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C M NEWS: जैन दर्शन विश्व के लिए प्रकाश स्तंभ —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित ‘जीटो टाउन रिप्रजेन्टेटिव नेशनल कॉन्क्लेव’ व ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस 2.0’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जैन दर्शन की वैश्विक महत्ता को रेखांकित करते हुए प्रदेश के समग्र विकास में हर समाज की भागीदारी का आह्वान किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन दर्शन की ‘ध्यान, तपस्या व आत्मचिंतन की परंपरा’ ने न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, करुणा और सत्य के जो मूल्य भगवान महावीर स्वामी ने दिए, वे भारतीय सभ्यता के आधार स्तंभ हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि जैन समुदाय का देश की अर्थव्यवस्था और आध्यात्मिक चेतना में अतुलनीय योगदान है। सुशासन के तीन सूत्र: पारदर्शिता, जनसेवा और नैतिकता— श्री शर्मा ने उद्यमियों और समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यों में पारदर्शिता, जनसेवा एवं नैतिकता को सर्वोपरि रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी संस्था या व्यक्ति के लिए कर्तव्य बोध सबसे ऊपर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार सुशासन के संकल्प के साथ काम कर रही है, जहां हर निर्णय में नैतिकता और सेवा का भाव निहित है।” प्रदेश के विकास के लिए सामूहिक साझेदारी— राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी समाजों की सक्रिय साझेदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज डिजिटल गवर्नेंस और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जिस तरह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, उसमें राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। विश्व नवकार महामंत्र रथों की रवानगी— कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस 2.0 के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कलश रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने मंगलकामना की कि नवकार महामंत्र की दिव्य ऊर्जा पूरे विश्व में शांति और सद्भाव का संचार करेगी। इस भव्य कॉन्क्लेव में जीटो के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विभिन्न चैप्टर्स के पदाधिकारी, महिला एवं युवा उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजकों ने इस दिन को आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया

Rajasthan News: प्रदेश में अब एक स्कैन पर मिलेगी मलिाओं को पुलिस सहायता

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राजस्थान में महिला सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस ने एक क्रांतिकारी व तकनीक-आधारित पहल की शुरुआत की है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा का बड़ा उपहार देते हुए सार्वजनिक परिवहन के साधनों में क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा तंत्र को लागू किया गया है। राजस्थान पुलिस की इस अभिनव पहल के तहत अब प्रदेश की बसों, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के विशेष क्यूआर कोड पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यदि यात्रा के दौरान किसी महिला या बालिका को असुरक्षा महसूस होती है या कोई आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है, तो वे अपने मोबाइल से इस क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगी। स्कैन करते ही पीड़ित की लोकेशन और वाहन की जानकारी तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँच जाएगी, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। तकनीक से सशक्त होती आधी आबादी— मुख्यमंत्री के निर्देशन में महानिदेशक पुलिस द्वारा शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों और परिवहन के दौरान महिलाओं के मन से भय को समाप्त करना है। अक्सर देखा गया है कि आपात स्थिति में महिलाएं घबराहट के कारण पुलिस नंबर डायल नहीं कर पातीं या अपनी सटीक लोकेशन बताने में असमर्थ होती हैं। यह क्यूआर कोड तकनीक इस बाधा को दूर करेगी। राजस्थान पुलिस की यह डिजिटल पहल तकनीक के माध्यम से ‘सुरक्षित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करती है। सार्वजनिक परिवहन में अनिवार्य होंगे पोस्टर— पुलिस विभाग द्वारा परिवहन विभाग और स्थानीय ऑटो-टैक्सी यूनियनों के साथ समन्वय स्थापित कर हर छोटे-बड़े वाहन में इन पोस्टरों को चस्पा किया जा रहा है। इसके साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों को इस सुविधा के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। ‘राजकॉप सिटीजन एप’ को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है, जो न केवल आपातकालीन बटन बल्कि अन्य कई सुरक्षा फीचर्स से लैस है। नैतिकता और कर्तव्य बोध का संदेश— इस पहल के माध्यम से राजस्थान पुलिस ने यह संदेश दिया है कि प्रदेश में महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का मानना है कि जब तकनीक और त्वरित पुलिस रिस्पांस एक साथ काम करेंगे, तो अपराधियों में भय व्याप्त होगा और महिलाएं अधिक आत्मविश्वास के साथ घर से बाहर निकल सकेंगी। यह कदम न केवल महिला सुरक्षा को डिजिटल मजबूती प्रदान करता है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन सेवा को भी अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाता है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे इस एप का अधिक से अधिक उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें।

Rajasthan News: प्रदेश में उद्यमियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सरकार ने खोला रियायतों का पिटारा 

राजस्थान सरकार ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को वैश्विक पहचान दिलाने और स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए तीन बड़ी नीतियों के माध्यम से रियायतों का पिटारा खोल दिया है। राज्य की एक जिला एक उत्पाद नीति-2024, एमएसएमई नीति-2024 और निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 के तहत अब उद्यमियों को करोड़ों रुपये के अनुदान और पुनर्भरण की सुविधा मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच— राज्य के 41 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ओडीओपी नीति के तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य हर जिले की एक विशेष पहचान को बाजार तक पहुँचाना है। इसके लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर अपनाने पर 5 लाख रुपये तथा क्वालिटी सर्टिफिकेशन व आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक का पुनर्भरण दिया जा रहा है। डिजिटल दौर में उद्यमियों को जोड़ने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये (2 साल तक) और वेबसाइट विकास हेतु 75 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता भी शामिल है। छोटे उद्यमियों के लिए वित्तीय कवच— प्रदेश के छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 के तहत ऋण पर अतिरिक्त 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण कदम एसएमई एक्सचेंज से पूंजी जुटाने पर 15 लाख रुपये तक की सीधी सहायता है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल उपकरणों की खरीद पर 50 हजार रुपये और मार्केटिंग आयोजनों में शामिल होने पर 1.5 लाख रुपये तक का अनुदान देकर सरकार छोटे उद्योगों के विकास को गति दे रही है। तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए 50 लाख की भारी मदद— राजस्थान को ‘एक्सपोर्ट हब’ बनाने के संकल्प के साथ निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 लागू की गई है। इसके अंतर्गत सबसे बड़ी राहत तकनीकी अपग्रेडेशन के क्षेत्र में दी गई है, जहाँ निर्यातकों को 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए आयोजनों में भागीदारी पर 3 लाख रुपये और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया हेतु 5 लाख रुपये के अनुदान का प्रावधान है। ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुँच बनाने के लिए प्लेटफॉर्म फीस पर भी 2 लाख रुपये का पुनर्भरण देय होगा। पारदर्शिता और सुशासन पर जोर— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार इन योजनाओं को पारदर्शिता और नैतिकता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। इन नीतियों का मूल उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ को चरितार्थ करते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि जब तकनीक और वित्तीय सहायता का संगम होगा, तभी राजस्थान का उद्यमी ‘कर्तव्य बोध’ के साथ प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा पाएगा।

P M NEWS: पीएम मोदी ने फूंका विकास का शंखनाद; सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ देशव्यापी जंग और 16,686 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से देश की ‘नारी शक्ति’ और ‘युवा शक्ति’ को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने कायड विश्राम स्थली में आयोजित एक भव्य समारोह में सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारम्भ किया। इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान के लिए 16 हजार 686 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया और 21 हजार 863 युवाओं को सरकारी विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे। सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत की ओर बड़ा कदम— प्रधानमंत्री ने देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का आगाज करते हुए पांच स्कूली छात्राओं को स्वयं टीका लगवाकर इस मुहिम की शुरुआत की। इस अभियान के तहत देशभर में 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं को ‘गार्डासिल-4’ वैक्सीन की सिंगल डोज निःशुल्क लगाई जाएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा: पीएम मोदी ने कहा कि जब घर की महिला स्वस्थ होती है, तभी परिवार सुरक्षित रहता है। यह अभियान भविष्य में लाखों बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाएगा। निःशुल्क सुविधा: यह टीका सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध होगा. राजस्थान को 16,686 करोड़ की विकास सौगात— प्रधानमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भारी निवेश वाली परियोजनाओं की नींव रखी और कई को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, सिंचाई और ऊर्जा क्षेत्र शामिल हैं— सड़क और कनेक्टिविटी: बांदीकुई से जयपुर के बीच 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे के महत्वपूर्ण खंडों का लोकार्पण किया गया। पेयजल समाधान: पूर्वी राजस्थान की प्यास बुझाने के लिए नोनेरा और परवन-अकावद पेयजल परियोजनाओं के विभिन्न पैकेजों का शिलान्यास हुआ। ऊर्जा क्षेत्र: राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी जोन से बिजली निकासी के लिए नए ट्रांसमिशन सिस्टम और सब-स्टेशनों का उद्घाटन किया गया. 21,863 युवाओं को मिला सरकारी रोजगार— युवाओं को संबल प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने प्रदेश के 21,863 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने पिछले समय में हुए पेपर लीक प्रकरणों का जिक्र करते हुए कहा कि अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है और युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार मिल रहा है।

 Rajasthan News:भरतपुर में ममता शर्मसार, कचरे के ढेर में मिली नवजात बच्ची; पुलिस को कुंवारी मां पर शक

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राजस्थान के भरतपुर जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक बार फिर ममता शर्मसार हुई है। चिकसाना थाना क्षेत्र की न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी में शनिवार शाम एक नवजात शिशु कचरे के ढेर में लावारिस हालत में मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और मानवता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कचरा डालने गई महिला ने सुनी चीख— जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार शाम करीब 7:30 बजे की है। न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी में रहने वाली एक महिला अपने घर के पास स्थित एक खाली भूखंड पर कचरा डालने गई थी। इसी दौरान उसे कचरे के ढेर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। अंधेरा होने के कारण पहले तो महिला घबरा गई, लेकिन जब उसने पास जाकर देखा तो उसके होश उड़ गए। वहां बिना कपड़ों के एक नवजात बच्ची पड़ी तड़प रही थी। नाल तक नहीं काटी गई थी— दिल दहला देने वाली बात यह थी कि बच्ची का जन्म कुछ ही देर पहले हुआ प्रतीत हो रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची का फूल भी शरीर से अलग नहीं हुआ था और उसकी नाल तक नहीं काटी गई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि जन्म के तुरंत बाद ही उसे निर्दयतापूर्वक वहां फेंक दिया गया। ठंड और असुरक्षित माहौल के बीच बच्ची जिंदगी की जंग लड़ रही थी। महिला ने तुरंत मानवता दिखाते हुए घर से कपड़े लाकर बच्ची को पहनाए और मोहल्ले के लोगों को सूचित किया। अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर— सूचना मिलते ही रात करीब 8 बजे चिकसाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत नवजात को जिला आरबीएम अस्पताल के जनाना विंग में भर्ती कराया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भूतौली ने मामले की जानकारी लेते हुए बताया कि बच्ची फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची का जन्म मिलने से करीब दो-तीन घंटे पहले ही हुआ था। उसकी अन्य जरूरी स्वास्थ्य जांचें रविवार को की जाएंगी। बिन ब्याही मां पर पुलिस की सुई— पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कोई भी विवाहित जोड़ा अपने जीवित बच्चे को इस तरह कचरे के ढेर में नहीं फेंकता। यदि कोई स्वास्थ्य समस्या होती, तो प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया जाता। जिस तरह से बच्ची को नाल सहित फेंका गया है, उससे प्राथमिक तौर पर यही आशंका जताई जा रही है कि किसी बिन ब्याही युवती ने लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से इस मासूम को जन्म देकर मरने के लिए छोड़ दिया। फिलहाल, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हाल ही में प्रसव कराने वाली महिलाओं का रिकॉर्ड भी चेक किया जा रहा है। बाल कल्याण समिति अब बच्ची के भविष्य और उसके संरक्षण को लेकर आगामी कार्रवाई करेगी।

Rajasthan News: घरेलू गैस कालाबाजारी के विरुद्ध प्रदेशव्यापी स्ट्राइक: 634 प्रकरण दर्ज

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घरेलु एलपीजी के दुरूपयोग, कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग, भण्डारण, व्यावसायिक उपयोग को रोकने व मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक प्रदेश भर में दो सप्ताह के विशेष सघन अभियान संचालित किया गया। विभाग द्वारा गठित विशेष प्रवर्तन दलों ने राज्य के सभी जिलों में गैस एजेंसियों, गोदामों, होटल-ढाबों और संदिग्ध ठिकानों पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के साथ दबिश दी।
राज्य भर में कुल 2416 प्रतिष्ठानों और संदिग्ध स्थलों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग के 634 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 3080 घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 17 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करवाई गई है। शेष प्रकरणों में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (EC Act) के तहत विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु 3,967 लाभार्थियों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। श्री गोदारा ने अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग और अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह आमजन की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को औचक निरीक्षण और विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित अंतराल पर जारी रखे जाने हेतु निर्देशित किया।
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का अवैध भंडारण या दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से सब्सिडी और गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

C M NEWS: विकसित राजस्थान का संकल्प: मुख्यमंत्री ने बजट पर दिया जवाब, विकास दर में ऐतिहासिक उछाल का दावा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के विकास का एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का बजट पिछली सरकार के अंतिम बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है, जो राज्य की प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भविष्योन्मुखी सोच और ठोस नीतियां— मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यदि राजस्थान को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है, तो हमें अतीत की कमियों को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देखना होगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ‘काम ज्यादा-समय आधा’ के मंत्र पर चल रही है। हमारे दो साल का कार्यकाल केवल समय का बीतना नहीं, बल्कि पक्के इरादों और ठोस नीतियों का प्रमाण होगा।” मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार केवल लोकलुभावन घोषणाओं में विश्वास नहीं रखती, बल्कि धरातल पर परिणाम लाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डबल इंजन की सरकार के माध्यम से बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेंगे। प्रति व्यक्ति आय में रिकॉर्ड वृद्धि— भाषण का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु राज्य की आर्थिक सेहत में सुधार रहा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार के प्रयासों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पहली बार 2 लाख रुपये के पार पहुँच गई है। यह आंकड़ा राजस्थान की बढ़ती क्रय शक्ति और सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था का प्रतीक है।

“जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है, तो आम जन के जीवन स्तर में सुधार आता है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि राजस्थान के हर नागरिक की समृद्धि का पैमाना है।” — भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री

बजट की प्रमुख प्राथमिकताएं— मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगामी वर्षों के विजन को साझा करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला: युवा और रोजगार: सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम। निवेश अनुकूल वातावरण: ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे निवेश सम्मेलनों के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा देना। कृषि और जल प्रबंधन: किसानों को सशक्त बनाने के लिए सिंचाई परियोजनाओं और बिजली आपूर्ति पर विशेष ध्यान। बुनियादी ढांचा: सड़कों के जाल को मजबूत करना ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि ‘विकसित राजस्थान @2047’ के सपने को साकार करने की नींव है। उन्होंने विपक्ष से भी सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि विकास की दौड़ में राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश हित सर्वोपरि होना चाहिए।

C M NEWS: स्टार्टअप और निवेश का नया केंद्र बना राजस्थान: मुख्यमंत्री ने ‘सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026’ में भरा जोश

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026’ को संबोधित करते हुए प्रदेश के भविष्य को लेकर एक सशक्त विजन साझा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “राजस्थान निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है” और राज्य सरकार उद्यमियों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने दुनियाभर के उद्यमियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे राजस्थान के विकास में सक्रिय भागीदार बनें। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिल रही मजबूती— मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को निरंतर मजबूत कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राजस्थान के ‘iStart’ कार्यक्रम के तहत अब तक 7,200 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्होंने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है और 42,500 से अधिक रोजगार सृजित किए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 658 चयनित स्टार्टअप्स को लगभग 22.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केवल कागजी एमओयू में विश्वास नहीं रखती; ‘राइजिंग राजस्थान’ के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम धरातल पर शुरू हो चुका है। उभरती प्रौद्योगिकियों में राजस्थान की लंबी छलांग— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान एआई, डीप टेक और डेटा साइंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि: बजट 2026-27 में डीप टेक, डेटा और एआई लैब्स की स्थापना के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। iStart एंबेसडर प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जाएगा। राज्य की अपनी AI-ML पॉलिसी और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026 प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाएगी। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी— संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि राजस्थान के स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में 2,600 से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि सरकार ‘काम ज्यादा-समय आधा’ के मंत्र के साथ उनकी नवाचारी सोच को हकीकत में बदलने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और राजस्थान अब न केवल संस्कृति बल्कि नवाचार और उद्यमशीलता के लिए भी दुनिया में पहचाना जा रहा है।

NHAI NEWS:  ’10 सेकंड का नियम’: लंबी कतार से मिलेगी बिना टोल दिए मुक्ति 

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अक्सर देखा जाता है कि नेशनल हाईवे पर यात्रा के दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों का कीमती समय और ईंधन दोनों बर्बाद होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि NHAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, विशेष परिस्थितियों में आप बिना टोल टैक्स दिए भी बूथ पार कर सकते हैं? भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए ’10 सेकंड नियम’ और ‘100 मीटर नियम’ लागू किया है। आइए जानते हैं ये नियम क्या हैं और आप इनका लाभ कैसे उठा सकते हैं। 100 मीटर की पीली लाइन का नियम— NHAI के निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक टोल प्लाजा के पास हर लेन में 100 मीटर की दूरी पर एक पीली पट्टी (Yellow Line) खिंची होनी चाहिए। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टोल पर ट्रैफिक का जमावड़ा न हो। नियम क्या है?: यदि टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार इतनी लंबी हो जाए कि वह इस 100 मीटर की पीली लाइन से पीछे पहुंच जाए, तो ऐसी स्थिति में उस लेन के सभी वाहनों को बिना टोल दिए जाने की अनुमति दी जाएगी। कब तक लागू रहेगा?: यह छूट तब तक जारी रहती है जब तक कि वाहनों की कतार वापस 100 मीटर के दायरे के भीतर न आ जाए। 10 सेकंड का ‘सर्विस टाइम’ नियम: फास्टैग (FASTag) लागू होने के बाद टोल कटने की प्रक्रिया बहुत तेज हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए NHAI ने समय की एक सीमा निर्धारित की है। नियम क्या है?: टोल बूथ पर प्रति वाहन प्रोसेसिंग का समय 10 सेकंड से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि किसी वाहन को टोल बूथ पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने में 10 सेकंड से अधिक का समय लग रहा है, तो तकनीकी रूप से वह वाहन मुफ्त निकलने का हकदार हो सकता है, बशर्ते वहां कतार लंबी हो। क्यों बनाए गए ये नियम?: इन नियमों को लागू करने के पीछे मुख्य कारण फास्टैग (FASTag) के माध्यम से ‘जीरो वेटिंग टाइम’ के लक्ष्य को हासिल करना है। सरकार चाहती है कि टोल प्लाजा पर यात्रियों को रुकना न पड़े और हाईवे पर यातायात की गति बनी रहे। विवाद की स्थिति में क्या करें?- अक्सर टोलकर्मी इन नियमों की जानकारी होने के बावजूद यात्रियों से टोल वसूलने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए: पीली लाइन दिखाएं: यदि कतार पीली लाइन पार कर चुकी है, तो आप टोलकर्मी को NHAI के इस नियम का हवाला दे सकते हैं। हेल्पलाइन 1033: अगर टोलकर्मी आपकी बात नहीं सुनता या अभद्रता करता है, तो आप तुरंत नेशनल हाईवे हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

Rajasthan News: झालावाड़ पुलिस का बड़ा एक्शन, 32 साइबर ठगों की संपत्ति होगी कुर्क

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राजस्थान के झालावाड़ जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के तहत पुलिस ने एक और बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित 32 मुख्य आरोपियों की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को कुर्क करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। क्या है पूरा मामला? यह गिरोह केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य आर्थिक सहायता योजनाएं) के डिजिटल पोर्टल्स में सेंधमारी करता था। तकनीकी हेरफेर के जरिए ठगों ने अपात्र व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की राशि अपने और अपने सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर करवा ली। पुलिस की बड़ी कार्रवाई और एसओजी को जांच— झालावाड़ पुलिस ने 23 अक्टूबर 2024 को इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। राजस्थान पुलिस के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इस मामले में अब तक 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 48 आरोपियों के खिलाफ पहले ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले की गंभीरता और इसकी जड़ों के अन्य राज्यों तक फैले होने की आशंका को देखते हुए, अब इसकी अग्रिम जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंप दी गई है। संपत्ति कुर्की के लिए सीजेएम कोर्ट में अर्जी— अनुसंधान अधिकारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), झालावाड़ के समक्ष 32 आरोपियों की चल-अचल संपत्ति को कुर्क करने के लिए आवेदन किया है। पुलिस का मानना है कि इन ठगों ने सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर जो संपत्ति अर्जित की है, उसे कुर्क करना न्याय के लिए आवश्यक है। इन प्रमुख आरोपियों की संपत्ति पर होगी कार्रवाई:— कुर्की की सूची में दौसा निवासी मुख्य आरोपी विक्रम सैनी, रामावतार सैनी, भागचंद सैनी और झालावाड़ के राजूलाल तंवर, बनवारीलाल, शिवनारायण, महेंद्र तंवर सहित कुल 32 नाम शामिल हैं। इसमें बिहारीलाल रैदास, सुजान सिंह लोधा और ललित मीणा जैसे नाम भी प्रमुख हैं जिन्होंने इस संगठित अपराध के जरिए भारी धन शोधन किया। प्रशासन का कड़ा संदेश— झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि तकनीक का दुरुपयोग कर जनता के हक के पैसे पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संपत्ति कुर्की की यह कार्रवाई भविष्य में साइबर ठगी करने वालों के लिए एक कड़ा सबक साबित होगी।