हमने तो वोट चोरी का आरोप लगा दिया…..बीजेपी जवाब दें —अशोक गहलोत

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग और भाजपा को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होने कहा ‘वोटों की चोरी लोकतंत्र के लिए खतरा है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये है।श्री गहलोत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों का समर्थन किया है और कहा है कि बीजेपी और आरएसएस लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते और चुनिंदा जगहों पर गड़बड़ी करवाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। गहलोत ने दावा किया कि जब से मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की कमेटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शामिल किया गया है, तब से आयोग का रवैया बदला हुआ है।h 

High Court News: जन शिकायतों पर सरकार को 30 दिन में देनी होगी जानकारी —हाईकोर्ट

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प्रदेश में हाईकोर्ट ने आमजन को विशेष राहत प्रदान करते हुए एक आदेश पारित किया है। शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि राज्य सरकार के सभी विभाग और जिला कलेक्टर नागरिकों द्वारा दी गई किसी भी प्रकार की शिकायत या अभ्यावेदन पर 30 दिनों के भीतर पावती रसीद जारी करें। कोर्ट ने कहा कि उस शिकायत पर किसी अन्य विभाग से पत्राचार हुआ है, तो उसकी प्रति सात दिनों के भीतर शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे नागरिकों को उनकी शिकायत की स्थिति और उस पर हुई प्रगति के बारे में जानकारी मिलती रहेगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश के. आर. श्रीराम और न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की खंडपीठ ने 31 जुलाई को विश्राम गुर्जर व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। आदेश की प्रति गुरुवार को न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई और इसके अनुपालन के लिए मुख्य सचिव को भेजे जाने का निर्देश भी दिया गया है।

Rajasthan News: मुख्यमंत्री ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत धारा-4 में दी शिथिलता

प्रदेश में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम-1958 की धारा-4 के अंतर्गत शिथिलता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से 0 से 10 की संख्या तक श्रमिकों का नियोजन करने वाले संस्थानों को उक्त अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन के प्रावधानों से छूट मिलेगी। इससे छोटी दुकानों एवं वाणिज्यिक संस्थानों को व्यापार करने में सहूलियत मिल सकेगी। राजस्थान शॉप्स एण्ड इस्टेबलिशमेंट (रेगुलेशन ऑफ इम्प्लॉयमेंट एण्ड कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्ट, 2025 के प्रारूप को दी मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम-1958 को वर्तमान की आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित करने के क्रम में प्रस्तावित राजस्थान शॉप्स एण्ड इस्टेबलिशमेंट (रेगुलेशन ऑफ इम्प्लॉयमेंट एण्ड कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्ट, 2025 के प्रारूप को प्रशासनिक मंजूरी भी दी है।

C M NEWS: आपका ये भाई आप सभी बहनों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विशेष योग्यजन समाज का अभिन्न अंग है। एक समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए विशेष योग्यजन की समान भागीदारी अति आवश्यक है। इसके लिए राज्य सरकार दिव्यांगजनों को केन्द्र में रखकर निरंतर कार्य कर रही है। उन्हें सशक्त बनाने के लिए कृत्संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय व बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की परिकल्पना अंत्योदय को साकार करने में जुटी हुई है। श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों से एकात्म मानववाद और नागरिक कर्तव्यों को निभाते हुए प्रत्येक जरूरतमंद की मदद करने की अपील की। श्री शर्मा शुक्रवार को जामडोली के सामाजिक न्याय संकुल परिसर में आयोजित ‘विशेष योग्यजन बहन सम्मान दिवस समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्यौहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, जो आपसी स्नेह, विश्वास और संरक्षण की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि आपका ये भाई आप सभी बहनों की सुरक्षा, सम्मान के साथ ही सभी को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कई योजनाएं और नवाचारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में दिव्यांगजनों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ’समान अवसर नीति 2025’ लाई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम संतान के जन्म के समय दी जाने वाली राशि 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये की है। इस योजना में दिव्यांग गर्भवती महिला को 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा विधवाओं, एकल नारियों तथा दिव्यांग व्यक्तियों को दी जा रही पेंशन को बढ़ाकर 1 हजार 250 रुपये प्रति माह किया गया है। ना औपचारिकता, ना मंचीय दूरी, सिर्फ आत्मीयता और अपनापन कार्यक्रम में ना किसी भी तरह की औपचारिकता थी और ना ही मंचीय दूरी। पूरे वातावरण में केवल आत्मीयता और अपनापन का अहसास हो रहा था। जब कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को विशेष योग्यजन बहनों ने रक्षा सूत्र बांधा तो उनके स्नेह से सभी भावुक हो गए। कार्यक्रम में लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री के समक्ष ‘आ चल के तुझे मैं ले के चलूं एक ऐसे गगन के तले……..’ गीत गाया। इस सरल और अपनेपन से गाए हुए गीत ने सभी के दिल को छू लिया। इस दौरान दिव्यांगजनों ने बैंड वादन और सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बहनों की सुनी मासूम ख्वाहिशें मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चियों को अपने समीप बिठाकर संवाद भी किया। तनु ने कुरकुरे, मिठाई, समोसा खाने की इच्छा व्यक्त की, वहीं पूजा ने घूमने की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों की मासूम ख्वाहिशों को पूरा करने का भरोसा दिया। कार्यक्रम के अंत में श्री शर्मा ने दिव्यांगजनों को खीर प्रसादी भी वितरित की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अंत्योदय के लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जामडोली में 200 करोड़ रुपये की लागत से स्वयंसिद्धा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का चरणबद्ध रूप से निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विशेष योग्यजनों को डिजिटल हियरिंग और लर्निंग किट सौंपी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने परिसर में सिंदूर का पौधा लगाया। उन्होंने सभी बालिकाओं से संवाद किया और उन्हें पर्यावरण को संरक्षण करने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष योग्यजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल भेंट की। श्री शर्मा ने राजकीय बौद्धिक दिव्यांग गृह के बालक-बालिकाओं द्वारा हस्तनिर्मित सामग्रियों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों को सराहा। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता श्रीमती अपर्णा अरोडा और निदेशक आशीष मोदी दिव्यांग बहनें मौजूद रही।

Rajasthan Police News: सावधान- इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर हो रही है ऑनलाइन ठगी, फर्जी ईमेल, एसएमएस और लिंक से रहें दूर —राजस्थान पुलिस

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राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के सीजन में होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर एक अहम चेतावनी जारी की है। साइबर अपराधी टैक्स रिफंड, पैन-आधार लिंकिंग और प्रोफाइल सत्यापन जैसे बहाने बनाकर आम जनता को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों को ऐसे धोखे से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

ठगी के आम तरीके—

1. फर्जी मैसेज और कॉल— अपराधी फर्जी ईमेल, एसएमएस और कॉल के जरिए बताते हैं कि आपका टैक्स रिफंड रुका हुआ है या आपने गलत आईटीआर भरा है। वे आपको एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं, जो आपको एक नकली वेबसाइट पर ले जाता है। 2. फिशिंग वेबसाइट: ये लिंक आपको आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in जैसी दिखने वाली नकली साइट पर ले जाते हैं। यहाँ आपसे पैन, आधार, बैंक डिटेल्स, ओटीपी और लॉगिन पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। 3. मालवेयर वाले अटैचमेंट: कुछ ईमेल में आईटीआर की रसीद के रूप में खतरनाक फाइलें (APK) होती हैं, जिन्हें डाउनलोड करने पर आपके फोन या कंप्यूटर में वायरस आ सकता है। 4. सोशल मीडिया स्कैम: व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया पर तत्काल रिफंड का दावा करने वाले फर्जी संदेश भेजे जाते हैं, जिनमें नकली लोगो या क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता है।

खुद को कैसे बचाएं—

• हमेशा रहें सतर्क— आईटीआर से जुड़ी सेवाओं के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in का ही उपयोग करें। • जांच करें— किसी भी ईमेल या संदेश पर भरोसा करने से पहले, भेजने वाले के ईमेल पते की अच्छी तरह से जांच कर लें। • जानकारी साझा न करें— किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी, पैन नंबर, आधार नंबर, या कोई भी निजी जानकारी कभी न दें। • लिंक पर क्लिक न करें— अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। • UPI/QR कोड स्कैन न करें— किसी भी अज्ञात क्यूआर कोड या यूपीआई लिंक के जरिए रिफंड पाने की कोशिश न करें। अगर आप साइबर धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आप साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्ट (https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930/9257510100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

C M NEWS: नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में रोल मॉडल बने —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश में लागू तीन नवीन कानूनों में सजा की तुलना में न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम से न्यायिक व्यवस्था के प्रति आमजन का सकारात्मक विश्वास कायम हो रहा है। राज्य सरकार की मंशा है कि इन नवीन आपराधिक विधियों के क्रियान्वयन में राजस्थान देशभर में रोल मॉडल बने। श्री शर्मा इन नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नए कानूनों को लागू करने में सभी संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित कर रही है। वीसी रूम्स प्राथमिकता के साथ हो स्थापित- मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाह के साक्ष्य लेने के प्रावधान किए गए हैं। इसकी अनुपालना में कोर्ट रूम, कारागार, अस्पताल, एफएसएल और सरकारी कार्यालयों में प्राथमिकता के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम स्थापित किए जाएं। इन वीसी रूम्स में पर्याप्त सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे कि गवाह को सुरक्षा का भाव मिले। राजकॉप ऐप पर महिलाओं के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध- श्री शर्मा ने कहा कि नागरिक केन्द्रित प्रावधानों को लागू करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में महिलाओं के लिए राजकॉप नागरिक मोबाइल एप्लिकेशन पर तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ‘नीड हैल्प’ सुविधा उपलब्ध करवायी जा रही है। साथ ही, प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए राजकॉप ऐप पर एसओएस अलर्ट एवं जांच की प्रगति की भी जानकारी उपलब्ध करवायी जा रही है। उन्होंने अभियोजन के प्रकरणों में होने वाले स्थगन संबंधी मामलों की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। फॉरेंसिक लैब का हो आधुनिकीकरण, पर्याप्त मानव संसाधन हो नियोजित- मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में फॉरेंसिक दक्षता को लेकर भी बेहतर प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में फॉरेंसिक लैब में आधुनिकीकरण सुनिश्चित करने के साथ ही पर्याप्त मानव संसाधन नियोजित किया जाए। साथ ही, पुलिस स्टेशनों में राजनेट कनेक्टिविटी और हार्डवेयर संसाधनों की शीघ्र पूर्ति की जाए। उन्होंने प्रदेश में चयनित मॉडल जिलों व वृतों में नवीन आपराधिक विधियों के शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। संवद के दौरान ई-साक्ष्य और ई-सम्मन ऐप पर सभी जांच अधिकारियों का पंजीकरण किया जा चुका है। ई-सम्मन की तामील राजकॉप ऐप और नए सीसीटीएनएस के माध्यम से करवायी जा रही है व इलेक्ट्रॉनिक तामील का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संवाद में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित गृह, विधि और विधिक न्याय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी व संचार सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

Rajasthan News: प्रदेश में कंज्यूमर केयर अभियान के तहत 2 लाख से अधिक का वसूला जुर्माना

उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा रक्षाबंधन के त्योहार के मध्यनजर 6 अगस्त से 8 अगस्त तक चलाये जा रहे कंज्यूमर केयर अभियान के दूसरे दिन गुरूवार को 117 फर्मों पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम के अन्तर्गत निरीक्षण किए गए। जिनमें से डिब्बा बंद वस्तुएं नियम के तहत 22 फर्मों पर और सत्यापन प्रमाण पत्र व सत्यापित बाट माप नही पाये जाने पर 58 फर्मो पर प्रकरण दर्ज कर मौके पर ही नोटिस जारी कर 218500 रूपये का जुर्माना लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सही माप तौल करने के लिये प्रेरित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के बारे में जाग्रत करने का संरक्षण करना है। किसी भी प्रकार की सेवा एवं वस्तुएं जो राशि देकर प्राप्त की गई हैं, उनकी शुद्धता, गुणवत्ता, मानक, मात्रा एवं सही माप—तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है। इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन पर दर्ज एयरलाइन, ऑटोमोबाइल, बैकिंग, ड्रग्स एवं मेडिसिन, विद्युत, फूड, पेट्रोलियम, इंश्योरेंस, टेलिकॉम जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। उपभोक्ता राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 और 14435 व वाट्सएप नं. 7230086030 पर शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने के साथ ही परामर्श, सलाह और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।

Farmer News: प्रदेश के 100 किसान नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के तहत जायेगें विदेश भ्रमण पर

राज्य सरकार किसानों की क्षमता संवर्धन के दृष्टिगत उन्हें कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत प्रदेश के 100 किसानों के विदेश भ्रमण और प्रशिक्षण की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से एफपीओ के 100 किसान नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्राजील का भ्रमण करेंगे। इस एक्सपोजर विजिट में किसान नवीनतम तकनीकों और नवाचार के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। चयनित किसानों को नवंबर 2025 से मार्च 2026 के मध्य विभिन्न बैचों में 7 दिवसीय भ्रमण कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने किसान कल्याण के लिए अभूतपूर्व निर्णय किए हैं, जिनसे उनका आर्थिक सशक्तीकरण सुनिश्चित हो रहा है। इसी दिशा में नॉलेज इनहांसमेंट प्रोग्राम महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके माध्यम से प्रदेश के किसान उन्नत नवीनतम तकनीकों का अध्ययन करेंगे, जिसके उपयोग से वे अपनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर सकेंगे। वहीं किसान उक्त 4 देशों में सफल कृषि सहकारी समितियों के संचालन का भी अध्ययन कर सकेंगे, जो संगठनात्मक संरचना की दृष्टि से एफपीओ के समान ही हैं।

political News: आक्रोशित जाट : बीजेपी की खड़ी करेंगे खाट, सतपाल मलिक और धनखड़ का घोर अपमान

-महेश झालानी

सत्यपाल मलिक अब नहीं रहे। एक बेबाक, निर्भीक और सच्चे किसान समर्थक नेता का अंत हो गया। लेकिन अंत से भी बड़ा सवाल ये है कि उनके साथ अंतिम विदाई में जो व्यवहार हुआ, वह किसी भी लोकतंत्र में एक बड़े नेता के साथ शोभा नहीं देता। एक पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री और किसान आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ बोलने वाले विरले नेताओं में शामिल सत्यपाल मलिक को जब अंतिम विदाई दी गई, तब न कोई तिरंगा, न गार्ड ऑफ ऑनर और न ही कोई केंद्रीय मंत्री उनके पास अंतिम सलामी देने आया। यह वही सत्यपाल मलिक थे जिन्होंने खुले मंच से सरकार की आलोचना की, किसानों के हक में खड़े हुए, और अपनी कुर्सी की परवाह किए बिना अपनी बात कही। शायद यही कारण था कि केंद्र सरकार ने उन्हें जीते जी उपेक्षित रखा और मरने के बाद भी औपचारिकता निभाने की जरूरत नहीं समझी। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज की अस्मिता पर चोट है। हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ये वो क्षेत्र हैं जहां जाट मतदाता राजनीतिक दिशा तय करते हैं। और जब इसी समाज का सबसे मुखर चेहरा इस तरह विदा किया जाए, तो आक्रोश स्वाभाविक है। मानो इतना ही काफी नहीं था कि जगदीप धनखड़ का नाम सामने आ गया । देश के उपराष्ट्रपति पद पर बैठे एक और जाट नेता को पार्टी नेतृत्व के दबाव में इस्तीफा देना पड़ा। सूत्रों की मानें तो धनखड़ की चुप्पी लंबे समय से सवालों के घेरे में थी, और अब उनके अचानक पद छोड़ने से साफ है कि उन्हें किनारे लगाया गया। दो-दो जाट नेताओं के साथ हुए इस व्यवहार ने भाजपा की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या भाजपा अब जाट नेतृत्व को बोझ मानने लगी है? क्या जो नेता सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, उनके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं? इस पूरे घटनाक्रम के बाद जाट समाज में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। यह गुस्सा सिर्फ भावनात्मक नहीं है, यह राजनीतिक जमीन पर भी असर डालने वाला है। सत्यपाल मलिक की उपेक्षा और धनखड़ की विदाई ने यह संदेश दे दिया है कि भाजपा अब जाटों की आवाज को दबाना चाहती है। राजस्थान में भाजपा के कई स्थानीय जाट नेता भी इस मुद्दे पर असहज हैं। हरियाणा में दुष्यंत चौटाला जैसे नेता खुलकर मैदान में आ सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी पहले ही मजबूत स्थिति में हैं। भाजपा के लिए अब यह सवाल नहीं है कि जाट समाज नाराज है या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि इस नाराजगी की भरपाई कैसे की जाए? क्या सरकार अब सत्यपाल मलिक को मरणोपरांत कोई राजकीय सम्मान देगी? क्या धनखड़ को किसी और रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया जाएगा? या फिर यह मान लिया जाए कि भाजपा ने एक ऐसे वोट बैंक को स्वयं अपने हाथों से दूर कर दिया है, जो दशकों से उसकी नींव था? यह कोई छोटी बात नहीं कि दो शीर्षस्थ जाट नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार हो और पूरे समाज में सन्नाटा न छाए। जाट समाज चुप है, लेकिन यह चुप्पी असहज करने वाली है। यह चुप्पी तूफान से पहले की खामोशी हो सकती है। अगर भाजपा समय रहते इस चूक को नहीं संभालती, तो 2029 का लोकसभा चुनाव उन राज्यों में भाजपा के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है, जहां जाटों की भूमिका निर्णायक है। सत्यपाल मलिक का अपमान और धनखड़ की विदाई, ये दो घटनाएं जाट समाज के आत्मसम्मान से जुड़ चुकी हैं। अब भाजपा के सामने एक ही रास्ता है कि वह सम्मान के साथ जाट नेताओं से संवाद स्थापित करे । जाटो की नाराजगी एक हद तक तभी दूर हो सकती है, जब उप राष्ट्रपति पद पर किसी जाट नेता को खड़ा किया जाए । क्या बदली परिस्थिति में सतीश पूनिया की लॉटरी खुल सकती है ? अगर इस कौम की नाराजगी दूर नही की गई तो जाट समाज सिर्फ इतिहास नहीं बदलता, सत्ता बदलने का माद्दा भी रखता है।

Seasonal illness News: प्रदेश में अब ‘मच्छर’ से होगा मौसमी बीमारियों उपचार

प्रदेश में चिकित्सा विभाग मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है। इस प्रयोग से अब मच्छरों के जरीए मौसमी बीमारियों की रोकथाम की जायेगी। चिकित्सा विभाग के अनुसार डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्लान के तहत विभाग एंटोमोनोलॉजिकल यूनिट की लैब में लार्वा से एडल्ट ‘मच्छर’ तैयार करेगा। फिर इसे दिल्ली NCDC लैब में भेजा जायेगा। NCDC लैब में विशेषज्ञों की टीम पता लगाएगी की मच्छर किस बीमारी का स्प्रेड करेगा और ‘मच्छर’ बताएगा किस इलाके में ‘मच्छर’ जनित किस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा है। इसके बाद विभाग प्रदेश में क्षेत्रवार चिन्हित बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव कराएगा। यह भी बताया जा रहा है कि विभाग सबसे पहले जयपुर जोन में इस का प्रयोग करेगा।