5 लाख लेकर दिलखुश मीणा की जगह मेहंदीपुर बालाजी का कालूराम मीणा परीक्षा देने आया

मामला सिविल लाइन थाना अजमेर का है। यहां कल गुरूवार को ख्वाजा मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल ने सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया था। एएसपी सुखविंदर पाल सिंह ने बताया कि सीबीएसई की ओर से आयोजित एकलव्य आवासीय स्कूल की वार्डन भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी दिलखुश मीणा की जगह की मेहंदीपुर बालाजी का कालूराम मीणा परीक्षा देने आया था। श्री सिंह के अनुसार इस मामले में 5 लाख रुपए लेन देन होना बताया है।
एडिशनल एसपी ने बताया कि, इस मामले में केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। जिस पर दिलखुश मीणा और कालूराम मीणा को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार शाम को दौसा निवासी ई-मित्र संचालक नरेश को मूल अभ्यर्थी के आधार कार्ड में फोटो एडिट कर डमी अभ्यर्थी की फोटो लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

Rajasthan Education Minister राजस्थान में स्कूलों के लिए लागू हो सकते है खास नियम शिक्षा मंत्री ने दिये संकेत

प्रदेश में 26 जनवरी को बारां जिला और 29 जनवरी को जयपुर शहर के स्कूल में हुए बवाल को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बयान दिया है। कहा है कि राजस्थान की स्कूलों में ड्रेस कोड (School Dress Code) पहले ही लागू था। लेकिन अब इसकी अवहेलना करने वाले स्कूल, शिक्षक और छात्रों की जांच की जाएगी। साथ ही शिक्षा मंत्री ने प्रदेश की स्कूलों में कई नियम सख्त करने के संकेत दिये हैं।

स्कूलो में ये नियम हो सकते हैं सख्त
शिक्षा मंत्री के संकेतों के अनुसार स्कूल में चयनित प्रार्थना के अलावा किसी दूसरी तरह की प्रार्थना नहीं कराई जाएगी। इसके लिए 4-5 प्रार्थना का चयन किया गया है और किसी दूसरी तरह की प्रार्थना का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ना ही स्कूल में किसी तरह का धर्मांतरण किया जाएगा।
स्कूल में मां सरस्वती की तस्वीर होनी चाहिए। किसी न किसी रूप में मां सरस्वती आकृति दिखना चाहिए चाहे मूर्ति हो, तस्वीर हो या दिवार पर हो। स्कूल में पाठ्यक्रम में दिये गए महापुरुषों के बारे में ही पढ़ाना होगा।

FasTags:— KYC के लिये आज आखिरी मौका, वहीं कल से IMPS नियमों होगा बदलाव

सामान्य तौर पर फरवरी माह में कई नियमों में बदलाव हो सकता है। लेकिन FasTags KYC वाला नियम आपको खासा परेशान कर सकता है। इस लिये खासतौर पर आपको आगाह किया जाता है कि यदि आपने 31 जनवरी यानि आज से पहले अपने FasTag अकाउंट का KYC नहीं किया तो आपके पास आखिरी मौका है। इसके बाद 1 फरवरी से आपका फास्टैग अकाउंट बैन कर दिया जाएगा या ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फास्टैग केवाईसी अपडेट करने का आखिरी समय 31 जनवरी दिया है।
वहीं कल 1 February से एक खास नियम में भी बदलाव होगा। इस नियम के बदलाव से आमजन को राहत मिलेगी। RBI (IMPS, Immediate Payment Service) तत्काल भुगतान सेवा के नियमों में बदलाव बदलाव करने जा रहा है। बदले हुए नियमों के अनुसार अब एक फरवरी से बिना आप लाभार्थी (Beneficiary) का नाम जोड़ कर 5 लाख रुपये तक का मनी ट्रांसफर कर सकेंगे। आको बतादें कि इसके लिए पहले ही आरबीआई ने सर्कुलर जारी किया था। अब 1 फरवरी से यह नियम लागू होने जा रहा है।

श्रेष्ठ बनने के चक्कर में पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है:— सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से पुलिस को भारतीय संविधान के आर्टिकल 19 और 22 की याद दिलाई है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ की बेंच ने कि ‘पत्रकारों के मौलिक अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार से उनकी खबरों के लिए सूत्र नहीं पूछ सकती है। यहां तक की कोर्ट भी उन्हें ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। श्री चंद्रचूड़ ने कहा आजकल ये देखने को मिल रहा है कि बिना किसी ठोस सबूत और बिना जांच के पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए जाते हैं। श्रेष्ठ बनने के चक्कर में पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता का हनन कर रही है।

“आपको बता दें कि हमारे देश में किसी विशेष कानून के जरिए पत्रकारों को अधिकार हासिल नहीं हैं। पत्रकारों के लिए अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार बाकी नागरिकों की तरह संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (a) के अंतर्गत ही मिले हुए हैं। पत्रकारों को अपने सूत्र को गोपनीय रखने का अधिकार प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एक्ट 1978 के तहत मिला हुआ है। इसमें 15 (2) सेक्शन में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि किसी भी पत्रकार को खबरों के सूत्र की जानकारी के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता लेकिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम कानून कोर्ट में लागू नहीं होते हैं। इसके आधार पर कोर्ट में किसी तरह की छूट की मांग नहीं की जा सकती है।”

जयपुर डकैत एसोसिएशन और रेरा की दादागिरी से जनता त्रस्त

कांग्रेस के जमाने से चली आ रही लूट की परंपरा आज भी बरकरार है। जमीन माफियाओ द्वारा लूट तथा उपभोक्ताओं की भावनाओ के साथ खिलवाड़ का यह कारोबार वैसे तो पूरे जयपुर में संचालित है। लेकिन मुख्यमंन्त्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में जेडीए और रेरा की मिलीभगत से तथाकथित बिल्डर जनता को बुरी तरह निचोड़ने में लगे हुए है।

कांग्रेस के वक्त गेटेड टाउनशिप के नाम पर जेडीए ने अनाप शनाप अनुमोदन जारी कर भू माफियाओ को लूटने का लाइसेंस जारी कर दिया। आज जेडीए का यह हाल है कि पैसे दो और स्वीकृति लो। वैसे तो जेडीए को जयपुर डकैत एसोसिएशन के नाम से जाना जाता है। लेकिन अब इस एसोसिएशन ने विशाल रूप धारण कर लिया है। जेडीए के सभी जोन रिश्वत बटोरने के अड्डे है, लेकिन जोन 9, 10 और 11 लूटने में सबको पीछे छोड़ दिये है। एक जोन उपायुक्त की अनुमानित कमाई पांच करोड़ रुपये प्रतिमाह आंकी जाती है। खेद का विषय है कि एसीबी भी आंख मूंदे बैठी है और जेडीए आयुक्त भी।

जिस तरह जेडीए रिश्वत संग्रह का केंद्र बना हुआ है, उससे बड़ा लूट का केंद्र रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन ऑथरिटी) है। यद्यपि रेरा की अध्यक्ष वीनू गुप्ता काफी सख्त और ईमानदार अधिकारी मानी जाती है। लेकिन अधीनस्थों ने जबरदस्त उत्पात मचा रखा है। जेडीए की तर्ज पर यहां रिश्वत तो और स्वीकृति प्राप्त करो । बिना टाइटल और नियमो की पालना किये बिना। रेरा की स्थापना के साथ ही एक अधिकारी यहां पदस्थापित है। पिछले 7-8 साल से यह रेरा को छोड़ ही नही रहा है। रिश्वत के दम पर हर बार तबादला होने से पहले ही एक्सटेंशन कराने की ताकत रखता है यह अधिकारी । धन संग्रह इसकी वकील बेटी के माध्यम से होता है। रेरा का समानांतर प्रशासन वकील साहिबा द्वारा संचालित है।

जानकारी के अनुसार कांग्रेस राज में पिछले तीन साल के अंदर अकेले जयपुर में जेडीए और रेरा द्वारा करीब ढाई सौ टाउनशिप की स्वीकृति जारी कर इन विभागों ने गरीब जनता को लूटने का लाइसेंस जारी किया है। इन दोनों के बैनर तले बिल्डर जनता को निर्मम तरीके से लूट रहे है। ज्यादातर टाउनशिप पर गोकुल कृपा का अधिपत्य है । इसके अतिरिक्त करीब 20 अन्य ग्रुप भी सक्रिय है। दो ग्रुप कांग्रेस में मंत्री रहे व्यक्ति से ताल्लुक रखते है । जबकि पांच ग्रुप में कांग्रेसी विधायको का करीब एक हजार करोड़ निवेश है।

जेडीए का काम है टाइटल आदि देखकर टाउनशिप को अनुमोदित करना। जबकि रेरा का कार्य यह देखना है कि टाउनशिप निर्माण नियमानुसार हो रहा है या नही। चूंकि दोनों विभागों में रिश्वत का बोलबाला है इसलिए टाउनशिप के नियमो की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। नतीजतन लाखों भूखण्डधारी भूमाफियाओं के हाथों लुट रहे है और सरकार, मुख्यमंत्री और यूडीएच मंत्री खमोश होकर तबाही का मंजर देख रहे है। यूडीएच मंत्री झाबरमल खर्रा का शहर से कोई ताल्लुक नही है, इसलिए जेडीए और रेरा की मनमानी चरम पर है।

मैंने आज मुख्यमंन्त्री के विधानसभा क्षेत्र में पत्रकार कॉलोनी, नारायण विहार, धोलाई, भारत माता सर्किल, मुहाना, रामपुरा तथा मदाऊ आदि क्षेत्रों का दौरा किया। दौरा करने के बाद लगा ही नही कि इन क्षेत्रों में सरकार सक्रिय भी है। मदाऊ में स्थित रूपराज, कासली एन्कलेव तथा अरन एन्कलेव बसा तो दी है। लेकिन यहां के आवंटी बुनियादी सुविधाओं के लिए जेडीए, रेरा और डवलपर्स के यहां धक्के खा रहे है। डवलपर्स माल समेट कर भाग छूटे और आवंटी रो रहे है अपने कर्मो को। इनकी सुनवाई न जेडीए कर रहा है और न ही रेरा। दोनों विभागों का एक ही बुनियादी उद्देश्य है रिश्वत बटोरना।

आकर्षक ब्रोशर प्रकाशित कर डवलपर्स आम जनता को लुभाते है। जनता भी इनके झांसे में आ जाती है। पक्की सड़क, अंडरग्राउंड विद्युत लाइन, मंदिर, पार्क, किड्स प्ले सेंटर, कम्युनिटी हाल, ऑप्टिकल लाइन, 24 घण्टे सिक्युरिटी, सीसीटीवी कैमरे, नियमित सफाई और रखरखाव। लेकिन इनमें से कोई भी बुनियादी सुविधा मुहैया नही है । रूप राज एन्कलेव में न कोई सिक्युरिटी थी और न ही कैमरा। सफाई तो लगता है कभी हुई ही नही। पार्क केवल छलावा है। हरियाली का दूर दूर तक नामोनिशान नही। कमोबेश सभी टाउनशिप का यही हाल है।

मुख्यमंन्त्री का क्षेत्र होने के बाद भी इन टाउनशिप में रहने वालों के लिए अनेक तरह की बुनियादी सुविधा जैसे परिवहन, चिकित्सा, गैस सिलेंडर की सप्लाई, खान पान का सामान नदारद है। कांग्रेस राज में जो सेक्टर रोड प्रारम्भ की गई थी, उनका निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है। चूंकि अभी तक अधिकारियों के तबादले जारी है, इसलिए सड़क एवं अन्य निर्माण कार्य थमे पड़े है। जेडीए आयुक्त मंजु राजपाल की न तो विकास कार्य में कोई रुचि है और न ही भ्रस्टाचार पर लगाम लगाने में।

भजनलाल सरकार को भू माफिया पर लगाम लगानी है तो उसे अविलम्ब 90 ए और 90 बी पर अविलम्ब रोक लगानी होगी। इसके अलावा जो भी व्यक्ति जेडीए में पहले कभी सतर्कता शाखा, तहसीलदार, एटीपी या जोन उपायुक्त पद पर रह चुका है, उसकी किसी भी हालत में नियुक्ति नही होनी चाहिए। क्योंकि कई अधिकारियों के लिए जेडीए किसी चारागाह से कम नही है। साल, दो साल फिर से लूटने के लिए जोड़तोड़ लगाकर यहीं पदस्थापन करा लेते है।

Minister Madan Dilawar:- गलत आचरण बर्दाश्त नहीं होगा, भले उसके लिए मुझे नियम तोड़ना पड़े

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कोटा के महावीर नगर सरकारी स्कूल में स्कूटी वितरण समारोह में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि बहुत पीड़ा होती है जब शिक्षकों के छात्र-छात्राओं के साथ गलत आचरण की खबरें सामने आती है। लेकिन मैं साफ शब्दों में कह देना चाहता हूं कि मेरे शिक्षा मंत्री रहते हुए गलत आचरण करने वाले शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी भले उसके लिए मुझे नियम तोड़ना पड़े और मुझे फांसी की सजा ही क्यों न मिल जाए लेकिन शिक्षकों द्वारा गलत आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री दिलावर उपरोक्त समारोह के मुख्य अतिथि।

Rajasthan Assembly:— हाउस में आदर्श शिष्टाचार का अभाव, चले धूड़ में लट्ठ

विधानसभा में कल मंगलवार को हाउस में आदर्श शिष्टाचार का अभाव देखने मिला। शून्यकाल में राजीव गांधी युवा मित्रों को हटाने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने संसदीय मंत्री जोगाराम पटेल के टोकाटाकी को लेकर डांटते हुए कहा, आप चुप रहें, मंत्री हो तो आपको बीच में बोलने का हक नहीं है। और तू तड़ाके पर आगये। ये परंपरा विधानसभा की नहीं रही है।
उपरोक्त कांड में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की घोर लाचारी देखने मिली। या यूं कह सकते हैं कि उनको हाउस चलाने की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियमों का पूर्ण ज्ञान नहीं है। शायद उन्हे ट्युशन की आवश्यकता है।
विधानसभा चलाने की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियमों के विशेषज्ञो का कहना है कि श्री देवनानी को उपरोक्त घटना पर सख्त व्यवस्था देनी चाहिए। क्योंकि विधायक रोहित बोहरा का आचरण हाउस के आदर्श शिष्टाचार का हनन करता है। श्री देवनानी ने नियम 269 के तहत केवल अपने पद की गरिमा बनाने के लिये व्यवस्था दी है, जो कि संपूर्ण हाउस के लिये न्याय संगत नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष के ज्ञान और सजगता का अभाव मंगलवार को ही हाउस में 12 बजकर 28 मिनट पर देखने को मिला। जब खुद अध्यक्ष महोदय ने बिलाड़ा विधयक अर्जुन लाल का नाम प्रक्रिया एवं कार्य संचालन के नियम 295 के तहत पुकारा और विधायक ने अपनी बात रखना शुरू किया तो, माननीय अध्यक्ष महोदय ने बिलाड़ा विधायक को दो बार टोका। और कहा कि आपने जो दिया है वो ही पढ़ रहे है, मेरे पास कुछ अलग भी है। फिर से विधायक को टोकते हुए कहा कि माननीय सदस्य ये वो नही है जो मेरे पास आपने दिया है, जो दिया है वो हीं पढ़े। बिलाड़ा विधायक ने कहा कि मैं वो ही पढ़ रहा हूं। हाउस में ऐसा लग रहा था जैसे सब हवा हवाई हो। जैसे धूड़ में लट्ठ चल रहे हो। बिलाड़ा विधायक कुछ कह रहे हैं और माननीय अध्यक्ष कुछ। ऐसे में कई सवाल खड़े होते है। क्या हाउस इसी तरह चलेगा या फिर सुधार होगा। यह देखने और सोचने वाली बात है। बोलो राधे— राधे

RSMSSB ने 6 हजार पदों पर जारी की भर्ती, आवेदन 17 फरवरी तक

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RSMSSB:— 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पशु परिचर के पद करीब 6 हजार वैकेंसी निकाली है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 17 फरवरी 2024 तक आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड द्वारा जारी एनिमल अटेंडेंट सीधी भर्ती 2023 नोटिफिकेशन के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जनवरी से शुरू हो चुकी है, जबकि भर्ती परीक्षा अप्रैल या जून 2024 में आयोजित की जाएगी।

इस भर्ती अभियान संगठन में 5934 पदों को भरेगा। इनमें गैर अनुसूचित क्षेत्र एरिया के 5281 पद और अनुसूचित क्षेत्र एरिया के 653 पद शामिल हैं। उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 10वीं या इसके समकक्ष परीक्षा पास किया होना चाहिए। इसके अलावा देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी में काम करने का ज्ञान और राजस्थान की संस्कृति का ज्ञान होना चाहिए।
आवेदकों की आयु सीमा 01 जनवरी 2025 को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष हो। वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी मानदंड के अनुसार अधिकतम आयु सीमा छूट दी जाएगी।
सामान्य/ओबीसी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 600 रुपये और ओबीसी एनसीएल/एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये फीस जमा करनी होगी, जबकि करेक्शन फीस 300 रुपये है। यह फीस एक बार रजिस्ट्रेशन के लिए है, अब उम्मीदवार को एक बार ओटीआर शुल्क का भुगतान करने के बाद बार-बार आवेदन शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।

अयोध्या, पूरा विश्व सम्मोहित

अयोध्या, पूरा विश्व सम्मोहित
आस्था की ढाल में प्राण प्रतिष्ठा
प्रसाद में मिलेगी अयोध्या की मिट्टी

यक़ीनन युगों-युगों ने आस्था के सैलाब का ऐसा समंदर नहीं देखा जो अब देखने को मिल रहा है। देश के ज़र्रे-जर्रे में, हर जुबां पर बस एक ही नाम श्रीराम। आलोचनाओं की चौखट पर भी यही नाम श्रीराम। जो तन से नहीं जा पा रहे हैं वे मन से अयोध्या में हैं। देश के हर गांव, शहर और राज्य से और इसके बाद विदेश से भी। यक़ीनन पीएम मोदी ने श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से अयोध्या को विश्व क्षितिज पर जो स्थान और ऊंचाइयां दे दी हैं वैसी न तो अब तक कोई दे पाया और न ही आगे कोई दे पाएगा। एक मंदिर के दम पर पूरे संसार में भारत को जो पहचान दिला दी है वह विस्मित कर देने वाली है। भले ही मोदी जी की यह लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक चाल हो लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि श्रीराम मंदिर के बहाने मोदी ने देश के हर घर में और हर दिल में प्रवेश कर लिया है। खासकर देश की लगभग हर महिला के दिल में, जो आज तक कोई नहीं कर सका। और दो-टूक लफ़्ज़ों में जो अब तक कोई नहीं कर सका वो मोदी ने यहां कर दिखाया, बेखौफ। यदि राजनीति और आलोचनाओं से अलग हट कर देखा जाए तो धर्म के क्षेत्र में यह एक ऐसी उपलब्धि है जो भारत के इतिहास में खुद एक स्वर्णिम इतिहास बन गई।
यहां गोरखपुर में गीता प्रेस में अब तक 3 करोड 70 लाख श्रीरामचरितमानस प्रकाशित हो चुकी हैं और अब अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के चलते इसके प्रकाशन का लोड बहुत बढ गया है। छपा हुआ एक स्टाक खत्म हो गया है और दूसरा प्रेस में है। बावजूद डिलीवरी का आलम यह है कि मांग बढती ही जा रही है। प्रेस में 500 कर्मचारी दिन-रात श्रीरामचरितमानस छाप रहे हैं फिर भी मांग रूकने का नाम नहीं ले रही। यह सब प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का चमत्कार है। देश तो देश, विदेशों से भी लगातार आर्डर आते जा रहे हैं। दूसरी ओर यहां 40 दिनों में 1,900 भजन तैयारी किये जा चुके हैं जिन्हें वाट्सएप के जरिये सीधे भक्तों तक पहुंचाया जा रहा है।
इधर अयोध्या में 35 साल पहले प्रख्यात धारावाहिक रामायण के राम उर्फ़ अरूण गोविल और सीता उर्फ़ दीपिका चिकलिया के अयोध्या पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। यद्यपि यह प्रायोजित है जबकि इतने सालों में उन्हें लोग भूल से गए थे। कहीं दिखाई दे जाने पर भी कोई खास तवज्जोह नहीं मिलती थी लेकिन श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए अयोध्या में कदम रखते ही फिर मिले उसी सत्कार ने इन्हें भावविभोर कर दिया। यूपी के एक समाचार-पत्र ने तो लिखा कि दीपिका चिखलिया यह अदभुत सम्मान पाकर रो दी।
नेपाल, राजधानी से 220 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित जनकपुरी। सीता जी की जन्म स्थली। अयोध्या से 500 किलोमीटर दूर। यहां पिछले 10 दिन से अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को याद करते हुए भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। उसी के तहत यहां के जानकी मंदिर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं और आश्चर्य कि उसमें समूचे नेपाल वासी उमड रहे हैं। बस उनकी एक ही अभिलाषा है कि अयोध्या से 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए एक बुलावा हमें भी मिल जाए।
अब पहले अयोध्या की बात। इस नवनिर्मित मंदिर की अनुमानित लागत 1,800 करोड रुपए है। यह भारत की सबसे महंगी धार्मिक परियोजनाओं में से एक है। ज्ञात रहे कि 5 अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने ही इस मंदिर की आधारशिला रखी थी। यह मंदिर लगभग ढाई एकड़ जमीन पर बना हुआ है। यदि इसमें परिक्रमा मार्ग भी जोड दिया जाए तो यह पूरा मंदिर परिसर 8 एकड़ का हो जाता है। इस तीन मंजिला मंदिर की ऊंचाई 162 फीट है। यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि मोदी जी ने 1992 में मस्जिद ढहाए जाने के बाद यह सौगंध ली थी कि अब मै मंदिर निर्माण पूरा होने तक अयोध्या नहीं लौटूंगा और अब तीन दशक बाद वह दिन आ गया।
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त मात्र 84 सेकंड का है और इसी पल में रामल्ला की पूजा होगी। 22 जनवरी दोपहर 12 बज कर 29 मिनट और 8 सैकंड से 12 बज कर 30 मिनट और 32 सैकंड तक। इसी 84 सेकंड में पीएम को पूजा कर लेनी होगी। यह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव देश के 5 लाख मंदिरों में लाइव प्रसारण होगा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा और आश्चर्य की बात यह कि प्रसाद के रूप में अयोध्या की मिट्टी दी जाएगी।
अब चलते हैं विदेश। 21 जनवरी से 22 जनवरी तक विश्व के 160 देशों में इसी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। युरोप के एलिफ टावर से लेकर अमेरिका के टाईम्स स्क्वायर तक विभिन्न महोत्सवों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फ्रांस की राजधानी पैरिस में कल 21 जनवरी को राम रथ यात्रा निकाली जाएगी जिसमें यूरोप के चुनिंदा 1,000 लोग भाग लेंगे। पैरिस में रहने वाले भारतीय अविनाश मिश्रा इसे साझा करेंगे। उन्होंने अपनी पोस्ट में राम रथ यात्रा का पूरा मैप शेयर किया है।
ऐसे ही 22 जनवरी को अमेरिका में नार्थ अमेरिका से कनाडा तक के मंदिरों में पूजा तथा दीपोत्सव किया जाएगा। यहां कैलिफोर्निया, वाशिंगटन, शिकागो तथा और दूसरे शहरों में अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत कार रैली निकाली जाएगी। इनके अलावा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र इंडोनेशिया तथा सऊदी अरब में भी लाइव प्रसारण होगा।
(This article popular in social media is by Ashok Sharma )

संघ में चुनाव!

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संगठन कार्य का सर्वोच्च पद सरकार्यवाह का करीब डेढ़ महीने बाद मार्च में चुनाव होने के संकेत हैं। देश में केन्द्र सरकार के चुनाव से पहले मार्च महीने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महत्वपूर्ण अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की नागपुर मुख्यालय के रेशम बाग में बैठक बुलाने की योजना तथा तैयारी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संगठन रचना में 44 प्रांत के तकरीबन 1500 प्रांतीय प्रतिनिधियो एवं श्रत्रिय, प्रांत, संघ प्रचारक, संघचालको की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक में संघ के सरकार्यवाह का निर्वाचन किया जायेगा। मौजूदा समय दत्तात्रेय होसबाल सरकार्यवाह है और एकबार फिर दत्तात्रेय होसबाल का संघ सरकार्यवाह पद पर सर्वसम्मति से निर्विरोध चुनाव होने के आसार हैं। इसके बाद प्रांत ओर श्रेत्रिय संघ संगठन कार्यकारिणी के पदों पर बड़ा बदलाव होने की संभावना है।प्रत्येक तीन साल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संविधान अनुसार स्वयम सेवकों द्वारा संघ संगठन कार्यकारिणी के पदों पर चुनाव होते है। पिछली दफे करोना महामारी काल 2021 में संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक हुई थी और करोना के कारण संघ प्रांत ओर श्रेत्रिय कार्यकारिणी के पदों पर ज्यादा बदलाव नहीं किया गया था। लेकिन अब संघ सरकार्यवाह के चुनाव बाद संघ की प्रांत तथा क्षेत्रीय कार्यकारिणी पदो में बडा बदलाव होने की पूरी उम्मीद है। ‌ ‌कर्नाटक प्रदेश के शिमोगा के रहने वाले दत्तात्रेय होसबाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में पहले ऐसे सरकार्यवाह है जो,संघ की शाखा की जगह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पद से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संगठनात्मक संरचना कार्य में सर्वाधिक शक्तिशाली के पद सरकार्यवाह पर निर्वाचित हुए हैं। कर्नाटक विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में स्नातक दत्तात्रेय होसबाल ने 1972 में भारतीय विद्यार्थी परिषद में संघ कार्य प्रारंभ किया ओर इसके बाद करीब दो दशक तक भारतीय विद्यार्थी परिषद में संघ के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री पद का दायित्व संभाला है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक दत्तात्रेय होसबाल को वर्ष 2016 में पटना बिहार से उत्तर प्रदेश में संघ कार्य के हेतु लखनऊ भेजा गया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहले लोकसभा चुनाव में उनके लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में दत्तात्रेय होसबाल ने खुद अपनी देखरेख में संघ एवं भाजपा में समन्वय स्थापित कर उल्लेखनीय काज कर उत्तर प्रदेश में लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा को रिकॉर्ड सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दत्तात्रेय होसबाल को इसके बाद संघ सह सरकार्यवाह ओर 2021 में सुरेश भैय्या जी की जगह संघ सरकार्यवाह पद का महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ओर उसके अनुषांगिक संगठन भाजपा में समन्वय स्थापित रखने के महत्वपूर्ण पद का अभी संघ में सह सरकार्यवाह अरुण कुमार को दायित्व प्रदान किया हुआ है।
दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने अपने संघ पूर्णकालिक प्रचारक कार्य का प्रारंभ देश की राजधानी दिल्ली में संघ के जिला , विभाग से प्रारंभ कर वर्ष 2004 में जम्मू-कश्मीर के संघ प्रांत प्रचारक का दायित्व सौंपा गया था। जम्मू-कश्मीर में तब तात्कालिक कांग्रेस मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भंग कर दिया था। जम्मू कश्मीर संघ प्रांत प्रचारक अरुण कुमार ने इसके खिलाफ बड़े आन्दोलन की रुपरेखा , कमान संभाल उसे फिर बहाल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। जम्मू कश्मीर प्रांत प्रचारक अरुण कुमार की तब संघ ओर देश में खासी प्रसंशा चर्चा हुई थी।जम्मू कश्मीर संघ प्रांत प्रचारक रहते अरुण कुमार ने अपनी परिकल्पना एवं दृढ़ निश्चय से जम्मू-कश्मीर अध्ययन केन्द्र नाम से एक नये संस्थान की अपनी शुरुआत कराई ओर उसका दिल्ली केन्द्र बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में धारा 370 ओर 35 A को समाप्त करने की योजना, कार्य में संघ भाजपा समन्वय प्रमुख सह सरकार्यवाह अरुण कुमार की रचना होने के संकेत मिले हैं। संघ प्रचारक अरुण कुमार को 2011 में संघ में सह सम्पर्क प्रमुख ओर इसके पश्चात2021मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बेंगलूर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक में अखिल भारतीय कार्यकारिणी में सह सरकार्यवाह ओर देश में उत्तर प्रदेश सहित 7 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव समय 2022 मे चित्रकूट में हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक वार्षिक बैठक में कृष्ण गोपाल के स्थान पर संघ भाजपा समन्वय प्रमुख पद का दायित्व प्रदान हुआ है। ‌‌राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अपना संविधान 1949 में बना ओर उसमें कूल 25 अनुच्छेद है। संघ संविधान के अनुच्छेद में प्रावधान अनुसार प्रत्येक तीन वर्ष में कार्यकारिणी पदो के चुनाव कराने से संघ 8 स्तर संगठनात्मक संरचना में इस साल दिसंबर माह तक जिला, विभाग, प्रांत संघचालक पदों के निर्वाचन करने के निर्देश दिए गए थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 50 सक्रिय स्वयम सेवकों पर एक प्रांतीय प्रतिनिधि ओर 20 प्रांतीय प्रतिनिधि से एक अखिल भारतीय प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है। संघ में सभी संगठन पदों पर अमुमन सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित होने की परम्परा रही है।
(This article popular in social media is by भूपेंद्र ओझा)