Jaipur News: जयपुर में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, डॉक्टर सहित तीन गिरफ्तार

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देशभर में जहां शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर मातृ शक्ति और कन्या पूजन की आराधना की जा रही है, वहीं राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने ‘बेटी बचाओ’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए राजधानी जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की डिकॉय टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण में लिप्त एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक चिकित्सक सहित तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मिशन निदेशक के निर्देशन में बड़ी सफलता— राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव और अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला के सीधे निर्देशन में इस पूरी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई। डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि विभाग को मुखबिर तंत्र के जरिए सूचना मिली थी कि जयपुर और आसपास के जिलों में कुछ गिरोह अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीनों के जरिए भ्रूण लिंग जांच के काले कारोबार में सक्रिय हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद एडिशनल एसपी डॉ. हेमंत जाखड़ की निगरानी में सीआई सत्यपाल यादव के नेतृत्व में एक विशेष डिकॉय टीम का गठन किया गया। 80 हजार में तय हुआ सौदा, फिल्मी अंदाज में बिछाया जाल— विभाग की योजना के अनुसार, डिकॉय टीम ने एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर मुख्य आरोपी डॉ. शेरसिंह राजावत से संपर्क साधा। आरोपी डॉक्टर ने भ्रूण लिंग जांच के बदले 80 हजार रुपये की मांग की और गर्भवती महिला को सांगानेर के केसर चौराहा स्थित ‘कुबेर हेल्थ केयर’ सेंटर पर बुलाया। जैसे ही डिकॉय महिला वहां पहुंची, आरोपी डॉक्टर राजावत ने उससे रकम वसूली और अपने सहयोगी जगबीर के साथ महिला को चौरड़िया पेट्रोल पंप के पास भेज दिया। वहां तीसरा और मुख्य आरोपी हरी कुमावत अपनी सेंट्रो कार के साथ तैयार खड़ा था। वह महिला को कार में बिठाकर मयूर रेजिडेंसी स्थित फ्लैट नंबर 16 में ले गया। पोर्टेबल मशीन जब्त, आरोपी दबोचे गए— फ्लैट के भीतर आरोपी हरी कुमावत ने अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से महिला की जांच की और गर्भ में ‘लड़की’ होने की जानकारी दी। जैसे ही जांच पूरी हुई, बाहर तैनात पीसीपीएनडीटी की टीम ने तुरंत छापा मारकर तीनों आरोपियों—डॉ. शेरसिंह राजावत, जगबीर और हरी कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने मौके से अवैध पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन और वारदात में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार को भी जब्त कर लिया है। सख्त संदेश: बेटियों को बचाने के लिए जीरो टॉलरेंस— अतिरिक्त मिशन निदेशक ने इस सफल कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नवरात्रि के समय में इस तरह की कार्रवाई समाज में एक कड़ा संदेश देती है कि बेटियों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रहा है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मशीनों के स्रोत का पता लगाया जा सके।

C M NEWS: राजस्थान दिवस पर मुख्यमंत्री की सौगात: 207 नई रोडवेज बसों को दिखाई हरी झंडी

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राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘राजस्थान दिवस’ के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात दी है। गुरुवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित बस टर्मिनल पर आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की 207 नवीन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों के बेड़े में शामिल होने से न केवल प्रदेश का परिवहन ढांचा सुदृढ़ होगा, बल्कि आमजन को सुगम, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा की सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। राजस्थान दिवस और हिंदू नववर्ष की दोहरी खुशियां— इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राजस्थान दिवस और हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मीडिया से मुखातिब होते हुए श्री शर्मा ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ संयोग (रेवती नक्षत्र और इन्द्रयोग) में ‘वृहद् राजस्थान’ की स्थापना की थी। इसी ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के लिए हमारी सरकार ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही ‘राजस्थान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।” सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना राजस्थान दिवस— मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर इस वर्ष 19 मार्च को संपूर्ण प्रदेश में राजस्थान दिवस हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की संस्कृति और शौर्य की गाथा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पिछले कई दिनों से विभिन्न राज्यस्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। नई बसों का संचालन भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जो राज्य के विकास और प्रगति के संकल्प को दोहराता है। आमजन के लिए बेहतर यातायात सुविधाएं— समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन 207 नई बसों के संचालन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। विशेष रूप से लंबी दूरी के यात्रियों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को पुरानी बसों की तुलना में अधिक आरामदायक सफर मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से रोडवेज के बेड़े को आधुनिक बनाना और परिवहन सेवाओं में पारदर्शिता लाना है। विकास की ओर बढ़ते कदम— मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्थान को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। परिवहन क्षेत्र में सुधार से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि आम नागरिक की जीवनशैली में भी सुगमता आएगी। 19 मार्च का यह दिन राजस्थान के इतिहास में विकास और सांस्कृतिक गौरव के अद्भुत संगम के रूप में याद किया जाएगा। इस अवसर पर परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में आमजन उपस्थित रहे, जिन्होंने नई बसों के संचालन और राजस्थान दिवस के समारोहों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

Rajasthan News: माइंस विभाग का बड़ा लक्ष्य: इस साल 10 हजार करोड़ के पार होगा राजस्व संग्रहण

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राजस्थान का खान विभाग चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। विभाग ने इस वर्ष 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। खान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने गुरुवार को उदयपुर स्थित खनिज भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए स्पष्ट किया कि विभाग अपनी पुरानी उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। पिछले रिकॉर्ड टूटे, 11% की विकास दर दर्ज— बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग ने गत वित्तीय वर्ष के लगभग 9200 करोड़ रुपये के आंकड़े को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वर्तमान में विभाग 9426 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहित कर चुका है, जो पिछले वर्ष की इसी समान अवधि की तुलना में लगभग 1000 करोड़ रुपये अधिक है। यह 11 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर को दर्शाता है। श्री रविकान्त ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष के अंतिम पखवाड़े में राजस्व वसूली की गति को और तेज किया जाए ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय रहते प्राप्त किया जा सके। राजस्व वसूली के लिए ‘एक्शन प्लान’ तैयार— राज्य सरकार का पूरा फोकस इस समय अधिकतम राजस्व संग्रहण पर है। इसके लिए विभाग ने एक विशेष रणनीति तैयार कर सभी फील्ड अधिकारियों को भेज दी है। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं: ऑक्शन ब्लॉक्स का भुगतान: प्रधान और अप्रधान खनिजों के ऑक्शन ब्लॉक्स की अपफ्रंट पेमेंट राशि की तत्काल वसूली। प्रीमियम और बकाया रॉयल्टी: ऑक्शन किए गए खनिज ब्लॉक्स की प्रीमियम राशि और लंबे समय से लंबित रॉयल्टी का संग्रहण। एमनेस्टी स्कीम: ‘एकमुश्त समझौता योजना’ का लाभ दिलाकर पुरानी बकाया राशि का निपटारा। अवैध खनन पर सख्ती: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत आरोपित जुर्माना राशि की शत-प्रतिशत वसूली। तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता पर जोर— राजस्व वृद्धि के साथ-साथ विभाग कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी बल दे रहा है। बैठक में श्री रविकान्त ने तुलाई कांटों के ऑटोमाइजेशन और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय मॉड्यूल्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि खनिजों के परिवहन में होने वाली लीकेज को रोका जा सके और वास्तविक समय पर डेटा की निगरानी की जा सके। बैठक के अंत में उन्होंने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर मुस्तैदी दिखाकर न केवल वित्तीय लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में माइंस विभाग के योगदान को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

C M NEWS: भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री की तैयारी जलदाय विभाग के कर्मियों की छुट्टियां रद्द

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राजस्थान में आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान संभावित भीषण गर्मी और पेयजल संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आमजन को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने और राहत पहुंचाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जलदाय विभाग के सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द, मुस्तैदी के निर्देश— मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के दौरान जनता को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए विभाग का पूरा अमला क्षेत्र में मौजूद रहकर निगरानी करेगा। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को विशेष परिस्थितियों के बिना अवकाश नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस पहल का उद्देश्य पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और किसी भी तकनीकी खराबी या किल्लत की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। 210 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत— राज्य सरकार ने ग्रीष्मकाल 2026 के लिए प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन हेतु खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुल मिलाकर 210 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इसमें शहरी क्षेत्रों के लिए: 55.88 करोड़ रुपये की राशि विकास और रखरखाव कार्यों के लिए मंजूर की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए: 154.83 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ताकि दूर-दराज के गांवों और ढाणियों में पानी का संकट न हो। जल परिवहन के लिए विशेष प्रबंध— जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति संभव नहीं है या जहां जल स्रोत सूख गए हैं, वहां टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए भी भारी बजट आवंटित किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि के लिए शहरी क्षेत्रों में जल परिवहन हेतु 23 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकरों द्वारा जलापूर्ति के लिए 82.37 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि जारी की गई है। कंट्रोल रूम से होगी सीधी निगरानी— पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य स्तर के साथ-साथ सभी 41 जिलों में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से आम जनता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेगी, जिनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उच्चाधिकारी स्वयं इन केंद्रों की मॉनिटरिंग करेंगे ताकि आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। सुशासन और संवेदनशीलता का परिचय— मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय दर्शाता है कि राज्य सरकार प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और गर्मी की चुनौतियों को लेकर पूरी तरह सजग है। “हर घर जल” के संकल्प के साथ सरकार का प्रयास है कि राजस्थान के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी भीषण गर्मी में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पाइपलाइन लीकेज, अवैध कनेक्शन और बिजली कटौती के कारण बाधित होने वाली जलापूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए।

CM NEWS: राजस्थान दिवस पर अल्बर्ट हॉल पर सांस्कृतिक महाकुंभ

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर का ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल गुरुवार को उस समय जीवंत हो उठा जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में ‘राजस्थान दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति, शक्ति और संस्कृति के संगम वाली इस शाम ने न केवल राजस्थान की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया, बल्कि आधुनिक राजस्थान के विकास संकल्पों को भी नई ऊर्जा दी। मुख्यमंत्री की पहल पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का उत्सव— मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर इस वर्ष राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (भारतीय नववर्ष) के पावन अवसर पर मनाया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को राजस्थान दिवस और नव संवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्थान की संस्कृति ‘अतिथि देवो भव:’ और वीरता की परिचायक है। उन्होंने लोक कलाकारों को प्रदेश की असली पहचान बताया। पद्मश्री कलाकारों की सुरीली प्रस्तुतियां— सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कलाकारों की प्रस्तुतियां रहीं। पद्मश्री श्री अनवर खां मांगणियार एवं उनके दल ने मरुधरा की माटी की खुशबू बिखेरते हुए सुरीले लोक गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, पद्मश्री तगाराम भील व दल ने अपनी अनूठी शैली में लोक गायन की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया है। 100 से अधिक कलाकारों का संगम— कार्यक्रम में 100 से अधिक लोक कलाकारों और कथक नृत्यांगनाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अल्बर्ट हॉल के सामने बने भव्य मंच पर राजस्थान के विविध रंगों को उकेरा गया। इसमें घूमर, गैर, चरी, कच्छी घोड़ी और कालबेलिया जैसे प्रसिद्ध लोक नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी गई। चरी नृत्य के दौरान सिर पर जलते दीपों और कालबेलिया नर्तकियों की चपलता ने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। कथक नृत्यांगनाओं के पदचाप और शास्त्रीय भंगिमाओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उपलब्धियों की झलक: लघु फिल्म का प्रदर्शन— सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच राज्य सरकार के दो वर्ष से अधिक के जनसेवा को समर्पित कार्यकाल पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस फिल्म के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और सुशासन की दिशा में उठाए गए कदमों को प्रदर्शित किया गया। फिल्म ने बताया कि कैसे राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए कार्यरत है। जनसमूह का उत्साह— इस राज्य स्तरीय समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, पर्यटक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। रोशनी से सराबोर अल्बर्ट हॉल और लोक संगीत की लहरियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में, मुख्यमंत्री ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने के लिए साधुवाद दिया। यह शाम राजस्थान की एकता, अखंडता और जीवंत संस्कृति के एक उत्सव के रूप में यादगार बन गई।

 Jaipur News:जयपुर रीजन विस्तार पर हाईकोर्ट की रोक: 539 गांवों में निर्माण कार्यों पर लगा ब्रेक

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राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर रीजन के सीमा विस्तार मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए 539 नए गांवों में मास्टर प्लान के बिना हो रहे निर्माण और विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगा दी है। अदालत ने इस विस्तार को लेकर राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से स्पष्टीकरण मांगते हुए जवाब-तलब किया है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और निर्देश— न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने अधिवक्ता संजय जोशी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी वैध मास्टर प्लान के शहरी सीमा का विस्तार करना नियमों के विरुद्ध है। नोटिस जारी: कोर्ट ने नगरीय विकास विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, जिला कलेक्टर और राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रमुख अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को तय की गई है। विस्तार पर क्यों उठे सवाल?— अक्टूबर 2025 में एक अधिसूचना के जरिए जेडीए रीजन में 679 ग्रामीण और कृषि प्रधान गांवों को शामिल किया गया था। याचिका में तर्क दिया गया कि: मास्टर प्लान का अभाव: जेडीए का वर्तमान मास्टर प्लान 2025 इन नए गांवों को कवर नहीं करता है, और आगामी मास्टर प्लान 2047 अभी तक तैयार नहीं हुआ है। नियमों की अनदेखी: विस्तार का निर्णय किसी विशेषज्ञ की राय, स्वतंत्र अध्ययन या पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन  के बिना लिया गया है। ग्रामीण संसाधनों का नुकसान: इस फैसले से ग्राम पंचायतों की शक्तियां समाप्त हो जाएंगी और गांवों की चरागाह व सामुदायिक भूमि पर दबाव बढ़ेगा। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इन 539 गांवों में जेडीए द्वारा प्रस्तावित कोई भी नया पट्टा जारी करने या निर्माण कार्य करने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
मास्टर प्लान 2047 की प्रमुख विशेषताएं
  • क्षेत्रफल में भारी वृद्धि: जेडीए का अधिकार क्षेत्र वर्तमान 3,000 वर्ग किमी से बढ़ाकर लगभग 6,000 से 9,000 वर्ग किमी करने का प्रस्ताव है।
  • प्रशासनिक पुनर्गठन: कुशल प्रबंधन के लिए प्रशासनिक जोनों की संख्या 18 से बढ़ाकर 27 कर दी गई है।
  • नए निकाय शामिल: इस योजना में 5 नए शहरी निकाय—
    फागी
    चाकसू
    जोबनेर
    शाहपुरा
     और 
    दूदू
    —को शामिल किया गया है।
  • नियोजित विकास: नए क्षेत्रों में अव्यवस्थित निर्माण रोकने के लिए डेवलपमेंट प्रमोशन एंड कंट्रोल रेगुलेशंस (DPCR) लागू किए जाएंगे।
  • परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर: रिंग रोड के बाहर 40 से 60 किमी तक विस्तार कर बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाओं को आधुनिक बनाने का लक्ष्य है।
शामिल विशिष्ट क्षेत्रों और गांवों की जानकारी
अधिसूचना के अनुसार, कुल 679 नए राजस्व ग्राम जेडीए की विस्तारित सीमा में शामिल किए गए हैं। इनमें से प्रमुख तहसीलें और क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
  • प्रमुख तहसीलें: 
    दूदू
    फागी
    चाकसू
    जोबनेर
    शाहपुरा
     और 
    जमवारामगढ़
  • महत्वपूर्ण मार्ग और सीमाएं:
    • टोंक रोड
      : चाकसू मास्टर प्लान की सीमा तक।
    • अजमेर रोड
      : 
      दूदू
       कस्बे की सीमाओं तक।
    • कालवाड़ रोड
      : 
      जोबनेर
       नगर पालिका की सीमा तक।
    • सीकर रोड
      : उदयपुरिया मोड़ तक।
    • दिल्ली/आगरा रोड
      : 
      शाहपुरा
       और 
      जयपुर जिले
       की सीमाओं तक।
  • जोन-वार वितरण: अधिकांश नए गांव नए नक्शे के जोन 15 से 25 के बीच स्थित हैं। 
    सांगनेर
     और 
    बस्सी
     तहसील के कुछ गांव क्रमशः जोन 9 और 10 में शामिल किए गए हैं।
  • सैटेलाइट टाउन: 
    अचरोल
    बगरू
    बस्सी
    भानपुरकलां
    चोमू
    जहोटा
    जमवारामगढ़
    कालवाड़
    कानोता
    कुकस
     और 
    वाटिका
     को प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने किया तीन नई नीतियों का अनावरण, निवेश के खुले द्वार

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राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘उद्यमी संवाद समारोह’ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के माध्यम से निवेश को गति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। तीन नई नीतियों का विमोचन— समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक प्रगति को आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए तीन नई महत्वपूर्ण नीतियों को लॉन्च किया। इन नीतियों का उद्देश्य न केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करना है, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नीतियां भविष्य के राजस्थान की नींव रखेंगी, जहाँ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और निवेश पर जोर— मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में निवेश की गति बढ़ाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेश की प्रक्रिया सुगम हुई है, जिससे न केवल देशी बल्कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भी राजस्थान पर बढ़ा है।” उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे प्रदेश में मौजूद अपार संभावनाओं और निवेश के अवसरों का लाभ उठाएं और राज्य की इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनें। लोकार्पण, शिलान्यास और लाभार्थियों को राहत— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औद्योगिक विकास से जुड़े कई कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स और उत्पादन क्षमता में सुधार होगा। समारोह के एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण में, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और आवंटन पत्र वितरित किए। उन्होंने उद्यमियों और युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है। ऋण सहायता और जमीन आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया जा रहा है। विकसित राजस्थान का संकल्प— मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ‘उद्यमी प्रदेश’ के रूप में उभर रहा है। सौर ऊर्जा, खनिज, और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में राजस्थान पहले ही अग्रणी है, और अब नई नीतियों के माध्यम से आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी नई गाथा लिखी जा रही है। ‘उद्यमी संवाद समारोह’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान सरकार का दृष्टिकोण ‘प्रो-बिजनेस’ और ‘प्रो-डेवलपमेंट’ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश अब औद्योगिक क्रांति के एक नए युग की ओर कदम बढ़ा चुका है, जहाँ उद्यमी और सरकार मिलकर एक ‘विकसित राजस्थान’ के सपने को साकार करेंगे।

Rajasthan News: वीबी-जी राम जी योजना में युवाओं को मिलेंगे 50 हजार

रूपये का लोगो डी. उदय कुमार, एयर इंडिया का महाराजा शुभंकर बॉबी कूका और अमूल बेबी शुभंकर सिलवेस्टर डी कुन्हा ने बनाया और रातों—रात लोगों के दिलों पर छा गए। अब युवाओं को ऐसा ही मौका दे रहा है, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय। विकास एवं आजीविका से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी विकसित भारत-जी राम जी यूथ डिजिटल कैंपेन की शुरूआत की है। यह अभियान माय भारत पोर्टल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से देशभर के युवा विडियो चैलेंज, क्विज व रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर इस डिजिटल जन आंदोलन से जुड सकते हैं। ग्रामीण विकास विभाग की शासन सचिव एवं ईजीएस आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने बताया कि वीबी-जी राम जी लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के माध्यम से देश और राज्य के नागरिकों को रचनात्मक व नवाचार पूर्ण डिजाइन प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। चयनित सर्वश्रेष्ठ लोगो को अधिनियम का आधिकारिक लोगो बनाया जावेगा, जिसका उपयोग भविष्य में एक्ट के प्रचार-प्रसार और अन्य गतिविधियों में किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ लोगो डिजाइन करने वाले विजेता को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से 50 हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत माय विलेज चैलेंज नाम से नेशनल लेवल शॉर्ट वीडियो, रील प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा किसी भी भारतीय भाषा में 30 से 60 सैकंड की अवधि का अधिकतम साईज 25 एमबी वीडियो तैयार कर माय भारत पोर्टल के माध्यम से अपलोड कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागी अपने गांव के विकास, रोजगार सृजन व आजीविका संवर्धन में अधिनियम की भूमिका को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। चयनित प्रतिभागियों को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय कार्यक्रम आयोजित कर अपने अनुभव साझा करने का मंच देगा।

Rajasthan News: सामाजिक सुरक्षा पेंशन धारकों को 31 मार्च तक करवाना होगा भौतिक सत्यापन

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत जिले में वृद्धावस्था, एकल नारी एवं विशेष योग्यजन श्रेणी के लगभग 5 लाख 95 हजार लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा पेंशन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक बी.पी चंदेल ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना नियम, 2013 के अनुसार सभी पेंशनधारकों का वार्षिक भौतिक सत्यापन करवाया जाना अनिवार्य है। वर्तमान स्थिति के अनुसार जयपुर जिले में 72 हजार 756 और जयपुर शहर क्षेत्र में 64 हजार 180 पेंशनधारक अभी भी भौतिक सत्यापन से शेष हैं। श्री चंदेल ने बताया कि इस संबंध में बुधवार को नगर निगम के सभी उपायुक्तों की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) द्वारा आयोजित की गई, जिसमें सभी लंबित पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी शेष पेंशनधारकों से अपील की गई है कि वे 31 मार्च 2026 तक अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, स्मार्ट फोन या अधिकृत स्वीकृतकर्ता अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अनिवार्य रूप से अपना भौतिक सत्यापन करवा लें। यदि निर्धारित तिथि तक भौतिक सत्यापन नहीं कराया जाता है, तो संबंधित पेंशनधारकों की पेंशन बंद करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित कर दिया जाएगा।

Jaipur News: जयपुर में गैस अवैध रिफिलिंग व कालाबाजारी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

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जयपुर शहर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गैस की अवैध रिफिलिंग एवं कालाबाजारी के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्य सचिव तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देशानुसार घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के अवैध संग्रहण, ऊँचे दामों पर कालाबाजारी व अवैध रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण द्वारा तीन विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया गया है। गठित विशेष प्रवर्तन दलों में विशेष प्रवर्तन दल ‘ए’ में सुश्री कविता शर्मा (प्रवर्तन अधिकारी) और श्रीमती सुनीता चौधरी (प्रवर्तन निरीक्षक), विशेष प्रवर्तन दल ‘बी’ में श्रीमती पूजा शर्मा और श्रीमती विजयलक्ष्मी शर्मा (प्रवर्तन अधिकारी) व विशेष प्रवर्तन दल ‘सी’ में श्रीमती निर्मला चौधरी (प्रवर्तन अधिकारी) एवं श्रीमती प्रिया गंगवानी (प्रवर्तन निरीक्षक) शामिल हैं। इन दलों द्वारा जिला रसद अधिकारी श्री प्रियव्रत सिंह चारण के नेतृत्व में जयपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस थाना प्रताप नगर से प्राप्त सूचना के आधार पर प्रताप नगर क्षेत्र में की गई कार्रवाई में अवैध गैस रिफिलिंग की पुष्टि होने पर मौके से 15 घरेलू व 1—1 व्यावसायिक गैस सिलेंडर,  इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बांसुरी तथा  रेगुलेटर मय रबर पाइप जब्त किए गए। इसी प्रकार पुलिस थाना भांकरोटा की सूचना पर भांकरोटा क्षेत्र में की गई कार्रवाई में 14 घरेलू गैस सिलेंडर तथा 1 रेगुलेटर मय रबर पाइप जब्त किया गया। इस अवैध गतिविधि में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि जयपुर शहर में अवैध गैस रिफिलिंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित “ऑपरेशन प्रवर्तन: सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान पूर्व से ही जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध गैस रिफिलिंग, भंडारण या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जयपुर शहर के नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गैस रिफिलिंग सेंटर, अवैध वितरण, भंडारण या कालाबाजारी की सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।