Saras: खाद्य पदार्थों में मिलावट करना पाप का काम —डेयरी एवं गोपालन मंत्री

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पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य की सहकारी डेयरियों में उत्पादित सरस दूध की गुणवत्ता ही इसकी पहचान है और इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। श्री कुमावत मंगलवार को आर एल डी बी सभागार में राज्य की सहकारी डेयरियों के निर्वाचित अध्यक्ष और एम डी के साथ पिछली बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा और नई बजट घोषणा की क्रियान्विति की तैयारी के संबंध में समीक्षा कर रहे थे। श्री कुमावत ने पिछली बजट घोषणा के लंबित कामों को प्राथमिकता से पूरा करते हुए नई बजट घोषणा के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में आम जन को मिलावट रहित दूध और दूध से बने उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और राज्य भर की सहकारी डेयरियों से जुड़े दुग्ध उत्पादकों का सामाजिक और आर्थिक उत्थान राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना पाप का काम है। जनता सरस डेयरी के दूध पर विश्वास करती है हमें उस विश्वास को कायम रखते हुए उस पर खरा उतरना है। श्री कुमावत ने कठोर शब्दों में कहा कि सरस के उत्पादों में किसी भी तरह की मिलावट के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा ओर मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरस ब्रांड को न केवल राजस्थान बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी लोकप्रिय बनाने के लिए सरकार और डेयरी संघ को मिलकर संयुक्त प्रयास करने चाहिए। जहां जहां डेयरी बूथ खोलने की मांग है वहां हमें सक्रिय होकर बूथ खोलने के प्रयास करने चाहिए। बूथ खोलना एक नियमित प्रक्रिया है। इसके लिए बजट घोषणा पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। श्री कुमावत ने कहा कि जिला दुग्ध संघों के निर्वाचित पदाधिकारीगण और डेयरी अधिकारियों में बेहतर समन्वय स्थापित किए जाने के प्रयास होने चाहिए ताकि इसका लाभ आम दुग्ध उत्पादकों को मिल सके। इस दौरान जिला दुग्ध संघों के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की अपील की जिससे योजनाओं को धरातल पर लाने उन्हें सुविधा और सहयोग मिल सके। वहीं समीक्षा के दौरान शासन सचिव पशुपालन डेयरी एवं गोपालन डॉ. समित शर्मा ने कहा कि राज्य में डेयरी की अपार संभावनाएं हैं और इन संभावनाओं को तलाशने में सहकारी डेयरियों के निर्वाचित अध्यक्ष गणों की महती भूमिका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव प्रयत्नशील रहेगी और मिलावट पर रोक लगाने के लिए जिला कलक्टर्स को भी पत्र लिखा जाएगा। आर सी डी एफ की एम डी श्रीमती श्रुति भारद्वाज ने डेयरी संघ को सक्रिय होकर मिलावट करने वालों के खिलाफ शिकायत करने की सलाह देते हुए कहा कि शिकयत सही पाए जाने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

C M NEWS: श्री गलताजी तीर्थ में दिव्यता और भव्यता की अनुभूति -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि फाल्गुन के महीने में हर व्यक्ति आनंद में उत्साहित रहता है और होली के रंगों में रंग जाता है। उन्होंने कहा कि श्री गलताजी तीर्थ में फागोत्सव का आयोजन विशिष्ट है और यह राज्य सरकार के धार्मिक महत्व के स्थानों के विकास और संरक्षण के प्रति दृढ़संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री सोमवार को श्री गलताजी तीर्थ में आयोजित ब्रज-अवध फागोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री गलताजी का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यहां दिव्यता व भव्यता की अनुभूति होती है। आमजन की आस्था है कि यहां स्थित कुण्डों में स्नान करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि यहां भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और हनुमानजी के मंदिर हैं, जो अवधपुरी और ब्रज के एक साथ होने की अनुभूति देते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सीताराम जी मंदिर और ज्ञान गोपाल जी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और गो सेवा भी की। उन्होंने फागोत्सव में भजनों-गीतों का श्रवण किया और दीप महाआरती में शामिल हुए।

IIFA: राजस्थान इतिहास भी है और धरोहर भी —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आईफा अवार्ड्स समारोह के सिल्वर जुबली आयोजन के साथ ही जयपुर न्यूयॉर्क, लंदन, दुबई, और अबुधाबी जैसे उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां आईफा का आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को दुनिया भर में एक नई पहचान देगा। श्री शर्मा रविवार को जयपुर में आयोजित आईफा अवार्ड्स समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान भारत के टूरिज्म मैप का एक प्रमुख केंद्र है। यहां इतिहास भी है और धरोहर भी है। ट्रैवल्स और टूरिज्म सेक्टर को जो चाहिए, वह सब राजस्थान में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती भारतीय और वैश्विक सिनेमा के लिए शूटिंग का हमेशा से पसंदीदा स्थान रही है। यहां की विविधता इस प्रदेश को फिल्म शूटिंग के लिए और भी आकर्षक बनाती है। मैं फिल्म जगत से जुडी सभी हस्तियों को राजस्थान में अधिक से अधिक शूटिंग करने के लिए आमंत्रित करता हूं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में राजस्थान ऐतिहासिक किलों, महलों के लिए प्रसिद्ध है। इनके हर पत्थर में शूरवीरों की गाथायें हैं। यहां चितौडगढ़ का दुर्ग, कुम्भलगढ़ दुर्ग, महाराणा प्रताप के उदयपुर का किला, आमेर किला, सवाईमाधोपुर का रणथम्भौर दुर्ग, भरतपुर का लोहागढ़ किला, बीकानेर का जूनागढ़ किला, जोधपुर का मेहरानगढ़ दुर्ग, जैसलमेर का सोनार किला दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि देश दुनिया के करोडों लोग राजस्थान में धार्मिक पर्यटन के लिए भी आते हैं। यहां के विभिन्न मन्दिर, देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को प्रकृति का भी बहुत बडा वरदान मिला हुआ है, जैसलमेर धोरों की धरती है, तो उदयपुर झीलों की नगरी है और माउण्ट आबू पहाडों की रानी है। हमारा जयपुर पिंकसिटी है, तो जोधपुर ब्लू सिटी है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियां सुनहरे इतिहास की साक्षी हैं और हमारे यहां के तीज-त्यौंहार हमारी लोक संस्कृति की पहचान है।

C M NEWS: राजस्थान को प्रमुख औद्योगिक केन्द्र बनाना हमारा लक्ष्य -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत हुए एमओयू को धरातल पर लागू करने की दिशा में प्रभावी रूप से कार्य किया जा रहा है, जिसके सुखद परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को एमओयू की क्रियान्विति के लिए परस्पर सामंजस्य और सतत् मॉनिटरिंग करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार राइजिंग राजस्थान समिट के तहत हुए एमओयू की क्रियान्विति सुनिश्चित कर रही है। जिन निवेशकों ने एमओयू किया हैं, उनमें से कई निवेशकों ने तो धरातल पर कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ऊर्जा और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा की उपलब्धता सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जिलों का नियमित दौरा भी करें। साथ ही, अधिकारी आमजन से जुड़ी सभी परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

Board Exams: बोर्ड परीक्षाओं में अब होगी री-चेकिंग की सुविधा —शिक्षा मंत्री

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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर नागौर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश में नए शिक्षा सत्र में कई बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की पदोन्नति के बाद रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा। मंत्री ने दावा किया कि इन फैसलों से बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और परीक्षा परिणामों में इसका असर देखने को मिलेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। श्री दिलावर ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब बोर्ड परीक्षाओं में कम नंबर आने पर उत्तर पुस्तिकाओं की री-टोटलिंग के साथ री-चेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रश्नपत्र अब तीन-चार खंडों में विभाजित कर विभिन्न विशेषज्ञों से तैयार कराए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से पेपर लीक और नकल माफिया पर प्रभावी अंकुश लगेगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने पिछली सरकार पर पांच साल के कार्यकाल के दौरान शिक्षकों की पदोन्नति नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि वर्तमान सरकार 50,000 शिक्षकों की पदोन्नति करेगी। इसके साथ ही, नई शिक्षक भर्ती के लिए भी आयोजन किया जाएगा। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों के लिखित परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आने चाहिए। अगर बच्चे 80 में से 40 नंबर नहीं लाते हैं तो वे पास हो जाएंगे, लेकिन शिक्षक को फेल कर दिया जाएगा।

IIFA: आइफा के सफल आयोजन के लिए राजस्थान की जनता की ओर से शुभकामनाएं -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे गौरवशाली राज्य की राजधानी जयपुर में इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी अवार्ड (आईफा) का सिल्वर जुबली का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आईफा केवल एक अवॉर्ड समारोह नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा और संस्कृति के वैश्विक विस्तार का प्रतीक है, जिससे राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय फिल्म और मनोरंजन उद्योग में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिष्ठित आईफा अवार्ड्स का आयोजन राजस्थान में पहली बार हो रहा है। श्री शर्मा शनिवार को नोवोटल कन्वेंशन सेंटर में आईफा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आईफा का आयोजन राजस्थान को एक वैश्विक फिल्म शूटिंग स्थल, डेस्टिनेशन वेडिंग और लाइव इवेंट्स के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगा। साथ ही, राजस्थान में कॉनसर्ट टूरिज्म के नए आयाम भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सदियों से अपनी भव्यता, शाही विरासत और राजसी आतिथ्य के लिए प्रसिद्ध रहा है। हर साल हजारों विवाह यहां के भव्य महलों, किलों, हवेलियों और होटलों में होते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटी भी राजस्थान को अपनी ड्रीम वेडिंग के लिए चुन रहे हैं। देश की 75 प्रतिशत हेरिटेज प्रॉपर्टी यहां है, जो इसे डेस्टिनेशन वेडिंग का सबसे आकर्षक स्थल बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में विवाह एवं ऐसे अन्य भव्य आयोजनों से होटल, पर्यटन, स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग को लाभ हुआ है। श्री शर्मा ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राजस्थान में 61 वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, विज्ञापन फिल्म, फीचर फिल्म, टीवी शो, टीवी सीरियल और म्यूजिकल वीडियो की शूटिंग हुई है। उन्होंने कहा कि जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, पाली, जैसलमेर और शेखावाटी जैसे क्षेत्र निर्माता-निर्देशकों की विशेष पसंद बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की अनुपम संभावनाएं फिल्म निर्माण के लिए इसे आदर्श गंतव्य बनाती हैं। यहां की सुनहरी रेत, विशाल किले, शांत झीलें, वन्य जीव अभयारण्य, अरावली के पहाड़, चम्बल का किनारा और जीवंत ग्रामीण जीवन फिल्मकारों के अपने सपनों को साकार करने के लिए एक कैनवास प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के बिना बॉलीवुड की कल्पना नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सड़क, रेल, और हवाई मार्ग से देश और दुनिया से बेहतरीन तरीके से जुड़ा हुआ है। जयपुर, जोधपुर, किशनगढ़, जैसलमेर, उदयपुर और बीकानेर जैसे शहर भी हवाई मार्ग से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री के राजस्थान पर विशेष स्नेह के कारण यहां से देश के हर कोने के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं। राजस्थान का समृद्ध सड़क तंत्र राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच सुनिश्चित करता है। श्री शर्मा ने कहा कि बॉलीवुड के कलाकार राजस्थान के ब्रांड एम्बेसडर हैं। वे जब राजस्थान की धरती पर आते हैं तब धरती धोरां री और पधारो म्हारे देश की संस्कृति को दुनियाभर में लेकर जाते हैं। यहां की सड़कें न केवल शहरों को जोड़ती हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक फिल्म निर्माण की राह आसान बनाती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण को सरल बनाने के लिए राजस्थान सरकार की सिंगल विंडो सुविधा एक वरदान है। यहां ऑनलाइन परमिशन सिस्टम के जरिए सभी क्लीयरेंस 15 दिनों के भीतर जारी हो जाते हैं। वन्य जीवन पर आधारित फिल्में और डॉक्यूमेंट्री बनाने वालों के लिए राजस्थान एक स्वर्ग है। जवाई और झालाना में लेपर्ड की मौजूदगी, रणथंभौर और सरिस्का जैसे प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व जैव-विविधता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने फिल्मजगत के अतिथियों से अनुरोध करते हुए कहा कि राजस्थान में फिल्म बनाना केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक अनुभव है जहाँ प्रकृति, इतिहास और संस्कृति आपके हर दृश्य को अमर कर देती है। राजस्थान की धरती आपको बुला रही है। उन्होंने आइफा के सफल आयोजन के लिए राजस्थान की 8 करोड़ जनता की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्थान की मेहमान नवाजी सभी को पसंद आती है।

C M NEWS: 2047 की गौरव यात्रा महिलाओं के योगदान के बिना पूर्ण नहीं हो सकती —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला दिवस (8 मार्च) के उपलक्ष्य पर प्रदेश की आधी आबादी की चुनिंदा महिला प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी अपेक्षाओं और उपलब्धियों पर सार्थक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित राजस्थान-2047 की गौरव यात्रा महिलाओं के योगदान के बिना पूर्ण नहीं हो सकती। उनकी उम्मीदों को खुला आसमां देने और हर अवसर में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ नीतियों और योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। इन योजनाओं से प्रदेश की माताओं और बेटियों के जीवन में समृद्धि का नया सवेरा हो रहा है। इस अवसर पर महिला प्रतिनिधियों ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में लागू की जा रहीं राज्य सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री का हृदयतल से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों, राजीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी और लखपति दीदी योजना की लाभार्थी महिलाओं, रेडियो जॉकी, टीवी एंकर, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर, महिला खिलाड़ियों, साहित्य, शैक्षणिक, कला जगत, स्वयं सेवी संस्थाओं, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत तथा राजनीतिक क्षेत्र में अपनी साख एवं धाक से प्रदेश को गौरवान्वित कर रही महिलाओं से मुख्यमंत्री निवास पर संवाद किया। सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों और हमारी सनातन संस्कृति में महिलाओं को पहले स्थान पर रखा गया है। किसी भी गांव, पंचायत, जिला, प्रदेश या देश को आगे बढ़ाने में आधी आबादी यानी महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि अंतिम पंक्ति में खड़ी हमारी बहनों का भला करना ही हमारी सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं सामाजिक क्षेत्र में काम कर रही हैं, उनकी बात सुनकर माताओं-बहनों में विश्वास पैदा होता है और उनका उत्साह बढ़ता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं ज्ञान-विज्ञान के हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर अपना स्थान बनाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ध्येय बेहतर योजनाएं लाकर गांव-शहर और प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाना है, इसमें महिलाओं को बड़ी भूमिका निभानी है। उनके अंदर काम के प्रति समर्पण और संवेदना होती है इसलिए आप उन्हें कहीं किसी भी काम में लगा दीजिए, वे उसका परिणाम देकर ही छोड़ती हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री स्तर पर महिलाओं के हक में महिलाओं से बात कर उनकी राय जानने की पहल की गई है।

Urban development: गृह निर्माण सहकारी समितियों पर लगेगा अंकुश -नगरीय विकास मंत्री

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नया सहकारिता अधिनियम बनाया जाना प्रक्रियाधीन है। इस अधिनियम में गृह निर्माण सहकारी समितियों पर अंकुश के लिए विशेष प्रावधान किये जाएंगे ताकि निजी कॉलोनाइजरों द्वारा की जाने वाली अनियमितताओं को रोका जा सके। श्री खर्रा ने कहा कि निजी क्षेत्र में विकसित की जाने वाली कॉलोनियां स्थानीय निकाय से अनुमोदन के बिना ही विकसित कर दी जाती हैं। इनमें आवश्यक सुविधाएं भी नहीं होती, जिसका नुकसान आमजन को उठाना पड़ता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नवीन सहकारिता अधिनियम में गृह निर्माण सहकारी समितियों द्वारा विकसित की जाने वाली कॉलोनियों में समस्त आवश्यक सुविधाएं विकसित किया जाना अनिवार्य होगा और नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर कार्यवाही के प्रावधान होंगे। मंत्री शुक्रवार को प्रश्नकाल में इस संबंध में सदस्य द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि गृह निर्माण सहकारी समितियों का पंजियन सहकारिता अधिनियम के अंतर्गत किया जाता है। वर्तमान में पंजिकृत गृह निर्माण सहकारी समितियों की अनियमितता पर कार्रवाई करने का विशेष प्रावधान नियमों में नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि 1990 से 1998 की अवधि के मध्य विकसित की गई निजी कॉलिनियों की सम्पूर्ण जानकारी जेडीए और समस्त नगर निकायों को उपलब्ध कराई गई थी। साथ ही, इस जानकारी की एक बुकलेट छपवाकर आमजन को भी आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध करवाई जाती थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद ऐसी कार्यवाही दुबारा नहीं की गई। विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने इस संबंध में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों की समस्या केवल बगरू की नहीं पूरे राज्य की है। इनके लिए नियम और दिशा-निर्देश तय किये जाने चाहिये। साथ ही, आम जन को भी जागरुक किया जाना चाहिये। इसके बाद श्री खर्रा ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा विकास प्राधिकरणों, नगरीय निकायों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं आदि के क्षेत्राधिकार में विकसित होने वाली कॉलोनियों में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो इसके लिए नए दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे, ताकि जिम्मेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, कॉलोनाइजर द्वारा सुविधाएं विकसित करना भी आवश्यक किया जाएगा। विधायक कैलाश चन्द वर्मा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में बगरू विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान और प्राप्त शिकायतों पर नवीन अवैध एवं गैर-अनुमोदित कॉलोनिया संचालित होना पाये जाने पर जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है। उन्होंने गत एक वर्ष में ध्वस्त की गई कॉलोनियों की सूची सदन के पटल पर रखी। श्री खर्रा ने बताया कि भू-माफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनियां विकसित किये जाने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्यवाही कर राजस्थान काश्तकारी अधिनियम की धारा 177 के तहत कार्यवाही की जाती है। जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा गैर-अनुमोदित कॉलोनियों पर कार्यवाही के उपरान्त पुनः कार्य किया जाना संज्ञान में आने पर पुनः ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि भू-माफियाओं द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित होने से रोकने के लिए निरन्तर निगरानी रखी जा रही है।

Iinternship: राज्य में इंटर्नशिप के लिए युवा करें 12 मार्च तक करें आवेदन

देश के 1 करोड़ युवाओं को देश की टॉप 500 कम्पनीज में अगले 5 वर्ष में इन्टर्न के रुप में उनके कौशल विकास हेतु 12 महिने का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 मार्च 2025 है। राजस्थान में इंटर्नशिप के लिए कुल 4 हजार 839 पद रखे गये हैं। कौशल, नियोजन और उद्यमिता विभाग के प्रशिक्षण निदेशक एस.के. खण्डेलवाल ने बताया कि इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट राउंड-।। के संदर्भ में शुक्रवार को शासन सचिव, कौशल नियोजन और उद्यमिता विभाग की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेन्स का आयोजन किया गया जिसमें राज्य में संचालित सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को 08 मार्च (शनिवार) और 09 मार्च (रविवार) को खुला रखते हुए मुख्य सचिव के निर्देशानुसार स्कीम के तहत प्रत्येक अवसर के विरूद्ध 10 गुना और उससे अधिक आवेदन कराने हेतु निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की बजट घोषणा 2024 के दौरान केन्द्रीय वित्तमंत्री द्वारा “Prime Minister’s Package for Employement and Skilling” की घोषणा की गई। इसी पैकेज के अंतर्गत केन्द्रीय प्रायोजित योजना “Internship in top companies” की घोषणा की गई जिसके चयनित युवाओं को 12 महीने की इंटर्नशिप अवधि में 5000 रूपए प्रतिमाह स्टाईपेंड एवं 6,000 रूपए अनुदान राशि के रूप मे एकमुश्त प्रदान की जाएगी। योग्य युवा वर्ग आयु 21 से 24 वर्ष, 10वीं पास, 12वीं पास, आईटीआई प्रमाण पत्र धारक, डिप्लोमा धारक और स्नातक, जो पूर्णकालीन शिक्षा अथवा पूर्णकालीन रोजगार में नहीं है, वे आवेदन कर सकते हैं। योजना हेतु अन्य महत्वपूर्ण जानकारी एवं आवेदन हेतु PMIS portal (https://pminternshipscheme.com) पर लोग-इन करें।

Transportation: परिवहन सेवा से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगी लोक परिवहन की बसों -परिवहन मंत्री

परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राजस्थान सरकार के बजट 2024-25 में की गई घोषणा के तहत प्रदेश में परिवहन सेवा से वंचित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को लोक परिवहन सेवा की बसों से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। परिवहन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में लोक परिवहन सेवा के तहत बसों का संचालन किए जाने हेतु वित्त विभाग, राजस्थान सरकार से सै‍द्धान्तिक सहमति प्राप्त होने के उपरान्त निगम द्वारा 31 जनवरी 2025 को निविदा जारी की जाकर अग्रिम कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विधायक ताराचंद जैन के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री ने प्रदेश में वर्ष 2019 से 2024 तक राजस्थान राज्य् पथ परिवहन निगम द्वारा शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित की गई बसों का संख्यात्मक विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र उदयपुर शहर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम बसों का मार्गवार संख्यात्मक विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र उदयपुर शहर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोक परिवहन सेवा मार्गों पर 20, नगरीय श्रेणी मार्गों पर 255, उप नगरीय मार्गों पर 292 व अन्य श्रेणी मार्गों पर 170 कुल 737 निजी बसों का संचालन किया जा रहा है। निगम के सीमित संसाधनों के कारण निगम द्वारा वर्तमान में संचालित बसों के अतिरिक्ति बसों का संचालन करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।