C M NEWS: किसानों को लाभ देने के लिये राज्य में 23 जनवरी से होगा ग्राम उत्थान शिविरों का आयोजन

प्रदेश में किसानों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिये सरकार ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) -2026’ का आयोजन करने जा रही है। यह आयोजन राज्य में 23 जनवरी से शुरू होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों की सहभागिता सुनिश्चित कर की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ये शिविर दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर 23 जनवरी को प्रथम चरण की शुरूआत होगी, जिसमें 24, 25 व 31 जनवरी को शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 1 फरवरी और 5 से 9 फरवरी तक इनका आयोजन होगा। इस प्रकार 10 दिनों तक प्रदेशभर में 2 हजार 839 शिविर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक प्रदेशभर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों से पहले 22 जनवरी को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को ग्राम उत्थान शिविरों में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी। तार बंदी से लेकर सौर पम्प संयंत्र की मिलेगी स्वीकृति- इन शिविरों में तार बंदी, पाईप लाईन, फार्म पौण्ड, बैलों से खेती योजना के अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि की स्वीकृतियां, सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, बीज मिनिकिट वितरण का सत्यापन करने के साथ ही फव्वारा एवं ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पम्प संयंत्र इत्यादि की स्वीकृतियां और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड और नए कस्टम हायरिंग सेंटर संबंधी कार्य, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों का पंजीकरण एवं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करना, फर्टिलिटी किटों का वितरण, प्राइमरी डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी एवं डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी के पंजीयन के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अन्तर्गत निर्मित आवासों में लाभार्थियों का गृहप्रवेश करवाया जाएगा। वहीं, वीबी जी राम जी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार और पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का सर्वे कार्य पूरा किया जाएगा। इन योजनाओं का मिलेगा लाभ- शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सहित 12 विभाग भाग लेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग को शिविरों का नोडल विभाग बनाया गया है, जो सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए इन शिविरों के माध्यम से कृषकों और पशुपालकों सहित ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करेगा।

Rajasthan News: ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से 35 लाख की आबादी को मिलेगा शुद्ध पेयजल

राजस्थान लंबे समय से पानी की कमी से जूझता रहा है जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित होता है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं पशुपालन पर भी असर पड़ता है। ऐसे में जल जीवन मिशन के तहत निर्माण हो रही ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना से दौसा और सवाई माधोपुर जिले के 1 हजार 256 गांव व 6 कस्बों को 3 लाख 6 हजार 198 जल संबंध किये जाएंगे। इस परियोजना से दोनों जिलों के 35 लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा बल्कि पर्याप्त जल उपलब्धता से किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। प्रथम पैकेज के अन्तर्गत 225 MLD फिल्टर प्लान्ट और 2 स्वच्छ जलाशय (ईसरदा 24.5ML, बगडी-21.5ML) व 2 पम्प हाउस एवं कुल 341 किमी ट्रांसमिशन पाईपलाईन (इनटेक वैल से महुआ तक) बिछाने का कार्य कार्य किया जा रहा है। फर्म द्वारा 286 किमी पाईप लाईन बिछाने का कार्य किया जा चुका है। वर्तमान में मुख्य ट्रांसमिशन पाईप लाईन, क्वाटर्स, गेस्ट हाउस, स्वच्छ जलाशय व फिल्टर प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। द्वितीय पैकेज के अन्तर्गत ईसरदा बांध पर इन्टेक वैल एवं पम्प हाउस (भवन निर्माण) कार्य किया जा रहा है। जिसकी अनुमानित लागत राशि रूपये 17.82 करोड़ है। तृतीय पैकेज (अ) के अन्तर्गत लालसोट कलस्टर के तहत 302 ग्रामों की 5 लाख 57 हजार 652 जनसंख्या (2054) को 33 हजार 460 जल संबंधों के माध्यम से एवं लालसोट शहर की 69 हजार 35 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाएगा। वर्तमान में पाईप लाईन सप्लाई व स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य प्रगति पर है। तृतीय पैकेज (ब) के अन्तर्गत दौसा कलस्टर के तहत 248 गांवों की 5 लाख 92 हजार 868 जनसंख्या (2054) को 39 हजार 250 जल संबंधों के माध्यम से एवं दौसा शहर की 1 लाख 79 हजार 790 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाएगा। चतुर्थ पैकेज बसवा कलस्टर पैकेज के अन्तर्गत 368 ग्रामों की 9 लाख 81 हजार 746 जनसंख्या (2054) को 58 हजार 562 जल संबंधों के माध्यम से एवं बांदीकुई शहर की 1 लाख 56 हजार 800 जनसंख्या (2054) को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। पैकेज चतुर्थ (बसवा व सिकराय) का कार्यादेश जारी किया जा चुका है। वर्तमान में पाईप लाईन सप्लाई व स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य प्रगति पर है। कलस्टर के तहत 2077 किमी पाईप लाईन बिछाई जानी है, अब तक 1666 किमी पाईपलाईन बिछायी जा चुकी है। पंचम पैकेज महुआ के तहत वर्तमान में पाईप लाईन सहित स्वच्छ एवं उच्च जलाशय का निमार्ण कार्य किया जा रहा है। इस पैकेज के अन्तर्गत 315 किमी पाईप लाईन बिछाई जानी है। जिसमें अभी तक 208 किमी पाईपलाईन बिछाई जा चुकी है। षष्टम पैकेज कलस्टर बौंली, चौथ का बरवाडा व मलारना डूंगर पैकेज का कार्य परियोजना खण्ड सवाईमाधोपुर द्वारा सम्पादित किया जा रहा है। पैकेज के अन्तर्गत बौली तहसील के 99 ग्रामों को, मलारना डूंगर तहसील के 61 ग्रामों को एवं चौथ का बरवाड़ा तहसील के 17 ग्रामों को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा।

Rajasthan News: मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन के लक्ष्य 31 मार्च तक को पूरा करें —पशुपालन विभाग

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पशुपालन, गोपालन और मत्स्य विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने मंगला पशु बीमा और सेक्स सॉर्टेड सीमन के लक्ष्य 31 मार्च तक को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को शासन सचिवालय में विभाग की समीक्षा बैठक में डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए कि विभाग के सभी कार्य ऑनलाइन मोड पर करें, सभी प्रकार की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो । इससे विभाग की पारदर्शिता और निष्पक्षता झलकती है। शासन सचिव ने कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुओं के कल्याण के प्रति निरंतर प्रयत्नशील है। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और विभाग के सुदृढ़ीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार मोबाइल वेटरनरी यूनिट के प्रभावी और सुचारू संचालन के प्रति बहुत गंभीर है। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के संचालन से पशुपालको और पशुओं को खासकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित पशुपालकों को बहुत ही लाभ हुआ है। इसलिए इसके गुणवत्तापूर्ण उपयोग के प्रति हमारी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त मोबाइल वेटरनरी यूनिट के जीपीएस के माध्यम से मॉनिटरिेंग करने के निर्देश दिए और लाभार्थियों के फीडबैक लेकर उनके सुझावों के अनुसार सेवा में सुधार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शासन सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा सेक्स सॉर्टेड समीन योजना दोनों बजट घोषणा के कार्य हैं और मुख्यमंत्री विषेष रूप से इन पर नजर रखे हुए हैं, इनकी प्रगति मोस्ट प्रोयोरिटी रखें। उन्होंने कुछ जिलों की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए योजना के प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया जिससे सेक्स सॉर्टेड सीमन का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने कार्य में गति लाने के लिए संस्थावार और तकनीकी कार्मिकवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित समीक्षा करने पर जोर देते हुए कमजोर प्रगति वाली संस्थाओं और कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश प्रदान किए। बैठक में संयुक्त शासन सचिव श्री दिनेश कुमार जांगिड़ ने अधिकारियों को कार्यव्यवस्था के बारे में विस्तार से समझाया और कहा कि काम नहीं करने वाला हमारा दोस्त नहीं हो सकता। जिस काम को करने की उसे तनख्वाह मिलती है वह उसे करना ही चाहिए नहीं तो परिणाम के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

Rajasthan News: देवस्थान विभाग में पुजारियों की होगी भर्ती -देवस्थान मंत्री

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देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने रेल व हवाई यात्रा को मार्च-2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार की महात्वाकांक्षी योजना- वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2025 की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सिंधु दर्शन योजना में श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सहायता राशि में बढोतरी करने संबंधी प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए। श्री कुमावत सोमवार को शासन सचिवालय में देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभाग में पुजारी व अन्य विभिन्न कैडर के नए पद सृजित कर नई भर्ती का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मोक्ष कलश यात्रा में यात्रियों की संख्या में बढोतरी करने को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान मंत्री ने न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने, देवस्थान विभाग की अलग से निर्माण विंग बनाने, देवस्थान विभाग की कृषि योग्य भूमि को लीज पर देने और चिहिन्त मंदिरों में निर्माण कार्यों की डीपीआर बनाकर उसकी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति लेकर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

C M NEWS: राम जलसेतु लिंक परियोजना को मिली गति—जल आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर राजस्थान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत् प्रयासों से प्रदेश की महत्वाकांक्षी राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) मिशन मोड पर आगे बढ़ रही है। जल सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाली परियोजना के तहत चम्बल नदी पर 2.3 किलोमीटर लम्बाई में एक्वाडक्ट का निर्माण किया जा रहा है। यह जून, 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके प्रथम चरण के पैकेज-2 के अंतर्गत 2 हजार 330 करोड़ रूपए की लागत से एक्वाडक्ट बनाया जा रहा है। यह चम्बल एक्वाडक्ट एक छोर में कोटा जिले की दीगोद तहसील के पीपलदा समेल गांव और दूसरे छोर में बूंदी जिले की इंद्रगढ़ तहसील के गोहाटा गांव से जुड़ेगा। इसके माध्यम से कालीसिंध पर निर्मित नवनेरा बैराज से पानी पम्प हाउस से लिफ्ट कर मेज नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद मैज बैराज से पम्प हाउस व फीडर के जरिए गलवा बांध तक और वहां से बीसलपुर और ईसरदा बांध में पहुंचाया जाएगा। इस एक्वाडक्ट के बनने से आमजन को आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग भी उपलब्ध होगा। वहीं निर्माण स्थल पर कैंप और बैचिंग प्लांट का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। एक्वाडक्ट हेतु प्रस्तावित 15 टेस्ट पाइल में से 8 टेस्ट पाइल का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 5060 वर्किंग पाइल प्रस्तावित हैं, जिनमें से लगभग 860 पाइल का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। प्रतिदिन 15-20 पाइल का कार्य 12 रिग मशीनों की सहायता से किया जा रहा है। औसतन 500 क्यूबिक मीटर कंक्रीट कार्य प्रतिदिन किया जा रहा है। साइट पर लगातार शिफ्टों में कार्य जारी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ईआरसीपी को वृहद स्वरूप देते हुए राम जलसेतु लिंक परियोजना (संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना) (लगभग 90 हजार करोड़ रूपए) तैयार की गई है। परियोजना के प्रथम चरण में राज्य के 17 जिलों की लगभग 3 करोड़ 25 लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही, सिंचाई एवं उद्योगों के लिए भी जल उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी। जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में यह परियोजना प्रदेश के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से अग्रसर होगा।

Rajasthan News: सवाई माधोपुर में लगेगा अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट कृषि मंत्री ने की घोषणा की

सवाई माधोपुर का अमरूद आने वाले दिनों में क्षेत्र के किसानों के मीवन में मिठास और खुशहाली लाएगा। राज्य सरकार जिले में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगवाएगी, जिससे देश-विदेश में इस फल और इससे बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसान की आय बढ़ेगी। देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव इसी दिशा में प्रयासों का पहला कदम है। इसके सुखद परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने रविवार को सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव में बिरला ने कहा कि देश में पहली बार अमरूद महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से किसानों, कृषि उत्पाद व्यापारियों और कृषि यंत्र व तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराया गया है ताकि वे अपने अनुभवों को साझा कर इस क्षेत्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर सकें। वहीं मीणा ने सवाई माधोपुर में अमरूद का प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने की घोषणा की है और कहा कि जब किसी कृषि उत्पाद का संवर्धन होता है, तभी किसान की वास्तविक आय बढ़ती है। इस प्रकार यह आयोजन क्षेत्र के अमरूद के किसानों की जिन्दगी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही सवाई माधोपुर में 150 करोड़ रुपये की लागत से अमरूद प्रोसेसिंग प्लान्ट स्थापित करेगी। राजस्थान में कुल 14 हजार हैक्टेयर अमरूद के बगीचों में से 11 हजार हैक्टेयर अकेले इस जिले में हैं। सवाई माधोपुर का अमरूद यहीं पर खपने की जिम्मेदारी श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरी सरकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों का काफी नुकसान हुआ। इससे बचाव के लिए सूरवाल बांध के पानी को बनास नदी में छोड़ने के लिए 110 करोड़ रुपये की लागत से एक चैनल बनाया जाएगा। किसान एक दूसरे से संवाद करें, योजनाओं का लाभ लें।

JLF 2026: तीसरे दिन साहित्य पर भारी पड़ा कुप्रबंधन

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे दिन शनिवार को होटल क्लार्क्स आमेर और जवाहर लाल नेहरू (JLN) मार्ग पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन के ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों और आयोजकों की ‘विश्व स्तरीय’ व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासन की लाचारी: एम्बुलेंस फंसी, जनता त्रस्त — शहर के मुख्य मार्ग JLN मार्ग पर फेस्टिवल, आर्मी डे परेड और वीवीआईपी मूवमेंट के चलते घंटों लंबा जाम लगा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि जयपुर की जनता ‘ट्रैफिक के नरक’ में फंसी है। सबसे शर्मनाक स्थिति तब रही जब गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस अस्पताल के पास ही घंटों जाम में रेंगती नजर आईं। प्रशासन का ‘ट्रैफिक प्लान’ केवल वीवीआईपी गाड़ियों को रास्ता देने तक सीमित रहा। आयोजकों का ‘मुनाफा तंत्र’ और आम पाठकों की अनदेखी — आयोजकों पर आरोप है कि उन्होंने क्षमता से अधिक रजिस्ट्रेशन और पास जारी कर दिए, जिसके कारण होटल परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। सुरक्षाकर्मियों ने ‘भीड़ नियंत्रण’ के नाम पर कई बार गेट बंद किए, जिससे दूर-दराज से आए साहित्य प्रेमी और वैध पास धारक भी बाहर चिलचिलाती धूप में घंटों परेशान होते रहे। आयोजन अब किताबों का उत्सव कम और ‘कॉर्पोरेट इवेंट’ ज्यादा नजर आ रहा है। सुविधा के नाम पर ‘सन्नाटा’ — भीड़ का आलम यह था कि मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गए, जिससे डिजिटल पेमेंट से लेकर अपनों से संपर्क करना तक मुहाल हो गया। फूड स्टॉल्स पर खाने-पीने की चीजों के दाम ‘आसमान’ छू रहे थे, जिसे लेकर दर्शकों ने आयोजकों के खिलाफ भारी नाराजगी जताई। लेखकों और वक्ताओं के सत्रों में बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई बुजुर्ग पाठक जमीन पर बैठकर या खड़े होकर सत्र सुनने को मजबूर हुए। ‘सेल्फी कल्चर’ को बढ़ावा, साहित्य हाशिए पर — गंभीर साहित्य चर्चा के बीच आयोजकों ने जिस तरह से ‘ग्लैमर’ और ‘सेल्फी पॉइंट्स’ को तरजीह दी है, उसने पुराने साहित्यानुरागियों को निराश किया है। मुख्य मंचों पर तकनीकी खराबी और साउंड सिस्टम की विफलता ने वक्ताओं के उत्साह पर पानी फेर दिया। कुल मिलाकर, JLF 2026 का तीसरा दिन आयोजकों की ‘भीड़ बटोरने’ की भूख और प्रशासन की ‘मूकदर्शक’ भूमिका की भेंट चढ़ गया।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने राज उन्नति की कि समीक्षा, कहा कोताही बरतने पर हो सख्त कार्रवाई

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की प्रथम समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की 7 परियोजनाओं और 2 योजनाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया। वहीं आमजन की परिवेदनाओं पर अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उन्हें राहत पहुंचाई। श्री शर्मा ने जिला कलक्टर्स को निर्देश दिए कि आमजन की परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उनका समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लंबित परिवादों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजकीय विभागों और कार्यालयों में आमजन के कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ किए जाएं। श्री शर्मा ने जिला कलक्टर्स को विकास कार्यों में आवश्यक भू-आवंटन पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के बाद शीघ्र निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ किया जाए। जिन स्थानों पर न्यूनतम मापदंडों के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां चरणबद्ध रूप से क्रियान्विति की जाए। उन्होंने जिला कलक्टर्स एवं सचिवों को प्रोएक्टिव एप्रोच के साथ प्रकरणों के निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पीएम सूर्यघर योजना में राजस्थान को बनाए सिरमौर— मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना में अपेक्षित गति लाने के उद्देश्य से कैशलेस वैकल्पिक मॉडल पर शीघ्र कार्य करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग एवं जिला कलक्टर्स आईईसी गतिविधियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करें। श्री शर्मा ने अधिकारियों को योजना में राजस्थान को सिरमौर बनाने के लिए निर्देशित किया। खराब ट्रांसफार्मर्स को तय सीमा में बदलें — श्री शर्मा ने अधिकारियों को जले हुए और खराब ट्रांसफार्मर्स को निर्धारित समय में बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष योग्यजन पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन शत प्रतिशत शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए प्रशासन को आवश्यक होने पर दिव्यांगजनों के घर जाने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने पालनहार योजना में पालनकर्ता एवं बच्चों के शत प्रतिशत वार्षिक सत्यापन सुनिश्चित करते हुए योजना में लंबित भुगतान को जारी करने के निर्देश भी दिए। हीरापुरा बस टर्मिनल हो आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित — मुख्यमंत्री ने जयपुर के हीरापुरा बस टर्मिनल में बस रूटों के निर्धारण और यात्रियों के लिए शेड, पेयजल, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जयपुर जिला कलक्टर, जयपुर विकास आयुक्त एवं जयपुर नगर निगम आयुक्त को बस टर्मिनल से सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के क्रम में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बस टर्मिनल से रोडवेज एवं लोक परिवहन बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है तथा टैफिक कंट्रोल बोर्ड द्वारा नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है। परिवादों के निस्तारण का नियमित हो सत्यापन — मुख्यमंत्री ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन के चयनित परिवादियों से उनके परिवाद निस्तारण पर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का केन्द्र बिंदु है। अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ राजकीय दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन सचिव, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर्स राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन पर प्राप्त परिवादों का नियमित सत्यापन करें। श्री शर्मा ने मुख्य सचिव को अधिकारियों के लिए सत्यापन के प्रकरणों की सीमा तय करने के लिए निर्देशित किया।

JLF 2026: ‘The Kumbh Mela of Literature’ or a ‘Corporate Spectacle’

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The JLF witnessed intellectual bankruptcy and a “circus-like” atmosphere. The organizers may be proud of the large turnout, but the truth is that 80 percent of the attendees were there only to create ‘Instagram Reels’ and take selfies with celebrities. Even during serious discussions between sessions, there was constant noise and laughter from the food stalls in the background. Is this a celebration of literature or the opening of a shopping mall? The Dictatorship of Wealthy and Influential Families in the Name of Literature: The organizers talk about ‘inclusivity,’ but in reality, the festival has become a clique of wealthy and influential families. Ordinary Hindi or regional language writers are marginalized, while writers who speak English with a ‘foreign accent’ are given preferential treatment. Velvet sofas for those with the ₹14,000 per day ‘Friend of the Festival’ passes and a stony ground for the average literature lover—this is the organizers’ idea of ​​’democracy’. Recycling of Ideas, Nothing New: William Dalrymple and Namita Gokhale return every year with the same old faces and the same old issues. The level of discussion in 2026 is the same as it was in 2010. Instead of giving a platform to new and revolutionary ideas, the organizers invite the same ‘established’ names that fit their marketing agenda. This festival is no longer exploring new intellectual territory, but merely regurgitating old ideas. Literature Becoming a Slave to Sponsors: Seeing the large hoardings of corporate brands in every corner of the festival, it seems that the voices of the writers have been drowned out by these brands. When literature becomes completely dependent on corporate funding, it loses the courage to question ‘power’ and the ‘system’. The JLF has now become an “intellectual spectacle.” The people of Jaipur have received nothing but traffic jams and pollution: The organizers managed to attract crowds without considering the city’s infrastructure, but it is the ordinary citizens of Jaipur who are paying the price. Hours of traffic jams, litter strewn across the streets, and noise pollution. For the people of Jaipur, the JLF is no longer a source of “cultural pride,” but an “annual headache.” The organizers call it “the world’s largest free literary festival,” but the heavy price is being paid by the culture and dignity of Jaipur’s literary scene.

Railway News:दिल्ली के लिए रेलवे पार्सल बुकिंग पर रोक

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गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा दिल्ली क्षेत्र के लिए पार्सल बुकिंग पर चार दिनों की अस्थाई रोक लगाई गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर के सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि रेलवे द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 से 26 जनवरी तक चार दिन दिल्ली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार टर्मिनल, दिल्ली सराय रोहिल्ला और आदर्श नगर दिल्ली के लिए सभी प्रकार के पार्सलों के लेन-देन पर अस्थाई प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि इस अवधि में पार्सल गोदाम और रेलवे पार्सल पैकेजिंग गतिविधियां बंद रहेंगी। इसके अंतर्गत सभी स्टेशनों पर लीज पर दिए गए एसएलआर, एजीसी और वीपीएस के माध्यम से होने वाले अंदर व बाहर के समस्त पार्सल ट्रैफिक पर भी रोक रहेगी। इसके अतिरिक्त यात्री कोचों में यात्रियों को केवल व्यक्तिगत सामान ले जाने की अनुमति होगी। वहीं पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग संबंधित सभी वाणिज्यिक औपचारिकताओं की पूर्ति के पश्चात ही की जा सकेगी। यह आदेश सभी रेल मंडलों एवं क्षेत्रीय जोनों से दिल्ली क्षेत्र में रुकने वाली ट्रेनों की लोडिंग और अनलोडिंग गतिविधियों पर भी समान रूप से लागू रहेगा।