Revenue and Colonization News: आमजन को जमीन से जुडे़ प्रकरणों में मिले त्वरित न्याय —मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्व विभाग जमीनों से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाएं ताकि आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके। उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान नियमों में यथासंभव संशोधन करने एवं नियमों के सरलीकरण के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पटवारी, गिरदावर, नायब तहसीलदार आदि की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व संबंधी प्रकरणों का एक निश्चित समयावधि में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने रेवेन्यू अपीलेट ऑथोरिटी की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसके सुचारू संचालन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को एक कार्ययोजना प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

नियम विरूद्ध जमीन आवंटन पर हो सख्त कार्रवाई—

श्री शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार के समय में नियम विरूद्ध किए गए जमीन आवंटनों के प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि पयर्टन एवं एग्रो प्रोसेसिंग जैसे प्रोजेक्ट के लिए निःशुल्क ऑनलाइन डीम्ड कन्वर्जन के सुसंगत नियम बनाने के निर्देश प्रदान किए, ताकि वर्तमान में मिल रही कन्वर्जन छूट का दुरूपयोग न हो। श्री शर्मा ने वनप्रत्यावर्तन के क्रम में गैर वन भूमि के शीघ्र आवंटन के लिए एक लैण्ड बैंक स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 9 से 11 दिसम्बर, 2024 तक जयपुर में ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ का आयोजन करने जा रही है। इस आयोजन से निवेश का नया वातावरण तैयार होगा और प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य में बदलाव आएगा। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भूमि आवंटन पोर्टल (आरएएलएएमएस) पर बड़े भू-भागों की सूची उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। जिससे इच्छुक निवेशक को उद्योग लगाने में सुविधा मिल सके।

भू-संपरिवर्तन के प्रकरणों का निस्तारण का घटा समय—

श्री शर्मा ने कहा कि आवेदकों को त्वरित सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से नामांतरण पोर्टल एवं रेवेन्यू लैण्ड कन्वर्जन पोर्टल संचालित किए जा रहे हैं। लैण्ड कन्वर्जन पोर्टल पर वर्तमान में (1 अप्रैल 2024 से 7 अक्टूबर 2024) भू-संपरिवर्तन के प्रकरणों का निस्तारण समय 16 दिवस है, जो कि 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक 35 दिन था। उन्होंने राजस्व मण्डल एवं कर बोर्ड के एकीकरण, डीआईएलआरएमपी के अन्तर्गत राजस्व रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण की स्थिति, मॉर्डन रिकॉर्ड रूम, राजस्थान रेवेन्यू कोर्ट मॉर्डनाइजेशन सिस्टम एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में आवंटन आदि की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सूचना तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से काश्तकारों को सुविधाएं उपलब्ध कराने में नवाचार कर रहा है, जिसके माध्यम से किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ भी मिला है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक ऐप के माध्यम से किसानों द्वारा स्वयं ही गिरदावरी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को इस ऐप से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने निर्देश प्रदान किए। विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रदेश में पटवारियों द्वारा भी ऐप के माध्यम से ई-गिरदावरी की जा रही है। खरीफ वर्ष 2024 की 83.75 प्रतिशत गिरदावरी भी हो चुकी है।

Rajasthan Tourism News: राजस्थान विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्र —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सुविधाएं और रियायतें उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को गति देने के लिए नई राजस्थान पर्यटन इकाई नीति लाई जा रही है और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रकार की रियायतों का प्रावधान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को जयपुर स्थित होटल ललित में आयोजित राइजिंग राजस्थान पर्यटन प्री-समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समिट में पर्यटन क्षेत्र में 142 निवेश प्रस्तावों के एमओयू से प्रदेश में लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे राज्य में 59 हजार प्रत्यक्ष और 10 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। श्री शर्मा ने कहा कि हम राजस्थान को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाना चाहते हैं। इसके लिए राजस्थान पर्यटन विकास बोर्ड का गठन कर राजस्थान टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड बनाकर पर्यटन क्षेत्र में 5 हजार करोड़ रुपये के कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही, रिप्स-2024 में स्टैंडर्ड सर्विसेज पैकेज के तहत इन्सेंटिव हेतु पर्यटन के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा 50 करोड़ रुपये से घटाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है।

राजस्थान में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं

श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान एक विश्व-प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है, जिसे शांत, सुरक्षित एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है। वर्ष 2023 में राज्य में करीब 18 करोड़ घरेलू और 17 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए। पर्यटकों के सुगम आवागमन के लिए हवाई अड्डों का उन्नयन और विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जयपुर हवाई अड्डे में नए स्टेट टर्मिनल के निर्माण के साथ ही इसकी यात्री क्षमता भी बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। वैडिंग टूरिज्म में राजस्थान देश में पहले नंबर पर है। साथ ही यहां धार्मिक पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सालासर, खाटूश्याम, बाबा रामदेव में श्रद्धालु बड़ी तादाद में दर्शन के लिए आ रहे हैं। इसके लिए होटलों की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य बजट में भी खाटूश्यामजी के पावन धाम को भव्यता प्रदान करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन में राज्य के रणथंभौर और सरिस्का टाइगर अभ्यारण्य प्रसिद्ध हैं। हाल ही में जयपुर में नाहरगढ़ टाइगर सफारी की शुरुआत भी की गई है। साथ ही, माही नदी के द्वीपों में द्वीप पर्यटन तथा जैसलमेर के खुड़ी में पर्यटकों को डेजर्ट सफारी की असीम संभावनाएं हैं। हमें ऐसे पर्यटन स्थलों पर उपयुक्त भूखंड चिह्नित कर होटल स्थापित करने के प्रयास करने चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि हमारा प्रदेश फिल्म शूटिंग के लिए भी उपयुक्त है। इन संभावनाओं को भुनाने के लिए काम करने की आवश्यकता है।

पर्यटन क्षेत्र में कम निवेश पर भी अधिक लाभ

श्री शर्मा ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे राजस्थान में अधिक से अधिक संख्या में निवेश करें। राज्य सरकार हर कदम पर उनका सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में कम निवेश पर अधिक लाभ मिलता है और यह क्षेत्र रोजगार का भी बड़ा सृजक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्ट्मेंट समिट के दिल्ली और मुंबई ‘इन्वेस्टर मीट’ में 12.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। जापान और कोरिया में भी हमें राजस्थान में निवेश को लेकर बहुत उत्साह देखने को मिला। श्री शर्मा ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क किसी भी राज्य के विकास का मुख्य आधार होते हैं। इसलिए हमनें सरकार बनते ही इन तीनों क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है। पूर्वी राजस्थान के लिए ईआरसीपी के साथ ही शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता तथा दक्षिण राजस्थान के जिलों के लिए देवास परियोजना का धरातल पर क्रियान्यवन किया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में भी राज्य को आत्म निर्भर बनाने के लिए 2 लाख 24 हजार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली-पानी की पर्याप्त उपलब्धता से राज्य में कृषि, उद्योग एवं पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा जिससे विकसित राजस्थान का सपना साकार होगा।

Heritej Nigam News: 18 नवंबर को जयपुर स्थापना दिवस, एक माह तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

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हेरिटेज निगम की ओर से जयपुर स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को महापौर कुसुम यादव ने हेरिटज निगम मुख्यालय पर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। महापौर कुसुम यादव ने बताया कि 18 नवंबर को जयपुर शहर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। ये हम सभी के लिए गौरव की बात है। इस बार हेरिटेज निगम जयपुर समारोह दिवस भव्य रूप में मनाएगा। heritej nigam महापौर कुसुम यादव ने बताया कि समारोह के अंतर्गत 18 अक्तूबर से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे, जो विभिन्न स्थानों पर अनवरत 18 नवंबर तक चलेंगे। बैठक में समारोह से संबंधी तैयारियों के लिए आयोजन समिति का भी गठन किया गया है। समिति के प्रभारी उपायुक्त सतर्कता पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ होंगे। इस अवसर पर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए , आयोजन से संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम में राजस्थानी संस्कृति को दर्शाने वाले कार्यक्रम किए जाएंगे। साथ ही स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। वहीं महापौर ने ताल कटोरा और पौंड्रिक पार्क का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने व्यवस्था सुदृढ़ करने और असामाजिक तत्वों को रोकने के लिये उपायुक्त सतर्कता पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ को गार्ड तैनात करने के निर्देश दिए।  Jaipur Heritageदूसरी ओर हेरिटेज निगम आयुक्त अरुण कुमार हसीजा के निर्देश पर आईईसी एक्टिविटी टीम वार्डो में जाकर घर घर गीले और सूखे कचरे को अलग अलग डस्टबिन में रखने के लिए जागरूक कर रही है। अभियान की जानकारी देते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण उपायुक्त सरिता मल्होत्रा ने बताया कि आदर्श नगर जोन के वार्ड 24 में पटेल कालोनी में आमजन को सूखा और गीला कचरा के बारे में समझाया। उन्होने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर की स्वच्छता बढ़ाना और प्लास्टिक प्रदूषण को रोकना है। नागरिकों से इस मुहिम में सहयोग करने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद करने की अपील की गई। वहीं निगम के द्वारा चलाई गई RRR सेंटर योजना के लिए रहवासियों को बताया गया। स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया कि दीवाली की सफाई में कई ऐसी वस्तुएं है, जिन्हें आप कचरे में नहीं फैंके। अपने घर के अनुपयोगी वस्तुओ को हेरिटेज निगम के RRR सेंटर पर जमा कराएं। हेरिटेज निगम जरूरत मंद लोगों को उन वस्तुओं को निशुल्क देने का काम कर रहा है।

Saras: दीवाली पर राज्य भर में मिलेंगी “सरस” की मिठाइयाँ

इस बार दीवाली के अवसर पर उपभोक्ताओं को राज्य भर में सरस ब्रांड की शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट मिठाइयाँ मिलेंगी। अलवर डेयरी का मशहूर कलाकंद और बीकानेर डेयरी का रसगुल्ला एवं राजभोग जैसी स्वादिष्ट मिठाइयाँ भी राज्य भर के ज़िला दुग्ध संघों द्वारा उपलब्ध कराई जायेंगी।
SARAS
श्रीमती श्रुति भारद्वाज
यह जानकारी देते हुए राजस्थान को—आपरेटिव डेयरी फेडरेशन की प्रबंध संचालक श्रीमती श्रुति भारद्वाज ने बताया कि राज्य भर के ज़िला दुग्ध संघ इस बार दीवाली पर उपभोक्ताओं को शुद्ध सरस दूध और घी से बनी मिठाइयाँ उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने बताया कि सभी ज़िला दुग्ध संघों को निर्देश दिये गये हैं कि मिठाइयों के निर्माण के समय हाइजीन, सैनिटेशन और उच्च गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार सभी ज़िलों में दुग्ध संघों द्वारा निर्मित स्थानीय मिठाइयों के अलावा अलवर डेयरी का प्रसिद्ध कलाकंद (मिल्क केक/मावा) और बीकानेर डेयरी का रसगुल्ला, गुलाबजामुन, राजभोग और सोन पापड़ी जैसी प्रसिद्ध और स्वादिष्ट मिठाइयाँ भी मिलेंगे। स्थानीय स्तर पर अजमेर, भीलवाड़ा और हनुमानगढ़ डेयरी द्वारा पेड़ा और भीलवाड़ा डेयरी द्वारा बर्फ़ी उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य की सभी सहकारी डेयरियों द्वारा उनके कार्यक्षेत्र में चयनित डेयरी बूथ्स के अलावा प्रमुख स्थानों पर स्टाल लगाकर मिठाइयों की बिक्री की जाएगी। श्रीमती भारद्वाज ने बताया कि सभी ज़िला दुग्ध संघ बीकानेर डेयरी द्वारा निर्मित मिठाइयों का गिफ्ट हैंडपैक भी उपलब्ध करायेंगे। इस आकर्षक “सरस स्वीट गिफ्ट हैंपर्स पैक” में एक किलो रसगुल्ला का पैक, एक किलो गुलाब जामुन का पैक और 400 ग्राम के पैकेट में सोन पपड़ी होगी। यह सरस गिफ्ट पैक संपूर्ण राज्य में एमआरपी 550/- रुपये में उपलब्ध होगा। उन्होंने सभी सरस उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि सरस ब्रांड की “शुद्धता की गारंटी” ही उसकी पहचान है और उपभोक्ता सरस मिठाइयों की उच्च गुणवत्ता के प्रति भी सौ प्रतिशत निश्चिंत रहें।

Drinking water and Irrigation: परियोजनाओं में बांध और नहर निर्माण के कार्य संयुक्त रूप से हो पूर्ण —मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्धता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंट्रास्टेट नदियों को जोड़ने के कार्य व्यापक स्तर पर किया जाए एवं जन सहभागिता के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। श्री शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर एवं सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं एवं कार्यों पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के कार्य में अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदारों एवं अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

ब्राह्मणी नदी पर बांध निर्माण कार्य में लाएं तेजी—

श्री शर्मा ने बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि माही बेसिन की जाखम नदी एवं बांध के अधिशेष जल को जयसमंद बांध से जोड़ने तथा माही व सोम नदी के अधिशेष जल को जवाई बांध तक लाने की बजट घोषणाओं की प्रोजेक्ट रिपोर्ट आगामी 4 माह में पूरी कर ली जाए, ताकि आगामी वर्ष के बजट में इन परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सके। इसी क्रम में श्री शर्मा ने राणा प्रताप सागर व जवाहर सागर बांध के जल अपवर्तन कार्य की बजट घोषणा की अनुपालना में ब्राह्मणी नदी पर बनाए जाने वाले बांध के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डूंगरी बांध एवं ईसरदा बांध के ऊपरी भाग में फ्लेप निर्माण के लिए भूमि अवाप्ति की कार्यवाही शीघ्र शुरू करने तथा प्रभावित क्षेत्र में आने वाले लोगों को समुचित मुआवजा उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए।

परियोजनाओं में ना हो अनावश्यक विलम्ब—

श्री शर्मा ने 500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने परवन परियोजना के संबंध में निर्देश दिए कि इस परियोजना में जल संग्रहण के लिए बांध निर्माण कार्य तथा जलापूर्ति के लिए नहर निर्माण के होने वाले कार्यों को एक साथ ही कर लिए जाए। क्योंकि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलम्ब से उसकी लागत में भी बढ़ोतरी होती है। उन्होंने धौलपुर लिफ्ट सिंचाई व पेयजल परियोजना के कार्य को नियत समय पर पूरा करने एवं अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना बांसवाड़ा की रिडिजाइन करवाने के निर्देश दिए।

प्राकृतिक डिप्रेशन्स के प्रोजेक्ट्स में स्थानीय योजनाएं हो शामिल—

बैठक में मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी नहर विभाग की मुख्य नहर पर बने चार प्राकृतिक डिप्रेशन्स को जलाशयों में परिवर्तित किए जाने की योजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रोजेक्ट को स्थानीय योजनाओं के आधार पर पीएचईडी के माध्यम से पूरी किए जाने के विकल्प पर विचार किया जाए। साथ ही, उन्होंने बाह्य ऋण की सहायता से संचालित परियोजनाओं में होने वाले जीर्णोद्धार कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा भी की।

नीमराणा एवं घिलोट जापानी औद्योगिक क्षेत्र को मिले ईआरसीपी का लाभ—

बैठक में श्री शर्मा ने संशोधित केपीसी-ईआरसीपी प्रथम चरण में प्रस्तावित कार्यों की प्रगति एवं इस परियोजना में पेयजल एवं औद्योगिक जल उपयोगिता सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने इस परियोजना में नीमराणा एवं घिलोट जापानी औद्योगिक क्षेत्र के लिए जल उपयोगिता के बिंदुओं को शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देवास परियोजना तृतीय एवं चतुर्थ के प्रगतिरत कार्याें की विस्तृत समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेेजी लाने के निर्देश प्रदान किए।

HUDCO & RTDC: हुडको से कर्जा लेकर चलाया जायेगा आरटीडीसी

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राजस्थान पर्यटन विकास निगम और हुडको की ओर से सोमवार को सचिवालय में आरटीडीसी की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा एवं हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख सुधीर भटनागर के मध्य 415 करोड़ रुपये के ऋण हेतु एमओयू का आदान प्रदान किया गया। जानकारी के अनुसार हुडको से 9.12ः की ब्याज दर पर 415 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन लोन का एमओयू आदान प्रदान किया गया है। इस मामले में सरकार का कहना है कि राजस्थान में पर्यटन के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं पर अभी बहुत काम किया जाना है। हुडको के साथ हुए आज के एमओयू से पर्यटन विकास के लिए वित्तीय संबल मिलेगा। राजस्थान में पर्यटन विकास को और गति मिलेगी।

Nahargarh Tiger Safari: मुख्यमंत्री ने किया नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का लोकार्पण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जयपुर के नाहरगढ़ में फीता काटकर टाइगर सफारी का शुभारम्भ किया। प्रदेशवासियों को मिली इस सौगात से अब वन्य जीव प्रेमी नाहरगढ़ में टाइगर सफारी का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नाहरगढ़ जैविक उद्यान में दो बाघ शावकों का नामकरण भी किया। मुख्यमंत्री ने मादा बाघ शावक का नाम ‘स्कंदी’ तथा नर बाघ शावक का नाम ‘भीम’ रखा। Nahargarh Tiger Safari श्री शर्मा ने प्रदेशवासियों को 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे वन्य जीव सप्ताह की बधाई देते हुए कहा कि वन्य जीवों की रक्षा तथा प्रकृति को संजोए रखना हम सभी का कर्त्तव्य है। इस वन्यजीव सप्ताह में विद्यार्थियों को बायोलॉजिकल पार्कों में निःशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग और जेडीए के संयुक्त प्रयासों से सोमवार को शुरू हो रही टाइगर सफारी से प्रदेश में पर्यटन को एक नई शुरूआत मिली है। साथ ही, इससे बाघों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी बढ़ावा मिलेगा। Nahargarh Tiger Safariमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन पर विशेष जोर दे रहा है। प्रदेश में तीन नेशनल पार्क, 26 अभयारण्य, 36 कन्जर्वेशन रिजर्व तथा 4 बायोलॉजिकल पार्क विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बाघों के संरक्षण के निरंतर किए जा रहे प्रयासों से उनकी आबादी बढ़ रही है। राजस्थान में लगभग 130 बाघ हैं। उन्होंने कहा कि जेडीए ने जयपुर जिले में दो नए पार्क विकसित किए हैं। जिसमें जीरोता में नगर वन एवं नेवटा के पास बायोडायवर्सिटी पार्क शामिल हैं। इससे आसपास की 5 लाख की आबादी लाभान्वित होगी। राज्य सरकार द्वारा 453 लाख रुपये की लागत से 30 हेक्टेयर में टाइगर सफारी विकसित की गई है। इस टाइगर सफारी में 7 किलोमीटर का सफारी ट्रैक विकसित किया गया है। यह सफारी सैलानियों को प्राकृतिक वातावरण में बाघों की खूबसूरती को अनुभव करने का अवसर देगी तथा लोगों में बाघ संरक्षण के बारे में जागरूकता का प्रसार होगा। उल्लेखनीय है कि नाहरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य 5 हजार 240 हेक्टेयर में फैला हुआ है। जिसमें नाहरगढ़ जैविक उद्यान 720 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। इसमें पहले से ही लॉयन सफारी संचालित है।

Food & Safety: प्रदेश में त्योहारी सीजन में मिलावट के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान —चिकित्सा मंत्री

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान चलाया जा रहा है। त्यौहारी सीजन को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों पर प्रदेश में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान को व्यापक रूप देने के लिए सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए दूध, पनीर, मावा व इनसे बनी मिठाइयों, घी, तेल, मसाले आदि के उपयोग में वृद्धि के कारण मिलावट की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए आमजन को शुद्ध एवं मानक स्तर की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक मिलावट के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर को आवश्यक कदम उठाने के लिए पत्र लिखा गया है। पत्र में दीपावली के त्योहार तक नियमित रूप से मिलावट के खिलाफ कार्यवाही किए जाने का आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि अभियान का संचालन जिला स्तरीय प्रबंधन समिति के निर्देशन में किया जाए। गुणवत्तापूर्ण तरीके से नमूने लेते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों की जब्ती एवं नष्टीकरण की कार्यवाही अमल में लाई जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों के व्यापारियों को जागरूक किया जाए कि वे आमजन को दूध, पनीर, मावा एवं इनसे निर्मित मिठाइयों में शुद्धता एवं गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें। मिठाइयां बनाने की प्रक्रिया में हाइजीन एवं साफ-सफाई का भी समुचित ध्यान रखा जाए। श्री खान ने बताया कि विशेष अभियान के तहत जिलों में डिकॉय ऑपरेशन संचालित करते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने एवं बनाने वालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। आदतन मिलावटखोरों की सूची तैयार कर अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को कठोर कार्रवाई प्रारम्भ करने के निर्देश भी पत्र में दिए गए हैं। जिलों में कार्यरत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संख्या के अनुसार अधिक से अधिक दलों का गठन कर नमूनीकरण एवं निरीक्षण की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, मिलावट से बचाव एवं जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

SI Exam-2021: बेरोजगारों के हितों में न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा —संसदीय कार्य मंत्री

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संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एसआई परीक्षा-2021 के संबंध में बेरोजगारों के हित को ध्यान में रखकर पूरी पारदर्शिता के साथ न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा। सोमवार को एसआई भर्ती परीक्षा-2021 की समीक्षा के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसओजी द्वारा अब तक की कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई। कई तथ्यात्मक जानकारियां दी जानी शेष हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि 10 अक्टूबर को भी मंत्रीमण्डलीय समिति की आगामी बैठक में सम्पूर्ण जांच परिणामों के आधार पर तथ्यात्मक और गुणात्मक विचार विमर्श कर एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के संबंध में सरकार को अनुशंसा भेजी जाएगी। श्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मामले में किसी भी दोषी को नहीं छोड़ने और कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा था, जिसे उन्होंने पूरा किया है। मुख्यमंत्री द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए एसआईटी गठित की गई। अब पेपर लीक मामले में रोज ही कोई न कोई आरोपी पकड़ा जा रहा है। अब तक आरोपियों का आंकड़ा 100 से भी अधिक पहुंच गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि पेपर लीक होना, नकल माफियाओं का हावी होना, परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठना, अनुचित साधनों का प्रयोग कर नौकरी पाना और राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्यों की इसमें संलिप्तता सामने आना कलंकित करने वाली घटनाएं हैं। इससे आरपीएससी की साख को धब्बा लगा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में लगभग हर परीक्षा में किसी न किसी प्रकार की विसंगति सामने आई है।

Rajasthan Assembly: अगले सत्र से पेपरलैस होगी राजस्थान विधानसभा —विधानसभा अध्यक्ष

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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा में कई नवाचार किए जा रहे हैं। अगले सत्र से प्रदेश की विधानसभा पूरी तरह से पेपरलैस होगी। इसके लिए सदन में तकनीकी कार्य चल रहे हैं। श्री देवनानी उदयपुर प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने मीडिया को अवगत कराया कि विधानसभा में प्रत्येक विधायक की टेबल पर आईपेड सेट किए जा रहे हैं। इसके अलावा एक-एक आईपेड विधायकों को भी दिए जाएंगे ताकि वे अपने निवास से भी सदन से जुड़े कार्य कर सकें। पेपरलैस व्यवस्था के तहत प्रश्न लगाने, जवाब देने से लेकर सभी कार्य ऑनलाइन ही संपादित किए जाएंगे। इसके अलावा विधायकों द्वारा सदन में बोलने पर त्वरित रूप से उन्हें पैनड्राईव में प्रोसेडिंग भी उपलब्ध कराने की शुरूआत कर दी है। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्थान की विधानसभा तुलनात्मक दृष्टि से बहुत अच्छी तरह से संचालित हो रही है। गत सत्र में विधायकों की ओर से प्रस्तुत प्रश्नों में से 92 फीसदी से अधिक के जवाब प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के उच्चाधिकारियों को इसके लिए पत्र लिखें गए हैं, ताकि भविष्य में भी विधायकों के प्रश्नों का समय पर जवाब दिया जा सके।