C M NEWS: राजस्थान में बनेगा दुनिया का पहला औद्योगिक ज़िंक पार्क —वेदांता समूह

राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत ज़िंक उत्पादक वेदांता की हिन्दुस्तान ज़िंक ने राजस्थान में दुनिया के पहले औद्योगिक ज़िंक पार्क के योजना की ऐतिहासिक घोषणा की। प्रदेश के औद्योगिक भविष्य में इस महत्वपूर्ण क्षण के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल उपस्थित थे। C M NEWS श्री अग्रवाल ने वेदांता के राजस्थान में ज़िंक, ऑयल एण्ड गैस और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश में ज़िंक पार्क को महत्वपूर्ण बताया। महत्वाकांक्षी गैर-लाभकारी ज़िंक पार्क एक परिवर्तनकारी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करेगा, जो मेटल्स और मैन्यूफैक्चरिंग में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों उद्योगों को आगे बढ़ाएगा। समारोह के दौरान हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेबबार और हिन्दुस्तान ज़िंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा भी मौजूद थे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के महत्व को रेखांकित किया। प्रस्तावित जिंक पार्क हिन्दुस्तान ज़िंक की अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में दुनिया का सबसे बड़ा ज़िंक-लेड स्मेल्टर और दरीबा और देबारी में श्रेष्ठ तकनीक से संचालित स्मेल्टर के पास होगा। इससे हजारों रोजगार का सृजन और विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, विकसित औद्योगिक भूमि, विश्वसनीय उपयोगिताएं, कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति और प्रतिस्पर्धी लागत प्रदान करेगा, जिससे व्यवसाय निर्बाध रूप से अपना संचालन कर सकेंगे। पार्क पूर्ण रूप से रिन्यूएबल एनर्जी पर संचालित होगा, जो हिन्दुस्तान ज़िंक की सस्टेनेबिलिटी के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह बड़े उद्यमों से लेकर एमएसएमई और नये उद्यमियों के उद्योगों के लिए 5 करोड़ रुपये से कम के शुरुआती निवेश के साथ व्यापक मंच प्रदान करेगा, जो ज़िंक, लेड और सिल्वर तथा संबंधित सहउत्पाद की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की आवश्यकता की पूर्ति करेगा। इसके अतिरिक्त, पार्क सप्लायर्स, राॅमटेरियल, मेनटेंनेन्स सर्विस और इक्विपमेंट सप्लायर्स के लिए लागत प्रभावी और संसाधन-कुशल वातावरण प्रदान करेगा। ज़िंक पार्क नवाचार का केंद्र भी होगा, जिसमें हिन्दुस्तान ज़िंक के उत्कृष्टता केंद्र और अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं तक पहुंच होगी राजस्थान के मजबूत संस्थागत माहौल के समर्थन से, यह पार्क राज्य के विभिन्न नीतिगत लाभों तक पहुंच को सक्षम करेगा, जिससे घरेलू और वैश्विक बाजारों तक पहुंच संभव होगी। C M NEWS मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हम राजस्थान में दुनिया का पहला ज़िंक पार्क स्थापित करने की वेदांता की पहल का स्वागत करते हैं। राजस्थान की नई डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के विजन के प्रति प्रतिबद्ध है। राजस्थान देश में सबसे अच्छी व्यापार-अनुकूल नीतियां, प्रोत्साहन और सहयोग दे रहा है। राजस्थान में संसाधनों की प्रचूरता और बड़े पैमाने पर निवेश की योजना के साथ, पूरा राज्य तंत्र हर कदम पर उद्यमियों के साथ खड़ा है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि राज्य सरकार निवेशकों को राजस्थान में आने और निवेश करने और समृद्ध भविष्य के निर्माण में हमारे साथ जुड़ने के लिए पूर्ण समर्थन दे।” वेदांता समूह के अध्यक्ष ने कहा कि, “हमारे द्वारा गैर-लाभकारी आधार पर स्थापित ज़िंक पार्क सैकड़ों एमएसएमई की स्थापना को सक्षम करेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर देगा। यह महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा में राजस्थान की अग्रणी स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। राजस्थान में हाइड्रोकार्बन, ज़िंक, लेड, सिल्वर, कॉपर, रॉक फॉस्फेट सहित प्राकृतिक संसाधनों की प्रचूरता है, जो इसे अद्भुत अवसरों का प्रदेश बनाता है जो कि पहले से ही सौर ऊर्जा क्षमता में अग्रणी है। वेदांता राजस्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में हमारा 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संचयी निवेश इसके औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएगा, 2 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसरों और तेजी से आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।”

C M NEWS: राजस्थान की औद्योगिक समृद्धि की आधारशिला है ‘राइजिंग राजस्थान’ —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान की औद्योगिक समृद्धि की आधारशिला है। राजस्थान में मिनरल्स, प्राकृतिक गैस, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा, ऑटोमोबाईल सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के साथ हमारे ‘विकसित राजस्थान’ के विजन को साकार करते हुए देश और प्रदेश को आगे बढ़ाना है। श्री शर्मा ने रविवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की नेशनल काउंसिल के सदस्यों को इंटरेक्शन के दौरान संबोधित करते हुये कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट के आयोजन में सीआईआई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही निवेशकों और राज्य सरकार के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया है। इन्होंने अपने संगठनात्मक कौशल से इस समिट को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना दिया है, जहां विचारों का आदान-प्रदान, साझेदारी और भविष्य के विकास की एक मजबूत नींव रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई के सहयोग और समर्थन से निवेशकों के लिए एक समृद्ध एवं परिपक्व मंच तैयार हुआ है। राज्य सरकार के कार्यकाल के प्रथम वर्ष में इस समिट का आयोजन इसलिए किया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस समिट को राज्य में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मीट के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है। इससे राजस्थान के उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार मिलने के साथ ही विभिन्न देशों के निवेशक राजस्थान में निवेश कर प्रगति को और बढ़ा सकेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान की आर्थिक प्रगति के लिए 53 हजार किलोमीटर लंबी सड़कें, 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे और ऊर्जा के क्षेत्र में 30 गीगावाट से 5 वर्षों में 125 गीगावाट के लक्ष्य को सामने रखकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही राज्य के कोने-कोने में पानी की पर्याप्त उपलब्धता के लिए व्यापक एवं महत्वाकांक्षी प्रयास प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिसके नतीजे शीघ्र सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास, आधारभूत ढांचा, निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण, पारदर्शी व्यवस्था, नवाचार और बदलती तकनीकों के साथ बदलाव के प्रत्येक पहलू पर काम किया जा रहा है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत और स्थिर होने के साथ ही निवेशकों का विश्वास कायम रहे। उन्होंने आह्वान किया कि राजस्थान को विकास, निवेश और रोजगार के नए युग में ले जाने के लिए साथ मिलकर काम करें और राज्य की अर्थव्यवस्था को 5 वर्षों में दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पांच नवीन औद्योगिक क्षेत्रों सत्तासर जिला-बीकानेर, बलारिया जिला-सवाई माधोपुर, जटलाव जिला-सवाई माधोपुर, रामसर जिला-बाड़मेर और राजास जिला-नागौर का नामकरण श्रीराम जानकी औद्योगिक क्षेत्र कर इन्हें भूखंड आवंटन हेतु खोल दिया है। साथ ही 8 और औद्योगिक क्षेत्रों बिचुन-जयपुर, दुब्बी-बिदरखा-सवाई माधोपुर, चडुआल-आबूरोड, झाक-सेकेंड-जोधपुर, बबाई-झुंझुनूं, गणेश्वर-सीकर, पालरा विस्तार-अजमेर व रामनगर थोब-बालोतरा की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ कर दिया है।

Senior Citizens: मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत 780 यात्री हुये रवाना

राजस्थान सरकार देवस्थान विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2024 के तहत रविवार को तिरुपति बालाजी की विशेष ट्रेन अजमेर रेलवे स्टेशन से रवाना की गयी। देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त गिरीश बच्चानी ने बताया कि इस ट्रेन के में कुल 780 यात्रियों को तिरुपति की तीर्थ यात्रा पर भेजा गया है। यात्रा में अजमेर रेलवे स्टेशन से अजमेर संभाग के 293, मारवाड़ जंक्शन से 213 और जवाई बांध से 274 यात्रियों को तिरुपति के लिए रवाना किया गया है। 6 दिवसीय यात्रा में समस्त व्यवस्थाएं देवस्थान विभाग द्वारा आईआरसीटीसी के माध्यम से करायी जायेगी। यात्रा के दौरान यात्रियों को भोजन आवास व अन्य सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क उपलब्ध करवायी जायेगी।

‘Rising Rajasthan’ News: त्रि—दिवसीय ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का शुभारम्भ कल

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‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में 09 दिसंबर को राजधानी जयपुर में करेंगे।। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, 5000 से अधिक निवेशक, कारोबार और व्यापार जगत के अधिकारी व डेलीगेट्स प्रतिभागी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्यमंत्री के स्वागत भाषण से होगी, जिसके तहत राज्य के विकास के लिए किए जा रहे कामों, राज्य सरकार का एजेंडा और अगले 5 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करके 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य के बारे में चर्चा कर सकते हैं। ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 से पहले 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू किये जा चुके हैं। उद्घाटन सत्र में कुमार मंगलम बिड़ला, अनिल अग्रवाल, गौतम अडानी, आनंद महिंद्रा, संजीव पुरी, अजय एस. श्रीराम जैसे शीर्ष उद्योगपति और जापान के राजदूत केइची ओएनओ सहित कई व्यापारिक समूहों के शीर्ष अधिकारी और राजनयिक भी शामिल होने जा रहे हैं। में कुछ प्रतिष्ठित उद्योगपति मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रमुख नीतिगत सुधारों और उसके जरिए राज्य में आ रहे बदलाव और कारोबार-व्यापार जगत की व्यावसायिक क्षमता के बारे में अपने-अपने विचार साझा करेंगे। वहीं इस इन्वेस्टमेंट समिट में 32 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें 17 देशों की भागीदारी ‘पार्टनर कंट्री’ के रूप में होने जा रही है। तीन दिवसीय इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिभागी देशों और राजस्थान के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए कुल 8 देशों के लिए कंट्री सेशन्स और राउंडटेबल का आयोजन भी किया जा रहा है। भाग लेने वाले 34 देशों में, 17 देश इन्वेस्टमेंट समिट के ‘पार्टनर कंट्री’ हैं, जिनमें डेनमार्क, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, स्पेन, क्यूबा, ​​वेनेजुएला, मोरक्को, अर्जेंटीना, ब्राजील, कोस्टा रिका, नेपाल, ओमान, पोलैंड और थाईलैंड शामिल हैं। बांकी देश, जो विभिन्न क्षमताओं में इस इन्वेस्टमेंट समिट में भाग ले रहे हैं, उनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मिस्र, फिनलैंड, रूस, सेशेल्स, चाड, इक्वाडोर, घाना, इराक, मेडागास्कर, पैराग्वे और जिम्बाब्वे शामिल हैं।

Jodhpur News: 12 दिसंबर को जोधपुर में आयोजित होगा सरकार के एक वर्ष कार्यकाल का राज्य स्तरीय कार्यक्रम

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राज्य सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जोधपुर जिले में 12 दिसंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि इस कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। श्री दिलावर ने शनिवार को कार्यक्रम स्थल मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री को बताया कि 12 दिसंबर को रन फॉर विकसित राजस्थान, युवा सम्मेलन, रोजगार उत्सव, जिला स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ, जिला दर्शन पुस्तिका का विमोचन और पंच गौरव का शुभारंभ जैसे आयोजन किया जाएगें। श्री अग्रवाल ने जिला प्रशासन द्वारा अब तक की गई तैयारियों से श्री दिलावर को अवगत करवाया।

C M NEWS: मुख्यमंत्री का आह्वान सैनिक कल्याण में दें योगदान

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस (7 दिसम्बर) के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झण्डा दिवस उन जांबाज सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने का दिन है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। युद्ध में विकलांग व शहीद हुए सैनिकों तथा देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता और सराहना प्रकट करने का यह अनूठा अवसर है। श्री शर्मा ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर वीरेन्द्र सिंह राठौड़ से प्रतीकात्मक झण्डा (बैज) ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए ऑनलाइन अंशदान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों के समर्पण, बलिदान और देश सेवा का मूल्य चुका पाना असंभव है किन्तु उनके कल्याण की कामना से अंशदान देकर साधुवाद प्रकट करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वीर सैनिकों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके कल्याण के लिए सभी खुले हाथ से अपना योगदान देने का संकल्प लें।

Organic Farming News: प्रदेश के जैविक खेती करने वाले किसानों का होगा सम्मान

राज्य में जैविक खेती प्रोत्साहन हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाले 3 कृषकों को एक—एक लाख रुपये की राशि का राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया जावेगा। संयुक्त निदेशक कृषि राकेश कुमार पाटनी ने बताया कि राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए गत 5 वर्षो में कृषि/उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और 2 वर्षो से जैविक प्रमाणीकरण का कार्य करने वाले कृषक पात्र होंगे। जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य यथा जैविक खेती आधारित गतिविधियां, जैविक उत्पाद प्रसंस्करण एवं संवर्धन, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, हरीखाद और फसल चक्र करने वाले कृषक 31 दिसम्बर तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करेगे। जैविक खेती पुरस्कार आवेदन प्रपत्र संबंधित कृषि विभाग कार्यालय पर ऑनलाइन भरने हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा एक उत्कृष्ट कृषक प्रति जिला अंतिम रूप से चयन कर अनुमोदित किया जावेगा। अनुमोदित कृषक का नाम कृषि आयुक्तालय को राज्य स्तर पर सम्मान के लिए भेजा जावेगा।

Rajasthan News: रूडसिको में होगी 146 पदों भर्ती —मंत्री झाबर सिंह खर्रा

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नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को स्वायत्त शासन भवन के सभागार में रूडसिको बोर्ड की 59वीं सभा आयोजित की गई। सभा में रूडसिको द्वारा करवाये जा रहे विभिन्न कार्याे की समीक्षा के साथ ही पूर्व में स्वीकृत मिनिट्स की स्वीकृति करते हुए नवीन एजेण्डा में वित्तीय खाते 2023-24 का अनुमोदन किया गया। श्री खर्रा ने हडको से 15 सौ करोड का ऋण बजट घोषणा 2023-24 के लिए स्वीकृत करवाया। इससे शहरी क्षेत्रों में सडकों को दुुरस्त करवाया जायेगा। श्री खर्रा ने रूडसिको में स्वीकृत 146 पदों को 2028 तक के लिए अनुमति प्रदान की और वित्त विभाग से स्वीकृति लेने के निर्देश प्रदान किये। रूडसिको की शिड्यूल ऑफ पाॅवर भी स्वीकृत की गई ताकि कार्य सम्पादन में सरलता और पारदर्शिता रहे। आवास योजना एशियन बैंक एवं विश्व बैंक पोषित योजनाएं जो लगभग 20 हजार करोड़ की हैं के संदर्भ में समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्वक कार्य करवाने के लिए निर्देश दिये गये। यह भी निर्देश दिये गये कि पेयजल, इन्फ्राइस्ट्रक्चर रोड, सीवरेज जैसी सुविधाओं का लाभ राजस्थान के शहरी क्षेत्र के निवासियों को अतिशीघ्र दिया जाए। उल्लेखनीय है कि कम्पनी द्वारा वर्ष 2023-24 में कुल 17.50 करोड का लाभ अर्जित किया गया है। श्री खर्रा ने निर्देश दिये कि विभाग में कार्यरत अभियंताओं का मासिक निरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित कर समय-समय पर उन्हे फील्ड में भेजा जाये जिससे तकनीकी खामियों को दुरूस्त किया जा सकें।

C M News: राजस्थान में होगा 45 हजार ट्यूबवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल से मुलाकात कर ’कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचय के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ’कर्मभूमि से मातृभूमि’ कार्यक्रम की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत प्रवासी बंधुओं की जनभागीदारी के माध्यम से मातृभूमि के विकास में योगदान के रूप में राजस्थान राज्य में भूजल स्तर में बढ़ोतरी के लिए 45 हजार ट्यूबवेल रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण होगा। यह अभियान प्रदेश में वाटर रिचार्ज के क्षेत्र में वरदान साबित होगा। उल्लेखनीय है कि इस अभियान के अंतर्गत राजस्थान, मध्यप्रदेश और बिहार के प्रवासी बंधुओं द्वारा भूजल पुनर्भरण हेतु आधुनिक रिचार्ज शाफ्ट्स का निर्माण करवाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में युवाओं के रोजगार व कौशल विकास के लिए किए जा रहे कार्यों एवं अन्य जनकल्याणकारी विषयों पर सार्थक चर्चा की।

C M NEWS: नई नीतियां प्रदेश के विकास में नया अध्याय —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने के लिए 9 नई नीतियों का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नीतियां राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इनसे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इन नीतियों में नवाचारों एवं नये प्रयोगों का समावेश किया गया है जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति, समृद्धि और रोजगार सृजन सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नीतियां हमारे राज्य के लिए रोडमैप होने के साथ ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आने वाले निवेश की बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण आधार भी हैं। यह राज्य के विकास के लिए एक नया अध्याय है जिनके माध्यम से राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति में मदद मिलेगी। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारा संकल्प ‘विकसित राजस्थान’ का है और ये नीतियां उस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान एमएसएमई नीति-2024 प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगी। इससे एमएसएमई को ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता प्रमाणन में सहायता मिल सकेगी। श्री शर्मा ने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने लिए लाई गई नई नीति निर्यातकों को दस्तावेजीकरण, तकनीकी अपग्रेडेशन और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी के लिए मदद करेगी। इससे लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और राजस्थान के उत्पाद वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जिलों के विशिष्ट उत्पादों और शिल्पों को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी नीति लाई गई है जिससे कारीगरों, शिल्पकारों, कृषकों और उत्पाद निर्माताओं की आय में वृद्धि होगी। इस नीति की मदद से ओडीओपी उत्पादों के लिए एकीकृत बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा और इन्हें विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता भी मिलेगी। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में क्लस्टर आधारित विकास के जरिए शिल्पकारों और लघु उद्योगों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य में हस्तशिल्प, हथकरघा और एमएसएमई क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता को बढ़ाकर उन्हें वैश्विक बाजार के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमत्री ने कहा कि ए​नीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रिएलिटी के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने के उद्देश्य से AVGC & XR नीति-2024 लागू की जा रही है। यह नीति प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही, इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलेरेटर स्थापित किए जाएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग का अहम योगदान है। प्रदेश में टूरिज्म को नई दिशा देने के लिए राजस्थान पर्यटन इकाई नीति -2024 लाई गई है। इस नीति के माध्यम से पर्यटन से जुड़े निवेशकों व उद्यमियों को आकर्षित करते हुए निजी क्षेत्र में पर्यटन इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अक्षय ऊर्जा के उत्पादन में अग्रणी राज्य है और यहां सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा की असीमित संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू के साथ ही राइजिंग राजस्थान प्री समिट में ऊर्जा के क्षेत्र में साढ़े छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते किए हैं। इस क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने और निवेश हेतु सकारात्मक वातावरण के निर्माण के लिए राज्य सरकार एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 लेकर आई है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में अक्षय ऊर्जा, बायोमास एवं वेस्ट टू एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में से एक है। यहां 82 तरह के खनिजों के भंडार हैं जिनमें से 58 का व्यवसायिक स्तर पर खनन हो रहा है। नई खनिज नीति के माध्यम से प्रदेश की जीडीपी में खनिज क्षेत्र की वर्तमान 3.4 प्रतिशत की भागीदारी को वर्ष 2029-30 तक 5 प्रतिशत और 2046-47 तक 8 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में बजरी के स्थान पर एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान एम-सेण्ड नीति-2024 लागू की गई है। इससे प्रदेश में एम-सेण्ड के उपयोग व पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण लागत में कमी आएगी।