Minister of State for Home —जलभराव क्षेत्रों में पानी निकासी का स्थाई समाधान किया जाए —गृह राज्य मंत्री

गृह, गोपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने हिण्डौन क्षेत्र में गत दिनों हुई अतिवृष्टि के कारण हुए जल भराव का स्थाई समाधान करने के निर्देश दिये हैं। गुरूवार को हिण्डौन पंचायत समिति सभागार में कार्यशाला को संबोधित करते हुये अधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली,शुद्ध पेयजल चिकित्सा सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के निर्देश दिये। आपको बतादें कि मंत्री करौली जिला प्रभारी भी है। उन्होने अधिकारियों को ड्रेनेज सिस्टम ठीक करने, जलभराव क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियन्ता के साथ समिति गठित करने, नगर परिषद के द्वारा नालों एवं नदी क्षेत्र में जारी किये गये पट्टों की जॉच करने, अतिवृष्टि के कारण शहर में व्यापारियों को हुए नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा दिलवाने और ग्रामीण क्षेत्र में फसल खराबा के संबंध में रिपोर्ट करने के निर्देश दिये। उन्होंने शहर में जलभराव से स्थाई छुटकारा पाने के लिए अधिकारियों को योजना बनाकर कार्य करने के लिए भी कहा। उन्होंने शहर में नियमित साफ -सफाई के संबंध में वार्डवाईज चार सफाई कर्मी नियुक्त करने और बीस-बीस सफाई कर्मियों की टीम बनाकर समस्त वार्डो में कचरे के निस्तारण एवं उठाव के निर्देश दिये।

Rajasthan Assembly —विधानसभा में दौड़ा बिजली बिल का करंट, राखी भाई ने जताई चिंता

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रक्षाबंधन पर राखी भाई नाम से ख्याती प्राप्त विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने राजस्थान विधानसभा के पिछले दिनों बिजली खर्च का अधिक बिल आने पर चिंता प्रकट की है। उन्होने कहा कि विद्युत खर्चे के इन बिलों की गहराई से जांच की जाए और संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की जाए। श्री देवनानी ने भविष्य में विद्युत खर्चे पर मॉनिटरिंग की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए। Rajasthan Assembly Speaker Vasudev Devnani श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा में स्थापित 33 के वी ग्रिड में आदर्श पावर फैक्टर को बनाए रखने के हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने गत माह में पावर फैक्टर संधारित नहीं किए जाने के कारणो की विस्तृत जांच करने के भी निर्देश दिए। वहीं उन्होने कहा कि विधायक आवास परिसर में जल्द ही सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे विधायक आवास परिसर की विद्युत वितरण कंपनियों की ग्रिड से आने वाली बिजली पर निर्भरता कम होगी और विधायक आवास परिसर में राजकीय विद्युत खर्चे में राहत मिल सकेगी।

Buses will pass through the designated bus stand and not through the bypass —बाईपास से नहीं निर्धारित बस स्टैंड से गुजरेंगी बसें —निगम अध्यक्ष

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की विभिन्न आगारों की बसें बाईपास से ना गुजर कर निर्धारित बस स्टैंड से संचालित होंगी। इस संबंध में प्रदेश के विभिन्न 13 बस स्टैंडों, इन बस स्टैंडों से होकर वाहनों का संचालन करने वाले विभिन्न आगारों और प्रभारी आगारों के लिए निगम द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। निगम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल 181 एवं विभिन्न माध्यमों से आए दिन बाईपास होकर वाहन संचालन की शिकायतें मिल रहीं थीं। इस पर सख्त कार्यवाही करते हुए निगम के सभी सातों जोनल मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं कि उनके जोन के अंतर्गत आने वाले आगारों के वाहनों का संचालन बाईपास से ना कर निर्धारित बस स्टैंड से होकर करवाया जाए ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े और निगम की छवि भी धूमिल ना हो। सभी प्रभारी आगार सुनिश्चित करेंगे कि आदेश में उल्लेखित विभिन्न आगारों के वाहनों का संचालन इन बस स्टैंडों से होकर किया जाए। शेष आगारों के वाहनों का संचालन समय सारणी के अनुसार ही किया जाएगा।

Rising Rajasthan —राइजिंग राजस्थान से होगा प्रदेश में नये विकास का उदय —मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान प्रदेश के औद्योगिक विकास की गति को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश करने वाले उद्यमियों को भूमि, बिजली और पानी की उपलब्धता समयबद्ध एवं नीतिगत रूप से सुनिश्चित करवाई जाएंगी, जिससे निवेश धरातल पर मूर्तरूप ले सके। Rising Rajasthan मुख्यमंत्री गुरूवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वाइब्रेंट गुजरात और उत्तरप्रदेश इन्वेस्टर्स समिट की तर्ज पर राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए राज्य के अधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल के दौरे के बाद आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि समिट में निवेश के लिए भाग लेने वाले प्रतिभागी देशों के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए। साथ ही, इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीम का गठन भी किया जाए। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए वॉर रूम स्थापित किया जाए, जहां उचित संसाधनों के साथ विशेषज्ञ टीम आयोजन से संबंधित सभी तैयारियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा कर सकें। उन्होंने आयोजन का सभी माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अब तक प्राप्त हो चुके निवेश प्रस्तावों को मूर्तरूप देने से संबंधित कार्यवाही को गति प्रदान करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट के लिए देश-विदेश में आयोजित होने वाले रोड-शो के आकर्षक और प्रभावी आयोजन से निवेशकों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेशों से आने वाले निवेशकों के लिए इन्वेस्टमेंट इन्विटेशन पैकेज तैयार किए जाएं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र में भी निवेशकों को आमंत्रित किया जाए जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश हो सके। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए देश में सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रमों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश में खनन, मेडिकल, पेट्रोलियम, फार्मा, एयरपोर्ट, पर्यटन, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, आईटी, शिक्षा, रेलवे एवं रक्षा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को प्रबल बनाया जाये। मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा एवं राज्य में होटल इंडस्ट्रीज के विस्तार की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देशित किया।

Energy Minister —रबी सीजन में किसानों को मिलेगी पर्याप्त बिजली —ऊर्जा मंत्री

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष-2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने की दिशा में संकल्पित भाव से काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को आगामी रबी सीजन में बिजली की संभावित मांग का आकलन कर पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री नागर बुधवार को विद्युत भवन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए भारतीय किसान संघ के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बिजली आपूर्ति से संबंधित विषयों पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र के अनावंटित पूल से प्रदेश को मिल रहे 1 हजार मेगावाट बिजली के आवंटन को आगामी रबी सीजन में भी जारी रखने के लिए उच्च स्तर पर आग्रह किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह समर्पित है। संकल्प पत्र में कृषि कार्य के लिए किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे निरन्तर बिजली की आपूर्ति करने के वादे को पूरा करने के दृष्टिगत दूरगामी सोच के साथ निर्णय किए जा रहे हैं। मात्र साढ़े सात माह की अल्पावधि में ही पीएम कुसुम सी योजना में 4 हजार 500 मेगावाट क्षमता के एलओआई जारी किए गए हैं। जिसका लाभ 3 लाख से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को होगा। साथ ही, आरडीएसएस में केन्द्र सरकार ने प्रदेश के लिए करीब 7 हजार 896 करोड़ रूपए की योजना मंजूर की है। इसके माध्यम से फीडर सेग्रीगेशन के काम को गति दी जाएगी। श्री नागर ने रबी सीजन के दृष्टिगत अधिकारियों को संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए नए ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण, प्रसारण तंत्र की मजबूती, मेटेरियल की उपलब्धता, खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने, कृषि कनेक्शन जारी करने, एक्सचेंज से बिजली खरीद, उत्पादन संयंत्रों के नियमित मेंटिनेंस के काम को समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका यथासंभव शीघ्र निराकरण किया जाए।

Encroachments will be removed from outside hospitals —अस्पतालों के बाहर से हटेगें अतिक्रमण, नियमित होगी मॉनिटरिंग

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अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज एवं उससे संबद्ध अस्पतालों के परिसर, हॉस्टल्स इत्यादि में सुरक्षा व्यवस्थाओं, संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने, अस्पतालों में रेजीडेन्ट डॉक्टर्स हेतु ड्यूटी रूम्स में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में धूम्रपान, शराब, ड्रग्स आदि के उपयोग पर रोकथाम सुनिश्चित करें। साथ ही, अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग को अस्पतालों के बाहर से अतिक्रमण हटाने और नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए पत्र प्रेषित किए गए हैं। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सकों की सुरक्षा के निर्भया स्कवाड तैनात की गई है। साथ ही, पुलिस गश्त बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

medical minister —चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत —चिकित्सा मंत्री

कोलकाता रेजीडेंट प्रकरण को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे रेजीडेंट डॉक्टर्स चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की पहल पर बुधवार शाम आपातकालीन एवं आईसीयू सेवाओं में वापस काम पर लौट आए। रेजीडेंट चिकित्सकों का प्रतिनिधिमण्डल ने बुधवार को शासन सचिवालय में चिकित्सा मंत्री से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। चिकित्सा मंत्री ने रेजीडेंट चिकित्सकों से कहा कि वे मानव सेवा से जुड़े चिकित्सकीय पेशे का का सम्मान रखते हुए काम पर लौटें। राज्य सरकार उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए समुचित कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चिकित्सकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर सकारात्मक सोच के साथ निर्णय लिए गए हैं। आगे भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोलकाता रेजीडेंट प्रकरण से सम्पूर्ण चिकित्सक जगत सहित पूरा देश व्य​थित है। सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सा मंत्री के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई वार्ता एवं सकारात्मक आश्वासन के बाद रेजीडेंट चिकित्सकों ने आईसीयू एवं आपातकालीन इकाई में सेवाएं देने पर सहमति दी। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह ने बताया कि रेजीडेंट चिकित्सकों की समस्याओं के निराकरण के लिए मेडिकल कॉलेज स्तर पर एक कमेटी गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य या अधीक्षक की अध्यक्षता में गठित होने वाली इस कमेटी में रेजीडेन्ट डॉक्टर्स के प्रतिनिधि भी सम्मिलित होगें। यह कमेटी विभिन्न समस्याओं के निराकरण के सुझाव प्रस्तुत करेगी। सुझावों के आधार पर राज्य सरकार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।

Rajasthan will become self-reliant with Atal Groundwater Scheme: अटल भूजल योजना से राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर —भूजल मंत्री

भूजल मंत्री कन्हैया लाल ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थिति और भूजल की अत्यधिक कमी से जूझ रहा प्रदेश अटल भूजल योजना से जल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है। किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास जल की उपलब्धता पर निर्भर करता है। नवीन उद्योगों की स्थापना भी जल की उपलब्धता वाले राज्यों में अधिक होती है। ‌उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की भूजल को लेकर नवीन नीतियों और कार्यों का ही परिणाम है कि अटल भूजल योजना में अब हमारा प्रदेश सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है। मंत्री ने अटल भूजल योजना के अंतर्गत राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई जयपुर द्वारा राज्य कृषि अनुसंधान केंद्र दुर्गापुरा में आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री कन्हैयालाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 25 दिसंबर 2019 को प्रारंभ की गई अटल भूजल योजना वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में संचालित है। पूर्व प्रधानमंत्री का नदियों को आपस में जोड़ने का सपना राजस्थान के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई की ड्रिप, स्प्रिंकलर आदि तकनीकों के माध्यम से पानी बचाया जा सकता है, साथ ही वर्षा जल को बचाने के लिए बेहतर प्रयास होने चाहिए, उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएं। भूजल मंत्री ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में पानी की सर्वाधिक कमी है। इस बार प्रदेश में अच्छी बारिश हुई, लेकिन वर्षा जल संचय के पर्याप्त प्रयास न होने से अधिकांश वर्षा जल व्यर्थ बह गया। उन्होंने कहा कि हमें वर्षा जल बचाने के सघन एवं सामूहिक प्रयास करने होंगे। भूजल का कम दोहन और अधिक रिचार्ज पर ध्यान देना होगा।

Electricity Bill —बिजली बिल में बढ़ा हुआ स्थाई चार्ज इसी माह से

प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बिल के जरीए लगेगा करंट। बढ़ा हुआ स्थाई चार्ज इसी माह से प्रभावी कर दिया है। फिक्स चार्ज में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जो आगामी बिल में जुड़कर आएगा। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने पिछले दिनों टैरिफ आदेश में सुओ मोटो स्थाई चार्ज में बढ़ोतरी की थी। आपको बतादें कि ऊर्जा मंत्री ने कुछ दिन पहले मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि, जनहित में बढ़ा हुआ फिक्सस चार्ज नहीं लगे, इसके लिए आयोग में याचिका लगाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। डिस्कॉम की याचिका में स्थाई चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं था। इस आदेश के तहत उपभोक्ता का बिजली बिल हर माह 20 से 55 रुपए बढ़ जाएगा। बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के चलते 50 यूनिट तक खपत पर बीपीएल उपभोक्ताओं से 100 रुपए की जगह बढ़ाकर 150 रुपए वसूल किए जाएंगे। जबकि 50 यूनिट तक खपत पर सामान्य उपभोक्ता से 125 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए वसूल होंगे। 150 यूनिट तक खपत पर फिक्स चार्ज 230 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए कर दिए गए हैं। 300 यूनिट तक खपत पर 275 रुपए से बढ़ाकर 300 रुपए किए गए हैं। इसी प्रकार 500 यूनिट तक खपत पर 345 रुपए से बढ़ाकर 400 रुपए और 500 यूनिट से अधिक की खपत पर 400 रुपए की जगह अब 450 रुपए फिक्स चार्ज वसूल किया जाएगा। ऐसे में इन बढ़ी हुई दरों का बीपीएल परिवारों पर भी आर्थिक भार बढ़ जाएगा।

NDDB will provide technical assistance in the operation of RCDF —आरसीडीएफ के संचालन में तकनीकी सहायता देगी एनडीडीबी

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राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड राजस्थान में विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में सहयोग के लिये आरसीडीएफ को तकनीकी सहायता देगा ताकि समय पर परियोजनाओं को पूरा किया जा सके। आरसीडीएफ के कमजोर दुग्ध संघों को तकनीकी सहायता के साथ-साथ उनके द्वारा उत्पादित दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के विपणन में भी एनडीडीबी द्वारा आवश्यक सहयोग और सहायता दी जावेगी। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के कार्यालय में आरसीडीएफ की प्रशासक और प्रबन्ध संचालक डॉ. सुषमा अरोड़ा से मुलाकात के दौरान एनडीडीबी के चैयरमेन डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि प्रोडक्ट पैकेजिंग और एडवरटाईजिंग के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर भी जिला दुग्ध संघों को आवश्यक सहयोग मिलेगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी डेयरी की पहुॅच नहीं है, वहा दुग्ध संकलन को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरुप युद्व स्तर पर काम शुरु किया जावेगा। मुलाकात के दौरान राजस्थान के डेयरी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ-साथ एनडीडीबी और आरसीडीएफ द्वारा राजस्थान में संचालित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। डॉ. मीनेश शाह ने डॉ. अरोड़ा के नेतृत्व में आरसीडीएफ द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने राजस्थान के बजट में राज्य सरकार द्वारा डेयरी क्षेत्र में आधारभूत ढ़ांचे को मजबूत करने के लिये 220 करोड़ रुपये की घोषणा को अभूतपूर्व बताया और कहा कि यह प्रोजेक्ट राजस्थान के डेयरी विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।