Election News: युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ लोकतंत्र की परिकल्पना होगी साकार -मुख्य निर्वाचन

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी समय में प्रस्तावित फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न, SIR) और अन्य निर्वाचन संबंधी कार्यों की तैयारियों को लेकर गुरुवार को शासन सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान भरतपुर संभाग के संभागीय आयुक्त व सभी 5 जिला निर्वाचन अधिकारी सहित सिरोही जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी और अधीनस्थ निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) कार्यक्रम का उद्देश्य मतदाता सूचियों का शोधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही तरीके से प्रयोग कर सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से संबंधित आमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित करवाया जाए। श्री महाजन ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक हेल्प डेस्क स्थापित कर सुनिश्चित किया जाए कि इन हेल्प डेस्क पर नियुक्त व्यक्ति एसआईआर कार्यक्रम और उसके दिशा-निर्देशों से पूरी तरह से अवगत हों। श्री महाजन ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अभियान का मूल उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि रैंडम चेकिंग के लिए विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता बनने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्वाचन प्रणाली से संबंधित ऑनलाइन माध्यमों को युवाओं के मध्य अधिक लोकप्रिय बनाना है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ लोकतंत्र की परिकल्पना साकार होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की समय रहते नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी बीएलओ का पद रिक्त न रहे। श्री महाजन ने कहा कि नए बीएलओ को गहन प्रशिक्षण करावें औऱ उनके साथ अधिक संख्या में स्वयंसेवक लगाएं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित राजनीतिक दलों से समन्वय करते हुए बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति शीघ्र करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पोलिंग स्टेशनों के रेशनलाइजेशन का कार्य मतदाताओं की संख्या, दूरी, पहुंच, सहूलियत और मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि एसआईआर कार्यक्रम की जानकारी आम मतदाताओं तक सरल एवं प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए आईइसी गतिविधियों का व्यापक उपयोग किया जाए।

Animal Husbandry News: पशुपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा हुई संपन्न, अधिकारियों को अच्छे कार्य पर प्रशस्ति पत्र और लापरवाही पर मिलेगी चार्ज शीट

शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट घोषणाओं के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए क्रियान्विति की गति बढाते हुए विभाग के अधिकारी काम करें। उन्होंने राज्य बजट घोषणाओं में विभाग की प्रगति और उपलब्धियों की समीक्षा की। शासन सचिव गुरुवार को सचिवालय स्थित सम्मेलन कक्ष में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। राज्य स्तरीय समीक्षा में पशुपालन निदेशक और आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आनंद सेजरा, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. सुरेश मीना, डॉ. प्रवीण सेन, डॉ. विकास शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश बुनकर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संभाग के अतिरिक्त निदेशक, जिलों के संयुक्त निदेशक सहित वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी समीक्षा के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरीनरी यूनिट, कॉल सेंटर व चैटबॉट के संचालन और प्रभावी पर्यवेक्षण, लंपी स्किन डिजीज, अन्य टीकाकरण, दवाईयों की समय पर उपलब्धता, सेक्स सॉर्टेड सीमन और केपीआई सहित अन्य विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति दी और उन पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. शर्मा ने कहा कि अनेक योजनाओं में अच्छा कार्य हुआ है लेकिन मंगला पशु बीमा योजना, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम और अस्पतालों में आउटडोर व सर्जिकल प्रोसीजर्स की स्थिति अनेक जिलों में अत्यंत गंभीर है। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अच्छा कार्य किया है उन्हें प्रशस्ति पत्र जारी करने के निर्देश शासन सचिव ने दिए। उन्होंने विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले जिलों को चिन्हित कर उनके उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जिसके फलस्वरूप पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ आनंद सेजरा ने कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में 11 जिलों को, टीकाकरण के लिए 10 जिलों को, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के लिए 9 जिलों को व 4 जिलों को मोबाइल वेटरिनरी यूनिट के क्षेत्र में निम्न प्रदर्शन के लिए तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी कर दिए हैं। इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ. आनंद सेजरा ने सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों से मासिक प्रगति रिपोर्ट निर्धारित सॉफ्टवेयर मेें ही भिजवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अधिकाधिक पशुपालकों को लाभान्वित करने के प्रयास किए जाएं।

Alwar News: अलवर के गांव बिचगांवा में हुआ एक बड़ा हादसा

अलवर के गांव बिचगांवा में एक बड़ा हादसा हुआ जिसमें में दो कांवड़ियों सुरेश चंद्र प्रजापत (35) और गोपाल प्रजापत (22) की मौत हो गई और 32 कांवड़िए झुलस गए। इनमें से 6 को अलवर रेफर किया गया है। जहां सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। देखें इस वीडियो में।  

Farmers News: बिजली टावर के उपयोग में लि गई भूमि पर किसानों को 60 प्रतिशत मुआवजा देगी सरकार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में 400 केवी और उससे अधिक क्षमता की नवीन ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण पर पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) से प्रभावित भूमि हेतु किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की संशोधित नीति को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री के किसानों के प्रति संवेदनशील निर्णय से अब 400 केवी और उससे अधिक ट्रान्समिशन लाइन के निर्माण में अतिरिक्त मुआवजा दिया जायेगा। उन्होंने किसानों की बरसों पुरानी मांग को स्वीकार किया है जिससे भविष्य में किसानों को ट्रान्समिशन लाइनों के पथाधिकार और टावर क्षेत्र में उपयोग में आने वाली भूमि का समुचित मुआवजा मिल सकेगा। राजस्थान में 8 नवम्बर, 2024 को लागू 132 केवी या उससे ज्यादा क्षमता की नई ट्रान्समिशन लाइन के निर्माण पर पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) से प्रभावित भूमि के बदले मुआवजा नीति में 400 केवी एवं उससे अधिक वोल्टेज की ट्रान्समिशन लाइनों के लिए आंशिक संशोधन किया गया है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि संशोधित नीति से किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ प्राप्त होगा जिससे किसानों के खेत में 400 केवी और उससे अधिक ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण पर होने वाले नुकसान की समुचित भरपाई हो सकेगी। इससे प्रदेश में अधिक क्षमता की ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण कार्य तीव्र गति से संपादित हो सकेंगे, जिसका लाभ प्रदेश के आम उपभोक्ताओं को भी अच्छी गुणवत्ता की बिजली के रूप मे मिल सकेगा। पथाधिकार भूमि की एक पट्टी है, जहां ट्रान्समिशन लाइन का निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव किया जाता है। ट्रान्समिशन लाइन पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) का केंद्र है। पथाधिकार उन सभी पेड़ों, संरचनाओं और निर्माण को हटाता है जो बिजली लाइनों में बाधा डालते हैं। इस संशोधित नीति के अनुसार इन लाइनों के टावर के आधार क्षेत्र के लिए डीएलसी दरों के अनुसार भूमि मूल्य पर पहले से देय 200 प्रतिशत के अतिरिक्त अब 200 प्रतिशत मुआवजा और दिया जायेगा। टावर का आधार क्षेत्र, भूतल पर टावर के चारों पैरों से घिरा हुआ क्षेत्र होगा, साथ ही प्रत्येक तरफ एक मीटर का अतिरिक्त विस्तार भी होगा। इसके अतिरिक्त पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) कॉरिडोर के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि मूल्य का 30 प्रतिशत, नगर पालिका और अन्य सभी शहरी नियोजन क्षेत्रों के लिए भूमि मूल्य का 45 प्रतिशत और नगर निगमों और महानगरीय क्षेत्रों मेें भूमि मूल्य का 60 प्रतिशत मुआवजा राशि देय होगी। ये संशोधित पथाधिकार (आरओडब्ल्यू) मुआवजा नीति सभी कार्यान्वयन एजेन्सियों (पारेषण लाइसेंसधारी), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन और सभी निजी कम्पनियों पर लागू होगी, जो कि 400 केवी ट्रान्समिशन लाइन व उससे अधिक क्षमता की ट्रान्समिशन लाइनों के निर्माण में संलग्न है। यह नीति अन्तः राज्यीय और अन्तर राज्यीय दोनों तरह की पारेषण लाइनों पर लागू होगी।

Civil Construction News: सरकार ने बढ़ाई रॉयल्टी, सिविल निर्माण हुआ महंगा

माइनर मिनरल यानि कि अप्रधान खनिज जो कि किसी भी सिविल निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना निर्माण की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। प्रदेश में सरकार ने चार साल बाद रॉयल्टी की दरों में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। इससे अब सिविल निर्माण करना महंगा हो जायेगा। सरकार के नियम—कनूनों के अनुसार प्रत्येक 3 साल में रॉयल्टी बढ़ाने का प्रावधान है। पिछली बार यह दर सरकार ने 2021 में बढ़ाई थी। रॉयल्टी बढ़ाने के लिये खान विभाग ने सरकार को पहले से ही प्रस्ताव भेज रखा था। सरकार ने अब इसकी स्वीकृति जारी कर दी और विभाग द्वारा भी अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिन अप्रधान खनिजों की रॉयल्टी बढ़ी है उनके प्रमुख नामों में सैण्डस्टोन, लाइम स्टोन, लाइम स्टोनएण्ड लाइम, लाइम कंकर, मार्बल, ग्रेनाइट, मेसनरी स्टोन, बजरी, ब्रिक अर्थ, स्लेट स्टोन, ब्रिक्स अर्थ और अगाटे शामिल है।

C M NEWS: प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्याें का हो रहा तेजी से क्रियान्वयन —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्याें को तेजी से क्रियान्वित कर रही है। राज्य सरकार के दोनों बजट में 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है। जिससे आज प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए हम हर संभव कदम उठाएंगे जिससे विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के संकल्प को साकार किया जा सके। श्री शर्मा मंगलवार को अजमेर के केकड़ी में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में हो रही अच्छी बारिश प्रदेश में धन-धान्य, खुशहाली एवं समृद्धि आने का शुभ संकेत है। हमने पिछले वर्ष हरियाली तीज पर हरियालो राजस्थान की शुरूआत की और पिछले वर्ष हमने साढ़े सात करोड़ पौधे लगाए। अब इस वर्ष प्रदेश में 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस बार हरियाली तीज के दिन भी हम सघन वृक्षारोपण करने जा रहे हैं। 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश में 50 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस अभियान के तहत कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल को टारगेट करते हुए कहा कि हमने केवल डेढ़ साल में ही प्रदेश के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं जोकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे 5 साल से भी ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ साल में किसानों को 253 लाख मीटर से अधिक तारबंदी के लिए अनुदान दिया और 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 113 लाख मीटर तारंबदी के लिए अनुदान दिया व केवल 29 हजार पौंड बनवाए। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में 55 पशु चिकित्सालयों का प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नयन हुआ। वहीं, पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 48 का ही क्रमोन्नयन किया। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में बिजली उत्पादन क्षमता में 4 हजार 270 मेगावॉट की वृद्धि हुई जबकि पिछली सरकार के पूरे कार्यकाल में 3 हजार 948 मेगावॉट की ही वृद्धि हुई। इसके अतिरिक्त हमारे कार्यकाल में सार्वजनिक स्थानों पर 4 हजार 598 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए जबकि पिछली सरकार ने 5 साल में 2 हजार 813 सीसीटीवी कैमरे ही लगाए।

केकड़ी में 1 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात-

समारोह के दौरान केकड़ी विधानसभा क्षेत्र में 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने केकड़ी में लगभग 423 करोड़ रुपये से जल जीवन मिशन के तहत केकड़ी-सरवाड़ क्षेत्र के लिए जल आपूर्ति प्रणाली कार्य का शिलान्यास किया। केकड़ी विधानसभा के 157 गांवों को शुद्ध पेयजल के लिए 300 करोड़ रुपये की लागत से क्लस्टर पंपिंग सिस्टम, ओवरहेड टैंक और वितरण प्रणाली स्थापित करने के कार्यों का भी आज शिलान्यास किया गया। समारोह में 291 करोड़ रुपये की लागत से बीसलपुर बांध पैकेज-2 के अंतर्गत बीसलपुर बांध से केकड़ी तक वर्षा जल की ट्रांसमिशन मुख्य प्रणाली और इनटेक पर इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कार्य का भी शिलान्यास किया। बजट घोषणा 2025-26 के तहत 200 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों के निर्माण और विकास कार्यों का शुभारंभ भी किया गया। वहीं कार्यक्रम में 26 सड़कों का भी लोकार्पण भी किया। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए एक हजार करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण बजट घोषणाएं की हैं, जो इस क्षेत्र को विकास के नए शिखर पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सामुदायिक चिकित्सालय, भिनाय की बेड क्षमता बढ़ाना, सरवाड़ में महाविद्यालय, टांटोटी को नवीन नगरपालिका का दर्जा, प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, केकड़ी को बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत, बांदनवाड़ा में 132 केवी जीएसएस के निर्माण के लिए भूमि आवंटन, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी औषधालय को जिला आयुष चिकित्सालय में क्रमोन्नत करने सहित विभिन्न निर्णय किए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने यहां रक्तदान शिविर का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा भी लगाया। समारोह में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक शत्रुघ्न गौतम, वीरेन्द्र कानावत, राजेन्द्र गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

Rajasthan News: लंबे समय से अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का काम लंबित होना चिंतनीय —मंत्री खर्रा

अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और सीवेज के काम की प्लानिंग आमजन की ज़रूरतों, सुरक्षा और सुव्यवस्थित नगरीय विकास को ध्यान में रखकर की जाए। यह कहना है नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा का । सोमवार को डीएलबी मुख्यालय के सभागार में आयोजित हुई रुडसिको की 60 वी बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। मीटिंग में पिछली बोर्ड के कार्यों, RUIDP, RUDSICO, RAVIL द्वारा केन्द्र और राज्य पोषित योजना PMAY, AMRUT, की समीक्षा की गई व योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्वक कार्य करवाने के लिए निर्देश दिये गये । श्री खर्रा ने कहा की सीवेज का काम शुरू करने से पहले ही उसकी निर्माण अवधि , गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाई जाए ताकि किसी प्रकार की कोई जान माल की हानि ना हो। सीवेज के इनलेट और आउटलेट के निर्माण का विशेष ध्यान रखा जाए। सीवेज ड्रेनेज परियोजना की डी.पी.आर. निर्माण के समय विशेष ध्यान रखें और क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कमी न रहे। डी.पी.आर. की शुद्धता और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित तकनीकी अधिकारी उत्तरदायी होंगे। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को भी नोटिस जारी कर उन पर जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या ना आए। उन्होंने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया, श्री खर्रा ने कहा की लंबे समय से अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स का काम लंबित होना चिंतनीय है। उन्होंने निर्देश दिए की इन आवासों के निस्तारण की प्रभावी कार्य योजना तैयार कर जल्द से जल्द आम जन के आवास के सपने को साकार किया जाए। इस दौरान रूडसिको के दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का भी अनुमोदन किया गया। श्रीमती सुमन शर्मा और श्री सूर्य प्रकाश चौपड़ा को नियमानुसार रुडसिको का स्वतंत्र निदेशक बनाया गया है। समीक्षा के दौरान नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ देबाशीष पृष्टि ,स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन, पीएचईडी विभाग के मिशन निदेशक रवीन्द्र गोस्वामी, आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा, रुडसिको के कार्यकारी निदेशक हरि मोहन मीणा, डीएलबी निदेशक प्रतीक जुईकर, वित्तीय सलाहकार उम्मेद सिंह, मुख्य अभियंता अरुण व्यास, प्रदीप गर्ग सहित अन्य उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

Jaipur News: जयपुर के पॉण्ड्रीक पार्क में 27 और 28 जुलाई को होगा तीज मेले का भव्य आयोजन

प्रमुख शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति व पुरातत्व राजेश यादव की अध्यक्षता और पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़ व विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में तीज का उत्सव और अधिक भव्यता से मनाने और तीज माता की शोभायात्रा की व्यवस्थाओं की तैयारी के सम्बन्ध में सोमवार को जयपुर स्थित पर्यटन भवन में समीक्षा की गई। श्री यादव ने कहा कि 27 और 28 जुलाई को जयपुर में दो दिवसीय तीज उत्सव का आयोजन पहले से और अधिक भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा। जिसमें राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति और परम्पराएं अद्भुत व आकर्षक रूप से प्रदर्शित होंगी। तीज उत्सव में जयपुर के आम नागरिक और देशी विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे। प्रमुख शासन सचिव पर्यटन ने दो दिवसीय तीज उत्सव के सम्पूर्ण आयोजन की रूप रेखा पर चर्चा करते हुए बताया कि तीज माता के शौभायात्रा में इस बार राजस्थान की लोक कलाओं में उत्कृष्ठ रूप से पारंगत लगभग 200 लोक-कलाकार अपनी कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। उन्होने बताया कि इस बार पॉण्ड्रीक पार्क में तीज मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा मेले में महिलाओं के द्वारा तैयार सामान का क्राफ्ट मार्केट लगाया जाएगा। मेले में फूड स्टाल्स् के साथ महिलाओं के लिए झूले, मेहन्दी माण्डणे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि पॉण्ड्रीक पार्क में लोक कलाकारों द्वारा कला प्रदर्शन किया जाएगा। इसी प्रकार छोटी चौपड पर तीज माता की पूजा की जाएगी एवं कलाकारों द्वारा रोचक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

Cooperative Department News:सहकरिता विभाग में “अहो रूपम अहो ध्वनि”

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संस्कृत में एक वाक्यांश है “अहो रूपम अहो ध्वनि” जिसका अर्थ है “अहा, क्या रूप है! अहा, क्या ध्वनि है!” जहां दो व्यक्ति एक-दूसरे की झूठी प्रशंसा कर रहे होते हैं, खासतौर पर जब दोनों में से किसी के पास प्रशंसा करने लायक कुछ खास न हो। संस्कृत में एक उदाहरण है, “उष्ट्राणां विवाहेषु गीतं गायन्ति गर्दभाः। परस्परं प्रशंसन्ति अहो रूपं अहो ध्वनिः।” जिसका अर्थ है, गधे ऊंटों के विवाह में गीत गाते हैं और एक-दूसरे की प्रशंसा करते हैं, “अहो रूपं अहो ध्वनिः” कहकर। कुछ इसी तरह की घटना सहकारिता विभाग में देखने  को मिली। मौका था सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में ‘सहकार एवं रोजगार उत्सव’ के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों का धन्यवाद देने का। इस दौरान सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां श्रीमती मंजू राजपाल की जम कर प्रशंसा की और श्रीमती राजपाल ने भी मंत्री दक की पग रोप कर प्रशंसा के पुल बांधे। जबकि सफल आयोजन का श्रेय आमजन, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जाता है। आमजन बरसात के मौसम में भी श्री शाह को सुनने के लिये डटे रहे और श्री शाह भी सही समय पर सभा में पहुंचे। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी सहकारिता विभाग की समय—समय पर समिक्षा कर विभाग की कमी—बेसी को दूर किया था। विभाग की प्रमुख शासन सचिव ने तो मंत्री की शान में यहां तक गाल बजा दिये कि उन्होने कार्यक्रम के सफल आयोजन की जिम्मेदारी स्वयं अपने कंधों पर लेकर दिन-रात मेहनत की है और सफल आयोजन का श्रेय केवल और केवल मंत्री दक को दे दिया। इसलिए, “अहो रूपम अहो ध्वनि” का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा करने के लिए किया जाता है जो वास्तव में प्रशंसा के योग्य नहीं है।

Crime News: कॉलोनी में ताला-चाबी ठीक करने वालों से रहे सावधान

यदि आपकी कॉलोनी में ताला-चाबी ठीक करने वाले धूम रहे है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। क्योंकि ये लोग ताला-चाबी गैंग हो सकती है। हालहि में उदयपुर पुलिस ने देश में कुख्यात ताला-चाबी गैंग का पर्दाफाश किया है। आपको बतादें कि उदयपुर में गोवर्धनविलास थाना पुलिस ने ताला-चाबी गैंग का पर्दाफाश करते हुए 3 बदमाशों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार ये बदमाश बाइक से दिन में रैकी करते है और रात में चोरी को अंजाम देते थे। गैंग के लोग शहरों में चोरी करने के लिये कार से जाते है। कार खड़ी कर ये लोग कॉलानियों में ताला-चाबी ठीक करने के बहाने पैदल या फिर बाइक से घूमते है और सूने मकानों की रेकी करते हैं। फिर देर रात नकाबपोश होकर मौका मिलते ही मकान में चोरी करते है।