RHB NEWS: आवासन मंडल की बोर्ड मीटिंग में हुआ निर्णय नई आवासीय योजनाओं का होगा निर्माण

नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं मंडल अध्यक्ष देबाशीष पृष्टी की अध्यक्षता में सोमवार को राजस्थान आवासन मंडल की 251वीं बोर्ड सभा मंडल मुख्यालय में आयोजित हुई। सभा में मंडल अध्यक्ष द्वारा बुधवार नीलामी व प्रीमियम संपत्तियों की नीलामी को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया को आमजन का भरोसा बताया गया। अध्यक्ष ने मिशन मोड में भूमि चिन्हांकन कर नई आवासीय योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए। श्री पृष्टी ने नवीन मॉडल भवन विनियम-2025 को मंजूरी दी गई और सिटी पार्क जयपुर के विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने निर्णयों की त्वरित क्रियान्विति व लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस दौरान सचिव डॉ. अनिल कुमार पालीवाल, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव, वित्तीय सलाहकार रोहिताश सिंह सहित कई उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

ACB NEWS: सरकार जैसलमेर की 15 गौशालाओं की एसीबी से करायेगी जांच —गोपालन मंत्री

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जिला स्तरीय एवं गोपालन विभाग की जांच में अपात्र पाई गई जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा जांच की जाएगी। गोपालन एवं पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित सभा में यह निर्देश दिए। सभा में पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, एसीबी के डीआईजी अनिल कयाल, गोपालन विभाग के डायरेक्टर प्रहलाद राय नागा, संयुक्त निदेशक (वैल्यू एडिशन) डॉ. मनोज कुमार शर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभा में बताया गया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रथम चरण में 12 गौशालाओं में अनियमितता की जांच जिला स्तरीय कमेटी व गोपालन विभाग की टीम द्वारा की गई। दो अलग-अलग जांचों में इन 12 गौशालाओं में अनियमितता की पुष्टि के बाद मामला एसीबी को सौंपा गया। एसीबी की जांच में उक्त गौशालाओं में गलत तरीके से अनुदान प्राप्त करने की पुष्टि होने के बाद उनकी अनुदान राशि पर रोक लगा दी गई। इसके बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर जैसलमेर जिले की 15 और गौशालाओं की विभागीय स्तर पर जांच के बाद गड़बड़ी सामने आने पर उनकी जांच भी अब एसीबी से करवाने का श्री कुमावत ने निर्देश दिया है। मंत्री ने बताया कि गौवंश की संख्या गलत दर्शाकर भुगतान उठाने के मामले सामने आने के बाद कुल 27 गौशालाओं को अनुदान के लिए अपात्र घोषित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी अन्य गौशाला में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। जैसलमेर जिले की 27 गौशालाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद गोपालन विभाग ने करीब 12 करोड़ रुपए की बचत की है।

C S NEWS: कूरियर से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी रखी जाए —मुख्य सचिव

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मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं उन्हें नशे की लत से दूर रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और गंभीर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए सम्बंधित विभाग प्रभावी रणनीति के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करें और युवाओं में जागरूकता के लिए मशहूर हस्तियों के माध्यम से उन्हें प्रेरित किया जाए। श्री पंत सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निजी और राजकीय महाविद्यालयों में नियमित रूप से नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा करवाई जाए व वहां ड्रग कंट्रोल सोसाइटी की स्थापना के लिए प्रयास किए जाएं। वहीं महाविद्यालयों के आसपास के क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों के सेवन और विक्रय पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के निर्माण में लिप्त गुप्त प्रयोगशालाओं का पता लगाकर पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जाए। उन्होंने जिलों में फॉरेंसिक लैब तंत्र को मजबूत करने के निर्देश भी दिए, जिससे मादक पदार्थों की रिपोर्ट समय पर न्यायालयों में प्रस्तुत की जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि एच-1 श्रेणी की फार्मा ड्रग्स की बिक्री पर विशेष निगरानी रख अनियमितता करने वाले फार्मा दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। श्री पंत ने मानस हेल्पलाइन-1933 के प्रचार-प्रसार को व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि इस माध्यम से प्राप्त सूचनाओं की गंभीरता से जांच कर, सही सूचना देने वालों को पुरस्कृत कर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि कूरियर सेवा के माध्यम से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर भी निगरानी रखी जाए। आमजन को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों से जागरूक करने के लिए उन्होंने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर सावंत, सचिव वित्त (राजस्व) विभाग कुमार पाल गौतम, निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग आशीष मोदी, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम. एन, विजय कुमार सिंह, उपमहानिदेशक(पश्चिमी क्षेत्र) एनसीबी मनीष कुमार, एनसीबी राजस्थान के जोनल निदेशक घनश्याम सोनी, चिकित्सा, पुलिस, उच्चशिक्षा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।

Jaipur News: राजधानी जयपुर में शान से निकली तीज माता की सवारी

महिलाओं के रंग बिरंगे तीज त्यौहार के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर में 27 और 28 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय तीज महोत्सव-2025 के अवसर पर पहले दिन रविवार को पारम्परिक तीज माता की सवारी निकाली गई। इस पारम्परिक तीज महोत्सव में तीज माता की भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, आम नागरिक, देशी-विदेशी पर्यटक शामिल हुए। तीज माता की भव्य और शाही शोभायात्रा जनानी ड्यौड़ी, सिटी पैलेस, त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर छोटी चौपड़, चौगान स्टेडियम होते हुए तालटोरा पौंड्रिक पार्क तक पहुंची। छोटी चौपड़ पर तीज माता की शानदार शोभायात्रा में राजस्थानी झांकियाँ, घोड़े-बग्घियाँ, सजे धजे हाथी, ऊंट, बैल, बैण्ड, शहनाई-नगाड़े से सुसज्जित शाही लवाजमा के साथ नारी शक्ति और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गई। इस भव्य शोभा यात्रा को लोक कलाओं में निपुण लगभग 200 कलाकारों ने राजस्थान की रंगबिरंगी संस्कृति को साकार किया।

C M NEWS: 76वां राज्यस्तरीय वन महोत्सव— पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल तत्व —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप हमने मन, वचन और कर्म से सदैव पर्यावरण की सुरक्षा की है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का प्रतीक है। इसे हम जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। प्रत्येक प्रदेशवासी अपनी मां के नाम कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, उसे परिवार का सदस्य मानकर देखभाल करें और हरियालो राजस्थान मिशन में सक्रिय भूमिका निभाएं। श्री शर्मा रविवार को जयपुर के मदाऊ स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में 76वें वन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित हरियाली तीज पर वन महोत्सव मनाने का शुभ अवसर मिला है। हरियाली तीज ही नहीं, बल्कि सावन का पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और उपासना से जुड़ा है। बाबा भोलेनाथ की विशेष कृपा से हमारे प्रदेश और देश में खूब बारिश हो रही है, जिससे चारों तरफ हरियाली है और खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। प्रदेश में आधे से ज्यादा बांध भर चुके हैं। यह पहली बार हुआ है कि बीसलपुर बांध जुलाई माह में ही भर गया। उन्होंने कहा कि आज किसान, मजदूर सहित सभी वर्ग खुशहाल हो रहे हैं और हमारा राजस्थान समृद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। प्रभु श्रीराम का सीता माता एवं लक्ष्मण जी के साथ चौदह वर्ष तक वन में रहना प्रेरणादायी है। पांडवों ने वनवास के दौरान वन में आश्रय लिया और अपनी सभी जरूरतों को वनोपजों से पूरा किया। मनुष्य किसी भी परिस्थिति में हो, वृक्षों के संग रहकर कुशल जीवनयापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कंदपुराण में भी पेड़ों की महत्ता को दर्शाते हुए एक वृक्ष को दस पुत्रों के बराबर माना गया है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन से किया बीजारोपण —

समारोह में मुख्यमंत्री ने सिंदूर का पौधा लगाया और ड्रोन के माध्यम से बीजारोपण भी किया। उन्होंने वन विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और रोहिड़ा पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया। उन्होंने अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार और इनोवेशन अवॉर्ड का वितरण किया। श्री शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में जगद्गुरू रामानंदाचार्य की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के राजकीय विद्यालय में हृदय विदारक घटना हुई है। ऐसी दुखांतिका की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कहीं पर भी जर्जर भवन दिखाई दे तो संबंधित अधिकारी को तुरंत सूचना दें, ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। कार्यक्रम में पीपलोदी दुर्घटना पर दो मिनट का मौन रखा गया।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने पीपलोदी हादसे पर किया उच्चस्तरीय संवाद, दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों की मृत्यु से मन व्यथित है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर झालावाड़ जिले के पीपलोदी ग्राम के सरकारी स्कूल में हुए दुखद हादसे को लेकर उच्च स्तरीय संवाद किया। उन्होंने सभी जिलों के जिला प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कार्यकारी एजेंसी, समसा और आरएसआरडीसी सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी भवनों, विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों सहित अन्य सार्वजनिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य करवाए जाएं। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए, जो 5 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीपलोदी हादसे से हम सब दुखी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए भवनों के निरीक्षण, मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। हाल ही में जिन भवनों की मरम्मत का काम किया गया है, उनकी भी जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करें और कमी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित पाए जाने पर भवनों को तुरंत खाली करवाया जाए और प्रभावितों का अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित कर उनके लिए अस्थायी कक्षाओं का संचालन सामुदायिक भवनों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर किया जाए। उन्होंने इसके लिए शिक्षा विभाग को तुरंत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2024-25 में प्रदेश की राजकीय शिक्षण संस्थाओं और 750 विद्यालयों के भवनों की मरम्मत हेतु 250 करोड़ रूपये की बजट घोषणाएं की थी। साथ ही, बजट 2025-26 में भी भवनविहीन व जर्जर विद्यालयों के नवीन भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए 375 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए 28 करोड़ रूपये दे रहे हैं। साथ ही डांग, मगरा, मेवात क्षेत्र विकास योजना, एमएलए लेड, एमपी लेड और जनजाति क्षेत्र विकास योजनाओं की राशि से भी ये कार्य करवाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक सरकारी भवन की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य की जाए। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर स्थायी तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन समितियों और स्थानीय पंचायतों को भवन सुरक्षा एवं रखरखाव के लिए प्रशिक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों का अनिवार्य निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में 5 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवनों की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झालावाड़ के पीपलोदी में सरकारी विद्यालय की छत गिरने से हुआ हादसा दुखद और हृदय विदारक है। इस दर्दनाक हादसे में मासूम बच्चों की मृत्यु से मन व्यथित है। राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी अधिकारियों और डॉक्टर्स के संपर्क में हैं और प्रशासन को हादसे में घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को हालात का जायजा लेने के लिए भेजा गया है। संवाद के दौरान पीपलोदी हादसे पर दो मिनट का मौन रखकर मृतक बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे और वीसी के माध्यम से संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े।

Jhalawar News: पीपलोदी में चीत्कार के बीच उठी 6 बच्चों की अर्थियां

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झालावाड़ के पीपलोदी गांव में स्कूल हादसे में आज 7 बच्चों की अंत्येष्टि गमगीन माहौल कर दी गई। इनमें 6 बच्चों की अंत्येष्टि पिपलोदी गांव में की गई, वहीं एक बच्चे की अंत्येष्टि गांव चांदपुरा भीलान की गई। 6 बच्चों की अर्थियों को देख गांव चीख पुकार कर मच गई। मृतक बच्चों केसभी शव सुबह 5:00 बजे परिजनों को सौंपे गए थे। जिन्हें पुलिस ने अस्पताल से अलग-अलग गाड़ियों से घरों तक पहुंचाया था। शव पहुंचे ही पूरे गांव में चीत्कार मच गया। सथानिय प्रशासन की मौजूदगी में शव निकली गई। जानकारी के अनुसार दो सगे भाई-बहन कान्हा और मीना को एक ही अर्थी पर श्मशान घाट तक ले जाया गया था। वहीं ग्रमीणों ने पांच चिताओं पर छह बच्चों का एक साथ अंतिम संस्कार किया। हादसे के शिकार बच्चों की आयु औसतन 7 से 10 साल के बीच बताई गई है।

C M NEWS: बीसलपुर बांध का पूरा भरना अत्यंत हर्ष का विषय —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बीसलपुर बांध का पूरा भरना अत्यंत हर्ष का विषय है। यह पहली बार है जब जुलाई माह में बीसलपुर बांध का गेट खोला गया है। उन्होंने कहा कि राम जल सेतु लिंक परियोजना के घटक नवनेरा बांध (इटावा, कोटा) का भरना भी जलापूर्ति के साथ ही कृषि कार्यों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी अंचलों में पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसी विभिन्न योजनाओं व इंदिरा गांधी नहर और गंगनहर के माध्यम से किसान सहित सभी वर्गों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मानसून में अच्छी बारिश होने से निर्बाध और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

दो वर्षों तक लगातार भरा बीसलपुर —

उल्लेखनीय है कि 24 जुलाई 2025 की तारीख ने प्रदेश में नया इतिहास रचा है। बीसलपुर बांध के कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश होने से बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर पर पहुंच गई। इसके बाद गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोल दिया गया, जिससे लगभग 6000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जुलाई में ही बीसलपुर बांध भर गया है। साथ ही, यह पहली बार है कि लगातार दो वर्षों (2024-2025) तक बीसलपुर बांध भरा है। गौरतलब है कि यह बांध परियोजना जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की लगभग एक करोड़ आबादी को पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करती है। वहीं नवनेरा बांध भी गुरुवार को पूरा भर गया। इसका लेवल 214 आरएल मीटर पहुंच गया जिसके बाद इसके गेट नंबर 11, 12 व 13 को खोल दिए गए। इससे 600 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इस निकासी से अपस्ट्रीम में कालीसिंध नदी के आस-पास कुंओं और भूजल के स्तर में वृद्धि होगी। उल्लेखनीय है कि बांध की कुल भराव क्षमता 226.65 मिलियन क्यूबिक मीटर है एवं बांध की वर्तमान भराव क्षमता 159.87 मिलियन क्यूबिक मीटर है। दुसरी ओर टोंक जिला कलेक्टर श्रीमती कल्पना अग्रवाल ने बटन दबाकर गुरूवार शाम 5 बजे बीसलपुर बांध के गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोला जिससे 6000 क्यूबिक पानी प्रति सैकंड निकासी शुरू की गई। कैचमेंट एरिया में विगत दिनों में अच्छी बारिश होने के कारण निरंतर पानी की आवक होने से गुरुवार को बांध की भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर पर पहुंचने के बाद गुरूवार सायं 4 बजकर 56 मिनट पर बीसलपुर बांध के गेट नंबर 10 को 1 मीटर खोलकर 6000 क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। कलेक्टर ने आमजन से अपील की है कि वह नदी के बहाव क्षेत्र में नहीं जाएं। बीसलपुर बांध के अधीक्षण अभियंता प्रहलाद राय खोईवाल ने बताया कि बीसलपुर बांध के गेट नंबर 10 को एक मीटर खोलकर लगभग 6 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। यह निकासी बांध में पानी की आवक के अनुरूप ही की जा रही है। इसके बाद समय-समय पर पानी की आवक के आधार पर निकासी या गेट बंद करने का निर्णय लिया जाएगा।

Patients News: आरयूएचएस में रोगियों के लिये एसएमएस जैसी सुविधाएं शुरू, चिकित्सा मंत्री ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने गुरूवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में इस संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री खींवसर ने कहा कि आरयूएचएस अस्पताल को रिम्स के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने 750 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। अधिकारी, राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप रिम्स के लिए आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियां शीघ्र जारी करवाएं व समयबद्ध रूप से निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर काम को गति दें। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस के रिम्स के रूप में विकसित होने से न केवल जयपुरवासियों बल्कि प्रदेशभर के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा और चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि रिम्स के विकास से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए टाइमलाइन के साथ एक एक्शन प्लान बनाएं। किसी भी स्तर पर बाधा आने पर तत्काल अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध होना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किया जाए कि आसपास के क्षेत्रों और दूसरे जिलों से रेफर होने वाले केस आरयूएचएस में आएं। इससे यहां की विशेषज्ञ सेवाओं का समुचित उपयोग हो सकेगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने कहा कि रिम्स का विकास तीन चरणों में किया जाना प्रस्तावित है। पहले चरण में मौजूदा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। दूसरे चरण में डेडीकेटेड सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित किए जाएगें और तृतीय चरण में शोध व अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां ट्रोमा सेन्टर, जीरियाट्रिक्स हेल्थ केयर रिसोर्स एवं रिसर्च सेन्टर एवं डेडिकेटेड थैलेसिमिया यूनिट की स्थापना प्रक्रियाधीन है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार हो चुका है, जिसका जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डेडिकेटेड सुपर स्पेशियलिटी विंग की स्थापना के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा। आरयूएचएस के अधीक्षक डॉ. महेश मंगल ने बताया कि अस्पताल में कैथलेब, प्लास्टिक सर्जरी, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्पोटर्स इंजरी और लिगामेंट सर्जरी जैसी सुविधाएं प्रारम्भ कर दी गई हैं। अस्पताल में अब 13 ऑपरेशन थियेटर फंक्शनल हैं, जिनमें 11 ओटी और 2 आपातकालीन ओटी शामिल हैं। वर्तमान में लगभग 2200 से 2600 मरीज प्रतिदिन ओपीडी में चिकित्सा परामर्श के लिए आ रहे हैं। जुलाई माह में 1800 से अधिक मरीजों की विभिन्न प्रकार की सफल सर्जरी की गई हैं। पोस्ट मार्टम सेवाएं भी प्रारंभ कर दी गई हैं। अब अस्पताल में 24 घंटे लेबर रूम संचालित किया जा रहा है।

TB NEWS: प्रदेश में “निक्षय पोषण किट वितरण अभियान” 27 से

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में प्रदेश में टीबी मुक्त राजस्थान की दिशा में प्रतिबद्धता से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य स्तर पर 27 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक “निक्षय पोषण किट वितरण अभियान” आयोजित किया जाएगा। चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि टीबी रोगियों को जन सहयोग द्वारा पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। अभियान की तैयारियों के संदर्भ में आज निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. रवि प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य भवन, जयपुर से किया गया। इस अवसर पर समस्त संयुक्त निदेशक, सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी, टीबी कार्यक्रम स्टाफ एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने निर्देश दिए कि राज्य के समस्त क्षय रोगियों को निक्षय पोषण किट का वितरण सुनिश्चित किया जाए। निक्षय मित्र” पोर्टल पर अधिकाधिक नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण कर पोषण सहायता को बढ़ावा दिया जाए। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के सहयोग से वृहद प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षय रोगियों को इस अभियान का लाभ मिल सके। चिकित्सा विभाग के अधिकारी एवं कार्मिकों को स्वेच्छा से निक्षय मित्र बनने हेतु प्रोत्साहित किया जाए और जन सहयोग के माध्यम से इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। “हरियाळो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत निदेशक द्वारा सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी प्रदान किए गए।