C M NEWS: ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ गंगा दशमी 5 जून से —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा राजस्थान जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में जल संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारी सरकार भूजल स्तर बढ़ाने और जल संचयन पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकार 5 से 20 जून तक प्रदेशभर में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान चलाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संचय संरचनाओं का निर्माण, जल स्रोतों की साफ-सफाई, परंपरागत जलाशयों का पुनरूद्धार, पर्यावरण व जल संरक्षण गतिविधियां आयोजित होंगी। इसमें प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही यह अभियान जन आंदोलन का रूप ले सकेगा। श्री शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि इस बार विश्व पर्यावरण दिवस व गंगा दशहरा एक ही दिन 5 जून को है। हम इस दिन हमारे अभियान की शुरूआत करेंगे। पर्यावरण संरक्षण को हमारी परम्परा और संस्कृति से जोड़ते हुए वंदे गंगा कलश यात्रा व जलाशयों पर पूजन कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान में हर विभाग की भागीदारी सुनिश्चित हो और आपसी समन्वय के साथ सभी गतिविधियों को सुचारू रूप से सम्पन्न किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यों व गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन अपडेट ली जाए। श्री शर्मा ने कहा कि अभियान के पहले दिन प्रदेश के गांवों में जल संरक्षण के कम से कम एक कार्य की शुरूआत की जाए। ग्राम स्तर पर जल मित्र बनाकर अधिक से अधिक लोगों की इसमें सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं में भी इस अभियान को विशेष महत्व देते हुए जल संरक्षण से संबंधित कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाए। श्री शर्मा ने कहा कि इस अभियान के तहत नए जल संग्रहण एवं जल संरक्षण संरचनाओं के कार्यों का शुभारंभ किया जाएगा। इन कार्यों के साथ ही बारिश में व्यर्थ बहकर जाने वाले पानी को रोकने के लिए बांध, ऐनिकट तथा नहरों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाए, जिससे मानसून में बारिश के पानी का संग्रहण तथा भूजल स्तर में वृद्धि हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि जल संग्रहण संरचनाओं और जलाशयों की साफ-सफाई के कार्यों में स्वयं सेवी संस्थाओं, राजकीय कर्मचारियों सहित अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर श्रमदान कराया जाए। जिला स्तर पर हर दिन अलग-अलग विभागों द्वारा संयुक्त श्रमदान कराया जाए। साथ ही, सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण के संबंध में संकल्प कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं। अभियान में सराहनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं का सम्मान भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 जून को कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत हुए कार्यों का लोकार्पण होगा और नए कार्यों की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान के लिए भामाशाहों व सीएसआर फंडिंग के माध्यम से आर्थिक सहयोग लिया जाए। श्री शर्मा ने अभियान का सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से पर्याप्त प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक जन भागीदारी के लिए जन प्रतिनिधियों, धर्म गुरुओं, राजीविका से जुड़ी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जल संरक्षण की अपील करवाकर लोगों को जागरूक किया जाए। वीडियो फिल्म, गीत, नुक्कड नाटक जैसे माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाए। आम लोगों को नर्सरियों में पौधों की उपलब्धता की जानकारी देकर अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण कराया जाए।

MAKRANA NEWS : प्रेस क्लब मकराना

मकराना प्राइवेट स्कूल्स सोसायटी के पदाधिकारियों ने मकराना प्रेस क्लब पदाधिकारियों का स्वागत किया
मकराना। शहर के मंगलाना रोड़ पर स्थित मकराना प्रेस क्लब पर रविवार को मकराना प्राइवेट स्कूल्स सोसायटी के पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब पहुंचकर नव गठित प्रेस क्लब पदाधिकारियों और सदस्य का स्वागत किया। इस दौरान मकराना प्राइवेट स्कूल्स सोसायटी के संरक्षक दिलीप सिंह चौहान, अब्दुल रहमान रान्दड़, कोषाध्यक्ष मोहम्मद सईद सिसोदिया, सह सचिव मोहम्मद सलाम, संगठन मंत्री अब्दुल मुनाफ ने प्रेस क्लब अध्यक्ष बिक्रम सिंह शेखावत, कोषाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, सह सचिव मोहम्मद शहजाद का माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान दिलीप सिंह चौहान ने क्लब पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक  पत्रकारिता के लिए प्रेस क्लब की स्थापना की गई जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकारों को इसका लाभ मिलेगा। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया का विशेष योगदान देश को दिया जा रहा है। इस दौरान अब्दुल रहमान रान्दड़ ने कहा कि मकराना में प्रेस क्लब की स्थापना से पत्रकारों के आपसी संवाद, संपर्क और उनके हितों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

C M NEWS: रोडवेज बसों में होगा भोजन और सरस उत्पाद का नवाचार —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार परिवहन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान रोडवेज की बसों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, जिससे कार वाले भी बसों में यात्रा के लिए प्रेरित हों। श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग और राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने रोडवेज चालक, परिचालक सहित सभी कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण सेमिनार आयोजित कराने के निर्देश दिए। इसमें रोडवेज बस सुविधाओं के आधुनिकीकरण, सुव्यवस्थित परिवहन में सबकी भागीदारी, स्वच्छता और नियमों की पालना जैसे विषयों की विस्तृत जानकारी दी जाए। उन्होंने रोडवेज बस स्टैंड और विश्राम स्थलों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें एक ही रंग में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पथ परिवहन निगम भविष्य को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार करे। सुरक्षित सफर के साथ बसों में भोजन और सरस उत्पाद उपलब्ध कराने का नवाचार किया जाए। उन्होंने प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के लिए समर्पित रूट बनाकर बसों का समयबद्ध संचालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों में कैमरे और जीपीएस स्थापित करें। लोक परिवहन बसों का भी कलर निर्धारण किया जाए। नए बसों के पंजीकरण से पहले उनकी बॉडी की गुणवत्ता जांच भी अनिवार्य की जाए। श्री शर्मा ने पद दुरूपयोग करने वाले कार्मिकों, ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहन चालकों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई और निगरानी के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि ट्रांसपोर्ट व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग एंड इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के कमांड एंड कंट्रोल रूम की शीघ्र शुरूआत की जाएगी। साथ ही, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के राजधरा एप से बसों के रूट्स का डिजिटाइजेशन भी जल्द करेंगे। उन्होने कहा कि नवीन परमिट जारी करने से पहले रूट निर्धारण करें, जिनमें अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, राजकीय कार्यालयों का विशेष ध्यान रखा जाए। नई बसों की खरीद व संचालन समयबद्ध सुनिश्चित कराएं। राजस्थान व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी शीघ्र लागू की जाए और ऑटोमैटिक टैस्टिंग स्टेशन भी आरंभ किए जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि सुव्यवस्थित परिवहन सेवाओं के लिए देश के अन्य राज्यों का अध्ययन कराएं। विशेषज्ञों से भी सुझाव आमंत्रित किए जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी को परिवहन नियमों की पालना करनी चाहिए, तभी सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक बनाने में इलेक्ट्रिक वाहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

RPSC NEWS: अभ्यर्थियों को भ्रमित करने वाले ई-मित्र संचालकों के लाइसेंस होगें निरस्त

अभ्यर्थियों को भ्रमित कर अनावश्यक फार्म भरवाने वाले ई-मित्र संचालकों के विरूद्ध आरपीएससी कार्रवाई करेगा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को उसका लाइसेंस निरस्त करने हेतु लिखा जाएगा। ई-मित्र संचालकों को आगाह किया जाता है कि वे किसी भी अभ्यर्थी को भ्रमित कर अनावश्यक फॉर्म भरने के लिए नहीं उकसाये। साथ ही अभ्यर्थियों को आगाह किया जाता है कि जिस पद के लिए योग्यता रखते हैं, उसी पद हेतु आवेदन करें। आयोग सचिव ने बताया कि कई ई-मित्र संचालक अनेक भर्ती विज्ञापनों के तहत ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र भी भरवा देते हैं, जिनकी अभ्यर्थी योग्यता तक नहीं रखते हैं। अधिकांश अभ्यर्थियों को यह तक ज्ञात नहीं होता है कि वह उक्त पद के लिए योग्यता रखता है अथवा नहीं। अनेक ई-मित्र संचालक अन्यर्थियों को भ्रमित कर अन्य फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करते हैं। ई-मित्र संचालक अभ्यर्थियों को आगे बढ़कर कहते हैं कि अमुक पद का विज्ञापन भी आयोग द्वारा जारी किया गया है, अतः वह फार्म भी भर देता हूं। इससे पद की योग्यता नहीं रखने वाले अभ्यर्थी द्वारा भी आवेदन कर दिये जाने से आवेदकों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है और ऐसे अभ्यर्थी बाद में परीक्षा में सम्मिलित भी नहीं होते हैं। दूसरी और आयोग को प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर ही परीक्षा सबंधी समस्त व्यवस्थाएं करनी होती है, जिससे अनवाश्यक ही श्रम और समय नष्ट होता है।

MAKRANA NEWS : हिंदी पत्रकारिता दिवस

मकराना :30 मई 2025 :शुक्रवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर मकराना प्रेस क्लब में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का विषय था “हिंदी पत्रकारिता और ग्रामीण पत्रकारों का योगदान”, जिसमें वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की ऐतिहासिक भूमिका और ग्रामीण संवाददाताओं के महत्व को रेखांकित किया। मुख्य वक्ता देवी सिंह बीका ने कहा, “ग्रामीण पत्रकारों की कलम गांव की सच्चाई को उजागर करती है। उनकी रिपोर्ट ही कई बार व्यवस्था को जगाने का काम करती है।” अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार बिक्रम सिंह शेखावत ने की। संगोष्ठी के दौरान क्षेत्र के दैनिक आसपास के पत्रकार मो. सलीम एवं दैनिक जनजागरण विक्रम सिंह चौहान को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सीमित संसाधनों में भी निष्पक्ष और साहसी रिपोर्टिंग कर समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यकारिणी सदस्य रणजीत सिंह राजपुरोहित ने किया और धन्यवाद ज्ञापन किया।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने 16 अधिकारियों के विरुद्ध जारी की अभियोजन स्वीकृति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और कदाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही और अभियोजन स्वीकृति के 16 विचाराधीन प्रकरणों का निस्तारण किया है। श्री शर्मा ने भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 के अंतर्गत 5 प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति प्रदान की और धारा 17-ए के एक प्रकरण में विस्तृत जांच व अनुसंधान की अनुमति प्रदान की है। इसी तरह कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के प्रकरण में दोषी अधिकारी को सेवा से हटाया गया है। वहीं, पद के दुरूपयोग के साथ राज्य सरकार को वित्तीय हानि पहुंचाने की जांच के एक प्रकरण में आरोपित अधिकारी को राजकीय सेवा से बर्खास्त किया गया है। वहीं सेवानिवृत्त अधिकारियों के पुराने प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 9 अधिकारियों की पेंशन रोके जाने की कार्यवाही की गई है और 5 सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन भी किया गया है। इसके अतिरिक्त, सेवारत 3 अधिकारियों के विरूद्ध सीसीए नियम 16 के तहत 2 वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने का निर्णय किया गया है और एक प्रकरण में प्रस्तुत अपील को खारिज करते हुए 17 सीसीए में प्रदत्त दंड को यथावत रखा गया है।

Makrana News: मकराना में प्रेस क्लब की हुई स्थापना

संगमरमर के लिये प्रसिद्ध मकराना में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर प्रेस क्लब की स्थापना की गई। क्लब अध्यक्ष बिक्रम सिंह शेखावत ने बताया कि क्लब की स्थापना से स्थानीय पत्रकारों में पारिवारीक प्रेम बढ़ेगा वहीं दिनभर की भागदौड़ में सकून भी। मकराना वैसे भी प्रदेश का विकासशील शहरों में से एक है और हमारा क्लब शहर के विकास में अपनी अहम भूमिका निभायेगा। इस दौरान कई प्रत्रकारों ने अपने विचार रखे। उन्होने कहा सत्य की राह पर अडिग रहकर पत्रकारिता को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाना होगा। स्थापना समारोह में नगर के गणमान्य नागरिकों सहित कई पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं भाग लिया।

गौशालाओं में सुधार पर गोपालन मंत्री की समीक्षा

प्रदेश की गौशालाओं में सुधार को लेकर सोमवार को पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में सचिवालय में गोपालन विभाग की समीक्षा हुई। इस दौरान गौशालाओं को समय पर अनुदान देने, गौशाला की भूमि पर हुए अतिक्रमण हटवाने, गौ तस्करी कानून को और अधिक सख्त बनाने, मृत गौमाता के शव को समाधि देने के लिए अतिरिक्त भूमि का आवंटन करने की गौ सेवा समितियों के प्रतिनिधियों की मांग पर विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऑर्गेनिक खाद का विपणन सहकारी समितियों के माध्यम से करवाने, गौ-अर्क की बिक्री आयुर्वेद विभाग के माध्यम से करवाने के लिए उचित व्यवस्था कराने, गौशालाओं की शाखा खोलने के लिए नियमों में शिथिलता प्रदान करने, बछड़ों का नियमानुसार बधियाकरण कराने, प्रदेश में गाय के कृत्रिम गर्भाधान के लिए उसी नस्ल का सीमन इस्तेमाल करने के सुझावों पर भी चर्चा हुई। गोपालन मंत्री ने सभी विषयों पर गहन विचार विमर्श के बाद गौशाला प्रतिनिधियों को उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। श्री कुमावत ने बताया कि गौशालाओं में व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी के लिए जिला व राज्य स्तरीय कमेटियों में दो-दो सदस्य शामिल करने के प्रस्ताव पर राज्य स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को समय पर अनुदान की राशि मिले, इसके लिए वार्षिक कैलेंडर बनाया जाएगा, गौशालाओं की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटवाने के लिए सभी जिला कलेक्टर्स को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। समीक्षा के दौरान गोपालन विभाग के निदेशक प्रहलाद राय नागा, राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद राम शास्त्री व पूर्व अध्यक्ष गोविंद गिरी जी महाराज, श्रीपति धाम गौशाला, सिरोही के संचालक गोविंद वल्लभ महाराज, रघुनाथ सिंह राजपुरोहित सहित गोपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

Charagah News: प्रदेश के चरागाह होगें वन भूमि में दर्ज

सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य में पारंपरिक रूप से संरक्षित “ओरण” भूमि को वन भूमि का दर्जा देने संबंधी ऐतिहासिक निर्णय के अनुपालन में शुक्रवार को राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जितेन्द्र राय गोयल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीति की चर्चा हुई। चर्चा के दौरान श्री गोयल ने बताया कि यह निर्णय न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि पारंपरिक ग्रामीण आस्थाओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया राज्य की पांरम्परिक ओरण संस्कृति व पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है और ओरण स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण के लिए भी जरुरी है। इस दौरान वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अर्पणा अरोड़ा ने कहा कि ओरण जमीनों का सेटेलाइट रीमोट सेंसिंग तकनीक के द्वारा सर्वे कर डिमार्केशन किया जाएगा। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित “ओरण” भूमि की पहचान कर उसे राजस्व अभिलेखों में वन भूमि के रूप में दर्ज करने की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में स्थानीय ग्रामीण समुदायों, पंचायती राज संस्थाओं और राजस्व विभाग का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक कार्य योजना तैयार कर समयबद्ध रूप से इस निर्णय को लागू किया जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि “ओरण” भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध गतिविधि न हो। चर्चा के दौरान राजस्व विभाग के प्रमुख शासन सचिव दिनेश कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराग भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

RGHS NEWS: घर पर ओपीडी करने के लिये चिकित्सकों को करवाना होगा आरजीएचएस पर पंजीयन

आरजीएचएस में चिकित्सकों द्वारा घर ओपीडी पर राजकीय कार्मिकों, पेंशनरों और उनके परिजनों को चिकित्सीय परामर्श देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिये एक नवाचार किया गया है। इसके तहत अनुमोदित निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों को आरजीएचएस पोर्टल पर अपना वन टाइम रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और इसके बाद घर पर ओपीडी में देखे जाने वाले आरजीएचएस योजना के लाभार्थियों की ओपीडी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। एसएसओ आईडी से यह पंजीयन होगा और पूरी प्रक्रिया मात्र दो मिनट में पूरी की जा सकती है। बिना किसी ज्यादा औपचारिकता के आरजीएचएस लाभार्थियों को अन्य मरीजों के साथ ओपीडी लाभ देकर उनका पर्चा सिस्टम पर अपलोड करना होगा ताकि आरजीएचएस के तहत पोस्ट ऑडिट प्रक्रिया में सूचना उपलब्ध रहे। यह 24 घण्टे में कभी भी किया जा सकता है। योजना में अनुमोदित सभी निजी अस्पतालयों के प्रबंधन/चिकित्सकों को शुक्रवार को इस पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो दिया गया और आगामी 25 से 30 मई के मध्य पंजीयन करवाने के लिये निर्देशित किया गया। यह नया नवाचार इस फीडबैक के आधार पर किया जाना आवश्यक हो गया था कि फार्मेसी के माध्यम से ओपीडी की सत्यता का आंकलन करने का कोई तरीका नहीं होने से फर्जी तरीके से काफी ज्यादा दवाईयाँ या उनके बदले सामान प्राप्त किये जाने की घटनाएँ नोट की गईं थीं, जिन पर गत दिनों में काफी कार्रवाई भी की गई थी। लाइव डेमों में सभी निजी अनुमोदित अस्पतालों को एडमिशन और डिस्चार्ज के समय मरीजों के फोटो सही प्रकार से अपलोड करने के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गई।