Budget Announcement: बजट घोषणाओं का समयबद्व क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता —पर्यावरण मंत्री

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वन, पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीकर जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य सरकार की बजट घोषणा 2024—25 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रभारी मंत्री शर्मा ने राज्य सरकार की बजट घोषणाओं में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणााओं का समयबद्व क्रियान्वयन करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक अधिकारी इसकी गंभीरता समझते हुए पूर्ण जिम्मेदारी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणाओं का समयबद्व कार्यक्रम निर्धारित करते हुए शत—प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इन घोषणाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो और आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तर पर भी समन्वय रखा जाये। इस दौरान उन्होंने भारी वर्षा के कारण टूटी सड़कों की मरम्मत से संबंधित प्रस्ताव भिजवाकर उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विधानसभा में स्कूलों, कॉलेजों एवं अस्पतालों की मरम्मत के संबंध में तीन करोड़ रुपए तक के प्रस्ताव राज्य स्तर पर भिजवाने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री शर्मा ने बैठक में 17 सितंबर 2024 को जिला स्तर पर आयोजित होने वाले रोजगार उत्सव की तैयारीयों की समीक्षा भी की। श्री शर्मा ने कहा कि अधिकारी एवं कर्मचारी राज्य सरकार का चेहरा है, इसलिए अधिकारी सक्रिय होकर आमजन की समस्याओं का समाधान करें ताकि राज्य में रामराज की कल्पना को साकार किया जा सके। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणा के संबंध में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए समय पर इनका क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।

RUIDP: चुनिंदा शहर बनेंगे आरयूआईडीपी के मॉडल टाऊन्स —परियोजना निदेशक

एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) द्वारा किये जा रहे शहरी विकास कार्यो की विस्तृत समीक्षा शुक्रवार को परियोजना निदेशक राजेन्द्र विजय ने की। बैठक में श्री विजय ने परियोजना कार्यो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर आमजन को लाभ दिलाने के निर्देश दिये। श्री विजय ने कुछ छोटे और मध्यम श्रेणी के शहरों को सीवरेज के शोधित जल के पुर्नउपयोग के लिहाज से मॉडल टाउन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये और कहा कि इन शहरों को बेस्ट प्रेक्टिसेज या उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया जाये जिससे कि अन्य परियोजना शहरों में इनका अनुकरण किया जा सके। समीक्षा बैठक में पीएमयू के अधिकारियों, तृतीय व चतुर्थ चरण के परियोजना शहरों में स्थित पीआईयू के अभियन्ताओं, सलाहकारी फर्मो के विशेषज्ञों और संवेदकों के परियोजना प्रबंधक और साईट इंजीनियर्स ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में परियोजना निदेशक ने तृतीय चरण के शेष कार्यो को शीघ्र पूर्ण करने तथा चतुर्थ चरण के कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये और पूर्ण हुए कार्यो से आमजन को मिलने वाले लाभों, कार्यो की उपयोगिता और संचालन एवं संधारण के दौरान आ रही चुनौतियों पर चर्चा की। श्री विजय ने शोधित जल के पुर्नउपयोग पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिये ताकि शहरी सीवरेज योजनायें सफल हो। उन्होंने केपीआई या आफिसर बेस्ड रिव्यू पर जोर दिया ताकि परियोजना में बेहतर आउटपुट प्राप्त किया जा सके। परियोजना निदेशक ने अधिकारियों एवं सलाहकारी विशेषज्ञों के फील्ड विजिट बढाने के और फील्ड अधिकारियों को अंतर – विभागीय विषयों को प्रमुखता से सुलझानें के निर्देश दिये। उन्होंने परियोजना में मॉनिटरिंग एवं सुपरविजन और थर्ड पार्टी निरीक्षण को बेहतर तथा उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया।

‘Rising Rajasthan’: पधारो म्हारे देस’ —मुख्यमंत्री ने दिया जापानी निवेशकों को आमंत्रण

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जापान यात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने ओसाका में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में भाग लिया और जापानी निवेशकों से राजस्थान में अपने मौजूदा व्यवसायों का विस्तार करने और नए उद्यम स्थापित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने दो प्रमुख जापानी कंपनियों डाइकिन और एनआईडीईसी कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की। इन कंपनियों के राज्य के नीमराणा जापानी निवेश ज़ोन में पहले से ही उपक्रम हैं। ओसाका निवेशकों की बैठक में राज्य में मौजूद कारोबार की संभावनाओं की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्थान के प्रति विश्वास जताने के लिए जापानी निवेशकों को धन्यवाद दिया। उन्होने ने कहा-
‘Rising Rajasthan’
‘Rising Rajasthan’

“मैं जापानी निवेशक समुदाय से राजस्थान में अपना विश्वास बनाए रखने और भारत और जापान के बीच मौजूदा साझेदारी को और मजबूत बनाने का आग्रह करता हूं। राजस्थान में नीमराणा जापानी निवेश क्षेत्र में लगभग 50 जापानी कंपनियों का सफल संचालन राज्य की व्यापार करने में आसानी और व्यापार के माहौल को बेहतर बनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आने वाले दिनों में हम एमएसएमई नीति, ‘एक जिला एक उत्पाद’ नीति, डेटा सेंटर नीति जैसी कई नए निवेशक-अनुकूल नीतियों को शुरू करने जा रही है, ताकि राज्य निवेशकों और व्यवसायों के लिए एक प्रमुख आकर्षक स्थान के रूप में उभर सके।”

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री राजस्थान के नीमराणा जापानी निवेश क्षेत्र में अवस्थित एक प्रमुख कंपनी डाइकिन इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। ओसाका में डाइकिन इंडस्ट्रीज का मुख्य कार्यालय है, जहां इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अपने बारे में बताया, खासतौर पर राजस्थान में मौजूद उपक्रम के बारे में और राज्य में कंपनी के विस्तार योजनाओं पर चर्चा की। इसके अलावा, इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री कंपनी के टेक्नीकल इन्नोवेशन सेंटर को देखने भी गए। ‘Rising Rajasthan’ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जापानी कंपनी एनआईडीईसी कॉर्पोरेशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और प्रदेश में सरकार द्वारा उठाए जा रहे महत्वपूर्ण व्यापार-अनुकूल परिवर्तनों के बारे में जानकारी दी। एनआईडीईसी कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने राज्य द्वारा व्यावसायिक माहौल को अच्छा बनाने के लिए उठाए जा रहे प्रभावशाली कदमों की सराहना की और आश्वासन दिया कि कंपनी की दीर्घकालिक योजनाओं में राजस्थान भी शामिल है। ओसाका में अनिवासी राजस्थानी समुदाय (एनआरआर) के लोगों ने भी राजस्थान सरकार के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जापान में तकनीकी नवाचारों की शुरुआत करने में अप्रवासी राजस्थानी समुदाय की भूमिका के बारे में प्रसन्नता व्यक्त की और उनसे जापान और राजस्थान के बीच एक सेतु की भूमिका निभाने का अनुरोध किया। इसके अलावा जापानी संस्कृति से मिली सीख को राज्य के लोगों से भी साझा करने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अप्रवासी राजस्थानी अपनी माटी में भी नए व्यवसाय लगाने का प्रयास करें।

Housing Schemes: छोटे शहर में भी बढ़ाई जायेगी आवासीय योजनाएँ —आवासन आयुक्त

राजस्थान आवासन मंडल की सभी अधिशेष व्यावसायिक और आवासीय परिसम्पत्तियों का नियमानुसार जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। ताकि राज्य सरकार की आमजन को अपना आवास देने का संकल्प साकार हो सके। ये कहना है आवासन आयुक्त श्रीमती डाॅ. रश्मि शर्मा का। उन्होंने मंडल की प्रगतिधीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता पूर्ण समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ आवासों का निर्माण करें। वे निर्मित आवासों के विक्रय का लक्ष्य अविलम्ब प्राप्त कर आमजन को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराएं। डा शर्मा ने सभी अभियंताओं को निर्देश दिये की वे समय-समय पर निर्माणाधीन योजनाओं का औचक निरीक्षण करें साथ ही सैंपलिंग भी समय समय पर होती रहे। उल्लेखनीय है की हाल ही में डा ॰रश्मि ने जयपुर स्तिथ आवासन मण्डल की संपत्तियों का औचक निरीक्षण किया था जहाँ उन्होंने खुद के समक्ष सैंपल्स की जाँच लैब में करवाई थी। आयुक्त ने कहा कि मंडल प्रदेश के सभी अंचलों में आमजन को आवास देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने मंडल की योजनाओं के लिए जमीनों को तय समय पर अवाप्त करने एवं आवासों की नीलामी भी तय समय पर करने के निर्देश दिए। ताकि मण्डल की आवासीय योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा आमजन को मिल सकें। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थागत संपत्तियों का चिह्नीकरण किया जाए, जहां आवंटन पश्चात् तय समय सीमा के अंदर निर्माण नहीं हुआ है, ऐसी संपत्तियों का निरस्तीकरण तत्काल प्रभाव से किया जाए। आवासन आयुक्त ने खाली मकानों के शीघ्र ऑक्शन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नवीन आवासीय योजनाओं के संबध में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि अभियंता जमीन को अवाप्त करने से पहले कोस्ट बेनेफिट अध्ययन भी सुनिश्चित करें। श्रीमती शर्मा ने कहा कि उप आवासन, वृत्त एवं खण्ड कार्यालयों के डिजिटलाईजेशन के जरिये योजनाओं का लाभ आमजन को जल्द से जल्द पहुचाया जाए। उन्होंने कहा कि आवासों से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में अभियंताओं द्वारा ई-सिगनेचर का उपयोग हो ताकि जरूरतमंद आवेदकों को आवास समय पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण की की एसओपी बनाकर लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ई -ऑक्शन को भी और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए कार्ययोजना जल्द बनाई जाए।

‘Water Festival-2024’: प्रदेश मनायेगा ‘राजस्थान जल महोत्सव-2024’ —जल संसाधन मंत्री

जल संसाधन मंत्री ने सुरेश सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष मानसून की असीम कृपा रही है। मरु प्रदेश राजस्थान के लिए यह मंगल उत्सव का समय है। उन्होंने कहा कि वर्षा के इस सुखप्रद समय को उत्सव के रूप में मनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सम्पूर्ण रूप से भरे बांधों और जलाशयों पर 14 सितम्बर को जलझूलनी एकादशी के दिन ‘राजस्थान जल महोत्सव-2024’ मनाने का निर्णय लिया गया है। श्री रावत ने कहा कि प्रदेश में इस बार सामान्य से 215 मिलीमीटर अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश के विकास का सुखद संदेश है। अच्छे मानसून के चलते प्रदेश के बांध कुल भराव क्षमता के 84.18 प्रतिशत तक भर चुके हैं। तकरीबन 376 बांध लबालब हैं और अधिकांश जलाशय पूरे भर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी वर्षा से आगामी साल में प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली में वृद्धि होगी और चहुँमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि आमजन में भी इस समय हर्ष का माहौल है। मंत्री ने कहा कि जलझूलनी एकादशी पर प्रदेश भर में ‘राजस्थान जल महोत्सव-2024’ के तहत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जल संग्रहण एवं जल मितव्ययता के बारे में चर्चा की जाएगी। उन्होंने आयोजन की पूर्व तैयारियों के संबंध में सम्बंधित विभागों और जिलों को निर्देश प्रदान किये तथा आपसी समन्वय से कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए कहा। उन्होंने कहा कि महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं तथा छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, काश्तकारों, आमजन, संस्थाओं, मीडिया और सबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अधिकाधिक संख्या में जोड़ने के निर्देश दिये।

Jaipur Discom: उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना निगम कार्मिकों की जिम्मेदारी —चेयरमैन डिस्कॉम

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चेयरमैन डिस्कॉम्स एवं जयपुर विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा ने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण निचले स्तर तक प्रत्येक निगम कार्मिक की जिम्मेदारी है। सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही तथा निगम हितों के प्रतिकूल व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुश्री डोगरा गुरूवार को विद्युत भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में जयपुर विद्युत वितरण निगम के सभी वृत्त अधीक्षण अभियंताओं के साथ विभिन्न विषयों पर समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बिजली आम उपभोक्ता की आवश्यकता से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवा है। फील्ड में कार्यरत अधीक्षण अभियंता यह सुनिश्चित करें कि मीटर बदलने, कनेक्शन, बिजली आपूर्ति बहाल करने जैसे कार्यों के लिए उपभोक्ताओं को परेशान न होना पड़े। डिस्कॉम्स चेयरमैन ने कहा कि कुसुम योजना किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति करने और पीएम सूर्यघर निशुल्क बिजली योजना सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इन योजनाओं की निचले स्तर तक मॉनीटरिंग करें। उन्होंने अधीक्षण अभियंताओं को नियमित रूप से एक्सईएन और एईएन कार्यालयों, स्टोर, ग्रिड सब स्टेशनों तथा विद्युत फीडर्स का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इससे उन्हें विद्युत तंत्र में अपेक्षित सुधारों को लागू करने और कमियों को दूर करने का मौका मिलेगा। सुश्री डोगरा ने इस दौरान सर्किल वार एटी एंड सी लॉसेज, रिकवरी, मेटेरियल की उपलब्धता, बकाया कनेक्शन, ट्रांसफॉर्मर बदलने, उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण, पीएम सूर्यघर निशुल्क बिजली योजना आदि की समीक्षा की।

Crop loss Recovery: फसल खराबे की गिरदावरी समय पर हो —ऊर्जा राज्यमंत्री

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ऊर्जा राज्यमंत्री मंत्री हीरालाल नागर ने निर्देश दिए है कि अतिवृष्टि से हुए फसलों के नुकसान की गिरदावरी का कार्य जिम्मेदारी और सावधानी के साथ पूर्ण करवाकर किसानों को समय पर उचित मुआवजा दिलवाया जाए। गुरुवार को बूंदी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, जिले में अतिवृष्टि से हुए सरकारी परिसम्पतियों के नुकसान की जिला स्‍तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बूंदी जिले में भारी बारिश एव अतिवृष्टि से हुए खराबे की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की भावना के अनुरूप बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी त्वरित कार्रवाई करें। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बजट घोषणाएं जल्द लागू हो, इसलिए जिला और उपखंड स्तरीय अधिकारी घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करें।

Japan: मुख्यमंत्री ने जापान सरकार के मंत्रियों से की मुलाकात

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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने गुरूवार को जापान सरकार के मंत्रियों से बातचीत की और राजस्थान में निवेश को सुविधाजनक बनाने में जापान के निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। इनमें अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग के संसदीय उप-मंत्री इशी ताकू और लैंड, इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और पर्यटन मंत्रालय ) के संसदीय उप-मंत्री श्री इशीबाशी रिंटारो के साथ हुई बैठकें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें दिसंबर में आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट— 2024 में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।
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जापानी कंपनियों के साथ व्यावसायिक सहयोग का विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिक व्हीकल , एनर्जी स्टोरेज, इंफ्रास्ट्रक्चर, अक्षय ऊर्जा, पर्यटन, केमिकल और पेट्रोकेमिकल्स, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता हैं और इनमें निवेश के अनेक अवसर मौजूद हैं। होंडा मोटर के साथ हुई बैठक के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने राज्य में दी गई मौजूदा सुविधाओं, अवसरों और राजस्थान सरकार के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि राजस्थान उनके दीर्घकालिक और विस्तार योजनाओं में प्रमुख रूप से शामिल है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य में ईलेक्ट्रिक व्हीकल क्षेत्र में निवेश के अवसरों और संभावनाओं की चर्चा की और सुझाव दिया कि जोधपुर पाली मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के अंदर ईवी इकाई के लिए कंपनी संभावित जगह तलाश सकती है। वहीं वाफुकु अस्पताल और होम केयर समूह के अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के मुलाकात की। इस बैठक में कंपनी के अधिकारियों ने राजस्थान में एक अस्पताल और जापानी भाषा संस्थान स्थापित करने में अपनी रुचि जतायी और कहा कि इससे 5-6 सालों में तकरीबन 10,000 लोगों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

Saras Dairy: प्रदेश में सरस डेयरी का “सरस अमृतम” अभियान शुरू

राज्य सरकार ने आमजन को उच्च गुणवत्ता और सम्पूर्ण शुद्धतायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत की पहल पर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन ने सरस दूध एवं दूध से बने उत्पादों की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये राज्य स्तरीय “सरस अमृतम” अभियान शुरु किया है। फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक श्रीमती श्रुति भारद्वाज के अनुसार अभियान के अन्तर्गत प्रत्येक जिला दुग्ध संघ स्तर पर एक सर्तकता दल का गठन किया जायेगा जो प्रतिदिन उनके कार्यक्षेत्र में स्थित प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों, बल्क मिल्क कूलर, चिलिंग सेंटर, डेयरी बूथ और सरस पार्लर आदि का औचक निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि आम उपभोक्ताओं को सम्पूर्ण शुद्धतायुक्त दूध तथा दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराये जायें। प्रतिदिन किये जाने वाले निरीक्षण की रिपोर्ट ऑन लाईन गूगल शीट पर अद्यतन करनी आवश्यक होगी। श्रीमति भारद्वाज ने बताया कि आरसीडीएफ द्वारा राज्यभर के जिला दुग्ध संघों में औचक निरीक्षण कर दूध की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये जोनल प्रभारी भी बनाये गये हैं जो विभिन्न जिला दुग्ध संघ की समितियों सहित डेयरी प्लान्ट, चिलिंग सेंटर आदि का निरीक्षण भी करेंगे। आरसीडीएफ स्तर पर एक राज्य स्तरीय सर्तकता दल भी गठित है जो विभिन्न जिला दुग्ध संघों का औचक निरीक्षण करेगी तथा कच्चे माल, पैकिंग मेटिरियल और दूध एवं दुग्ध उत्पादों के ऑन द स्पॉट सैम्पल लेकर उनकी जांच करवाएगी ताकि सरस ब्राण्ड के दूध एवं अन्य उत्पादों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। फैडरेशन की प्रबन्ध संचालक ने बताया कि राज्यभर में डेयरी प्लान्टस, चिलिंग सेन्टर्स, बीएमसी, डेयरी बूथस और सरस पार्लर आदि पर हाईजिनिक कंडीशंस भी मेंटेन की जावेगी। जवाहर लाल नेहरु मार्ग स्थित सरस मुख्यालय में एक कंट्रोल रुम की स्थापना भी की गई है जिसके मोबाईल नम्बर 76100-00671 पर राज्यभर से सरस उपभोक्ता और दुग्ध उत्पादक दूध अथवा दूध से बने सरस उत्पादों की गुणवत्ता की शिकायत कर सकते हैं। गुणवत्ता में शिकायत पाये जाने पर तय प्रकिया अनुसार संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

Animal Husbandry Department: पशुपालन में औचक निरीक्षण, 31 कार्मिकों को जारी किया नोटिस

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पशुपालन, मत्स्य एवं गौ-पालन विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा के साथ निदेशक पशुपालन और उनकी टीम ने बुधवार को प्रातः 8 बजे आदर्श नगर, आमेर और कानोता के पशु चिकित्सा संस्थाओं का औचक निरीक्षण और पॉलीक्लिनिक पांच बत्ती और प्रथम श्रेणी पशुचिकित्सालय, दुर्गापुरा का औचक वीडियो निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान आदर्शनगर पशुचिकित्सालय के ताला लगा पाया गया एवं कार्मिक विलम्ब से पहुुचे। पशुचिकित्सालय, दुर्गापुरा में प्रभारी अधिकारी अनुपस्थित पाये गये तथा पॉलीक्लिनिक पांच बत्ती में 4 कार्मिक अनुपस्थित पाये गये। आमेर एवं आदर्श नगर पशुचिकित्सालयोें की व्यवस्थाओ पर असंतोष व्यक्त करते हुए इन्हें तुरन्त प्रभाव से सुधारने के निर्देश प्रदान किये गये। प्रातः 09:30 बजे पशुपालन निदेशालय और गोपालन निदेशालय का औचक निरीक्षण किया। विभाग में अधिकतर अधिकारी और कार्मिक उपस्थित पाये गए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और अनुपस्थित पाए गए 29 अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाने के निर्देश दिए। जिसके क्रम में निदेशक पशुपालन व निदेशक गोपालन ने नोटिस जारी किए। विलंब से आने वाले कार्मिकों और अधिकारियों को उन्होंने फूल भेंट करते हुए उन्हें देरी से नहीं आने का संकल्प दिलाया। उन्होंने सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को कार्य समय में कार्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। बिना पूर्व सूचना एवं अनुमति के कार्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति नही होनी चाहिए अन्यथा कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही व निलंबन किया जाएगा। वहीं शासन सचिव ने पशुधन भवन की साफ सफाई के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए बाहरी हिस्सों की सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई अभियान चलाकर नकारा सामान व कबाड़ की नीलामी आदि एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किए जानेे के निर्देश दिए। डॉ शर्मा ने कहा कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय समय में अपना परिचय पत्र आवश्यक रूप से पहनना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रदेश के सभी पॉलीक्लीनिक और पशु चिकित्सा संस्थानों को आदर्श स्थिति में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्सालयों में सेवाएं बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सालयों में सूचनाओं के प्रदर्शन के लिए सूचना पट्टिका होनी चाहिए जिस पर उपस्थित स्टाफ की सुचना के साथ साथ उपलब्ध सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। और हर जिले का एक प्रभारी बनाकर महीने में प्रत्येक जिले का दौरा सुनिश्चित किया जाए।