्तारण कर उन्हें राहत दी गई। श्री शर्मा ने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, गृह, राजस्व, सिंचाई, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का पेंशनर्स के लिए अहम निर्णय, आरजीएचएस ओपीडी की निर्धारित सीमा में दी शिथिलता

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुलभ और सुचारू संचालन के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस दिशा में राज्य सरकार ने राजस्थान राज्य पेंशनर्स चिकित्सा रियायती योजना-2021 में संशोधन किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेंशनर्स के लिए आरजीएचएस योजना के अन्तर्गत वर्तमान में आउटडोर चिकित्सा सुविधा में दवाइयों के लिए निर्धारित 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष और जांचों के लिए 5 हजार रुपए की निर्धारित सीमा में वृद्धि के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और उसके अधीन राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेन्सी को शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके तहत ओपीडी दवाइयों के लिए निर्धारित सीमा में 2 लाख रुपए तक के विस्तार के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के अतिरिक्त सीईओ या संयुक्त सीईओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अधिकृत), 2 लाख से 7 लाख रुपए तक के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को प्राधिकृत किया गया है। वहीं 7 लाख रुपए से अधिक के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (प्रशासनिक विभाग) को प्राधिकृत किया गया है। इसी तरह चिकित्सा जांचों के लिए निर्धारित 5 हजार रुपए की सीमा को बढ़ाने के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्राधिकृत है। उल्लेखनीय है कि निर्धारित सीमा राशि में वृद्धि के लिए पहले यह शक्तियां वित्त विभाग के अधीन थी। जिन्हें अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से पेंशनर्स को अपने मेडिकल जरूरतों के मामले में ओपीडी दवाइयों एवं चिकित्सा जांचों की सीमा राशि में शिथिलता प्राप्त करने के लिए अब आवेदन करना और सरल होगा। पेंशनर्स को इसके लिए आरजीएचएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

Politics News: सरकार का इकबाल समाप्त हो चुका -गहलोत

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प्रदेश में अजमेर जिले के उदयपुरकलां गांव निवासी एक महिला की राखी के दिन लूटेरों ने गला रेत हत्या कर दी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने X पर पोस्ट एक पोस्ट की है। पोस्ट में गहलोत ने लिखा है कि प्रदेश में सरकार का इकबाल समाप्त हो चुका है। चाहे खास हो या आम कोई भी सुरक्षित नहीं है। जंगलराज के नारे के साथ लोगों को भड़का कर वोट मांगने वाली भाजपा अब लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा, कोई भी कहीं भी अब इस प्रदेश में सुरक्षित नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जो कि स्वयं गृह मंत्री हैं अब कब जिम्मेदारी लेना सीखेंगे ? जनता बेहद दुखी, परेशान और असुरक्षित है। क्या मामला:— बतादें कि अजमेर के उदयपुरकलां गांव निवासी संजू (26) पति रोहित सैनी (28) के साथ रलावता अपने भाई के राखी बांधने गई थी। राखी बांधने के बाद पति रोहित के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रही थी। इस दौरन सूने रास्ते में मोटरसाइकिल पर दो बदमाशों पीछे से आए और पति रोहित पर एक ने चाकू निकालकर वार कर किया और डंडों से पीट कर रोहित को गंभीर रूप से घायल कर दिया। फिर एक आरोपी ने धारदार हथियार से संजू का गला रेत दिया। गला रेतने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार रोहित ने बताया कि लुटेरों ने संजू के गले से सोने की कंठी और चेन तोड़ ली और दोनों कान काटकर सोने की झुमकियां भी तोड़ ली और लुटेरे मोटरसाइकिलों पर फरार हो गए।

Agriculture News: प्रदेश में यूरिया का सभी जिलों में पारदर्शितापूर्ण वितरण —शासन सचिव कृषि

कृषि विभाग की ओर से यूरिया की दैनिक उपलब्धता की समीक्षा कर कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों को चिन्हित करते हुए सभी जिलों में प्राथमिकता से पूर्ण पारदर्शिता से वितरण किया जा रहा है। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निरन्तर केन्द्र सरकार से समन्वय कर प्रदेश में मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति करवाई जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख 70 हजार मैट्रिक टन (एम.टी.) यूरिया सभी जिलों में उपलब्ध है। श्री गंगानगर जिलें में सबसे अधिक 18777 एम.टी. जोधपुर में 12971, टोंक में 11900, नागौर में 8851 एवं बारां में 8583 एम.टी. यूरिया का स्टॅाक उपलब्ध है। कम उपलब्धता वाले जिलों में आगामी 3-4 दिवस में यूरिया की आपूर्ति हेतु कार्यवाही की जा चुकी है। उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से यूरिया एवं डीएपी का राज्यों को माहवार व कम्पनीवार आंवटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा प्राप्त आंवटन एवं जिलों की मांग के अनुसार जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर उर्वरकों का वितरण कराया जाता है। श्री विशाल ने बताया कि खरीफ में अप्रेल से अगस्त तक भारत सरकार द्वारा आवंटित 8.82 लाख मै.टन यूरिया के विरूद्ध अब तक 6.97 लाख मै.टन की आपूर्ति कराई जा चुकी है और माह अगस्त की शेष अवधि में 1.85 लाख मै.टन यूरिया की आपूर्ति हेतु आपूर्तिकर्त्ता फर्मों को शत-प्रतिशत आपूर्ति हेतु निर्देशित किया गया है। शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी द्वारा अवगत कराया कि कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिशानुसार संतुलित उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने, उर्वरकों का समान रुप से वितरण कराने व उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं के विरुद्व कार्यवाही हेतु समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल ने बताया कि गत 3 वर्षो में खरीफ सीजन के माह अप्रेल से अगस्त तक यूरिया की औसत खपत 9.39 लाख मै.टन रही है। खरीफ 2025 में अप्रेल से अब तक यूरिया की कुल मांग 6.88 मांग लाख मै.टन के विरुद्व राज्य में प्रारम्भिक स्टॅॅाक सहित 9.56 लाख एम.टी. यूरिया की उपलब्धता हो चुकी है एवं निरंतर आपूर्ति जारी है। उन्होने बताया कि खरीफ 2025 में अप्रैल से अगस्त तक केंद्र सरकार द्वारा आवंटित 4.75 लाख मै.टन डीएपी के विरूद्ध अब तक 2.73 लाख मै.टन की आपूर्ति हो चुकी है। डीएपी के वैकल्पिक उर्वरक एनपीके की 1.23 लाख मै.टन व एसएसपी 1.60 लाख मै.टन की अभी तक आपूर्ति हो चुकी है एवं माह अगस्त की शेष अवधि में 1.18 लाख मै.टन डीएपी की राज्य में आपूर्ति कराई जा रही है। आयुक्त कृषि ने बताया कि इस वर्ष प्री-मानसून एवं मानसून के दौरान लगातार वर्षा होने के कारण कृषकों द्वारा यूरिया की निरन्तर मांग की जा रही है। इस वर्ष राज्य में गत वर्ष की तुलना में 16.12 लाख हैक्टेयर अधिक बुवाई हुई है, जिसमें विशेषकर मक्का 6 प्रतिशत, धान 15 प्रतिशत एवं कपास 25 प्रतिशत की अधिक बुवाई हुई है, जिसके कारण यूरिया की मांग अधिक है। विभाग द्वारा राज्य के कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर कार्यवाही की जा रही है। खरीफ 2025 में कालाबजारी, टैगिंग जमाखोरी, डायर्वजन तथा गैर कृषि कार्य में उपयोग की रोकथाम हेतु राज्य के 39 आदान विक्रेताओं के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलम्बित एवं 9 निरस्त किये गये, 65 स्थानों पर उर्वरकों की जब्ती की गई। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लघंन किये जाने के फलस्वरूप उर्वरक विनिर्माताओं व विक्रेताओं के विरूद्ध 44 एफ.आई.आर. दर्ज की गई। राज्य के उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियााणा और पंजाब राज्यों से लगती सीमाओं के सीमावर्ती जिलों में चौक पोस्ट स्थापित की जाकर यूरिया डायर्वजन रोकने हेतु नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही प्लाईवुड,रेजिन, डेफ, पोलिमर्स निर्माण इकाईयों के यहां यूरिया के गैर कृषि कार्यो के उपयोग की आंशका के कारण राज्य स्तर पर टीमों का गठन किया जाकर छापेमारी की गई, जिसमें 11 स्थानों पर कार्यवाही करते हुये 621.8 मै.टन यूरिया जब्त किया गया और नीम कोटेड यूरिया पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध 4 एफआईआर दर्ज कराई गई है।

Farmers News: ‘कृषक उपहार योजना’ में किसानों को मिलेगा 50,000 रूपये का पुरस्कार

राज्य सरकार ने किसानों को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से कृषि जिंसों की बिक्री हेतु प्रोत्साहित करने के लिए संचालित ‘कृषक उपहार योजना’ में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। अब इस योजना का लाभ उन किसानों को ही मिलेगा जो ई-नाम पोर्टल के माध्यम से बिक्री करते हुए ई-पेमेंट (इलेक्ट्रॉनिक भुगतान) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कृषि विपणन विभाग द्वारा भिजवाए गए प्रस्ताव के अनुसार अब उन्हीं किसानों को उपहार कूपन जारी किया जाएगा, जिनकी जिंसों की बिक्री ई-नाम पोर्टल पर दर्ज हुई हो और उसका भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो। योजना के वर्तमान स्वरूप में देखा जा रहा था कि ई-नाम पर कृषि जिंस के विक्रय पर्चियों पर जारी कूपन की तुलना में ई-पेमेंट पर जारी कूपन की संख्या काफी कम है। अब केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाने से ई-नाम पोर्टल पर बिक्री के साथ-साथ किसान और व्यापारी तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे। संशोधित योजना में ई-पेमेंट से प्राप्त कृषि उपज विक्रय की प्रति 10 हजार रूपये की राशि और इसके गुणकों में उपहार कूपन ई-नाम सॉफ्टवेयर द्वारा जारी किए जा सकेंगे। प्रत्येक 6 माह में मंडी स्तर पर ड्रॉ निकालकर 50,000 रूपये का प्रथम पुरस्कार 30,000 रूपये का द्वितीय पुरस्कार और 20,000 रूपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

C M NEWS: रक्षाबंधन पर छोटी और बड़ी बहनों का स्नेह व आशीर्वाद मुझे मिला है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीरागंनाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी बहनों एवं स्कूल-कॉलेज छात्राओं से रक्षासूत्र बंधवाया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि इस त्यौहार का हमारी संस्कृति में बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। हमारे ऐसे त्यौहारों में समरसता और एकरूपता का संदेश निहित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान है। बहनें परिवार में विभिन्न भूमिकाएं निभाते हुए उसे संजोने व संस्कारित करने की जिम्मेदारी निभाती है। इसलिए हमारी संस्कृति में बहनों का स्थान सर्वाेपरि होता है। श्री शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर छोटी और बड़ी बहनों का स्नेह व आशीर्वाद मुझे मिला है। यह मेरे लिए अभेद्य सुरक्षा कवच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-बहनों के शिक्षित और सशक्त होने से ही देश और प्रदेश उत्कृष्ट बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की नारियों ने अपने महान कार्याें से इतिहास रचा है, उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे भी जीवन में साहसिक रूप से कार्य करते हुए अपने सपनों को पूरा करें। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद किया और उन्हें सम्मानस्वरूप उपहार भेंट किए। इस दौरान चिकित्सा, कानून व्यवस्था व न्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नारी शक्ति ने राज्य सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने वीरांगना बहनों से राखी बंधवाई और उनका विशेष सम्मान किया। इस दौरान प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज संस्थान की चन्द्रकला दीदी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। वहीं, स्कूलों में पढ़ने वाली बहनों ने जब अपने नन्हें हाथों से श्री शर्मा को राखी बांधी तो उन्होंने उनके सिर पर हाथ रखकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया।