Coaching: सरकार ने राजस्थान कोचिंग केंद्र विधेयक 2024 के लिये मांगे सुझाव

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की शासन सचिव डॉ.आरूषी मलिक अध्यक्षता में गुरूवार को हिंदी ग्रंथ अकादमी सभागार में ’’राजस्थान कोचिंग केंद्र विधेयक, 2024’’ के प्रारूप पर स्टेकहोल्डर्स के साथ एक कार्यशाला आयोजित हुई। डॉ. मलिक ने सभी हितधारकों के सुझावों को विभाग के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कोचिंग और स्कूल संचालक भी अभिभावक हैं, बच्चें का उन्नयन, स्वस्थ वातातरण में बेहतर भविष्य का निर्माण हम सभी का लक्ष्य है। उन्होंने कोचिंग संस्थानों से फीस रिफण्ड पॉलिसी और उनके सुझावों को एक सप्ताह की अवधि में विभाग के ई-मेल secretaryhte@gmail.com पर भिजवाए जाने का आग्रह किया। कॉलेज शिक्षा विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश बैरवा ने स्टेक हॉल्डर्स को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया कि वे प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों के संदर्भ में अपने स्पष्ट एवं सारगर्भित सुझाव प्रस्तुत करें ताकि उन पर केन्द्र के दिशा-निर्देशों के आलोक में विचार करते हुए राज्य सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाकर विधेयक को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके।

MNIT: जयपुर में एमएनआईटी का 18वां दीक्षांत समारोह संपन्न

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश विश्वभर में अग्रणी बने। इसके लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करें। उन्होंने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण संस्थाओं को शोध अनुसंधान में मौलिक दृष्टि रखते हुए कार्य करने, पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने और विकसित भारत की संकल्पना के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया।
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श्रीमती मुर्मु बुधवार को एमएनआईटी के 18वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने समारोह में 20 में से 12 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि लड़कियां आगे बढ़ती हैं, तो देश तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने संस्थान की फैकल्टी में एक तिहाई महिलाएं होने को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रौद्योगिकी संस्थानों को नेशनल इंस्टीट्यूट के रूप में राष्ट्र महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है कि ताकि इनके जरिए भारत तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़े। राष्ट्रपति ने समारोह में 805 स्नातक, 477 स्नातकोत्तर और 79 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और 20 स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने छात्रों के लिए निर्मित अरावली छात्रावास का लोकार्पण भी किया। India should become a leader in agriculture sector राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकसित भारत 2047‘ की जो संकल्पना संजोई है, उसका मूल आधार यही है कि देश सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास की ओर आगे बढे़। इसमें युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अर्जित तकनीकी ज्ञान का राष्ट्र के विकास में उपयोग करने पर जोर दिया। श्री बागडे ने एमएनआईटी में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‘ विभाग की स्थापना की सराहना करते हुए कहा कि युवा टेक्नोक्रेट्स के लिए आने वाले समय में इससे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यांत्रिक ज्ञान जरूरी है, परन्तु इस ज्ञान के साथ यदि नैतिक और मानवीय मूल्य जुड़े रहेंगे तभी हम सबका साथ, सबका विकास को सही मायने में सफलीभूत कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की बौद्धिक संपदा है। उन्हें देश के लोकतंत्र और बहुलता के आदर्शों को पूरी तरह से समझते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम‘ की भारतीय संस्कृति और ‘सर्वे भवन्तु सुखिन‘ के अंतर्गत सबके मंगल की कामना को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी को राष्ट्र आराधना करते हुए देश और समाज की उन्नति के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यसन मुक्त रहने और अपने अंदर नैतिक गुणों का अधिक से अधिक विकास किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ तालमेल रखने, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने और जो भी काम मिले, उसे लगन से करने पर जोर दिया।श्री बागडे ने कहा कि प्रयास रहेगा कि राजस्थान के सभी विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग प्राप्त करें। पूरे देश में राज्य के विश्वविद्यालय गुणवत्ता की शिक्षा में अग्रणी रहें। उन्होंने संस्थान के आचार्यों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि के लिए कार्य करें। नई शिक्षा नीति की मंशा के अनुरूप विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करें, जिससे वे रोजगार पाने के योग्य नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। सरकार द्वारा आगामी 5 वर्षों में चार लाख सरकारी भर्तियां की जाएगी। इस वर्ष भी एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए युवा नीति-2024 तथा कौशल क्षमता विकास के लिए नई स्टेट स्किल पॉलिसी लाई जा रही है, जिससे युवाओं की प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि युवाओें को स्टार्टअप स्थापित करने और उनमें उद्यमिता बढ़ाने के लिए अटल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से युवाओं को देश-विदेश के उत्कृष्ट सीईओ का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही, इसके तहत चयनित स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रूपए तक की फंडिंग भी उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जयपुर, भरतुपर, बीकानेर और उदयपुर में एक हजार करोड़ रूपए की लागत से अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर्स स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि तेजी से बदलते हुए परिदृश्य में विद्यार्थी अपनी विशेषज्ञता से न केवल नई तकनीक का विकास कर सकते हैं, बल्कि अनेक समस्याओं के समाधान में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपनी असीमित क्षमता का उपयोग करते हुए देश और प्रदेश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Chief Minister Ayushman Health Scheme: प्रदेश में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का बढ़ेगा दायरा —चिकित्सा मंत्री

प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत राजकीय अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों का नेटवर्क अब गांवों तक भी उपलब्ध हो सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने जन-जन तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से अस्पतालों का नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यतानुसार नियमों में बदलाव एवं सरलीकरण किया जाए। साथ ही, योजना से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम को और मजबूत किया जाए। मंत्री ने यह निर्देश बुधवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में योजना से जुड़े विभिन्न हित धारकों के साथ चर्चा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन एवं विस्तार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है। गांव-ढाणी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं एवं जरूरतमंद लोगों को इलाज खर्च की चिंता से मुक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एक महत्वाकांक्षी और मानवीय पहल है। सभी हितधारक संवेदनशील सोच के साथ इस योजना का लाभ आमजन को पहुंचाएं। श्री खींवसर ने कहा कि इस योजना में पोर्टेबिलिटी की सुविधा जल्द शुरू की जायेगी। इससे बाहर के राज्यों के नागरिक भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे और राजस्थान के रोगी दूसरे राज्यों में इलाज प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। यह सुविधा शुरू होने से प्रदेश में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा मिलेगा। यहां के अस्पतालों में रोगी भार बढ़ने से उन्हें अस्पताल संचालन में लाभ होगा। साथ ही, चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश एवं रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गांव-गांव तक सुगमता पूर्वक उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में चिकित्सा विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। आयुष्मान आरोग्य योजना को बेहतर बनाने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही यह नीति लाई जाएगी। साथ ही, चिकित्सा के क्षेत्र में निजी सहभागिता बढ़ाने के लिए भी नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य यही है कि राजकीय एवं निजी सहभागिता से आमजन को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

Tourism Department: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024 में होगे शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम —शासन सचिव पर्यटन

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शासन सचिव पर्यटन, कला एवं संस्कृति और पुरातत्व विभाग रवि जैन की अध्यक्षता में बुधवार को पर्यटन भवन में “राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के आयोजन और इससे पूर्व 8 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाली प्री-समिट की व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन हेतु पर्यटन विभाग को सौंपे गए दायित्व के निर्वहन के संबंध में एक कार्यशाला आयोजित कर चर्चा की गई। श्री जैन ने निर्देश दिए कि उक्त आयोजन की व्यवस्थाओं का मुस्तैदी से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान राजस्थान की कला और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने हेतु शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसके साथ समिट के दौरान आने वाले डेलिगेट्स के ठहरने की बेहतरीन व्यवस्था, बेहतरीन भोजन व्यवस्था के साथ अन्य सभी व्यवस्थाओं को उत्कृष्टता से सुनिश्चित करें और पर्यटन में अग्रणी हमारे राज्य राजस्थान के महल किले और म्यूजियम का भ्रमण करवाने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। शासन सचिव ने राजस्थान राज्य में निवेशकों द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश करने लिए जिलों और राज्य स्तर पर एमओयू किए जाने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों से क्लियरेन्स हेतु राजस्थान का सिंगल विंडो पोर्टल, राज निवेश पोर्टल महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य में निवेशकों द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में नए निवेश करने लिए राज निवेश पोर्टल पर एमओयू प्रस्ताव स्वीकार किये जा रहे हैं। उन्होंने जिला पर्यटन अधिकारियों को कहा कि वे अपने क्षेत्र के निवेशकों को जो एम ओ यू हेतु प्रोत्साहित किये जा सकते हैं उनकी सूची प्रेषित करें। श्री जैन ने जिलों के पर्यटन अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में पर्यटन इकाई के प्रोजेक्ट को शुरू किए जाने हेतु कोई अनुमति की आवश्यकता है तो आज ही सूचित करें ताकि उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

Chief Minister did Shramdaan: मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर में मालवीय नगर पुलिया के पास स्वयं श्रमदान कर प्रदेश में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आमजन को जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाते हुए शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। Chief Minister did Shramdaan श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था, जिसके सार्थक परिणाम हम सभी को देश में दिख रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेशभर में आज से ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े की शुरूआत की जा रही है। जिसके तहत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सामूहिक जन भागीदारी के श्रमदान के माध्यम से गांवों एवं शहरों में सफाई तथा स्वच्छता का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एवं स्वस्थता एक दूसरे के पर्याय हैं। जिस जगह स्वच्छता रहती है, वहां स्वस्थता अवश्य होगी। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण स्वच्छता बिना जन सहयोग के संभव नहीं है। ऐसे में हम सभी स्वच्छता के विजन को ध्यान में रखते हुए अपने नागरिक कर्तव्य निभाकर इस अभियान का हिस्सा बनें। श्री शर्मा ने सफाई मित्रों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर सम्मानित भी किया। इस दौरान महिला सफाई मित्र ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधा। श्री शर्मा ने नगर निगम की ‘रिसाइकिल’ एवं ‘जयपुर 311’ एप्स का बटन दबाकर शुभारंभ किया। उन्होंने इन दोनों एप्स का पोस्टर विमोचन भी किया। ‘रिसाइकिल एप’ के माध्यम से नगर निगम द्वारा सूचना प्राप्त होने पर अब घर से ही सूखा कचरा श्रेणीवार एकत्रित किया जाएगा। साथ ही, घर पर ही निगम द्वारा ऑनलाइन भुगतान भी किया जाएगा। नगर निगम संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए शहरवासी जयपुर 311 एप का प्रयोग कर सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया तथा निगम द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। वहीं कार्यक्रम समापन के बाद मुख्यमंत्री आराध्य श्री गोविन्द देवजी मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां सपत्नीक विधिवत पूजा-अर्चना की व प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। वहां उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं को तुलसी के पौधे भी वितरित किए।

Inauguration and foundation stone laying: मुख्यमंत्री ने बिड़ला सभागार में किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को बिड़ला सभागार में 10 हजार 376 करोड़ से अधिक लागत के 1 हजार 527 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें कुसुम कम्पोनेंट-सी योजना के तहत 5 हजार 254 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 मेगावाट क्षमता से अधिक की 608 परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही, 5 हजार 120 करोड़ की लागत के 919 कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास हुए। इस अवसर पर श्री शर्मा ने जैसलमेर के भैसाड़ा गांव में एनटीपीसी रिन्यूबल एनर्जी लि. के 160 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण भी किया। साथ ही, इस दौरान एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के मध्य संयुक्त उपक्रम कंपनी की स्थापना के लिए हस्ताक्षर किए गए। इस संयुक्त उपक्रम कंपनी के माध्यम से राज्य में 25 हजार मेगावाट की अक्षय उर्जा परियोजनाओं की स्थापना को गति मिलेगी।

Accommodation: मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 1 लाख 45 हजार आवास स्वीकृति पत्र बांटे

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिड़ला सभागार में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को घर मिले, इस दिशा में केन्द्र और राज्य सरकार प्रयासरत हैं। हर परिवार को समय पर अनुदान राशि उपलब्ध कराने और आवासों को समय पर पूरा करने के लिए हम कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। आज 2 हजार 100 करोड़ से अधिक की लागत से 1 लाख 45 हजार लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र एवं 31 हजार लाभार्थियों को गृह प्रवेश करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना से वंचित पात्रों को शामिल करने के लिए हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया। अब आवास प्लस-2024 के तहत ऐसे परिवारों को आवास मिलेंगे। इसके अतिरिक्त हर परिवार को घर के साथ आवश्यक सुविधाएं भी मिलें, इसके लिए विभिन्न योजनाओं के साथ समन्वय कर 9 लाख 48 हजार परिवारों को पेयजल सुविधा, 15 लाख 34 हजार परिवारों को बिजली एवं एलपीजी कनेक्शन और 16 लाख 83 हजार परिवारों को शौचालय उपलब्ध करवाए गए हैं। इस अवसर पर उन्होंने लाभार्थियों को मकान की चाबी और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। वहीं इस दौरान श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मॉं) वाउचर योजना का शुभारंभ भी किया। इस योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाएं 1,161 निजी पंजीकृत सोनोग्राफी केंद्रों पर निःशुल्क सोनोग्राफी करा सकेगी। इस योजना पर राज्य सरकार 10 करोड़ रुपये से अधिक प्रतिवर्ष व्यय करेगी। मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं को वाउचर देकर मा योजना का शुभारंभ किया।

Appointment Letter: प्रदेश में 8 हजार 32 कार्मिकों को मिले नियुक्ति पत्र

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को बिड़ला सभागार में 8 हजार 32 कार्मिकों को नियुक्ति पत्र बांटे। अन्होने कहा कि युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। पांच वर्षों में निजी क्षेत्र में 6 लाख और सरकारी क्षेत्र में 4 लाख सहित कुल 10 लाख रोजगार अवसरों का सृजन किया जा रहा है। appointment letter उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग 41 हजार नियुक्तियां प्रदान की हैं जिसमें से आज 8 हजार 32 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं। यह हमारी दृढ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में भर्ती परीक्षाओं में युवाओं के साथ खिलवाड़ हुआ। जिन्होंने अन्याय किया उनके विरूद्ध हम कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। चाहे कितना ही बड़ा व्यक्ति हो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंनेे कहा कि राज्य सरकार ने 10 औद्योगिक क्षेत्रों का चिन्हीकरण किया है जिससे युवाओं के लिए रोजगार का सृजन भी होगा। साथ ही, जयपुर में 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित हो रही राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि स्टेट स्किल पॉलिसी बनाकर दो साल में 1.50 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए युवा नीति-2024 भी लेकर आ रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के सार्थक परिणाम आए हैं और जनमानस में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। उन्होंने कहा कि आज स्वच्छता ही सेवा-2024 अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान भी स्वच्छता को जन-आंदोलन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। श्री शर्मा ने कहा कि नमस्ते योजना के अंतर्गत सफाई कार्य में लगे सफाई मित्रों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए कार्य किया जा रहा है। उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच करने के साथ ही उन्हें चिकित्सा सुविधाएं और बीमा कवरेज भी प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नमस्ते योजना के अंतर्गत सफाई मित्रों को पीपीई किट प्रदान किए।

Rajasthan will become self-reliant in energy sector: ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर —मुख्यमंत्री

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर में चौथी वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेश बैठक और एक्सपो (री-इन्वेस्ट 2024) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। यहां का भड़ला सोलर पार्क 2 हजार 245 मेगावाट स्थापित सोलर क्षमता के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेशकों के लिए प्रदेश में अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में 28 गीगावाट अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं से लगभग 470 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादित हो रही है और 32 गीगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। साथ ही, राज्य में 142 गीगावाट सौर ऊर्जा और 284 गीगावाट पवन ऊर्जा के उत्पादन की संभावनाएं हैं। हम वर्ष 2031-32 तक 115 गीगावाट सौर एवं पवन ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। Rajasthan will become self-reliant in energy sector श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमने ’विकसित राजस्थान 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए अगले 10 वर्षों में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत राजस्थान के सभी जिलों में आदर्श सौर ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए में 228 मेगावाट की सोलर परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं और 300 मेगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कम्पोनेंट-सी के तहत राज्य को 4 हजार 524 मेगावाट की सौर परियोजनाओं का आवंटन किया गया है। गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 200 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए राजस्थान को समारोह में सम्मानित किया गया। राज्य ने कुल सोलर ऊर्जा क्षमता श्रेणी में सर्वोच्च उपलब्धि हासिल करते हुए देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता की श्रेणी में राजस्थान द्वितीय स्थान पर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के हाथों से यह पुरस्कार ग्रहण किए।

10 lakh jobs: 5 साल में सरकारी और निजी क्षेत्र में सृजित होंगे 10 लाख रोजगार —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि होनहार प्रतिभाएं अपनी मेहनत और लगन से समाज एवं देश का नाम रोशन करती हैं। उनका सम्मान करने से उन्हें प्रोत्साहन मिलता है तथा अन्य लोग भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित होते हैं। श्री शर्मा रविवार को जयपुर की बस्सी तहसील स्थित बेनाड़ा धाम में अखिल भारतीय हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा जयपुर की ओर से आयोजित सामूहिक गोठ एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए यह आवश्यक है कि हम जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर जरूरतमंद लोगों की मदद करें और उन्हें आगे बढ़ाएं। श्री शर्मा ने कहा कि आपसी भाईचारे की भावना और सर्व समाज को साथ लेकर चलने से ही हम विकसित राजस्थान का संकल्प साकार कर सकते हैं। 10 lakh jobs

राज्य सरकार युवाओं को उपलब्ध करा रही आगे बढ़ने के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत एवं समृद्ध समाज की नींव शिक्षा पर टिकी है इसलिए राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए भरपूर अवसर उपलब्ध करवा रही है। 8वीं, 10वीं तथा 12वीं कक्षा में मैरिट में आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 3 साल तक की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ टेबलेट निःशुल्क दिए जा रहे हैं। 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए प्रतिष्ठित कम्पनियों के माध्यम से कॉर्पोरेट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम संचालित करने के लिए प्रदेश के सभी संभागों में राजस्थान फिनिशिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बिजनेस इनोवेशन प्रोग्राम चलाया जाएगा। राज्य में 20 नए आईटीआई और 10 पॉलीटेक्नीक कॉलेज खोले जाएंगे। स्वामी विवेकानन्द स्कॉलरशिप फॉर अकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत विद्यार्थियों की देश-विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। श्री शर्मा ने कहा कि कौशल विकास के लिए स्टेट स्किल पॉलिसी बनाकर 2 साल में लगभग 1.5 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। अटल इनोवेशन स्टूडियो की स्थापना से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 5 साल में सरकारी एवं निजी क्षेत्र में 10 लाख रोजगार उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावकों का यह दायित्व है कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर कला, विज्ञान, खेल और तकनीकी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाएं, साथ ही उन्हें बुजुर्गों की सेवा करने के संस्कार भी दें। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सपनों की उड़ान भरने के लिए संभावनाओं का आसमान खुला है। उन्हें अपनी लगन और मेहनत से अपने लक्ष्यों को हासिल करना चाहिए।