Supreme Court: SC/ST सदस्य का अपमान करना SC/ST Act के तहत अपराध नहीं —सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार 20 अगस्त 2024 को कहा कि:— “अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(आर) के पाठ में दिखाई देने वाले शब्द अपमानित करने के इरादे से उस व्यक्ति की जाति पहचान से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं, जिसे जानबूझकर अपमान या धमकी का शिकार होना पड़ता है। SC/ST समुदाय के सदस्य का हर जानबूझकर अपमान या धमकी जाति-आधारित अपमान की भावना का परिणाम नहीं होगी। यह केवल उन मामलों में होता है, जहां जानबूझकर अपमान या धमकी अस्पृश्यता की प्रचलित प्रथा के कारण या छुआछूत को मजबूत करने के लिए होती है। ऐतिहासिक रूप से जड़ जमाए हुए विचार जैसे उच्च जातियों की निम्न जातियों/अछूतों पर श्रेष्ठता, ‘पवित्रता’ और ‘अपवित्रता’ की धारणाएं, इत्यादि, जिन्हें अधिनियम, 1989 द्वारा परिकल्पित प्रकार का अपमान या धमकी कहा जा सकता है।” सौजन्य :— लाइव लॉ

Chief Minister: संत महात्मा हमारे जीवन में मार्गदर्शक की निभाते हैं भूमिका —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संत महात्मा हमारे जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। हमारी आध्यात्मिक उन्नति में उनका अहम योगदान होता है। वे समाज को संस्कारित बनाने का कार्य करते हैं और संस्कारवान भावी पीढ़ियां देश-प्रदेश का नाम रोशन करती हैं। श्री शर्मा रविवार को एक दिवसीय जोधपुर यात्रा के दौरान गांधी मैदान में आयोजित ‘जीने की कला’ विशिष्ट प्रवचन माला कार्यक्रम में शामिल हुए और संत ललितप्रभ, संत चन्द्रप्रभ एवं डॉ. मुनि शांतिप्रिय महाराज से प्रदेश की खुशहाली का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हजारों साल पुरानी है। संत महात्मा हमारी इस संस्कृति के वाहक हैं। श्री शर्मा ने कहा कि हमारी आध्यात्मिक रूप से समृद्धता ही हमें दुनिया में एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और इसीलिए भारत को ‘विश्वगुरू’ कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने बाद में चांदपोल स्थित रामस्नेही संप्रदाय जूना रामद्वारा पहुंचकर संत श्री अमृतराम जी महाराज का भी आशीर्वाद लिया।

Environment and health News: साइकिल चलाना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए लाभदायक —श्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हमारी धरती को दिन-प्रतिदिन कमजोर बना रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि मिलकर पर्यावरण को बचाने के लिए सार्थक प्रयास करें। श्री शर्मा ने कहा कि हम सब मिलकर पर्यावरण और अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा का संकल्प लें और हरा-भरा व स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करें। प्रकृति को बचाने के लिए बदलाव की शुरूआत हमें स्वयं से ही करनी होगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को जयपुर के एसएमएस स्टेडियम से हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला और आइएमसीटी फाउण्डेशन द्वारा पर्यावरण सरंक्षण के लिए आयोजित साइकिल रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। और हमें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। इनसे हम शारीरिक रूप से तो स्वस्थ रहते ही हैं साथ ही, हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

Medical News: राजस्थान बनेगा मेडिकल ट्यूरिज्म हब —श्रीमती शुभ्रा सिंह

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन में आयोजित उच्च स्तरीय कार्यशाला में प्रदेश में मेडिकल वेल्यू ट्यूरिज्म बढ़ाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। श्रीमती सिंह ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात कर रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान को मेडिकल ट्यूरिज्म के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार नीतिगत फैसले लिए जा रहे हैं। इस दिशा में जल्द ही ‘हील इन राजस्थान‘ पॉलिसी लाई जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान में चिकित्सा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है। विश्व स्तरीय संस्थानों का निर्माण यहां हो रहा है। होलिस्टिक एप्रोच के साथ ऐलोपैथी एवं आयुष चिकित्सा और वैलनेस गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सवाई मानसिंह अस्पताल में आयुष्मान टॉवर का निर्माण, दो मेडिसिटी एवं मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना, हर जिले में मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज, टेलीमेडिसिन को बढ़ावा, निजी क्षेत्र में भी कई उच्च श्रेणी के चिकित्सा संस्थानों का प्रदेश में आना ऐसे कदम हैं, जिनसे राजस्थान मेडिकल ट्यूरिज्म की दिशा में नई ऊंचाइयां छुएगा। साथ ही, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में भी पोर्टेबिलिटी का प्रावधान जल्द ही होने से यहां बाहर के राज्यों के रोगी उपचार के लिए आ सकेंगे। श्रीमती सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर उत्थान होने, वाजिब दरों पर सुगमतापूर्वक उपचार उपलब्ध होने से प्रदेश में मेडिकल ट्यूरिज्म की संभावनाएं तेजी से विकसित हुई हैं। नीतिगत निर्णयों के माध्यम से राज्य सरकार इन संभावनाओं को और अधिक विस्तार देना चाहती है। इससे प्रदेश न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट के रूप में सामने आएगा, बल्कि निवेश एवं रोजगार के भी बडे़ अवसर सृजित होंगे। फार्मा, होटल व्यवसाय सहित अन्य उद्यमों को भी इससे बढ़ावा मिलेगा। हील इन राजस्थान पॉलिसी इन संभावनाओं को धरातल पर लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

Our brave soldiers: हमारे जांबाज सैनिक देश के असली हीरो —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारे जांबाज सैनिक देश के असली हीरो हैं। वे हमारी मातृभूमि के प्रहरी हैं। इन वीरों के अदम्य साहस और हौसलों के कारण ही 140 करोड़ देशवासी निश्चित होकर रह रहे हैं। हमारे जवान प्रत्येक भारतवासी का स्वाभिमान है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान वह धरा है, जहां मां अपने एक बेटे के शहीद होने पर दूसरे बेटे को भी सेना में भेजने का जज्बा दिखाती है। उन्होंने कहा कि इन सपूतों को जन्म देने वाली मां और उनके परिजन देश की रक्षा के लिए बड़े से बड़ा बलिदान देना अपना गौरव मानते हैं। भारत माता के गौरव को ऊंचा रखने में हमेशा सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने भी त्याग की मिसाल कायम की है। सैनिकों की बहादुरी और वीरांगनाओं के त्याग की कहानियां हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं। श्री शर्मा ने ये बात शनिवार को सैनिकों के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा। इस दौरान उन्होंने शहीदों की वीरांगनाओं और परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सैनिकों और वीरांगनाओं के प्रति हमारे दिलों में जो सम्मान और आदर है, उसकी एक सच्ची अभिव्यक्ति है। उनके प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है यहां की माताओं ने अपने बेटों को और वीरांगनाओं ने अपने सुहाग को देश को समर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाएं और सैनिकों के परिवारों को सहयोग प्रदान करें। यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम समाज में उनकी उपस्थिति को महसूस करें और उनके लिए एक ऐसा वातावरण तैयार करें जिसमें वे अपने कर्तव्यों को पूरा करने में सच्चा संतोष और गर्व महसूस कर सकें।
Our brave soldiers
Our brave soldiers

पूर्व सैनिकों तथा आश्रितों की समस्याओं का मौके पर ही हो रहा समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन कर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं आश्रितों की पेंशन विसंगतियों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर कैंप आयोजित कर प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैटल कैजुअल्टी एवं शौर्य पदक धारकों को भूमि आवंटन की गई है। वीरगति प्राप्त सैनिकों के आश्रितों के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष पैकेज (कारगिल पैकेज) दिया जाता है। इस पैकेज में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, वीरांगना को नकद राशि, हाउसिंग बोर्ड का मकान या इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में भूमि या भूमि के बदले नकद राशि का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को रोडवेज बसों में निःशुल्क यात्रा, बच्चों को छात्रवृत्ति और आउट ऑफ टर्न कृषि बिजली कनेक्शन का प्रावधान है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर युवाओं को राज्य पुलिस, आरएसी, जेल प्रहरी और वनरक्षक के पद पर नियुक्ति देने का काम करेगी।

Temporary Fireworks license —जयपुर ग्रामीण में तिशबाजी के अस्थाई अनुज्ञा पत्र के आवेदन 2 सितंबर तक

जयपुर ग्रामीण में दीपावली के अवसर पर विस्फोटक (आतिशबाजी) के अस्थाई अनुज्ञापत्र के लिए 2 सितंबर तक आवदेन किया जा सकेगा। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के थाना शाहपुरा, मनोहरपुर, अमरसर, जमवारामगढ़, आंधी, चंदवाजी रायसर, नरेना, मांजी रेनवाल, माधोराजपुरा, सांभर फुलेरा, जोबनर रेनवाल, गोविन्दगढ़, सामोद, कालाडेरा के लिए दिनांक 5 अक्टूबर 2024 से 3 नवंबर 2024 तक जारी किये जाएंगे। इच्छुक आवेदक विस्फोटक नियम 2008 के अन्तर्गत निर्धारित प्रपत्र में आवेदन दिनांक 2 सितम्बर 2024 तक अपने थाना क्षेत्र के संबंधित उपखण्ड कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन पत्र के साथ प्रस्तावित स्थल का मानचित्र की 5 प्रतियां जिसमें आसपास के व्यावसायिक स्थलों का स्पष्ट रूप से अंकन हो तथा साथ में शपथ पत्र, किरायानामा/स्वामित्व के कागजात की प्रमाणित प्रति एवं स्वयं के पासपोर्ट साईज की 2 फोटो संलग्न किया जाना आवश्यक है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

E-Bus Services —प्रदेश में ई-बस सेवाओं का शीघ्र होगा संचालन —मुख्यमंत्री

केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अन्तर्गत विद्युत आधारभूत संरचना विकास (बिहाइंड द मीटर) के लिए प्रदेश के 8 शहरों हेतु 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता के रूप में 35.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए 7 शहरों हेतु 34.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति देकर प्रथम किश्त के रूप में 8.62 करोड रुपये की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम ई-बस सेवा के तहत प्रदेश में ई-बसों का संचालन शीघ्र शुरू हो सकेगा। ई-बस सेवा के माध्यम से प्रदेश में शहरी परिवहन दक्षता में वृद्धि होने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा का भी विस्तार होगा। उल्लेखनीय है कि विद्युत आधारभूत संरचना विकास (बिहाइंड द मीटर) के लिए डिस्कॉम से करवाये जाने वाले डिपोजिट वर्क हेतु 100 प्रतिशत राशि तथा शेष कार्य हेतु स्वीकृत राशि की 25 प्रतिशत राशि प्रथम किश्त के रूप में जारी की गयी है।. वहीं सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए केन्द्र सरकार के 60 प्रतिशत हिस्से की प्रथम किश्त के रूप में कुल स्वीकृति की 25 प्रतिशत राशि जारी की गयी है।

Developed Rajasthan 2047 —विकसित राजस्थान 2047 के ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित विकास के लिए कार्य कर रही है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों के निवासियों के लिए गुणवत्तापूर्ण जीवन और समुचित आर्थिक अवसर उपलब्ध करवाने और ईज ऑफ अर्बन लिविंग की अवधारणा को साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। श्री शर्मा शुक्रवार को ‘विकसित राजस्थान 2047-नगरीय निकायों के लिए रोडमैप’ राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भवन निर्माण के लिए उसका नक्शा बनाना जरूरी है उसी तरह भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकास का रोडमैप तैयार करना आवश्यक है। श्री शर्मा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित राजस्थान की परिकल्पना साकार करने के लिए हमें शहरों को आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार, परिवहन सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सक्षम बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा के दौरान प्रकृति के संरक्षण का भी ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के साथ ही नागरिकों को भी राज्य को विकसित बनाने में अहम भूमिका निभानी होगी। सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से ही हम जयपुर सहित राजस्थान के दूसरे प्रमुख शहरों को विश्व स्तरीय बनाने का संकल्प साकार कर सकेंगे।
developed rajasthan 2047
developed rajasthan 2047

सरकार का पहला साल बिजली और पानी के लिए समर्पित—

श्री शर्मा ने कहा कि हर राज्य के विकास के लिए बिजली और पानी मूलभूत आवश्यकता है इसलिए राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल का पहला वर्ष बिजली और पानी के लिए समर्पित किया है। बिजली और पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे तो राज्य में कृषि और उद्योगों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपए के एमओयू किए हैं। इसी प्रकार पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए ईआरसीपी, यमुना जल समझौता और देवास परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर नियोजन की कार्य योजना को मूर्त रूप देने के लिए संबंधित विभागों को आपस में समन्वय के साथ कार्य करना होगा जिससे योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करते समय सभी पक्षों से सलाह और सुझाव लेकर सुनिश्चित कार्ययोजना तैयार की जाए और समस्याओं का दीर्घकालीन समाधान निकालें। श्री शर्मा ने कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए नागरिकों का बौद्धिक रूप से विकास होना जरूरी है। इसलिए हम बौद्धिक स्तर पर विकसित होते हुए देश और प्रदेश को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। हम सब मिलकर ‘एक दिया आप जलाओ एक दिया हम जलाएं’ की भावना के साथ कार्य करेंगे तो अंधियारा दूर होगा और विकास की राह रोशन होगी। कार्यशाला में नगरीय विकास राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी भाग लिया। श्री खर्रा ने इस दौनान कहा कि नगरों के संयोजित विकास के लिए ड्रेनेज सीवरेज, सुगम यातायात, स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाओं सहित सभी क्षेत्रों का विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सभी नगरीय निकायों से ये अपेक्षा है कि सकारात्मक सोच के साथ जनता से सुझाव लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।

Chief Minister —उद्योग और रोजगार बढ़ाने में मुख्यमंत्री की खास पहल

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अप्रधान खनिज के प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए बड़ी राहत देते हुए वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क और ट्रांजिट पास शुल्क में कमी कर बड़ी राहत दी है। परिवर्तित प्रावधानों के अनुसार अप्रधान खनिजों की प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों से सालाना रजिस्ट्रेशन फीस की राशि 25 हजार से घटाकर 15 हजार रुपए कर दी गई है। इसी तरह से ट्रांजिट पास शुल्क की राशि में भी कमी कर 10 रु. प्रति ट्रांजिट शुल्क से कम कर 2 रुपए प्रति ट्रांजिट की गई है। राज्य सरकार के माइंस व पेट्रोलियम विभाग द्वारा परिवर्तित दरों की अधिसूचना जारी करने के साथ ही परिवर्तित बजट घोषणा बिन्दु संख्या 22 का क्रियान्वयन भी हो गया है। इससे पहले माइंस विभाग से ही जुड़ी बजट घोषणा सीएनजी पर वेट राशि में कमी करने की घोषणा के साथ ही राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस द्वारा सीएनजी की दरों में कमी के साथ ही बजट घोषणा का क्रियान्वयन हो गया है। नए प्रावधानों से प्रदेश में अप्रधान खनिज से जुड़े उद्योगों और उद्यमियों को राहत व प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश में मार्बल, ग्रेनाइट, चेजा पत्थर, चाइना क्ले, क्वार्टज, फेल्सपार, सोपस्टोन आदि से जुड़े उद्यमियों, उद्योगों के साथ ही इस क्षेत्र से जुड़े हजारों ट्रेडर्स, डीलर्स, प्रोसेसर्स, स्टाकिस्ट आदि को राहत व प्रोत्साहन मिलने से इस क्षेत्र में युवाओं को जुड़ने, रोजगार, स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार के परिवर्तित आदेशों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

Agricultural Pumps —केन्द्र ने मुख्यमंत्री के प्रयास पर 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन किया जारी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सक्रिय प्रयासों के फलस्वरूप केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के कम्पोनेन्ट-ए और सी के अंतर्गत आवंटन लक्ष्य में वृद्धि की है। इस निर्णय से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का वृहद स्तर पर कार्य किया जाएगा और किसानों को दिन में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी। Agricultural Pumpsमुख्यमंत्री ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-ए के अंतर्गत आवंटित क्षमता के लक्ष्य 550 मेगावाट को बढ़ाने का अनुरोध किया था। श्री शर्मा ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय मंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में विस्तार से चर्चा की थी। इसी क्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड को 1 हजार मेगावाट क्षमता का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटन करने का आदेश जारी किया है। यह आवंटन पहले से स्वीकृत 550 मेगावाट के अतिरिक्त है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने श्री जोशी को पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेन्ट-सी (एफएलएस) के अंतर्गत आवंटन में वृद्धि करने का भी अनुरोध किया था। केन्द्रीय मंत्रालय ने इस अनुरोध पर त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रदेश को 1 लाख कृषि पम्प्स का अतिरिक्त आवंटन जारी किया है। यह आवंटन प्रदेश को पूर्व में जारी किए गए 2 लाख पम्प्स के अतिरिक्त है। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत उक्त कम्पोनेन्ट में वृद्धि होने के परिणामस्वरूप प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य होगा। इससे किसानों को दिन के समय में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी और उनका आर्थिक सशक्तीकरण भी होगा।