SOG NEWS: एसओजी की जांच में 24 सरकारी कर्मचारी निकले फर्जी

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प्रदेश में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी करने वालों की लगातार सूचना मिल रही थी। मिल रही सूचना पर एसओजी ने कार्यवाही कर 24 सरकारी कर्मचारियों को पकड़ा है। एसओजी के अनुसार प्रदेश में शिक्षक, स्टेनोग्राफर, विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक पदों पर नौकरी पाने के लिये 24 लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाये है। एसओजी एसपी ज्ञानचंद यादव ने संचार माध्यमों को बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि कई लोगों ने फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र से सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में संज्ञान लेते हुए एसएमएस मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों का बोर्ड गठित कर दिव्यांग श्रेणी के लोक सेवकों का वापस मेडिकल करवाया था। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मात्र 5 लोक सेवक ही दिव्यांग होने की पत्रता रखते है। वहीं 24 दिव्यांग लोक सेवकों को मेडिकल बोर्ड ने दिव्यांग वर्ग के लिए अनफिट माना है। उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि श्रव्यबाधित 13 में से 13 लोक सेवक दिव्यांग कैटेगिरी के लिए अनफिट पाए गए। दृष्टिबाधित 8 दिव्यांगों में से केवल 2 दिव्यांग ही सही पाए गए। इसी प्रकार लोकोमोटर और अन्य प्रकार के दिव्यांगता में 8 लोक सेवकों में से 5 दिव्यांग कैटेगिरी के लिए उपयुक्त पाए गए। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार महेन्द्र पाल सिंह निवासी धोटी (राजसमंद), सवाई सिंह गुर्जर निवासी हिण्डौन (करौली), हंटु गुर्जर निवासी श्यामपुरा (आमेर), मनीष कुमार कटारा निवासी दाहिना (भरतपुर), केशव उर्फ खुब्बाराम यादव निवासी सांवत (किशनगढ़ रेनवाल), कविता यादव निवासी सांवत (किशनगढ़ रेनवाल), बिकेश कुमार निवासी केलूरी (नदबई), भानुप्रताप कटारा निवासी दाहिना (रूपवास), नफीस निवासी सबलाना (कामां), रणजीत सिंह निवासी नंगला अलागरीजी (बयाना), कलुआ राम सिंह निवासी नंगला अलागरीजी (बयाना), पवन कुमार सिंह निवासी आबूरोड रिको (सिरोही),कंवर शेखावत निवासी आबूरोड शहर (सिरोही), दिनेश कुमार बिश्नोई निवासी खरड, धोरीमन्ना (बाड़मेर), लोकेश निवासी नदबई (भरतपुर), संजय निवासी नोखा (बीकानेर), दीपू निवासी सबलपुर (डीडवान-कुचमान), गेपु राम निवासी रास (पाली), प्रशांत सिंह निवासी आबूरोड शहर (सिरोही), छिन्दपाल सिंह निवासी केसरीसिंहपुर (गंगानगर), आसी कुमारी निवासी बाड़मेर ग्रामीण, डॉ शंकर लाल मीणा निवासी कोतवाली (बूंदी), जगदीश चौधरी निवासी रुपनगढ़ (अजमेर) और किशोर सिंह निवासी सबलपुर (डीडवाना-कुचामन) अयोग्य पाए गए।  

C M NEWS: सरकार ने 9 पुलिस निरीक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर राज्य सेवा से किया बाहर

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार आमजन को संवेदनशील, भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही, अभियोजन स्वीकृति और 17-ए के विचाराधीन 37 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 55 अधिकारियों के जांच प्रकरणों में कार्यवाही की है। श्री शर्मा ने राज्य कर्मचारियों की अक्षमता, अकर्मण्यता और असंतोषजनक कार्य निष्पादन के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए गृह विभाग के 9 पुलिस निरीक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर राज्य सेवा से बाहर किया है। उन्होंने कार्मिकों की कार्य-शैली, कार्य-दक्षता, सत्यनिष्ठा, विभागीय जांच कार्यवाही और कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन जैसे कार्य की विभिन्न स्तर पर स्क्रीनिंग करते हुए 9 कार्मिकों के प्रकरणों का उच्च स्तरीय समिति से परीक्षण करवाकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्यवाही की है। मुख्यमंत्री ने नियम विरूद्ध भू-आवंटन के एक गंभीर प्रकरण मंे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के विरूद्ध अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियम 1969, के नियम 8 के तहत कार्यवाही प्रारम्भ किए जाने का अनुमोदन किया है। उन्होंने लंबित प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 6 अधिकारियों के विरूद्ध अभियोजन चलाने की मंजूरी तथा राजस्थान प्रशासनिक एवं लेखा सेवा के 2 अधिकारियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संषोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17-ए में विस्तृत जांच एवं अनुसंधान करने की अनुमति भी प्रदान की। श्री शर्मा ने सेवारत 13 अधिकारियों के विरूद्व सीसीए नियम-16 के तहत विभागीय जांच कार्यवाही में वार्षिक वेतन वृद्धियां संचयी/असंचयी प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के पुराने प्रकरणों का निस्तारण करते हुए पेंशन नियमों के तहत 5 अधिकारियों की पेंशन रोके जाने का निर्णय किया, इनमें से एक अधिकारी के विरूद्ध भ्रष्टाचार प्रकरण में दोष सिद्धि होने से शत प्रतिशत पेंशन रोकने की सख्त शास्ति अधिरोपित की गई है। साथ ही, सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध संचालित 9 प्रकरणों में 14 अधिकारियों पर प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन भी किया। मुख्यमंत्री ने सीसीए नियम-34 के तहत एक अधिकारी द्वारा प्रस्तुत पुनर्विलोकन याचिका को निरस्त करते हुए दण्ड को यथावत रखा और सेवारत अधिकारियों के 3 प्रकरणों में सीसीए नियम-23 के तहत अपील स्वीकार करने एवं 2 अधिकारियों के विरूद्ध अपील आंशिक स्वीकार करने का निर्णय लिया।

Mines News: खान विभाग में 31 दिसंबर तक जारी रहेगी बकाया और ब्याजमाफी योजना

राज्य सरकार ने खान विभाग की विभागीय बकाया और ब्याज माफी योजना जारी कर अप्रधान खानधारकों, क्वारी लाइसेंसधारकों, आरसीसी-ईआरसीसी ठेका धारकों, एसटीपी व निर्माण विभाग के बकायादारों को मूलधन में स्लेब अनुसार व ब्याज में शतप्रतिशत की छूट देते हुए बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री से अप्रधान खान लीजधारकों व माइंस एसोसिएशनों के पदाधिकारियों द्वारा बकाया राशि की माफी योजना लागू करने की लगातार मांग की जाती रही है। उन्होने खानधारकों द्वारा की जा रही मांग देखते हुए बड़़ी राहत प्रदान की है। श्री शर्मा के इस निर्णय से जहां संबंधित खानधारकों को राहत मिलेगी वहीं बकाया राजस्व की वसूली व वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय और धन की बचत होगी। वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा। राज्य सरकार ने बजट घोषणा 2025 में खान विभाग की बकाया और ब्याजमाफी योजना के क्रियान्वयन में योजना जारी कर दी है। यह योजना 31 मार्च, 24 तक के बकाया मूलधन व ब्याज पर लागू होगी। योजना 31 दिसंबर, 2025 तक प्रभावी रहेगी। प्रमुख सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने बताया कि योजना को व्यावहारिक बनाने के साथ ही इसका दायरा भी बढ़ाया गया है। पहली बार अप्रधान खनिज की प्रभावी, खण्डित, अध्यर्पित, अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पटटा, क्वारी लाईसेंस, ईंट मिटटी परमिट, बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायत धारकों द्वारा माईनिंग प्लान, पर्यावरण स्वीकृति, कन्सेन्ट टू ऑपरेट से अधिक उत्पादन दोष और किसी निर्णय के कारण खनिज रियायत को नल एण्ड वॉइड घोषित किए जाने पर घोषित करने की तिथि से पूर्व की अवधि में खनिज निर्गमन को अवैध निर्गमन मानकर कायम की गई शास्ति की 31.03.2024 तक की बकाया का 20 प्रतिशत मूलराशि जमा करने पर शेष बकाया राशि और सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। खण्डित और अवधि समाप्त खनन पट्टों, क्वारी लाइसेंस, बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति, एसटीपी व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में 31 मार्च, 1990 तक के बकाया की 5 प्रतिशत मूलराशि जमा कराने, 1 अप्रेल, 90 से 31 मार्च, 2000 तक के बकाया की 15 प्रतिशत, 1 अप्रेल, 2000 से 31 मार्च, 2010 तक के बकाया की 35 प्रतिशत, 1 अप्रेल, 2010 से 31 मार्च, 2020 तक के बकाया कि 45 प्रतिशत और 1 अप्रेल 2020 से 31 मार्च, 2024 तक की बकाया राशि की 60 प्रतिशत मूल राशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त ब्याजराशि की छूट दी गई है। वहीं आर.सी.सी.-ई.आर.सी.सी. ठेकों की बकाया मामलों में 31 मार्च, 2010 तक खंडित ठेकों में 30 प्रतिशत मूल बकाया और पूर्ण ठेका अवधि पूरी करने वाले ठेकों में 40 प्रतिशत मूल बकाया राशि जमा कराने पर शेष मूल बकाया और समस्त ब्याजराशि की छूट दी गई है। एक अप्रेल, 2010 से 31 मार्च 2024 तक के खंडित ठेकों में 40 प्रतिशत और पूर्ण अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 50 प्रतिशत बकाया मूलराशि जमा कराने पर शेष मूलराशि व संपूर्ण ब्याजराशि की छूट दी गई है। रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना, रवन्नाओं का किसी भी तरह से दुरूपयोग कर निर्गमन करने के मामलों में 31 मार्च, 2021 तक के मामलों में 10 प्रतिशत और एक अप्रेल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक बकाया मूल राशि की 15 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त बकाया ब्याज की छूट दी गई है। स्वीकृत क्षेत्र के बाहर किये गये अवैध खनन अथवा ईंट मिट्टी परमिट धारक द्वारा परमिट अवधि समाप्ति पश्चात किये गये अवैध खनन के प्रकरणों में 31 मार्च, 2021 तक के बकाया की 15 प्रतिशत और एक अप्रेल, 2021 से 31 मार्च, 2024 तक की बकाया की 25 प्रतिशत मूलराशि जमा कराने पर शेष मूलराशि और समस्त ब्याज राशि की छट दी गई है। आरएसएमईटी, एनजीटी, सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित की गई शास्ति राशि या अन्य राशि पर ये योजना लागू नहीं होगी। किसी न्यायालय अथवा अपील, रिवीजन में लम्बित प्रकरणों में बाकीदार द्वारा सम्बन्धित न्यायालय से वाद विड्रॉ करने और अण्डरटेकिंग देने पर विचार किया जा सकेेगा। योजना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। योजना का क्रियान्वयन संबंधित एमई, एएमई के कार्यालय में होगा और वित्तीय सलाहकार खान विभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।

Roadways News: प्रदेश में अब रोडवेज का न्यूनतम किराया 2.50 रुपए

प्रदेश में परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्टेज कैरिज की सभी श्रेणी की बसाें में 30 प्रतिशत तक किराया बढ़ाने का एलान किया है। इससे अब रोडवेड बसों में यात्रा करना महंगा हो जायेगा। वहीं रोडवेज ने किराया बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रोडवेज प्रशासन किराये में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकता है। रोडवेज के आदेशानुसार साधारण बसों में 95 पैसे प्रति किमी, एक्सप्रेस/मेल बसों में 1 रुपए प्रति किमी, सेमी डीलक्स बसों में 1.10 रुपए प्रति किमी, डीलक्स बसों में 1.70 रुपए प्रति किमी और एसी बसों में प्रति यात्री 2.50 रुपए प्रति किमी की बढ़ोतरी की जा सकती। रोडवेज में बसों का न्यूनतम 5 किमी के लिए व्यस्क यात्री से केवल 5 रुपए और बच्चों से 2.50 रुपए किराया लिया जाएगा। परिवहन विभाग ने किराया बढ़ाने का कारण के डीजल और मेंटेनेंस लागत में बढ़ोतरी, बढ़ती महंगाई और बेहतर सेवा प्रदान करने का बताया है। इससे निजी बस संचालकों को राहत मिलने के साथ ही यात्रियों को व्यवस्थित और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।

C M NEWS: आंगनबाड़ी केन्द्र हमारे समाज में संस्कारों के केन्द्र हैं —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र हमारे समाज में संस्कारों के केन्द्र हैं। शिशु की पहली गुरू माता होती है। दूसरी गुरू आंगनबाड़ी की माता-बहनें हैं। इस भूमिका में वे पोषण वितरण के साथ नौनिहालों को मजबूत और स्वस्थ करने का भी कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्त होगी तो ही देश और प्रदेश सशक्त बनेगा। हमारी सरकार महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देते हुए प्रदेश को सुरक्षित, विकसित और नारी सशक्तीकरण का एक रोल मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सुपोषित राजस्थान के लिए आंगनबाड़ी बहनों को पोषण की शपथ भी दिलवाई। श्री शर्मा मंगलवार को बिडला सभागार में मुख्यमंत्री संग रक्षाबंधन-आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनें प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने, उनके स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने में अहम योगदान दे रही हैं। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाएं ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार करते हुए बहन, पत्नी, माता, संरक्षक के रूप में बखूबी काम कर रही हैं। ग्रामीण और शहरी परिवेश में महिलाएं घर-परिवार को आगे बढ़ाती हैं। मुख्यमंत्री ने बहनों की सुरक्षा-सम्मान का किया वादा- समारोह में श्री शर्मा को महिलाओं ने तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा और नारियल भी भेंट किया। श्री शर्मा ने भी राखी के उपहार स्वरूप प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को डीबीटी के माध्यम से 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। आंगनबाड़ी बहनों को छाता और मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के द्वारा मेरी कलाई पर बांधी गई यह राखी मेरा सुरक्षा कवच है। मैं बहनों की सुरक्षा और सम्मान का वादा करता हूं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राखी के अवसर पर प्रदेश की बहनों के लिए रोडवेज बसों में दो दिन निःशुल्क यात्रा की घोषणा की। प्रदेश में बनी 9 लाख 25 हजार लखपति दीदी- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला सशक्तीकरण के लिए निरंतर फैसले लिए गए हैं। राज्य में लखपति दीदी योजना के तहत 18 लाख 25 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित कर 9 लाख 25 हजार लखपति दीदी बनाई गई हैं। प्रदेश में 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मां वाउचर योजना के तहत निशुल्क सोनोग्राफी और लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत 2 लाख 46 हजार बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपये का सेविंग बॉण्ड, करीब 33 हजार बेटियों को स्कूटी और साढ़े दस लाख से ज्यादा साइकिल वितरण जैसे योजनाओं और नवाचारों से महिलाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, तीन महिला बटालियन, 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड, पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए स्किम्ड दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ किया। इस दौरान आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। समारोह में महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास महेन्द्र सोनी सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी बहनें मौजूद रहीं। कार्यक्रम से सभी जिलों से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़ीं।

Medical News: प्रदेश के गांव-कस्बों में होगी निःशुल्क 66 प्रकार की जांचें —स्वास्थ्य मंत्री

प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में विभिन्न रोगों की जांच सुविधा को बेहतर बनाने के लिए प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण कर उन्हें मदर हब एण्ड स्पॉक प्रयोगशालाओं के रूप में बदला जाएगा। हब और स्पॉक मॉडल के तहत मदर लैब, हब लैब व स्पोक्स के माध्यम से जिला चिकित्सालयों में 145, उप जिला चिकित्सालयों और सैटेलाइट चिकित्सालयों में 117, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 101, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व डिस्पेन्सिरियों में 66 प्रकार की जांचें आउटसोर्स मोड पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ की उपस्थिति में इसके लिए स्वास्थ्य भवन में मंगलवार को एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव, टेलीकम्यूनिकेशंस इंडिया लिमिटेड की ओर से कार्यकारी निदेशक अरूण डागर एवं कृष्णा डायग्नोस्टिक लिमिटेड की ओर से कार्यकारी निदेशक पल्लवी जैन ने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि निःशुल्क जांच सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से हब एवं स्पॉक मॉडल अपनाने की पहल की गई है। इसी क्रम में राजस्थान में भी यह मॉडल लागू किया जा रहा है ताकि गांव-कस्बों तक रोगियों को जांच की समुचित सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। यह मॉडल लागू होने से चिकित्सा संस्थानों में जांचों की संख्या में वृद्धि होगी और जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के समय में भी कमी आएगी। 42 मदर लैब, 135 हब लैब और 1335 स्पॉक्स चिन्हित— जांच सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से प्रदेश में 42 मदर लैब, 135 हब लैब एवं 1335 स्पॉक्स चिन्हित किए गए हैं। इन संस्थानों में उपलब्ध जांचों का दायरा व्यापक रूप से बढ़ाया जाएगा। मदर लैब में 145 जांचें इन हाउस की जाएंगी। हब लैब में कुछ जांचें इन हाउस होंगी तथा कुछ के सैम्पल मदर लैब में भेजे जाएंगे। इसी प्रकार स्पॉक्स में कुछ जांचें इन हाउस होंगी तथा शेष हब लैब एवं मदर लैब में की जाएंगी। राज्य की 42 मदर लैब को तय समय में एनएबीआई-एक्रीडेटेड कराया जाएगा, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधा सुनिश्चित होगी। गुणवत्ता में होगा सुधार, मरीजों को घर बैठे मिलेगी जांच रिपोर्ट— यह मॉडल अपनाने से जांचों की गुणवत्ता में सुधार होगा। सेवा प्रदाता द्वारा मदर लैब एवं हब लैब में यूएसएफडीए यूरोपियन सीई सर्टिफाइड उच्च गुणवत्ता के उपकरण स्थापित किये जाएंगे। रिएजेन्टस, कन्जूमेबल्स एवं मानव संसाधन भी सेवा प्रदाता द्वारा ही उपलब्ध करवाये जाएंगे। सैम्पल कलेक्शन से लेकर क्वालिटी चैक और रिपोर्टिंग तक सभी कार्याें का रेकार्ड सेवा प्रदाता द्वारा नियमित रूप से लेबोरेट्री इंर्फोमेशन मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन संधारित किया जाएगा व मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर निदेशक, जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना के स्टेट नोडल आफिसर डॉ. मुश्ताक खान सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

C M NEWS: मुख्यमंत्री की घोषणा रोडवेेज बसों में दो दिन महिलाएं कर सकती निःशुल्क यात्रा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की महिलाओं को खुशियों की दोहरी सौगात दी है। मंगलवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बहनों को इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर राजस्थान रोडवेज की बसों में दो दिन निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। यह सुविधा रक्षाबंधन (9 अगस्त) और उसके अगले दिन (10 अगस्त) अर्थात् दो दिन राज्य की सीमा के अंदर राजस्थान रोडवेज की बसों में यात्रा के लिए मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व ही नहीं बल्कि हमारी सामाजिक और पारिवारिक परम्पराओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस शुभ अवसर पर राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी बहन अपने भाई से मिलने से वंचित न रहे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अनूठी पहल पर पहली बार इस वर्ष रक्षाबंधन पर राज्य की महिलाओं को रोडवेज बसों में दो दिन निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। इससे पूर्व केवल एक दिन (रक्षाबंधन को) ही यह छूट दी जाती थी। राज्य सरकार का यह निर्णय महिला सशक्तीकरण और पारिवारिक मूल्यों को महत्व देने की दिशा में अभिनव कदम है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का हवाई सर्वेक्षण लिया सवाई माधोपुर, करौली व धौलपुर जिलों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सवाई माधोपुर, करौली और धौलपुर जिलों में जलभराव व अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सवाई माधोपुर जिले के चकचैनपुरा, करौली जिले के मण्डरायल एवं धौलपुर जिले के बिश्नोदा में प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी और संबंधित अधिकारियों को आपदा राहत कार्य मुस्तैदी से किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सवाई माधोपुर जिले के भारी बारिश से प्रभावित गांवों चकेरी, जडावता, अजनोटी, मेनपुरा, धनोली, सूरवाल एवं खण्डार की क्षतिग्रस्त बोदल पुलिया, करौली जिले के अतिवृष्टि प्रभावित गांवों कसेड़, केमकछ, टोड़ी, मल्हापुरां, रांचौली, रहुघाट, मण्डरायल और धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड के अतिवृष्टि प्रभावित गांवों कठूमरा, महमदपुरा, बक्सपुरा, चीलपुरा, चाडियान का पुरा, गढ़ी जाफर, बसई घीयाराम, अंधियारी के साथ ही निभी का ताल व उर्मिला सागर बांध (बाड़ी) का हवाई सर्वेक्षण कर अतिवृष्टि से हुए जलभराव और नुकसान का जायजा लिया। उन्होने भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित लोगों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष असामान्य और अत्यधिक वर्षा के कारण बने हालात पर राज्य सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। जिला कलेक्टर, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से नियमित रूप से बैठक कर फीडबैक लिया जा रहा है। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल और सड़कों की मरम्मत के कार्य प्राथमिकता से पूरे करवाए जाएं। फसल खराबे की भरपाई हेतु गिरदावरी की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तत्परता बरतते हुए बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क एवं संचार व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बारिश और बाढ़ से हर साल होने वाली समस्याओं के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में भी कार्य कर रही है। जल निकासी, नालों की सफाई और बाढ़ रोकथाम हेतु बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंबल नदी के किनारे बसे जिन गांवों में अतिवृष्टि होने पर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, वहां स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के अतिवृष्टि एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में सिविल डिफेंस एवं आपदा राहत बलों की टीमें निरंतर कार्य कर रही हैं। धौलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एवं राहत बचाव कार्य हेतु एसडीआरएफ की 2 टीमें राजाखेडा एवं 1-1 टीम धौलपुर व सरमथुरा उपखण्ड क्षेत्रों में तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ की एक टीम धौलपुर मुख्यालय पर तैनात है। सेना का एक दल भी राहत और बचाव कार्यों के लिए धौलपुर बुलाया जा चुका है। इन क्षेत्रों के प्रभावित गांवों में से 2700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सवाई माधोपुर में भी बचाव दल द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। सवाई माधोपुर के मानसरोवर बांध के डाउनस्ट्रीम में बनी बोदल पुलिया की मरम्मत का कार्य भी पूर्ण कर यातायात सुचारू कर दिया गया है। इस दौरान आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता राज्य गौतम कुमार दक, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक जितेन्द्र गोठवाल, दर्शन सिंह गुर्जर, हंसराज मीणा, जसवंत सिंह गुर्जर मौजूद रहे।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने लालसोट में ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के हर गांव, हर ढाणी और हर व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाकर लोगों का जीवन बेहतर बनाना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रही है। श्री शर्मा सोमवार को दौसा जिले के लालसोट विधानसभा क्षेत्र स्थित डूंगरपुर गांव में आयोजित समारोह में रिमोट का बटन दबाकर ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महादेव की कृपा से प्रदेश में भरपूर बारिश से जलाशय लबालब हो गए हैं और ईरसदा बांध में भी खूब पानी आया है। उन्होंने कहा कि ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना के तहत लालसोट में लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से 8 स्वच्छ जलाशयों, 5 पंपहाउस, 47 उच्च जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इसमें 280 किलोमीटर राइजिंग मुख्य पाइपलाइन, 200 किलोमीटर से अधिक मुख्य पाइपलाइन एवं 1360 किलोमीटर वीडीएस पाइपलाइन बिछाई जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक पूर्ण किए जाने वाले इन कार्यों से 302 गांवों की लगभग 5 लाख 58 हजार आबादी और लालसोट की करीब 69 हजार आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। श्री शर्मा ने कहा कि लालसोट विधानसभा में 120 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य विकास कार्यों की भी स्वीकृति दी गई है। डेढ़ साल में पानी-बिजली के क्षेत्र में किए ठोस कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ साल में पानी, बिजली, बुनियादी ढांचे और प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। पेयजल और सिंचाई की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, माही बांध योजना सहित विभिन्न कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 8 हजार 496 करोड़ रुपये खर्च कर 82 हजार 964 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई है। श्री शर्मा ने कहा कि हम वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली भी उपलब्ध कराएंगे। पारदर्शिता से हो रही भर्तियां, 75 हजार से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां सृजित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। साथ ही, 3 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाया गया है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में 6 रोजगार मेलों के माध्यम से 75 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं और एक लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किए गए हैं। राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी भर्तियों का आयोजन कर रही है। हमारे कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपरलीक नहीं हुआ है। हमारा डेढ़ साल गत सरकार के पांच साल पर भारी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले डेढ़ साल में जो विकास कार्य करवाए हैं, उतने पूर्ववर्ती सरकार पांच साल में भी नहीं करवा पाई। गत सरकार के पूरे पांच साल में बने 29 हजार फार्म पौंड की तुलना में हमने डेढ़ साल में ही 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं। हमारे समय में बिजली उत्पादन क्षमता में लगभग 4 हजार 800 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछली सरकार के पांच साल में लगभग 3 हजार 900 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई थी। हमारी सरकार ने 1 हजार 421 गांवों को सड़कों से जोड़ने का कार्य किया है, जबकि गत सरकार पांच साल में लगभग 1100 गांवों को ही सड़कों से जोड़ पाई थी। डेढ़ साल में 89 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं, जबकि उनके पूरे पांच साल में यह आंकड़ा 986 ही रहा। गत सरकार ने पांच साल में केवल पौने दो लाख स्वामित्व कार्डों का वितरण किया था, जबकि हम पौने दस लाख स्वामित्व कार्ड का वितरण कर चुके हैं। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए गए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के सकारात्मक परिणाम हमें नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रदेश में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए और इस वर्ष हमने 10 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य की दिशा में प्रदेशवासियों से ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने का आह्वान भी किया। लालसोट विधानसभा के लिए किया 116 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान मुख्यमंत्री ने कहा कि लालसोट विधानसभा के लिए 116 करोड़ रुपए का प्रावधान कर संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसएच-24 से एनएच-11ऐई वाया नांगल मोड, देवली रोड-लालसोट बाईपास के नवीनीकरण एवं चौड़ाईकरण हेतु कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। एनएच 148 डूंगरपुर मोड से डोब वाया हरिपुरा एवं लालसोट से खटवा तक सड़क नवीनीकरण एवं चौड़ाईकरण कार्य करवाया जा रहा है। लालसोट नगर पालिका को नगर परिषद् में क्रमोन्नत किया गया है। साथ ही, श्यामपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एवं कन्या महाविद्यालय, लालसोट को पीजी में क्रमोन्नत किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सिंदूर का पौधा भी लगाया। समारोह में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक रामबिलास मीणा, भागचंद टांकड़ा, राजेन्द्र मीणा, महेंद्रपाल मीणा, रामावतार बैरवा, रामसहाय वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे।

Transportation News: प्रदेश में 15 साल पुराने सरकारी वाहन नहीं चलेगें

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प्रदेश में 15 साल पुराने सरकारी वाहनों अब नहीं चलेगें।। परिवहन मुख्यालय ने इसे लेकर समीक्षा की है। परिवहन सचिव शुचि त्यागी ने विशेष रूप से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में संचालित ऐसे वाहनों की समीक्षा संवाद किया है। या करने वाले हैं। परिवहन सचिव ने इस दैरान कहा कि ऐसे सभी वाहन अब संचालन योग्य नहीं माने जो वर्ष 2025-26 तक 15 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं। सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों को हटाने के लिये प्रदूषण फैलाने और पर्यावरण को सुरक्षित बनाने का कारण बताया है। इससे श्रीमती त्यागी ने बताया कि इससे न केवल दुर्घटना के जोखिम कम होंगे, बल्कि मेंटेनेंस पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी निजात मिलेगी। वहीं समीक्षा के दौरान स्क्रैपिंग प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के अनुसार विभागों में ऐसे वाहन वर्षों से इस्तेमाल हो रहे हैं, जो न केवल तकनीकी रूप से असुरक्षित हो चुके हैं, बल्कि ईंधन की खपत भी अधिक करते हैं और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार भी ये वाहन अब उपयुक्त नहीं पाये गये हैं और स्क्रैपिंग नीति को सख्ती से लागू करने को लेकर दिशा निर्देश दिए। इस दौरान कहा जाएगा कि यदि कोई विभाग लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।