सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बुधवार को कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में किसानों और पशुपालकों की समृद्धि और कल्याण के लिये कृतसंकल्प है और इसी सोच को साकार करने के लिये राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना पोर्टल की शुरूआत की गई है।
नेहरू सहकार भवन में आयोजित समारोह में पोर्टल की शुरूआत करते हुये श्री दक ने कहा कि देश में पहली बार राजस्थान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत गोपालक किसान परिवार को एक लाख रुपये तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण एक वर्ष की अवधि के लिये उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि गोपालक किसान द्वारा ऋण का समय पर चुकारा करने पर किसी प्रकार का ब्याज नहीं देना होगा।
Interest free short term loan of Rs 1 lakh
सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोपालक किसान परिवारों को गाय, भैंस हेतु शैड, खेली निर्माण और चारा/बांटा सहित आवश्यक उपकरण खरीदने के लिये पैसों की कमी रहती थी, जिससे वह गोपालन से मिल सकने वाला पूरा लाभ नहीं ले पाता था। इसी को ध्यान में रखते हुये गोपालक किसान को ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
श्री दक ने कहा कि ऋण वितरण को पारदर्शी बनाने तथा गोपालक किसान परिवार को ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिये ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संपादित किया जायेगा। गोपालक किसान ई-मित्र केन्द्र या संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से ऋण के लिये आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि गोपालक किसान को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकाधिक गोपालक किसानों को गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने के लिये दुग्ध संघ एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों के संयुक्त तत्वाधान में शिविरों का आयोजन किया जायेगा ताकि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किये गये पांच लाख किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों से कहा कि योजना का अधिकाधिक लाभ पहुंचाने के लिये योजना का प्रचार-प्रसार किया जावे।
निदेशक ओपी बुनकर की अध्यक्षता में बुधवार को जयपुर स्थित आईसीडीएस निदेशालय में “राष्ट्रीय पोषण माह-2024” के सम्बन्ध में वीसी के माध्यम से जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ की उपस्थिति में तैयारी बैठक आयोजित की गई। निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) ओ पी बुनकर के अनुसार 1 सितम्बर 2024 से प्रदेश में “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भारत सरकार द्वारा दी गई थीम्स आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएगी।
निदेशक ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लक्ष्य से आयोजित होने वाले इस अभियान में एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी (PBPB), बेहतर शासन के लिए तकनीकी उपाय, पर्यावरण संरक्षण थीम्स हैं। राष्ट्रीय पोषण माह 2024 का कैलेंडर तैयार किया गया है। जिसके अनुसार गतिविधियों को आयोजित किया जाना है।
श्री बुनकर ने जिला उपनिदेशकों एवं सीडीपीओ को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा वर्कर, महिला पर्यवेक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अन्य सभी सहयोगी विभागों के समन्वय से “राष्ट्रीय पोषण माह 2024” की गतिविधियों का कैलेंडर के अनुसार आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को उत्साह पूर्वक मनाया जाना सुनिश्चित किया जाए ताकि यह अभियान एक जन आंदोलन के रूप में उभरकर आए।
बुधवार को आरएसआरडीसी बोर्ड मीटिंग में निर्णय लिया है की प्रदेश में वर्तमान में लागू टोल पॉलिसी के कुछ बिन्दओं को समय की आवश्यकता के अनुरूप संशोधित किया जाये। इस संबंध में वर्तमान में लागू संवेदक का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समाप्त कर दी गई जिससे अधिक संख्या में संवेदक निविदा प्रक्रिया में भाग ले सकेगें। टोल की कान्ट्रेक्ट की अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष कर दी गयी है। जिसे अधिकतम 3 माह बढ़ाया जा सकेगा। नियमों की पालना नहीं करने पर रू 1 लाख प्रति त्रुटि की पेनेल्टी का प्रावधान रखा गया है। यह दस्तावेज एनएचआई के नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है। टोल रोड पर टोल टैक्स एकत्र करने हेतु नयी आरएफक्यू कम आरएफपी दस्तावेज तैयार किये गये हैं। इसके तहत् संवेदक की नेट वर्थ निविदा लागत की 20 प्रतिशत होना आवश्यक है।
बोर्ड के निर्णय अनुसार प्रदेश के स्टेट हाईवे महत्वपूर्ण स्थानों को कनेक्टीविटी प्रदान करते है और इन पर लाखों लोग गुजरते है। इनकी सुविधा के लिये इन स्टेट हाईवेज पर वे-साईड सुविधाएं जैसे रेस्टोरेन्ट सुविधाऐं आदि विकसित करने का तत्काल परिक्षण किया जाएगा। आरएसआरडीसी भवन में फास्टैग कमाण्ड सेंटर स्थापित किया गया है। इस सेन्टर के माध्यम से प्रदेश के सभी फास्टैग आधारित संचालित टोल प्लाजाओं की लाईव मोनिटरिंग की जा सकती है। इन सभी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कमाण्ड सेंटर में लगी स्क्रीन्स पर टोल्स का लाईव व्यू उपलब्ध होता है। वहीं टोल कर्मियों के नागरिकों के साथ व्यवहार पर भी इसके माध्यम से नजर रखी जा सकती है और आवश्यकता पडने पर टैफिक मेनेजमेंट में भी उपयोग किया जा सकता है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि सभी टोलो पर फास्टैग तत्काल चालू किया जाये।
आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में अब अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप किए गए पुराने वाहन का पंजीयन क्रमांक (रजिस्ट्रेशन नंबर) नए वाहन को आवंटित किया जा सकेगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त मनीषा अरोड़ा के अनुसार राजस्थान मोटरयान नियम, 1990 के तहत अब वाहन स्वामी अपने पूर्व के पंजीकृत वाहन पंजीयन क्रमांक को नए खरीदे गए वाहन पर रिटेन कर सकते हैं। इस संबंध में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। कोई भी आवेदक vscrap पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर आवेदन कर सकता है। वाहन स्वामी द्वारा वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर को देकर पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में सर्टिफिकेट ऑफ डिपाजिट दिया जाएगा। स्क्रैप केंद्र द्वारा वाहन को स्क्रैप कर सर्टिफिकेट आफ व्हीकल स्क्रेपिंग जारी किया जाएगा। इसके बाद वाहन स्वामी संबंधित पंजीयन अधिकारी को पंजीयन क्रमांक रिटेंशन की निर्धारित फीस के साथ आवेदन कर सकते हैं। पंजीयन अधिकारी द्वारा स्क्रैप हुए वाहन के पंजीयन क्रमांक को नए क्रय किए जाने वाले वाहन पर लेने के लिए पोर्टल पर अनुमत किए जाने की सूचना वाहन स्वामी को एसएमएस या सिटिजन पोर्टल के माध्यम से मिलेगी।
Manisha Arora
परिवहन आयुक्त ने बताया कि ऐसे वाहन जिनका क्रय एवं पंजीयन राज्य में स्थापित अधिकृत वाहन डीलर द्वारा किया गया है, वे आवेदक नए क्रय किए गए वाहन के पंजीयन के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ नंबर रिटेंशन की फीस की रसीद वाहन डीलर को देंगे। डीलर वाहन पोर्टल पर रिटेंशन पंजीयन विकल्प का चयन कर नए वाहन के पंजीयन का इनवार्ड करेगा और निर्धारित पंजीयन फीस और टैक्स का भुगतान करेगा। वाहन डीलर को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्क्रैप किए गए वाहन का स्वामी और नए क्रय किए गए वाहन का स्वामी एक ही व्यक्ति है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज वाहन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। शेष प्रक्रिया सामान्य पंजीयन की भांति ही पूरी कर पंजीयन क्रमांक आवंटित करने के कार्यवाही की जाएगी।
ऐसे वाहन जिनका नियमानुसार अस्थाई पंजीयन प्रमाण पत्र जारी किया गया है, उनका पंजीयन संबंधित जिला परिवहन अधिकारी द्वारा किया जाएगा। आवेदक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ नंबर रिटेंशन की फीस की रसीद संबंधित पंजीयन अधिकारी या जिला परिवहन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। वाहन पोर्टल पर रिटेंशन पंजीयन विकल्प का चयन कर नए वाहन के पंजीयन का इनवार्ड कर निर्धारित पंजीयन एवं टैक्स का भुगतान किया जाएगा। इनवार्ड के समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्क्रैप किए गए वाहन एवं नए क्रय किए गए वाहन का स्वामी एक ही व्यक्ति है। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज वाहन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। जिला परिवहन अधिकारी पंजीयन की शेष प्रक्रिया सामान्य पंजीयन की भांति पूर्ण कर पंजीयन क्रमांक आवंटित करने के कार्यवाही करेंगे। स्क्रैप किए गए वाहन की हिस्ट्री देखने के लिए स्क्रैप किए गए वाहन को वाहन पोर्टल पर डमी पंजीयन क्रमांक आवंटित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत 12 नई परियोजनाओं के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, जिसमें प्रदेश के जोधपुर-पाली भी शामिल है। इस निर्णय से हमारे जोधपुर-पाली क्षेत्र का औद्योगिक परिदृश्य बदलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक उत्थान भी हो सकेगा। यह निर्णय विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उल्लेखनीय है कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को देश में औद्योगिक नोड्स और शहरों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने के लिए 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस नेटवर्क से आर्थिक विकास की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश में बरसात से ख़राब हुई सड़कों को ठीक करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 1 सितम्बर से 25 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान कार्यों की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए और कामों को निर्धारित अवधि में पूरा करवाया जाए। इस दौरान सड़क मरम्मत कार्यों के साथ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम प्राथमिकता से किया जायेगा। सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वालों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य में जमीनी स्तर पर प्रयास होने चाहिए। उन्होंने सभी विद्यालयों में पहली कक्षा से चरित्र निर्माण और संस्कारी नागरिक बनाने की शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने पिछड़े क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां पर राजकीय ही नहीं निजी क्षेत्र में भी स्तरीय विद्यालय खोले जाने को प्रोत्साहित किए जाने की नीति पर कार्य किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य के गांव गरीब के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने घुमंतू परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी प्रयास किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र को सहयोग के लिए प्रेरित किए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों में चरित्र निर्माण, संस्कार, देशभक्ति की शिक्षा और नैतिक मूल्य के पाठ भी विशेष रूप से सम्मिलित किए जाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने स्कूलों में खेल मैदान निर्माण, बाउंड्री, सौर ऊर्जा, वृक्षारोपण आदि के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने का आह्वान किया।
राज्यपाल बागडे मंगलवार को राजभवन में शिक्षा विभाग की विशेष समीक्षा की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा में संस्कार शिक्षा को राज्य में प्राथमिकता देते हुए प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश गुणवत्ता शिक्षा में निरंतर विकास करे। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में राज्य में किए जाने वाले विशेष प्रयासो के बारे में भी जानकारी दी।
श्री बागडे ने शिक्षकों के प्रबोधन के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को समयानुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने की प्रभावी व्यवस्था हो। इसके लिए उन्होंने जिलेवार नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास से विद्यार्थियों को जोड़ने आदि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के आराध्य गोविंददेव जी मंदिर में भगवान गोविंददेव जी की शोभायात्रा का विधिवत पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप गोविंददेव जी जयपुर के आराध्य देव हैं और शहरवासियों की आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि शोभायात्राओं जैसे कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद्गीता गीता के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व को फल की चिंता किए बिना कर्म करते रहने का संदेश दिया। उनके उपदेश वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मथुरा से उज्जैन तक श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित प्रमुख स्थानों को विकसित करते हुए कृष्ण गमन पथ बनाया जाएगा।
प्रदेश में चलाए जा रहे शुद्ध आहार—मिलावट पर वार अभियान के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम की टीम ने मंगलवार को जयसिंहपुरा खोर इलाके में छापा मारकर नकली देशी घी बनाने की फैक्टी पकड़ी।
अतिरिक्त आयुक्त पंकज ओझा के अनुसार मुखबिर से प्राप्त सूचना पर दिल्ली रोड स्थित अफजल विहार कॉलोनी में पुलिस की मदद से एक मकान पर छापा मारा गया। यहां मोहम्मद अनीस नाम के व्यक्ति द्वारा मकान में भट्टियां आदि लगाकर वनस्पति तेलों में एसेंस मिलाकर विभिन्न ब्रांड का देशी घी बनाया जा रहा था। मौके पर ढेर सारा पैकिंग मैटेरियल और पैकिंग की आधुनिक मशीनें मिलीं। सरस, महान, कृष्णा, लोटस जैसे कई ब्रांड का घी पैक किया जा रहा था। घी में बदबू आ रही थी। नकली घी का निर्माण कर उसे बाजार में खपाया जा रहा था। पूछताछ करने पर अनीस ने बताया की दिल्ली से पैकिंग मैटेरियल लाता है और वह नकली घी पैक कर जयपुर और आसपास के शहरों में सप्लाई कर देता है।
मौके पर विभिन्न ब्रांडों का 1000 लीटर नकली घी पाया गया, जिसका सैंपल लेकर सीज किया गया। सरस के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। उनके द्वारा जांच की गई। नई पैकिंग पर ब्रांड के बारकोड भी लगाए हुए थे और वर्तमान सीरीज के बैच नंबर भी अंकित थे।
खाद्य ,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा चलाये जा रहे कंज्यूमर केयर अभियान में 9वें दिन 85 फर्मो पर विधिक मापविज्ञान अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही की गई। जिनमे 05 फर्मो पर कम माप तौल करना तथा 50 फर्मो पर सत्यापन प्रमाण पत्र एवं सत्यापित बाट माप नही पाये गये। टीमों ने फर्मो के विरूद्ध मौके पर ही नोटिस जारी कर 2 लाख 29 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है।
कंज्यूमर केयर अभियान 31 अगस्त तक नियमित रूप से चलाया जायेगा। इस अभियान का उद्देश्य व्यापारियों को उपभोक्ताओं के व्यापक हित में सही माप तौल करने के लिये प्रेरित करने के साथ ही उपभोक्ताओं को उनके मूल अधिकारों के बारे में सूचित किये जाने तथा उपभोक्ता शिक्षा का प्रसार करना है। किसी भी प्रकार की सेवा एवं वस्तुएं जो राशि देकर प्राप्त की गई है, उन सेवाओं और वस्तुओं की मानक, मात्रा एवं सही माप तौल उपभोक्ता का विधिक अधिकार है इन अधिकारों के उल्लंघन पर उपभोक्ता, उपभोक्ता मामले विभाग को शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता हैल्पलाइन एयरलाइन, ऑटोमोबाइल, बैकिंग, ड्रग्स एवं मेडिसिन, विद्युत, फूड, पेट्रोलियम, इंश्योरेन्स, टेलिकॉम जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य उपभोक्ता हैल्पलाइन नं. 18001806030 में प्रातः 9 से रात्रि 9 बजे तक एवं वाट्सएप नं. 7230086030 पर किसी भी समय शिकायत की जा सकती है।