Police headquarter: एडीजी रैंक के पुलिस अधिकारी करेंगे रेंज का दौरा अपराधों पर लगेगी लगाम

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय से प्रदेश के अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब अपने प्रभार वाली पुलिस रेंज का सघन दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा सीएमओ में शनिवार को ली गई गृह विभाग की समीक्षा बैठक में इस बाबत विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक डीजीपी उत्कल रंजन साहू ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी रेंज प्रभारी अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एडीजी) को रेंज का दौरा कर कानून व्यवस्था की स्थिति एवं अपराधों की रोकथाम एवं पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में प्रदेश में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की स्थिति को चाक-चौबंद बनाने के लिए अतिरिक्त सजगता बरतने को कहा है। इसकी पालना में सभी रेंज प्रभारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपनी रेंज के पुलिस जिलों की विजिट के दौरान वहां कमजोर वर्गों, महिला व बच्चों के विरुद्ध अपराध एवं साइबर सुरक्षा से मामलों पर नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही इनके पेंडिंग प्रकरणों की समीक्षा के लिए पाबंद किया गया है। इसके अलावा सभी रेंज प्रभारी एडीजी मादक पदार्थो से संबंधित मामलों पर की स्थिति एवं अन्य गंभीर प्रकृति के अपराधों पर नियंत्रण की समीक्षा कर पेंडिंग प्रकरणों के बारे में अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करेंगे। श्री साहू ने बताया की सभी रेंज प्रभारी एडीजी अपने दौरे के दौरान सुरक्षा सखियों से बात कर महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित प्रकरणों के बारे में अलग से फीडबैक लेंगे। इसके साथ ही सभी रेंज में निर्भया स्क्वाड, एंटी रोमियो स्क्वाड और महिला हेल्पलाइन की सक्रियता और वे कैसा काम कर रही है, इसकी मौके पर विस्तार से समीक्षा की जाएगी।

“National Nutrition Month 2024”: “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का हुआ आयोजन

1 सितम्बर से प्रदेश में “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का आयोजन किया गया है। जिसमें महिलाओं और बच्चों का पोषण को बढ़ावा देने, उनके बेहतर स्वास्थ्य की गतिविधियां संचालित करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और पोषण भी पढ़ाई भी को लक्षित किया गया है। आईसीडीएस निदेशक ओपी बुनकर ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से आयोजित होने वाले इस अभियान में एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB), बेहतर शासन के लिए तकनीकी उपाय, पर्यावरण संरक्षण थीम्स हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का कैलेंडर तैयार किया गया है। जिसके अनुसार गतिविधियों को आयोजित किया जाना है। श्री बुनकर ने जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा वर्कर, महिला पर्यवेक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अन्य सभी सहयोगी विभागों के समन्वय से “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” की गतिविधियों का कैलेंडर के अनुसार आयोजन किया जाए।

Disabled pregnant women: दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को सितंबर से मिलेंगे 10000 रूपये

महिला एवं बाल विकास विभाग ने 2024-25 में प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत दिव्यांग गर्भवती महिलाओं को प्रथम सन्तान के लिए वर्तमान में दी जा रही राशि 6500 रूपये के स्थान पर 01 सितंबर से बढ़ाकर 10 हजार रूपये किया गया है। विभाग के अनुसार दिव्यांग महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तथा संतान के जन्म के पश्चात अधिक पौष्टिक आहार मिल सके इस हेतु उक्त राशि में बढ़ोतरी कर उसे 10 हजार रूपये किया गया है। इसके साथ ही माँ और बच्चें का बेहतर स्वास्थ्य हो और टीकाकरण सुनिश्चित हो सके इस हेतु उक्त प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। यह 3500 रूपये की अतिरिक्त राशि 100 प्रतिशत राज्य निधि से डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। योजना में प्रथम किश्त का भुगतान आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकरण और कम से कम एक प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच पर पूर्व में 3000 रूपये दिये जाते थे। जिसे बढ़ाकर 4000 रूपये कर दिया गया है। बच्चे के जन्म पर पूर्व में मिलने वाले 1500 रूपये की द्वितीय किश्त को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। बच्चे के जन्म का पंजीकरण एवं प्रथम चरण के सम्पूर्ण टीकाकरण पर चौदह सप्ताह की आयु तक के सभी टीके पूर्ण करवाने पर मिलने वाली तीसरी किश्त 2000 रूपये को बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। बढ़ी हुई राशि 3500 रूपये ऐसी महिलाएं को देय है जो आंशिक रूप से (40 प्रतिशत) अथवा पूरी तरह से अक्षम है। उन्हें डीबीटी के माध्यम से उक्त राशि दी जाएगी।

Law and order: सुदृढ़ कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था बनाये रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति से सख्त से सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने पुलिस विभाग को पूर्ण मुस्तैदी से प्रदेश में आमजन को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
Law and order:
सुदृढ़ कानून व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता —मुख्यमंत्री
श्री शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेंज में दौरा करें एवं जिलेवार कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग करें। उन्होंने पुलिस विभाग को प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को लेकर की गई कार्रवाई और सकारात्मक कार्यों की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने के लिए निर्देशित किया। श्री शर्मा ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर क्राइम पर रोकथाम जरूरी है। इसके लिए आमजन को जागरूक किया जाए एवं अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रखें। साथ ही नारकोटिक्स से संबंधित मामलों एवं अवैध खनन पर भी त्वरित कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को बदलते समय के साथ सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखनी है। इसके लिए आईटी विशेषज्ञों की सहायता ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर कालिका यूनिट के गठन की कार्यवाही को शीघ्र पूरा किया जाए।

Nomadic and semi-nomadic homeless: प्रदेश के आवासहीनों को सरकार देगी पट्टा

nomadic and semi-nomadic homeless
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प्रदेश में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशानुसार आवासहीनों को पट्टे दिये जायेगें। सरकार विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु आवासहीन व्यक्तियों के लिये अभियान चलाया जाकर भूखण्ड/पट्टा आवंटित करेगी। इस अभियान के तहत राज्यभर में उपरोक्त श्रेणी के आवासहीन परिवारों को आगामी 02 अक्टूबर, 2024 को एक साथ पट्टा वितरित किये जाने का निश्चय किया गया है। प्रासंगिक पत्र द्वारा इस अभियान के लिये प्रारम्भिक दिषा-निर्देष सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला परिषद् को प्रेषित किये जा चुके है। nomadic and semi-nomadic homeless पंचायती राज शासन सचिव एवं आयुक्त रवि जैन के अनुसार 02 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा आवासहीनों को पट्टे दिये जायेगें। श्री जैन ने बताया कि कार्यक्रम की सफल क्रियान्विति हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जिला परिषद संबंधित को जिला स्तर पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त कर किया गया है।उन्होने बताया कि इस अभियान के तहत आवंटित किये जाने वाले भूखण्डों हेतु रियायती दरों का निर्धारण राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-158(2) के अनुसार किया जायेग। नियमों के तहत 1000 से कम की आबादी वाले गावों में 1991 की जनगणना के अनुसार 2/-प्रति वर्ग मीटर, 1001 से 2000 की आबादी वाले गावों में 5/- प्रति वर्ग मीटर और 2000 से अधिक की आबादी वाले गावों में 10/ प्रति वर्ग मीटर के आवंटन पत्र जारी किये जायेगें।श्री जैन ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा उपरोक्त श्रेणी के चिन्हित किये गए ऐसे व्यक्ति जिनके पास जाति प्रमाण-पत्र नहीं है, ऐसे समस्त व्यक्तियों के जाति प्रमाण-पत्र भी बनवाये जायेगें। ताकि प्रमाण-पत्र के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति भूखण्ड/पट्टा आवंटन से वंचित नहीं रह जाये।उन्होने यह भी बताया कि राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम-158(1) के तहत अधिकतम 300 वग र्गज तक का भूखण्ड आवंटित किये जायेगें। जिसमें भूखण्ड का क्षेत्रफल 300 वग र्गज तक की सीमा में हो और ग्राम पंचायत के पास आबादी भूमि की उपलब्धता और पात्र व्यक्ति की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जायेगें।

LPG Cylinder: 39 रुपये महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर

एलपीजी सिलेंडर आज से महंगे हो गये है। महंगे हुये सिलेंडरों की नई रेट आज से लागू हो गई है। आपको बता दें कि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर अब 39 रुपए महंगा हो गया है। अगर अगर जयपुर की बात करें तो अब यह सिलेंडर 1680 रुपए से बढ़कर 1719 रुपए का हो गया है। लेकिन, घरेलू गैस सिलेंडर की रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। तेल कंपनियों ने अगस्त माह में 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 12 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। वहीं एक जुलाई को तेल कंपनियों ने 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 30 रुपए प्रति सिलेंडर की भी कटौती थी। दूसरी और अब लगातार दूसरे महीने में गैस ​कीमतों में इजाफा हुआ है।

Gas cylinder: प्रदेश में आज से मिलेगे 450 में गैस सिलेंडर

नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) से जुड़े परिवारों को सरकार आज से सस्ते रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाएगी। बजट घोषण के अनुसार प्रदेश में बीपीएल और उज्जवला कनेक्शनधारियों और NFSA परिवारों को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने की घोषणा की थी। सरकार के इस निर्णय से अब करीब 68 लाख परिवारों को और फायदा होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक परिवार को हर महीने एक सिलेंडर 450 रुपए में दिया जाएगा। LPG  

आपको बतादें कि लाभार्थी परिवारों को सिलेंडर डिलीवरी करने वाले होकर को तो उतने ही पैसे देने पड़ेंगे जितना सामान्य परिवार देते हैं, लेकिन डिफरेंस राशि यानी सब्सिडी का पैसा सरकार लाभार्थी के सीधे खाते में ट्रांसफर करेगी।

Vermi compost: वर्मी कंपोस्ट के लिये कृषकों को मिल रहा 50 हजार का अनुदान

आधुनिक युग में खेती में रासायनिक खादों का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है। जिससे मृदा की उर्वरकता में कमी आ रही है। मृदा की उर्वरकता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण की शुरुआत की गई है। इससे मृदा की जैविक और भौतिक स्थिति में सुधार लाया जा सकेगा। इससे मृदा की उर्वरकता एवं पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। रासायनिक उर्वरकों से खेती की बढ़ती हुई लागत को कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पारंपरिक खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिससे फसलों को उचित पोषण मिलने पर उनकी पूर्ण वृ​​द्धि होगी एवं किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। कृषि आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने अनुसार वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने के लिए किसानों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5 हजार वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आयुक्त ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट इकाई लगाने के लिए किसान के पास एक स्थान पर न्यूनतम कृषि योग्य 0.4 हैक्टेयर भूमि का होना आवश्यक है। कृषक राज किसान साथी पोर्टल या नजदीकी ई- मित्र केंद्र पर जाकर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कृषक के पास न्यूनतम 6 माह पुरानी जमाबंदी होना आवश्यक है। आपको बतादें कि जैविक खेती कम खर्च में उत्पादन बढ़ाने का साधन है। जैविक खाद द्वारा मिट्टी के साथ मनुष्य की सेहत भी दुरुस्त रहती है। ऑर्गेनिक फार्मिंग से मिट्टी की संरचना बेहतर रहती है और पर्यावरण को भी लाभ होता है। इससे मिट्टी में जीवाणुओं की संख्या और भूजल स्तर भी कायम रहता है।

‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024: ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024

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‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का पहला ‘इन्वेस्टर मीट’ आज भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में माननीय मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ के दौरान राजस्थान में निवेश के लिए राज्य सरकार के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन और विभिन्न उद्योगपतियों के बीच 4.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इस ‘इन्वेस्टर मीट’ में उद्योग एवं व्यापार जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुए और इस दौरान अक्षय ऊर्जा, सीमेंट, केमिकल्स और पेट्रोकेमिकल्स, नागरिक उड्डयन और आईटीआई के अपग्रेडेशन जैसे कई क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू (MoUs) किया गया। प्रदेश में निवेश के लिए जिन प्रमुख भारतीय कंपनियों और औद्योगिक समूहों ने सरकार के साथ एमओयू (MoUs) किया, उनमें अदानी ग्रुप, वेदांता ग्रुप, जेएसडब्लू ग्रुप, टाटा ग्रुप, वारी ग्रुप, डालमिया ग्रुप और स्टार सीमेंट जैसे ग्रुप शामिल हैं। ‘इन्वेस्टर मीट’ में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ‘विकसित राजस्थान’ का होना जरूरी है। राजस्थान अपार संभावनाओं से लैस प्रदेश है जहां प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन हैं। इसके अलावा हमारे राज्य में स्किल्ड वर्कफोर्स की भरमार है और यहां निवेश के असीमित अवसर हैं। मैं निवेशक समुदाय, कॉरपोरेट्स और बाकी अन्य संस्थानों को हमारे खूबसूरत राज्य में आने के लिए आमंत्रित करता हूं। आइए और राजस्थान सरकार की निवेशकों के अनुकूल नेक्स्ट जेनरेशन नीतियों का लाभ उठाइए।”
‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024
‘Rising Rajasthan’ Global Investment Summit 2024
आपको बतादें कि ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का आयोजन इस साल 9, 10 और 11 दिसंबर को राजधानी जयपुर होगा। इसका आयोजन राजस्थान सरकार के तत्वाधान में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, बीआईपी और राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (रीको) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसका नोडल विभाग बीआईपी है। इस त्रि-दिवसीय मेगा समिट का उद्देश्य देश-विदेश की बड़ी-छोटी कंपनियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और निवेशकों को राज्य में आ कर काम करने के लिए आकर्षित करना, प्रदेश में विभिन्न तरह के उद्योग-धंधे लगाने में मदद करना और सुविधाएँ मुहैय्या कराना है। इस ग्लोबल समिट के दौरान कृषि, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा और कौशल, ऑटो और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स), इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल और पेट्रो-केमिकल, पर्यटन, स्टार्टअप, खनन और ईएसडीएम/आईटी और आईटीईएस (ESDM/IT and ITeS) सहित विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष सत्र का आयोजन होगा।

mining activities: प्रदेश में जल्द होगी बजरी प्लाटों की निलामी

निदेशक खान एवं भूविज्ञान भगवती प्रसाद कलाल ने राज्य में खंडित और न्यायालयों द्वारा निर्णित खनिज प्लॉटों का डेलिनियेशन कार्य पूरा कर दो दिन में ऑक्शन के प्रस्ताव खान निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में बजरी खनिज की जिला सर्वे रिपोर्ट अनुमोदित हो चुकी हैं, अब उसके अनुसार बजरी के प्लॉट तैयार कर तत्काल भिजवाये जाएं ताकि बजरी प्लॉटों की भी नीलामी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर रोक के लिए मिनरल क्षेत्रों में प्लॉट तैयार कर नीलामी करना प्राथमिकता में है। श्री कलाल शुक्रवार को वीसी के माध्यम से प्रदेश के माइनिंग विंग के फील्ड अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि एम. सेंड नीति के अनुसार दो —दो प्लॉट एम सेंड के लिए भी तैयार कर भिजवाये जाने हैं ताकि उनकी भी नीलामी की जा सके। उन्होंने कहा कि बजरी के विकल्प के रुप में एम सेंड उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। डीएमजी ने अतिरिक्त निदेशक स्तर पर प्रभावी मॉ​ मॉनिटरिंग व्यवस्था की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि इससे कार्य में तेजी और तय समय सीमा में प्रकरणों का निस्तारण हो सकेगा। उन्होंने राजकीय बकाया की वसूली में तेजी लाने और अवैध खनन गतिविधियों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए।