Tanker Accident News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ दुखद टैंकर हादसा, मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का लिया जायजा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भांकरोटा में हुए टैंकर हादसे में घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली व अधिकारियों को त्वरित सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां चल रहे राहत बचाव कार्यों का भी निरीक्षण किया। श्री शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर शोक संतप्त परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। मुख्यमंत्री सुबह सबसे पहले घायलों की जानकारी लेने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे। वहीं श्री शर्मा ने अस्पताल प्रशासन को सभी घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने दुखद टैंकर हादसे में संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है।

Tata Steel News: टाटा स्टील का पांचवां पूर्ण ऑटोमेटेड कंस्ट्रक्शन सर्विस सेंटर अब जयपुर में

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टाटा स्टील ने जयपुर में अपने अत्याधुनिक ऑटोमेटेड कंस्ट्रक्शन सर्विस सेंटर शुरू किया है। इससे निर्माण उद्योग को कस्टमाइज्ड रिइनफोर्समेंट उत्पाद और समाधान उपलब्ध किया जा सकेगा। सेंटर का उ‌द्घाटन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (लॉन्ग प्रोडक्ट्स) अशीष अनुपम ने किया। श्री अनुपम ने बताया कि इस केंद्र की उत्पादन क्षमता 3500 टन प्रति माह है। इस फैसिलिटी में टिस्कॉन रेडीबिल्ड (कस्टमाइज्ड कट एंड बेंड टाटा टिस्कॉन टीएमटी रीबार्स और कपलर थ्रेडिंग) का उत्पादन किया जाएगा। यह निर्माण क्षेत्र में व्यापक समाधान प्रदान करेगा। उन्होने बताया कि अब तक यह फैसिलिटी लुधियाना, कटक, गाज़ियाबाद और विजयवाड़ा में थी।जयपुर में ये टाटा स्टील का ये पांचवां ऑटोमेटेड कंस्ट्रक्शन सर्विस सेंटर है। श्री अनुपम ने कहा कि वीएसटी ग्लोबल स्टील्स के साथ इस साझेदारी के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उद्योग की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए कस्टमाइज्ड सॉल्यूशन प्रदान करना और इस क्षेत्र में बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर मांग में योगदान देना है। वहीं वीएसटी ग्लोबल स्टील्स (डीटीसी ग्रुप) के निदेशक आदित्य खंडेलवाल ने बताया कि यह राजस्थान के निर्माण उद्योग के लिए विश्वस्तरीय तकनीक और सेवाओं को लाने की दिशा में एक नई और महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत है। यह प्लांट निर्माण में स्टील के उपयोग को लेकर पारंपरिक सोच में क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेगा।

Rajasthan Political News: हलोत के इशारे पर कत्थक कर रही है दिल्ली पुलिस, लोकेश के बयान के बाद भी चुप्पी

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-महेश झालानी

लगता है पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को वशीकृत कर लिया है । इसी वजह से फोन टेपिंग कांड के आरोपी और तत्कालीन मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा के बयान के बाद भी गहलोत से अभी तक कोई पूछताछ नही करना इस बात को दर्शाता है कि दिल्ली पुलिस गहलोत के इशारों पर कत्थक करने को विवश है । दिल्ली की क्राइम ब्रांच द्वारा लोकेश शर्मा से कई बार पूछताछ की जा चुकी है । इसके अलावा लोकेश ने फोन टेपिंग से सम्बंधित सभी आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध करादी गई थी । उम्मीद थी कि दिल्ली पुलिस शीघ्र ही अशोक गहलोत को तलब कर उनसे पूछताछ करेगी । रहस्य की बात यह है कि लोकेश द्वारा सभी परत खोलने के बाद भी गहलोत को पूछताछ के लिए तलब क्यो नही किया गया । इतने दिनों से दिल्ली पुलिस की चुप्पी किसी रहस्य की ओर संकेत कर रही है । क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक लोकेश शर्मा के बयानों का अध्ययन कर लिया गया है । बयानों से जाहिर होता है कि फोन टेपिंग के मुख्य सूत्रधार अशोक गहलोत रहे है । उन्ही के निर्देश पर गृह विभाग ने फोन टेपिंग की प्रक्रिया को अंजाम दिया था । उम्मीद की जा रही थी कि शीघ्र ही गहलोत के बयान भी कलमबद्ध किये जाएंगे । उधर दिल्ली पुलिस की चुप्पी से लोकेश खफा है । उनको बिना अपराध के कई प्रकार की तकलीफों का सामना करना पड़ा जबकि मुख्य अभियुक्त मजे से घूम रहा है । इस प्रकरण की जांच फिर से क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सतीश मलिक कर रहे है । क्राइम ब्रांच के अनुसार इस कांड में लिप्त अन्य अफसरों को भी पूछताछ के लिए बुलाए जाने की संभावना है । यह भी ज्ञात हुआ है कि अशोक गहलोत पूछताछ और गिरफ्तारी से बचने के लिए अमित शाह के सम्पर्क में है । चर्चा यह भी है कि उपचुनावों में बीजेपी को जितवाने और कांग्रेस प्रत्याशियों को हरवाने में गहलोत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।

Political News: हुआ तेरा वादा……….? ‘निर्णय लेने में भजनलाल सरकार फिसड्डी’

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-महेश झालानी

ऐसा प्रतीत होता है कि भजनलाल की सरकार केवल घोषणा करने में सिद्धहस्त है । कामकाज करने या वादों की पूर्ति में सरकार फिसड्डी साबित हुई है । न एसआई की परीक्षा निरस्त हुई और न ही आरपीएससी में धांधली करने वालो का बाल बांका हुआ । राजनीतिक नियुक्तियां भी लगता है गहलोत की तर्ज पर आखिरी समय मे होगी । आरपीएससी चेयरमैन का पद काफी समय से रिक्त है । परिणामतः इसका कामकाज अपेक्षित गति से नही हो पा रहा है । सबसे बड़ा मामला एसआई की परीक्षा की निरस्ती के अलावा गहलोत राज में बनाए गए नए जिलों की समाप्ति का है । सेवानिवृत आईएएस ललित पंवार को रिपोर्ट सौपे काफी वक्त बीत चुका है । लेकिन सरकार इस बारे में कोई निर्णय लेने की हिम्मत नही जुटा पा रही है । लगता नही है कि सरकार इस बारे में शीघ्र ही कोई निर्णय कर पाएगी । यदि नए जिलों को समाप्त कर दिया गया तो गदर मचना स्वाभाविक है । उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा दूदू का प्रतिनिधित्व करते है । अगरचे सरकार ने इस जिले को समाप्त कर दिया तो उनका दूदू में प्रवेश करना मुश्किल हो जाएगा । हो सकता है कि सरकार के निर्णय के खिलाफ बैरवा को ही सड़को पर उतरना पड़े । कमोबेश अन्य जिलों की भी यही स्थिति होने वाली है । यद्यपि केंद्रीय मंत्री और अलवर के सांसद भूपेंद्र सिंह यादव ने जनता को भरोसा दिलाया है कि खैरथल जिले को समाप्त नही किया जाएगा । लेकिन सरकार ने इस जिले को समाप्त करने का निर्णय लिया तो बीजेपी को नाको चने चबाने पड़ेंगे । उधर 1 जनवरी से जनगणना प्रारम्भ होने जा रही है । सरकार को इससे पहले निर्णय लेना पड़ेगा । आपको ध्यान होगा कि भजनलाल की सरकार द्वारा गहलोत द्वारा बनाए गए 17 जिलो को समाप्त करने की समीक्षा के लिए सेवानिवृत आईएएस ललित पंवार की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था । पंवार ने सभी जिलों का दौरा कर उनकी भौगोलिक और आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करते हुए अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौप दी । मंत्रिमण्डलीय उप समिति को निर्णय करना है कि कौनसे जिले समाप्त किये जाए तथा किनको बरकरार रखने की आवश्यकता है । जिले बनाना जितना कठिन कार्य था, उससे दुरूह कार्य उनको समाप्त करना है । अगर वर्तमान सरकार ने एक भी जिले के साथ छेड़छाड़ की तो बीजेपी वाले भी बगावत पर उतारू हो जाएंगे । परिणामतः इसका राजनीतिक खामियाजा बीजेपी को भुगतना लाजिमी है । हालांकि सरकार ने जिलो को समाप्त करने के लिए मंत्रिमण्डलीय उप समिति का गठन कर दिया है । लेकिन हकीकत यह है कि स्वयं उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा सहित कई विधायक भी जिलो की समाप्ति के पक्ष में नही है । जिस प्रकार जिलो की समाप्ति की समीक्षा के लिए ललित पंवार कमेटी का गठन किया गया था, उसी प्रकार नए जिलो के गठन हेतु भी तत्कालीन सरकार द्वारा रामलुभाया की अध्यक्षयता में कमेटी गठित की गई थी । रामलुभाया ने सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद ही नए जिलो के गठन की सिफारिश की थी । महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जिलो के गठन से पहले वित्त विभाग की स्वीकृति आवश्यक होती है । नए जिलो के गठन की स्वीकृति अखिल अरोड़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की हैसियत से दी थी । अरोड़ा आज भी उसी पद पर कार्यरत है । ऐसे में वे पूर्ववर्ती सरकार द्वारा गठित जिलो को भंग करने की स्वीकृति कैसे प्रदान कर सकते है ? वर्तमान सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि बहुत ही छोटे जिलो का गठन राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था । बिल्कुल वाजिब तर्क है । हर पार्टी राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए सभी हथकंडो का इस्तेमाल करती है । गहलोत ने भी यही हथकंडा अपनाया था । लेकिन बीजेपी सरकार को यह भी देखना होगा कि गुजरात और मध्यप्रदेश मे भी राजनीतिक लाभ के लिए निवारी, प्रधुरना और डांग जैसे बहुत छोटे जिलो का गठन किया गया । फिर राजस्थान में जिले के गठन पर उज्र क्यों ? राज्य सरकार को चाहिए कि वह रामलुभाया द्वारा सौपी रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करें । अपनी रिपोर्ट में रामलुभाया ने कोटपूतली व बहरोड़ के बीच तथा खैरथल के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की सिफारिश की थी । दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि में अब पैर रखने की जगह नही बची है । ऐसे में दिल्ली की भीड़ को कम करने और औद्योगिक विकास के लिहाज से खैरथल, बहरोड़ और कोटपूतली में भिवाड़ी की तर्ज पर विस्तृत औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना चाहिए । एनसीआर (नेशनल केपिटल रीजन) योजना का बुनियादी उद्देश्य भी यही था । सरकार को इस तथ्य को नजरअंदाज नही करना चाहिए कि जिलो के गठन से न केवल विकास की गति बढ़ेगी बल्कि रोजगार में भी बहुत ज्यादा इज़ाफ़ा होगा । इसके अलावा जमीनों के भाव बढ़ना लाजिमी है । ऐसे में सरकार को स्टाम्प ड्यूटी से जिलो के गठन के खर्च से ज्यादा आय में इजाफा होगा । विदेशी दौरा करने से निवेश नही बढ़ेगा । सरकार को प्रेक्टिकल अप्रोच फार्मूले को अपनाना चाहिए । वर्तमान सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि बहुत ही छोटे जिलो का गठन राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था । बिल्कुल वाजिब तर्क है । हर पार्टी राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए सभी हथकंडो का इस्तेमाल करती है । गहलोत ने भी यही हथकंडा अपनाया था । लेकिन बीजेपी सरकार को यह भी देखना होगा कि गुजरात और मध्यप्रदेश मे भी राजनीतिक लाभ के लिए निवारी, प्रधुरना और डांग जैसे बहुत छोटे जिलो का गठन किया गया । फिर राजस्थान में जिले के गठन पर उज्र क्यों ? राज्य सरकार को चाहिए कि वह रामलुभाया द्वारा सौपी रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करें । अपनी रिपोर्ट में रामलुभाया ने कोटपूतली व बहरोड़ के बीच तथा खैरथल के निकट औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की सिफारिश की थी । दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद आदि में अब पैर रखने की जगह नही बची है । ऐसे में दिल्ली की भीड़ को कम करने और औद्योगिक विकास के लिहाज से खैरथल, बहरोड़ और कोटपूतली में भिवाड़ी की तर्ज पर विस्तृत औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना चाहिए । एनसीआर (नेशनल केपिटल रीजन) योजना का बुनियादी उद्देश्य भी यही था । सरकार को इस तथ्य को नजरअंदाज नही करना चाहिए कि जिलो के गठन से न केवल विकास की गति बढ़ेगी बल्कि रोजगार में भी बहुत ज्यादा इज़ाफ़ा होगा । इसके अलावा जमीनों के भाव बढ़ना लाजिमी है । ऐसे में सरकार को स्टाम्प ड्यूटी से जिलो के गठन के खर्च से ज्यादा आय में इजाफा होगा । विदेशी दौरा करने से निवेश नही बढ़ेगा । सरकार को प्रेक्टिकल अप्रोच फार्मूले को अपनाना चाहिए ।

C M NEWS: हर वर्ग और हर जन की सेवा ही राज्य सरकार का संकल्प -मुख्यमंत्री

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ख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने पूर्ण लगन एवं समर्पण से कार्य करते हुए एक वर्ष उत्कृष्टता के साथ पूरा किया है। इस एक साल में राज्य सरकार ने कई उपलब्धियां हासिल की है और प्रदेश के हर वर्ग और हर जन की सेवा को ही संकल्प मानकर निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। श्री शर्मा ने शाहपुरा में त्रिमूर्ति सर्किल पर शहीदों को माल्यार्पणए केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर शूरवीर योद्धा महाराणा प्रताप की मूर्ति तथा उम्मेद सागर पर डॉण् श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। वे केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि देश.दुनिया में भी लोगों की प्रेरणा के स्रोत हैं। साथ ही, डॉण् मुखर्जी एक महान विचारक और प्रखर शिक्षाविद् होने के साथ.साथ एक कुशल संगठनकर्ता थे। आज इन विभूतियों की प्रतिमाओं के अनावरण से जनमानस इनके जीवन से परिचित होंगे जिससे उनमें देशभक्ति की भावना का संचार होगा। श्री शर्मा ने कहा कि पहले ही वर्ष में राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर प्रदेश के विकास और समृद्धि की नींव रख दी है। इस समिट में 35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के एमओयू हुए हैंए जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही हमारे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित करेंगे। राज्य सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जयपुर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने राजस्थान को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, माॅं वाउचर योजना की शुरूआत व रामाश्रय वार्ड और आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना कर राज्य के निवासियों को स्वस्थ एवं सुखी जीवन की नई राह प्रदान की है। पिछले एक साल के दौरान राज्य सरकार के लोककल्याणकारी फैसलों से पूरे राज्य में उत्साह का माहौल बना है। प्रदेश में अच्छे मानसून और पानी से लबालब भरे बांधों ने इस उत्साह को और ऊंचाई दी है। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा की गई बजट घोषणाएं न केवल 5 वर्षों में प्रदेश के विकास को आगे ले जाने का रोडमैप हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शाहपुरा जिले के लिए भी कई महत्वपूर्ण बजट घोषणाएं की हैं और उन्हें तेजी से साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। लगभग 194 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माणए सुदृढीकरण और चौड़ाईकरण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका जहाजपुर में फल एवं सब्जी मंडीए गुढ़ा ;जहाजपुरद्ध में 33ध्11 केवी जीएसएसए शाहपुरा में ट्रोमा सेन्टरए अमरगढ़ एवं सरदार नगर उप स्वास्थ्य केंद्रों का पीएचसी तथा जहाजपुर सीएचसी का उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नयनए जिला अस्पताल शाहपुरा के भवन का निर्माणए बनेड़ा में खेल स्टेडियमए शाहपुरा में खेल अकादमीए कोटडी में नवीन महाविद्यालयए जहाजपुर में कन्या महाविद्यालयए पीपलूंद में औद्योगिक क्षेत्रए पण्डेर में औद्योगिक पार्कए शाहपुरा जिले में आमजन की सहभागिता से एक ष्मातृ वनष् की स्थापनाए काले हिरणों के संरक्षण हेतु आशोप क्षेत्र को आखेट निषिद्ध व कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित करनेए जहाजपुर में जनजाति छात्रावास भवन और सरसिया में जनजाति बालिका छात्रावास तथा गाडोली में नवीन पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने सहित विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित व प्रगतिरत हैं।

Court News: कांस्टेबल भर्ती -2023 न्यायालय ने की खारिज

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माननीय उच्च न्यायालयए जयपुर द्वारा कॉन्स्टेबल भर्ती.2023 से संबंधित एसबी सिविल रिट याचिका संख्या 20250ध्2023 द्वारा सौरभ कुमार व अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य 118 याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इससे इस भर्ती परीक्षा के सफल अभ्य​र्थियों को नियुक्ति आदेश जारी करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से आगामी दिनों में रोजगार उत्सव के तहत नियुक्ति पत्र प्रदान करने की दिशा में तैयारी आरम्भ कर दी गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि एसबी सिविल रिट याचिका संख्या 39ध्2023 द्वारा विकास बाजिया व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय जयपुर द्वारा पारित आदेश 01 फरवरीए 2024 की पालना में कॉन्स्टेबल भर्ती.2023 के लिए विज्ञापित 3578 पदों के विरूद्ध चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश अग्रिम आदेश तक जारी नही करने के लिए निर्देश प्रदान किये गये थे। अब न्यायालय द्वारा इस भर्ती से सम्बंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है।​इस संदर्भ में सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर नियुक्ति आदेश जारी करने के सम्बंध में अग्रिम तैयारी के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। श्री पांडे ने बताया कि रोजगार उत्सव की तिथि निर्धारण होने तक पुलिस उपायुक्त ;मुख्यालयद्ध सहित जयपुर और जोधपुर के पुलिस उपायुक्तों और अन्य सम्बंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे इस दौरान चयनित अभ्यर्थियों ;रिव्यू में चयनित अभ्यर्थियों सहितद्ध की नियुक्ति संबंधी नियमानुसार समस्त औपचारिकताएँ यथा.स्वास्थ्य परीक्षणध्चरित्र सत्यापनध्दस्तावेज सत्यापन आदि की कार्यवाही आगामी 3 ​दिनों में पूर्ण करवाया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही नियुक्ति आदेश का प्रारूप तैयार रखें ताकि रोजगार उत्सव की तिथि नियत होने पर पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार शीघ्र नियुक्ति आदेश प्रसारित किये जा सके। उन्होंने बताया कि रोजगार उत्सव की तिथि नियत होने पर नियुक्ति आदेश जारी करने के सम्बंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा पृथक से निर्देश प्रदान किये जायेंगे।

Rajasthan news: प्रदेश सरकार की पहली वर्षगांठ पर राज्य स्तरीय समारोह दादिया जयपुर में आयोजित

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को प्रदेश सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में संशोधित पार्वती.कालीसिंध.चंबल लिंक परियोजना की सौगात दी। कार्यक्रम में परियोजना के एमओए पर हस्ताक्षर के साथ हीए केन्द्र और राज्य सरकार की 11ए041 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पणए 35ए234 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं 58ए546 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया का प्रारम्भ भी हुआ। मोदी की प्रदेश के विकास की गारंटी का साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से संशोधित पार्वती.कालीसिंध चंबल ;एकीकृत ईआरसीपीद्ध परियोजना धरातल पर उतरना प्रारम्भ हो चुकी है। इस क्रम में प्रधानमंत्री ने परियोजना के प्रथम चरण में पेयजल के लिए कूल नदी पर रामगढ़ बैराजए पार्वती नदी पर महलपुर बैराज और नवनेरा बांध में संग्रहित जल के उपयोग हेतु नवनेरा.गलवा.बीसलपुर.ईसरदा ;एनजीबीआईद्ध लिंक परियोजना के तीन पैकेज के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इन पैकेज में 9416ण्70 करोड़ रुपए की लागत से नवनेरा बैराज से गलवा बांध होते हुए बीसलपुर व ईसरदा बांध तक जरूरत के अनुसार जल प्रत्यावर्तन के लिए नहर तंत्रए पमिं्पग स्टेशन एवं पाइपलाइन का निर्माण कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत कालीसिंध नदी पर 1069 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नवनेरा बैराज का लोकार्पण भी किया। उल्लेखनीय है कि संशोधित पार्वती.कालीसिंध चंबल ;एकीकृत ईआरसीपीद्ध परियोजना पूरी होने पर राजस्थान के 21 जिलों में रहने वाले लगभग सवा तीन करोड़ लोगों को सुलभ पेयजल की उपलब्धता के साथ साथ लगभग ढाई लाख हैक्टयर नये क्षेत्र में सिंचाई तथा लगभग डेढ लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हेतु अतिरिक्त पानी की व्यवस्था हो सकेगी। लाभान्वित जिलों में झालावाड़ए बारांए कोटाए बूंदीए टोंकए सवाई माधोपुरए गंगापुर सिटीए दौसाए करौलीए धौलपुरए भरतपुरए डीगए अलवरए खैरतल.तिजाराए कोटपूतली.बहरोड़ए जयपुर शहरए जयपुर ग्रामीणए दूदूए अजमेरए ब्यावर और केकड़ी शामिल है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस बहुप्रतीक्षित प्रस्तावित परियोजना पर तत्परता बरतते हुए पहल की गई। जिसके बादए इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकारए राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के मध्य 28 जनवरीए 2024 को एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस परियोजना हेतु दोनों राज्यों की समेकित डीपीआर बनाने का कार्य केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी ;एनडब्ल्यूडीएद्ध द्वारा किया जा रहा है। एनडब्ल्यूडीए के निर्देशन में राजस्थान भाग की डीपीआर वेप्कोस द्वारा तैयार कर ली गई है। संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना को राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के रूप में क्रियान्वित किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट सेक्टर और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा आज लोकार्पित हुई परियोजनाओं में से दिल्ली.वडोदरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रारंभ होने पर दिल्लीए वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े औ‌द्योगिक केंद्रों को राजस्थान से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे देश के सर्वश्रेष्ठ एक्सप्रेस.वे में से एक होगा। मेज नदी पर बड़ा पुल बनने से सवाई माधोपुरए बूंदीए कोटा और टोंक जिलों को लाभ मिलेगा। जयपुर और रणथम्भोर तक पर्यटकों का पहुंचना आसान होगा। किसानों की बड़ी मंडियों और बड़े बाजारों तक पहुंच आसानी होगी। कटरा से लेकर कांडला एवं मुंद्रा बंदरगाहों तक सीधा संपर्क जामनगर.अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर दिल्ली.कटरा एक्सप्रेस वे के माध्यम से राजस्थान को मां वैष्णो देवी मंदिर से जोड़ेगा दूसरी तरफ उत्तरी भारत के उ‌द्योगों को कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों से सीधा संपर्क मिलेगा। इसका फायदा राजस्थान में ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिलेगा और यहां बड़े.बड़े वेयरहाउस बनेंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जोधपुर रिंग रोड से जयपुरए पालीए बाड़मेरए जैसलमेरए नागौर और अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहर को अनावश्यक जाम से मुक्ति मिलेगी। जोधपुर आने वाले पर्यटकए व्यापारी और कारोबारियों को भी इससे फायदा होगा। इसी तरह पावरग्रिड के सोलर एनर्जी जोन से बिजली निकासी के लिये प्रसारण तंत्र सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क एवं असेट मैनेजमेन्ट सिस्टम के कार्यों से प्रदेश में आमजन को सुचारू एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इसी तरहए भीलड़ी.समदड़ी.लूनी.जोधपुर.मेड़ता रोड.डेगाना.रतनगढ़ रेलमार्ग के विद्युतीकरण से यात्रियों को गंतव्य स्थल पर शीघ्र पहुंचने में आसानी होगी।

Rajasthan News: राजस्थान की जनता से झूठ बोल रहे हैं प्रधानमंत्री -टीकाराम जूली

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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जयपुर में आयोजित सभा के दौरान मंच से दिए गए भाषण पर पलटवार करते हुए कहा कि राजस्थान प्रदेश की जनता से देश के पीएम झूठ बोल रहे हैं कि राजस्थान के लिए जीवनदायिनी बनी ईआरसीपी का प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार ने अटकाया था। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राज में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा बनाई गई इस परियोजना को गहलोत सरकार ने आगे बढ़ाने का काम किया जबकि केंद्र सरकार ने हमेशा इस परियोजना में रोड़े अटकाये है। भारतीय जनता पार्टी के राज में राजस्थान के 25 सांसद और जल शक्ति मंत्री होने के बावजूद भी प्रदेश की जनता के लिए अहम इस परियोजना की किसी ने सुध नहीं ली और अब जब गहलोत सरकार ने इस परियोजना की शुरुआत कर दी तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार और देश के प्रधानमंत्री इसका शिलान्यास कर कोरी वाह वाही लूटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रदेश की धरती अजमेर और जयपुर में देश के प्रधानमंत्री दो बार इसकी घोषणा कर कर गए थे लेकिन वह केवल जुमले की बरसात साबित हुई। उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी सरकार की कमजोरी है कि फरवरी में विधानसभा में इस परियोजना के एमओयू की बात कर अभी तक इसकी कॉपी सामने भी नहीं दिखा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह फेलियर है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में भीड़ बढ़ाने के लिए इस सरकार ने सरकारी मशीनरीए संसाधनों और धन का जमकर दुरुपयोग किया है।

C M NEWS: दल—बल के साथ दादिया गॉंव का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के सांगानेर स्थित दादिया ग्राम में 17 दिसंबर को राज्य सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 दिसंबर को आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि देश में चार ही जातियां हैं-युवा, किसान, महिला और मजदूर। देश का उत्थान इन चारों की उन्नति से ही संभव है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री दादिया में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत कर राजस्थान की जनता को अनेक सौगातें देंगे। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही अपने संकल्प पत्र के लगभग 50 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं और हमारी डबल इंजन की सरकार संकल्प पत्र के प्रत्येक वादे को पूरा करेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन स्थल के पूरे परिसर का भ्रमण किया और तैयारियों का अवलोकन कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने वाले मंत्रीगण, विधायकों तथा आमजन सहित सभी आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, सौन्दर्यकरण, पेयजल  सहित सभी विभिन्न बिन्दुओं पर अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर जगह-जगह रंगोली बनाने , होर्डिंग व बैनर लगाकर कार्यक्रम एवं योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए  जिससे आमजन को राज्य सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिल सके।

C M NEWS: जनता के आशीर्वाद से आध्यात्मिक विकास के सभी कार्य करेंगे —मुख्यमंत्री

वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड गोवर्धन परिक्रमा पर खर्च करेगा 100 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बंशीवाले गिरिराज जी महाराज के आशीर्वाद से हम विकसित राजस्थान के सपने को शत प्रतिशत पूरा करेंगे और प्रदेश समृद्धि की राह पर निरंतर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा का विकास कार्य इस पावन धाम की आध्यात्मिक खूबसूरती में इजाफा करते हुए श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करेगा। श्री शर्मा रविवार को डीग में पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में एक तरफ हमारे तीर्थों का विकास हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण भी हो रहा है। हम प्रदेश में सड़कों और नए एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाने के अपने संकल्प पर निरंतर काम कर रहे हैं जिसका फायदा श्रद्धालुओं को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिराज जी की परिक्रमा करने के लिए यहां देश-विदेश से हर साल करीब 2 करोड़ श्रद्धालु आते हैं। आज 21 किलोमीटर की यह परिक्रमा बहुत से भारतीय परिवारों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है। नंगे पैर या दंडवत परिक्रमा करते श्रद्धालु, छप्पन भोग के प्रसाद से सजी झांकियां त्योहार का माहौल बनाती हैं। उन्होंने कहा कि यह विकास परियोजना हमारे इस पावन धाम की आध्यात्मिक खूबसूरती में इजाफा करेगी। इसी तरह प्रदेश के जन-जन के आशीर्वाद से हम आध्यात्मिक विकास के सभी पावन कार्यों को पूर्ण करने का कार्य करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि गिरिराज जी की परिक्रमा में 1.2 किलोमीटर का राजस्थान में पड़ने वाला हिस्सा परिक्रमा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें श्रीनाथजी, पूंछरी का लौठा आदि प्रमुख मंदिर और अप्सरा एवं नवल कुंड जैसे कई पवित्र स्थल हैं। उन्होंने कहा कि पूंछरी में शीघ्र ही पूरे देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिराज जी परिक्रमा पथ के विकास को चार जोन में बांटकर विकसित करने की योजना बनाई है। आज पहले जोन का शिलान्यास हुआ है जिसमें श्रीनाथ जी मंदिर, पूंछरी का लौठा मंदिर, दाऊजी का मंदिर, गंगा मंदिर, नरसिंह जी मंदिर, मुखारबिंद, अप्सरा कुंड एवं नवल कुंड, फाउंटेन, राधा वाटिका, बोटेनिकल गार्डन, लोटस पौंड, मयूर वाटिका, विष्णु अवतार गार्डन का विकास करवाया जाएगा। इसके बाद दूसरे जोन में भव्य प्रवेश एवं निकास द्वार, मार्ग का सौंदर्यीकरण, रोशनी, विश्राम मंडप, पेयजल सुविधाओं, फूड जॉइंट एवं स्टॉल, भगवान श्री कृष्ण से संबंधित मूर्तियां, गैलरियों का निर्माण जैसे कार्य करवाए जाएंगे। C M NEWS मुख्यमंत्री ने कहा कि परिक्रमा पथ के तीसरे जोन में परिक्रमा मार्ग के बाहर एंट्री प्लाजा, ग्रीन कैनाल वाटरफ्रंट, पार्किंग, गोठ स्थल, भजन एवं कीर्तन स्थल, पौराणिक आर्ट गैलरी, गिरिराज जी म्यूजियम, सांस्कृतिक केंद्र, आध्यात्मिक केंद्र, आर्ट विलेज आदि का विकास किया जाएगा। वहीं, चौथे जोन में बनने वाली 250 फुट ऊंची मूर्ति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी। इस जोन में आश्रम गांव, मेडिटेशन हॉल, गौशालाओं, राजस्थानी हैंडीक्रॉफ्ट बाजार आदि का विकास किया जाएगा। श्री शर्मा ने इस परियोजना में वित्त पोषण और अटूट समर्थन के लिए वेदांता समूह को धन्यवाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूंछरी का लौठा एवं गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंछरी का लौठा एवं गोवर्धन परिक्रमा विकास परियोजना का कार्य सांस्कृतिक जागरण में अद्भुत क्षण है। राज्य सरकार खाटूश्यामजी को भव्यता प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपये राशि के कार्य करवा रही है। प्रदेश में दीपावली, होली, शिवरात्रि एवं रामनवमी जैसे त्योहारों पर लगभग 600 मंदिरों में विशेष साज-सज्जा व आरती के लिए बजट का प्रावधान किया है। कैलादेवी मंदिर (झील का बाड़ा) और गंगा मंदिर समेत प्रदेश में अनेक मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 300 करोड़ रुपये की राशि से राजस्थान के 20 प्रमुख मंदिरों और आस्था धामों में विकास कार्य करवा रही है। वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि गिरिराज जी के कण-कण में भगवान बसते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को श्री गिरिराज भगवान ने निमित्त किया है कि इस क्षेत्र का विकास हो। हमारा समूह इस क्षेत्र के विकास में 100 करोड़ रुपये गोवर्धन जी के निमित्त करता है और हम राज्य सरकार को इस कार्य में पूर्ण सहयोग करेंगे।