Politics: पत्रकार वार्ता में बाले गहलोत, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पुन: उद्घाटन दुर्भाग्यपूर्ण

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पुन: उद्घाटन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों को कहा कि स्पीकर लोकसभा वो बहुत बड़ा गरिमामय पद है और उनको शायद जानकारी दी गई कि नहीं दी गई कि इसका उद्घाटन हो चुका है। तत्कालीन स्पीकर डॉ. सीपी जोशी, तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और शांति धारीवाल यूडीएच मंत्री सब मौजूद थे प्रोग्राम के अंदर, फोटो छप गए अखबारों के अंदर, तो सबको मालूम है कि ये उद्घाटन हो चुका है और ऐसी परंपरा क्यों डाल रहे हैं लोग कि वापस उसका उद्घाटन करवाओ, शुभारंभ के नाम पर बुलाते हैं। उन्होने कहा कि इसी प्रकार आपको याद होगा कि पांच छह साल पहले वसुंधरा जी ने बुलाया था प्रधानमंत्री मोदी जी को, रिफाइनरी का प्रोजेक्ट जो 37 हजार करोड़ का था प्रोजेक्ट जब मैंने उसका शिलान्यास करवाया था, डॉ. वीरप्पा मोइली आए थे, सोनिया गांधी जी आईं थीं, और वो टाइम बाउंड प्रोग्राम पूरा हो जाता, पांच साल तक उसको बंद रखा गया कि श्रेय कांग्रेस को नहीं मिले, सिर्फ इसलिए कि श्रेय नहीं मिले, ये प्रोजेक्ट आज वाला जो ये कंस्टीट्यूशन क्लब का है, इसको बंद इसलिए रखा गया कि श्रेय कांग्रेस को नहीं मिले। गांधी वाटिका को भी एक साल इसलिए बंद रखा गया कांग्रेस को श्रेय नहीं मिले। श्री गहलोत ने कहा कि ये इनकी सोच बहुत ही निम्न स्तर की है और इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि जो स्थिति बनी है वो जो रिफाइनरी का प्रोजेक्ट पांच साल बंद रखा गया फिर शुभारंभ के नाम पर बुलाया गया प्रधानमंत्री मोदी जी को, आज तक पूरा नहीं हुआ है बल्कि 37 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट लगभग अब एक लाख करोड़ का प्रोजेक्ट बनने जा रहा है, अभी तक पूरा नहीं हुआ है ,कहते हैं 80% के आसपास काम पूरा हुआ है। तो कोई डिले हो गया प्रोजेक्ट तो उसका कॉस्ट बढ़ेगी, एस्केलेशन होगा, पब्लिक इंटरेस्ट वो कभी नहीं होता है। हमनें कोई प्रोजेक्ट को जो बीजेपी राज में शुरू हुए हैं इंक्लूडिंग ERCP जो वसुंधरा जी ने शुरू करी थी हमनें कोई प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया है। उन्होने कहा कि हमारी सोच में और उनकी सोच में इतना रात दिन का फर्क है। बहुत अनफॉर्चुनेट है कि यहां ये सरकार और यहां के स्पीकर साहब पता नहीं क्या सोच कर के इसका वापस शुभारंभ करने के नाम पर एक साल तक बंद रखा गया, जो उद्देश्य से बनाया गया है कंस्टीट्यूशन क्लब, हिंदुस्तान में सबसे शानदार कंस्टीट्यूशन क्लब राजस्थान में बना है,और राज्यों में तो होगा भी नहीं, खाली दिल्ली के अंदर लोकसभा, पार्लियामेंट के साथ अटैच्ड एक कंस्टीट्यूशन क्लब। एक नया हमनें आयाम स्थापित किया, यहां के इंटेलेक्चुअल ,यहां के पत्रकार, यहां के साहित्यकार, यहां के रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स, यहां के रिटायर्ड ज्यूडिशियरी के लोग, यहां के रिटायर्ड पॉलिटिशियंस, एमएलए, एमपी, एक्स एमपी, एक्स एमएलए सब बैठ के चर्चा कर सकें, इस प्रकार की सुविधाएं मिलें लोगों को, प्लेटफॉर्म मिले, ये सोच के जो इतना बड़ा काम हाथ में लिया और शानदार बिल्डिंग खड़ी हो गई, अब क्या एक साल से बंद पड़ी हुई है ये अनफॉर्चुनेट है ये मेरा मानना है। श्री गहलोत ने कहा अभी भी समय है ओम बिड़ला जी को खुद ऐसे प्रोग्राम में भाग नहीं लेना चाहिए। इस तरीके से आप खुद ही शुभारंभ कर दे क्या दिक्कत है उसके अंदर। जिस प्रकार की गोविंद डोटासरा जी बोले भी हैं ये इस प्रकार से जिस सोच के साथ में ये फैसले कर रहे हैं वो दुर्भाग्यपूर्ण है मेरा मानना है कि ये स्थिति अच्छी नहीं है।

IFA: भारत में दूसरी बार हो रहे आईफा आयोजन में शामिल होगें मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मंगलवार को आईफा अवार्ड्स आयोजन समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात कर आईफा अवार्ड्स समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। समिति सदस्यों ने 8 और 9 मार्च को जयपुर में आयोजित होने वाले समारोह सहित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री से उनकी गरिमामयी उपस्थिति के लिए अनुरोध किया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय शिखर अग्रवाल, शासन सचिव पर्यटन रवि जैन, आईफा अवार्ड्स आयोजन समिति के सदस्य सब्बास जोसेफ, विराफ सरकारी और आन्द्रे टिमिन्स सहित कई सदस्य मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी अवार्ड्स (आईफा) अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त एक महत्वपूर्ण फिल्म पुरस्कार समारोह है जो कि मुख्य रूप से विदेश में ही आयोजित होता रहा है। मुम्बई के बाद भारत में दूसरी बार इसका आयोजन राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने जा रहा है।

C M NEWS: विकास के साथ विरासत का संरक्षण हमारा ध्येय -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हमारी प्राचीन विरासत का महत्वपूर्ण अंग है। राज्य सरकार इस गौरवशाली विरासत के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हमारे आस्था स्थलों का संरक्षण कर हम पर्यटन क्षेत्र को भी विकसित कर सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास के साथ विरासत का संरक्षण हमारा ध्येय है और इस पर कार्य करते हुए हम आस्था धामों के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को राजस्थान की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत से रूबरू कराया जाना आवश्यक है। इसके लिए स्कूली विद्यार्थियों को प्रसिद्ध स्मारकों एवं ऐतिहासिक स्थलों की नियमित यात्राएं करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प पत्र में ब्रज चौरासी सर्किट को भक्ति पर्यटन के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की गई थी। इस हेतु ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग सहित पूंछरी का लोठा डीग के विकास कार्यों को भी गति दी जाए। उन्होंने श्री गोकुल जाट पेनोरमा, राजा खेमकरण पेनोरमा, देव बाबा पेनोरमा, गोविन्द स्वामी पेनोरमा के निर्माण के लिए सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने अधिकारियों को जैसलमेर स्थित तनोट माता मन्दिर में विकास कार्य करवाने तथा वहां आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गिरदुवाला, ग्राम कुलधरा और लोंगेवाला की जैसलमेर और तनोट से कनेक्टिविटी बेहतर करने के साथ ही यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर के पास स्थित सांभर लेक क्षेत्र भी गुजरात के रण क्षेत्र की तरह महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन सकता है। यहां होने वाले सांभर फेस्टिवल में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी हिस्सा लेते हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं विकसित कर इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार किया जाए। वहीं श्री शर्मा ने कहा कि पिछले दिनों प्रयागराज में हुई मंत्रिपरिषद् की सभा में राज्य के बाहर स्थित मन्दिरों के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया था। उन्होंने देवस्थान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मंदिरों का सर्वे करवाते हुए इनकी वास्तविक संख्या पता कर इन्हें सूचीबद्ध किया जाए।

Rajasthan News: पशुपालकों को 75 प्रतिशत अनुदानित दर पर मिलेगा सीमन —पशुपालन मंत्री

पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में किसानों और पशुपालकों के विकास के लिए हर संभव प्रयास में लगी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान किसानों और पशुपालकों का प्रदेश है। प्रदेश की जीडीपी में इस वर्ग का अहम योगदान है। सरकार पशुधन में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार सेक्स सोर्टेड सीमन तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक से बछड़ी पैदा होने की संभावना 85 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है। श्री कुमावत मंगलवार को बस्सी में गौ सार्ट, सेक्स सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन पशुपालन विभाग, नेशनल डेयरी विकास बोर्ड और राज्य बीमा विकास प्रावधायी निधि के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। एनडीडीबी के अध्यक्ष मिनेश शाह ने सेक्स सोर्टेड सीमन का जार मंत्री श्री कुमावत को भेंट किया। इस अवसर पर मंगला पशु बीमा के अंतर्गत गाय और भैंसों की लाटरी भी निकाली गई। श्री कुमावत ने इस अवसर पर कहा कि सेक्स सोर्टेड तकनीक किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। अभी यह तकनीक पशुपालकों के लिए महंगी है इसीलिए सरकार इस तकनीक को पशुपालकों की पहुंच में लाने के लिए 75 प्रतिशत अनुदानित दर पर सेक्स सोर्टेड सीमन पशुपालकों को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पशुपालन के क्षेत्र में एक वरदान साबित होगी क्योंकि इस तकनीक से मादा पशुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी और नर पशुओं की संख्या में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आज मशीनी युग में खेतों में बैलों का इस्तेमाल न्यूनतम होने लगा है। बैल आज आवगमन के साधन के रूप में भी काम नहीं आते। ऐसे में ये अनुपयोगी हो गए हैं और सड़कों पर बेसहारा घूमते रहते हैं। इस सेक्स सोर्टेड तकनीक से नर पशु कम पैदा होंगे और उन पर होनेवाला खर्च घटेगा। श्री कुमावत ने कहा कि ज्यादा संख्या में मादा पशुओं के पैदा होने पर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी। मादा पशु को बेचकर भी पशुपालक मुनाफा कमा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाले सीमन का उपयोग करने से उच्च गुणवत्ता वाली गाय पैदा होगी जो दूध भी अधिक देगी। इस तकनीक के कारण नस्ल सुधार में भी तेजी आएगी। श्री कुमावत ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने इस बजट में मंगला पशु बीमा योजना में पशुओं की संख्या दोगुनी करके 42 लाख कर दी है जिससे बड़ी संख्या में पशुपालक लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही बस्सी में पॉली क्लिनिक के लिए भवन का निर्माण भी हो जाएगा।

Assembly: भाजपा का राज मतलब, माफियाओ का राज —टीकाराम जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में सत्ता पक्ष पर दादागिरी का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि केवल टोका टाकी की जा रही है सरकार के मंत्री जनहित के मुद्दों पर जवाब ही नहीं दे पा रहे हैं। श्री जूली ने कहा कि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं दे पाते इसलिए फ्रस्ट्रेशन में इधर उधर की बात कर रहे हैं। कहा कि सदन में मंत्री गोलमोल जवाब देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाये कि प्रश्न काल में सड़क के नवीकरण का प्रश्न पूछा था मंत्री सही जवाब नहीं दे सके। वन विभाग और पीडब्ल्यूडी मंत्री दोनों मौजूद थे लेकिन अनुमति पर सहमति नहीं दी। मंत्री जवाब देने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसान से व्यवस्था की मांग की गई लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हुई। श्री जूली ने कहा कि राजस्थान के बूंदी में अवैध खनन रोकने गए वन कर्मियों पर कुल्हाड़ी व रॉड से हमला निंदनीय कृत्य और राज्य सरकार के फेलियर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अवैध खनन की लूट के लिए कोर्ट, कानून और नियमों की धज्जियां उड़ रही है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट कह रहा है पुलिस और खान विभाग की शह पर अवैध खनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने जांच CBI को सौंपी तो अब CBI कह रही है, राजस्थान पुलिस सहयोग नहीं कर रही, गृह मंत्री भी इस प्रकरण में मौन धारण किए हुए है। उन्होंने कहा कि माफियाओं को इस लूट-खसोट में सरकार का पूरा संरक्षण मिल रहा है, अधिकारी पिट रहे है, माफियाओं का जंगलराज चल रहा है। प्रदेश में जंगलों, नदियों और संसाधनों की खुली लूट हो रही है, लेकिन प्रदेश के मुखिया भजनलाल मूकदर्शक बने बैठे हैं।

Season: प्रदेश में आज से 2-4 डिग्री तक गिर सकता है तापमान

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प्रदेश में आज से फिर सर्दी बढ़ने की संभावना है। उत्तरी क्षेत्र से चल रही ठंडी हवा से राजस्थान सहित कई राज्यों में इसका असर रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के बीकानेर और जयपुर संभाग में रात के तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने के आसार है। वहीं 7-8 मार्च से राज्य में फिर से तापमान बढ़ने लगेगा और दिन में गर्मी तेज होने लगेगी। वहीं जयपुर मौसम केन्द्र ने राज्य में 7-8 मार्च तक मौसम साफ रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव होने की संभावना जताई है। इस दौरान 5-6 मार्च को न्यूनतम तापमान में गिरावट होने, जबकि दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है। शेखावाटी के एरिया में कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जा सकता है। वहीं, बाड़मेर, जालोर के एरिया में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने नन्हें जूडो कराते खिलाड़ियों से मुलाकात की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार को भरतपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री से जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सर्किट हाउस में आत्मीय मुलाकात की। संगठनों के प्रतिनिधियों और आमजन ने राज्य बजट वर्ष 2025-26 में भरतपुर एवं डीग जिले को दी गई सौगातों के लिए श्री शर्मा का आभार भी जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री से नन्हें जूडो कराते खिलाड़ियों ने मुलाकात कर प्रतियोगिता में जीते अपने मेडल्स दिखाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनसुनवाई भी की और संबंधित अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

C M NEWS: प्रदेश में ओलावृष्टि पर मुख्यमंत्री ने गिरदावरी करवाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को भरतपुर के जिला कलक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिला कलक्टरों से ओलावृष्टि पर वार्ता की। उन्होंने जिला कलक्टर्स से विगत दिनों कुछ जिलों में हुई ओलावृष्टि और इससे हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। श्री शर्मा ने राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में फसल खराबे का आकलन करने के लिए शीघ्र गिरदावरी करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने सीकर, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं, और खैरथल-तिजारा के जिला कलक्टर को निर्देशित किया कि गिरदावरी करवाकर रिपोर्ट शीघ्र भेजें। उन्होंने 7डी रिपोर्ट को भी 5 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे प्रभावित किसानों को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के फंड से तुरंत मुआवजा दिया जा सके।

Medical: मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश अब नीट यूजी से

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राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्ववविद्यालय द्वारा विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर लिया जाएगा। साथ ही, फार्मेसी पाठ्यक्रम (बी.फार्म.और डी.फार्म.) व पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दिया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कार्यशाला में विश्ववविद्यालय की विद्यापरिषद् की कार्यशाला में इस संबंध में लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया। कार्यशाला में बताया गया कि स्नातक पाठ्यक्रम यथा-बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी., टैक्सनिक्स और फिजियोथेरेपी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी-2025 के प्राप्तांको के आधार पर दिया जाएगा। फार्मेसी प्रवेश पाठ्यक्रम (बी.फार्म. व डी.फार्म.) और पोस्ट बेसिक बी.एससी.नर्सिंग में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय स्तर से प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। विद्यापरिषद के समस्त सदस्यों ने अपनी सहमति प्रदान करते हुये पैरामेडिकल संकाय के बी. ऑफ्थ. टैक्सनिक्स पाठ्यक्रम के प्रवेश के संबध में सुझाव दिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा फार्मेसी संकाय के बी.फार्म. और डी.फार्म. पाठ्यक्रमों हेतु आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से ही उक्त पैरामेडिकल पाठ्यक्रम बी.ऑफ्थ. टैक्सनिक्स में प्रवेश दिये जाएं। इस सुझाव के संबंध में विश्वविद्यालय स्तर से आवश्यक कार्यवाही की जाने का निर्णय लिया गया। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा संचालित नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं फिजियोथेरेपी संकाय के स्नातक पाठ्यक्रम यथा- बी.एससी. नर्सिंग, बी.एससी. एमल.टी, बी.आर.टी. और फिजियोथेरेपी संकाय के बीपीटी पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश नीट-यूजी के प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट कम च्वाइस के आधार पर देने से विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन की बोझिल प्रक्रिया से बचा जा सकेगा और विद्यार्थियों पर वित्तीय भार भी कम होगा। विश्वविद्यालय द्वारा केवल फार्मेसी संकाय के डी.फार्म. एवं बी.फार्म. और नर्सिंग संकाय के पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग व पैरामेडिकल संकाय के बी. ऑफ्थैलेमिक टेकनिक्स पाठ्यक्रमों हेतु पूर्व की भांति विश्वविद्यालय स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करायी जाएंगी।

Finance corporation: राजस्थान वित्त निगम का औद्योगिक शिविर 4 मार्च को, मौके पर ही होगी ऋण स्वीकृति

राजस्थान वित्त निगम द्वारा प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार की तरफ़ अग्रसर करने और उनके उद्यमिता विकास के उद्देश्य से आगामी 4 मार्च को निगम के सी-स्कीम स्थित शाखा कार्यालय पर औद्योगिक शिविर का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान वित्त निगम के उपप्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस शिविर में निगम के अधिकारियों द्वारा औद्योगिक शिविर में भाग लेने वाले औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरल और सुगम शर्तो और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाने और युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 45 वर्ष से कम आयु के सीनियर सैकेंडरी, स्नातक, डिप्लोमाधारी, तकनीकी स्नातक युवाओं को उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा छह प्रतिशत की ब्याज में छूट की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत युवा उद्यमियों से आवेदन शुल्क व प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कैम्प में ऋण आवेदन पत्रावलियाँ तैयार करवाकर मौके पर ही ऋण स्वीकृति जारी की जाएगी।