Accident News: नेशनल हाईवे 148 पर भीषण सड़क हादसा, दूल्हा-दुल्हन समेत पांच की मौत

0
जयपुर के जमवारामगढ़ क्षेत्र में आज तड़के भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच की मौत होना बताया है। यह घटना दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे 148 पर हुआ बताया जा रहा है। प्राप्त जाकारी के अनुसार रायसर थाना क्षेत्र में हुआ, हादसे में एक सवारी गाड़ी और कैंटर की आमने सामने टक्कर हो गई। संचार माध्यमों के अनुसार सवारी गाड़ी में करीब 14 से 15 लोग सवार थे, जो मध्यप्रदेश से विवाह समारोह के बाद लौट रहे थे। गाड़ी में नवविवाहित जोड़ा और उनके परिजन सवार थे सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में दूल्हा—दुल्हन समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए बताये जा रहे है। हादसे की सूचना पर स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची गई और घायलों को निम्स अस्पताल जयपुर भिजवाया गया। वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कैंटर की तेज रफ्तार और लापरवाही से यह हादसा हुआ। वहींं कैंटर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

C M NEWS: प्रकृति के संरक्षण से ही हम संरक्षित -मुख्यमंत्री

0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के माध्यम से प्रदेश के गांव मजबूत होंगे जिससे विकसित राजस्थान का संकल्प पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आमजन अपने साधन और संकल्प के साथ इस अभियान से जुड़ रहे हैं और प्रदेश की धरा को जल स्रोतों से परिपूर्ण एवं हरी-भरी बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। श्री शर्मा सोमवार को ब्यावर के जवाजा में ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर राज्य सरकार ने 5 जून को वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान की शुरुआत की है। 20 जून तक संचालित होने वाले इस अभियान में जल स्त्रोतों, नदियों, जलधाराओं और तालाबों पर जल पूजन, कलश यात्रा, जन जागरूकता, स्वच्छता अभियान जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को जल और पर्यावरण संरक्षण की परंपराओं और संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल प्रबंधन ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, जलाशयों का पुनरुद्धार, बांध, एनीकट, नहरों की मरम्मत, वर्षा-जल संचयन संरचनाओं और पर्यावरण संवर्धन से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ रुपये की लागत से देवाता फीडर की लाइनिंग और कवरिंग का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल ही जीवन है और जल का कोई विकल्प नहीं है। हम सदियों से पानी को सहजते और पूजते आ रहे हैं। हमारी संस्कृति में पेड़, नदी, पहाड़ों को पूजा जाता है क्योंकि प्रकृति हमारा संरक्षण करती है। हमारे पूर्वजों ने भी सैकड़ों साल पहले पानी के महत्व को समझा और तालाब, झील, बावड़ी, टांका, खड़ीन, झालरा जैसे जल संग्रहण के ढांचों का निर्माण किया। श्री शर्मा ने आह्वान किया कि आमजन जल संरचनाओं में पानी का संरक्षण करें और व्यर्थ में पानी न बहाए।

Gurjar Mahapanchayat: पीलूपुरा में घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध

घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध, कुछ इसी तरह की घटना घटी है पीलूपुरा में गुर्जर युवाओं के साथ। गुर्जर समाज की महापंचायत के दौरान रीट भर्ती 2018 के शेष 372 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चर्चा नहीं होने से युवा संयोजक विजय बैंसला से नाराज हो गये और आक्रोशित हो कर मथुरा-सवाईमाधोपुर पैंसेजर ट्रेन को रोक दिया। ऐसे में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक दो घंटे तक बाधित रहा। देखने में आया कि इस दौरान राजस्थान सरकार और प्रदेश के सांसद व विधायक बे असर रहे। इस कारण दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक दो घंटे तक बाधित रहा। लेकिन युवाओं को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश के मेरठ विधानसभा विधायक अरुण प्रधान की समझाइश कामयाब रही। श्री प्रधान की लम्बी समझाइश के बाद युवाओं ने ट्रैक खाली किया। अब चर्चा जोरों पर है कि जिन मांगों पर राजस्थान सरकार से सहमति बनी है उन पर उत्तर प्रदेश मेरठ विधायक प्रधान का कितना असर रहेगा या फिर युवा ठगा जायेगा। —आपको बतादें कि एमबीसी आरक्षण 5 प्रतिशत एमबीसी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में जोड़ने के लिए राजस्थान सरकार कैबिनेट प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजेगा। ना कि उत्तर प्रदेश सरकार -मुकदमों का निस्तारण 2023 में बनी सहमति के तहत आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। इसके लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। ये उपरोक्त कार्य राजस्थान सरकार करेगी ना कि उत्तर प्रदेश सरकार। -भर्तियों में विसंगतियां लंबित भर्तियों में रोस्टर प्रणाली से जुड़ी समस्याओं पर मंत्रीगणों की समिति 60 दिन में समाधान देगी। मंत्रीगण राजस्थान के होगें या उत्तर प्रदेश सरकार के। -अनुकंपा नियुक्तिशहीद रूप नारायण गुर्जर के एक परिजन को सरकारी सेवा में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इस पर शीघ्र कार्रवाई होगी। नियुक्ति कौन करेगा? राजस्थान या प्रदेश सरकार। -योजनाओं की निगरानी देवनारायण योजना सहित सभी संबंधित योजनाओं की मासिक समीक्षा की जाएगी, इसमें संघर्ष समिति के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा। मासिक समीक्षा कौन करेगा राजस्थान सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार। ऐसे में गुर्जर युवाओं ने, घर का जोगी जोगणा आनगांव का सिद्ध, प्रचलित कहावत चरितार्थ की है।  

Rajasthan News: सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी पहुंचेगा राजस्थान

प्रदेश में वैज्ञानिकों को ने लुप्त हुई पौराणिक सरस्वती नदी को खोज निकाला है। यह खोज राजस्थान के लिये वरदान साबित होगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि राजस्थान मेंं अब सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी नदियों का पानी सरस्वती के पुराने बहाव क्षेत्र के जरिए दूर तक के क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा। यह करिश्मा बिट्स मेसरा और रांची के वैज्ञानिकों ने करके दिखाया है। बिट्स के रिमोट सेंसिंग विभागाध्यक्ष डॉ. वीएस राठौड़ ने बताया कि हमारी टीम ने राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही, पाली, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, अजमेर, टोंक, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, गंगानगर और हनुमानगढ़ को अध्ययन क्षेत्र बनाया। यह क्षेत्र 3.70 लाख वर्ग किमी का है। डॉ. राठौड़ ने बताया कि इस कार्य के लिये हमने उपग्रहों से 614 तस्वीरें और डाटा से विश्लेषण किया है। उन्होने बताया कि सरस्वती का क्षेत्र बड़ी मात्रा में रेत से ढका है और उसे पहचानने के लिए तीन उपग्रहों से मिली उच्च स्तरीय तस्वीरों और सिंथेटिक अपर्चर रेडार सार के डाटा की मदद ली। ये रेडार जमीन में कई मीटर भीतर तक विश्लेषण करसकती है। अन्होने बताया कि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे के उपग्रहों द्वारा मार्ग का विश्लेषण किया गया। इनमें सरस्वती और सहायक धाराओं के बहाव साफ नजर आया है। बिट्स के रिमोट सेंसिंग टीम के अनुसार राजस्थान में सोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि पहली मुख्यधारा अनूपगढ़ के निकट घग्घर नदी से उत्पन्न हुइ और बेरियावाली, बहला, तनोट और जैसलमेर होते हुए अरब सागर में गिरती थी। वहीं दूसरी मुख्यधारा जैसलमेर जिले में देखी गई जो बहला और सत्तो के पास से होती हुई पहली धारा से मिलती थी। यहां से कई सहायक धाराएं भी बनती नजर आईं ये धाराएं जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर से मोहनगढ़ तक सरस्वती नदी का पानी पहुंचाती थी। आपको बतादें कि मोहनगढ़ में पिछले साल एक खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी फूट पड़ा था। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि कुछ धाराएं बीकानेर, हनुमानगढ, चूरू व झुंझुनू होते हुए सूरतगढ़ के पास सरस्वती नदी में मिलती थी।

Gurjar Mahapanchayat: गुर्जर महापंचायत खत्म, दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक जाम

प्रदेश में गुर्जरों ने फिर से आरक्षण की मांग दौहराई है। इसको लेकर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रेक जाम कर दिया है। संचार माध्यमों के अनुसार बयाना के पीलूपुरा में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की महापंचायत हुई। महापंचायत के संयोजक विजय बैंसला ने सरकार का संदेश पढ़कर सुनाया और महापंचायत समाप्ति की घोषणा कर निकल गए। लेकिन इसी दौरान कुछ युवाओं ने आरोप लगाते हुये कहा कि कुछ लोग समाज के अधिकारों का फैसला लेने वाले कौन होते हैं। हमें इनका निर्णय को स्वीकार नहीं है। ये कह कर दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। वहीं इससे पहले समाज ने सरकार को रविवार दोपहर तक का समय दिया था। इस मामले में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा है कि सरकार समाज के साथ बातचीत के लिए तैयार है। फिर महापंचायत की क्या जरूरत है? उन्होने कहा कि मुझे संदेह है कि इसमें राजनीति हो गई है। ऐसे में कुछ लोग सरकार के खिलाफ बोलने पर आमादा हैं।

Scams News: डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में 1.50 लाख में बिकी नौकरियां

सांसद राजकुमार रोत ने डूंगरपुर जिले के मेडिकल कॉलेज में अस्थाई नर्सिंग कर्मियों की भर्ती में घोटाले का आरोप लगाया है। वहीं तत्काल अनियमितता की जाँच करने को माँग की है। श्री रोत ने राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह व प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर को पत्र लिखकर इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। अपने पत्र में सांसद रोत ने कहा कि “लीड गार्ड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड” नामक प्लेसमेंट एजेंसी ने कुछ राजनीतिक लोगों के साथ मिल के प्रत्येकअभ्यार्थी से 1 से 1.5 लाख रुपये की घूस लेकर अवैध रूप से अस्थाई नर्सिंग स्टाफ अभ्यर्थियों की नियुक्ति की है। सांसद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि इस भर्ती के लिए न तो कोई सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी की गई, ना ही खुला आवेदन माँगे और न ही मेरिट सूची प्रकाशित की गई। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि पूर्व से कार्यरत 83 नर्सिंग कर्मियों को बिना किसी पूर्व सूचना के सेवाओं से मुक्त कर दिया गया और उनके स्थान पर नए व अनुभवहीन अभ्यर्थियों की अवैध नियुक्ति कर दी गई। यह न केवल प्रशासनिक अनियमितता है, बल्कि डूंगरपुर जिले के सैकड़ों योग्य और अनुभवी नर्सिंग अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ एक बड़ा धोखा है। सांसद राजकुमार रोत ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए दोषी प्लेसमेंट एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वे इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे, ताकि आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार का भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

C M NEWS: वरिष्ठजन हमारे लिए अमूल्य धरोहर है —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को फीता काटकर वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2025-26 का शुभारंभ किया। वहीं योजना के तहत प्रथम वातानुकूलित ‘राजस्थान वाहिनी भारत गौरव पर्यटक ट्रेन‘ को दुर्गापुरा रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात कर उनकी सुगम और सफल यात्रा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे लिए एक अमूल्य धरोहर और समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इनके अनुभव और आदर्श हमें जीवन में सही राह पर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना जीवन भर समाज और राष्ट्र की सेवा करने वाले वरिष्ठ जनों की सेवा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भाव है। इस यात्रा के दौरान सभी तीर्थ यात्रियों को राज्य सरकार द्वारा भोजन, ठहरने की सुविधा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएंगी।

Exam NEWS: परीक्षा में रहे अनुपस्थित तो वन टाइम रजिस्ट्रेशन होगा ब्लॉक

राज्य सरकार ने आवेदकों के समय और धन को बचाने के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है। इस सुविधा के बाद ऐसा देखा जा रहा था कि भर्ती परीक्षाओं में बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों द्वारा भी आवेदन किया जा रहा है, जो उस भर्ती से सम्बन्धित पद की न्यून्तम शैक्षणिक योग्यता/अनुभव धारित नहीं करते है और वे परीक्षा में उपस्थित भी नहीं होते हैं। इससे परीक्षा हेतु बड़ी संख्या में अनावश्यक आवेदन प्राप्त होने एवं अभ्यर्थियों के परीक्षा में अनुपस्थित रहने के कारण भर्ती ऐजेन्सी को परीक्षा आयोजन में अव्यवस्था का सामना करने के साथ ही परीक्षा की व्यवस्थार्थ होने वाला व्यय भी निष्फल होता है। इस समस्या के निराकरण हेतु 19 अप्रेल 2023 को जारी परिपत्र की निरंतरता यह निर्देश प्राप्त हुए है कि यदि कोई अभ्यर्थी राजस्थान लोक सेवा आयोग अथवा राज्य सरकार की अन्य नर्ती संस्थाओं द्वारा एक वितीय वर्ष (दिनांक 01 अप्रैल से 31 मार्च) में आयोजित 02 भर्ती परीक्षाओं में उपस्थित नहीं होता है तो ऐसे अभ्यर्थी के ऑनलाईन आवेदन करने की सुविधा को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा राशि 750/- का भुगतान करने के पश्चात् ही वन टाइम रजिस्ट्रेशन सुविधा को पुनः चालू किया जायेगा। उसी वित्तीय वर्ष में अभ्यर्थी 2 और परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है तो ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा को पुनः ब्लॉक कर दिया जायेगा। इसे पुनः चालू कराने के लिए अभ्यर्थी को राशि रु 1500/- का भुगतान करना होगा। यदि कोई आवेदक किन्हीं कारणों से किसी परीक्षा में उपस्थित होने का इच्छुक नहीं है तो उसे अनुपस्थित होने पर उक्त देय राशि से तब ही मुक्त किया जायेगा, जब वह परीक्षा आयोजित होने से एक माह पूर्व भर्ती एजेंसी को निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सूचित करेगा। राज्य सरकार द्वारा आयोजित समस्त भर्ती परीक्षाओं में वन टाइम रजिस्ट्रेशन के तहत 19 अप्रेल 2023 के परिपत्र अनुसार एकबारीय पंजीयन हेतु निर्धारित शुल्क लिया जाता है। इसके बाद आयोग/बोर्ड व अन्य भर्ती संस्थाओं द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में आवेदन करने पर अभ्यर्थियों से बार-बार शुल्क नहीं लिया जाता है। राजस्थान लोक सेवा व अन्य भर्ती संस्थाओं की भर्तियों में आवेदन कर परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों का वन टाइम रजिस्ट्रेशन ब्लॉक कर दिया जाएगा। इस आशय का परिपत्र राज्य सरकार के कार्मिक (क-2) विभाग द्वारा 9 मई 2025 को जारी किया गया था।

RPSC NEWS: बिना योग्यता किया आवेदन तो हो सकते है परीक्षाओं से डिबार

राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बिना वांछित योग्यता व अनुभव के आवेदन करने पर आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं से डिबार किया जा सकता है। आयोग द्वारा डिबार किए गए अभ्यर्थियों की सूचना अन्य सरकारी भर्ती एजेंसियों के साथ भी साझा की जाती है। इस कारण ऐसे अभ्यर्थी उन परीक्षाओं से भी वंचित हो सकते हैं, जिसके लिए वे वास्तव में पात्र हैं। हालांकि अभ्यर्थियों के हितार्थ आयोग द्वारा आवेदन विड्रा करने का अवसर अभ्यर्थियों को वर्तमान में दिया जा रहा है। इस पर भी अनेक अपात्र आवेदकों द्वारा लापरवाही बरतते हुए आवेदन विड्रा नहीं किए जा रहे हैं। निर्धारित अवधि में आवेदन विड्रा न करने पर अपात्र आवेदकों के विरुद्ध डिबार के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के अन्तर्गत भी कार्यवाही की जाएगी।

C M NEWS: ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ गंगा दशमी 5 जून से —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा राजस्थान जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में जल संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारी सरकार भूजल स्तर बढ़ाने और जल संचयन पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकार 5 से 20 जून तक प्रदेशभर में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान चलाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय संरचनाओं का निर्माण, जल स्रोतों की साफ-सफाई, परंपरागत जलाशयों का पुनरूद्धार, पर्यावरण व जल संरक्षण गतिविधियां आयोजित होंगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही यह अभियान जन आंदोलन का रूप ले सकेगा। श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि इस बार विश्व पर्यावरण दिवस व गंगा दशहरा एक ही दिन 5 जून को है। हम इस दिन हमारे अभियान की शुरूआत करेंगे। पर्यावरण संरक्षण को हमारी परम्परा और संस्कृति से जोड़ते हुए वंदे गंगा कलश यात्रा व जलाशयों पर पूजन कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में हर विभाग की भागीदारी सुनिश्चित हो और आपसी समन्वय के साथ सभी गतिविधियों को सुचारू रूप से सम्पन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यों व गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन अपडेट ली जाए। श्री शर्मा ने कहा कि अभियान के पहले दिन प्रदेश के गांवों में जल संरक्षण के कम से कम एक कार्य की शुरूआत की जाए। ग्राम स्तर पर जल मित्र बनाकर अधिक से अधिक लोगों की इसमें सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं में भी इस अभियान को विशेष महत्व देते हुए जल संरक्षण से संबंधित कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि इस अभियान के तहत नए जल संग्रहण एवं जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इन कार्यों के साथ ही बारिश में व्यर्थ बहकर जाने वाले पानी को रोकने के लिए बांध, ऐनिकट तथा नहरों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाए, जिससे मानसून में बारिश के पानी का संग्रहण तथा भूजल स्तर में वृद्धि हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि जल संग्रहण संरचनाओं और जलाशयों की साफ-सफाई के कार्यों में स्वयं सेवी संस्थाओं, राजकीय कर्मचारियों सहित अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर श्रमदान कराया जाए। जिला स्तर पर हर दिन अलग-अलग विभागों द्वारा संयुक्त श्रमदान कराया जाए। साथ ही, सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण के संबंध में संकल्प कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं। अभियान में सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं का सम्मान भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून को कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत हुए कार्यों का लोकार्पण होगा और नए कार्यों की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान के लिए भामाशाहों व सीएसआर फंडिंग के माध्यम से आर्थिक सहयोग लिया जाए। श्री शर्मा ने अभियान का सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से पर्याप्त प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक जन भागीदारी के लिए जन प्रतिनिधियों, धर्म गुरुओं, राजीविका से जुड़ी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जल संरक्षण की अपील करवाकर लोगों को जागरूक किया जाए। वीडियो फिल्म, गीत, नुक्कड नाटक जैसे माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाए। आम लोगों को नर्सरियों में पौधों की उपलब्धता की जानकारी देकर अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण कराया जाए।