Chief Minister: राजस्थान मूल के प्रशासनिक अधिकारियों के सुझाव अहम —मुख्यमंत्री
RAS Council:अधिकारियों की जवाबदेही जरूरी —मुख्यमंत्री
Rising Rajasthan: ‘राइजिंग राजस्थान’ को लेकर मुख्यमंत्री ने पूर्व आईएएस और आईपीएस के साथ की चर्चा
आपको बतादें कि 9 से 11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाली ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेन्ट समिट’ में देश-विदेश के प्रसिद्ध उद्योगपति, औद्योगिक समूह, विभिन्न देशों के व्यापारिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधि मंडल इत्यादि सम्मिलित होंगे। इस समिट की पूर्व गतिविधियों के रूप में अंतरराष्ट्रीय रोडशो, कॉन्फ्रेन्सेज, राउंडटेबल्स तथा विभागों के साथ प्री-समिट आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में साउथ कोरिया, जापान, यूएई एवं कतर में भी इन्वेस्टर मीट आयोजित की जा चुकी हैं। साथ ही, प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न देशों, राज्यों, केन्द्रीय मंत्रालयों एवं पीएसयू से समन्वय करने के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में पर भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने राइजिंग राजस्थान व निवेश संवर्द्धन को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। इन अधिकारियों में चन्द्रमोहन मीणा, रवि माथुर, पुरुषोत्तम अग्रवाल, ललित के. पंवार, श्रीमत पांडे, श्याम अग्रवाल, दीपक उप्रेती, मुकेश शर्मा, संजय दीक्षित, राजेश्वर सिंह, डी.बी. गुप्ता, श्रीमती वीनू गुप्ता और अजीत सिंह शामिल हुए।
वहीं मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री कार्यालय में दक्षिण पश्चिमी कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिन्दर सिंह और ब्रिटिश उप उच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग ने भी मुलाकात की। श्री सिंह की यह शिष्टाचार भेंट थी।
दूसरी ओर श्री शर्मा ने श्री हिकलिंग से आगामी 9 से 11 दिसंबर तक राजस्थान में आयोजित होने वाले ‘राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट’ में ब्रिटिश निवेशकों की सहभागिता पर चर्चा की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने राजस्थान में निवेश के अवसरों, आर्थिक विकास की संभावनाओं तथा प्रदेश की निवेश अनुकूल नीतियों के बारे में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त के साथ जानकारी साझा की। श्री हिकलिंग ने मुख्यमंत्री को सौर ऊर्जा क्षमता में राजस्थान को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई भी दी। Cyber Security: सरकार ने साईबर सुरक्षा और साइबर स्वच्छता पर की एडवायजरी जारी
सामान्य जागरूकता टिप्स
1. ऐसे संकेतों पर ध्यान दें कि आपको कोई संदिग्ध ईमेल मिला है, जैसे ईमेल भेजने वाला, विषय, हस्ताक्षर। 2. किसी ईमेल पर तुरत भरोसा न करें, ध्यान से पढ़े और फिशिंग संकेतों की जाँच करें। जब तक लिंक किसी विश्वसनीय स्रोत से न हों, तब तक उन पर क्लिक करने से बचें। 3. अगर आपको किसी ऐसे नंबर से टेक्स्ट मिलता है जिसे आप पहचानते नहीं है तो उसे ध्यान से पढ़ें। 4. अगर आपको लगता है कि आपको स्मिशिंग टेक्स्ट मैसेज मिला है, तो उसका जवाब न दें। कभी भी किसी ऐसे व्यक्ति या असुरक्षित साइट को व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी न दे जिसे आप नहीं जानते। 5. अगर मैसेज/कॉल में किसी तरह की अत्यावश्यकता की भावना हो, तो हमेशा संदेह करें। 6. फोन कॉल के दौरान सतर्क रहें और ध्यान दे। 7. व्यक्तिगत रूप से या फोन पर जानकारी माँगने वालों की पहचान सत्यापित करें। 8. फोन कॉल पर अपने बैंक खाते का विवरण, व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी आदि साझा न करें। 9. याद रखें कि बैंक कभी भी कार्ड नंबर/सीवीवी नंबर/ओटीपी नहीं पूछता। 10. ईमेल साझा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे साइबर अपराधियों द्वारा इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय हो सकती है, जिससे किसी के पैसे की हेराफेरी हो सकती है। 11. अपने सेल फोन को स्वचालित रूप से अपडेट करने के लिए सॉफ़्टवेयर सेट करके सुरक्षित रखें। 12. पासवर्ड को नियमित रूप से बदलें। 13. मल्टी- फेक्टर ऑथेटिकेशन का उपयोग करके अपने खातों को सुरक्षित रखें। 14. एंटीवायरस इंस्टॉल करें और नियमित रूप से अपडेट करें।Gopal Credit Card: प्रदेश में गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के लिये लगेंगे 25 सितम्बर से कैम्प
यह जानकारी देते हुए राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक श्रीमती श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में गोपालको को डेयरी से संबंधित गतिविधियों जैसे गौवंश हेतु शैड, खेली का निर्माण तथा दुग्ध, चारा, बांट के उपकरण खरीदने के लिये किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर गोपाल क्रेडिट योजना की क्रियान्विति की जा रही है। प्रथम चरण में 5 लाख गोपालक परिवारों को ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे और इस योजना पर आगामी वर्ष 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि गोपालको को ऋण के लिये ऑनलाईन आवेदन हेतु राज्यभर के जिला दुग्ध संघों को पैक्स बैंक के साथ मिलकर ब्लॉक स्तर पर कैम्प आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। एक गोपालक परिवार से एक सदस्य जो कि सहकारी डेयरी समिति को दूध का बेचान करता हो, को प्राथमिक दुग्ध समिति की अनुशंषा पर ऋण प्राप्त कर सकता है। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत ऋण हेतु गोपालक से कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जायेगा। गोपालक द्वारा समय पर अथवा समय से पूर्व चुकारा किये जाने पर आगामी एक वर्ष के लिये नवीन ऋण स्वीकृत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 25 सितम्बर से 9 अक्टूबर के दौरान गोपालक संयुक्त शिविरों में आसानी से आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं। Transport Department: परिवहन विभाग की छवि को बनाएं सकारात्मक —शासन सचिव
श्रीमती त्यागी ने कहा कि सभी उच्चाधिकारियों का स्वयं अनुशासित होना जरूरी है जिससे उनके अधीन सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी अनुशासित होने की प्रेरणा लें। उन्होंने सभी कार्यालयों को साफ सुथरे, स्वच्छ और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य करने का अच्छा माहौल मिल सके।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। विभागीय अधिकारियों के प्रभावी नेतृत्व के साथ टीमवर्क के रूप में कार्य आमजन को राहत पहुंचाएगा। उन्होंने विभाग के दो महत्वपूर्ण सारथी एवं वाहन पोर्टल पर प्रत्येक स्तर पर पेंडेंसी को जल्द से जल्द खत्म करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि इन पोर्टल पर तकनीकी समस्या है तो उसका भी तुरंत समाधान किया जाए और कामकाज में गति लाई जाए।
शासन सचिव ने सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों के प्रभावी रूप से पालन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के ज्यादातर मामलों में वाहन के फिटनेस, गलत साइड से वाहन आने या क्षमता से अधिक सवारी होने के कारण होती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में किसी भी जनहानि से पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि वाहन संबंधी और सड़क सुरक्षा के नियमों की प्रभावी पालना हो और सड़क दुर्घटना में शामिल नियमों के उल्लंघनकर्ता और वाहन चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्यवाही हो। सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता बरतें और सड़क सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग और ई फाइलिंग पर भी जोर दिया जिससे कामकाज की गति में तेजी आए। Domestic Gas: कोटा में पाइप लाइन से घरेलू गैस कनेक्शन पर मिलेगी फ्री गैस
Cold storage application: प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज लगाने के लिये 4 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
Chief Minister: मेवाड़ का शौर्य-पराक्रम देश-विदेश के लिए प्रेरणास्रोत —मुख्यमंत्री

हमारी सरकार दिन-रात जनता की सेवा में तत्पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मंत्रिगण प्रदेशभर का दौरा कर, सचिवालय में बैठक और जनसुनवाई कर दिन-रात जनता की सेवा कर रहे हैं। हमने संकल्प पत्र में किए वादों एवं परिवर्तित बजट 2024-25 की घोषणाओं को अविलम्ब धरातल पर उतारा है। हाल ही में 10 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा की परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों का शुभारंभ, शिलान्यास एवं लोकार्पण हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास के प्रति हमारे दृढ़संकल्प को दर्शाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की 200 विधानसभाओं की करीब 8 करोड़ जनता के विकास एवं कल्याण के लिए कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश की हर पंचायत एवं गांव में विकास कार्य स्वीकृत कर उनकी क्रियान्विति सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक विधानसभा की प्रोफाइलिंग करने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षाजनित समस्याओं का समयबद्ध रूप से निस्तारण एवं विकास कार्यों की रूपरेखा सुनिश्चित की जा सकेगी। 2027 तक किसानों को मिलेगी दिन में भी बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार ठोस कार्य योजना पर काम कर रही है और वर्ष 2027 तक किसानों को दिन के समय में भी बिजली उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, उद्योग एवं घरेलू उपभोक्ताओं को भी पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग, पर्यटन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए पानी की आवश्यकता होती है। इसको ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ईआरसीपी, देवास परियोजना, इंदिरा गांधी नहर एवं यमुना जल समझौता जैसे अहम कदमों से राज्य में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गतिशील है। गोपालक लें 1 लाख रुपए तक ब्याजमुक्त ऋण सुविधा का लाभ श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से गोपालकों के लिए एक लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत गोपालक गाय-भैंस खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनगढ़ बावजी परिसर में स्थित गौशाला को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। साथ ही, उन्होंने भादसोड़ा उप तहसील को तहसील बनाने एवं अनगढ़ बावजी स्थित विद्यालय के क्रमोन्नयन करने की मांग पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन भी दिया। मुख्यमंत्री ने चितौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हुए यहां के शौर्य एवं पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि मेवाड़ शक्ति और भक्ति की भूमि है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, भक्त शिरोमणि मीरा बाई, पन्नाधाय की स्वामीभक्ति और भामाशाह जैसे दानवीरों की यह भूमि हमारे लिए प्रेरणा स्त्रोत है।Mines Department: प्रदेश में एमनेस्टी योजना लागू, मिलेगी ब्याज में छूट
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने विभागीय एमनेस्टी योजना लागू करने की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इस योजना से राज्य सरकार के बकाया राजस्व की वसूली हो सकेगी। साथ ही वसूली प्रयासों में लगने वाले अनावश्यक समय व धन की बचत होने से वसूली कार्य में नियोजित मानव संसाधन का प्रोडक्टिव कार्यों में उपयोग होगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने परिवर्तित बजट 2024 में खनन एमनेस्टी- बकाया प्रकरणों में कुल राशि का श्रेणीवार मात्र 10 से 30 प्रतिशत जमा कराने पर शेष राशि माफ करने की घोषणा की है। विभाग द्वारा बजट घोषणा के क्रियान्वयन में यह एमनेस्टी योजना जारी कर दी है।
खान एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि एमनेस्टी योजना में ब्याज माफी के साथ ही बकाया अवधि के अनुसार अलग-अलग स्लेब में मूल राशि में अधिकतम 90 प्रतिशत तक की राहत दी गई है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए बकाया धारकों द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित राशि योजना अवधि में जमा करानी होगी। डीएमएफटी, आरएसएमईटी, एनजीटी अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा निर्धारित शास्ती राशि या अन्य राशि व आदेश जारी होने की तारीख को प्रभावशील ठेकों, खनिज रियायतों पर यह योजना लागू नहीं होगी।
खनन पट्टाधारी (खण्डित/प्रभावशील) द्वारा मासिक रिटर्न प्रस्तुत करने में हुये विलम्ब/रिटर्न प्रस्तुत नहीं करने से आरोपित/देय शास्ति के प्रकरणों में मासिक रिटर्न 31.03.2025 तक प्रस्तुत करने पर समस्त शास्ति राशि माफ की जावेगी। खनन पट्टों/क्वारी लाइसेंस/बजरी हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति (टीड्ब्लूपी) व ईंट भट्टा परमिटों की बकाया के प्रकरणों में मूल बकाया का 10 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक जमा कराने पर शेष मूल बकाया एवं सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ होगी। नियमों की पालना नहीं करने यथा माईनिंग प्लान/पर्यावरण स्वीकृति/कन्सेन्ट टू ऑपरेट से अधिक उत्पादन के दोषी तथा किसी निर्णय के कारण खनिज रियायत को नल एण्ड वाईड घोषित किए जाने पर, घोषित करने की तिथि से पूर्व की अवधि में खनिज के हुए निर्गमन को अवैध निर्गमन मानकर कायम की गई शास्ति की 31.3.2023 तक की बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि एवं सम्पूर्ण ब्याज माफ की जावेगी।
आर.सी.सी./ई.आर.सी.सी. ठेकों की बकाया के मामलों में खण्डित ठेकों में मूल बकाया का 30 से 40 प्रतिशत तक जमा कराने एवं पूर्ण ठेका अवधि तक प्रभावशील ठेकों में 40 से 50 प्रतिशत मूल बकाया जमा कराने पर शेष मूल बकाया राशि व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। एस.टी.पी. एवं निर्माण विभाग के ठेकेदारों के विरुद्ध 31.03.2023 तक शास्ति स्वरूप कायम की गई मांग के प्रकरणों में बकाया की 20 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया व सम्पूर्ण ब्याज राशि माफ की जावेगी। अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से खनिज के बिना रवन्ना या रवन्नाओं का दुरूपयोग कर निर्गमन के मामलों यथा स्वयं की लीज के उत्पादन को किसी अन्य लीज की रवन्नाओं से निर्गमन, स्वयं की एक लीज के उत्पादित खनिज के लिये अपनी अन्य लीज की रवन्नाओं का उपयोग करना, किसी अन्य व्यक्ति की लीज से उत्पादित खनिज के लिये स्वयं की लीज के लिये जारी रवन्नाओं का उपयोग इत्यादि में बकाया का 10 से 15 प्रतिशत जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी।
अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में अप्रधान खनिज की खण्डित/अध्यर्पित/अवधि समाप्त खनिज रियायतों यथा खनन पट्टा/क्वारी लाईसेंस/ईंट मिट्टी परमिट/बजरी खनन हेतु जारी अस्थाई कार्यानुमति के रियायतधारकों द्वारा स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध खनन के प्रकरणों में बकाया का 15 से 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष बकाया राशि माफ की जावेगी। परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में यह योजना लागू की गई है। 


