Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में तुच्छ विषय शब्द का होता है उपयोग —विधानसभा अध्यक्ष

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राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी दो सर्कुलरों पर हुये बवाल के संदर्भ में सफाई देते हुये कहा कि 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र में सदन की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार का कोई नया प्रावधान नहीं किया गया है। विधायकों के लिए जारी किए गए समस्त बुलेटिन पूर्व विधानसभाओं के सत्रों की भांति ही हैं। प्रश्न पूछने की प्रक्रिया, शून्यकाल, प्रश्नकाल और अन्य संसदीय व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजस्थान विधानसभा की स्वस्थ संसदीय परंपराओं के अनुसार ही इस सत्र में भी पूर्ववत व्यवस्थाएं ही रखी गई है। श्री देवनानी ने बताया कि वर्ष 1995 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष हरिशंकर भाभड़ा के निर्देशानुसार पर्ची पद्धति प्रारम्भ की गई थी, जो वर्ष 2020 तक सतत रूप से संचालित रही। यह व्यवस्था 20 मार्च 2020 तक लागू थी। 15 वीं विधानसभा के छठे सत्र के दौरान कार्य सलाहकार समिति की बैठक 10 फरवरी 2021 में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. सी पी जोशी द्वारा पर्ची व्यवस्था को बंद करने का निर्णय लिया गया था। हमने इस व्यवस्था को पुनः प्रारम्भ किया है। वहीं ’तुच्छ विषयों के उपयोग पर भी श्री देवनाानी ने अपनी सफाई में बताया कि राजस्थान विधानसभा की नियमावली में 1956 से, लोकसभा और देश के अन्य राज्यों की विधानसभा में भी-’प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियम 37 (2) (17) में पहले से ही यह स्पष्ट प्रावधान है कि तुच्छ विषयों पर प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। यह नियम राजस्थान विधान सभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन संबंधी नियमों के प्रथम संस्करण 1956 से ही अस्तित्व में है। इसमें कोई नया परिवर्तन नहीं किया गया है।

JLF 2026: ‘साहित्य का महाकुंभ’ या ‘कॉर्पोरेट तमाशा’

JLF में बौद्धिक दिवालियापन और ‘सर्कस’ जैसा माहौल देखा गया। आयोजकों के लिए यह गर्व की बात हो सकती है कि यहाँ बड़ी संख्या में लोग आए, लेकिन सच यह है कि इनमें से 80 प्रतिशत लोग केवल ‘इंस्टाग्राम रील्स’ बनाने और सेलिब्रिटीज के साथ सेल्फी लेने आए थे। सत्रों के बीच गंभीर चर्चा के दौरान भी पीछे ‘फूड स्टॉल्स’ पर शोर-शराबा और हंसी-मजाक चलता रहा। क्या यह साहित्य का उत्सव है या किसी शॉपिंग मॉल का उद्घाटन? साहित्य के नाम पर धनी और प्रभावशाली परिवारों की तानाशाही: आयोजक ‘समावेशिता’ की बात करते हैं, लेकिन असलियत में यह फेस्टिवल एक धनी और प्रभावशाली परिवारों का समूह बनकर रह गया है। साधारण हिंदी या क्षेत्रीय भाषा के लेखकों को हाशिए पर रखा गया है, जबकि ‘विदेशी लहजे’ वाली अंग्रेजी बोलने वाले लेखकों को पलकों पर बिठाया गया। ₹14,000 प्रति दिन वाले ‘फ्रेंड ऑफ द फेस्टिवल’ पास वालों के लिए मखमली सोफे और आम साहित्य प्रेमी के लिए कंकड़-पत्थर वाली जमीन—यही है आयोजकों का ‘लोकतंत्र’। विचारों की जुगाली, नया कुछ भी नहीं: विलियम डेलरिंपल और नमिता गोखले वही पुराने चेहरे और वही पुराने मुद्दे लेकर हर साल आ जाते हैं। 2026 में भी चर्चा का स्तर 2010 जैसा ही है। आयोजक नए और क्रांतिकारी विचारों को मंच देने के बजाय उन्हीं ‘स्थापित’ नामों को बुलाते हैं जो उनके मार्केटिंग एजेंडे में फिट बैठते हैं। यह उत्सव अब विचारों की नई जमीन नहीं तलाश रहा, बल्कि पुरानी बातों की जुगाली कर रहा है। प्रायोजकों का गुलाम बनता साहित्य: फेस्टिवल के हर कोने पर कॉर्पोरेट ब्रांड्स के बड़े-बड़े होर्डिंग्स देखकर लगता है कि लेखकों की आवाज इन ब्रांड्स के नीचे दब गई है। जब साहित्य पूरी तरह से कॉर्पोरेट फंडिंग पर निर्भर हो जाता है, तो वह ‘सत्ता’ और ‘सिस्टम’ से सवाल पूछने की हिम्मत खो देता है। JLF अब एक ‘बौद्धिक विज्ञापन’ बन चुका है। जयपुर की जनता को सिर्फ जाम और प्रदूषण मिला: आयोजकों ने शहर के बुनियादी ढांचे की चिंता किए बिना भीड़ तो जुटा ली, लेकिन इसका खामियाजा जयपुर के आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। घंटों का ट्रैफिक जाम, सड़कों पर फैला कचरा और शोर। जयपुर के लोगों के लिए JLF अब ‘सांस्कृतिक गौरव’ नहीं, बल्कि ‘सालाना सिरदर्द’ बन गया है। आयोजक इसे ‘दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त साहित्यिक उत्सव’ कहते हैं, लेकिन इसकी भारी कीमत जयपुर की संस्कृति और साहित्य की गरिमा चुका रही है।

C M NEWS: मुख्यमंत्री ने पतंग उड़ाकर किया पतंग उत्सव का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को मकर संक्रांति के पर्व पर जल महल की पाल पर पतंग उत्सव (काइट फेस्टिवल) का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति पर्व की परंपरा में सहभागिता निभाई। मुख्यमंत्री ने इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर की थीम पर आधारित पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने लोक-कलाकारों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपरा का प्रतीक है। पतंग महोत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की लोक संस्कृति, रचनात्मकता एवं सामाजिक चेतना को मजबूती देने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इस वर्ष राज्य के समस्त सात संभाग स्तर और जैसलमेर व माउंटआबू में पतंग उत्सव का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में जलमहल की पाल पर आयोजित पतंग उत्सव में रंग-बिरंगी पतंगों, पारंपरिक उल्लास एवं देशी-विदेशी पर्यटकों का संगम दिखाई दिया।

Political News: भाजपा सरकार के दबाव में फैसला नहीं बदलूंगा —पूर्व मंत्री मालवीया

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पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के भाजपा छोड़ कांग्रेस में घर वापसी की घोषणा पर उनके कारोबारी ठिकानों पर एसीबी की टीमें पहुंची। इस घटना पर मालवीया ने कहा कि भाजपा सरकार ने दबाव की राजनीति की है। एसीबी की घटना पर बुधवार को उन्होंने अपने गांव नाहरपुरा (आनंदपुरी) में एक सभा भी की। सभा में कई सवालों का जवाब भी दिया। उन्होने कहा कि भाजपा टीएसपी क्षेत्र में चल ही नहीं सकती। किसान खाद के संकट से जूझते रहे। मनरेगा का दो-दो साल से भुगतान नहीं हो रहा है। एसीबी टीम ने पेट्रोल पंप व क्रशर गिट्टी प्लांट पर पूछा कि कब से लाइसेंस है, कितनी बिक्री है, पैसा कैसे जमा हो रहा है। मैं आपको बता दूं, सब कुछ ऑनलाइन है। कांग्रेस में लौटने के सवाल पर उन्होने कहा कि 11 जनवरी को कांग्रेस को मेरा सदस्यता प्रस्ताव चला गया है। कोई कितना भी दबाव डाल लें, मैं अडिग हूं। मैं अपना फैसला नहीं बदलूंगा। उन्होने कहा मेरी पत्नी भी कांग्रेस में साथ आएंगी। एक घर में दो पार्टी कैसे रह सकती है।

Crime News: जोधपुर में बाप बना दरिंदा, छह साल की अपनी ही बेटी से किया बलात्कार

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पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में पिता द्वारा अपनी नाबालिग बेटी से बलात्कार करने का मामला संज्ञान में आया है। बताया जा रहा है पिता बेटी को डरा-धमकाकर 12 साल तक बलात्कार करता रहा। मामले खुलासा एफआईआर दर्ज होने पर हुआ। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित पुत्री ने अपने पिता पर डरा-धमकाकर कर 12 साल तक यौन शोषण करने और 15 साल छोटी बहन से छेड़छाड़ करने के एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं पुलिस ने बलात्कार और पॉक्सो की धाराएं जोड़ी हैं। बयान दर्ज कर पीड़िताओं का मेडिकल कराया है। जांच के लिये टीमें गठित की गई है और एफएसएल ने वारदात स्थल से साक्ष्य जुटाए है। पुलिस ने बताया कि आरोपी फरार है व मजदूरी करता है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह जब छह साल की थी, तभी से उसके पिता ने मारपीट कर बलात्कार किया था। फिर डरा-धमकाकर उसका यौन शोषण करते रहा। मां सहित परिजन को बताने पर जान से मारने की धमकियां भी देता था। पीड़िता ने बताया कि हालहि में एक महीने पहले भी उसने बलात्कार किया था और कुछ दिन पहले पिता ने 15 साल की छोटी बहन से छेड़छाड़ किया था। छोटी के विरोध करने पर उसे छोड़ दिया। हम दोनो बहनों ने मां को पूरी बात बताई थी।

SMS Hospital: ट्रॉमा के ICU में आधा फीट भरा पानी मरीजों की जान सांसत में

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सवाई मानसिंह अस्पताल में एक के बाद एक कांड हो रहे है। कभी अग्निकांड तो कभी पानीकांड ऐसे में अस्पताल के प्रशासन की उदासीनता की पोल खुल गई है। वहीं विभाग के मंत्री सहित आला अधिकारी रस्म अदायगी करते नजर आते है और मरीजों की जान डेंजर जोन में रहती है। आपको बता दें कि सोमवार को देर रात करीब 11 बजे आईसीयू में पानी भर गया था। स्थिति बिगड़ते ने पर परिजनों में दहशत फैल गई। घटना के दौरान आईसीयू में कुल 14 मरीज भर्ती थे, जिनमें से 10 वेंटिलेटर पर थे। खतरे को देखते हुए आनन-फानन में मरीजों को बांगड़ परिसर, इमरजेंसी और ओटी में शिफ्ट किया गया। हादसा होने पर प्रथमदृस्टया जांच में पाया गया कि पानी सप्लाई का पाइप पुराना और जंग लगा हुआ था वहीं लंबे समय से पाइप में लीकेज हो रहा था और पुराने कॉटेज वार्ड के टॉयलेट पाइप को बिना किसी कारण के कर दिया गया था। जिससे पानी के प्रेशर ने जंग लगे कमजोर पाइप को अपना शिकार बना लिया। दूसरी और अस्पताल प्रशासन हर साल मेंटीनेंस के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहा था। जांच के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही सामने आई है। विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग का दावा किया जाता रहा है। जो इस तरह की व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही हैं। घटना का जायजा लेने के लिये चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ पॉली ट्रॉमा आईसीयू पहुंची। उन्होने वहीं अपने पुराने अंदाज में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होने पर दोषी अधिकारी और एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारी भी इस घटना पर यह कहते और बचते नजर आये कि घटना अचानक हुई व मरीजों कोई नुकसान नहीं हुआ। भविष्य में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

Rajasthan News: पूर्व मंत्री मालवीया के घर वापसी की घोषणा पर ACB की कार्रवाई

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प्रदेश में आगामी दिनों में होने वाले पंचायती राज के चुनावों में सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती है। इसी के चलते सरकार ने अपने पैंतरे चलना शुरू कर दिया है। इसका एक प्रयोग सरकार ने बांगड़ क्षेत्र में किया है। सियासी जानकारों का कहना है कि पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने तीन दिन पहले ही जयपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर भाजपा से कांग्रेस पार्टी अपने घर लौटने का सार्वजनिक घोषण की थी। मालवीया पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिये एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई करवाई गई है। मालवीया बांगड़ क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता है और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ है। पंचायती राज के चुनावों में मालवीया गेमचेंजर बन सकते है। बताते चलें कि पूर्व मंत्री मालवीया ने 23 महीने पहले कांग्रेस से विधायक पद छोड़ कर भाजपा में गए थे। बताया जा रहा है कि एसीबी के इसी डर उन्होने कांग्रेस छोड़ी थी। लेकिन एसीबी रूपी नाग ने अभी भी उनका पीछा नहीं छोड़ा और डस लिया। जानकारी के अनुसार मंगलवार को महेंद्रजीत मालवीया जयपुर के लिए रवाना हुए थे और उदयपुर पहुंचे तो उन्हे एसीबी कार्रवाई की सूचना पत्नी रेशम मालवीया से प्राप्त हुई। एसीबी कार्रवाई का हाका होते ही बड़ी संख्या में समर्थक उनके घर पहुंच गए। संचार माध्यमों के अनुसार ब्यूरो की बांसवाड़ा चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में टीमें मंगलवार तड़के महेंद्रजीत सिंह मालवीया परिवार के कलिंजरा स्थित पेट्रोल पंप और मोटी टिम्बी स्थित क्रेशर प्लांट पर पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद टीम नाहरपुरा गांव में मालवीया के घर पहुंची, लेकिन वहां पहले से ही बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी और कार्रवाई के विरोध को देखते हुए टीमें बिना सर्च किए ही लौट गईं। ब्यूरो की कार्यवाही पर पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने कहा कि पेट्रोल पंप मीटर-टू-मीटर चलता है और कमीशन भी चेक से मिलता है, वहां कुछ भी संदिग्ध नहीं है। क्रेशर प्लांट को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वहां ऐसा क्या है, जिससे कुछ निकल आए। मालवीया ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई दबाव बनाने के लिए की जा रही है। लेकिन वे अपने निर्णय पर पूरी तरह दृढ़ हैं और जो होगा, देखा जाएगा। उन्होने कहा कि भाजपा की सत्ता होने के बावजूद वे अपने क्षेत्र में जनता के काम नहीं करा पा रहे थे। डबल इंजन सरकार के भरोसे वे भाजपा में गए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं। इसी कारण उन्होंने अपनी मर्जी से एक बार फिर कांग्रेस में लौटने का फैसला किया।

Dausa News: दौसा कलक्टर को ठिकाने लगाने के लिये विधायक ने दी राठौड़ को सुपारी

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दौसा जिला प्रभारी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सोमवार को दौसा के पांचोली गांव में रात्रि चौपाल कार्यक्रम कर रहे थे। कार्यक्रम में सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल ने अपने संबोधन में प्रभारी मंत्री को कहा कि कुछ ऐसे अधिकारी हैं, जो बहुत ज्यादा संवेदनहीन हैं। उनका इलाज आज ही कर दिया जाना चाहिए। यदि साधारण भाषा में कहे तो विधायक ने प्रभारी मंत्री को अधिकारी का इलाज करने की सुपारी दे दी। वहीं विधायक द्वारा दी गई सुपारी को स्वीकार करते हुए श्री राठौड़ ने कलक्टर देवेंद्र कुमार को कहा कि यदि जनता और अधिकारियों के बीच बात अड़ गई तो आप ठिकाने लगाए जाएंगे। मैंने आपका ट्रांसफर रुकवाया था। उन्होने कहा यह बहुत गंभीर बात है, जब जनप्रतिनिधि मंच से कहते हैं कि कुछ अधिकारियों से समस्या हो रही है। कलक्टर की जिम्मेदारी है कि अन्य सभी अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दें कि जनता की सुनवाई तुरंत हो।

C M NEWS: युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिभा हमारे प्रदेश का भविष्य -मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिभा हमारे प्रदेश का भविष्य है। हमारा लक्ष्य है कि विकसित राजस्थान की यात्रा में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो और उनके सपनों को पंख मिले। इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। श्री शर्मा सोमवार को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में राज्यस्तरीय युवा महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि युवा शक्ति को नमन करने का दिवस है। जिसने हर युग में राष्ट्र की दिशा बदली है। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन “विकसित भारत, विकसित राजस्थान“ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। प्रदेश में भर्ती परीक्षा कैलेण्डर-2026 जारी:— मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं को सौगात देते हुए भर्ती परीक्षा कैलेण्डर 2026 जारी किया। इस कैलेण्डर में लगभग 1 लाख पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं का प्रस्तावित शेड्यूल दिया गया है, जिसके अनुसार युवा परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। इन पदों में सफाई कर्मचारियों के 24 हजार 793, लिपिक ग्रेड द्वितीय व कनिष्ठ सहायक के 10 हजार 644, शिक्षा विभाग के 10 हजार पदों सहित विभिन्न विभागों के पद शामिल हैं। सरकार ने युवाओ के लिये की नवीन युवा नीति-2026 जारी:— मुख्यमंत्री ने इस दौरान राजस्थान युवा नीति-2026 जारी की। इस नीति के तहत शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं के लिए उभरते क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, उनका व्यक्तित्व विकास कर स्थानीय शासन व निर्णय-प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी। इस नीति में युवा अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं और खेलों के विस्तार, लैंगिक हिंसा की रोकथाम, युवा कलाकारों के संवर्धन के साथ ही, सतत विकास में युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जारी की राजस्थान रोजगार नीति-2026 :— श्री शर्मा ने कार्यक्रम में राजस्थान रोजगार नीति-2026 भी जारी की। इस नीति के तहत रोजगार और उद्यमशीलता पर केंद्रित बहुआयामी रणनीति के माध्यम से मार्च 2029 तक 15 लाख रोजगार के अवसरों को सुलभ बनाया जाएगा। नीति का निष्पादन, निगरानी एवं सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, राजस्थान रोजगार पोर्टल (ईईएमएस 2.0) रोजगार कार्यालय (एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज) को एकीकृत करते हुए, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा। साथ ही इसमें राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ई-जॉब फेयर की सुविधा को समाविष्ट किया गया है।

Rajasthan News: प्रदेश में अवैध खनन कार्रवाई संयुक्त अभियान के तहत विभाग ने की 1132 कार्रवाई

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अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में दो सप्ताह में 1132 कार्रवाई करते हुए 7 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना राजकोष में वसूला जा चुका है। प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम टी. रविकान्त ने सोमवार को निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा व अधिकारियों के साथ सचिवालय में हाईब्रिड मोड पर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड में और अधिक सक्रिय रहने, औचक कार्रवाई करने और जब्त खनिजों की समय पर नीलामी की कार्रवाई का रोडमेप बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जब्त वाहन मशीनरी को तय समय सीमा तक जुर्माना राशि जमा नहीं होने पर अविलंब राजसात की कार्रवाई की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस मेें 264 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं वहीं 90 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है। 61800 टन से अधिक अवैध भण्डारित खनिज जब्त किया गया हैं। इस अवधि में अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त 55 एक्सक्वेटर, जेसीबी, पोकलेन मशीन आदि व 983 वाहनों में डंपर-ट्रेक्टर ट्रॉली आदि जब्त किये गये हैं। अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई भीलवाड़ा जिले में खनि अभियंता भीलवाड़ा और बिजौलियां द्वारा 120 कार्रवाई करते हुए 12 मशीनरी और 120 वाहन जब्ती के साथ ही 54 एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही जयपुर खनि अभियंता ने 85 कार्रवाई करते हुए 2 एक्सक्वेटर और 79 वाहन जब्त किये हैं। सर्वाधिक जुर्माना राशि 86 लाख 17 हजार खनि अभियंता जयपुर ने वसूली है। अजमेर में 83 कार्रवाई में 71 वाहन मशीनरी जब्त किये गये हैं। सवाई माधोपुर में सर्वाधिक 38893 टन खनिज जब्त किया गया है। नागौर में 41 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।