डूंगरपुर, 4अगस्त। पांच युवक स्कूल जा रही 9वीं क्लास की नाबालिग छात्रा को जबरन कार में डालकर जंगल में ले गए। जहां एक युवक ने उससे रेप किया। इसके बाद सुनसान जगह बने एक कमरे में ले जाकर फिर से 2 युवकों ने रेप किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को डूंगरपुर शहर में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने एक सब्जी वाले से फोन मांगकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद गुरुवार को दोवड़ा पुलिस थाने में एक नामजद सहित 5 युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। दोवड़ा थानाधिकारी हेमंत चौहान ने बताया कि थाना क्षेत्र निवासी 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक नाबालिग स्कूली छात्रा ने मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में छात्रा ने बताया कि बुधवार को वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। इस दौरान रास्ते में पगारा गांव के पास कार सवार मांडवा खापरडा निवासी राजू मीणा सहित 5 युवकों ने उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर उसका किडनैप कर लिया। इसके बाद आरोपी उसे एक जंगल में ले गए। जहां एक युवक ने उससे रेप किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को एक सुनसान जगह पर बने कमरे में ले गए। जहां पर राजू मीणा और उसके एक अन्य साथी ने फिर से उसके साथ रेप किया। इस दौरान अन्य आरोपी मकान के बाहर निगरानी करते रहे।
नौकरी नहीं लगी तो युवक ने किया सुसाइड, नहर में मिला शव
कोटा, 4 अगस्त। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद जब युवक को नौकरी नहीं मिली तो वह डिप्रेशन में आ गया। इसके बाद उसने नहर में छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना शहर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर करीब 1 बजे के बाद की है। युवक ने थेगड़ा नहर में छलांग लगा कर अपनी जान दे दी। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और 2 घंटे सर्च अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला।
इंटरव्यू देने की बात कह घर से निकला था
मृतक राकेश नायक (28) उत्तम नगर के बोरखेड़ा में रहता है। पिता कमलेश ने बताया कि 4 साल पहले राकेश ने झालावाड़ के सरकारी कॉलेज से मैकेनिकल सब्जेक्ट में 4 साल पहले इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद से उसकी नौकरी नहीं लग रही थी। पिता ने बताया कि जॉब नहीं मिलने से वह परेशान था। कुछ जगह जॉब भी मिली लेकिन वह चार से पांच दिन में ही छूट गई। बुधवार को सुबह 11 बजे प्राइवेट स्कूल में जॉब करने की कहकर निकला था। वहां सिलेक्शन नहीं हुआ तो मेरे पास फैक्ट्री में आया और कहा कि दूसरी जगह कोशिश करता हूं। इसके बाद घर गया और दोबारा 1 बजे वह घर से निकला। इसके कई देर बाद वह नहीं लौटा।
पढ़ाई के लिए 4 लाख रुपए का लिया था लोन
उद्योग नगर थाना अधिकारी मनोज सिकरवार ने बताया कि देर शाम तक बेटा नहीं पहुंचा तो परिजन भी परेशान होने लगे। शाम को किसी ने बताया कि थगेड़ नहर में किसी की लाश तैर रही है। इस पर रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। राकेश की तलाशी में उसके घर की डिटेल मिली। इसके बाद परिजनों को मॉर्च्युरी में बुलाया जहां राकेश की शिनाख्त की गई। पिता ने बताया कि बेटे ने पढ़ाई के लिए 4 लाख का लोन भी लिया था और उसकी किस्त भी जमा नहीं कर पा रहा था, इसको लेकर भी उसे चिंता सताती रहती थी। तीन भाई-बहन में राकेश सबसे बड़ा था। पिता दिव्यांग है और एक फैक्ट्री में काम करते हैं। थाना अधिकारी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है और अभी तक परिजनों की ओर से काेई रिपोर्ट नहीं दी गई है।
डेढ़ लाख बचाने के लिए पत्नी को मारा, बोरे में डालकर नहर में फेंकी लाश
कोटा, 4 अगस्त। कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना इलाके में एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या कर लाश नहर में फेंक दी। गुरुवार को नहर में लाश मिली तो पुलिस ने जांच शुरू की, इसके बाद परतें खुली और आरोपी पति पर हत्या का शक गया। पुलिस ने उसे पकड़ा और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी शरद चौधरी ने बताया कि गुरुवार दोपहर को रेलवे कॉलोनी इलाके में नहर में एक बोरे में महिला की लाश मिली थी। शुरुआत में महिला की पहचान नही हो सकी। आसपास पड़ताल की, एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद महिला की पहचान उसके परिवार के लोगों ने शालू के रूप में की। शालू कोटा ग्रामीण के लुहावद की रहने वाली थी जिसकी शादी आठ साल पहले रेलवे कॉलोनी में रहने वाले बंटी से हुई थी। दोनों के बीच करीब तीन साल से विवाद चल रहा था। इसके बाद मामला पारिवारिक कोर्ट में गया जहां फैसले में कोर्ट ने शालू के पक्ष में फैसला देते हुए तीन हजार रुपए प्रति माह बतौर एलिमनी (गुजारा भत्ता) देने के आदेश दिए थे। शालू ससुराल में ही बच्चों के साथ रह रही थी। पति और ससुराल वालों ने उसे हर महीने तीन हजार रुपए नही दिए थे। ऐसे में करीब डेढ़ लाख रुपए उन्हें एक साथ देने थे। इसी से बचने के लिए बुधवार देर रात को पति ने कमरे में शालू की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरे में बांधकर नहर में फेंक दिया। फिलहाल आरोपी पति को डिटेन कर लिया गया है। मामले में उससे पूछताछ की जा रही है।
प्रदेश में 3,758 कांस्टेबलों की होगी भर्ती, सरकार ने की विज्ञप्ति जारी
जयपुर, 4 अगस्त। पुलिस महकमें से बेरोजगार युवाओं के लिये बड़ी खबर है। महकमें ने 3,758 कांस्टेबल पदों के लिए भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी है। इसके लिये 7 अगस्त से 27 अगस्त तक आवेदन किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये विभाग की साईड का अवलोकन किया जा सकता है।
बीजू जॉर्ज जोसफ पहुंचे कमिश्नरेट, संभाला जयपुर पुलिस कमिश्नर का पदभार
जयपुर, 4 अगस्त। बीजू जॉर्ज जोसफ ने कमिश्नरेट पहुंच कर जयपुर पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला। एडीजी आनंद श्रीवास्तव ने जोसफ को चार्ज सौंपा, पुलिस मुख्यालय से रिलीव होने के बाद कमिश्नरेट कार्यालय पहुंचे जोसफ, कमिश्नरेट के तमाम अधिकारीयो ने बीजू का स्वागत किया और जोसफ को जवानों ने सलामी दी।
वहीं जयपुर में महिला आबकारी निरीक्षक 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप हुई। परिवादी ठेकेदार से मांगी थी 10 लाख रुपए की रिश्वत। ठेकेदार को कई दिनों से किया जा रहा था परेशान।
प्रदेश में खेल प्रशिक्षक के 100 नवीन पदों का होगा सृजन
जयपुर, 02 अगस्त। राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के विकास एवं खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाए प्रदान करने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के बच्चों एवं युवाओं को उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ब्लॉक स्तर पर खेल प्रशिक्षक ग्रेड-तृतीय के 100 नवीन पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।
प्रस्तावित पद मेजर ध्यानचंद योजना के तहत सभी ब्लॉक स्तर पर बनाए जा रहे स्टेडियम के लिए सृजित किए जाएंगे। श्री गहलोत के इस निर्णय से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक और राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग विधेयक – 2023 ध्वनिमत से पारित
जयपुर, 03 अगस्त। विधान सभा ने बुधवार को राजस्थान विद्युत (शुल्क) विधेयक और राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग विधेयक – 2023 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। प्रारम्भ में प्रभारी मंत्री एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को सदन में विचारार्थ प्रस्तुत किया, जिस पर चर्चा के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इससे पहले सदन ने विधेयक को जनमत जानने हेतु परिचालित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।
प्रदेश में शीघ्र भरे जाऐंगे आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पद
जयपुर, 3 अगस्त। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने बुधवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा और वर्तमान में पदों को भरने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया जारी है। श्रीमती भूपेश ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए केन्द्र सरकार द्वारा 15 करोड़ की राशि दी गयी है, इसमें राज्यांश शामिल कर वरियता के आधार पर भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्यों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण का कार्य पंचायती राज निकाय अथवा स्थानीय निकाय अथवा राजस्व विभाग से नि:शुल्क भूमि आवंटन हो जाने पर विभाग द्वारा वित्तीय संसाधन की उपलब्धता के अनुसार वरियता के आधार पर करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद नि:शुल्क भवनों, सामुदायिक भवनों एवं अंत में राजकीय विद्यालयों में चलने वाले केन्द्रों के शामिल किया जाता है। श्रीमती भूपेश ने बताया कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण केन्द्र सरकार से अनुदान राशि प्राप्त होने के पश्चाेत नरेगा, 15वें वित्त आयोग इत्यादि योजनाओं के कन्वर्जेंस से करवाया जाता है।
इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विधायक ललित कुमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब मे बताया कि विधानसभा क्षेत्र बड़ीसादड़ी के अन्तर्गत 3 बाल विकास परियोजनाऐं क्रमश: डूंगला, बड़ी सादड़ी एवं भदेसर संचालित हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना डूंगला में 128, परियोजना बड़ी सादड़ी में 145 एवं परियोजना भदेसर में 47 कुल 320 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। उन्होंने इन केन्द्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/मिनी कार्यकर्ताओं व 230 सहयोगिनियों का विवरण प्रस्तुत किया।
श्रीमती भूपेश ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य निधि मद से आंगनबाड़़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका के मानदेय में 01 अप्रेल 2021 से 10 प्रतिशत, 01 अप्रेल 2022 से 20 प्रतिशत एवं 01 अप्रेल 2023 से 15 प्रतिशत अर्थात कुल मानदेय दर में तीन बार में 45 प्रतिशत की वृद्धि की गई। उन्होंने कहा कि केन्द्र प्रवर्तित योजना समेकित बाल विकास सेवाऐं कार्यक्रम अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र पर आंगनबाड़ी सेवाओं के बाबत भारत सरकार के निर्देशों के तहत निर्धारित मानदेय आधार पर मानदेय कर्मी कार्यरत है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते हैं ना ही इन पर राजकीय सेवा नियम लागू होते हैं।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रोंं के भवन निर्माण का कार्य पंचायती राज निकाय/स्थानीय निकाय/राजस्व विभाग से नि:शुल्क भूमि आवंटन हो जाने पर विभाग द्वारा वित्तीाय संसाधन की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता से क्रमश: किराये के भवनों, नि:शुल्क भवनों सामुदायिक भवनों एवं अंत में राजकीय विद्यालयों की एवज में निर्धारित नॉर्म्स के अनुसार करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण भारत सरकार से अनुदान राशि प्राप्त् होने के पश्चाेत नरेगा, 15वें वित्त आयोग इत्यादि योजनाओं के कन्वर्जेंस से करवाया जाता है।
लम्बित छात्रवृत्तियों का भुगतान केन्द्र सरकार के हिस्से की राशि मिलने पर
जयपुर, 3 अगस्त। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि केन्द्र सरकार के हिस्से की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्तियों के भुगतान नहीं किये जा सके हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त होते ही भुगतान कर दिये जाएंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्यों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति छात्रवृत्ति में केन्द्र तथा राज्य की हिस्सेदारी का अनुपात 75:25 का होता है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा गत 3 वर्षों से इस राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति के लिए भी केन्द्र सरकार द्वारा बच्चों की संख्या के आधार पर राशि नहीं दी जा रही है।
इससे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने विधायक श्री गणेश घोघरा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में विधान सभा क्षेत्र डूंगरपुर में सरकार की पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, सुखद दाम्पत्य जीवन योजना, डा. सविता बेन अंबेडकर अन्तर्जातीय विवाह योजना तथा विधवा पुनर्विवाह योजना अन्तर्गत विगत 03 वर्षो मे प्राप्त आवेदनों, लाभान्वितों एवं वंचितों का विवरण सदन के पटल पर रखा
उन्होंने कार्यालय निदेशक, प्रारम्भिक शिक्षा एवं पं.राज (प्रा.शि.) विभाग राजस्थान बीकानेर, कार्यालय निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर एवं संस्कृत शिक्षा राजस्थान जयपुर से प्राप्त सूचना अनुसार विभिन्न योजनाओं में विद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्रों को छात्रवृति भुगतान से लम्बित प्रकरणों का विवरण भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल अस्व च्छतकार श्रेणी में कक्षा 01 से 05 तक के विद्यार्थियों को प्रारम्भिक शिक्षा विभाग द्वारा छात्रवृत्ति दी जा रही है।
जयपुर डिस्कॉम के लीगल व आईटी विंग की समीक्षा बैठक सम्पन्न
जयपुर, 3 अगस्त। जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक आर.एन.कुमावत ने बुधवार को लीगल विंग व आईटी विंग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आईटी का उपयोग करके उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान की जाए। समीक्षा बैठक में जयपुर डिस्कॉम के निदेशक तकनीकी व वित, संभागीय मुख्य अभियन्ता, सचिव प्रशासन, अधीक्षण अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता, मुख्य कार्मिक अधिकारी, सभी सर्किलों के कार्मिक अधिकारी व सम्बन्धित विंग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक ने लीगल विंग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्यों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और कोई भी विद्युत दुर्धटना होती है तो सम्बन्धित कनिष्ठ अभियन्ता, सहायक अभियन्ता व अधिशासी अभियन्ता उसकी सूचना 24 घण्टे के अन्दर विभाग को दे एवं इलेक्ट्रीकल इंसपेक्टर को भी इसकी सूचना दें। इसके उपरान्त विभाग द्वारा गठित कमेटी द्वारा इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी घटना होती है तो फील्ड अधिकारी मौके पर जाकर उसकी सही रिपोर्ट तैयार करें व रिपोर्ट समय पर बनाई जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की पूरी मशीनरी लगी हुई है फिर भी विभाग पर लाईबिलिटी बन के आ रही है यह बहुत ही गंभीर है और भविष्य में लापरवाही की वजह से डिस्कॉम पर कोई लाईबिलिटी आती है तो उसकी जिम्मेदारी सम्बन्धित अधिकारी की होगी एवं उसकी वसूली भी उससे ही की जाएगी।
बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लीगल ने लम्बित केसेज, रिप्लाई, गत तीन वर्षों में हाइकोर्ट में दायर की गई अपील व रिट के मामले व निस्तारित हुए केसेज एवं कार्ट केसेज में डिफाल्टर होने पर संभागीय मुख्य अभियन्ता स्तर पर लम्बित जांच के प्रकरण आदि के बारें में जानकारी दी गई। श्री कुमावत ने प्रभावी कार्य संपादन नही होने को लेकर सर्किल कार्मिक अधिकारी व ओआईसी को षो-कॉज नोटिस देने के निर्देश दिए।
प्रबन्ध निदेशक कुमावत ने अपरान्ह आईटी विंग के विभिन्न प्रोजेक्टस् और संपादित किए जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इसके तहत वर्तमान में चल रहे टेण्डर के तहत कार्य आदेश जारी करने से लेकर वर्तमान में प्राजेक्ट की स्थिति, पुराने टेण्डर की स्थिति एवं नए जारी किए जाने वाले टेण्डरों के बारें में जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्टस् का कार्य समय पर पूर्ण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो प्राजेक्ट लगा दिए गए हैं उसको सफलतापूर्वक पूर्ण करना है और उसका उपभोक्ताओं व निगम को लाभ मिलना चाहिए। बैठक में श्री कुमावत ने कार्य निष्पादन में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को शो-कॉज देने के निर्देश दिए और कहा कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।



